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सूबे में सामूहिक खेती से आबाद हो रहे बंजर खेत

Barren fields are being populated through collective farming in the state.
Barren fields are being populated through collective farming in the state.

माधो सिंह भण्डारी सामूहिक खेती योजना बनी वरदान

2400 किसानों के जरिये 1235 एकड़ पर हो रही खेती

देहरादून, 27 नवम्बर 2025| सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित माधो सिंह भण्डारी सहकारी सामूहिक खेती योजना बंजर खेतों के लिये वरदान साबित हो रही है। इस योजना से बंजर हो चुके खेत न सिर्फ सरसब्ज हो रहे हैं बल्कि किसानों की आजीविका को भी सुदृढ़ कर रही है। वर्तमान में इस योजना के तहत 1235 एकड़ भूमि पर सामूहिक खेती की जा रही है, और प्रदेशभर के 24 सहकारी समितियां से जुड़े लगभग 2400 किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

राज्य सरकार ने प्रदेश में सामूहिक सहकारी खेती का सशक्त मॉडल तैयार कर पलायन से बंजर पड़े खेतों को सरसब्ज किया है। सरकार ने माधो सिंह भण्डारी सहकारी समूहिक खेती योजना के तहत प्रत्येक ब्लॉक में बंजर खेतों की पहचान कर 4750 एकड़ अनुपयुक्त भूमि को आबाद करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके तहत 70 क्लस्टरों का चयन किया गया, जिसमें से 24 क्लस्टरों में चयनित सहकारी समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सामूहिक खेती की जा रही है। जिसमें नैनीताल व पौड़ी जनपद में 4-4, अल्मोड़ा, रूदप्रयाग, हरिद्वार चमोली व देहरादून में 1-1 तथा चम्पावत जनपद में 2 सहकारी समितियां के माध्यम सें सामूहिक खेती की जा रही है। इन कलस्टरों में मिलेट्स, बेमौसमी सब्जियां, दालें, फल, औषधीय और सुगंधित पौधों की फसल, चारा फलस के साथ ही व्यावसायिक खेती की जा रही है। इसके अतिरिक्त इस योजना के तहत कृषि पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इन समितियों के माध्यम से वर्तमान में 1235 एकड़ भूमि पर सामूहिक खेती की जा रही है, जिससे लगभग 2400 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। माधो सिंह भण्डारी सहकारी समूहिक खेती योजना से न सिर्फ प्रदेश कीं अनुपयोगी भूमि पुनः उपजाऊ हो रही है, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्धि कर रही है। इसके अलावा यह योजना लोगों को रिवर्स माइग्रेशन के लिये भी प्रोत्साहित कर रही है। सहकारिता विभाग का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में सामूहिक खेती के इस मॉडल को और अधिक विस्तार दिया जायेगा। जिससे पलायन प्रभावित क्षेत्रों में कृषि आधारित रोजगार को बढ़ावा मिल सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सके।

बयान-
माधो सिंह भण्डारी सहकारी समूहिक खेती योजना प्रदेश के ग्रामीण विकास व कृषि पुनर्जागरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। यह योजना न केवल बंजर भूमि को उपजाऊ बना रही है बल्कि किसानों को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर भी बना रही है। – डॉ. धन सिंह रावत, सहकारिता मंत्री, उत्तराखंड।

20 लाख से अधिक छात्रों ने एक स्वर में गाया ‘वंदे मातरम्’

Over 20 lakh students sang 'Vande Mataram' in unison.
Over 20 lakh students sang 'Vande Mataram' in unison.

