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डीएम चमोली ने गौचर नगर क्षेत्र की समस्याओं की समीक्षा बैठक की

DM Chamoli held a review meeting to review the problems of Gauchar Nagar area.
DM Chamoli held a review meeting to review the problems of Gauchar Nagar area.

चमोली।  जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार गोपेश्वर में नगर क्षेत्र गौचर की विभिन्न समस्याओं के निराकरण हेतु समीक्षा बैठक आहूत की गई, जिसमें विभिन्न एजेण्डा बिन्दुओं पार्किंग समस्या,  प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उच्चीकरण,रेलवे एवं हवाई पट्टी से लगी भूमि सम्बंधित विषयों, गौचर मुख्य बाजार में साईन बोर्ड के अधूरे कामों एवं खेल मैदान निर्माण आदि बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के उच्चीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है एवं निर्मित बहुमंजिला पार्किग नगर पालिका को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है साथ ही खेल मैदान का आंगणन शासन को भेजा गया है।
जिलाधिकारी ने एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों को निर्देश दिये कि नगर क्षेत्र में आ रही पानी भराव की समस्या का जल्द से जल्द निराकरण करें एवं अन्य सभी प्रकार के कार्यों को मानक के अनुसार समय रहते पूर्ण करें वहीं  जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौचर मुख्य बाजार की दुकानों में साइन बोर्ड के अधूरे कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करा लिया जाए, एवं अन्य सभी रेखीय विभागों को निर्देश दिये कि नगर में प्रस्तावित सभी सुधारीकरण एवं विकास कार्यों को मानक के अनुरूप समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण करा लिये जाए।
इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी अभिषेक गुप्ता, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता अभिषेक सिंह एवं अन्य संबन्धित अधिकारी ऑनलाईन वीसी के माध्यम से जुड़े रहे।

कुत्ते के काटने से क्षतिग्रस्त नाक का सफल पुनर्निर्माण

Successful reconstruction of a dog bite-damaged nose
Successful reconstruction of a dog bite-damaged nose

– 23 वर्षीय साजन सिंह को मिली नई जिंदगी
चमोली।  जिला अस्पताल गोपेश्वर-चमोली में थैंग  (ब्लॉक जोशीमठ, जिला चमोली) निवासी 23 वर्षीय साजन सिंह पुत्र भरत सिंह की नाक का कुत्ते के काटने से हुए गंभीर घाव का सफल नाक पुनर्निर्माण सर्जरी (नेजल रिकंस्ट्रक्शन) किया गया। साजन सिंह को एक दिन पहले कुत्ते ने नाक पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिससे नाक की हड्डी व ऊतक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। समय पर इलाज न मिलने की स्थिति में स्थायी विकृति का खतरा था। सर्जरी का संचालन ईएनटी सर्जन डॉ. दिग्विजय बंडगर ने किया, जबकि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नेहा ने मरीज को सुरक्षित बेहोशी प्रदान की। स्टाफ नर्स वंदना तथा अन्य ओटी स्टाफ ने पूरी प्रक्रिया में कुशल सहायता दी। यह जटिल ऑपरेशन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग धानिक के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।डॉ. दिग्विजय ने बताया, “साजन की हालत गंभीर थी, लेकिन हमारी टीम ने समन्वय से काम करते हुए सर्जरी को सफल बनाया। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और जल्द ही डिस्चार्ज होगा।”
स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा टीम की सराहना की है। यह मामला कुत्ते के काटने की बढ़ती घटनाओं और त्वरित चिकित्सकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता को फिर से उजागर करता है।

शहीदों के नाम पर नामकरण जनपदवासियों की भावनाओं से जुड़ा हुआ विषय : डीएम

Naming after martyrs is a matter related to the sentiments of the people of the district DM
Naming after martyrs is a matter related to the sentiments of the people of the district DM

चमोली।  जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को जनपद के विभिन्न सरकारी संस्थानों, स्कूलों और सड़कों  का नामकरण अमर शहीदों के नाम पर किए जाने को लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि शहीदों के नाम पर नामकरण जनपदवासियों की भावनाओं से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित स्कूलों, सड़कों और सरकारी संस्थानों का नामकरण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए।
जिलाधिकारी ने गोपेश्वर–मंडल मोटर मार्ग को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व.श्री मेहरबान सिंह रावत के नाम पर तथा राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्री आलम सिंह फरस्वाण के नाम पर किए जाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।इसके साथ ही उन्होंने संबंधित एसडीएम को स्थानीय जनभावनाओं के अनुरूप नामकरण से संबंधित विषयों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विकासखंड देवाल के अंतर्गत ल्वाणी–सुया मोटर मार्ग को स्व. श्री खीम सिंह के नाम पर तथा कर्णप्रयाग के नैनीसैण–कालूसैण–आमसौड़ मार्ग को स्व. श्री तुलाराम थपलियाल के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव की समीक्षा की। इस दौरान कार्यदायी संस्था के सक्षम अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने अलग से बैठक बुलाकर निर्णय लेकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश  दिए।उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणा से संबंधित कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री विनोद कनवासी, विधायक प्रतिनिधि अरविंद नेगी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ, सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी कलाम सिंह, एई पीडब्ल्यूडी उमेश धारिया सहित सभी उपजिलाधिकारी एवं पीडब्ल्यूडी अधिकारी व कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

