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रुड़की में कांग्रेस संगठन सृजन अभियान की बैठक

Meeting of Congress Organization Creation Campaign in Roorkee
Meeting of Congress Organization Creation Campaign in Roorkee

रुड़की| उत्तराखंड के रुड़की में कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे संगठन सृजन अभियान 2025 के तहत कलियर विधानसभा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के राष्ट्रीय सचिव और रुड़की प्रभारी राजेश तिवारी ने कार्यकर्ताओं के साथ संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, एससी विभाग के अध्यक्ष मदनलाल, डोईवाला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मनोज नौटियाल, भगवानपुर की विधायक ममता राकेश, कलियर शरीफ के विधायक फुरकान अहमद, प्रदेश सचिव हाजी राव मुन्ना, रुड़की ग्रामीण के अध्यक्ष विधायक विजय जाती, और रुड़की नगर कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सहित कई वरिष्ठ पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
बैठक का आयोजन नहर किनारे स्थित कलियर विधायक फुरकान अहमद के कैंप कार्यालय में किया गया। इस दौरान राजेश तिवारी ने कार्यकर्ताओं से रुड़की जिलाध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों के नामों पर रायशुमारी की। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन का यह प्रयास है कि जमीनी स्तर से जुड़ा हुआ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुकाबला करने में सक्षम व्यक्ति को ही जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाए। तिवारी ने कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अभी से तैयारी शुरू करने और कांग्रेस की नीतियों को बूथ स्तर तक ले जाने का निर्देश दिया।
उत्तराखंड कांग्रेस उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुटता पर बल दिया और कार्यकर्ताओं से स्थानीय मुद्दों को उठाने के लिए सक्रिय रहने को कहा। वहीं, विधायक ममता राकेश और फुरकान अहमद ने अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन की स्थिति और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर प्रकाश डाला। रुड़की नगर कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र ने स्थानीय स्तर पर संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए।

पेसल वीड कॉलेज ऑफ इनफॉरमेशन टैक्नोलॉजी देहरादून में सत्र 2025 से उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय से सम्बद्धता प्राप्त यूजी पाठ्यक्रम संचालित होने जा रहे हैं।

Pesal Weed College of Information Technology Dehradun is going to start UG courses affiliated to Uttarakhand Open University from the session 2025.
Pesal Weed College of Information Technology Dehradun is going to start UG courses affiliated to Uttarakhand Open University from the session 2025.

देहरादून – 06 सितंबर 2025- उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० नवीन चन्द्र लोहानी तथा कुल सचिव श्री खेमराज भट्ट जी द्वारा पेसल वीड कॉलेज ऑफ इनफॉरमेशन टैक्नोलॉजी, ओक हिल स्टेट, मसूरी डायवर्जन रोड, देहरादून में उत्तराखण्ड मुक्त विश्विद्यालय का अध्ययन केन्द्र प्रारम्भ करने के लिए महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप जी से मुलाकात की। महाविद्यालय में इसी सत्र से उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा एनईपी 2020 के अनुसार सभी यूजी पाठ्यक्रम (बी.ए., बी.एस.सी., बी. कॉम, बी.एड. इत्यादि) प्रारम्भ होने जा रहे हैं। जिसमें उन सभी विद्यार्थियों को जो किसी कारण वश उच्च शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ होते हैं को एक सुनहरा अवसर दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्रदान किया जायेगा।

इस सत्र में विभिन्न पाठ्यक्रमों में आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितम्बर 2025 है। महाविद्यालय द्वारा इन पाठ्यक्रमों के लिए सप्ताह में दो दिन (शनिवार तथा रविवार) कक्षाएं संचालित कि जायेंगी। महाविद्यालय में पहले से ही हेमवंती नन्दन बहुगुणा विश्वविद्यालय से सम्बद्धता प्राप्त बी.एड. तथा एम.एड. पाठ्यक्रम और श्री देव सुमन विश्वविद्यालय से सम्बद्धता प्राप्त चार वर्षीय बी.एड. इंटेग्रेटेड पाठ्यक्रम, बी.ए., बी.एस. सी., बी. कॉम., बी.एस.सी (ऑर्नस) कृषि, बी.एस.सी (ऑर्नस) वानिकी, बी.एस.सी. एनीमेशन तथा मल्टीमीडिया, बी.ए. (ऑर्नस) जनसंचार तथा पत्रकारिकता, डिप्लोमा इन होटल मेनेजमेंट, डिप्लोमा इन योगा तथा पी.जी. डिप्लोमा इन फिटनेस तथा स्पोर्टस मैंनेजमेंट पाठ्यक्रम संचालित हैं।

