Home Blog Page 19

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को मूडीज़ द्वारा एसक्यूएस2– “बहुत अच्छी संवहनीयता गुणवत्ता” रेटिंग

Union Bank of India has been assigned an SQS2 – “very good sustainability quality” rating by Moody's.
Union Bank of India has been assigned an SQS2 – “very good sustainability quality” rating by Moody's.

देहरादून – 22 जनवरी,2026: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के संवहनीय वित्तपोषण ढाँचे पर मूडीज़ रेटिंग्स द्वारा द्वितीय पक्ष राय (एसपीओ) जारी किया गया है, जिसमें बैंक को एसक्यूएस2 – “बहुत अच्छी संवहनीयता गुणवत्ता” रेटिंग प्रदान की गई है. यह रेटिंग मूडीज़ के संवहनीयता गुणवत्ता स्कोर (एसक्यूएस) स्केल पर दूसरी सर्वोच्च श्रेणी है, जो संवहनीय एवं जिम्मेदार वित्तपोषण के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

मूडीज़ रेटिंग्स द्वारा प्रदान की गई द्वितीय पक्ष राय वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त बेंचमार्क है, जो संवहनीयता ढांचे की विश्वसनीयता एवं सुदृढ़ता का स्वतंत्र भरोसेमंद राय का स्त्रोत है. यह राय निवेशकों एवं हितधारकों के लिए पारदर्शिता को और मजबूत बनाता है तथा यह पुष्टि करता है कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का संवहनीय वित्तपोषण ढाँचा अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के अनुरूप है और पर्यावरणीय एवं सामाजिक उद्देश्यों में सार्थक योगदान देता है.

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया अपनी मुख्य परिचालन एवं वित्तपोषण गतिविधियों में संवहनीयता को एकीकृत करने के अपने मिशन के प्रति दृढ़ है, जो समाज, पर्यावरण तथा आने वाली पीढ़ी के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन करने के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करता है.

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया देश के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में से एक है, जो नवोन्मेषी वित्तीय समाधान प्रदान करने के साथ‑साथ संवहनीय विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है.

ई-पैक्स के माध्यम से डिजिटल सेवाओं से जुड़ेंगे गांव: डॉ. धन सिंह रावत

Villages will be connected to digital services through e-PACS Dr. Dhan Singh Rawat
Villages will be connected to digital services through e-PACS Dr. Dhan Singh Rawat

कहा, मल्टीपर्पज सेंटर के रूप में काम करेंगी पैक्स समितियां

विभागीय अधिकारियों को निर्देश, पैक्स कम्प्यूटरीकरण में लायें तेजी

देहरादून, 21 जनवरी 2026
सूबे में सहकारिता व्यवस्था के डिजिटलीकरण के तहत अबतक 405 पैक्स समितियों को ई-पैक्स में परिवर्तित कर दिया गया है। शेष पैक्स समितियों में डिजिटलाइजेशन का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। पैक्सों के डिजिटलीकरण से अब सारा लेन-देन ऑनलाइन होगा, जिससे पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही पैक्सों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। ई-पैक्स मल्टीपर्पज सेंटर के रूप में भी काम करेंगे , जिससे आम लोगों को स्थानीय स्तर पर डिजिटल सेवाओं का लाभ मिलेगा।

सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश की सहकारी व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफार्म पर लाया जा रहा है। जिससे किसानों, काश्तकारों, कारीगरों, युवाओं और महिलाओं को डिजिटल सेवाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। इसके साथ ही पैक्सों में अनियमितताओं पर भी अंकुश लग सकेगा। डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश में कुल 670 पैक्स समितियों का युद्ध स्तर पर डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है, जिससे सभी समितियां ई-पैक्स में बदल जायेगा। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश की 405 पैक्स को ई-पैक्स बना दिया गया है। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 39, बागेश्वर में 12, चमोली 47, चम्पावत 21, देहरादून 24, हरिद्वार 27, नैनीताल 20, पौड़ी 49, पिथौरागढ़ 58, रूद्रप्रयाग 24, टिहरी 42, ऊधमसिंह नगर 17 तथा उत्तरकाशी में 25 समितियों को ई-पैक्स में परिवर्तित कर दिया गया है। जबकि शेष सहकारी समितियों में डिजिटलीकरण का कार्य चल रहा है। सहकारिता मंत्री डॉ. रावत ने शेष पैक्स समितियों के कम्प्यूटरीकरण कार्य में तेजी लाने को विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं ताकि प्रदेश की सभी पैक्स समितियों को शीघ्र ही ई-पैक्स के रूप में परिवर्तित किया जा सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत किया जा सके। डॉ. रावत ने कहा कि सूबे में ई-पैक्स को मल्टीपर्पज सेंटर के रूप में भी विकसित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं अन्य डिजिटल सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे गांवों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच और सशक्त होगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि पैक्स समितियों का ई-ऑडिट भी किया जा रहा है। जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के तहत 461 समिति जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत 420 समितियों का ई-ऑडिट किया जा चुका है। जिसमें कई जनपदों की समितियों का शत-प्रतिशत ई-ऑडिट किया गया है, जो कि सहकारिता विभाग की बड़ी उपलब्धि है।

