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बड़कोट पालिकाध्यक्ष को बड़ी राहत: खिलाफ चल रहे ट्रायल पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Major Relief for Barkot Municipal Chairperson High Court Stays Ongoing Trial Against Him
Major Relief for Barkot Municipal Chairperson High Court Stays Ongoing Trial Against Him

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को कई महत्वपूर्ण मामलों में अहम आदेश जारी किए। एक ओर उत्तरकाशी के बड़कोट नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल को राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रहे ट्रायल पर अंतरिम रोक लगा दी गई।

वहीं प्रतिबंधित मांस तस्करी के मामलों में जेल में बंद तीन आरोपियों को जमानत प्रदान की गई। इसके अलावा देहरादून में जन्मी तिब्बती मूल की महिला की भारतीय नागरिकता संबंधी याचिका पर भी न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। दूसरी तरफ पत्नी की हत्या के मामले में दोषी की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा गया है।

बड़कोट पालिकाध्यक्ष के खिलाफ ट्रायल पर रोक

उत्तराखंड हाईकोर्ट की एकलपीठ ने बड़कोट नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल के खिलाफ उत्तरकाशी जिला एवं सत्र न्यायालय में विचाराधीन मुकदमे की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है।

न्यायमूर्ति आलोक महरा की पीठ ने याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद शिकायतकर्ता प्रवीण रावत को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

मामला कथित तौर पर अवैध खनन की सूचना देने के बाद भाजपा नेता प्रवीण रावत की कार को टक्कर मारने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष ने रंजिशन उनकी कार को अपनी स्कॉर्पियो से टक्कर मारी थी। वहीं, बचाव पक्ष ने इसे राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित और मनगढ़ंत मामला बताया। अदालत ने अगली सुनवाई तक ट्रायल पर रोक लगा दी है।

प्रतिबंधित मांस तस्करी के आरोपियों को मिली जमानत

हाईकोर्ट ने हरिद्वार के झबरेड़ा और उधम सिंह नगर के आईटीआई थाना क्षेत्र में दर्ज प्रतिबंधित मांस तस्करी के मामलों में जेल में बंद तीन आरोपियों को जमानत दे दी है।
मामले के अनुसार, हरिद्वार के ग्राम ब्लेमपुर में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को 500 किलो प्रतिबंधित मांस के साथ गिरफ्तार किया था।

वहीं उधम सिंह नगर में भी दो आरोपियों को इसी तरह के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने दोनों मामलों की सुनवाई के बाद आरोपियों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।

तिब्बती मूल की महिला की नागरिकता पर 30 दिन में कार्रवाई के निर्देश

देहरादून में जन्मी तिब्बती मूल की महिला तेनजिन त्सोमो को भारतीय नागरिकता दिए जाने में हो रही देरी पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने देहरादून जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि नागरिकता संबंधी आवेदन को सभी आवश्यक रिपोर्टों और औपचारिकताओं के साथ 30 दिनों के भीतर राज्य सरकार को भेजा जाए।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि उन्होंने अगस्त 2025 में भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बावजूद आवेदन लंबित पड़ा हुआ है। अदालत ने मामले का निस्तारण करते हुए प्रशासन को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पत्नी की हत्या के दोषी की उम्रकैद बरकरार

हाईकोर्ट ने ऋषिकेश निवासी रोशन लाल की आपराधिक जेल अपील को खारिज करते हुए उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। रोशन लाल को अपनी पत्नी रूपा की गला घोंटकर हत्या करने का दोषी पाया गया था।

खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत परिस्थितिजन्य साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य प्रमाण आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित करते हैं।

अदालत ने यह भी माना कि मृतका की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि गला घोंटकर हत्या किए जाने के कारण हुई थी। इसलिए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।

न्यायिक फैसलों का व्यापक असर

बुधवार को हाईकोर्ट द्वारा दिए गए इन फैसलों का प्रभाव प्रशासनिक, कानूनी और सामाजिक स्तर पर देखने को मिलेगा। जहां एक ओर राजनीतिक विवाद से जुड़े मामले में ट्रायल पर रोक लगाई गई है।

वहीं नागरिकता, आपराधिक न्याय और तस्करी जैसे मामलों में भी अदालत ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और आदेश जारी किए हैं।