सूबे के सभी शिक्षण संस्थानों में धूमधाम से मना संविधान दिवस

सामुहिक गायन में महानुभाव व जनप्रतिनिधि भी हुये शामिल

देहरादून, 26 नवम्बर 2025

प्रदेश के सभी राजकीय व निजी शिक्षण संस्थानों में ‘संविधान दिवस’ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा के 20 लाख से अधिक छात्रों ने पूरे उत्साह से एक स्वर में ‘वन्दे मातरम्’ का गायन किया, जो कि एक ऐतिहासिक क्षण था। इस अवसर पर अभिभावक, शिक्षक, महानुभाव, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

‘वन्दे मातरम्’ सामूहिक गायन कार्यक्रम में राज्य संयोजक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि प्रदेशभर के सभी शिक्षण संस्थानों में प्रातः 09ः30 बजे एक साथ-एक स्वर में 2012652 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व अधिकारी-कर्मचारियों ने ‘वन्दे मातरम’ का सामुहिक गायन किया। जिसमें विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत देहरादून जनपद में 375658 छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने राष्ट्र गीत गाया। इसके अलावा पौड़ी में 97751, टिहरी 99442, हरिद्वार 413015, चमोली 65454, उत्तरकाशी 60299, रूद्रप्रयाग 41134, नैनीताल 194979, अल्मोड़ा 84883, पिथौरागढ़ 76053, ऊधमसिंह नगर 361411, चम्पावत 44858 और बागेश्वर में 41542 छात्र-छात्राओं ने वन्दे मातरम् का सामुहिक गायन किया। इसके अतिरिक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित शिक्षण संस्थानों में 19790, तकनीकी शिक्षा में 50, संस्कृत शिक्षा में 4644 तथा उच्च शिक्षा में 31689 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, प्रशिक्षकों, कार्मिकों एवं आमजन द्वारा एक समय पर ‘वन्दे मातरम’ का सामूहिक गायन किया गया, जो कि एक ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने बताया कि राष्ट्रगीत गायन के बाद सभी शिक्षण संस्थानों में ‘वन्दे मातरम’ एवं संविधान दिवस के इतिहास और महत्व पर शिक्षकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित को विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये थे।

बयान
‘वन्दे मातरम’ स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सभी भारतीयों को एक सूत्र में पिरोने वाला प्रेरक गीत रहा है। संविधान दिवस पर प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों में इस गीत के सामूहिक गायन से हमारे युवाओं में राष्ट्रभक्ति, एकता, कर्तव्यबोध और संवैधानिक आदर्शों के प्रति नई चेतना का संचार हुआ।- डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड।

अतिक्रमण हटाने में ढिलाई पर वेतन रोकने और निलम्बन की चेतावनी:  डीएम बंसल

Warning of withholding salary and suspension for laxity in removing encroachment DM Bansal
Warning of withholding salary and suspension for laxity in removing encroachment DM Bansal

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित पाँचवीं अन्तर्विभागीय समीक्षा बैठक में सरकारी परिसम्पत्तियों को अतिक्रमणमुक्त करने की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी भूमि, भवन, मार्ग, नहर, कार्यालय परिसर अथवा अन्य परिसम्पत्तियों पर अवैध अतिक्रमण को समयबद्ध रूप से हटाना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
डीएम ने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई न होने पर सम्बन्धित अधिकारियों का वेतन

रोका जाएगा, निलम्बन किया जाएगा और सेवा बाधित की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं शासन स्तर पर अतिक्रमण हटाने की समीक्षा की जा रही है, इसलिए प्रत्येक विभाग को अपनी प्रगति समयसीमा के भीतर सुनिश्चित करनी होगी।
बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन विभागों की भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं है, वे प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें और गूगल शीट पर अपडेट करें। ईओ हरबर्टपुर को विशेष रूप से चेतावनी दी गई कि यदि दो दिन में चिन्हित अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो निलम्बन की कार्रवाई होगी। डीएम ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि केवल चिठ्ठीबाजी से काम नहीं चलेगा, धरातल पर वास्तविक कार्रवाई दिखनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न करता है, बल्कि सार्वजनिक सुविधा और कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपनी परिसम्पत्तियों का अद्यतन विवरण और अतिक्रमण की स्थिति रिपोर्ट दो दिन में प्रस्तुत करे। कार्रवाई के दौरान वीडियोग्राफी, साइट मैपिंग, राजस्व रिकॉर्ड का मिलान और सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य रूप से अपनाई जाए।
बैठक में विभिन्न विभागों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। नगर निगम देहरादून ने बताया कि 203 चिन्हित अतिक्रमणों में से 194 हटाए जा चुके हैं। सिंचाई विभाग ने 315 में से 221, लोनिवि प्रांतीय खण्ड ने 125 में से 87, लोनिवि ऋषिकेश ने 274 में से 79, एनएच डोईवाला ने 9 में से 7, तहसील सदर ने 54 में से 49 तथा ऋषिकेश ने 46 में से 30 अतिक्रमण हटाए जाने की जानकारी दी। मसूरी क्षेत्र में 99 चिन्हित अतिक्रमणों में से 9 हटाए गए हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, नगर आयुक्त ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह सहित राजस्व, सिंचाई, लोक निर्माण, वन विभाग और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

