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मुख्य सचिव बर्द्धन ने  कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा

Chief Secretary Bardhan reviewed the Skill Development and Employment Department.
Chief Secretary Bardhan reviewed the Skill Development and Employment Department.

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को प्रदेश के भीतर एवं अन्य राज्यों सहित भारत के बाहर विदेशों में नौकरी के अवसर नौकरी दिलाने की दिशा में काम किए जाने की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए ओवरसीज एंप्लॉयमेंट सेल और पैनलबद्ध भर्ती एजेंसियों के माध्यम से विदेशों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेशभर में स्किल गैप असेसमेंट करा लिया जाए। उन्होंने अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नर्सिंग का टूर गाइड्स एवं पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए वाइल्ड लाइफ गाइड प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाए। इसके लिए विभाग को युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ ही हैंड होल्डिंग किए जाने की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि विदेशों में नौकरी की संभावनाओं को देखते हुए युवाओं को अपेक्षित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की हैंड होल्डिंग के साथ ही इच्छुक अभ्यर्थियों को इंटेंसिव ट्रेनिंग भी कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि विदेश में जॉब के लिए जाने वाले अभ्यर्थियों को विदेशी भाषाओं व्यावहारिक बातचीत का प्रशिक्षण भी अनिवार्य रूप से कराया जाए ताकि विदेशों में सामान्य बोलचाल की समस्या उत्पन्न न हो। मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग द्वारा विदेशों में नौकरी के अवसर का भी लक्ष्य निर्धारित किया जा सकता है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
सचिव सी. रविशंकर ने बताया कि विभाग द्वारा ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट सेल का गठन कर लिया गया है। अभी तक 63 युवाओं को जापान और सऊदी अरेबिया में प्रशिक्षण और रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से 351 युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 315 को प्लेसमेंट मिल गया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में वर्तमान में 169 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस अवसर पर सचिव सी रविशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कम धामी ने की नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से भेंट

Kam Dhami met Union Minister of Forest, Environment and Climate Change Bhupendra Yadav in New Delhi
Kam Dhami met Union Minister of Forest, Environment and Climate Change Bhupendra Yadav in New Delhi

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर उत्तराखंड में सात जल विद्युत परियोजनाओं (कुल क्षमता 647 मेगावाट) के विकास एवं निर्माण की स्वीकृति हेतु समर्थन मांगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गंगा और उसकी सहायक नदियों की निर्मलता, अविरलता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्ण प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों से युवाओं को रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराने हेतु हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए गौलापार क्षेत्र में लगभग 12.317 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने का प्रस्ताव वन विभाग को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से संबंधित अधिकारियों को इस भूमि स्थानांतरण हेतु आवश्यक कार्रवाई का निर्देश देने का अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति देते हुए हर संभव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया ।
इस अवसर पर सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन भारत सरकार, तन्मय कुमार,  उत्तराखण्ड के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा मौजूद थे।

स्वर्गीय रामविलास पासवान जी की पांचवीं पुण्यतिथि पार्टी महानगर कार्यालय इंदिरा नगर में मनाई गई

The fifth death anniversary of late Ram Vilas Paswan ji was celebrated at the party metropolitan office in Indira Nagar.
The fifth death anniversary of late Ram Vilas Paswan ji was celebrated at the party metropolitan office in Indira Nagar.

देहरादून| स्वर्गीय रामविलास पासवान जी की पांचवीं पुण्यतिथि पार्टी महानगर कार्यालय इंदिरा नगर में मनाई गई सभी लोगों ने रामविलास पासवान जी को तहे दिल से शुक्रिया अदा किया और उनके चरणों में पुष्पांजलि दी और पार्टी पदाधिकारीयों ने अपने वक्तव्य रखें और कहा कि ऐसे महानुभाव बहुत कम ही जन्म लेते हैं जो दबे कुचले लोगों के लिए काम करते हैं रामविलास पासवान जी जिस वक्त सरकार में थे उन्होंने बहुत ही दबे कुचले लोगों के लिए काम किया और उन्हें ऊपर उठने के लिए बहुत से प्रयास किया जैसा कि पहले एक बार रेल मंत्री हुआ करते थे वह उसे समय जितने भी लोग मजदूर में कार्यरत थे उनको परमानेंट करने का जो श्रेय उन्हीं को जाता है। उनके मंत्रालय का काम था यह और कम्युनिकेशन मंत्री भी रहे हैं उसे समय कुछ संस्थाएं ऐसी चल रही थी जो ढूंल-मूल थी जिनकी बात प्रशासन नहीं सुनता था इसी दौरान तमाम जितने भी कम्युनिकेशन यूनियन थी उनको पंजीकृत कराया | इस अवसर पर श्री प्रदेश अध्यक्ष केदारनाथ पंडित जी ने कहा कि आप एक जुट रहो पूरे प्रदेश के अंदर हमें अपना जनाधार प्राप्त करना है प्रदेश के लोगों की सेवाएं करनी है और लोगों को मदद करनी है ।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव शर्मा, बैरिस्टर नाथ पंडित, प्रदेश महासचिव, उमेश कुमार, कोषाध्यक्ष जय गोविन्द, अंशुल शर्मा महानगर अध्यक्ष, संदीप सिंघल, चिराग अग्रवाल, संजय कुमार काशीनाथ, मुकेश कुमार, बॉबी यादव, पंकज कुमार, विशाल ठाकुर, मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश सचिव सी पी सिंह द्वारा किया गया|

विरासत साधना में प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की स्वर प्रस्तुति से भक्ति रस में झूमे श्रोतागण

The audience was enthralled by the vocal performances of talented students at Virasat Sadhna.
The audience was enthralled by the vocal performances of talented students at Virasat Sadhna.

देहरादून, 08अक्टूबर 2025 – विरासत साधना की स्वर प्रस्तुति कार्यक्रम में आज बुधवार को कई विद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने कला गायन का सराहनीय एवं प्रशंसनीय प्रदर्शन किया I

ओएनजीसी के डॉ.भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में आयोजित भव्य विरासत साधना स्वर में प्रातःकाल शानदार प्रस्तुतियां दी गई। कार्यक्रम में देहरादून के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों और संस्थानों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने अपने कला गायन को प्रकट करने का सुनहरा अवसर विरासत महोत्सव के मंच पर सौभाग्यवश हासिल किया।
सभी होनहार विद्यार्थियों का साथ स्वर संगीत की प्रस्तुति में कुशल वादकों ने दिया, जिससे कि उनकी प्रस्तुतियाँ और भी बेहतरीन आकर्षक और भव्यतम बन गईं।

लतिका रॉय फाउंडेशन के सिद्धार्थ शाक्य ने जागो मोहन प्यारे……. का गायन कर विरासत साधना की महफ़िल में चार चांद लगा दिए I सिद्धार्थ के साथ संगत में गर्गी भट्टाचार्य व राजेश कालनी की जोड़ी ने इस विरासत साधना में भक्ति रस घोलने का काम किया I इसके अलावा प्रतिभाग करने वालों में वागीश्वरी संगीत साधना से प्रमिति डालाकोटी (स्वर), जिसमें संगत अजय मिश्रा की,सेंट पैट्रिक्स अकादमी से पावनी अग्रवाल जिसमें संगत अनेश कांत ने दी I

