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राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में राज्यपाल ने रैतिक परेड की सलामी ली

The Governor took the salute at the ceremonial parade during the Silver Jubilee celebrations of the State's establishment.
The Governor took the salute at the ceremonial parade during the Silver Jubilee celebrations of the State's establishment.

– समारोह में 08 महानुभावों को राज्य गौरव सम्मान से किया गया सम्मानित
– तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में अग्रणी बनें तथा देश-प्रदेश के विकास में योगदान दें युवा :  राज्यपाल
– हमें वही वस्तुएँ खरीदनी चाहिए, जिनमें हमारे लोगों का परिश्रम निहित हो और जो मेड इन इंडिया हों :  राज्यपाल
राज्य स्थापना दिवस-2025 रजत जयंती रैतिक परेड में मुख्यमंत्री धामी ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं-
01- प्रदेश की सम्पूर्ण कृषि भूमि का आगामी 05 वर्षों में फेजवाईज सर्वेक्षण कर बन्दोबस्त करवाया जायेगा।
02- प्रदेश में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए स्टेट साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी।
03- ड्रग्स फ्री देवभूमि के लिए प्रदेश में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार किया जाएगा।
04- राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत मानदेय पर रखी गई भोजन माताओं के लिए कल्याण कोष की स्थापना की जाएगी।
05- राज्य में जंगली जानवरों एवं आवास पशुओं से कृषि एवं औद्यानिकी फसलों की सुरक्षा हेतु फार्म फेंसिंग पॉलिसी लाई जाएगी।
06- पारंपरिक धारे, नौले आदि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण के लिए विशेष संवर्धन योजना प्रारंभ की जाएगी।
07- उच्च शिक्षा शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं में कौशल विकास के लिए ऑनलाइन स्किल कोर्सेज उपलब्ध कराए जाएंगे तथा सिविल सर्विसेज, बैंकिंग, मैनेजमेंट, नेट आदि परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
08- मानसखण्ड माला मिशन की तर्ज पर ही केदारखण्ड माला मिशन का विकास किया जाएगा।
09- आदर्श चम्पावत की भांति आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद का विकास किया जाएगा।
10- कुमाऊँ के शारदा कॉरीडोर एवं आदि कैलाश तथा गढ़वाल के अंजनीसैण एवं बेलाकेदार क्षेत्र को स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
11- प्रत्येक जिला अस्पताल में टाइप-1 डायबिटीज के लिए विशेष क्लीनिक खोले जाएंगे और 15 वर्ष तक के बच्चों की डायबिटीज स्क्रीनिंग मुफ्त की जाएगी।
देहरादून)।   उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के अवसर पर गुरुवार को पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयोजित रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। राष्ट्रीय गीत ‘‘वंदे मातरम’’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम गीत से हुई। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा ‘‘उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका-2025’’ का विमोचन एवं रजत जयंती पदक के प्रतीकात्मक चिन्ह का अनावरण किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग द्वारा विशिष्ट साहसिक प्रदर्शन किया गया, इसमें विशेष रूप से मोटरसाइकिल दल द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
राज्यपाल ने उकृष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ एवं ‘पुलिस पदक’ प्राप्त पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया। (सूची संलग्न)
रजत जयंती समारोह के अवसर पर इस वर्ष का उत्तराखण्ड गौरव सम्मान निशानेबाज पद्श्री जसपाल राणा, उद्यमी एवं समाजसेवी देव रतूड़ी, अभिनेता एवं लेखक स्व. टॉम ऑल्टर, उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी स्व. सुशीला बलूनी, चिपको आंदोलन की जननी स्व. गौरा देवी, भूवैज्ञानिक स्व. खड़ग सिंह वल्दिया, वीरांगना स्व. तीलू रौतेली एवं लेखक स्व. शैलेश मटियानी को दिया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड गौरव सम्मान-2025 प्रदान किए। उक्त महानुभावों की अनुपस्थिति में यह सम्मान उनके परिजनों द्वारा प्राप्त किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम उत्तराखण्ड की 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव मना रहे हैं, यह क्षण हमारे लिए खुशी और आत्म-गौरव के पल हैं। राज्यपाल ने सभी अमर शहीदों, आंदोलनकारियों और जन नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके बलिदान और संघर्ष से यह राज्य अस्तित्व में आया।
राज्यपाल ने कहा कि जैसे स्वदेशी के मंत्र से देश की आजादी को बल मिला, वैसे ही स्वदेशी के मंत्र से देश की समृद्धि भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने आह्वान किया कि हम वही वस्तुएँ खदीदें जो मेड इन इंडिया हों, जिनमें हमारे युवाओं का श्रम और परिश्रम निहित हो, यही आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का सबसे बड़ा मंत्र है।
राज्यपाल ने राज्य के युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में अग्रणी बनें तथा देश-प्रदेश के विकास में योगदान दें। यही वह मार्ग है जो विकसित उत्तराखण्ड, विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनेगा- जहाँ विकास और प्रकृति, विज्ञान और संस्कृति, आधुनिकता और परंपरा, तकनीक और मानवता साथ-साथ आगे बढ़ेंगी।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने भव्य परेड की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता, अनुशासन और दूरदर्शी दृष्टिकोण से एक सशक्त और आधुनिक पुलिस बल के रूप में पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा ‘‘ड्रग्स-फ्री उत्तराखण्ड’’ के लक्ष्य की दिशा में पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध निरंतर और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित साइबर कमांडो तैयार किए गए हैं, जिससे डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में नई क्षमता विकसित हुई है। उन्होंने कम्युनिटी पुलिसिंग पर बल देते हुए कहा कि पुलिस ने जनता के साथ विश्वास, सहयोग और सहभागिता का सेतु मजबूत किया है, जो प्रशंसनीय है।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले 25 वर्षों का सफर उत्तराखण्ड के सतत परिश्रम और प्रगति की कहानी है। राज्य की स्थापना के बाद से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, उद्योग, विज्ञान, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड चार धाम यात्रा से आगे बढ़कर वैश्विक वेलनेस डेस्टिनेशन, वेडिंग डेस्टिनेशन, शूटिंग डेस्टिनेशन, योग और आयुर्वेद डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। सैकड़ों युवा अपने गाँव लौटकर आत्मनिर्भरता और स्वावलम्बन का नया अध्याय लिख रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका रीढ़ की भांति रही है। जल, जंगल, पहाड़ और पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं का योगदान उल्लेखनीय रहा है। आज भी वही मातृशक्ति राज्य के विकास की सशक्त धुरी है। स्वयं सहायता समूहों से लेकर नवाचार आधारित स्टार्टअप्स तक, महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानियां लिख रही हैं। उत्तराखण्ड की बेटियाँ शिक्षा, खेल, रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं जो सराहनीय है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह के अंतर्गत रैतिक परेड के दौरान देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों और राज्य आन्दोलन के अमर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनके प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखण्ड की स्थापना का स्वप्न साकार हुआ और विशेष औद्योगिक पैकेज के माध्यम से राज्य की नींव को मजबूती प्रदान करने का कार्य भी उन्होंने किया। पिछले 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में राज्य के विकास में अपना योगदान देने वाले सभी लोगों का भी उन्होंने आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के इन 25 वर्षों की यात्रा में राज्य ने अनेकों चुनौतियों और समस्याओं का सामना करते हुए आज देश के अग्रणी और सशक्त राज्य के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। समय-समय पर राज्य को कई प्राकृतिक आपदाओं और कठिन परिस्थितियों से भी जूझना पड़ा है। उन्होंने कहा कि विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों में राज्य की कानून-व्यवस्था को बनाए रखना भी अपने आप में एक बड़ी चुनौती रही है। इन कठिनाइयों के बीच उत्तराखण्ड पुलिस ने राज्य की आत्मा की प्रहरी और मूक साधक की भांति प्रत्येक मोर्चे पर डटकर जनसेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उत्तराखण्ड पुलिस ने महिला अपराधों के निराकरण में सराहनीय कार्य किया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी महिला अपराधों एवं पोक्सो अधिनियम के मामलों के निस्तारण में भी उत्तराखण्ड देश में पांचवें स्थान पर रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी लगाम लगाने के लिए तकनीकी क्षमता को और अधिक सशक्त बनाने के साथ ही ‘ड्रग फ्री उत्तराखण्ड’ के संकल्प को एक जन आंदोलन का रूप देना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने पिछले करीब साढ़े चार वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की है। प्रदेश ने किसानों की आय में वृद्धि करने में देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 12.69 प्रतिशत रही है, जो राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक है। राज्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। उत्तराखण्ड के चार गांवों जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को देश भर में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार मिला है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उत्तराखण्ड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। सरकार राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ सहित शासन, पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य महानुभाव उपस्थित थे।