शौर्य और बलिदान के लिए भारत का हर नागरिक गोरखा सैनिकों का आभारी :  मुख्यमंत्री

Every citizen of India is grateful to the Gorkha soldiers for their bravery and sacrifice Chief Minister
Every citizen of India is grateful to the Gorkha soldiers for their bravery and sacrifice Chief Minister

– ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन की 75वीं वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
देहरादून।   मुख्यमंत्री धामी ने बुधवार को ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।  स्व0 हरबंश कपूर मैमोरियल सभागार, गढ़ी कैंट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने बैरिस्टर अरि बहादुर गुरूंग की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ ही एसोसिएशन की स्मारिका का भी विमोचन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बैरिस्टर अरि बहादुर गुरूंग ना सिर्फ एक सांसद थे, बल्कि उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सिर्फ एक संगठन का उत्सव नहीं है, बल्कि ये उस अदम्य साहस, समर्पण, राष्ट्रभक्ति और गौरवशाली परम्परा का उत्सव भी है, जिसे गोरखा सैनिकों ने सदियों से अपने पराक्रम से संजोया है। उन्होंने कहा कि गोरखा सैनिकों के पराक्रम और बलिदान की पहचान इस बात से होती है कि

दुनिया की कोई भी युद्ध गाथा गोरखाओं के बिना पूर्ण नहीं मानी जाती। इसलिए भारत सरकार द्वारा ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन को ऑल इंडिया स्टेटस प्रदान किया जाना इस समुदाय की प्रतिष्ठा और योगदान का सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में एसोसिएशन ने ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाई है। आज विभिन्न राज्यों में बसे लाखों गोरखा भूतपूर्व सैनिक, वीर नारी एवं उनके आश्रित इस संस्था के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले अनेक वर्षों में एग्वा द्वारा पूरे भारत में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें गोरखा समुदाय के साथ-साथ अन्य समुदायों के युवाओं को भी शामिल किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखाओं के अदम्य साहस और वीरता की गाथाएँ इतिहास के पन्नों में अंकित हैं, कहा जाता है कि ’’जिस मैदान में गोरखा टिक गए, वहां दुश्मन कभी टिक नहीं पाया है’’। गोरखा जवानों के लिए खुंखरी सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि मातृभूमि की रक्षा का संकल्प भी है। गोरखा सैनिकों ने सदियों से देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इस शौर्य, बलिदान और राष्ट्र सेवा के लिए भारत का हर एक नागरिक आपका आभारी है।
सीएम ने कहा कि अमर वीर मेजर दुर्गा मल्ल के अद्वितीय शौर्य को भुला पाना असंभव है। इसी तरह परमवीर चक्र से सम्मानित धन सिंह थापा और आजाद भारत के प्रथम अशोक चक्र विजेता नर बहादुर थापा जैसे अनगिनत वीरों ने भारत माता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व की बात है कि आज गोरखा समाज न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा में बल्कि हमारे राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गोरखा समाज की मेहनत, अनुशासन और निष्ठा प्रत्येक क्षेत्र में स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी गोरखा समाज की वीरता और अमूल्य योगदान को हमेशा आदर और सम्मान की दृष्टि से देखती है।
इस मौके पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि गोरखा रेजिमेंट के जवानों ने हर युद्ध में, हर मोर्चे पर अपनी अदम्य बहादुरी और वीरता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास में भी अपना अहम योगदान दे रहा है।
इस मौके पर विधायक सविता कपूर, सचिव केंद्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड बिग्रेडियर डीएस बसेड़ा, ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्नल आरएस क्षेत्री, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पद्म सिंह थापा, ले.ज (रिटायर्ड) एके सिंह, ले.ज. (रिटायर्ड) रामसिंह प्रधान, मे.ज. (रिटायर्ड) सम्मी सब्बरवाल, मेजर (रिटायर्ड) बीएस थापा शामिल हुए।