इसके अलावा अन्य प्रस्तुतियां देने वालों में सेंट कबीर अकादमी, देहरादून के आयुष्मान शुक्ला जिसमें संगत पारिधि उनियाल, प्रकाश व लोकेश मदान की रही,सरस्वती संगीत मंदिर से आयुष गुप्ता (स्वर) संगत : तर्ष सेठी, श्रिया, मोहित बेंजवाल,पीवाईडीएस लर्निंग अकादमी से सलोनी (स्वर) के साथ संगत शिशिर गुनीयाल, शिवम लोहिया व भूमि‍का गुप्ता की रही I इसी श्रृंखला में दून इंटरनेशनल स्कूल से समृद्धि पैन्यूली (स्वर) संगत अजय मिश्रा, कर्नल ब्राउन स्कूल से नलिनाकाश भट्टाचार्य (स्वर) संगत अनेश कांत, द यूनिवर्सल अकादमी देहरादून से नंदनी सिंह (स्वर) संगत अनेश कांत, उत्तराखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से जिग्मे वोंगचुक लेपचा (स्वर) जिसमें संगत योगेश खेतवाल और अनेश कांत की रही है I टाइम्स वर्ल्ड स्कूल के छात्र शिवांश वर्मा (स्वर) संगत अभिनव पुष्प व आर्यन कांत तथा अंत में द एशियन स्कूल देहरादून से वैष्णवी काला (स्वर) जिसमें कि संगत अरुणव तिवारी,एंजल घोष,मरजस सिंह बावा एवं सान्वी तोमर शामिल हैं I सभी की शानदार व भक्तिमय सांस्कृतिक कला से ओत प्रोत रही प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों की लगन,अनुशासन और साधना को सुंदर रूप में विरासत साधना के मंच पर बखूबी दर्शाया। बच्चों द्वारा दर्शाई गई आत्मविश्वास और सहजता के साथ अपनी अद्भुत संगीत कला प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों का मन-हृदयमोह लिया। तत्पश्चात सभी प्रतिभाशाली प्रतिभागियों को आज की विरासत साधना की मुख्य कोऑर्डिनेटर कल्पना शर्मा और राधा चटर्जी द्वारा सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।

विरासत में विख्यात सितार वादक सौमित्र ठाकुर ने अपने अद्भुत एवं आकर्षित वादन से किया सभी को ओत प्रोत

In Virasat, renowned sitar player Soumitra Thakur enthralled everyone with his amazing and captivating playing.

उम्र कम और ख्याति रिकॉर्ड हासिल की शास्त्रीय संगीत के युवा कलाकार अनिरुद्ध ऐथल ने

स्वर सरताज अनुराग शर्मा की ग़ज़लों और मधुर गीतों पर मदहोश हुए विरासत की
महफिल के हजारों मेहमान

सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ यूपीईएस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राम शर्मा ने किया दीप जलाकर

मशहूर ग़ज़ल और गीतकार अनुराग शर्मा ने विरासत में मचाई धूम

कोई फ़रियाद…… ग़ज़ल पर झूम उठे श्रोतागण

देहरादून| विरासत महोत्सव के चौथे दिन की सुबह विरासत साधना के साथ शास्त्रीय संगीत में निपुण भिन्न-भिन्न स्कूलों की कई छात्राओं के कत्थक, ओडिसी एवं भरतनाट्यम नृत्य के साथ प्रारंभ हुई I इन प्रस्तुतियों को देख एवं सुनकर श्रोताओं ने बालिका कलाकारों के नृत्य की प्रशंसा की I महोत्सव में अपने-अपने नृत्यों पर प्रशंसा बटोरने पर विरासत साधना के सभी कलाकार बेहद खुश हुए I

आज मंगलवार को विरासत साधना पूरी तरह से भक्ति रस में डूबी रही, क्योंकि उसमें भिन्न-भिन्न स्कूलों की शास्त्रीय संगीत की साधना करने वाली छात्राओं ने अपनी शास्त्रीय संगीत कलाओं का बेहतर प्रदर्शन किया I अपनी-अपनी शास्त्रीय संगीत के साथ नृत्य का भक्ति एवं शास्त्रीय संगीत के साथ प्रदर्शन किया गया I जिसमें नृत्य किनकिरनी स्कूल ऑफ भरतनाट्यम डांस की मानवी सिंह, आई टी चिल्ड्रंस एकेडमी की रिनिका चमोली ने भरतनाट्यम पर प्रस्तुति दी I जबकि पीवाईडीएस लर्निंग एकेडमी की अदिति थापा, गुरु स्मृति संगीत शिक्षा केंद्र से तपस्या लिंगवाल, ब्रुकलिन स्कूल से प्रियंका खाती, दून सरला एकेडमी की छात्रा आद्या कुकरेती ने कत्थक नृत्य की शानदार काबिले तारीफ प्रस्तुति दी I आज की सांस्कृतिक विरासत साधना की श्रृंखला में हाइ परफॉर्मेंस सेंटर से देवयानी चौहान के साथ ही दून इंटरनेशनल स्कूल से ऐशानी शर्मा, दून किड्स स्कूल से रुचिका व्यास, द हैरिटेज स्कूल नॉर्थ कैम्पस से ऋग्वैदिता भास्कर, केवी रायपुर से वेदांशी अत्री, एन मैरी स्कूल से गायत्री रौतेला ने भी कत्थक व भरतनाट्यम डांस के बेहतरीन परफॉर्मेंस देकर सभी का मन मोह लिया I तत्पश्चात विरासत साधना की कोऑर्डिनेटर श्रीमती कल्पना शर्मा द्वारा आकर्षक नृत्यों की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया I

विख्यात सितार वादक सौमित्रा ठाकुर ने अपने अद्भुत एवं आकर्षित वादन से किया सभी को ओत प्रोत

विरासत महोत्सव में आज मंगलवार को चौथे दिन की विरासत संध्या का शुभारंभ मशहूर सितार वादक सौमित्रा ठाकुर द्वारा हुआ, जिसमें यमन राग की बेहतरीन प्रस्तुति से हुए शास्त्रीय संगीत का आनंद विरासत की महफिल में आए सभी मेहमानों ने उठाया I उनके साथ तबले पर शुभ महाराज ने संगत की।