रजत जयंती समारोह:  डीएम बंसल ने किया दून मैराथन को  झंडी दिखाकर रवाना

Silver Jubilee Celebration DM Bansal flagged off the Doon Marathon
Silver Jubilee Celebration DM Bansal flagged off the Doon Marathon

देहरादून।   उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस रजत जयंती समारोह के अवसर पर जिला प्रशासन देहरादून के तत्वाधान में आज  दून मैराथन को जिलाधिकारी सविन बंसल ने  झंडी दिखाकर रवाना किया।   8 किमी मैराथन दौड़,पवेलियन ग्राउंड से कनक चौक- एस्ले हॉल- बहल चौक-दिलाराम चौक- ब्रह्मकमल चौक से एनआईवीएच व एनआईवीएच से वापस ब्रह्मकमल चौक , दिलाराम चौक , कनक चौक होते हुए पवेलियन ग्राउंड में समापन हुआ । मैराथन दौड़ में 700 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने  कहा कि आज हम सब एक ऐतिहासिक अवसर के साक्षी हैं।  उत्तराखण्ड राज्य के स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूर्ण होने के इस गौरवशाली क्षण पर यह दून मैराथन दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि हमारे सामूहिक संकल्प, एकता और ऊर्जावान उत्तराखण्ड की प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि मैराथन हमें दृढ़ संकल्प, धैर्य और निरंतर आगे बढ़ते रहने का संदेश देती है।  मैराथन में लक्ष्य तक पहुँचने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी  है, वैसे ही हमारे राज्य के विकास के लिए भी प्रत्येक नागरिक का सतत प्रयास आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि युवा हमारे प्रदेश की शक्ति हैं, हमारी आशा हैं। आपके कदमों की गति में हमारे राज्य का भविष्य निहित है। इस दौड़ के माध्यम से आप ‘स्वस्थ उत्तराखण्ड – सशक्त उत्तराखण्ड’ का संदेश पूरे समाज तक पहुँचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि “खेल भावना, स्वास्थ्य और एकता” के लिए है। सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने राज्य को स्वच्छ, स्वस्थ, समृद्ध और आदर्श राज्य बनाने में अपना पूर्ण योगदान देंगे।
मैराथन दौड़ महिला वर्ग में तनुश्री चौहान प्रथम स्थान, गौरी रावत द्वितीय स्थान तथा सुधा पटेल तृतीय स्थान पर रही। वहीं पुरुष वर्ग में नितिन भंडारी प्रथम स्थान, मुकेश द्वितीय स्थान तथा विपिन तृतीय स्थान पर रहे।
इस अवसर पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी विजेंद्र पांडेय, जिला खेल अधिकारी रविंद्र सिंह, जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पांडेय, सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