उत्तराखंड बना खेल और पर्यावरण संरक्षण का अग्रदूत : मुख्यमंत्री

Uttarakhand becomes a pioneer in sports and environmental protection Chief Minister
Uttarakhand becomes a pioneer in sports and environmental protection Chief Minister

–  “वन खेलकूद प्रतियोगिता में 42 टीमों के 3390 खिलाड़ी, 700 महिला प्रतिभागी: मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं”
–  “खेल वन और ग्रीन गेम्स से उत्तराखंड बना खेल और हरित चेतना का प्रतीक”
–   “प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को दिया नया आयाम-मुख्यमंत्री का भावुक आह्वान”
–  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 में संबोधन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर(देहरादून) में आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।  इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल एवं श्रीमती कल्पना सैनी, तथा विधायकउमेश शर्मा ‘काउ’, खजान दास, सविता कपूर, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड  सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
देवभूमि में खिलाड़ियों और वन अधिकारियों का स्वागत:   मुख्यमंत्री ने मंच से देश के विभिन्न राज्यों से पधारे वन अधिकारियों, खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि 28वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता की मेजबानी का सौभाग्य उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया तथा वन विभाग और आयोजकों को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।
3390 खिलाड़ी, 42 टीमें, 700 से अधिक महिला प्रतिभागी:   मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष प्रतियोगिता में देशभर के 42 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 3390 खिलाड़ी, जिनमें 700 से अधिक महिला खिलाड़ी, भाग ले रही हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “खेल केवल शारीरिक तंदुरुस्ती का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का भी आधार हैं।”
खेल संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के दोहरे संकल्प पर जोर:  मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल व्यक्ति में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों का फिट रहना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि वही वन और पर्यावरण की रक्षा के असली प्रहरी हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन संपदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी सतत प्रयासरत है।
स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान और खिलाड़ियों को सम्मान:  मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां, एक राज्य खेल विश्वविद्यालय, और महिलाओं के लिए महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को हमारी सरकार ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति दे रही है और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की बेटी स्नेहा राणा को 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की गई है।
ग्रीन गेम्स और खेल वन की सराहना:  मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में संपन्न 38वें राष्ट्रीय खेलों को उत्तराखंड ने ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित किया, जहाँ सभी सामग्री ई-वेस्ट और रिसाइकल्ड मटेरियल से तैयार की गई। उन्होंने बताया कि 2.77 हेक्टेयर भूमि पर ‘खेल वन’ विकसित किया गया है, जहाँ पदक विजेताओं के नाम पर 1600 से अधिक रुद्राक्ष वृक्ष लगाए गए हैं। “यह स्थल खेल उत्कृष्टता के साथ हरित चेतना का प्रतीक बनेगा।”
वन्यजीव संरक्षण में आधुनिक तकनीक का प्रयोग:  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लगभग 71 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो इसे देश का ‘ऑक्सीजन बैंक’ और ‘वाटर टॉवर’ बनाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र हैं- जो पूरे देश के औसत से कहीं अधिक है। उन्होंने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने जीपीएस ट्रैकिंग, ड्रोन सर्विलांस, डॉग स्क्वॉड जैसी आधुनिक तकनीकें लागू की हैं।
साथ ही, मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजा राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना और इको-टूरिज्म:  मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना” के तहत युवाओं को नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ट्रेकिंग गाइड और इको-टूरिज्म उद्यमी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही, “कैन्टर राइड” जैसी पहलों से स्थानीय समुदायों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन से जोड़कर उनकी आजीविका सशक्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट में ‘वन्यजीवों का एम्स’ कहे जाने योग्य आधुनिक रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से से हल्द्वानी जू सफारी परियोजना और उत्तरकाशी में प्रस्तावित स्नो लेपर्ड कंज़र्वेशन सेंटर की स्वीकृति हेतु सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा  “ये दोनों परियोजनाएं राज्य के पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों से आग्रह किया कि  “यदि आप इस स्टेडियम परिसर में अपनी माता जी के नाम एक पौधा लगाएंगे, तो यह माँ के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक होगा और इस आयोजन को यादगार बनाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि देशभर से आए वन अधिकारी और खिलाड़ी अपनी अनुशासन, परिश्रम और खेल भावना से न केवल खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे, बल्कि वन संपदा के संरक्षण और हरित उत्तराखंड निर्माण के संकल्प को भी साकार करेंगे। “आप सभी अपने परिश्रम से न केवल राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित, स्वस्थ और सशक्त उत्तराखंड का निर्माण कर रहे हैं।”