हिन्दुस्तान स्काउट्स एवं गाइड्स के प्रतिनिधिमंडल ने  की राज्यपाल से भेंट

Delegation of Hindustan Scouts and Guides met the Governor
Delegation of Hindustan Scouts and Guides met the Governor

देहरादून। हिन्दुस्तान स्काउट्स एवं गाइड्स के स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से हिन्दुस्तान स्काउट्स एवं गाइड्स के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को अपनी प्रगति और भावी योजनाओं से अवगत कराया तथा उनको स्कार्फ और स्टीकर पहनाया। इस दौरान राज्यपाल ने स्काउट टीम को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्काउट एवं गाइड्स के नैतिक और स्वयंवेसी सिद्धांतों की वर्तमान समय में देश और समाज को बहुत जरूरत है। अतः इसको घर-घर पहुंचाएं तथा स्काउट की संख्या में भी बढ़ोतरी करें। राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में भारत को प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से प्रगति करनी है तथा इसमें स्काउट एवं गाइड की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।
इस अवसर पर स्काउट एवं गाइड के राज्य आयुक्त  हिमांशु सक्सेना, सहायक आयुक्त अलका मिश्रा, जनपद सचिव अंकुर कुमार तथा संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से सम्मानित

Cabinet Minister Dr. Dhan Singh Rawat honored with 'Silver Elephant Award'
Cabinet Minister Dr. Dhan Singh Rawat honored with 'Silver Elephant Award'

19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी में उत्तर प्रदेश की  राज्यपाल के हाथों मिला सम्मान
wbahis
कहा, स्काउटिंग अनुशासन, एकता और देशभक्ति का भाव विकसित का मंच

लखनऊ/देहरादून, 26 नवम्बर 2025
भारत स्काउट्ड एंड गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के अवसर पर सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डॉ. रावत को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर डॉ. रावत ने कहा कि स्काउटिंग युवाओं में अनुशासन, एकता और देशभक्ति का भाव विकसित करने का बड़ा मंच है, जिसका विस्तार प्रदेश के स्कूलों व कॉलेजों में निरंतर किया जा रहा है।

19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के अवसर पर उत्तर प्रदेश राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में आज (बुधवार) राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से कैबिनेट मंत्री व डॉ. धन सिंह रावत को सम्मानित किया। इस अवसर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डॉ. रावत द्वारा उत्तराखंड में स्काउट-गाइड आंदोलन को मजबूत करने, इसे व्यापक स्तर पर लागू करने तथा युवाओं में सकारात्मक व राष्ट्रनिर्माण की सोच विकसित करने हेतु किये गये प्रयासों की सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं भी प्रेषित की।

सिल्वर एलीफेंट अवार्ड से सम्मानित होने पर डॉ. रावत ने कहा कि यह क्षण उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग युवाओं में अनुशासन, एकता, सेवा-भाव और देशभक्ति की भावना को विकसित करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों एवं कॉलेजों में स्काउट-गाइड गतिविधियों के विस्तार और उसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
डॉ. रावत ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संस्था देशभर में स्काउट-गाइड गतिविधियों के माध्यम से युवाओं के शारीरिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है साथ ही विश्वव्यापी भाईचारे की भावना को भी सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक समर्पण के साथ जनसेवा व युवा सशक्तिकरण के कार्यों में जुटने की प्रेरणा प्रदान करेगा।