मेघालय को जियोस्पेशियल तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस और जनसेवा के लिए तीन राष्ट्रीय पुरस्कार

Meghalaya receives three national awards for geospatial technology, digital governance, and public service.
Meghalaya receives three national awards for geospatial technology, digital governance, and public service.

शहरी विकास, नागरिक सेवाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिला राष्ट्रीय सम्मान, 6वें डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समिट एवं अवॉर्ड्स में

देहरादून – 21 जनवरी 2025: नई दिल्ली में आयोजित 6वें डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समिट एवं अवॉर्ड्स में मेघालय राज्य को जियोस्पेशियल तकनीक, जनसेवा और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

ये पुरस्कार माननीय मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में राज्य द्वारा शुरू की गई नई और टेक्नोलॉजी-आधारित पहलों को मान्यता देते हैं। शहरी विकास और आधारभूत ढांचे की योजना, नागरिक सेवाओं की डिलीवरी और स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से मेघालय ने समावेशी और डेटा-आधारित शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित किया है।

योजना, निवेश प्रोत्साहन एवं सतत विकास विभाग के अंतर्गत मेघालय ONE को “डिजिटल तकनीक के अभिनव उपयोग के माध्यम से जनसेवा में सुधार” श्रेणी में पुरस्कार मिला। मेघालय ONE एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए नागरिक सरकारी योजनाओं की जानकारी, सेवाओं का लाभ और शिकायतो का निवारण एक ही प्लेटफॉर्म से कर सकते हैं। यह सुविधा वेब, भौतिक सेवा केंद्रों और गांवों में तैनात डेटा वॉलंटियर्स (Village Data Volunteers) के माध्यम से उपलब्ध है।

मेघालय स्टेट GIS और UAV सेंटर, जो कि मेघालय बेसिन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MBDA) और योजना, निवेश प्रोत्साहन एवं सतत विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत है, को “परिवहन, शहरी विकास और अन्य परियोजनाओं में जियोस्पेशियल तकनीक के उत्कृष्ट उपयोग” की श्रेणी में सम्मानित किया गया। इस पहल को इसके प्रमुख प्लेटफॉर्म मेघालय स्टेट जियो पोर्टल (मेघालय स्टेट जियोहब) के लिए अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया गया। एआई-संचालित एनालिटिक्स के जरिए यह प्लेटफॉर्म निर्णय लेने में सहायक महत्वपूर्ण जानकारी देता है और रियल-टाइम डेटा के माध्यम से वनों की कटाई, मौसम पूर्वानुमान और जल प्रबंधन जैसे रुझानों को ट्रैक करने में मदद करता है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), स्वास्थ्य विभाग, मेघालय सरकार को “अभिनव डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं और सार्वजनिक स्वास्थ्य डेटा एनालिटिक्स” श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त हुआ। NHM को इसके डिजिटल पहल MOTHER ऐप के लिए अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस से नवाज़ा गया। वर्ष 2020 से 2025 के बीच, मेघालय में मातृ मृत्यु दर में लगभग 60 प्रतिशत और शिशु मृत्यु दर (IMR) में 34 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यह दिखाता है कि रियल-टाइम डेटा किस तरह स्वास्थ्य प्रणाली में समय पर समाधान और जवाबदेही सुनिश्चित कर सकता है।

इस पुरस्कार समारोह का आयोजन Governance Now द्वारा किया गया, जो सार्वजनिक नीति और शासन पर केंद्रित एक प्रमुख प्रकाशन है।

जल संरक्षण उत्तराखंड के सतत विकास की आधारशिला है: सतपाल महाराज

Water conservation is the cornerstone of Uttarakhand's sustainable development Satpal Maharaj
Water conservation is the cornerstone of Uttarakhand's sustainable development Satpal Maharaj

सतपुली में राज्य स्तरीय जलागम महोत्सव 2025-26 का भव्य आयोजन

पौड़ी। नगर पंचायत सतपुली में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–जलागम विकास घटक के अंतर्गत जलागम महोत्सव 2025-26 का आयोजन कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज की अध्यक्षता में भव्य रूप से संपन्न हुआ।