ईडीआईआई ने ‘उद्यमिता पखवाड़ा’ के माध्यम से उद्यमिता के लिए राष्ट्र स्तर पर अभियान की शुरुआत की

EDII launches nationwide campaign for entrepreneurship through ‘Entrepreneurship Fortnight’
EDII launches nationwide campaign for entrepreneurship through ‘Entrepreneurship Fortnight’

देहरादून- 12 नवम्बर 2025 – भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान  (ईडीआईआई), अहमदाबाद, जो कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ‘सेन्टर ऑफ एक्सिलेंस’ है, अपनी पहल ‘उद्यमिता पखवाड़ा 2025’ के शुभारंभ की घोषणा की है। यह उद्यमिता और इनोवेशन का एक देशव्यापी उत्सव है, जिसका उद्देश्य उद्यमशील सोच को प्रोत्साहित करना और स्थानीय नवाचार पारिस्थितिक तंत्र को सुदृढ़ करना है। यह पहल, राज्य सरकारों के शिक्षा विभागों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के सहयोग से लागू की जा रही है और विश्व के तीसरे सबसे बड़े उद्यमशील इकोसिस्टम में विविध वर्गों के बीच नवाचार, रोज़गार सृजन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर केन्द्रित है।

उद्यमिता पखवाड़ा का उद्घाटन 09 नवम्बर 2025 को लेह, लद्दाख में लद्दाख के माननीय उपराज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता द्वारा किया गया। यह उद्घाटन कार्यक्रम राष्ट्रीय उद्यमिता दिवस के अवसर के साथ आयोजित हुआ, जिसमें एंटरप्राइजिंग लद्दाख रिपोर्ट तथा उद्यमों की केटलोग का विमोचन किया गया, साथ ही कार्यक्रम के तहत स्थापित 80 से अधिक स्थानीय उद्यमों को प्रदर्शित करने वाली प्रोड्क्ट वॉल एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया। एंटरप्राइजिंग लद्दाख थीम के अंतर्गत अब तक 1,500 से अधिक लद्दाखी विद्यार्थियों को उद्यम विकास, एमएसएमई सेटअप, बैंकिंग एवं मार्केटिंग के विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

लद्दाख में सफल शुभारंभ के बाद, 09 नवम्बर 2025 से 21 नवम्बर 2025 के बीच भारत के अनेक राज्यों में समान क्षेत्र-केन्द्रित कार्यक्रम समानांतर रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों और नवोदित उद्यमियों को व्यवसाय स्थापना एवं नवाचार का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके। कार्यक्रम गुजरात, नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, असम, कर्नाटक, ओडिशा, मेघालय, छत्तीसगढ़ और मणिपुर सहित कई अन्य क्षेत्रों में जारी रहेगा, जहाँ प्रत्येक गतिविधि स्थानीय उद्यमशील सामर्थ्य और अवसरों को प्रतिबिंबित करने वाली एक विशिष्ट थीम पर केन्द्रित होगी। इस पहल के अंतर्गत सहभागी क्षेत्रों में कार्यशालाएँ, प्रदर्शनियाँ, संवाद सत्र, प्रतियोगिताएँ एवं मेंटरशिप सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिन्हें स्थानीय आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार किया गया है, जबकि सभी एक साझा दृष्टि से जुड़े हुए हैं।

उद्यमिता पखवाड़ा के शुभारंभ पर ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा: “आज उद्यमिता भारत की प्रगति का केंद्र बिन्दु बन चुका है। पूरे देश में अपार अविकसित/अप्रयुक्त प्रतिभा, विचार और संकल्प मौजूद हैं, जिन्हें दिशा दिए जाने की प्रतीक्षा है। उद्यमिता पखवाड़ा के माध्यम से हमारा प्रयास इस जज़्बे को प्रज्ज्वलित करने का है, ताकि समाज के हर वर्ग के लोग अपनी आकांक्षाओं को ऐसे उद्यमों में रूपांतरित कर सकें, जो समावेशी और सतत विकास को आगे बढ़ाएँ।”

बीडीओ मुन्नी शाह ने चार्ज लेते ही पूरे सहसपुर ब्लॉक कार्यलाय का किया कायापलट

BDO Munni Shah transformed the entire Sahaspur block office as soon as she took charge.
BDO Munni Shah transformed the entire Sahaspur block office as soon as she took charge.