पौड़ी : प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग के लिए जिलाधिकारी की नई पहल

Pauri New initiative of District Magistrate for free coaching for competitive exams
Pauri New initiative of District Magistrate for free coaching for competitive exams

अक्टूबर से शुरू होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम, जिलाधिकारी का गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन पर जोर

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग कार्यक्रम संचालित करने संबंधी बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों से काउंसलिंग की आवश्यकता और कोचिंग के स्वरूप पर सुझाव लिये गये।

जिलाधिकारी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह पहल पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगी। हमारा लक्ष्य है कि प्रतिभाशाली छात्रों को सही दिशा और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें सफलता की राह पर अग्रसर किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कोचिंग में केंद्र स्तरीय, राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं, बैंक एवं एसएससी की तैयारी करवायी जायेगी। यह कोचिंग सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का माहौल मिल सके। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों के लिए प्रति माह दो बार हाल ही में चयनित अधिकारियों द्वारा विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिससे छात्रों को सफलता के वास्तविक अनुभवों से प्रेरणा और दिशा मिले।

जिलाधिकारी ने जिला खनन अधिकारी राहुल नेगी को निर्देश दिए कि संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी के साथ मिलकर स्थान, शिक्षक एवं विद्यार्थियों के चयन की कार्रवाई तुरंत प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों का चयन किया जाए जहां अधिकतम विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।

जिलाधिकारी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को कोचिंग संस्थानों से समन्वय कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जल्दी ही विज्ञप्ति जारी की जाएगी और अक्टूबर माह से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हो जाएगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, मुख्य शिक्षाधिकारी नागेंद्र बर्तवाल, डिग्री कॉलेज पौड़ी, नर्सिंग कॉलेज डोभ श्रीकोट, इंजीनियरिंग कॉलेज घुड़दौड़ी के प्रतिनिधि तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित मंजू बाला

Manju Bala honoured with National Teacher Award
Manju Bala honoured with National Teacher Award

*राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली में किया गौरवांवित*

नई दिल्ली/चंपावत( हमारी चौपाल) उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र चंपावत जिले की मंजूबाला को उनके असाधारण शिक्षण कार्य के लिए राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2025 से नवाजा गया है। शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में मंजूबाला को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। इस सम्मान के साथ मंजूबाला न केवल अपने क्षेत्र बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय बनी हैं, क्योंकि वे इस वर्ष राज्य से इस पुरस्कार को पाने वाली एकमात्र शिक्षिका हैं।

*दुर्गम परिस्थितियों में शिक्षा का अलख* मंजूबाला वर्तमान में चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक स्थित च्यूरानी प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। यह स्कूल सड़क मार्ग से लगभग ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां पहुंचना अपने आप में चुनौतीपूर्ण है। 2005 से इस स्कूल में सेवारत मंजूबाला ने अपने समर्पण और मेहनत से इस दूरस्थ क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। 2011 में उन्होंने इस स्कूल को जिले का पहला अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया, जो उनके नवाचार और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

*शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता*
मंजूबाला केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने बच्चों को कुमाऊनी भाषा और संस्कृति से भी जोड़ा। इसके अलावा, उन्होंने नियमित कक्षाओं के साथ इवनिंग क्लासेस की शुरुआत की, जहां वे बच्चों को अतिरिक्त पढ़ाई के साथ-साथ जीवन कौशल भी सिखाती हैं। उनके प्रयासों का परिणाम यह है कि उनके पढ़ाए कई छात्रों ने सेना, एसएसबी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में सफलता हासिल की है। इसके साथ ही वे स्काउट एंड गाइड में गाइड कैप्टन के रूप में भी सक्रिय हैं और स्थानीय समुदाय को जागरूक करने में योगदान दे रही हैं।