भारतीय छात्र सुरक्षित मेडिकल शिक्षा के लिए फिलीपींस की ओर क्यों बढ़ रहे हैं? – डॉ. डेविड पिल्लै

Why are Indian students flocking to the Philippines for a safe medical education
Why are Indian students flocking to the Philippines for a safe medical education

वैश्विक इमिग्रेशन नियमों में हो रहे बदलाव के इस दौर में, मेडिकल शिक्षा में स्थिरता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। सितंबर 2025 में H-1B वीज़ा आवेदन फीस 1,00,000 अमेरिकी डॉलर हो जाना स्पष्ट संकेत देते है कि वीज़ा पर निर्भर रास्ते जल्दी ही असुरक्षित हो सकते हैं।  भारतीय मेडिकल छात्रों के लिए, जो वर्षों की मेहनत और बचत को निवेश करते हैं, उनके लिए अब एक सुरक्षित, मान्यता प्राप्त और किफ़ायती जगह चुनना अनिवार्य हो गया है — और ऐसी स्थिति में फ़िलिपींस सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक के रूप में उभरा है।

भारत की स्थिति इस आवश्यकता को और भी स्पष्ट करती है। 2025 में, 23 लाख छात्रों ने NEET-UG के लिए रजिस्ट्रेशन किया, जिनमें से 22 लाख ने परीक्षा दी और केवल 12 लाख उत्तीर्ण हुए — यह सब केवल 1.23 लाख MBBS सीटों के लिए 780 कॉलेजों में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। जबकि सरकारी कॉलेज सीमित हैं, वही निजी कॉलेज अक्सर ₹50 लाख से ₹1 करोड़ तक शुल्क लेते हैं, जिससे कई योग्य छात्रों के पास विदेश जाने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचते।

हालाँकि, हर विदेशी मेडिकल विश्वविद्यालय भारत में एक सुरक्षित या मान्य करियर सुनिश्चित नहीं करता। राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (NMC) के नियमों के अनुसार, छात्रों को NEET परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है, कम से कम 54 महीने एक ही संस्थान में पढ़ाई करनी होती है, एक साल की इंटर्नशिप पूरी करनी होती है, और शिक्षा अंग्रेज़ी माध्यम में होनी चाहिए। गैर-मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों की डिग्री भारत में लाइसेंस या FMGE/NExT के लिए योग्य नहीं मानी जाएगी। इसलिए, NMC मान्यता छात्र के दीर्घकालिक भविष्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

दुनिया भर में बदलती वीज़ा और इमिग्रेशन नीतियों ने छात्रों को अधिक भरोसेमंद और स्थिर गंतव्यों की ओर प्रेरित किया है। 2023 और 2024 के बीच, भारतीय छात्रों का नामांकन अमेरिका में 13%, कनाडा में 41%, और यूके में 28% कम हुआ। वहीं, जर्मनी और रूस में नामांकनों में वृद्धि देखी गई — और फ़िलिपींस एक सुरक्षित, छात्र-मैत्रीपूर्ण विकल्प के रूप में लगातार लोकप्रिय हो रहा है। हर साल 15,000 से अधिक भारतीय छात्र MBBS के लिए फ़िलिपींस जाते हैं, जहां उन्हें अंग्रेज़ी माध्यम की शिक्षा, किफ़ायती फीस, सहज क्लाइमेट, और स्थिर व पारदर्शी वीज़ा प्रक्रिया जैसी सुविधाएँ आकर्षित करती हैं।

जैसा कि ट्रांसवर्ल्ड एजुकेयर के सीईओ और संस्थापक अध्यक्ष डॉ. डेविड पिल्लै कहते हैं, “वीज़ा नीतियाँ हर जगह बदलती रहती हैं, लेकिन भारत में डॉक्टरों की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है। छात्रों को मान्यता प्राप्त, किफ़ायती और सुरक्षित मेडिकल मार्गों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि उनका भविष्य अनिश्चित इमिग्रेशन नियमों पर निर्भर न रहे।”

विदेश में मेडिकल शिक्षा की योजना बना रहे परिवारों के लिए रास्ता स्पष्ट है: फ़िलिपींस जैसे स्थिर गंतव्यों में NMC-स्वीकृत विश्वविद्यालयों का चयन करें — जहाँ किफायती फीस, मान्यता और विश्वसनीयता यह सुनिश्चित करती हैं कि डॉक्टर बनने का सपना आसानी से हासिल किया जा सके।

1469 किमी सिंगल लेन मार्गों को डबल लेन में परिवर्तित किया जाएगा: महाराज

1469 km of single lane roads will be converted into double lane Maharaj
1469 km of single lane roads will be converted into double lane Maharaj

आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप हो रहा है राज्य में सड़कों का विस्तार

देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप लोक निर्माण विभाग राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2000 राज्य गठन के समय प्रदेश में सड़कों की कुल लम्बाई 15,470 किमी० थी, जो कि इन 25 वर्षों में बढ़कर 43,765 किमी हो चुकी है। अगले 25 वर्षों में हमारा लक्ष्य अमृतसर-कोलकत्ता औद्योगिक गलियारे के तहत 10.60 किलोमीटर नगला-किच्छा मार्ग को दो लाइन से चार लाइन में परिवर्तित करने करने के साथ-साथ कई बड़ी परियोजनाओं पर काम करने का है ताकि 2047 तक उत्तराखंड विकसित राज्य की श्रेणी में आ सके।