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डॉ. रावत ने की सीएम योगी से मुलाकात
लखनऊ में आयोजित भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की 19वीं जम्बूरी में प्रतिभाग करने पहुंचे सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर डॉ. रावत ने राष्ट्रीय जम्बूरी के भव्य व सफल आयोजन पर उन्हें बधाई दी। इस दौरान दोनों नेताओं बीच उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न मुद्दों और समसामयिक विषयों पर सकारात्मक व सार्थक चर्चा हुई।

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राष्ट्रीय जम्बूरी में प्रदेश के युवाओं से की मुलाकात
भारत स्काउट एंड गाइड उत्तराखंड के प्रादेशिक अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज लखनऊ में आयोजित 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी में प्रतिभाग कर रहे प्रदेश के स्काउट्स एंड गाइड्स दल से मुलाकात की। कार्यक्रम स्थल पर स्काउट्स गाइड्स ने डॉ. रावत का बैंड की धुन बजाकर जोरदार स्वागत किया। इस दौरान डॉ. रावत ने सभी प्रतिभागियों को जम्बूरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि स्काउटिंग युवाओं में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करती है।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने उत्तराखंड में ऊर्जा संरक्षण पर राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का किया सफलतापूर्वक आयोजन

THDC India Limited successfully organised State Level Painting Competition on Energy Conservation in Uttarakhand
THDC India Limited successfully organised State Level Painting Competition on Energy Conservation in Uttarakhand

ऋषिकेश, 26 नवंबर, 2025: विद्युत उत्पादन क्षेत्र की प्रतिष्ठित कम्पनी, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा बुधवार को ऋषिकेश स्थित अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में उत्तराखंड राज्य हेतु ऊर्जा संरक्षण पर राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । यह कार्यक्रम भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के तत्वावधान में आयोजित किया गया। यह प्रतियोगिता स्कूली विद्यार्थियों के बीच ऊर्जा दक्षता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की एक राष्ट्रीय पहल का हिस्सा है।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री सिपन कुमार गर्ग ने बदलते वैश्विक जलवायु परिदृश्य में ऊर्जा संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रचनात्मक मंचों के माध्यम से बच्चों में जागरूकता विकसित करना भविष्य के उत्तरदायी नागरिकों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि इस वर्ष के विषय, ‘एक ग्रह, एक अवसर – ऊर्जा बचाएं’ और ‘ऊर्जा संरक्षण: मेरी जिम्मेदारी, हमारा भविष्य’ ने छात्रों को अपनी कल्पनाशील चित्रकलाओं के माध्यम से सतत विकास का संदेश व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने उनकी “रचनात्मकता, जागरूकता तथा ऊर्जा संरक्षण की विचारशील अभिव्यक्ति” की प्रशंसा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के मुख्य तकनीकी अधिकारी (CTO), श्री एल. पी. जोशी ने की, जो मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर पर उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने प्रतिभागियों को बधाई दी और कहा, “उत्तराखंड के छात्रों द्वारा दिखाया गया उत्साह ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाता है। उनकी कलाकृतियां इस धरती के प्रति जिम्मेदारी की भावना को खूबसूरती से प्रदर्शित करती हैं।” उन्होंने प्रतियोगिता के सुचारू और सफल संचालन के लिए शिक्षकों और आयोजकों के समर्पण की भी सराहना की।

डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मा. सं. एवं प्रशा. व जनसंपर्क) ने अपने स्वागत संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि इस तरह की पहल न सिर्फ़ क्रिएटिविटी को बढ़ावा देती हैं, बल्कि ऊर्जा संरक्षण के प्रति ज़िम्मेदारी के बारे में विद्यार्थियों की समझ को भी गहरा करती हैं।

