
अल्मोड़ा। विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा संचालित ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत हवालबाग विकासखंड के ग्राम स्यालीधार में कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 21 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 15 पुरुष और छह महिलाएं शामिल रहीं। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना था। इस दौरान वैज्ञानिकों ने संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल विविधीकरण तथा दलहन एवं तिलहन उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी। किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का लाभ लेने तथा कृषि यंत्रीकरण के महत्व से भी अवगत कराया गया। साथ ही उपलब्ध सरकारी योजनाओं, उन्नत कृषि तकनीकों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप टिकाऊ खेती की पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को मृदा की उर्वरता बनाए रखने, उत्पादन लागत कम करने तथा कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने का सुझाव दिया। कार्यक्रम का समन्वयन संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. जय प्रकाश आदित्य ने किया।
