*राष्ट्रपति का संदेश और सम्मान*
समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, “शिक्षक का सबसे बड़ा पुरस्कार यह है कि उनके छात्र जीवन भर उन्हें याद रखें और समाज व देश के लिए योगदान दें।” उन्होंने मंजूबाला जैसे शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार करने वाले शिक्षक देश के भविष्य को संवार रहे हैं। मंजूबाला को इस अवसर पर प्रशस्ति पत्र, 50,000 रुपये नकद और एक रजत पदक से सम्मानित किया गया।

*पिछले सम्मानों की झलक*
मंजूबाला का यह पहला सम्मान नहीं है। इससे पहले उन्हें शैलेश मटियानी पुरस्कार, तीलू रौतेली पुरस्कार, आयरन लेडी पुरस्कार और मानव संसाधन विकास मंत्रालय का टीचर ऑफ द ईयर अवार्ड जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। इन उपलब्धियों ने उनके शिक्षण के प्रति समर्पण को और मजबूती दी है।

*स्थानीय प्रभाव और प्रेरणा*
च्यूरानी प्राथमिक विद्यालय में वर्तमान में केवल छह छात्र हैं, फिर भी मंजूबाला हर दिन पैदल कई किलोमीटर चलकर बच्चों को पढ़ाने पहुंचती हैं। उनका कहना है, “मेरा लक्ष्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देना है।” उनके इस प्रयास ने न केवल स्थानीय समुदाय में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई है, बल्कि अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के अंतर्गत एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है, जिसमें शिक्षक की शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की प्रशंसा की जाती है। इसके साथ ही 50,000 रुपये की राशि भी पुरस्कार स्वरूप दी जाती है। इस पुरस्कार के तहत शिक्षक को एक पदक भी प्रदान किया जाता है। यह कार्यक्रम देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होता है, जहां पूरे देश के शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है।
मंजूबाला की इस उपलब्धि से चंपावत जिला गौरवान्वित है, और उनका सफर दूरस्थ गांव से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का एक प्रेरक उदाहरण है।

धस्माना ने शिक्षक दिवस पर गुरुओं का किया सम्मान

Dhasmana honored the teachers on Teachers' Day
Dhasmana honored the teachers on Teachers' Day

देहरादून| शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने अपने गुरु और गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति, डीएवी महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर आईपी सक्सेना को उनके निवास स्थान तपोवन एंक्लेव जाकर सम्मानित किया। 96 वर्ष के डॉक्टर सक्सेना को शाल ओढ़ाकर और उपहार देकर शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा उनका आशीर्वाद लिया।

धस्माना ने इस अवसर पर डीएवी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉक्टर तायल और डॉक्टर सत्य नारायण सचान को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि 96 वर्ष की उम्र में भी डॉक्टर आईपी सक्सेना शिक्षण कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। शिक्षक दिवस पर डॉक्टर सक्सेना के आवास पर जाकर गुरु का आशीर्वाद लेना उनके लिए गर्व की बात है।

धस्माना ने बताया कि डॉक्टर सक्सेना नियमित रूप से एनडब्ल्यूटी महाविद्यालय में जाकर शिक्षण कार्य की निगरानी और मार्गदर्शन करते हैं और एक साइंस जर्नल का संपादन भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत डीएवी महाविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष पद से हुई थी, जब डॉक्टर सक्सेना उनके प्रधानाचार्य थे।

इस अवसर पर डॉक्टर राहुल सक्सेना, मोनिका सक्सेना, डॉक्टर एस एन सचान, डॉक्टर एच डी तायल, आनंद सिंह पुंडीर और अनुज दत्त शर्मा भी मौजूद थे।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का ‘विजन 0.3 प्रशिक्षण’ जारी

National Rural Livelihood Mission's 'Vision 0.3 Training' continues
National Rural Livelihood Mission's 'Vision 0.3 Training' continues