श्रीमती मुन्नी शाह ने 4 सितंबर 2025 को बीडीओ सहसपुर ब्लॉक का संभाला पदभार। पदभार संभालते ही अपने ब्लॉक को किया सुसज्जित। पूर्व में विकास नगर ब्लॉक में रहीं कार्यरत वहां भी इनकी कार्यशैली को लेकर लोगों द्वारा सराहना की गई। आशा करते हैं कि आने वाले समय में भी क्षेत्र के लोगों द्वारा इनकी कार्यशैली को लेकर सराहना की जाएगी।

पारदर्शिता को सशक्त बनाने के बैंक की डिजिटल पहलों का अनावरण करने हेतु केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने पीएनबी का दौरा किया

Central Vigilance Commissioner visits PNB to unveil the Bank's digital initiatives to strengthen transparency
Central Vigilance Commissioner visits PNB to unveil the Bank's digital initiatives to strengthen transparency

देहरादून -11 नवंबर 2025: देश के सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के दौरे के साथ बढ़ी हुई सतर्कता और पारदर्शिता की दिशा में, अपनी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

इस कार्यक्रम के तहत, “पीएनबी की विजिलेंस मैनुअल 2025” का 5वाँ संस्करण और त्रैमासिक पत्रिका “पीएनबी विजिल” का सितंबर 2025 के अंक का अनावरण  किया गया। इस अवसर पर एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र, कार्यपालक निदेशक (ईडी) श्री बिभु प्रसाद महापात्र, सीवीओ श्री राघवेंद्र कुमार, और बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।इसके अतिरिक्त, बैंक ने कई प्रमुख पहलों का शुभारंभ किया, जिनमें कर्मचारी जवाबदेही पोर्टल का संपूर्ण डिजिटलीकरण, आचरण जोखिम ढाँचा (कर्मचारियों के लिए) और पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) के लिए डिजिटल समाधान शामिल हैं। ये पहल पीएनबी की अपने परिचालन में दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं।

इस कार्यक्रम में सतर्कता योद्धाओं को भी सम्मानित किया गया, यह उन कर्मचारियों के अनुकरणीय प्रयासों को मान्यता देने के लिए किया गया जिन्होंने बैंक के नैतिक मूल्यों को बनाए रखने में असाधारण समर्पण का प्रदर्शन किया है।

श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने कहा: “हमारे समाज का कल्याण , हमारी अर्थव्यवस्था का विकास और आजीविका का सृजन पंजाब नैशनल बैंक जैसे बैंकों द्वारा प्रदान किए गए समर्थन और वित्तपोषण से गहराई से जुड़े हुए हैं। हमारा लक्ष्य सतर्कता की ऐसी संस्कृति का निर्माण करना है जहाँ कार्य दंड के भय से नहीं, बल्कि सही काम करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित हों। यह संस्कृति व्यक्ति, संगठन और समाज को बड़े पैमाने पर लाभान्वित करती है, जिससे बैंक, अर्थव्यवस्था और अंततः राष्ट्र के विकास में योगदान मिलता है, क्योंकि हम 2047 तक ‘विकसित भारत’ की दिशा में काम कर रहे हैं।”

श्री अशोक चंद्र, एमडी एवं सीईओ, पीएनबी, ने कहा: “जैसे-जैसे भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अपना मार्ग प्रशस्त कर रहा है l हम पर, सबसे बड़े बैंकों में से एक के रूप में, जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। हम सत्यनिष्ठा, नैतिकता, और पारदर्शिता पर आधारित गुणात्मक, सतत, और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सतर्कता, विशेष रूप से निवारक सतर्कता ( प्रिवेंटिव विजिलेंस ) , यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि प्रगति सुदृढ़ शासन और जवाबदेही के साथ जुड़ी रहे। इन मूल्यों से प्रेरित होकर, पीएनबी विश्वास और नैतिक उत्कृष्टता के माध्यम से भारत की विकास यात्रा का समर्थन करने के लिए समर्पित है।”

श्री राघवेंद्र कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), पीएनबी, ने कहा: “इन डिजिटल पहलों का शुभारंभ पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी की संस्कृति के निर्माण के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपने सतर्कता ढाँचे के साथ प्रौद्योगिकी को एकीकृत करके, हम न केवल परिचालन दक्षता को बढ़ा रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि विश्वसनीयता बैंक के भीतर हर प्रक्रिया की आधारशिला बनी रहे।”

पीएनबी द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का अनुपालन सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और नैतिक शासन के प्रति उसकी गहन प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 27 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक कर्मचारियों और बहुतायत में ग्राहकों ने भाग लिया। बैंक ने डिजिटल और मूलभूत पहलों के माध्यम से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की। 11,000 एटीएम (ATMs), मोबाइल ऐप्स और व्हाट्सएप बैंकिंग पर सतर्कता संदेशों को प्रदर्शित करने से लेकर 8,000 से अधिक ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान आयोजित करने तक, पीएनबी ने सत्यनिष्ठा के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाया।

