Annakoot Mahotsav is a festival to express gratitude towards nature: Swami Hariballabh Das Shastri
भगवान श्री स्वामीनारायण की पूजा अर्चना के साथ गुजरातियों ने मनाया नव वर्ष
हरिद्वार(आरएनएस)। श्री स्वामीनारायण आश्रम भूपतवाला में स्वामी हरि बल्लभ दास शास्त्री महाराज के सानिध्य में सैकड़ों गुजरातियों ने भगवान श्री स्वामीनारायण की पूजा अर्चना के साथ नव वर्ष उत्साह व उमंग के साथ मनाया। इस अवसर पर स्वामी हरिबल्लभ दास शास्त्री महाराज ने कहा कि गुजरातियों का नववर्ष दीपावली से अगले दिन अन्नकूट पर्व से प्रारंभ होता है। उन्होंने कहा कि अन्नकूट का पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व है। उन्होंने अन्नकूट महोत्सव का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने ग्वाल बालों के साथ गोवर्धन पर्वत की पूजाकर उन्हें प्रकृति पर्वत और नदियों का महत्व समझाया क्योंकि यह शरीर पंचतत्व से बना है जिसमें यह पांचो तत्व समाहित है इनकी रक्षा करना इनका संवर्धन करना प्रत्येक प्राणी का कर्तव्य है। अन्नकूट महोत्सव के अंतर्गत भगवान श्री स्वामीनारायण को 56 भोग अर्पित किए गए। इस अवसर पर गुजरातियों ने गायन, नृत्य, भजन आदि द्वारा श्री स्वामीनारायण भगवान की पूजा-अर्चना की। आश्रम के संचालक श्री आनंद स्वरुप शास्त्री के संयोजन में गुजरातियों ने जहां नव वर्ष मनाया वहीं आश्रम में भगवान श्री स्वामीनारायण, गंगा माता की पूजा अर्चना कर उन्हें 56 भोग अर्पित किये। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम में भाजपा पार्षद दल के उपनेता अनिरुद्ध भाटी ने कहा कि श्री स्वामीनारायण आश्रम भूपतवाला सेवा, सुमिरन और मानव सेवा का केंद्र है जहां पर श्री स्वामीनारायण संप्रदाय वड़ताल गादी की परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन आश्रम के संस्थापक श्री स्वामी हरि बल्लभ दास शास्त्री महाराज के सानिध्य एवं निर्देशन में हो रहा है यहां पर संत सेवा, गौ सेवा एवं अतिथि सत्कार की जो परंपरा शुरू की गई है उसका सफल संचालन स्वामी आनंद स्वरुप शास्त्री कर रहे हैं। श्री स्वामीनारायण आश्रम भूपतवाला में इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य यजमान सूरत से आए श्री स्वामीनारायण एचवी विद्यालय सूरत के कोषाध्यक्ष चंदू भाई, दिनेश भाई, रमेश भाई, हेमंत भाई एवं उनके परिजनों ने भगवान श्री स्वामीनारायण की पूजा अर्चना कर संतजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में श्रद्धालु भक्तों को आश्रम के संचालक स्वामी आनंद स्वरुप शास्त्री, जेन्द्र शास्त्री, गंगासागर स्वामी आदि ने आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में अरविंद भाई, एडवोकेट योगेश भगत, नीरज भाई आदि ने सहयोग प्रदान किया।

