हरिद्वार| राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत गठित स्वागत क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) का तीन दिवसीय विजन 0.3 प्रशिक्षण शिविर आज दूसरे दिन भी सरस केंद्र, जमालपुर कलां में उत्साहपूर्वक जारी रहा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य CLF को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना है।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता का निरीक्षण करने परियोजना निदेशक, डीआरडीए, कैलाश नाथ तिवारी शिविर में पहुँचे। उन्होंने मास्टर ट्रेनर कैलाश कांडारी (बीएमएम, भगवानपुर) से प्रशिक्षण की जानकारी ली और प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं से उनके अनुभव साझा करने को भी कहा।

सशक्त CLF का रोडमैप
परियोजना निदेशक ने “विजन” के उद्देश्य को सरल और स्पष्ट शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि विजन का अर्थ भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना है। एक सशक्त CLF की जिम्मेदारी है कि वह ईमानदारी, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ कमजोर वर्ग की महिलाओं को आजीविका के समान अवसर दिलाने में मदद करे। उन्होंने यह भी बताया कि योजना के तहत उपलब्ध संसाधनों का प्राथमिकता के आधार पर उद्यमशीलता और स्वरोजगार बढ़ाने में उपयोग किया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। साथ ही इस बात पर बल दिया गया कि CLF सरकार की उन जन-कल्याणकारी योजनाओं को महिलाओं तक पहुँचाने में सेतु की भूमिका निभाएगी, जिनका लाभ ग्रामीण महिलाओं को सीधा मिल सके। इनमें महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और कौशल विकास विभाग की योजनाएँ प्रमुख हैं।

‘लखपति दीदी’ योजना मुख्य आकर्षण
शिविर में ‘लखपति दीदी’ योजना पर विस्तृत चर्चा की गई। CLF को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि लखपति दीदियों की आय में निरंतरता बनी रहे और इसके लिए संबंधित विभागों से सहयोग के लिए आवेदन किए जाएँ। आगामी दिनों में जनपद स्तर पर आयोजित होने वाले ‘लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम’ को लेकर भी विचार साझा किए गए, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को अधिक आय अर्जित करने हेतु प्रेरित करना है।

प्रशिक्षण शिविर में मास्टर ट्रेनर के अलावा आईप्रपी कृष्णा रावत, स्वागत CLF की अध्यक्ष विमला, पूनम शर्मा सहित कई महिलाएँ सक्रिय रूप से शामिल रहीं।

जीएसटी 2.0 भारत के अप्रत्यक्ष कर ढांचे में एक महत्वपूर्ण सुधार है – अशोक चंद्र, एमडी और सीईओ, पीएनबी

GST 2.0 is a significant reform in India's indirect tax structure - Ashok Chandra, MD & CEO, PNB
GST 2.0 is a significant reform in India's indirect tax structure - Ashok Chandra, MD & CEO, PNB

देहरादून -04 सितंबर 2025- जीएसटी 2.0, जो 22 सितंबर 2025 से 396 वस्तुओं पर लागू होगा, भारत के अप्रत्यक्ष कर  ढांचे में एक महत्वपूर्ण सुधार है। इससे वस्तुओं और सेवाओं की घरेलू मांग को बढ़ावा मिलेगा, कोर मुद्रास्फीति को कम करने में सहयोग होगा तथा बढ़ी हुई डिस्पोजेबल आय और बेहतर अनुपालन के माध्यम से आर्थिक विकास को बढ़ावा प्राप्त होगा।

इस सुधार से बैंकिंग क्षेत्र को काफी फायदा होगा, जिसमें विशेष रूप से रीटेल, कृषि, एमएसएमई (MSME) और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में ऋण की मांग में वृद्धि होने की आशा है।

केंद्रीय बजट में घोषित उपायों ने विकास को सक्षम बनाया है और लोगों की डिस्पोजेबल आय में वृद्धि की है। अब, विकास के सूत्रधार के रूप में, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी),  ऋण दरो में कटौती के अलावा, अपने डिजिटल प्लेटफार्मों पर नए उत्पादों और बेहतर प्रक्रियाओं के माध्यम से ऋण देने के लिए तैयार है।

