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September 11, 2026
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उत्तराखंड

जल संरक्षण उत्तराखंड के सतत विकास की आधारशिला है: सतपाल महाराज

Water conservation is the cornerstone of Uttarakhand's sustainable development Satpal Maharaj

सतपुली में राज्य स्तरीय जलागम महोत्सव 2025-26 का भव्य आयोजन

पौड़ी। नगर पंचायत सतपुली में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–जलागम विकास घटक के अंतर्गत जलागम महोत्सव 2025-26 का आयोजन कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज की अध्यक्षता में भव्य रूप से संपन्न हुआ।

कैबिनेट मंत्री ने विभागीय स्टाॅलों के निरीक्षण के उपरांत बीरोंखाल के मैठाणाघाट, स्यूंसी व फरसाड़ी में बनी जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना यूनिट कार्यालयों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जलागम महोत्सव 2025-26 के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–जलागम विकास घटक 2.0, उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना, स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (सारा), हरित कृषि परियोजना व जैफ-6 परियोजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गयी।

चौबट्टाखाल विधायक एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जल संरक्षण और जल संसाधनों का समुचित प्रबंधन उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। जलागम योजनाओं के माध्यम से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जलागम विकास घटक से सूखे क्षेत्रों में हरियाली लौट रही है, किसानों की आय बढ़ रही है और गांवों को जल-सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

सचिव जलागम दिलीप जावलकर ने कहा कि जलागम विकास घटक 2.0 के अंतर्गत वैज्ञानिक, सहभागी और परिणाम- आधारित दृष्टिकोण से योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जलागम परियोजनाओं का उद्देश्य केवल संरचनाएं बनाना नहीं है, बल्कि पानी को रोकना, मिट्टी को बचाना और लोगों की आय में वृद्धि करना है। इन कार्यों से भू-जल स्तर में सुधार, भूमि की उत्पादकता में वृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम में कमी आयी है।

प्रोजेक्ट डायरेक्टर जीईएफ-6 कहकशा नसीम ने कहा कि जलागम परियोजनाओं को जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन एवं क्रियान्वित किया जा रहा है। जीईएफ-6, ग्रीन एग्रीकल्चर तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन परियोजनाओं के माध्यम से सूखते नौले-धारे पुनर्जीवित किए जा रहे हैं, मृदा संरक्षण हो रहा है और पर्यावरण-अनुकूल कृषि को बढ़ावा मिल रहा है। इन प्रयासों से ग्रामीण समुदायों की जलवायु सहनशीलता मजबूत हो रही है।

जलागम महोत्सव 2025-26 के माध्यम से जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन, कृषि एवं ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के अनुरूप अनुकूलन, तथा जन सहभागिता के माध्यम से स्थानीय विकास पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के तहत वर्षा जल संचयन, स्प्रिंग रिवाइवल, मृदा संरक्षण एवं ग्रीन एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय वृद्धि और गांवों को जल-सुरक्षित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की गयी। इस अवसर पर जलागम के तहत उत्कृष्ट कृषकों व ग्रामों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष सतपुली जितेंद्र चौहान, डीएफओ महातिम यादव, संयुक्त निदेशक जलागम अनुज कुमार डिमरी, उप निदेशक, जलागम डॉ. डी.एस. रावत, ब्लॉक प्रमुख पौड़ी अस्मिता नेगी, ब्लॉक प्रमुख कल्जीखाल गीता देवी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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