21.6 C
Dehradun, IN
October 25, 2026
https://primetimesnewz.com/
उत्तराखंड

कवि केवल शब्दों के निर्माता नहीं होते बल्कि वे समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक: सीएम धामी

Poets are not merely creators of words; they are thinkers, guides, and sources of inspiration for society CM Dhami.

-देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की भूमि रही है। धामी
-हिमालय की गोद में बसी इस पावन धरती ने अनेक ऐसे साहित्यकार, कवि और लोकचिंतक दिए हैं,
-उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दे रही है।
हल्द्वानी।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को तहसील कालाढुंगी के नमस्ते कॉर्बेट रिज़ॉर्ट धनपुर धमोला पहुंचकर ललित फाउंडेशन के पंचम अधिवेशन “अभिव्यंजना” 5.0 का दीप जलाकर शुभारंभ किया।   मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि ये केवल एक कवि सम्मेलन नहीं बल्कि विचारों, भावनाओं और सृजनशीलता को अनुभव करने का एक अभिनव अवसर है। उन्होंने कहा कि कवि केवल शब्दों के निर्माता नहीं होते बल्कि वे समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं क्योंकि, कवि की रचनाएं समाज को दर्पण दिखाने का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज उलझनों से घिरता है, तब कवि अपनी लेखनी से न केवल समाज को नई दिशा दिखाने का काम करता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास भी करता है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को भी तभी गति मिली जब हमारे कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से देशवासियों को स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया और आज ऐसे ही राष्ट्रभक्त एवम् विशिष्ट कवियों का समुच्चय हमारे सम्मुख उपस्थित है। जिनकी वाणी में विरह है तो प्रेम भी है,विद्रोह है तो देशभक्ति भी है,हास्य है तो भक्ति भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर जहां डॉ. कुमार विश्वास जी ने अपनी लेखनी और विशिष्ट प्रस्तुति शैली के माध्यम से कविता को नई पहचान दी है, वहीं पदमश्री अशोक चक्रधर जी की रचनाएँ हास्य, व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. हरिओम पंवार जी की ओजस्वी कविताएँ राष्ट्रभक्ति और जनचेतना की सशक्त अभिव्यक्ति हैं, जो हर श्रोता को ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करती हैं।           उन्होंने कहा कि सभी कवियों ने कविताओं को विशिष्ट मंचों से निकालकर जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करने के साथ-साथ युवाओं को साहित्य से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की भूमि रही है। हिमालय की गोद में बसी इस पावन धरती ने अनेक ऐसे साहित्यकार, कवि और लोकचिंतक दिए हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी से समाज को दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे सुमित्रानंदन पंत जी की प्रकृति-साधना हो, चंद्रकुंवर बर्त्वाल जी की काव्य चेतना हो, गिर्दा की जन सरोकारों को उठाती रचनाएं हों, शैलेश मटियानी जी का उत्तराखंडी लोकजीवन का सशक्त चित्रण हो, गौरा पंत ‘शिवानी’ जी की साहित्य-साधना हो, मोहन उप्रेती जी द्वारा लोक संस्कृति के संरक्षण का अद्भुत प्रयास हो।     उन्होंने कहा कि देवभूमि ने अपनी साहित्यिक चेतना और सृजनधारा से सदैव देश-विदेश के साहित्य प्रेमियों को आकर्षित किया है। उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दे रही है।
मुख्यमंत्री  ने समाज और साहित्य के क्षेत्र में प्रेरणादायी कार्य कर रहे कवि, कवित्रियों एवम् साहित्यकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ये सम्मान मात्र व्यक्तियों का नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली सोच का सम्मान है। उन्होंने सम्मानित होने वाले सभी समाजसेवियों और साहित्यकारों को हार्दिक बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहॉं ऐसे प्रख्यात कवि उपस्थित हैं, जो प्रस्तुति देते हैं तो उनकी कविताएँ मात्र पंक्तियाँ नहीं रह जातीं, बल्कि जनमानस के लिए प्रेरणा और परिवर्तन का स्वर बन जाती हैं। उन्होंने साहित्य संगम को एक नई चेतना, नई ऊर्जा और अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ और आगे लेकर  जाने का आह्वान किया।इससे पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा देवभूमि आगमन पर इस कवियों एवं साहित्यकारों का स्वागत किया।
इस अवसर पर  विधायक कालाढुंगी बंशीधर भगत, कवि डॉ कुमार कुमार विश्वास, पद्मश्री अशोक चक्रधर, डॉ हरिओम पवार सहित देश के विभिन क्षेत्रों से आए कवि एवं साहित्यकार व अन्य उपस्थित रहे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आईआरबी बेलपडाव, रामनगर पहुंचने पर विधायक बंशीधर भगत,बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उपाध्यक्ष गणेश रावत, दर्जा राज्यमंत्री सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, सुरेंद्र नामधारी,हुकुम सिंह कुँवर आयोग के सदस्य ज़ेडए वारसी, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय,  सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों, गणमान्य  नागरिकों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया।

Related posts

जनजातीय गौरव दिवस पर प्रदेशभर में 1 से 15 नवम्बर तक आयोजित किये जायेगे विभिन्न आयोजन

Primetimes Newz

हर्बल व जड़ी-बूटी सेक्टर में नवाचार, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग पर दिया जाए जोर : मुख्यमंत्री

Primetimes Newz

विकसित एवं समृद्ध भारत का बजट: महाराज

Primetimes Newz

Leave a Comment