विश्व विख्यात रीच संस्था ने अपने “विरासत” के पिटारे में अनगिनत अनमोल हस्तियों का समावेश किया हुआ है, जिसमें आज की प्रारंभिक विरासत की संध्या में सितार वादक सुमित्रा ठाकुर की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया I सौमित्रा जी को यूं तो बहुत सम्मान मिले हैं, लेकिन कुछ सम्मानों से अवगत कराना आवश्यक है I उनको आकाशवाणी द्वारा “ए” ग्रेड कलाकार का सम्मान मिलने के साथ-साथ वर्ष 2009 में भारत की राष्ट्रपति रहीं श्रीमती प्रतिभा पाटिल से रचनात्मक प्रदर्शन के लिए बालश्री पुरस्कार (राष्ट्रपति पुरस्कार) प्राप्त हुआ। कोलकाता में आयोजित ‘डोवरलेन संगीत सम्मेलन’ में प्रथम स्थान प्राप्त किया और वर्ष 2011-2012 के ‘सर्वश्रेष्ठ वाद्य वादक’ के रूप में सम्मानित किया गया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार से क्रमशः वर्ष 2007 और 2014 में जूनियर और सीनियर दोनों छात्रवृत्तियाँ प्राप्त कीं। वर्ष 2016 में ’20वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव प्रतियोगिता’ में प्रथम स्थान प्राप्त किया I भारतीय सांस्कृतिक न्यास द्वारा अखिल भारतीय प्रतिभा पुरस्कार 2017 से सम्मानित भी हुए। इसके अलावा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी)भारत द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर रचनात्मकता में उत्कृष्टता के लिए वर्ष 2009 से 2012 तक ‘चाचा नेहरू छात्रवृत्ति’ से सम्मानित किया गया। तत्पश्चात वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2020 के लिए एनसीपीए मुंबई से सिटी एनसीपीए छात्रवृत्ति प्राप्त की। इससे पहले वर्ष 2019 में अनुसंधान और उच्च शिक्षा के लिए भारत सरकार से जूनियर और सीनियर रिसर्च फ़ेलोशिप (जेआरएफ और एसआरएफ) प्राप्त की। वे अब दिल्ली विश्वविद्यालय से संगीत में अपना शोध जारी रखे हुए हैं।

उनकी कुछ यादगार प्रस्तुतियों पर नजर डाली जाए तो उनमें क्रमशः मीरा नायर द्वारा समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्म “द मानसून वेडिंग” के संगीत रूपांतरण के निर्माण में भाग लिया, जिसका संगीत अनुभवी बॉलीवुड निर्देशक विशाल भारद्वाज ने दिया था। शुरुआत में जनवरी 2019 में दिल्ली में और बाद में वर्ष 2022 में फीफा विश्व कप समारोह के लिए दोहा में प्रस्तुति दी। इसके बाद वर्ष 2023 में न्यूयॉर्क में इसी के ऑफ ब्रॉडवे उद्घाटन के लिए प्रस्तुति दी, जिसके 58 शो बिक गए और दर्शकों और आलोचकों दोनों से प्रशंसा प्राप्त की, जिससे द न्यूयॉर्क टाइम्स में विशेष पहचान मिली। एनसीपीए (मुंबई), श्रुति मंडल (जयपुर), कोमल निषाद (बड़ौदा), सप्तक महोत्सव ऑनलाइन कॉन्सर्ट (अहमदाबाद) और डोवरलेन संगीत सम्मेलन आवधिक कॉन्सर्ट (कोलकाता) सहित अन्य प्रतिष्ठित संगठनों के लिए नियमित रूप से प्रस्तुति दी।

जून 2019 में प्राचीन कला केंद्र द्वारा आयोजित लीजेंड्स ऑफ़ टुमॉरो कॉन्सर्ट श्रृंखला में भाग लिया। इसके अतिरिक्त भारत और विदेशों में विभिन्न संस्थानों द्वारा आयोजित लीजेंड्स ऑफ़ टुमॉरो,राइजिंग स्टार्स ऑफ़ म्यूज़िक और प्रॉमिसिंग सितार प्लेयर्स ऑफ़ इंडिया जैसी विभिन्न कॉन्सर्ट श्रृंखलाओं के तहत लगातार प्रस्तुति दी है।कोलकाता स्थित ‘शाखरी बेगम मेमोरियल ट्रस्ट’ (एसबीएमटी) में प्रस्तुति के लिए चयनित, जो कि महान उस्ताद राशिद खान द्वारा संचालित एक संस्थान है।

यही नहीं, वर्ष 2010 में झारखंड के रांची में 34वें राष्ट्रीय खेल समारोह में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रण मिला। उपरोक्त के अलावा सौमित्रा जी को ईजेडसीसी,डब्ल्यूजेडसीओ दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय कला महोत्सव,साहित्य कला परिषद, यूनेस्को,अमेरिकी दूतावास (दिल्ली),दूरदर्शन और भारत तथा विदेशों में कई अन्य प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुति देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

उम्र कम और ख्याति रिकॉर्ड हासिल की शास्त्रीय संगीत के युवा कलाकार अनिरुद्ध ऐथल ने

आज “विरासत” की हर्षोल्लाह से भरी महफिल में एक युवा कलाकार अनिरुद्ध ऐथल ने भी अपने कलाकार होने का फन जमकर दिखाया, जिससे विरासत महोत्सव का पंडाल संगीतमय हो गया I उनका शास्त्रीय संगीत का करियर बहुत ही उज्जवल दिशा में जा रहा है I युवा अनिरुद्ध ऐथल हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीतकार के माहिर हैं, जिन्हें गायन में विशेषज्ञता प्राप्त है। उन्होंने 10 वर्ष की आयु में औपचारिक प्रशिक्षण शुरू किया और श्रीमती गीता गरुड़ पृथ्वीराज से 8 वर्षों तक प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब डॉ.अशोक हुग्गनवर से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पुरस्कार विजेता होने के साथ-साथ वे ऑल इंडिया रेडियो के कलाकार भी हैं। उन्हें सीसीआरटी छात्रवृत्ति और कर्नाटक संगीत नृत्य अकादमी से सम्मानित किया गया है। प्रस्तुति में राग मारू बिहाग से शुरू होकर शांत राग कौंस के साथ एक भावपूर्ण प्रस्तुति बहुत ही शानदार हुई। अगली प्रस्तुति किराना घराने की बंदिश.. “छेड़ो ना मुझे बनवारी” इसके बाद अनिरुद्ध ने राग अड़ाना में किराना घराने की एक दुर्लभ बंदिश प्रस्तुत की जो मूल रूप से सारंगी पर बजाई जाती थी।

गायक अनिरुद्ध ऐथल के साथ शामिल हुए कलाकारों में हारमोनियम पर पंडित विनय मिश्रा,तबले पर पंडित मिथिलेश झा तथा तानपुरा पर मोहित बैजवाल की शानदार जुगलबंदी रही I
अपनी बहुमुखी रुचियों और अद्भुत कौशल के साथ, अनिरुद्ध ऐथल, आज के भारत के युवाओं की भावना का सही अर्थों में प्रतिनिधित्व करते हैं; बहुमुखी प्रतिभा, आत्मविश्वास और स्पष्टवादिता से संपन्न। उन्होंने अत्यंत प्रतिष्ठित ऑल इंडिया रेडियो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता जीती है। उन्हें सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), नई दिल्ली और कर्नाटक संगीत नृत्य अकादमी द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्तियाँ भी प्राप्त हुई हैं। उन्हें ऑल इंडिया रेडियो द्वारा ‘ए’ ग्रेड भी प्रदान किया गया है, जिससे वे ए ग्रेड प्राप्त करने वाले देश के सबसे कम उम्र के कलाकार बन गए हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन किया है और पुरस्कार जीते हैं।

…….देखते ही देखते विरासत की खचाखच भरी महफिल में अनुराग शर्मा ने चला दिया अपनी मधुर आवाज़ का जादू ……

