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गणतंत्र दिवस महान संकल्प, संघर्ष और दूरदृष्टी का प्रतीक: मुख्य सचिव

Republic Day is a symbol of great resolve, struggle, and foresight Chief Secretary
Republic Day is a symbol of great resolve, struggle, and foresight Chief Secretary

– मुख्य सचिव ने सचिवालय में ध्वज फहराकर प्रदेशवासियों और सचिवालय परिवार को गणतंत्र दिवस की बधाई दी
देहरादून।  मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय परिसर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वज फहराकर सभी प्रदेशवासियों एवं सचिवालय में उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हम सब यहाँ भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के एक अत्यंत गौरवपूर्ण एवं पावन पर्व पर एकत्रित हुए हैं। यह दिन केवल एक औपचारिक तिथि नहीं है, बल्कि उस महान संकल्प, संघर्ष और दूरदृष्टि का प्रतीक है, जिसके बल पर भारत ने स्वयं को एक सम्प्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन, 26 जनवरी 1950 को, भारत ने अपने संविधान को अंगीकार कर यह घोषणा की कि इस देश की सत्ता का अंतिम स्रोत उसकी जनता होगी। यह वह क्षण था जब सदियों की दासता के बाद भारत ने न केवल राजनीतिक स्वतंत्रता, बल्कि संवैधानिक स्वराज भी प्राप्त किया।
संविधान ने हमें अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का बोध कराया :  मुख्य सचिव ने कहा कि हमारा संविधान केवल कानूनों का संकलन नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा, चेतना और चरित्र का दर्पण है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में निर्मित यह संविधान हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों से जोड़ता है। संविधान ने हमें अधिकार दिए हैं, परंतु उससे भी अधिक हमें हमारे कर्तव्यों का बोध कराया है।
प्रत्येक शासकीय कर्मी जनता का सेवक है :  मुख्य सचिव ने कहा कि हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि हम केवल शासकीय कार्य नहीं कर रहे, बल्कि हम जनता के सेवक हैं। हमारी हर फाइल, हर नीति और हर निर्णय प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही केवल शब्द नहीं, बल्कि हमारा आचरण होना चाहिए। उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, त्याग और सपनों की उपज है। यह उन माताओं की आँखों में बसे सपनों का परिणाम है, जिन्होंने अपने बच्चों को आंदोलन में झोंक दिया। यह उन युवाओं की आहुति का फल है, जिन्होंने एक बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष किया।
सचिवालय राज्य की नीति की धड़कन, यहीं से शासन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है:  मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य निर्माण के पच्चीस वर्ष पूर्ण कर चुके उत्तराखंड के लिए वर्ष 2026 अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह रजत जयंती के बाद का नवोन्मेषी चरण है, जहाँ हमें अतीत से सीखते हुए भविष्य की नींव और अधिक सशक्त बनानी है। उत्तराखंड सचिवालय राज्य की नीति की धड़कन है। यहीं से योजनाएँ जन्म लेती हैं, यहीं से विकास की दिशा तय होती है और यहीं से शासन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है। उन्होंने अपने सिस्टम पर  विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सचिवालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण अपने समर्पण, कर्मठता और कर्तव्यनिष्ठा से राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में निरंतर योगदान दे रहे हैं। चाहे आप नीति निर्माण से जुड़े हों, वित्त प्रबंधन में हों, प्रशासनिक कार्यों में हों या सहायक सेवाओं में—हर भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज का युग केवल योजनाओं की घोषणा का नहीं, बल्कि परिणामों का युग है। नागरिक यह नहीं पूछते कि योजना बनी या नहीं, वे यह जानना चाहते हैं कि उनके जीवन में क्या परिवर्तन आया।
अनुशासन, समयबद्धता, नागरिकों के प्रति सम्मान और नैतिक आचरण हमारी पहचान बने:  मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड शासन ने विगत वर्षों में ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाएँ, जनकल्याणकारी योजनाओं की समयबद्ध डिलीवरी तथा प्रशासनिक सुधारों की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। फिर भी, हमें यह स्वीकार करना होगा कि सुशासन एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें निरंतर आत्ममंथन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अपने कर्मचारियों के बिना सफल नहीं हो सकती। सचिवालय का प्रत्येक कर्मी—चाहे अधिकारी हो या सहायक—राज्य की प्रशासनिक मशीनरी का अनिवार्य अंग है। मैं आपको यह आश्वस्त करता हूँ कि शासन आपकी क्षमता-वर्धन, कल्याण और कार्य-संतुलन के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, मैं आपसे अपेक्षा करता हूँ कि अनुशासन, समयबद्धता, नागरिकों के प्रति सम्मान और नैतिक आचरण हमारी पहचान बने।
विकसित भारत @2047 का संकल्प केवल केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर राज्य और हर कर्मचारी का साझा संकल्प है:  मुख्य सचिव ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है, और उत्तराखंड भी इस ऊर्जा से परिपूर्ण है। युवा ऊर्जा यदि सही दिशा में प्रवाहित हो, तो असंभव को भी संभव बना सकती है। आज प्रशासन में तकनीक केवल सहायक नहीं, बल्कि एक अनिवार्य उपकरण बन चुकी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शासन को अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी बना रहे हैं। हमें तकनीक से डरना नहीं, बल्कि उसे मानवीय संवेदनाओं के साथ जोड़ना है। भारत आज वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत @2047 का संकल्प केवल केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर राज्य और हर कर्मचारी का साझा संकल्प है।
संकल्प: उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे:   मुख्य सचिव ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें स्मरण कराता है कि हम स्वतंत्र हैं, क्योंकि हमारे पूर्वजों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। हम सुरक्षित हैं, क्योंकि हमारे सैनिक सीमाओं पर डटे हैं। और शासन इसलिए चल रहा है, क्योंकि आप सभी अपना दायित्व ईमानदारी से निभा रहे हैं। इस गणतंत्र दिवस पर हम यह संकल्प लें कि हम संविधान की मर्यादा बनाए रखेंगे, जनता की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानेंगे और उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर के सुधांशु , एल फ़ैनाई, आर मीनाक्षी सुंदरम, सभी सचिवगण, अपर सचिवगण सचिवालय के अधिकारी कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस”