श्री एल. पी. जोशी, मुख्य तकनीकी अधिकारी एवं डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मा. सं. एवं प्रशा. व जनसंपर्क) ने समूह ‘क’ (कक्षा 5-7) और समूह ‘ख’ (कक्षा 8-10) दोनों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार विजेताओं को क्रमशः 50,000/-, 30,000/- और 20,000/- रुपये के पुरस्कार प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, 7,500/- रुपये के 10 सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

समूह ‘क’ (Group A) में मास्टर ऋतुराज कश्यप (कक्षा- 7वीं, अचार्यकुलम हरिद्वार) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके बाद सुश्री पिहू रानी (कक्षा- 7वीं अचार्यकुलम हरिद्वार) ने द्वितीय और मास्टर रिद्हम दास (कक्षा- 6वीं, डी.पी.एस. रानीपुर, हरिद्वार) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

समूह ‘ख’ (Group B) में सुश्री सताक्षी वत्स (कक्षा- 8वीं, अचार्यकुलम हरिद्वार) ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि सुश्री कोमल रानी (कक्षा- 8वीं, अचार्यकुलम हरिद्वार) और सुश्री इशीता कुमारी (कक्षा- 10वीं, डी.पी.एस. रानीपुर, हरिद्वार) ने क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले छह प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्तर पर नई दिल्ली में आयोजित होने वाले फाइनल में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर अर्जित किया है।

श्री ए. के. विश्वकर्मा, नोडल अधिकारी (उत्तराखंड) एवं उप महाप्रबंधक (मा. सं.), टीएचडीसी ने बताया कि इस वर्ष उत्तराखंड के 242 स्कूलों से 1,90,241 छात्रों ने इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया, जो पिछले वर्ष के 1,80,611 छात्रों की भागीदारी से अधिक है, और दोनों समूहों के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्र अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करेंगे।

एडिफाई वर्ल्ड स्कूल देहरादून के आई के एस ने अपने पहले 100 दिनों की सफल पूर्णता का गर्व से उत्सव मनाया है

IKS Edify World School Dehradun proudly celebrates the successful completion of its first 100 days
IKS Edify World School Dehradun proudly celebrates the successful completion of its first 100 days

देहरादून – 26 नवंबर 2025 – एडिफाई वर्ल्ड स्कूल देहरादून के आई के एस ने अपने पहले 100 दिनों की सफल पूर्णता का गर्व से उत्सव मनाया है। यह मील का पत्थर अकादमिक उपलब्धियों, गतिविधियों और विद्यार्थियों के आत्मविश्वास में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है।

इन सौ दिनों में आई के एस ने नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियाँ, इंटरैक्टिव लर्निंग सत्र और प्रोजेक्ट-आधारित गतिविधियाँ लागू की हैं, जिनसे छात्रों में स्पष्टता, सहयोग और टीमवर्क की भावना अधिक मजबूत हुई है।

अकादमिक के अतिरिक्त, विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुतियों, खेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और आत्मविश्वास को नई दिशा दी है।
विद्यालय के सम्माननीय निदेशक श्रीमान एडवोकेट पंकज होल्कर जी ने कहा: “पहले 100 दिन हमारे हर बच्चे के समग्र विकास के विज़न को सिद्ध करते हैं। मैं हमारे विद्यार्थियों, अभिभावकों और संकाय का उनकी लगन और सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”

विद्यालय की आदरणीय प्रधानाचार्या श्रीमती हरलीन कौर चौधरी जी ने कहा: “ये दिन आत्मविश्वास, जिज्ञासा और विशिष्टता का उत्सव रहे हैं। हमारी यात्रा अभी शुरू ही हुई है, और मैं उत्साहित हूँ कि आई के एस समग्र शिक्षा का एक उज्ज्वल उदाहरण बनेगा।” आई के एस आगे भी उत्कृष्टता, नवाचार और मूल्यों-आधारित शिक्षा की अपनी यात्रा को इसी उत्साह के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रतापनगर क्षेत्र की पट्टी उपली रमोली में सेम मुखेम नागराजा के दो दिवसीय प्रसिद्ध धार्मिक व ऐतिहासिक मेले में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर श्री सेम नागराजा का आशीर्वाद लिया