स्वर सरताज अनुराग शर्मा की ग़ज़लों और मधुर गीतों पर मदहोश हुए विरासत की
महफिल के हजारों मेहमान

सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ यूपीईएस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राम शर्मा ने किया दीप जलाकर
मशहूर ग़ज़ल और गीतकार अनुराग शर्मा ने विरासत में मचाई धूम

कोई फ़रियाद…… ग़ज़ल पर झूम उठे श्रोतागण

ग़ज़ल और गीतों की श्रृंखला में विरासत की शाम देर रात तक चलती रही और सुनने वालों का तांता लगा रहा I विरासत की महफिल में आज की बेहतरीन शाम का सफ़र मनमोहक रूप में देर रात तक परवान चढ़ा I अनुराग शर्मा के गायन में भावपूर्ण संगीत की प्रस्तुति से लोगों में मग्न मुग्ध होने का संचार लम्बे समय तक बना रहा I इस यादगार बनी महफ़िल में अनुराग शर्मा के साथ पाँच प्रतिष्ठित कलाकारों ने अपनी गहराई और निपुणता के साथ मंच पर प्रस्तुति दी प्रस्तुति, जिनमें गिटार पर चिंटू सिंह वसीर, बांसुरी पर नीनाद भालवणकर, कीबोर्ड पर विशाल भूमल, तबले पर मणि भारद्वाज तथा सितार पर पंडित विशाल मिश्रा जमे रहे I प्रदर्शन की शुरुआत सदाबहार ग़ज़ल “कोई फ़रियाद” से होने के बाद समापन सूफ़ी गीत “छाप तिलक” और “मस्त कलंदर” से हुआ।

विरासत महोत्सव की बेहतरीन मधुर हुई संध्या के अवसर पर आज चौथे दिन विरासत का पंडाल मधुर स्वर के माने जाने वाले सरताज अनुराग शर्मा के गीतों और मनोरम व मधुर ग़ज़लों को सुनने के लिए देखते ही देखते खचाखच भर गया I ऐसा लग रहा था कि मानो अनुराग शर्मा ने विरासत की आज की इस सांस्कृतिक महफिल में मौजूद श्रोतागणों पर अपनी मधुर आवाज का जादू कर दिया हो I आज की सांस्कृतिक विरासत संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि यूपीईएस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राम शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया I
अपने अनमोल कंठ से निकलने वाली मधुर आवाज़ के धनी अनुराग शर्मा निश्चित रूप से स्वर की दुनिया में ख्याति प्राप्त करने वाली मशहूर शख्सियत है I बेहतरीन मिठास और मधुर आवाज के धनी अनुराग एक गायक और संगीतकार के रूप में अपनी आवाज के जादू का प्रदर्शन भारत में ही नहीं, अपितु विश्व पटल पर कर चुके हैं I उन्होंने शास्त्रीय गायन, सरगम, तान और रागों की कला में महारथ हासिल की है। वे अपने इस हुनर का बचपन से ही प्रदर्शन करते आ रहे हैं। वह नियमित रूप से आकाशवाणी, नई दिल्ली पर प्रस्तुति देते रहे हैं। उन्होंने पूरे भारत में कई संगीत समारोहों और विभिन्न मंचों पर भी भाग लिया है। खास बात यह है कि उनकी दो एकल ग़ज़ल एल्बम हैं और उन्होंने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवियों की लगभग 400 ग़ज़लें गाकर ख्याति प्राप्त की है I उन्होंने विभिन्न चैनलों पर कई टीवी धारावाहिकों के शीर्षक ट्रैक भी गाए और उनकी रचना करके बेहतरीन मुकाम हासिल किया।

विरासत में विख्यात सितार वादक सौमित्र ठाकुर ने अपने अद्भुत एवं आकर्षित वादन से किया सभी को ओत प्रोत

In Virasat, renowned sitar player Soumitra Thakur enthralled everyone with his amazing and captivating playing.
In Virasat, renowned sitar player Soumitra Thakur enthralled everyone with his amazing and captivating playing.

उम्र कम और ख्याति रिकॉर्ड हासिल की शास्त्रीय संगीत के युवा कलाकार अनिरुद्ध ऐथल ने

स्वर सरताज अनुराग शर्मा की ग़ज़लों और मधुर गीतों पर मदहोश हुए विरासत की
महफिल के हजारों मेहमान

सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ यूपीईएस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राम शर्मा ने किया दीप जलाकर

मशहूर ग़ज़ल और गीतकार अनुराग शर्मा ने विरासत में मचाई धूम

कोई फ़रियाद…… ग़ज़ल पर झूम उठे श्रोतागण

देहरादून, 7 अक्टूबर 2025 – विरासत महोत्सव के चौथे दिन की सुबह विरासत साधना के साथ शास्त्रीय संगीत में निपुण भिन्न-भिन्न स्कूलों की कई छात्राओं के कत्थक, ओडिसी एवं भरतनाट्यम नृत्य के साथ प्रारंभ हुई I इन प्रस्तुतियों को देख एवं सुनकर श्रोताओं ने बालिका कलाकारों के नृत्य की प्रशंसा की I महोत्सव में अपने-अपने नृत्यों पर प्रशंसा बटोरने पर विरासत साधना के सभी कलाकार बेहद खुश हुए I

आज मंगलवार को विरासत साधना पूरी तरह से भक्ति रस में डूबी रही, क्योंकि उसमें भिन्न-भिन्न स्कूलों की शास्त्रीय संगीत की साधना करने वाली छात्राओं ने अपनी शास्त्रीय संगीत कलाओं का बेहतर प्रदर्शन किया I अपनी-अपनी शास्त्रीय संगीत के साथ नृत्य का भक्ति एवं शास्त्रीय संगीत के साथ प्रदर्शन किया गया I जिसमें नृत्य किनकिरनी स्कूल ऑफ भरतनाट्यम डांस की मानवी सिंह, आई टी चिल्ड्रंस एकेडमी की रिनिका चमोली ने भरतनाट्यम पर प्रस्तुति दी I जबकि पीवाईडीएस लर्निंग एकेडमी की अदिति थापा, गुरु स्मृति संगीत शिक्षा केंद्र से तपस्या लिंगवाल, ब्रुकलिन स्कूल से प्रियंका खाती, दून सरला एकेडमी की छात्रा आद्या कुकरेती ने कत्थक नृत्य की शानदार काबिले तारीफ प्रस्तुति दी I आज की सांस्कृतिक विरासत साधना की श्रृंखला में हाइ परफॉर्मेंस सेंटर से देवयानी चौहान के साथ ही दून इंटरनेशनल स्कूल से ऐशानी शर्मा, दून किड्स स्कूल से रुचिका व्यास, द हैरिटेज स्कूल नॉर्थ कैम्पस से ऋग्वैदिता भास्कर, केवी रायपुर से वेदांशी अत्री, एन मैरी स्कूल से गायत्री रौतेला ने भी कत्थक व भरतनाट्यम डांस के बेहतरीन परफॉर्मेंस देकर सभी का मन मोह लिया I तत्पश्चात विरासत साधना की कोऑर्डिनेटर श्रीमती कल्पना शर्मा द्वारा आकर्षक नृत्यों की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया I

