हरिद्वार। विश्व पर्यावरण दिवस पर आर्य समाज भेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कदम्ब और जामुन के पौधे रोपकर पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान पद्म भूषण सम्मान से अलंकृत होने पर उनका नागरिक अभिनंदन भी किया गया। कोश्यारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और पालन-पोषण करना भी उतना ही आवश्यक है। आर्य समाज भेल, ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया, वरिष्ठ नागरिक महासभा और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भगत सिंह कोश्यारी का शॉल, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। उन्होंने कहा कि पद्म भूषण सम्मान व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की जनता के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है और उन्हें पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाना चाहिए। कोश्यारी ने युवाओं से स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी श्रद्धानंद और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेने तथा आधुनिक तकनीक के साथ अध्यात्म और भारतीय संस्कृति का अध्ययन करने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य समाज भेल के प्रधान बलवीर तलवार ने की। विधायक आदेश चौहान ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं और पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। स अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केशव कर्णवाल को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के तहत चित्रकला प्रतियोगिता एवं 11 कुंडीय पर्यावरण यज्ञ का आयोजन किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में स्वर्णिका सैनी, आविका आर्या और इशिता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

