A large number of devotees reached the two-day famous religious and historical fair of Sem Mukhem Nagraj at Patti Upli Ramoli in Pratapnagar area and took blessings of Shri Sem Nagraj.
A large number of devotees reached the two-day famous religious and historical fair of Sem Mukhem Nagraj at Patti Upli Ramoli in Pratapnagar area and took blessings of Shri Sem Nagraj.

बीजेपी आर्थिक प्रकोष्ठ सह संयोजक और प्रवक्ता (पैनिलिस्ट) उत्तराखण्ड राजेश्वर पैन्यूली ने कहा कि श्री सेम नागराजा के त्रिवार्षिक मेले में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत है। श्री सेम नागराजा भगवान से सभी भक्तों के कल्याण व स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।

सी.ए. पैन्यूली ने कहा कि सेम नागराजा के धाम में आयोजित होने वाला यह भव्य मेला सभी भक्तों के लिए शुभ और मंगलकारी हो। यह मेला सेम मुखेम के नागाराजा के प्रति आस्था और भक्ति का प्रतीक है।

मान्यता है कि पूर्व में जब कृष्ण भगवान ने यहां पर अवतार लिया था, तो वीरभड़ गंगू रमोला से उन्होंने रहने के लिए भूमि मांगी थी। लेकिन तब गंगू रमोला ने उन्हें भूमि देने से मना कर दिया। गंगू रमोला की कोई संतान नहीं थी। भगवान कृष्ण ने गंगू रमोला को सपने में दर्शन देकर उसे दो पुत्रों की प्राप्ति का वरदान दिया। इसके बाद गंगू रमोला ने श्रीकृष्ण को यहां भूमि प्रदान की। तब इस भूमि पर भगवान ने रासलीला रचाई। तब से इस स्थान पर हर तीसरे वर्ष मेले का आयोजन किया जाता है।

श्री सिपन कुमार गर्ग ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया

Shri Sipan Kumar Garg assumes additional charge as Chairman & Managing Director, THDC India Limited
Shri Sipan Kumar Garg assumes additional charge as Chairman & Managing Director, THDC India Limited

ऋषिकेश, 26 नवंबर, 2025: श्री सिपन कुमार गर्ग ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया है। वर्तमान में, श्री गर्ग टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यरत हैं। श्री गर्ग कॉमर्स और विधि में ग्रेजुएट हैं तथा इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया, इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया और इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज़ ऑफ इंडिया के सदस्य हैं। वे कंपनी सेक्रेटरी परीक्षा में रैंक होल्डर भी हैं।

श्री गर्ग को विद्युत क्षेत्र में वित्त, लेखा, कराधान और वाणिज्यिक कार्यों में 24 वर्ष से अधिक का अनुभव है। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में अपनी नियुक्ति से पूर्व, श्री गर्ग ने एनटीपीसी लिमिटेड की सहायक कंपनियों अरावली पावर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड में बतौर मुख्य वित्त अधिकारी के रूप में कार्य किया है। वे एनटीपीसी के कॉर्पोरेट लेखा समूह और कोलडैम हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में भी प्रमुख भूमिका में रह चुके है।

श्री गर्ग ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिभागिता करते हुए और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की कई समितियों में रहकर लेखांकन व्यवसाय में बहुमूल्य योगदान दिया है, जिनमें पब्लिक फ़ाइनेंस और गवर्नमेंट अकाउंटिंग कमेटी, अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स स्टडी ग्रुप और मेंबर्स इन इंडस्ट्री ग्रुप (पीएसयू) शामिल हैं।

Congress submitted a memorandum to SP City regarding traffic arrangements.

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