उक्त बात प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड की रजत जयंती पर विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य में 5700 किलोमीटर कच्चे मार्गों को पक्के मोटर मार्गो में परिवर्तित किया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत 1469 किलोमीटर सिंगल लेन मार्गों को डबल लाइन में परिवर्तित किया जाएगा। इसके अलावा दुर्गम स्थानों में मार्ग की दूरी कम करने एवं संवेदनशील स्थलों के बाईपास हेतु टनल्स का निर्माण, रज्जू मार्गो का निर्माण और भूमिगत गलियारे आदि का निर्माण भी किया जाएगा। अगले 25 वर्षो में हल्द्वानी बाईपास, खटीमा बाईपास, काठगोदाम बाईपास, आशारोड़ी-आईएसबीटी-मोहकमपुर, देहरादून देहरादून बाई पास, लोहाघाट बाईपास, पिथौरागढ़ बाईपास, अल्मोड़ा बाईपास, ऋषिकेश बाईपास, गैरसैंण बाईपास, कर्णप्रयाग बाईपास, गोपेश्वर बाईपास, अगस्तमुनि बाईपास, पौड़ी बाईपास, श्रीनगर बाईपास, आदि बद्री बाईपास, रामनगर बाईपास, कोटद्वार बाईपास, हरिद्वार बाईपास फेज-ll, लाल कुआं-हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास, पंतनगर बाईपासों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग विजन-2050 के लिए एक ठोस कार्य योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत मानसखण्ड मंदिर माला परियोजना के तहत चारधाम की तर्ज पर कुमाऊं के 16 प्राचीन मन्दिरों को जोड़ने वाली सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा जिससे इस क्षेत्र में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सेतुओं के उन्नयन हेतु ए०डी०बी० की सहायता से राज्य के 460 पुराने क्लास-बी लोडिंग पुलों को आधुनिक और भारी वाहनों के लिए उपयुक्त क्लास-ए में अपग्रेड किया जाएगा। राजमार्गों के विस्तारीकरण के तहत 1469 किलोमीटर सिंगल लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को दो लेन में बदला जायेगा और खैरना-रानीखेत-रामनगर जैसे महत्वपूर्ण राज्य राजमार्गों का चौड़ीकरण भी किया जाएगा। इसके अलावा शून्य-सहिष्णुता सड़क सुरक्षा के अंतर्गत सभी राज्य राजमार्गों पर कैश बैरियर और पैराफिट की पूर्ण स्थापना कर सड़क सुरक्षा के उच्चतम मानकों को प्राप्त किया जाएगा।

श्री महाराज ने कहा कि राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में 10048 गांव मोटर मार्गों से लाभान्वित थे। जिनकी संख्या आज बढ़कर 14027 हो चुकी है। इतना ही नहीं पिछले 25 वर्षों में सरकार ने कुल 3979 ग्रामों को सड़क मार्ग से जोड़ कर विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। पैदल सेतुओं की संख्या आज बढ़कर 1303 हो गई है तो वहीं मोटर पुलों की संख्या बढ़कर 2270 हो चुकी है। राज्य गठन के समय प्रदेश में 526 राष्ट्रीय राजमार्ग थे जिनकी संख्या आज सात गुना बढ़कर 3595 हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि राज्य के प्रसिद्ध चारधामों गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ एवं कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग जिनकी कुल लम्बाई 889 किलोमीटर है में यातायात को सुगम बनाने के लिए ऑल वेदर रोड कनेक्टिविटी के तहत भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 12769 करोड़ की धनराशि परियोजना का शुभारम्भ 27 दिसम्बर 2016 को प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था उस पर लगातार काम हो रहा है।

प्रदेश के विभिन्न जनपदों में शहरों एवं कस्बों के मुख्य मार्गो पर बढते यातायात का दबाव कम करने के लिए नैनीताल,
रूद्रप्रयाग, काशीपुर एवं हल्द्वानी सहित अनेक स्थानों पर बाईपास का निर्माण किया गया है। इसके अलवा कैंचीधाम, चम्पावत, हरिद्वार रूद्रपुर आदि स्थानों पर भी बाईपास निर्माण का कार्य प्रगति पर है।

श्री महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके अलावा शहरी यातायात समाधान के तहत प्रदेश के सभी व्यस्त शहरों में रिंग रोड का निर्माण और प्रमुख चौराहों पर फ्लाई ओवर का निर्माण कर उन्हें जाममुक्त बनाया जाएगा। शहरों में विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर लगने वाले जाम के निदान हेतु कई फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है और निकट भविष्य में देहरादून स्थित रिस्पना एवं बिंदाल नादियों के ऊपर 26 कि०मी० एलीवेटड कोरीडोर की संकल्पना का भी लक्ष्य है। जिस पर भू-अधिग्रहण कार्यवाही चल रही है। जबकि जनपद नैनीताल के नौकुचियाताल, नैनीताल के हल्द्वानी, अल्मोडा के टार्टीक, पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में हेलीपोर्ट का निर्माण किया गया है। उत्तरकाशी के दयारा के निकट नटीण, गंगोत्री धाम ढामक तोक में हैलिपेड और चिन्यालीसौड हवाई पट्टी पर हैलीपोर्ट एवं सुन्कुन्डी जखोल में हैलीपैड बनाये गये हैं। जनपद चमोली, टिहरी एवं देहरादून और पौड़ी जनपदों में विभिन्न स्थानों पर हैलीपोर्ट निर्मित किये गये है।

तृतीय केदारनाथ तुंगनाथ के कपाट विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद हुए

The doors of the third Kedarnath, Tungnath, were closed for the winter season as per the rituals.
The doors of the third Kedarnath, Tungnath, were closed for the winter season as per the rituals.