कैबिनेट मंत्री ने विभागीय स्टाॅलों के निरीक्षण के उपरांत बीरोंखाल के मैठाणाघाट, स्यूंसी व फरसाड़ी में बनी जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना यूनिट कार्यालयों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जलागम महोत्सव 2025-26 के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–जलागम विकास घटक 2.0, उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना, स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (सारा), हरित कृषि परियोजना व जैफ-6 परियोजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गयी।

चौबट्टाखाल विधायक एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जल संरक्षण और जल संसाधनों का समुचित प्रबंधन उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। जलागम योजनाओं के माध्यम से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जलागम विकास घटक से सूखे क्षेत्रों में हरियाली लौट रही है, किसानों की आय बढ़ रही है और गांवों को जल-सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

सचिव जलागम दिलीप जावलकर ने कहा कि जलागम विकास घटक 2.0 के अंतर्गत वैज्ञानिक, सहभागी और परिणाम- आधारित दृष्टिकोण से योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जलागम परियोजनाओं का उद्देश्य केवल संरचनाएं बनाना नहीं है, बल्कि पानी को रोकना, मिट्टी को बचाना और लोगों की आय में वृद्धि करना है। इन कार्यों से भू-जल स्तर में सुधार, भूमि की उत्पादकता में वृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम में कमी आयी है।

प्रोजेक्ट डायरेक्टर जीईएफ-6 कहकशा नसीम ने कहा कि जलागम परियोजनाओं को जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन एवं क्रियान्वित किया जा रहा है। जीईएफ-6, ग्रीन एग्रीकल्चर तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन परियोजनाओं के माध्यम से सूखते नौले-धारे पुनर्जीवित किए जा रहे हैं, मृदा संरक्षण हो रहा है और पर्यावरण-अनुकूल कृषि को बढ़ावा मिल रहा है। इन प्रयासों से ग्रामीण समुदायों की जलवायु सहनशीलता मजबूत हो रही है।

जलागम महोत्सव 2025-26 के माध्यम से जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन, कृषि एवं ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के अनुरूप अनुकूलन, तथा जन सहभागिता के माध्यम से स्थानीय विकास पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के तहत वर्षा जल संचयन, स्प्रिंग रिवाइवल, मृदा संरक्षण एवं ग्रीन एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय वृद्धि और गांवों को जल-सुरक्षित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की गयी। इस अवसर पर जलागम के तहत उत्कृष्ट कृषकों व ग्रामों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष सतपुली जितेंद्र चौहान, डीएफओ महातिम यादव, संयुक्त निदेशक जलागम अनुज कुमार डिमरी, उप निदेशक, जलागम डॉ. डी.एस. रावत, ब्लॉक प्रमुख पौड़ी अस्मिता नेगी, ब्लॉक प्रमुख कल्जीखाल गीता देवी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

शिक्षा विभाग में पदोन्नति के बाद अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

Following promotions in the education department, officials have been given new responsibilities.
Following promotions in the education department, officials have been given new responsibilities.

संयुक्त निदेशक पद पर 5 तो उप निदेशक पद पर 4 अधिकारी पदोन्नत

विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने तैनाती प्रस्ताव को दी मंजूरी
देहरादून, 20 जनवरी 2026
विद्यालयी शिक्षा विभाग में उप निदेशक के पद पर कार्यरत पांच अधिकारियों को पदोन्नति के उपरांत संयुक्त निदेशक पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार खण्ड शिक्षा अधिकारी से पदोन्नत हुये चार अधिकारियों को उप निदेशक पद पर नई तैनाती दी गई है। जबकि विभन्न जनपदों में तैनात संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों को विभिन्न रिक्त पदों के सापेक्ष अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इस संबंध में शासन के तैनाती प्रस्ताव पर विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने संस्तुति दे दी है।

शिक्षा विभाग में पिछले दिनों उप निदेशक स्तर के आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों को डीपीसी के उपंरात पदोन्नति दी गई थी। जिनमें अत्रेश सयाना, आशुतोष भण्डरी, नागेन्द्र बत्र्वाल, कमला बड़वाल, हरक राम कोहली शामिल थे। पदोन्नति के बाद शासन ने सभी को नई तैनाती दे दी है। जिसमें अत्रेय सयाना को मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी, अशुतोष भण्डारी व नागेन्द्र बत्र्वाल को संयुक्त निदेशक (प्राथमिक) शिक्षा निदेशालय, कमला बड़वाल को मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी व हरक राम कोहली को मुख्य शिक्षा अधिकारी अल्मोड़ा की जिम्मेदारी दी है। जबकि प्राचार्य डायट गोपेश्वर आकाश श्रीवास्तव को मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसी प्रकार प्राचार्य डायट रूद्रप्रयाग सी.पी. रतू़ड़ी को सचिव उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर, तरूण पंत जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) पिथौरागढ़ को मुख्य शिक्षा अधिकारी पिथौरागढ़ व अमित कोठियाल जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) उत्तरकाशी को मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वहीं खण्ड शिक्षा अधिकारी के पद से पदोन्नत चार अधिकारियों को उप निदेशक पद पर नई तैनाती दी गई है। जिसके तहत नरेश कुमार को जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) हरिद्वार के पद पर तैनाती के साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। जबकि अमित कुमार को जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) हरिद्वार, हिमांशु नौगांई को जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) पिथौरागढ़, तथा अंशुल बिष्ट को जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) पौड़ी का दायित्व सौंपा गया है। विभागीय मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने शासन द्वारा प्रस्तुत अधिकारियों के तैनाती प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है साथ ही उन्होंने तैनाती आदेश शीघ्र जारी कर के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।