विभिन्न प्रतियोगिताओं, वॉकथॉन और साइक्लोथॉन में कर्मचारियों की जबरदस्त भागीदारी, साथ ही रक्तदान शिविरों के दौरान 4,300 यूनिट रक्त का संग्रह, सतर्कता और सेवा की भावना को दर्शाता है। सतर्कता संबंधी सभी शिकायतों में शून्य लंबित मामले, व्यापक क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों और उत्तरदायी परिसंपत्ति प्रबंधन में बैंक की उपलब्धि, निवारक सतर्कता और संस्थागत जवाबदेही पर इसके ध्यान को और उजागर करती है। ये निरंतर प्रयास एक जिम्मेदार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में पीएनबी की भूमिका की पुष्टि करता हैं, जो सत्यनिष्ठा की संस्कृति के निर्माण और विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा में योगदान देने के लिए समर्पित है।

एनएसडीएल ने विदेशी निवेशकों के लिए बाज़ार में प्रवेश को आसान बनाने के लिए नया एफपीआई-एफवीसीआई पोर्टल लॉन्च किया

NSDL launches new FPI-FVCI portal to ease market entry for foreign investors
NSDL launches new FPI-FVCI portal to ease market entry for foreign investors

देहरादून – 11 नवंबर, 2025: नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड ने आज अपने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक  पोर्टल को सफलतापूर्वक नया रूप देने और विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक पोर्टल के लॉन्च की घोषणा की है। यह सभी सेवाओं को एक जगह उपलब्ध कराने वाला डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, जिसे विदेशी निवेशकों के लिए भारत के सिक्योरिटी बाज़ारों में रजिस्ट्रेशन और नियमों के पालन को आसान, तेज़ और बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

एनएसडीएल के 9वें नामित डिपॉजिटरी प्रतिभागी (DDP) सम्मेलन के दौरान, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की कार्यकारी निदेशक, डॉ. रुचि चोजेर ने 7 नवंबर, 2025 को अपग्रेड किए गए पोर्टल को लॉन्च किया। इस अवसर पर SEBI की मुख्य महाप्रबंधक, सुश्री अपर्णा त्यागराजन; सेबी के मुख्य महाप्रबंधक, श्री राजेश आनंद गुज्जर; एनएसडीएल के एमडी एवं सीईओ, श्री विजय चंडोक; एनएसडीएल के मुख्य व्यवसाय अधिकारी, श्री समीर पाटिल और कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा DDP कम्युनिटी के गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।

विदेशी निवेशकों के लिए सभी सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध होंगी: बिल्कुल नए स्वरूप में पेश किया गया यह प्लेटफ़ॉर्म FPI और FVCI के रजिस्ट्रेशन और कामकाज को एक ही इंटरफ़ेस पर लाता है, जिससे बार-बार लॉगिन करने और मैन्युअल प्रक्रियाओं की ज़रूरत नहीं रहती है।

· विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) ऐसी विदेशी कंपनियाँ हैं, जो SEBI के पास रजिस्टर्ड हैं और भारत की इक्विटी, बॉन्ड्स तथा म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगाती हैं, जिससे पूंजी बनाने और बाज़ार में पैसे का प्रवाह बनाए रखने में मदद मिलती है।

· विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक (FVCI) ऐसी विदेशी कंपनियाँ हैं, जो वेंचर कैपिटल फंड्स या गैर-सूचीबद्ध भारतीय स्टार्टअप में पैसा लगाती हैं, जिससे इनोवेशन के साथ-साथ नए उद्यम शुरू करने के जज्बे को बढ़ावा मिलता है।

मुख्य विशेषताएँ और सुधार

· रजिस्ट्रेशन में आसानी: हर कदम पर स्पष्ट निर्देश, वेरीफिकेशन और मददगार सुझाव इस पूरी प्रक्रिया को आसान और व्यवस्थित बनाते हैं।

· पता लगाने की सुविधा: आवेदन पर नज़र रखने और ऑडिट ट्रेल्स से पूरी पारदर्शिता बनी रहती है।

· सभी सुविधाएँ एक जगह उपलब्ध कराने वाला प्लेटफ़ॉर्म: FPI और FVCI रजिस्ट्रेशन के लिए एक ही इंटरफ़ेस होने से दोहराव कम होता है और ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया तेज़ होती है।

· PAN अनुरोध प्रक्रिया का स्वचालन: API को Protean और एपीआई सेतु के साथ जोड़ने से काम पूरा होने का समय घटकर 1 से 2 दिन रह जाता है।

