Home उत्तराखंड विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘हरित हरिद्वार’ अभियान का शुभारंभ

विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘हरित हरिद्वार’ अभियान का शुभारंभ

Launch of the ‘Harit Haridwar’ (Green Haridwar) campaign on World Environment Day.
Launch of the ‘Harit Haridwar’ (Green Haridwar) campaign on World Environment Day.

हरिद्वार। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से ‘हरित हरिद्वार’ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी कुंभ मेले को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप प्रदान करने के लक्ष्य के साथ शुरू किए गए इस अभियान के तहत अखाड़ों, आश्रमों, सड़कों, घाटों, राष्ट्रीय राजमार्गों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। साधु-संतों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
अभियान के तहत पंतद्वीप के निकट आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मेलाधिकारी कुंभ मेला श्रीमती सोनिका ने वोगनविलिया का पौधा लगाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्यवर्ती डिवाइडर को आकर्षक हरित पट्टी के रूप में विकसित करने के लिए एनएचआईटी के सहयोग से बड़ी संख्या में वोगनविलिया के पौधे रोपे गए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इन पौधों की समुचित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कहा कि ‘हरित हरिद्वार’ अभियान केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आगामी कुंभ मेले और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण का एक व्यापक जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि कुंभ नगरी को हराभरा बनाने के लिए जनसहभागिता को अभियान का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। आम नागरिकों द्वारा सुझाए गए स्थानों पर भी वृक्षारोपण किया जाएगा, जिससे समाज का प्रत्येक वर्ग इस अभियान से सीधे तौर पर जुड़ सके।
उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण और देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। मेलाधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत ऐप आधारित ट्रैकिंग एवं मॉनिटरिंग प्रणाली विकसित की गई है, जिसके माध्यम से लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं और इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में हरित हरिद्वार अभियान के नोडल अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला प्रशासन, एचआरडीए, एनएचएआई और एनएचआईटी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ शांतिकुंज तथा देव संस्कृति विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकों ने भी पौधारोपण किया।
हरित हरिद्वार अभियान के शुभारंभ में संत समाज और अखाड़ों की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सभी 13 अखाड़ों के साथ-साथ अनेक आश्रमों में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां संतों ने अपने अनुयायियों के साथ पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती तथा उप मेलाधिकारी श्री आकाश जोशी और श्री मनजीत सिंह सहित अन्य अधिकारियों की टीमों ने विभिन्न अखाड़ों में पहुंचकर प्रमुख संतों के नेतृत्व में वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न कराए।
संतों ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को जीवनदाता, पर्यावरण के संरक्षक और प्रकृति का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को केवल सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक कर्तव्य भी बताया। संत समाज ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने का आह्वान किया।