बयान-
शिक्षा विभाग में अधिकारियों एवं शिक्षकों को ससमय पदोन्नति देने के निर्देश दिये गये हैं। जिसके तहत हाल ही में सम्पन्न डीपीसी के उपरांत आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों को पदोन्नति के बाद नई जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों की तैनाती से विभागीय कार्यों को गति मिलने के साथ ही शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। – डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखण्ड।

देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने डॉ. रणवीर सिंह चौहान, पे जल सचिव से मुलाकात की एवं ज्ञापन दिया

The Devbhoomi Jal Shakti Contractor Welfare Association met with Dr. Ranveer Singh Chauhan, Secretary of Water Resources, and submitted a memorandum.
The Devbhoomi Jal Shakti Contractor Welfare Association met with Dr. Ranveer Singh Chauhan, Secretary of Water Resources, and submitted a memorandum.

पे जल सचिव से मिला जल जीवन मिशन से जुड़े हुए ठेकेदारों को आश्वासन।

देहरादून: 20 जनवरी 2026 – देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन, देहरादून की ओर से जल जीवन मिशन कार्यालय इंदर रोड पर बीते दिन धरना प्रदर्शन एवं जल जीवन मिशन के कार्यालय में की गई तालाबंदी के उपरांत पेयजल सचिव डॉक्टर रणवीर सिंह चौहान ने आज सचिवालय में मिलने के लिए बुलाया। देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने अन्य ठेकेदारों के साथ आज उनसे सचिवालय में भेंट की एवं उन्होंने डॉ. रणवीर सिंह चौहान को पे जल सचिव बनने पर बधाई दी एवं पुष्प गुच्छ भेट किया। पे जल सचिव को अमित अग्रवाल ने बताया की जल जीवन मिशन से जुड़े हुए ठेकेदारों के भुगतान में हो रही देरी एवं उनके ऊपर विभागों द्वारा अत्याचार, ग्राम प्रधानों द्वारा योजना को वेरिफाई कराने जैसे कई समस्याएं खड़ी हो गई है। डॉक्टर रणवीर सिंह चौहान ने ठेकेदार से जुड़े हुए सभी विषयों को जाना एवं शीघ्र ही उन सभी मुद्दों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि हम जल्द से जल्द प्रयास कर रहे हैं कि आप सभी का पेमेंट क्लियर हो जाए और केंद्र से जो भी भुगतान बकाया है उसे भी हम जल्द से जल्द लाने की कोशिश कर रहे हैं। अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा है कि हमें पेयजल सचिव की ओर से यह भी आश्वासन मिला है कि एक्स्ट्रा आइटम, वेरिएशन और मापे शीघ्र कराकर एसोसिएशन को बताई जाएगी और समय वृद्धि भी कि जायेगी। उन्होंने कहां आगामी जो भी निर्णय होगा उसे हम संगठन को पत्र के माध्यम से सूचित करेंगे।

इस बैठक में विशाल मिश्रा प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एस डब्ल्यू एस एम, सी जी एम, डी के सिंह, उत्तराखंड जल संस्थान, मुख अभियंता मुख्यालय, इंजीनियर संजय सिंह मौजूद रहे। वहीं देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन कि ओर से अध्यक्ष अमित अग्रवाल, सुनील गुप्ता, सकलानंद लखेड़ा, नितिन गोयल, सचिन मित्तल, अंकित सालार आदि उपस्थित रहे।

पंजाब नेशनल बैंक वित्त वर्ष 2026 की तीसरी और 9 वीं तिमाही के लिए वित्तीय परिणाम

Punjab National Bank financial results for the third and ninth quarters of the financial year 2026.
Punjab National Bank financial results for the third and ninth quarters of the financial year 2026.