· टेक्नोलॉजी पर आधारित डिज़ाइन: इसे एंगुलर, डॉटनेट कोर और SQL सर्वर पर बनाया गया है, ताकि इसका दायरा बढ़ाया जा सके और यह 3 से 5 सेकंड में लोड हो जाए।

इस कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए, SEBI की कार्यकारी निदेशक, डॉ. रुचि चोजेर ने कहा, “ये नया प्लेटफॉर्म इस बात को दर्शाता है कि, भारतीय बाज़ार के लिए SEBI का विजन बेहद सरल एवं निवेशकों के लिए अनुकूल है — एक ऐसा सिस्टम जो कारगर, पारदर्शी और अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर आधारित हो।”

एनएसडीएल के एमडी एवं सीईओ, श्री विजय चंडोक ने कहा, “नए सिरे से तैयार किए गए FPI और FVCI पोर्टलों के लॉन्च में हमारी प्रगति की झलक दिखाई देती है। बात सिर्फ़ पोर्टल को अपग्रेड करने की नहीं है; बल्कि यह दर्शाता है कि एनएसडीएल अपने सभी भागीदारों को विश्व-स्तरीय डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के ज़रिये सक्षम बनाने के संकल्प पर कायम है।”

तीन दिवसयीय छठा देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव-2025 

12 से 14 नवंबर यूकॉस्ट में आयोजित होगा
देहरादून। आज उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं सोसायटी फॉर रिसर्च एंड डेवलेपमेंट इन साइंस टेक्नॉलोजी एंड एग्रीकल्चर (सरादस्ता) ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में तीन दिवसीय छठे देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव-2025 (डीआईएसटीएफ-2025) के विषय में जानकारी दी।
प्रेस कांफें्रस को संबोधित करते हुए यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक एवं डीआईएसटीएफ-2025 के समन्वयक डॉ. डी.पी. उनियाल ने बताया कि 03 दिन तक चलने वाला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का यह महोत्सव उत्तर भारत का सबसे बड़ा महोत्सव है। इस वर्ष इस महोत्सव का आयोजन उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) परिसर में 12 से 14 नवंबर,  2025 तक किया जाएगा। डॉ. उनियाल ने कहा कि देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव अपने आप में एक तरह का अनूठा महोत्सव है। जिसकी शुरूआत 2020 में यूकोस्ट के संरक्षण और मार्गदर्शन में हुई थी। 03 दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में 25 से भी अधिक इवेंट्स का आयोजन किया जाएगा, जिसके आयोजन का अनुभव अपने आपमें अनूठा है। इन आयोजन में से 10 आयोजन स्कूली छात्रों के लिए तैयार किए गये हैं। जिनमें साइंस क्विज, मैजिक ऑफ मैथ एंड मैथ क्विज, साइंस पोस्टर कॉम्पीटिशन, मीट द साइंटिस्ट, एयरोमॉडलिंग वर्कशॉप, इलैक्ट्रानिक सर्किट डेवलेपमेंट वर्कशॉप,, वर्कशॉप ऑन रोबोटिक्स, मॉडल रॉकेटरी, अनमैन एयरो व्हीकल (ड्रोन) तथा यंग साइंटिस्ट एंड स्टार्टअप कॉन्क्लेव आदि इवेंट्स शामिल है। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी कॉन्क्लेव, बायोटेक्नॉलोजी कॉन्क्लेव, मेडिकल टेक्नॉलोजी कान्क्लेव, रूरल एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्टार्टअप कान्क्लेव, कांफ्रेंस ऑन साइंस, टेक्नॉलोजी एंड एग्रीकल्चर, साइबर सिक्योरिटी काँॅफ्रेंस तथा बौद्धिक संपदा अधिकार वर्कशॉप के अलावा छात्रों के लिए इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित एक विशाल प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े सभी सरकारी, गैर सरकारी संस्थानों, स्टार्टअप्स, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी में कार्य कर रही कंपनियों अपनी गतिविधियों का प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शनी में एक पुस्तक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें साइंस, इंजीनियरिंग, टेक्नॉलोजी, कृषि, मेडिकल आदि विषयों के प्रकाशक भाग लेंगे। प्रदर्शनी में ही एक फूड फेस्टिवल का भी आयोजन किया जाएगा। समापन दिवस के अवसर पर टीचर ऑफ द ईयर का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इस राज्य के प्रतिष्ठित अवॉर्ड वाइस चांसलर ऑफ द ईयर, एक्सीलेंस इन रिसर्च, प्रिन्सिपल ऑफ द ईयर तथा टीचर ऑफ द ईयर अवार्ड प्रदान किए जाऐंगे।
इस अवसर पर यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डॉ. डी.पी. उनियाल ने कहा कि यह हर्ष और गौरव का विषय है देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव (डीआईएसटीएफ) यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत के मार्गदर्शन में लगातार एक वृहद रूप लेता जा रहा है। डीआईएसटीएफ आयोजन समिति विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इस महोत्सव को सफल बनाने तथा देहरादून जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विविध आयामों तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में हो रहे शोध एवं विकास से रूबरू कराने के लिए एकजुटता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत के निर्देश से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव के दौरान तीन दिन तक आंचलिक विज्ञान केंद्र सभी के लिए निःशुल्क खुला रहेगा।
