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September 28, 2026
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उत्तराखंड

20 लाख से अधिक छात्रों ने एक स्वर में गाया ‘वंदे मातरम्’

Over 20 lakh students sang 'Vande Mataram' in unison.

सूबे के सभी शिक्षण संस्थानों में धूमधाम से मना संविधान दिवस

सामुहिक गायन में महानुभाव व जनप्रतिनिधि भी हुये शामिल

देहरादून, 26 नवम्बर 2025

प्रदेश के सभी राजकीय व निजी शिक्षण संस्थानों में ‘संविधान दिवस’ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा के 20 लाख से अधिक छात्रों ने पूरे उत्साह से एक स्वर में ‘वन्दे मातरम्’ का गायन किया, जो कि एक ऐतिहासिक क्षण था। इस अवसर पर अभिभावक, शिक्षक, महानुभाव, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

‘वन्दे मातरम्’ सामूहिक गायन कार्यक्रम में राज्य संयोजक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि प्रदेशभर के सभी शिक्षण संस्थानों में प्रातः 09ः30 बजे एक साथ-एक स्वर में 2012652 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व अधिकारी-कर्मचारियों ने ‘वन्दे मातरम’ का सामुहिक गायन किया। जिसमें विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत देहरादून जनपद में 375658 छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने राष्ट्र गीत गाया। इसके अलावा पौड़ी में 97751, टिहरी 99442, हरिद्वार 413015, चमोली 65454, उत्तरकाशी 60299, रूद्रप्रयाग 41134, नैनीताल 194979, अल्मोड़ा 84883, पिथौरागढ़ 76053, ऊधमसिंह नगर 361411, चम्पावत 44858 और बागेश्वर में 41542 छात्र-छात्राओं ने वन्दे मातरम् का सामुहिक गायन किया। इसके अतिरिक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित शिक्षण संस्थानों में 19790, तकनीकी शिक्षा में 50, संस्कृत शिक्षा में 4644 तथा उच्च शिक्षा में 31689 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, प्रशिक्षकों, कार्मिकों एवं आमजन द्वारा एक समय पर ‘वन्दे मातरम’ का सामूहिक गायन किया गया, जो कि एक ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने बताया कि राष्ट्रगीत गायन के बाद सभी शिक्षण संस्थानों में ‘वन्दे मातरम’ एवं संविधान दिवस के इतिहास और महत्व पर शिक्षकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित को विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये थे।

बयान
‘वन्दे मातरम’ स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सभी भारतीयों को एक सूत्र में पिरोने वाला प्रेरक गीत रहा है। संविधान दिवस पर प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों में इस गीत के सामूहिक गायन से हमारे युवाओं में राष्ट्रभक्ति, एकता, कर्तव्यबोध और संवैधानिक आदर्शों के प्रति नई चेतना का संचार हुआ।- डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड।

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