देहरादून – 20 जनवरी 2026: पंजाब नेशनल बैंक (PNB), देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक, ने आज वित्त वर्ष 2026 की तीसरी और 9 वीं तिमाही के लिए वित्तीय परिणाम घोषित किए।

शुद्ध लाभ वर्ष-दर-वर्ष 13.1% बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में ₹5,100 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में ₹4,508 करोड़ था। अस्तियों  पर रिटर्न वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही  में 1.03% से सुधरकर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही  में 1.06% हो गया। परिचालन लाभ वर्ष-दर-वर्ष 13% बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में ₹.7,481 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही  में ₹6,621 करोड़ था। सकल गैर-निष्पादित अस्तियां अनुपात दिसंबर’24 के 4.09% से वर्ष-दर-वर्ष 90 आधार अंक सुधरकर दिसंबर’25 में 3.19% हो गया। शुद्ध गैर-निष्पादित अस्तियां अनुपात दिसंबर’24 के  0.41% से वर्ष-दर-वर्ष 9 आधार अंक सुधरकर दिसंबर’25 में 0.32% हो गया। प्रावधान कवरेज अनुपात (टीडबल्यूओ सहित) दिसंबर’24 के 96.77% से वर्ष-दर-वर्ष 22 आधार अंक सुधरकर दिसंबर’25 में 96.99% हो गया। प्रति शेयर बुक वैल्यू वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही  में  ₹102.02 से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही  में ₹114.09 हो गई, जो 11.83% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्शाती है। प्रति शेयर आय वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही  में ₹3.92 से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही  में ₹4.44 हो गई, जो 13.27%.की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्शाती है। वैश्विक कारोबार दिसंबर’24 के ₹26,39,991 करोड़ से वर्ष-दर-वर्ष 9.5% बढ़कर दिसंबर’25 में ₹28,91,528 करोड़ हो गया। वैश्विक जमा दिसंबर’24 के ₹15.30 लाख करोड़ से वर्ष-दर-वर्ष 8.5% की वृद्धि दर्ज करते हुए दिसंबर’25 में ₹16.60 लाख करोड़ हो गए। वैश्विक अग्रिम दिसंबर’24 के ₹11.10 लाख करोड़ से वर्ष-दर-वर्ष 10.9% बढ़कर दिसंबर’25 में ₹12.31 लाख करोड़ हो गए। रैम अग्रिम दिसंबर’24 के ₹5.96 लाख करोड़ से वर्ष-दर-वर्ष 11.0% बढ़कर दिसंबर’25 में ₹6.62 लाख करोड़ हो गए। सीडी अनुपात दिसंबर’24 में 72.6%  की तुलना में दिसंबर’25 में 74.2%  रहा। सीआरएआर दिसंबर’24 के 15.41% से सुधरकर दिसंबर’25 में 16.77% हो गया, जो 136 आधार अंकों की वृद्धि दर्शाता है|

जमा: बचत जमा वर्ष-दर-वर्ष 4.8% की वृद्धि दर्ज करते हुए ₹5,15,799  करोड़ हो गए। चालू जमा वर्ष-दर-वर्ष 9.1% की वृद्धि दर्ज करते हुए ₹76,377 करोड़ हो गए। कासा जमा वर्ष-दर-वर्ष 5.3%. की वृद्धि दर्ज करते हुए ₹5,92,176 करोड़ हो गए। बैंक का कासा शेयर दिसंबर’25 तक 37.1% रहा। कुल सावधि जमा दिसंबर’25 तक वर्ष-दर-वर्ष 10.4% की वृद्धि के साथ ₹10,68,114 करोड़ हो गए। अग्रिम: कोर खुदरा अग्रीम में दिसंबर 2025 तक बैंक में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 18.9% की वृद्धि हुई। कोर रिटेल क्रेडिट के अंतर्गत – आवास ऋण वर्ष-दर-वर्ष 14.5% बढ़कर ₹1,27,364 करोड़ हो गया और वाहन ऋण वर्ष-दर-वर्ष 35.7% की वृद्धि दर्ज करते हुए ₹33,458 करोड़ तक पहुंच गया। कृषि अग्रिम दिसंबर’25 तक वर्ष-दर-वर्ष 9.8% बढ़कर ₹1,91,629 करोड़ हो गए। एमएसएमई अग्रिम वर्ष-दर-वर्ष 18.1% बढ़कर ₹1,88,209 करोड़ हो गए।

आस्ति गुणवत्ता: सकल गैर-निष्पादित अस्तियां दिसंबर’24 के ₹45,414 करोड़ से ₹6,100 करोड़ घटकर दिसंबर’25 तक ₹39,314 करोड़ हो गईं। शुद्ध गैर-निष्पादित अस्तियां दिसंबर’24 के ₹4,437 करोड़ से ₹603 करोड़ घटकर दिसंबर’25 तक ₹3,834 करोड़ हो गईं।