-इस यात्रा वर्ष डेढ़ लाख तीर्थयात्रियों ने किये दर्शन
-शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करेंगेः हेमंत द्विवेदी

तुंगनाथ/रूद्रप्रयाग। तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट आज बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे शुभ मुहूर्त में शीतकाल हेतु बंद हो गये है। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली ने प्रथम पड़ाव चोपता के लिए प्रस्थान किया इस अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था तथा पांच सौ से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी रहे।
प्रातः काल भगवान तुंगनाथ जी का मंदिर श्रद्धालुओं को दर्शनार्थ खुल गया था इसके पश्चात नित्य पूजा-अर्चना संपन्न हुई तथा तीर्थयात्रियों ने मंदिर में दर्शन किये। बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की उपस्थिति में साढ़े दस बजे से कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू हो गयी भोग यज्ञ हवन पूजा के बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप दिया गया तथा पूर्वाह्न साढ़े  11.30 बजे श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल हेतु बंद कर दिये गये इससे पहले श्री तुंगनाथ जी की चलविग्रह डोली मंदिर के अंदर से  परिसर में विराजमान हुई मंदिर की परिक्रमा तथा श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए ढ़ोल नगाड़ो के साथ समारोह पूर्वक प्रथम पड़ाव चोपता के लिए प्रस्थान हुई इस अवसर पर बाबा तुंगनाथ जी की जय घोष से वातावरण गूंज उठा।
श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने तृतीय केदार श्री तुंगनाथ के कपाट बंद होने के अवसर पर शुभकामनाएं दी है बताया कि इस यात्रा वर्ष डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री तुंगनाथ जी के दर्शन का पुण्य अर्जित किया कहा कि श्री तुंगनाथ जी की चलविग्रह डोली के श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचने के बाद श्री तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजायें शुरू हो जायेंगी मंदिर समिति शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करेगी। बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण तथा उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल  एवं सभी बीकेटीसी सदस्यों ने श्री तुंगनाथ जी कपाट बंद होने के अवसर पर प्रसन्नता जतायी हैं कहा श्री तुंगनाथ जी की यात्रा अपेक्षा के अनुरूप रही।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि आज श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भगवान श्री तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली प्रथम पड़ाव चौपता प्रवास हेतु प्रस्थान हुई। कल  शुक्रवार 7 नवंबर दूसरे पड़ाव भनकुन  प्रवास करेगी। चल विग्रह डोली शनिवार 8 नवंबर को शीतकालीन गद्दी स्थल श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचेगी। कपाट बंद होने के अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, प्रह्लाद पुष्पवान,देवी प्रसाद देवली, डा. विनीत पोस्ती,बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी/कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, मंदिर समिति सहित मठापति रामप्रसाद मैठाणी, केदारनाथ प्रभारी अधिकारी  यदुवीर पुष्पवान, प्रबंधक बलबीर नेगी, अरविंद शुक्ला प्रकाश पुरोहित, दीपक पंवार,चंद्र मोहन बजवाल,पुजारी अतुल मैठाणी अजय मैठाणी, सहित अधिकारी कर्मचारी हक हकूकधारी मौजूद रहे।

कैंट विधायक ने राजकीय आयुर्वेदिक व यूनानी अस्पताल के सौंदर्यकृत भवन का लोकार्पण

Cantt MLA inaugurated the beautified building of Government Ayurvedic and Unani Hospital.
Cantt MLA inaugurated the beautified building of Government Ayurvedic and Unani Hospital.

देहरादून।  विधायक कैंटसविता कपूर ने बृहस्पतिवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष), राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, निरंजनपुर के सौंदर्यकृत भवन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस मौके पर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने  विधायक को पंचायत भवन में संचालित चिकित्सालय भवन को आयुष विभाग को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भी रखा। इस पर विधायक ने पूर्ण आश्वासन दिया गया। इस विशिष्ट अवसर पर पार्षद बबीता गुप्ता, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार, अपर जिला एवं यूनानी अधिकारी डॉ सविता कोठियाल, शक्ति केंद्र संयोजक इंदिरापुरम प्रमोद  शुक्ला, शक्ति केंद्र संयोजक सतीश साहनी, अधिशासी अभियंता संदीप मित्तल, कनिष्ठ अभियंता लघु सिंचाई खेमराज, चक्की टोला, निरंजनपुर, अमृत विहार, इंदिरापुरम की जनता के साथ डॉ रेखा त्रिपाठी, डॉ सरोज उप्रेती, डॉ हरदेव रावत, डॉ एच.एम त्रिपाठी, डॉ हर्ष सिंह धामी, डॉ भारती राजपूत, डॉ राकेश जोशी, डॉ दीपांकर बिष्ट आदि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ सुगम तिवारी ने किया गया।

राज्य स्थापना की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री ने किया ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का उद्घाटन

Chief Minister inaugurated the 'Ex-Servicemen Conference' on the silver jubilee of the state's establishment.
Chief Minister inaugurated the 'Ex-Servicemen Conference' on the silver jubilee of the state's establishment.

