
रिया सोलीवाल, भिकियासैंण
स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। धनगढ़ी पुल संघर्ष समिति के केंद्रीय कार्यालय, इकुखेत सल्ट में रविवार को श्रद्धांजलि एवं आभार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में धनगढ़ी पुल आंदोलन के दिवंगत आंदोलनकारी देव सिंह रावत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, समर्पण और योगदान को याद किया गया।
तत्पश्चात धनगढ़ी पुल के शुभारंभ पर सभी आंदोलनकारियों, पत्रकारों, लोकगायकों तथा गढ़वाल, कुमाऊँ और समस्त उत्तराखंड की जनता का आभार व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह पुल क्षेत्र की जनता के लंबे संघर्ष, धैर्य और एकजुटता का परिणाम है।
समिति के अध्यक्ष सुनील टम्टा ने कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास हमेशा संघर्ष करने वालों के योगदान को याद रखता है। सरकार का दायित्व विकास कार्यों को पूरा करना है, लेकिन किसी भी जनआंदोलन की वास्तविक शक्ति जनता और आंदोलनकारियों की सक्रिय भागीदारी से ही आती है। उन्होंने कहा कि धनगढ़ी पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के वर्षों लंबे संघर्ष और एकता का प्रतीक है।
समिति के संरक्षक एवं राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र नेगी ने कहा कि धनगढ़ी पुल आंदोलन एक सफल जनआंदोलन रहा, जिसने वर्षों पुरानी जनमांग को पूरा कराया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि जनहित के किसी भी मुद्दे पर संघर्ष की आवश्यकता पड़ी, तो समिति पूरी एकजुटता और मजबूती के साथ जनता के हित में आंदोलन करने के लिए सदैव तैयार रहेगी।
कार्यक्रम में संरक्षक राजेंद्र नेगी, अध्यक्ष सुनील टम्टा, प्रताप सिंह, आनंद राम, जगत रावत, मंगल सिंह, भूपाल रावत, लूथ सिंह, मोहन सिंह, संग्राम देवी, पूजा रावत, निशा रावत, रितिका टम्टा, मोहन चंद्र, बलबीर सिंह, राम सिंह, त्रिलोक सिंह, पूरन सिंह, ललित प्रसाद, आशा नंद, चंदन सहित अनेक आंदोलनकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
