सभी विभाग सामंजस्य स्थापित कर विकास के लक्ष्य पूरा करें: महाराज

All departments should establish harmony and achieve development goals Maharaj
All departments should establish harmony and achieve development goals Maharaj

मंत्री ने भारत-नेपाल सीमा पर कराई जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक में दिये कई निर्देश

देहरादून। भारत नेपाल सीमा पर सिंचाई, लोक निर्माण विभाग द्वारा कराये जा रहे विकास कार्यों के दृष्टिगत सभी विभागों के मध्य सामंजस्य होना चाहिए ताकि सरकार विकास के विजन के लक्ष्य को समय से पूरा कर सके।

उक्त बात प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाये, पर्यटन, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को चकराता रोड़, यमुना कालोनी स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय, लोक निर्माण विभाग के सभागार में लोनिवि एवं सिंचाई विभाग द्वारा भारत नेपाल सीमा पर कराये जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कही। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने शारदा नदी पर स्थित बनबसा बैराज, भारत नेपाल सीमा पर सिंचाई विभाग की फ्लड स्कीम, पंचेश्वर बांध, पिथौरागढ़ स्थित छारछम ब्रिज, एनएचपीसी द्वारा नियंत्रित बनवास बैराज के साथ-साथ बनबसा स्थित नदी पर निर्माणाधीन पुल और Dry port की स्थिति की जानकारी लेने के अलावा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
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प्रदेश के भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाये, लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री श्री महाराज ने समीक्षा बैठक के बाद प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि जनपद पिथौरागढ़ विधानसभा धारचूला के अंतर्गत भारत नेपाल सीमा के बीच काली नदी (शारदा) पर छारछूम नामक स्थान पर 110 मी० स्पान डबल लाइन मोटर मार्ग सेतु जिसकी लागत 32.98 करोड़ है का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है और पहुंच मार्ग का कार्य इस महा पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 3.79 करोड़ की लागत से 130 मीo छारछूम सेतु का निर्माण कार्य अगस्त 2025 से प्रारंभ हो चुका है जो कि मई 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त गृह मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा में टनकपुर-जौलजीवी दो-लेन मोटर मार्ग एवं अन्य कार्य स्वीकृत किए गए हैं जिन पर कार्य चल रहा है।

श्री महाराज ने बताया कि बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध निर्माण के लिए सरकार के प्रयास निरंतर जारी हैं। इस परियोजना की टीपीआर गठन का कार्य जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के उपक्रम वाप्कास लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 1928 में बने
बनबसा बैराज को लगभग 100 वर्ष हो चुके हैं इसलिए नए बैराज के निर्माण की प्रक्रिया को प्रारंभ कर दिया गया है। जनपद पिथौरागढ़ के विकासखंड धारचूला में काली नदी के दाएं तट पर 126 करोड़ की लागत की दो बाढ़ सुरक्षा योजनाएं जिनकी लंबाई 1000 मीटर तथा 750 मीटर है उनके कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसके अलावा काली नदी पर बाढ़ सुरक्षा के अन्य कार्य भी शीघ्र ही पूर्ण होने वाले हैं।

समीक्षा बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष पांडे, एनएचएआई के विशाल गुप्ता, नेशनल हाईवे के मुख्य अभियंता मुकेश परमार, एनएचपीसी के बृजेश बसेड़ा, जावेद अंसारी और सिंचाई विभाग, बनबसा के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार सहित अनेक विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

भ्रष्टाचार पर सरकार की चुप्पी: गणेश जोशी को बचाने का आरोप

Government's silence on corruption Accusation of protecting Ganesh Joshi
Government's silence on corruption Accusation of protecting Ganesh Joshi

*सैकड़ो करोड़ की अघोषित संपत्ति की क्यों नहीं करवाई जा रही जांच – मोर्चा*
देहरादून| उत्तराखंड सरकार के कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष और जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने जोशी पर सैकड़ों करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति अर्जित करने और लगातार घोटालों को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया है। नेगी ने दावा किया कि जोशी की कथित भ्रष्ट गतिविधियों से न केवल प्रदेश की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता ने जनता का विश्वास भी डगमगाया है।