देहरादून।  मुख्यमंत्रीपुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर हल्द्वानी के एम.बी.पी.जी. कॉलेज प्रांगण में आयोजित ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीरांगनाओं एवं उनके परिजनों द्वारा प्रतिभाग किया गया।  मुख्यमंत्री ने उपस्थित पूर्व सैनिकों पर पुष्प वर्षा कर राज्य निर्माण व राष्ट्र सेवा में उनके योगदान के लिये सभी का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हर परिवार गर्व से कह सकता है कि उसके घर से कोई न कोई भारत माता की सेवा में समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वास्तव में वीर भूमि है, जहाँ की माटी में ही राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना रची-बसी है।
मुख्यमंत्री धामी ने की सैनिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ
मुख्यमंत्रीधामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि हर सैनिक परिवार तक योजनाओं का लाभ सहज रूप से पहुँच सके।
उन्होंने कहा कि हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों एवं आवासीय भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सैनिकों की नारियों को आवासीय भवन निर्माण हेतु दी जाने वाली सहायता राशि को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में सैनिकों के 150 बच्चों के लिए एक आधुनिक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, जिससे सैनिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सकेगी।

सैनिक कभी ‘पूर्व’ नहीं होता, वह सदैव सैनिक रहता है-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्रीधामी ने कहा कि सैनिकों का जीवन अनुशासन, समर्पण और बलिदान की मिसाल है। उन्होंने कहा कि “सैनिक कभी पूर्व सैनिक नहीं होता, वह सदैव सैनिक ही रहता है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में राष्ट्र विरोधी सोच का कोई स्थान नहीं है और आज भारत में सभी जरूरी सैन्य उपकरण देश में ही बनाए जा रहे हैं तथा भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। ऑपरेशन सिंधु मेघ में स्वदेशी ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों की सफलता का भी उन्होंने जिक्र किया।
सम्मेलन में जनपद नैनीताल की 31 तथा ऊधमसिंहनगर की 13 वीर नारियों को मुख्यमंत्रीधामी द्वारा शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
“वीर नारियों का सम्मान पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण”-सैनिक कल्याण मंत्री
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्रीगणेश जोशी ने कहा कि यह दिन उत्तराखंड के लिए गर्व और भावनाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि ने देश को अनेक वीरता पदक विजेता दिए हैं, परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित वीर, जो सदैव हमारी प्रेरणा हैं।
उन्होंने कहा कि आज की वीर नारियों और वीरांगनाओं का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड का पंचम धाम, सैन्य धाम का शीघ्र लोकार्पण किया जाएगा। वीरता पदक प्राप्त सैनिकों को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई है तथा प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 22 हजार से अधिक सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में छात्रावास निर्माण हेतु गन्ना सेंटर के समीप 6.4 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है और मुख्यमंत्री द्वारा इसका शिलान्यास शीघ्र किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्रीसुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है और सरकार सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसदमहेन्द्र भट्ट, विधायकबंशीधर भगत,रामसिंह कैड़ा, डॉ. मोहन बिष्ट, मेयरगजराज बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्षदीपा दरम्वाल, जिलाध्यक्षप्रताप बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्रीनवीन वर्मा,सुरेश भट्ट,अनिल कपूर (डब्बू),शंकर कोरंगा, कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

राकेश मसाला ने ऋतिक रोशन का ब्रांड एम्बेसडर के रूप में स्वागत किया

Rakesh Masala welcomes Hrithik Roshan as its brand ambassador
Rakesh Masala welcomes Hrithik Roshan as its brand ambassador

देहरादून — 06 नवम्बर, 2025: भारत के सबसे विश्वसनीय मसाला और फूड प्रोडक्ट ब्रांड्स में से एक, राकेश मसाला ने आज घोषणा की है कि ऋतिक रोशन अब इसके आधिकारिक ब्रांड एंबेसडर होंगे। इस ऐतिहासिक साझेदारी के साथ, ब्रांड अपने पाँच दशकों के उत्तम स्वाद को भारत के सबसे प्रिय सितारों में से एक के आकर्षण के साथ जोड़ता है।

1975 में एस. पी. चौधरी द्वारा केवल दो उत्पादों के साथ स्थापित राकेश मसाला आज एक घरेलू नाम बन चुका है, जिसके पास 80 से अधिक उत्पाद हैं — जिनमें मसाले, तेल, आटा, स्नैक्स और रसोई की आवश्यक वस्तुएँ शामिल हैं। यह कंपनी उत्तर भारत की पहली ऐसी कंपनी थी जिसने मसाला पीसने के लिए क्रायोजेनिक तकनीक अपनाई, और आज इसके पास 10 अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं जिनकी प्रतिदिन 125 मीट्रिक टन की उत्पादन क्षमता है।

अपने मूल में, राकेश मसाला स्वाद, परंपरा और गुणवत्तापूर्ण ईमानदारी के लिए खड़ा है — वही मूल्य जो ऋतिक रोशन की अनुशासन, जोश और प्रामाणिकता की यात्रा से सहजता से मेल खाते हैं।

सहयोग पर बोलते हुए ऋतिक रोशन ने कहा, “मसाले भारतीय खानपान की आत्मा हैं, और राकेश मसाला ने पीढ़ियों से इन जादुई अवयवों का नेतृत्व किया है। मुझे गर्व है कि मैं ऐसे ब्रांड का प्रतिनिधित्व कर रहा हूँ जो हमारी भारतीय मसालो की विरासत को इतनी ईमानदारी और नवाचार के साथ मनाता है।”

राकेश मसाला के निदेशक अजय कुमार ने कहा, “ऋतिक गर्मजोशी और विश्वसनीयता का एक अनोखा संगम हैं, जो हमारे ब्रांड की यात्रा को खूबसूरती से प्रतिबिंबित करता है। उनका जुड़ाव हमारे टैगलाइन ‘स्वाद जो रह जाए याद’ को और भी मजबूत बनाता है। दशकों से हमने लाखों उपभोक्ताओं का भरोसा जीता है, और यह साझेदारी उसी विरासत का उत्सव है। हमारी उन्नत क्रायोजेनिक तकनीक हर पैक में शुद्धता और ताजगी सुनिश्चित करती है, और हम गर्व से ऋतिक के साथ मिलकर राकेश मसाला को भारतीय रसोई के अगले युग में ले जा रहे हैं।”

