Home उत्तराखंड अंतरराष्ट्रीय सम्मान से गौरवान्वित हुए देहरादून के वैज्ञानिक!

अंतरराष्ट्रीय सम्मान से गौरवान्वित हुए देहरादून के वैज्ञानिक!

Scientist from Dehradun Honored with International Award!
Scientist from Dehradun Honored with International Award!

डॉ. कण्णन सी. एस. वारियर को स्प्रिंगर नेचर का ‘एडिटर ऑफ डिस्टिंक्शन अवार्ड 2026’

देहरादून- 04 जून 2026: उत्तराखंड की धरती से एक और गौरव की खबर आई है। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई), देहरादून के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. कण्णन सी. एस. वारियर को विश्व प्रसिद्ध प्रकाशन संस्था स्प्रिंगर नेचर द्वारा प्रतिष्ठित “विशिष्ट संपादक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार 2026” (एडिटर ऑफ डिस्टिंक्शन अवार्ड 2026) से सम्मानित किया गया है।

डॉ. वारियर वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर केरल वन अनुसंधान संस्थान (केएफआरआई), पीची, त्रिशूर के निदेशक हैं। स्प्रिंगर नेचर विश्व के सबसे बड़े वैज्ञानिक प्रकाशकों में से एक है। यह पुरस्कार जर्नल की गुणवत्ता और वैज्ञानिक मानकों को ऊंचा उठाने में संपादक के असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है।

उल्लेखनीय उपलब्धि: डॉ. वारियर “एग्रोफॉरेस्ट्री सिस्टम्स” जर्नल के एसोसिएट एडिटर हैं, जो विश्व के शीर्ष 10 वानिकी अनुसंधान जर्नलों में शामिल है। इस जर्नल में 32 देशों के 66 संपादक हैं, जिनमें केवल 5 भारतीय हैं।
राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित डॉ. वारियर पहले ही दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं:

• राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार — कैसुरिना की तीन लवण-सहिष्णु क्लोनों के विकास में अग्रणी अनुसंधान के लिए।

• रोला एस. राव राष्ट्रीय पुरस्कार — केरल के पवित्र उपवनों पर उत्कृष्ट अध्ययन के लिए। उनका VIDWAN स्कोर 10/10 है तथा उन्होंने वानिकी क्षेत्र में भारत के मात्र 17 पेटेंटों में से एक पेटेंट भी प्राप्त किया है।

संगीत के क्षेत्र में भी योगदान: डॉ. वारियर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए संगीत की दुनिया में भी सक्रिय हैं। उन्होंने केरल वन विभाग के आधिकारिक थीम गीत “काडरिवु” (2020) का संगीत तैयार किया, जिसे स्वर्गीय पी. जयचंद्रन ने गाया था। इसके अलावा “वननीरु” (2025) और “प्रकृति वंदनम्” (केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय) का संगीत भी उन्होंने ही दिया है। अब तक वे 160 से अधिक गीतों के संगीत निर्देशक बन चुके हैं। डॉ. वारियर ने विश्व पर्यावरण दिवस समारोह 2022 के हिस्से के रूप में, संयुक्त राष्ट्र के लिए एक जागरूकता संगीत कार्यक्रम (लकड़ी से संगीत) भी प्रस्तुत किया है।
डॉ. कण्णन सी. एस. वारियर ने बी.एससी. और एम.एससी. (वानिकी) दोनों में प्रथम स्थान हासिल किया और लगातार पाँच वर्षों तक केरल कृषि विश्वविद्यालय के “कलाप्रतिभा पुरस्कार” से सम्मानित हुए।