 

विख्यात सितार वादक सौमित्रा ठाकुर ने अपने अद्भुत एवं आकर्षित वादन से किया सभी को ओत प्रोत

विरासत महोत्सव में आज मंगलवार को चौथे दिन की विरासत संध्या का शुभारंभ मशहूर सितार वादक सौमित्रा ठाकुर द्वारा हुआ, जिसमें यमन राग की बेहतरीन प्रस्तुति से हुए शास्त्रीय संगीत का आनंद विरासत की महफिल में आए सभी मेहमानों ने उठाया I उनके साथ तबले पर शुभ महाराज ने संगत की।

विश्व विख्यात रीच संस्था ने अपने “विरासत” के पिटारे में अनगिनत अनमोल हस्तियों का समावेश किया हुआ है, जिसमें आज की प्रारंभिक विरासत की संध्या में सितार वादक सुमित्रा ठाकुर की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया I सौमित्रा जी को यूं तो बहुत सम्मान मिले हैं, लेकिन कुछ सम्मानों से अवगत कराना आवश्यक है I उनको आकाशवाणी द्वारा “ए” ग्रेड कलाकार का सम्मान मिलने के साथ-साथ वर्ष 2009 में भारत की राष्ट्रपति रहीं श्रीमती प्रतिभा पाटिल से रचनात्मक प्रदर्शन के लिए बालश्री पुरस्कार (राष्ट्रपति पुरस्कार) प्राप्त हुआ। कोलकाता में आयोजित ‘डोवरलेन संगीत सम्मेलन’ में प्रथम स्थान प्राप्त किया और वर्ष 2011-2012 के ‘सर्वश्रेष्ठ वाद्य वादक’ के रूप में सम्मानित किया गया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार से क्रमशः वर्ष 2007 और 2014 में जूनियर और सीनियर दोनों छात्रवृत्तियाँ प्राप्त कीं। वर्ष 2016 में ’20वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव प्रतियोगिता’ में प्रथम स्थान प्राप्त किया I भारतीय सांस्कृतिक न्यास द्वारा अखिल भारतीय प्रतिभा पुरस्कार 2017 से सम्मानित भी हुए। इसके अलावा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी)भारत द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर रचनात्मकता में उत्कृष्टता के लिए वर्ष 2009 से 2012 तक ‘चाचा नेहरू छात्रवृत्ति’ से सम्मानित किया गया। तत्पश्चात वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2020 के लिए एनसीपीए मुंबई से सिटी एनसीपीए छात्रवृत्ति प्राप्त की। इससे पहले वर्ष 2019 में अनुसंधान और उच्च शिक्षा के लिए भारत सरकार से जूनियर और सीनियर रिसर्च फ़ेलोशिप (जेआरएफ और एसआरएफ) प्राप्त की। वे अब दिल्ली विश्वविद्यालय से संगीत में अपना शोध जारी रखे हुए हैं।

उनकी कुछ यादगार प्रस्तुतियों पर नजर डाली जाए तो उनमें क्रमशः मीरा नायर द्वारा समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्म “द मानसून वेडिंग” के संगीत रूपांतरण के निर्माण में भाग लिया, जिसका संगीत अनुभवी बॉलीवुड निर्देशक विशाल भारद्वाज ने दिया था। शुरुआत में जनवरी 2019 में दिल्ली में और बाद में वर्ष 2022 में फीफा विश्व कप समारोह के लिए दोहा में प्रस्तुति दी। इसके बाद वर्ष 2023 में न्यूयॉर्क में इसी के ऑफ ब्रॉडवे उद्घाटन के लिए प्रस्तुति दी, जिसके 58 शो बिक गए और दर्शकों और आलोचकों दोनों से प्रशंसा प्राप्त की, जिससे द न्यूयॉर्क टाइम्स में विशेष पहचान मिली। एनसीपीए (मुंबई), श्रुति मंडल (जयपुर), कोमल निषाद (बड़ौदा), सप्तक महोत्सव ऑनलाइन कॉन्सर्ट (अहमदाबाद) और डोवरलेन संगीत सम्मेलन आवधिक कॉन्सर्ट (कोलकाता) सहित अन्य प्रतिष्ठित संगठनों के लिए नियमित रूप से प्रस्तुति दी।

जून 2019 में प्राचीन कला केंद्र द्वारा आयोजित लीजेंड्स ऑफ़ टुमॉरो कॉन्सर्ट श्रृंखला में भाग लिया। इसके अतिरिक्त भारत और विदेशों में विभिन्न संस्थानों द्वारा आयोजित लीजेंड्स ऑफ़ टुमॉरो,राइजिंग स्टार्स ऑफ़ म्यूज़िक और प्रॉमिसिंग सितार प्लेयर्स ऑफ़ इंडिया जैसी विभिन्न कॉन्सर्ट श्रृंखलाओं के तहत लगातार प्रस्तुति दी है।कोलकाता स्थित ‘शाखरी बेगम मेमोरियल ट्रस्ट’ (एसबीएमटी) में प्रस्तुति के लिए चयनित, जो कि महान उस्ताद राशिद खान द्वारा संचालित एक संस्थान है।

यही नहीं, वर्ष 2010 में झारखंड के रांची में 34वें राष्ट्रीय खेल समारोह में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रण मिला। उपरोक्त के अलावा सौमित्रा जी को ईजेडसीसी,डब्ल्यूजेडसीओ दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय कला महोत्सव,साहित्य कला परिषद, यूनेस्को,अमेरिकी दूतावास (दिल्ली),दूरदर्शन और भारत तथा विदेशों में कई अन्य प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुति देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

उम्र कम और ख्याति रिकॉर्ड हासिल की शास्त्रीय संगीत के युवा कलाकार अनिरुद्ध ऐथल ने

आज “विरासत” की हर्षोल्लाह से भरी महफिल में एक युवा कलाकार अनिरुद्ध ऐथल ने भी अपने कलाकार होने का फन जमकर दिखाया, जिससे विरासत महोत्सव का पंडाल संगीतमय हो गया I उनका शास्त्रीय संगीत का करियर बहुत ही उज्जवल दिशा में जा रहा है I युवा अनिरुद्ध ऐथल हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीतकार के माहिर हैं, जिन्हें गायन में विशेषज्ञता प्राप्त है। उन्होंने 10 वर्ष की आयु में औपचारिक प्रशिक्षण शुरू किया और श्रीमती गीता गरुड़ पृथ्वीराज से 8 वर्षों तक प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब डॉ.अशोक हुग्गनवर से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पुरस्कार विजेता होने के साथ-साथ वे ऑल इंडिया रेडियो के कलाकार भी हैं। उन्हें सीसीआरटी छात्रवृत्ति और कर्नाटक संगीत नृत्य अकादमी से सम्मानित किया गया है। प्रस्तुति में राग मारू बिहाग से शुरू होकर शांत राग कौंस के साथ एक भावपूर्ण प्रस्तुति बहुत ही शानदार हुई। अगली प्रस्तुति किराना घराने की बंदिश.. “छेड़ो ना मुझे बनवारी” इसके बाद अनिरुद्ध ने राग अड़ाना में किराना घराने की एक दुर्लभ बंदिश प्रस्तुत की जो मूल रूप से सारंगी पर बजाई जाती थी।