राकेश मसाला के निदेशक मं‍जय चौधरी ने कहा, “हम अपने विज्ञापन स्क्रिप्ट्स में हास्य जोड़ना चाहते थे ताकि भोजन के हल्के-फुल्के और मज़ेदार पहलू को दिखाया जा सके। हमारा मानना है कि भोजन का उद्देश्य आनंद देना है और सबके चेहरों पर मुस्कान लाना है।”

सीईओ विवेक पाठक ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “यह सहयोग हमारे लिए एक गौरवपूर्ण मील का पत्थर है। जब हम राकेश मसाला के 50 सुनहरे वर्षों का जश्न मना रहे हैं, तो हमें ऋतिक के साथ हाथ मिलाकर अपनी विरासत को आगे ले जाने की खुशी है। साथ मिलकर, हम राकेश मसाला की भावना को देश के और भी घरों तक पहुँचाने की आशा रखते हैं।”

इस साझेदारी की शुरुआत के लिए, राकेश मसाला ने ऋतिक रोशन की विशेषता वाला एक नया टेलीविजन विज्ञापन (TVC) लॉन्च किया है — जो हमारे स्वादों को जोड़ने वाले रिश्तों को एक हास्यपूर्ण और दिल छू लेने वाले अंदाज में समर्पित है।

TVC देखें यहाँ — https://youtu.be/apc4sEPv4Iw
यह सहयोग टेलीविज़न, डिजिटल और रिटेल प्लेटफ़ॉर्म्स पर लॉन्च किया गया है, जिसमें ऋतिक रोशन कई अभियानों में नज़र आएँगे जो ब्रांड की शुद्धता, नवाचार, और रोज़मर्रा के पकवानों की खुशी को दर्शाते हैं।

एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावनाओं के अनुरूप आगे बढ़ा रहा है उत्तराखंड: महाराज

Uttarakhand is moving ahead in accordance with the spirit of Ek Bharat Shreshtha Bharat Maharaj
Uttarakhand is moving ahead in accordance with the spirit of Ek Bharat Shreshtha Bharat Maharaj

गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में किया प्रदेश का प्रतिनिधित्व

लोक नृत्य एवं गीतों के साथ-साथ उत्तराखण्ड मंडप में गढ़वाली, कुमाऊँनी भोजन का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं आगंतुक

गुजरात/देहरादून। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” का सपना देखा आज उत्तराखण्ड उसी भावना को आत्मसात कर आगे बढ़ा रहा है।

उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने केवड़िया (गुजरात) में राष्ट्रीय एकता दिवस तथा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में उत्तराखण्ड को अपनी संस्कृति, व्यंजन, पर्यटन संभावनाओं और 25 वर्षों की विकास यात्रा को प्रस्तुत करने का सौभाग्य मिला जो कि हमारे लिए गर्व की बात है। उत्तराखंड अपनी स्थापना की रजत जयंती वर्ष मना रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड का चौहुंमुखी विकास हुआ है।

राष्ट्रीय एकता दिवस तथा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर
केवड़िया, गुजरात में 01 से 15 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में देश के समस्त राज्यों ने अपनी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, पर्यटन एवं विकास यात्रा को प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर देवभूमि उत्तराखण्ड ने भी अपनी अद्भुत संस्कृति, विरासत, साहसिक पर्यटन क्षमता और सांस्कृतिक गरिमा को प्रदर्शित किया।

श्री महाराज ने कहा कि इस आयोजन में आईएचएम देहरादून, जीएमवीएन, केएमवीएन, संस्कृति विभाग तथा उद्योग विभाग द्वारा जहां एक ओर उत्तराखण्ड के पारंपरिक व्यंजन भट्ट की चुड़कनी, कुमाऊँनी रायता, झंगोरे की खीर, गहत की दाल, मंडुए की रोटी सहित अन्य व्यंजन परोसे जा रहें हैं। सभी लोग उत्तराखण्ड के व्यंजनों की प्रसंशा कर रहे हैं और कार्यक्रम में उत्तराखंड के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य के साथ-साथ गढ़वाली, कुमांऊनी एवं जौनसारी गीतों का भी जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। 25 वर्गमीटर में फैले उत्तराखण्ड मंडप में कुमाऊँ और गढ़वाल की संस्कृति, परिधान, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, रिंगाल कला, हॅप उत्पाद, जड़ी-बूटियों और हाउस ऑफ हिमालयाज के पर्वतीय उत्पादों से सुसज्जित रहा। यह मंडप उत्तराखण्ड के 25 वर्षों की विकास यात्रा और उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर को भी दिखाता है।

श्री महाराज ने कार्यक्रम से पूर्व स्टैचू ऑफ यूनिटी पर जाकर लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की विशालकाय प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के साथ-साथ प्रतिमा के दिल के हिस्से से नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध का भी अवलोकन किया जिसकी पहल सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1945 में की थी जिसे 2017 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया।

इस मौके पर गुजरात के वित्त एवं शहरी विकास मंत्री कनु भाई देसाई, वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के प्रशासक और सीईओ आईएएस अमित अरोड़ा, नांदोद विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. दर्शना चंदूभाई देशमुख वसावा, नर्मदा जिले के कलेक्टर संजय के. मोदी एवं डीसीएफ अग्निश्वर व्यास आदि मौजूद थे।