*आरोपों की लंबी फेहरिस्त*
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि गणेश जोशी पर पहले भी कई घोटालों के आरोप लग चुके हैं, जिनमें शक्तिमान घोड़े का मामला, सैन्य धाम निर्माण में अनियमितताएं, उद्यान निदेशक बवेजा को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करना, और हाल ही में कृषि मित्र मेला और तराई बीज विकास निगम की संपत्तियों की नीलामी में कथित घोटाले शामिल हैं। इसके अलावा, जैविक खेती और बागवानी में गड़बड़ी और विदेशी दौरों में लाखों रुपये की बर्बादी के भी आरोप हैं।
नेगी ने जोर देकर कहा कि जोशी ने महज 5-7 साल में अपने रिश्तेदारों और गुर्गों के नाम पर सैकड़ों करोड़ की संपत्ति अर्जित की है, जिसकी जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि 15-20 साल पहले आर्थिक तंगी में जीवन बिताने वाला व्यक्ति इतनी विशाल संपत्ति का मालिक कैसे बन गया ?

*न्यायालय की दखल और सरकार की खामोशी*
हाल ही में नैनीताल हाई कोर्ट ने जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने जोशी के वकील को 23 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विशेष सतर्कता कोर्ट ने भी सरकार से 8 अक्टूबर तक इस मामले में निर्णय लेने को कहा, लेकिन अब तक जोशी को किसी तरह की सजा या बर्खास्तगी का सामना नहीं करना पड़ा।
विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस, इस मामले में सरकार पर लगातार हमलावर है। कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने कहा कि अगर यही आरोप विपक्षी नेताओं पर लगे होते, तो केंद्रीय जांच एजेंसियां अब तक कार्रवाई कर चुकी होतीं। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए “परीक्षा की घड़ी” करार दिया।
विजिलेंस जांच और धामी सरकार की दुविधा
सूत्रों के अनुसार, जोशी के खिलाफ विजिलेंस में मुकदमा दर्ज करने का फैसला 8 अक्टूबर तक होना है, वरना 19 अक्टूबर को विजिलेंस कोर्ट अपनी कार्रवाई शुरू करेगी। हालांकि, विजिलेंस कोर्ट ने हाल ही में जोशी के खिलाफ एक याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया था, क्योंकि याचिकाकर्ता विकेश नेगी ने शपथ पत्र जमा नहीं किया था। अब नेगी हाई कोर्ट में दोबारा याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि यह मामला मुख्यमंत्री धामी के लिए धर्मसंकट बन गया है। यदि जोशी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तो सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति पर सवाल उठेंगे। वहीं, कार्रवाई करने पर सरकार को अपने ही नेताओं के भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ेगा।

*मांग: बर्खास्तगी और जांच*
जन संघर्ष मोर्चा ने मांग की है कि सरकार गणेश जोशी को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करे और उनकी अघोषित संपत्ति की गहन जांच कराए। नेगी ने विशेष रूप से देहरादून और आसपास के मॉल, कंपलेक्स, और अपार्टमेंट्स में जोशी के परिजनों और गुर्गों के नाम पर कथित रूप से धमकाकर हासिल की गई संपत्तियों की जांच की मांग की है। उन्होंने राजभवन की चुप्पी को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

*आगे क्या ?*
यह मामला उत्तराखंड की सियासत में गरमाता जा रहा है। विपक्ष और सामाजिक संगठन सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं, जबकि बीजेपी के भीतर भी पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जैसे नेताओं ने निष्पक्ष जांच की वकालत की है। यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो यह मुद्दा विधानसभा चुनावों में बड़ा सियासी हथियार बन सकता है।

लिबर्टी का वार्षिक डीलर्स मीट : SS’26 कलेक्शन और नवाचारों का प्रदर्शन

Liberty's Annual Dealers Meet Showcasing SS'26 Collections & Innovations
Liberty's Annual Dealers Meet Showcasing SS'26 Collections & Innovations

