20.3 C
Dehradun, IN
September 28, 2026
https://primetimesnewz.com/
उत्तराखंड

भ्रष्टाचार पर सरकार की चुप्पी: गणेश जोशी को बचाने का आरोप

Government's silence on corruption Accusation of protecting Ganesh Joshi

*सैकड़ो करोड़ की अघोषित संपत्ति की क्यों नहीं करवाई जा रही जांच – मोर्चा*
देहरादून| उत्तराखंड सरकार के कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष और जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने जोशी पर सैकड़ों करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति अर्जित करने और लगातार घोटालों को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया है। नेगी ने दावा किया कि जोशी की कथित भ्रष्ट गतिविधियों से न केवल प्रदेश की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता ने जनता का विश्वास भी डगमगाया है।

*आरोपों की लंबी फेहरिस्त*
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि गणेश जोशी पर पहले भी कई घोटालों के आरोप लग चुके हैं, जिनमें शक्तिमान घोड़े का मामला, सैन्य धाम निर्माण में अनियमितताएं, उद्यान निदेशक बवेजा को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करना, और हाल ही में कृषि मित्र मेला और तराई बीज विकास निगम की संपत्तियों की नीलामी में कथित घोटाले शामिल हैं। इसके अलावा, जैविक खेती और बागवानी में गड़बड़ी और विदेशी दौरों में लाखों रुपये की बर्बादी के भी आरोप हैं।
नेगी ने जोर देकर कहा कि जोशी ने महज 5-7 साल में अपने रिश्तेदारों और गुर्गों के नाम पर सैकड़ों करोड़ की संपत्ति अर्जित की है, जिसकी जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि 15-20 साल पहले आर्थिक तंगी में जीवन बिताने वाला व्यक्ति इतनी विशाल संपत्ति का मालिक कैसे बन गया ?

*न्यायालय की दखल और सरकार की खामोशी*
हाल ही में नैनीताल हाई कोर्ट ने जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने जोशी के वकील को 23 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विशेष सतर्कता कोर्ट ने भी सरकार से 8 अक्टूबर तक इस मामले में निर्णय लेने को कहा, लेकिन अब तक जोशी को किसी तरह की सजा या बर्खास्तगी का सामना नहीं करना पड़ा।
विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस, इस मामले में सरकार पर लगातार हमलावर है। कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने कहा कि अगर यही आरोप विपक्षी नेताओं पर लगे होते, तो केंद्रीय जांच एजेंसियां अब तक कार्रवाई कर चुकी होतीं। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए “परीक्षा की घड़ी” करार दिया।
विजिलेंस जांच और धामी सरकार की दुविधा
सूत्रों के अनुसार, जोशी के खिलाफ विजिलेंस में मुकदमा दर्ज करने का फैसला 8 अक्टूबर तक होना है, वरना 19 अक्टूबर को विजिलेंस कोर्ट अपनी कार्रवाई शुरू करेगी। हालांकि, विजिलेंस कोर्ट ने हाल ही में जोशी के खिलाफ एक याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया था, क्योंकि याचिकाकर्ता विकेश नेगी ने शपथ पत्र जमा नहीं किया था। अब नेगी हाई कोर्ट में दोबारा याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि यह मामला मुख्यमंत्री धामी के लिए धर्मसंकट बन गया है। यदि जोशी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तो सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति पर सवाल उठेंगे। वहीं, कार्रवाई करने पर सरकार को अपने ही नेताओं के भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ेगा।

*मांग: बर्खास्तगी और जांच*
जन संघर्ष मोर्चा ने मांग की है कि सरकार गणेश जोशी को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करे और उनकी अघोषित संपत्ति की गहन जांच कराए। नेगी ने विशेष रूप से देहरादून और आसपास के मॉल, कंपलेक्स, और अपार्टमेंट्स में जोशी के परिजनों और गुर्गों के नाम पर कथित रूप से धमकाकर हासिल की गई संपत्तियों की जांच की मांग की है। उन्होंने राजभवन की चुप्पी को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

*आगे क्या ?*
यह मामला उत्तराखंड की सियासत में गरमाता जा रहा है। विपक्ष और सामाजिक संगठन सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं, जबकि बीजेपी के भीतर भी पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जैसे नेताओं ने निष्पक्ष जांच की वकालत की है। यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो यह मुद्दा विधानसभा चुनावों में बड़ा सियासी हथियार बन सकता है।

Related posts

नशा मुक्त सप्ताह मे एसएसपी अल्मोड़ा के निर्देशन में महिला कोतवाली व चौखुटिया पुलिस ने महिलाओं, व्यापारियों व टैक्सी चालकों को किया जागरूक

Primetimes Newz

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड क्षत्रिय कल्याण समिति की वेबसाइट एवं क्षत्रिय जागरण स्मारिका का किया विमोचन

Primetimes Newz

सेवा सप्ताह के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को श्रम-न्यूनीकरण उपकरण एवं पशु सखियों को स्मार्टफोन किए वितरित

Primetimes Newz

Leave a Comment