लाभप्रदता: वित्त वर्ष 2026 के 9वें माह के लिए शुद्ध लाभ ₹11,679 करोड़ रहा, जबकि इसी अवधि के लिए परिचालन लाभ ₹21,789 करोड़ तक पहुँच गया। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के लिए कुल आय ₹37,253 करोड़ थी और वित्त वर्ष 2026 के 9वें माह के लिए ₹1,10,698 करोड़ थी, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर क्रमशः 7.2% और 9.2% की वृद्धि दर्ज करती है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के लिए कुल ब्याज आय ₹32,231 करोड़ थी और वित्त वर्ष 2026 के 9वें माह के लिए ₹96,066 करोड़ थी, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर क्रमशः 2.8% और 7.0% की वृद्धि दर्ज करती है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के लिए गैर-ब्याज आय ₹5,022 करोड़ थी और वित्त वर्ष 2026 के 9वें माह के लिए ₹14,632 करोड़ थी, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर क्रमशः 47.2% और 26.2% की वृद्धि दर्ज करती है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के लिए कुल ब्याज व्यय ₹21,698 करोड़ थे और वित्त वर्ष 2026 के 9वें माह के लिए ₹64,487 करोड़ थे, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर क्रमशः 6.8% और 11.7% बढ़े हैं। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के लिए परिचालन व्यय ₹8,074 करोड़ थे और वित्त वर्ष 2026 के 9वें माह के लिए ₹24,422 करोड़ थे, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर क्रमशः 3.2%और 3.6%बढ़े हैं।

पूंजी पर्याप्तता: पूंजी पर्याप्तता अनुपात दिसंबर’24 के 15.41% से बढ़कर दिसंबर’25 में 16.77% हो गया, जो 136 आधार अंकों का सुधार दर्शाता है। टियर-1 पूंजी दिसंबर’24 के 12.53% से सुधरकर दिसंबर’25 में 14.13% हो गई (जिसमें दिसंबर’25 तक सीईटी-1, 12.52% और एटी-1, 1.61% रहा)| टियर-2 पूंजी दिसंबर’25 तक 2.64% रही।

दक्षता/उत्पादकता अनुपात: अग्रिमों पर वैश्विक आय वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 7.69% और वित्त वर्ष 2026 के 9 वे माह में 7.90% रही।जमा की वैश्विक लागत वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में जमा की वैश्विक लागत वर्ष-दर-वर्ष 15 आधार अंक और तिमाही-दर-तिमाही 9 आधार अंक घटकर 5.09% हो गई। निवेश पर आय वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही  में 6.76% और वित्त वर्ष 2026 के 9वें माह के लिए 6.84% रही। प्रति कर्मचारी कारोबार दिसंबर’24 के ₹26.29 करोड़ से सुधरकर दिसंबर’25 तक ₹28.57 करोड़ हो गया। प्रति शाखा कारोबार दिसंबर’24 के ₹250.22 करोड़ से सुधरकर दिसंबर’25 तक ₹271.18 करोड़ हो गया। प्रति कर्मचारी शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही  में ₹18.48 लाख से सुधरकर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही  में ₹20.77 लाख हो गई | प्रति शाखा शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही  में ₹175.87 लाख से सुधरकर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही  में ₹197.16 लाख हो गई |

प्राथमिकता क्षेत्र की उपलब्धि: प्राथमिकता क्षेत्र अग्रीम 40% के राष्ट्रीय लक्ष्य  से अधिक रहा और यह एएनबीसी 42.68% पर पहुँच गया। कृषि अग्रीम 18% के राष्ट्रीय लक्ष्य से अधिक रहा और यह एएनबीसी का 18.17% पर पहुँच गया। छोटे और सीमांत किसानों को ऋण 10% के राष्ट्रीय लक्ष्य से अधिक रहा और यह एएनबीसी  का 10.74% पर पहुँच गया। कमजोर वर्गों को ऋण 12% के राष्ट्रीय लक्ष्य को पार कर गया और यह एएनबीसी का 13.83% पर पहुँच गया।सूक्ष्म उद्यमों को ऋण 7.50% के राष्ट्रीय लक्ष्य को पार कर गया और यह एएनबीसी का 10.27% पर पहुँच गया।

डिजिटल प्रगति और पहल: पीएनबी वन सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या 31.12.2024 को 208 लाख से बढ़कर 31.12.2025 तक 250 लाख हो गई, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 20% की वृद्धि दर्ज करती है।व्हाट्सएप बैंकिंग उपयोगकर्ताओं की संख्या 31.12.2024 को 52.7 लाख से बढ़कर 31.12.2025 तक 95.4 लाख हो गई, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 81%की वृद्धि दर्ज करती है।पीएनबी वन के माध्यम से यूपीआई लेनदेन की संख्या वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 96.3 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 108 लाख हो गई, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 12% की वृद्धि दर्ज करती है।पीएनबी वन बिज़ उपयोगकर्ताओं की संख्या 31.12.2025 को बढ़कर 2.42 लाख हो गई |बैंक के कुल लेनदेन में डिजिटल लेनदेन का हिस्सा वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में लगभग 94.86% रहा।डिजिटल ऋण जर्नी के माध्यम से स्वीकृत और वितरित कुल राशि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में ₹12,672 करोड़ को पार कर गई।प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को गुजरात में कई केंद्रीय और राज्य जिंसों के लिए सीबीडीसी के माध्यम से सफलतापूर्वक निष्पादित किया गया है।