गायक अनिरुद्ध ऐथल के साथ शामिल हुए कलाकारों में हारमोनियम पर पंडित विनय मिश्रा,तबले पर पंडित मिथिलेश झा तथा तानपुरा पर मोहित बैजवाल की शानदार जुगलबंदी रही I
अपनी बहुमुखी रुचियों और अद्भुत कौशल के साथ, अनिरुद्ध ऐथल, आज के भारत के युवाओं की भावना का सही अर्थों में प्रतिनिधित्व करते हैं; बहुमुखी प्रतिभा, आत्मविश्वास और स्पष्टवादिता से संपन्न। उन्होंने अत्यंत प्रतिष्ठित ऑल इंडिया रेडियो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता जीती है। उन्हें सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), नई दिल्ली और कर्नाटक संगीत नृत्य अकादमी द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्तियाँ भी प्राप्त हुई हैं। उन्हें ऑल इंडिया रेडियो द्वारा ‘ए’ ग्रेड भी प्रदान किया गया है, जिससे वे ए ग्रेड प्राप्त करने वाले देश के सबसे कम उम्र के कलाकार बन गए हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन किया है और पुरस्कार जीते हैं।

…….देखते ही देखते विरासत की खचाखच भरी महफिल में अनुराग शर्मा ने चला दिया अपनी मधुर आवाज़ का जादू ……

स्वर सरताज अनुराग शर्मा की ग़ज़लों और मधुर गीतों पर मदहोश हुए विरासत की
महफिल के हजारों मेहमान

सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ यूपीईएस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राम शर्मा ने किया दीप जलाकर
मशहूर ग़ज़ल और गीतकार अनुराग शर्मा ने विरासत में मचाई धूम

कोई फ़रियाद…… ग़ज़ल पर झूम उठे श्रोतागण

ग़ज़ल और गीतों की श्रृंखला में विरासत की शाम देर रात तक चलती रही और सुनने वालों का तांता लगा रहा I विरासत की महफिल में आज की बेहतरीन शाम का सफ़र मनमोहक रूप में देर रात तक परवान चढ़ा I अनुराग शर्मा के गायन में भावपूर्ण संगीत की प्रस्तुति से लोगों में मग्न मुग्ध होने का संचार लम्बे समय तक बना रहा I इस यादगार बनी महफ़िल में अनुराग शर्मा के साथ पाँच प्रतिष्ठित कलाकारों ने अपनी गहराई और निपुणता के साथ मंच पर प्रस्तुति दी प्रस्तुति, जिनमें गिटार पर चिंटू सिंह वसीर, बांसुरी पर नीनाद भालवणकर, कीबोर्ड पर विशाल भूमल, तबले पर मणि भारद्वाज तथा सितार पर पंडित विशाल मिश्रा जमे रहे I प्रदर्शन की शुरुआत सदाबहार ग़ज़ल “कोई फ़रियाद” से होने के बाद समापन सूफ़ी गीत “छाप तिलक” और “मस्त कलंदर” से हुआ।

विरासत महोत्सव की बेहतरीन मधुर हुई संध्या के अवसर पर आज चौथे दिन विरासत का पंडाल मधुर स्वर के माने जाने वाले सरताज अनुराग शर्मा के गीतों और मनोरम व मधुर ग़ज़लों को सुनने के लिए देखते ही देखते खचाखच भर गया I ऐसा लग रहा था कि मानो अनुराग शर्मा ने विरासत की आज की इस सांस्कृतिक महफिल में मौजूद श्रोतागणों पर अपनी मधुर आवाज का जादू कर दिया हो I आज की सांस्कृतिक विरासत संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि यूपीईएस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राम शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया I
अपने अनमोल कंठ से निकलने वाली मधुर आवाज़ के धनी अनुराग शर्मा निश्चित रूप से स्वर की दुनिया में ख्याति प्राप्त करने वाली मशहूर शख्सियत है I बेहतरीन मिठास और मधुर आवाज के धनी अनुराग एक गायक और संगीतकार के रूप में अपनी आवाज के जादू का प्रदर्शन भारत में ही नहीं, अपितु विश्व पटल पर कर चुके हैं I उन्होंने शास्त्रीय गायन, सरगम, तान और रागों की कला में महारथ हासिल की है। वे अपने इस हुनर का बचपन से ही प्रदर्शन करते आ रहे हैं। वह नियमित रूप से आकाशवाणी, नई दिल्ली पर प्रस्तुति देते रहे हैं। उन्होंने पूरे भारत में कई संगीत समारोहों और विभिन्न मंचों पर भी भाग लिया है। खास बात यह है कि उनकी दो एकल ग़ज़ल एल्बम हैं और उन्होंने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवियों की लगभग 400 ग़ज़लें गाकर ख्याति प्राप्त की है I उन्होंने विभिन्न चैनलों पर कई टीवी धारावाहिकों के शीर्षक ट्रैक भी गाए और उनकी रचना करके बेहतरीन मुकाम हासिल किया।

विरासत महोत्सव : विरासत साधना में डांस परफॉर्मेंस से भक्तिमय हुई महफ़िल 

Virasat Mahotsav Dance performance at Virasat Sadhna turns the gathering devotional
Virasat Mahotsav Dance performance at Virasat Sadhna turns the gathering devotional
भिन्न-भिन्न पब्लिक स्कूलों की शास्त्रीय संगीत में निपुण बालिकाओं के भरतनाट्यम, कत्थक व ओडिसी नृत्यों की प्रस्तुति से झूम उठे श्रोतागण
देहरादून, 7 अक्टूबर 2025 I विरासत महोत्सव के चौथे दिन की सुबह विरासत साधना के साथ शास्त्रीय संगीत में निपुण भिन्न-भिन्न स्कूलों की कई छात्राओं के कत्थक, ओडिसी एवं भरतनाट्यम नृत्य के साथ प्रारंभ हुई I इन प्रस्तुतियों को देख एवं सुनकर श्रोताओं ने बालिका कलाकारों के नृत्य की प्रशंसा की I महोत्सव में अपने-अपने नृत्यों पर प्रशंसा बटोरने पर विरासत साधना के सभी कलाकार बेहद खुश हुए I
      आज मंगलवार को विरासत साधना पूरी तरह से भक्ति रस में डूबी रही, क्योंकि उसमें भिन्न-भिन्न स्कूलों की शास्त्रीय संगीत की साधना करने वाली छात्राओं ने अपनी शास्त्रीय संगीत कलाओं का बेहतर प्रदर्शन किया I अपनी-अपनी शास्त्रीय संगीत के साथ नृत्य का भक्ति एवं शास्त्रीय संगीत के साथ प्रदर्शन किया गया I जिसमें
नृत्य किनकिरनी स्कूल ऑफ भरतनाट्यम डांस की मानवी सिंह, आई टी चिल्ड्रंस एकेडमी की रिनिका चमोली ने भरतनाट्यम पर प्रस्तुति दी I जबकि पीवाईडीएस लर्निंग एकेडमी की अदिति थापा, गुरु स्मृति संगीत शिक्षा केंद्र से तपस्या लिंगवाल, ब्रुकलिन स्कूल से प्रियंका खाती, दून सरला एकेडमी की छात्रा आद्या कुकरेती ने कत्थक नृत्य की शानदार काबिले तारीफ  प्रस्तुति दी I आज की सांस्कृतिक विरासत साधना की श्रृंखला में हाइ परफॉर्मेंस सेंटर से देवयानी चौहान के साथ ही दून इंटरनेशनल स्कूल से ऐशानी शर्मा, दून किड्स स्कूल से रुचिका व्यास, द हैरिटेज स्कूल नॉर्थ कैम्पस से ऋग्वैदिता भास्कर, केवी रायपुर से वेदांशी अत्री, एन मैरी स्कूल से गायत्री रौतेला ने भी कत्थक व भरतनाट्यम डांस के बेहतरीन परफॉर्मेंस देकर सभी का मन मोह लिया I तत्पश्चात विरासत साधना की कोऑर्डिनेटर श्रीमती कल्पना शर्मा द्वारा आकर्षक नृत्यों की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया I

