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मुख्यमंत्री ने आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विकासखंडों और जिलों को किया सम्मानित

The Chief Minister honored the best-performing blocks and districts in the Aspirational Districts and Blocks Program.
The Chief Minister honored the best-performing blocks and districts in the Aspirational Districts and Blocks Program.

-आकांक्षी जनपद कार्यक्रम के अंतर्गत ऊधमसिंह नगर एवं हरिद्वार को किया गया पुरुस्कृत
-आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के अंतर्गत गदरपुर, मोरी और स्याल्दे विकासखण्डों को किया पुरस्कृत
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्य सेवक सदन, देहरादून में सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह कार्यक्रम में  प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा प्रदत्त प्रशस्ति पत्र एवं पदकों से आकांक्षी जनपद कार्यक्रम एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों एवं विकासखंडों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड 25 साल का: अनंत संभावनाओं वाला एक हिमालयी राज्य पुस्तक का विमोचन भी किया।
नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जनपद कार्यक्रम के अंतर्गत तय मानकों की पूर्णता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए उत्तराखंड के जनपद ऊधमसिंह नगर एवं हरिद्वार को पुरुस्कृत किया गया  एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के अंतर्गत उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाले गदरपुर, मोरी और स्याल्दे विकासखण्डों को पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक विकास एवं वित्तीय समावेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुधार किए गए हैं। उन्होंने कहा यह गर्व का विषय है कि इस योजना के अंतर्गत नीति आयोग द्वारा जारी आकांक्षी जनपदों की रैंकिंग में हरिद्वार जनपद को वर्ष 2022 में देश में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं विकासखंडो की श्रेणी में गदरपुर, मोरी और स्याल्दे सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश का समग्र विकास हो रहा है। राज्य सरकार – सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के साथ राज्य के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था। इस समिट में ₹ 3.56 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू साइन हुए थे। जिसमें से ₹ 1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को ग्राउंडिंग हो चुकी है। साथ ही उद्योगों के लिए लाइसेंसिंग प्रोसेस को आसान बनाते हुए सिंगल विंडो सिस्टम को विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक जनपद, दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन,नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाएं संचालित हैं। उन्होंने कहा हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग्स में प्रदेश का शानदार प्रदर्शन रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हमारा प्रदेश अचीवर्स श्रेणी में रहा। उन्होंने कहा प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर, राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है। भारत सरकार के राज्य खनन तत्परता सूचकांक में उत्तराखंड को श्रेणी–सी में देश में दूसरा स्थान मिला, जो संसाधनों के पारदर्शी और सक्षम प्रबंधन का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सिंगल विंडो सिस्टम को टॉप अचीवर्स श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन एवं बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कारों ने देवभूमि को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित किया है। राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा सही नीयत, नेक इरादे और दृढ़ संकल्प होने पर ही हम अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा सकते हैं।
गौरतलब है कि नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में आकांक्षी जनपद कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया था। कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर के 112 जनपदों में से उत्तराखंड के 2 जनपद (हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर) को आकांक्षी जनपद के रूप में चयनित किया गया था। जनपद ऊधम सिंह नगर को जुलाई 2019 में देश के सभी आकांक्षी जिलों में शिक्षा एवं नवंबर 2020 में वित्तीय समावेशन और कौशल विकास के क्षेत्र में दूसरा स्थान मिला। जनपद उधम सिंह नगर को अगस्त 2021 में कृषि क्षेत्र में तीसरा स्थान मिला एवं जुलाई 2022 में कृषि क्षेत्र में प्रथम स्थान मिला। जनपद हरिद्वार को जुलाई 2019 में सभी आकांक्षी जिलों में प्रथम स्थान मिला एवं जून, 2022 में बुनियादी सुविधा के क्षेत्र में प्रथम स्थान मिला। जनपद हरिद्वार ने जुलाई 2022 में सभी आकांक्षी जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं जुलाई 2022 में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार जनवरी 2023 में आकांक्षी विकास खण्ड कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था। कार्यक्रम के अंतर्गत देश के 500 विकास खंडों का चयन किया गया। उत्तराखंड के कुल 6 विकासखण्ड – जनपद हरिद्वार से बहादराबाद, पौड़ी गढ़वाल से दुगड्डा, उत्तरकाशी से मोरी, ऊधमसिंह नगर से गदरपुर, अल्मोड़ा से स्याल्दे तथा बागेश्वर से कपकोट को आकांक्षी विकासखण्ड के रूप में चयनित किया गया। नीति आयोग द्वारा जनपदों एवं विकास खण्डों को 6 संकेतकों को संतृप्तिकरण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिसमें सरकार के प्रयासों से प्रदेश के चयनित विकासखंडों में से 3 आकांक्षी विकास खण्डों द्वारा 06 में से 3 से अधिक संकेताकों को श्रेष्ठ प्रर्दशन करते हुए संतृप्तिकरण किया गया है।
कार्यक्रम के अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ श्रीधर बाबू अदांकी, डायरेक्टर डॉ. मनोज पंत, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।