डॉ. डी.पी. उनियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 12 नवंबर को इस महोत्सव का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के आर्शीवाद वचनों से होगा। माननीय वन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित विशाल प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे तथा उत्तराखंड के विकास में योगदान देने वाले प्रमुख केंद्रीय संस्थानों के प्रमुखों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित करेंगे। 13 नवंबर को ग्रीन एनर्जी कॉन्क्लेव को प्रदेश के प्रमुख सचिव (ऊर्जा, आवास एवं नियोजन) डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम्, आईएएस संबोधित करेंगे तथा साइबर सुरक्षा विषय पर आयोजित कार्यक्रम को प्रदेश के अपर महानिदेशक (सुरक्षा, अभिसूचना एवं जेल) श्री अभिनव कुमार, आईपीएस संबोधित करेंगे। 14 नवंबर को प्रदेश के सचिव (चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) डॉ. आर राजेश कुमार, आईएएस आधुनिक प्रौद्योगिकी पर आधारित मेडिटेक-कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे तथा इसी दिन समापन सत्र में प्रदेश के सेतु आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शत्रुघ्न सिंह, पूर्व आईएएस इस वर्ष के बहुप्रतीक्षित ‘टीचर ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड्स का वितरण करेंगे।
छठे देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव-2025 (डीआईएसटीएफ-2025) के समन्वयक एवं वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कैंपस गोपेश्वर के निदेशक प्रो. (डा.) अमित अग्रवाल ने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का लोकप्रियकरण है। इस तरह के आयोजन के माध्यम में नई पीढ़ी में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना प्रमुख उद्देश्य है। पिछले पांच वर्षों में यह प्रयोग बहुत ही सफल रहा। इस वर्ष 300 से अधिक शिक्षण संस्थानों को इस फेस्टिवल के साथ सीधा जोड़ा जाएगा। इस वर्ष 20 हजार से अधिक छात्र एवं विज्ञान प्रेमी इस महोत्सव में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ग्रीन एनर्जी कॉन्क्लेव और बॉयोटेक्नॉलोजी कॉन्क्लेव के अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण मेडिकल टेक्नॉलोजी कॉन्क्लेव का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देहरादून विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव स्कूली छात्रों, शैक्षणिक संस्थाओं, शोध संस्थाओं तथा अन्य सरकारी विभाग के लिए एक मंच है जहां हम अपनी गतिविधियों और उपलब्धियों को प्रदर्शित कर सकते हैं। इसके साथ ही यह मंच पारस्परिक ज्ञान के आदान-प्रदान का उत्कृष्ट मंच है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों के अध्यापकों और छात्रों को इस तीन दिवसीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव का लाभ लेना चाहिए। इस महोत्सव की हर इवेंट अपने आपमें अनूठी है।
आयोजन सचिव डॉ. कुंवर राज अस्थाना ने बताया कि बताया कि कि देहरादून विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव का आयोजन प्रतिवर्ष यूकोस्ट की फ्लैगशिप में अयोजित किया जा है। इस वर्ष प्रमुख रूप से ओएनजीसी, पैट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय (यूपीईएस) भारत सरकार के बॉयोटेक्नोलोजी विभाग, यूजीवीएनएल, यूपीसीएल, उरेडा, टीएचडीसी, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, उत्तराखंड बॉयोटेक्नॉलोजी काउंसिल, सगंध पौधा केंद्र, जैविक उत्पाद परिषद, आईटीडीए, र्स्टाटअप काउंसिल, रनवे इंक्यूबेटर सैंटर, सिडकुल, तकनीकी शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, भारतीय चिकित्सा परिषद, स्पेस एप्लीकेशन सैंटर तथा एसटीपीआई, के संयुक्त सहभागिता से यह आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में नॉलेज पार्टनर के रूप में आयुर्वेद विश्वविद्यालय, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय, डीआईटी विश्वविद्यालय, मायादेवी विश्वविद्यालय, क्वांटम विश्वविद्यालय, जेबी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है। डॉ. अस्थाना ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार के 80 से अधिक विभिन्न संस्थान तथा स्टार्टअप्स भाग लेेंगे। साइंस पोस्टर एवं साइंस क्विज में विजेता छात्रों को ऑन द स्पॉट आकर्षक पुरूस्कार प्रदान किए जाएंगे।