विधायक आवास हल्द्वानी में फिल्म ‘डीएफओ डायरी फॉरेस्ट वॉरियर्स’ का पोस्टर लांच किया गया।

The poster of the film 'DFO Diary Forest Warriors' was launched at the MLA residence in Haldwani.
The poster of the film 'DFO Diary Forest Warriors' was launched at the MLA residence in Haldwani.

एफ टी आई हल्द्वानी ऑडिटोरियम में ‘डीएफओ डायरी फॉरेस्ट वॉरियर्स’ फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया गया

हल्द्वानी – 06 अक्टूबर 2025 – उत्तराखंड के गुमनाम योद्धाओं की सच्ची घटनाओं से प्रेरित एक एपिसोडिक फिल्म ‘डीएफओ डायरी फॉरेस्ट वॉरियर्स’ का विधायक आवास हल्द्वानी में मुख्य अतिथि बंशीधर भगत जी विधायक कालाढुगी विधान सभा , प्रताप सिंह बिष्ट
जिला अध्यक्ष नैनीताल एवं शान्ति भट्ट पूर्व ब्लाक प्रमुख हल्द्वानी के उपस्थिति में फिल्म का पोस्टर लॉन्च किया गया। कार्यक्रम में ‘डीएफओ डायरी फॉरेस्ट वॉरियर्स’ की ओर से संजय मैठाणी एजुकेटिव प्रोड्यूसर , सुषमा भारद्वाज एवं हर्षिता कोहली मौजूद रहे। वहीं एफ टी आई हल्द्वानी ऑडिटोरियम में ‘डीएफओ डायरी फॉरेस्ट वॉरियर्स’ फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया गया

यह फिल्म नैशनल वाइल्ड लाइफ वीक के अवसर पैन-इंडिया रिलीज हो रही फिल्म ‘डीएफओ डायरी फॉरेस्ट वॉरियर्स’ एक सिनेमाई अनुभव है उत्तराखंड के जंगलों को बचाने की खामोश लड़ाई का।

यह फिल्म २०२४ का बिन्सर अग्निकांड के ऊपर आधारित है। बिन्सर वाइल्ड सेंचूरी, जो अल्मोड़ा जिले में स्थित है वहाँ २०२४ की गर्मियों में जंगलों में लगी आग को बुझाते हुए कुछ वनकर्मी और स्थानीय लोग शहीद हो गए। ये फिल्म उन्हीं शहीदों और उनके जैसे अन्य वनरक्षकों के संधर्ष को सामने लाती है।

संक्षेप में फिल्म उन गुमनाम योद्धाओं के बारे में बताती दिखाती है जो इस प्रकृति और पर्यावरण के लिए कई बार अपनी जान तक कुर्बान कर देते हैं। कई सारी सच्ची घटनाओं से प्रेरित इस डायरी के पन्नों को गीत-संगीत के साथ फिल्मी अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।

‘डीएफओ डायरी फॉरेस्ट वॉरियर्स’ एक रोमांचक एडवेंचर ड्रामा फिल्म है, जिसे उत्तराखंड के खूबसूरत कुमाऊँ हिमालय की गोद में फिल्माया गया है। यह फिल्म जंगलों की आत्मा और उन जाँबाज रक्षकों की गाथा है, जो हर दिन प्रकृति को बचाने के लिए संघर्ष करते हैं।

डीएफओ की डायरी के पन्नों से दर्शक उन वास्तविक और नाटकीय घटनाओं की यात्रा पर निकलते हैं, जहाँ जंगल ही पृष्ठभूमि भी है और रणभूमि भी। कहीं निर्दयी शिकारी मासूम ट्रेकर्स की जिंदगी पर खतरा बनकर आते हैं, तो कहीं भीषण जंगल की आग से लड़ने के लिए गाँववाले, अधिकारी और बच्चे एकजुट होकर धरती माँ को बचाने की कसम खाते हैं।

फिल्म की सिनेमाटोग्राफी उत्तराखंड की झीलों, ओक पाइन से भरे घने जंगलों, धुंध से ढकी घाटियों और पारंपरिक गाँवों की सुंदरता को बड़े परदे पर जीवंत करती है। हिमालय यहाँ एक पात्र की तरह उभरता है जिसकी गोद में सौंदर्य भी है और संकट भी।

इस फिल्म की सारी शूटिंग कुमांउ की खूबसूरत वादियों की गयी। नैनीताल, भवाली, पंगोट, रामगढ़, मुक्तेश्वर आदि लोकेशन में इसे फिल्माया गया।

 

इस फिल्म का लेखक-निर्देशक : महेश भट्ट, निर्माताः सज्जू लाल टी आर, कॉन्सेप्ट: बीजू लाल आई.एफ.एस. क्रिएटीव प्रोड्यूसर : आयुष्मान भट्ट कैमरा: मनोज सती, संतोष पाल सम्पादन : आयुष्मान, आलोक सिंह, पटकथा : ऋतुराज संगीत: अमित वी कपूर, विनय कोचर, मन चौहान, पार्श्व संगीत : अमित वी कपूर, स्वरः पद्मश्री कैलाश खेर, बीजू लाल आई.एफ. एस, कास्टिंग : सौरभ मिश्रा, कास्टूयम: काजल सिंह, फाइट अरूण सिंह, एक्जीक्यूटिव प्रोडूयसर : संजय मैठाणी हैं।

ऋषिकेश के गुलर में भारत का पहला ब्रिज-होटल खुला

बिग ब्रिज होटल का उद्घाटन उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत किया गया

ऋषिकेश, 3 अक्टूबर, 2025: उत्तराखंड में भारतीय पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुए, ऋषिकेश के गुलर में बिग ब्रिज होटल का उद्घाटन आज उत्तराखंड सरकार के माननीय पर्यटन, सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज और उत्तराखंड सरकार के माननीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने किया।

“डीबीएफओटी आधार पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में यात्रा मार्गों पर परित्यक्त पुलों का विकास” परियोजना के तहत विकसित, यह भारत का पहला होटल और विश्राम स्थल है जो एक बहती जलधारा पर बने पुल पर बना है। यह पहल चार धाम यात्रा मार्ग पर विकसित की जा रही आतिथ्य और सड़क किनारे सुविधाओं की श्रृंखला में पहली है।