*डीलर्स ने साझा किया भावनात्मक जुड़ाव*

देहरादून ( हमारी चौपाल)देश के प्रमुख फुटवेयर ब्रांड लिबर्टी शूज़ लिमिटेड ने देहरादून के सहस्त्रधारा रोड में एक होटल में अपने वार्षिक डीलर्स मीट का आयोजन किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के डीलर्स और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में आगामी स्प्रिंग–समर 2026 (SS’26) कलेक्शन के 400 से अधिक नए डिज़ाइन और एक्सेसरीज़ प्रदर्शित किए गए, जिसने डीलर्स को नए सीज़न के लिए उत्साहित किया।
लिबर्टी के डायरेक्टर रुचिर बंसल ने बताया कि अप्रैल 2025 में लॉन्च की गई दो नई तकनीकों – वाइब्रेशन शूज़ (थकान कम करने और रक्त संचार में सुधार के लिए) और वार्म शूज़ (सर्दियों में पैरों को गर्म रखने के लिए) – को बाजार में अच्छा प्रतिसाद मिला है। उन्होंने कहा, “मीडिया के समर्थन ने इन उत्पादों को ग्राहकों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”
SS’26 कलेक्शन में दो नए इनोवेशन पेश किए गए: जेल टेक्नोलॉजी, जो जूतों को अधिक आरामदायक और टिकाऊ बनाएगी, और हैंड्स-फ्री डिज़ाइन, जो पहनने में सुविधा और स्टाइल का अनूठा मिश्रण प्रदान करेगा। राजपाल शर्मा ने बताया कि ये नवाचार लिबर्टी के ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
उत्तराखंड के डिस्ट्रीब्यूटर दीपेश अग्रवाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “हम बचपन से लिबर्टी के जूते पहनते आ रहे हैं। लिबर्टी के बारे में एक कहावत है – ‘दादा ले, पोता बरतें’। यह ब्रांड की गुणवत्ता और विश्वास का प्रतीक है।” उन्होंने यह भी बताया कि लिबर्टी के प्रमुख ब्रांड – हीलर्स, लीप7एक्स, लूसी एंड ल्यूक, और आहा – कंपनी के कारोबार में 70% से अधिक का योगदान देते हैं।
हेड ऑफ पब्लिक रिलेशन राकेश लांबा ने बताया कि लिबर्टी अब केवल फुटवेयर तक सीमित नहीं है। हाल ही में लॉन्च लिबर्टी लाइफस्टाइल परफ्यूम को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इसके अलावा, LFO (Liberty Fashion & Accessories) के तहत लेडीज़ पर्स, जेंट्स वॉलेट, बेल्ट, सॉक्स, शू पॉलिश, ट्रैवलिंग बैग और स्कूल बैग जैसे उत्पादों ने लिबर्टी शोरूम को परिवारों के लिए एक संपूर्ण खरीदारी गंतव्य बना दिया है।
लिबर्टी प्रतिदिन 50,000 से 60,000 जोड़े जूतों का उत्पादन करता है और इसका नेटवर्क देशभर में 10,000 से अधिक डीलर्स और 500 एक्सक्लूसिव शोरूम तक फैला है।राजपाल शर्मा ने कहा, “70 साल पुरानी लिबर्टी ने हमेशा गुणवत्ता को प्राथमिकता दी है। हमारा लक्ष्य भारतीय फुटवेयर उद्योग को वैश्विक मानकों पर स्थापित करना है।”
कार्यक्रम में कंपनी के आशुतोष गुप्ता (आरएसएम), लव कुमार, विराज मिश्रा और आनंद कुमार भी मौजूद थे। यह आयोजन लिबर्टी की नवाचार और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो इसे भारतीय फुटवेयर उद्योग में अग्रणी बनाए रखता है।
लिबर्टी का यह आयोजन न केवल नए उत्पादों का प्रदर्शन था, बल्कि डीलर्स और कंपनी के बीच गहरे विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव को भी उजागर करता है। दीपेश अग्रवाल की कहावत इस ब्रांड की विरासत और ग्राहकों के बीच इसकी जड़ों को रेखांकित करती है।

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