“जी. डी. गोएंका पब्लिक स्कूल, देहरादून में भव्यता से मनाया गया तृतीय स्थापना दिवस”

G.D. Goenka Public School, Dehradun celebrated its 3rd Foundation Day with great pomp
G.D. Goenka Public School, Dehradun celebrated its 3rd Foundation Day with great pomp

“माँ- उत्कृष्टता, सृजनशीलता और परंपरा का संगम”

देहरादून, 9 नवम्बर 2025
जी. डी. गोयंका पब्लिक स्कूल, देहरादून में 9/नवंबर/2025 को विद्यालय का तृतीय संस्थापक दिवस बड़े उत्साह, हर्ष और गरिमा के साथ मनाया गया। समारोह में विद्यालय प्रबंधन, गणमान्य अतिथि, शिक्षकगण, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
दिन की शुरुआत एक बहु-विषयक प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुई, जहाँ युवा नवप्रवर्तकों ने अपने रचनात्मक और विचारोत्तेजक मॉडलों से आगंतुकों को प्रभावित किया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन विद्यालय के चेयरमैन श्री राकेश नौटियाल और प्रधानाचार्य श्री अनंत वी.डी. थपलियाल द्वारा किया गया।
विशेष समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि ‘श्रीमान मनोज कुमार ढाका’ निदेशक डीईएएल के स्वागत एवं पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के छात्र प्रमुख (हेड बॉय) द्वारा मुख्य अतिथि के सम्मान में गर्मजोशी स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया, जिसने कार्यक्रम की शुरुआत को ऊर्जावान बना दिया।
कार्यक्रम की गरिमा को बरकरार रखते हुए विद्यालय के चेयरमैन और प्रधानाचार्य महोदय ने अपने प्रेरणादायी संबोधनों में विद्यालय की उपलब्धियों, मूल्यों और भावी लक्ष्यों पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमान मनोज कुमार ढाका, स्कूल डायरेक्टर श्रीमान के.एन.नौटियाल, चेयरमैन श्री राकेश नौटियाल और प्राचार्य श्री अनंत वी.डी. थपलियाल जी द्वारा उत्कृष्टता प्रमाण पत्रों से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में विद्यालय की वार्षिक पत्रिका “एनकैंटो” (त्रिवेणी) का लोकार्पण किया गया।
संगीत और नृत्य प्रदर्शन “रिदमिक रेवेरी” सहित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के मनोरम मिश्रण ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
तत्पश्चात मुख्य अतिथि ने अपने प्रेरक संबोधन की शुरुआत “सम्मान करें ,सहयोग करें और नयापन लाएँ।” वचनों के साथ करते हुए कहा कि छात्र ‘हमेशा अपने माता-पिता के साथ हर बात साझा करें।क्योंकि आप पर बहुत दबाव हैं, ऑनलाइन और ऑफलाइन, इतने सारे दुश्मन हैं जो आपको नुकसान पहुँचा सकते हैं।आपके माता-पिता हमेशा आपकी रक्षा करेंगे और आपका मार्गदर्शन करेंगे।” उनके वक्तव्य ने विद्यार्थियों को अनुशासन, समर्पण, सहयोग और उत्कृष्टता के मार्ग पर अग्रसर रहने की प्रेरणा दी।’
हेड गर्ल, सीसीए कैप्टन और स्पोर्ट्स कैप्टन ने विद्यालय की शैक्षणिक, सह-पाठ्यचर्या और खेल उपलब्धियों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

प्राथमिक वर्ग के नन्हे-मुन्ने बच्चों की प्रस्तुति ने सभी दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भावनात्मक नाट्य मंचन “माँ” – ए टाइमलेस जर्नी”, रहा जिसने मातृत्व की निःस्वार्थ और अमर भावना को हृदयस्पर्शी रूप में प्रस्तुत किया। भावनात्मक गहराई और मातृत्व की शाश्वत भावना को खूबसूरती से दर्शाने पर सभी दर्शकों ने खड़े होकर तालियाँ बजाईं।
समारोह का समापन ग्रैंड फिनाले और वाइस हेड गर्ल द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। अंत में सभी ने राष्ट्रीय गान गाकर देशभक्ति की भावना के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
इस प्रकार यह भव्य आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सृजनशीलता और विद्यालय के प्रति गर्व की भावना को प्रबल करने में सफल रहा। और विद्यालय का वार्षिकोत्सव पूरी शालीनता, अनुशासन एवं सफलता के साथ सम्पन्न हुआ। छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा। इस उत्सव ने विद्यालय की एकजुटता, रचनात्मकता और उत्कृष्टता की मिशाल प्रस्तुत की।

After achieving success in Punjabi entertainment and television, Isha Sharma is set to make her debut in the South Indian film industry.

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