शुरू की गई नई पहलें: पीएनबी वन अपग्रेडेशन: नवीनतम तकनीक स्टैक के साथ उन्नत यूआई/यूएक्स ।पीएनबी वन अब यूपीआई एकीकरण का समर्थन करता है (जिसमें यूपीआई लाइट, यूपीआई मैंडेट और यूपीआई क्रेडिट लाइन शामिल हैं)।ओपन फ्लेक्सी आरडी खाता और डेबिट कार्ड के विभिन्न प्रकारों के लिए अब पीएनबी वन के माध्यम से आवेदन करें।केवल जमा और ऋण खाताधारकों के लिए पीएनबी वन पंजीकरण सुविधा।व्हाट्सएप बैंकिंग के माध्यम से केवाईसी अपडेट।ई-साइन, ई-स्टाम्प, और भूमि अभिलेख प्रणाली-मास्टर डेटा अब एकीकृत ऋण इंटरफ़ेस पर उपलब्ध हैं।डिजी सारथी (टू-व्हीलर ऋण), ट्रैक्टर एक्सप्रेस, डिजी एमएसएमई, और ई-पीएम स्वनिधि 2.0 नई लॉन्च की गई डिजिटल ऋण पहलों में से हैं |

वितरण नेटवर्क: 31 दिसंबर 2025 तक, बैंक की 10,261 घरेलू शाखाएँ और 2 अंतर्राष्ट्रीय शाखाएँ हैं। कुल शाखाओं में से, बैंक की 63.3% शाखाएँ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं। बैंक के वितरण नेटवर्क में 11,109 एटीएम और 32,809 बीसी भी शामिल हैं, जिससे 31.12.2025 तक कुल टच पॉइंट्स की संख्या 54,179 हो गई है।

 

पुरस्कार और सम्मान

पीएनबी को 21वें आईबीए बैंकिंग टेक्नोलॉजी अवार्ड्स 2026 में 2 पुरस्कार मिले:

फिनटेक और डीपीआई एडॉप्शन (उपविजेता)

डिजिटल वित्तीय समावेशन (विशेष उल्लेख)

कृषि अवसंरचना कोष योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पीएनबी को मान्यता मिली:

स्वीकृत और वितरित एआईएफ ऋण खातों की जियो टैगिंग में प्रथम स्थान।

एआईएफ ऋण संवितरण में द्वितीय स्थान।

बैंक को “डेटा सेंटर परिवर्तन और आधुनिकीकरण में उत्कृष्टता” के लिए अत्यधिक प्रतिस्पर्धी डेटा सेंटर श्रेणी में “जूरीज़ च्वाइस अवार्ड” से सम्मानित किया गया।

उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति के दिगम्बर सिंह नेगी बने नये अध्यक्ष, तो गोविंद सिंह बिष्ट वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुने गये

Digambar Singh Negi of Uttarakhand Kshatriya Kalyan Samiti was elected as the new president while Govind Singh Bisht was elected as the senior vice-president
Digambar Singh Negi of Uttarakhand Kshatriya Kalyan Samiti was elected as the new president while Govind Singh Bisht was elected as the senior vice-president

उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति के चुनाव सम्पन्न

आज 18 जनवरी 2026 को उप निबंधक के लिखित निर्देश पर उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति के द्वि वार्षिक चुनाव का आयोजन अत्यंत उत्साहपूर्ण और लोकतांत्रिक माहौल में संपन्न हुआ। इस चुनावी प्रक्रिया में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से क्षत्रियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया व अपने मताधिकार का प्रयोग कर नई कार्यकारिणी के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मतदान प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे सभी सदस्यों को अपने प्रतिनिधि चुनने का निष्पक्ष अवसर प्राप्त हुआ। चुनाव अधिकारी की देखरेख में हुई इस प्रक्रिया ने समाज की एकजुटता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को एक बार फिर प्रदर्शित किया है।
मतदान के पश्चात हुई गणना में निम्न पदाधिकारी निर्वाचित घोषित हुए । अध्यक्ष पद पर श्री दिगम्बर सिंह नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर श्री गोविन्द सिंह बिष्ट,कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर श्री राजेन्द्र सिंह रावत निर्विरोध , कोषाध्यक्ष पद पर श्री वीरेंद्र सिंह बिष्ट , उप कोषाध्यक्ष पद पर श्री धर्म सिंह रावत, महासचिव पद पर श्री सोहन सिंह नेगी और सहायक महासचिव पद पर श्री विक्रम पुण्डीर, संघठन सचिव पर श्री चंद्र पाल सिंह जमवाल और श्री शेखर नेगी निर्विरोध निर्वाचित हुए, सांस्कृतिक सचिव पर श्रीमती परमेश्वरी रावत निर्वाचित हुए,
मतदान हेतु तीन सदस्यीय निर्वाचन समिति का गठन किया गया था जिसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री विशाल सिंह बिष्ट तथा उनके साथ सहायक निर्वाचन अधिकारी श्री एस एस गुसाईं और भगवान सिंह नेगी की देख रेख में चुनाव संपन्न हुए । दिनांक 4 जनवरी को निर्वाचन की प्रक्रिया के तहत नामांकन किया गया ।
निर्वाचित पदाधिकारियों ने समाज के उत्थान और क्षत्रिय हितों की रक्षा का संकल्प लिया। समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने भारी संख्या में मतदान करने के लिए सभी क्षत्रिय समाज का आभार व्यक्त किया। आगामी कार्यकाल में समिति शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सदस्यों में खुशी की लहर दौड़ गई और सभी ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए समाज की उन्नति के लिए मिल-जुलकर कार्य करने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर डॉ भरत बिष्ट धीरज नेगी हीरा नेगी जयमल नेगी जी एस बिष्ट संपादक मेजर महावीर रावत धनपाल रावत मनोहर रावत ईश्वर असवाल गजेन्द्र रावत सुरेंद्र असवाल मदन रौंतेला मनमोहन कंडारी रविदर्शन तोपाल धीर बिष्ट किशन भंडारी प्रेम रावत दिगंबर रावत देवेश्वरी नेगी महेंद्र रावत अशोक रावत ठाकुर रावत राजेंद्र रावत राय सिंह रावत महावीर बिष्ट नरेंद्र बिष्ट धीरेंद्र नेगी आदि लोग सम्मिलित रहे ।

एमबीबीएस छात्र रैगिंग प्रकरण दुर्भाग्यपूर्ण : डॉ. धन सिंह रावत

The ragging incident involving MBBS students is unfortunate Dr. Dhan Singh Rawat
The ragging incident involving MBBS students is unfortunate Dr. Dhan Singh Rawat

दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या को दिए जांच के आदेश

कहा, शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ उठाए जाएंगे कड़े कदम

देहरादून, 18 जनवरी 2026
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र के साथ हुए रैगिंग प्रकरण पर विभाग ने सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो।

प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डॉ रावत ने कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों एवं आरोपों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अन्य छात्रों एवं संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ करने को कहा, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जा सके जो भविष्य के लिए नजीर बने। उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक आरोपी छात्रों को डिबार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। डॉ रावत ने रैगिंग जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं संस्थागत अनुशासन एवं व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को रैगिंग की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने को कहा।

दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देशों के अनुरूप मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज में गठित एंटी-रैगिंग कमेटी ने जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर आरोपी छात्रों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही सौंप दी जाएगी।

बागेश्वर में 462 ग्राम चरस के साथ दो युवक गिरफ्तार

Two youths arrested in Bageshwar with 462 grams of charas.
Two youths arrested in Bageshwar with 462 grams of charas.

बागेश्वर।  पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 462 ग्राम अवैध चरस के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री चंद्रशेखर घोडके के निर्देशन में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपाधीक्षक मनीष शर्मा ने बताया कि थाना कपकोट पुलिस टीम द्वारा फुलड़ाई कपकोट के पास वाहन चेकिंग के दौरान वाहन से 462 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई। इस मामले में आयुष सिंह रावत पुत्र हरेंद्र सिंह रावत, निवासी देहरादून (गढ़ी कैंट), जो कि बीटेक पास है, तथा राज दत्त पुत्र राजेंद्र सिंह, निवासी ग्राम डोला थाना कपकोट जिला बागेश्वर को गिरफ्तार किया। बरामद अवैध चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने चरस तस्करी में प्रयुक्त वाहन को भी सीज कर दिया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना कपकोट में एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। बागेश्वर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद को नशामुक्त बनाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

Sensation after woman's body found in ditch in Sudhowala

सुद्धोवाला में खाई से महिला का शव मिलने से सनसनी

0
देहरादून।  बाला सुंदरी प्राचीन मंदिर के पास खाई में एक महिला का तीन-चार दिन पुराना शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव...
romabet romabet romabet
deneme bonusu veren siteler