संत समाज ने मुख्यमंत्री धामी को दिया आशीर्वाद — ‘देवभूमि के धर्म-संरक्षक’ की उपाधि

The saint community blessed Chief Minister Dhami – with the title of ‘Protector of Religion of Devbhoomi’
The saint community blessed Chief Minister Dhami – with the title of ‘Protector of Religion of Devbhoomi’

-उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष: देशभर के संतों ने धामी सरकार के सांस्कृतिक संरक्षण व विकास कार्यों की सराहना की
-मुख्यमंत्री आवास में आध्यात्मिक संगम — आशीर्वाद, शुभकामनाएँ और सांस्कृतिक दृष्टि का सम्मान
देहरादून।  उत्तराखंड की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आज मुख्यमंत्री आवास आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक सौहार्द का केंद्र बन गया, जब देशभर के प्रमुख संतों एवं धर्माचार्यों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर राज्य की प्रगति, सांस्कृतिक संरक्षण और अध्यात्मिक समृद्धि के प्रति उनके प्रयासों की सराहना की।
संत समाज ने प्रदेश के लिए सकारात्मक बदलाव, विरासत संरक्षण और धार्मिक-सांस्कृतिक मानकों को सुदृढ़ करने वाले निर्णयों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री को आशीर्वाद प्रदान किया और उन्हें “देवभूमि का धर्म-संरक्षक” बताया। संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री आवास में आध्यात्मिक संगम में आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी जी महाराज, जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी,परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी,अखाड़ा परिषद अध्यक्ष स्वामी रविंद्रपुरी महाराज, बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री,पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण,प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी,चिंतक और लेखक डॉ. कुमार विश्वास सहित अनेकों प्रतिष्ठित संत-महात्मा एवं धर्माचार्य भेंट करने वाले प्रमुख संत-महात्माओं में शामिल रहे |
सभी संतों ने मुख्यमंत्री को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए राज्य के सांस्कृतिक सम्मान और अध्यात्मिक धरोहर संरक्षण को लेकर उनके समर्पण की सराहना की।
संत समाज ने की सीएम धामी की प्रशंसा :  संतों ने कहा कि “मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला नेतृत्व प्रदान किया है। उनके प्रयासों से देवभूमि की मूल आत्मा और सनातन विरासत सुरक्षित और सुदृढ़ हुई है।”   उन्होंने राज्य सरकार की उन नीतियों की भी सराहना की जिनसे सामाजिक-सांस्कृतिक अनुशासन, धार्मिक स्थलों का संरक्षण, आध्यात्मिक पर्यटन विकास तथा परंपरा-संरक्षण को नया आयाम मिला है। कुम्भ-2027 को भव्य, दिव्य और विश्व-स्तरीय आयोजन के रूप में स्थापित करने के लिए संत समाज तथा सरकार मिलकर कार्य करेंगे।
संत समाज ने मुख्यमंत्री धामी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि हरिद्वार कुम्भ-2027 को भव्य, दिव्य और विश्व-स्तरीय आयोजन के रूप में स्थापित करने के लिए वे सरकार के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर कार्य करेंगे। संतों ने कहा कि कुम्भ केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति और वैश्विक आध्यात्मिक चेतना का महासंगम है, जिसे ऐतिहासिक स्वरूप देना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
संतों ने यह भी कहा कि कुम्भ की तैयारी के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। यातायात, अधोसंरचना, घाटों का सौंदर्यीकरण, सुरक्षा व्यवस्थाएँ, स्वच्छता और तीर्थ विकास जैसे क्षेत्रों में जो योजनाएँ बन रही हैं, वे आने वाले वर्षों में हरिद्वार को विश्व आध्यात्मिक धरोहर केंद्र के रूप में और अधिक प्रतिष्ठित करेंगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि—“ देवभूमि उत्तराखंड को कुम्भ-2027 में एक नए आयाम तक पहुँचाने की जो दूरदृष्टि मुख्यमंत्री ने प्रस्तुत की है, वह प्रेरणादायक है। सरकार द्वारा किए जा रहे त्वरित निर्णय, पारदर्शिता और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान से हमें पूर्ण विश्वास है कि यह कुम्भ इतिहास में अपना स्वर्णिम अध्याय लिखेगा।”
संतसमाज ने आश्वस्त किया  -“हम सभी संत-महात्मा, अखाड़े और धर्म संस्थान एक परिवार की तरह एकजुट होकर कुम्भ की सफलता के लिए निरंतर योगदान देंगे। कुम्भ के आयोजन में चाहे आध्यात्मिक मार्गदर्शन हो या जन-आस्था का प्रबंधन,हर मोर्चे पर हमारा सहयोग निरंतर रहेगा।”
सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विकास का केंद्र बन रहा उत्तराखंड :   संत समाज ने यह भी कहा कि उत्तराखंड आज तेजी से वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र और शांति-स्थल के रूप में उभर रहा है, जिसका श्रेय राज्य सरकार की सांस्कृतिक दृष्टि और दूरदर्शी नेतृत्व को है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी संतों और आध्यात्मिक गुरुओं ने प्रदेश वासियों के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं और उत्तराखंड की रजत जयंती को आध्यात्मिक रूप से ऐतिहासिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया।

After achieving success in Punjabi entertainment and television, Isha Sharma is set to make her debut in the South Indian film industry.

पंजाबी एंटरटेनमेंट और टेलीविजन में सफलता के बाद ईशा शर्मा करेंगी...

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शिमला - 14 मार्च 2026: अभिनेत्री और मॉडल ईशा शर्मा अब अपने करियर का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं। पंजाबी म्यूजिक...
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