संरचनात्मक अखंडता और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, निर्माण शुरू होने से छह महीने पहले, परियोजना का सरकारी लोक निर्माण विभाग और निजी विशेषज्ञों द्वारा कई सर्वेक्षण किए गए। आईआईटी-बीएचयू के विशेषज्ञों की देखरेख में निर्माण से पहले और बाद में संरचनात्मक सुरक्षा की जाँच की गई।

बिग ब्रिज होटल आधुनिक आवास, स्वच्छ भोजन, स्वच्छ शौचालय, स्नान सुविधाएँ, सुविधाजनक स्टोर, पार्किंग स्थल और सुरक्षित विश्राम क्षेत्र प्रदान करता है, जिसे स्थानीय कोटि-बनाल वास्तुकला और विश्व स्तरीय सुविधाओं के मिश्रण से डिज़ाइन किया गया है।

उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए, श्री सतपाल महाराज ने कहा, “यह अग्रणी परियोजना उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत के साथ विश्व स्तरीय सुविधाओं को जोड़ते हुए, चार धाम यात्रा मार्ग पर पर्यटन को नए सिरे से परिभाषित करने के हमारी सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती है।”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुबोध उनियाल ने कहा, “प्राकृतिक सद्भाव को बनाए रखते हुए सतत और सुरक्षित विकास का एक उदाहरण स्थापित करना राज्य के लिए गर्व का क्षण है।”

गुलर को पहला पड़ाव मानते हुए, स्वातोली बरपाला, देवप्रयाग, देवली बागर-नंद प्रयाग और जलग्वार-जोशीमठ में अगले विकास कार्यों की योजना बनाई गई है, जिससे यात्रा मार्ग पर सुरक्षित, टिकाऊ और सांस्कृतिक रूप से जुड़ी सुविधाओं की एक श्रृंखला तैयार होगी।

अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, लगभग 26 बिघा में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर, आधा दर्जन से अधिक अवैध व्यवसायिक एंव आवासीय निर्माण सील

MDDA takes major action against illegal plotting and constructions; bulldozers run on approximately 26 bighas of illegal plotting, seals over half a dozen illegal commercial and residential constructions.
MDDA takes major action against illegal plotting and constructions; bulldozers run on approximately 26 bighas of illegal plotting, seals over half a dozen illegal commercial and residential constructions.

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने खुद संभाला मोर्चा, बोले बिना स्वीकृति भूमि काटने या निर्माण करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने आज राजधानी देहरादून में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम ने शिमला बाईपास, मेहुवाला माफी, हरबजवाला, बुद्धपुर, नया गांव और विकासनगर क्षेत्र में एक साथ अभियान चलाते हुए कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया और कई भवनों को सील किया। कार्रवाई के दौरान लगभग 26 बिघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई, जबकि छह स्थानों पर अवैध व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माणों को सील किया गया। एमडीडीए द्वारा यह कार्रवाई मुख्यमंत्री धामी की उस नीति के तहत की जा रही है जिसमें राजधानी और आसपास के क्षेत्रों को सुनियोजित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने तथा अवैध निर्माणों पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले उपाध्यक्ष बशीधर तिवारी के नेतृत्व में मेहुवाला माफी स्थित श्री राम इन्क्लेव में अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। इस क्षेत्र में कुनाल राठौर व अन्य द्वारा लगभग 10 बिघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलाया और संपूर्ण प्लॉटिंग ध्वस्त कर दी। इसके बाद टीम ने शिमला बाईपास रोड स्थित बालाजी इन्क्लेव में महेश उपाध्याय, सतीश व अन्य द्वारा की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। यहाँ भी लगभग 10 बिघा भूमि पर अनधिकृत प्लॉटिंग को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त कर दिया गया। इसी क्रम में हरबजवाला स्थित सरस्वती इन्क्लेव में जे.पी. यादव व अन्य द्वारा लगभग 6 बिघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी एमडीडीए की टीम ने बुलडोजर चलाकर समाप्त कर दिया।

इन सभी कार्यवाहियों में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा, प्राधिकरण की संयुक्त टीम तथा पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

अवैध प्लॉटिंग के साथ-साथ प्राधिकरण ने विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे अनधिकृत व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की। शिमला बाईपास रोड के बुद्धपुर क्षेत्र में सुमित कौशिक द्वारा किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया। इसी प्रकार नया गांव (गौस गोदाम के समीप) में भागीरथी देवी द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को भी सील किया गया।

तुन्तोवाला रोड पर सतीश सैनी द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं विकासनगर के तेलपुर मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर के पास अमजद द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को भी सील किया गया। इसके अतिरिक्त गंगोत्री विहार, मोनाल इन्क्लेव क्षेत्र में रोहित यादव और दिनेश द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों को भी सील किया गया। सभी स्थानों पर एमडीडीए की प्रवर्तन टीम के साथ पुलिस बल मौजूद रहा और कार्यवाही शांतिपूर्वक संपन्न की गई।

हर क्षेत्र की नियमित मॉनिटरिंग
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कार्रवाई का नेतृत्व स्वयं मौके पर रहकर किया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण देहरादून और आसपास के इलाकों को व्यवस्थित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों पर किसी भी सूरत में रियायत नहीं दी जाएगी। जो भी व्यक्ति बिना स्वीकृति के भूमि काटकर बेचने या निर्माण करने का प्रयास करेगा, उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्मार्ट और सुंदर शहर बनाना हमारी प्राथमिकता
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए ने क्षेत्रवार निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया है। अब हर क्षेत्र की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी नए अवैध निर्माण की सूचना तुरंत मिल सके। उन्होंने कहा कि शहर का सुनियोजित विकास तभी संभव है जब हर व्यक्ति नियमानुसार निर्माण करे। देहरादून को स्मार्ट और सुंदर शहर बनाना हमारी प्राथमिकता है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जनता से भी अपील की कि वे किसी भी परियोजना या कॉलोनी में निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित भूमि या परियोजना प्राधिकरण से स्वीकृत हो। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से आम नागरिक को भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसलिए एमडीडीए की वेबसाइट या कार्यालय से जानकारी लेकर ही किसी प्रोजेक्ट में धन लगाएँ।

अभियान निरंतर जारी रहेगा
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में भी प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत ऐसे सभी स्थानों पर कार्रवाई की जाएगी जहाँ अवैध निर्माण या अनधिकृत प्लॉटिंग की जा रही है। सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि राजधानी देहरादून का स्वरूप अब योजनाबद्ध विकास की दिशा में है। हम जनता के सहयोग से इसे और व्यवस्थित, हरित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उक्त कार्रवाई में मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, प्रवर्तन अधिकारी, औचक निरीक्षण टीम एवं पुलिस बल की विशेष इकाई शामिल रही।

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यूथ रेडक्रास द्वारा डीबीएस के एनएसएस शिविर में आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण #################### बाल भवन, रायपुर रोड में जारी डीबीएस (पी जी) कॉलेज के सात दिवसीय...
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