First Uniform Civil Code Day
First Uniform Civil Code Day

यूसीसी की घोषणा से लेकर प्रभावी क्रियान्वयन तक गौरव की अनुभूति : सीएम धामी
मुख्यमंत्री ने किया यूसीसी में योगदान देने वाले अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन में सराहनीय कार्य करने वालों का सम्मान
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने समान नागरिक संहिता को तैयार करने वाले कमेटी के सदस्यों, कुशल क्रियान्वयन करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और पंजीकरण में योगदान देने वाले वीएलसी को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूसीसी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित रहेगा, इसी दिन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हुई है, जिससे समाज में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना सुनिश्चित हो सकी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपरा सदैव समरसता और समानता की संवाहक रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में “समोहम सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योस्ति न प्रियः” का उपदेश दिया है, जिसका अर्थ है कि मैं सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता हूँ, न किसी का शत्रु हूँ और न ही किसी के प्रति पक्षपात करता हूँ। सनातन संस्कृति की यही महानता है, जिसने सदियों से दुनिया को समानता, न्याय और मानवता का मार्ग दिखाया है।
सच किया संविधान निर्माताओं का संकल्प  :   मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने ‘‘समान नागरिक संहिता’’ को संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में सम्मिलित किया था। उनका मत था कि देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व, अपने दृष्टिपत्र में राज्य में “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का संकल्प लिया। देवभूमि की जनता ने भी इस “देवकार्य” के लिए भाजपा को अपार समर्थन और आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उन्होंने दुबारा सत्ता संभालते ही पहले दिन से ही उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के लिए कार्य प्रारंभ किया। इसी क्रम में 7 फरवरी 2024 को समान नागरिक संहिता विधेयक को राज्य विधानसभा में पारित कर राष्ट्रपति महोदया को भेजा गया। जिसे 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। इसके बाद सभी आवश्यक नियमावली एवं प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए, राज्य सरकार ने 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को विधिवत रूप से लागू कर दिया।
महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत :   मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई थी। यूसीसी लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत भी हुई है। अब उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में एक भी हलाला या बहुविवाह का मामला सामने नहीं आया। यही कारण है कि मुस्लिम महिलाओं ने इस कानून का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक वोट बैंक की राजनीति के कारण, यूसीसी को लागू करने का साहस नहीं दिखाया गया। जबकि दुनिया के सभी विकसित और सभ्य देशों सहित प्रमुख मुस्लिम राष्ट्रों में समान नागरिक संहिता पहले से ही लागू है।
समानता से समरसता का प्रयास  :  मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है बल्कि ये तो समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में “समानता से समरसता’’ स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है। इस कानून के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है। यूसीसी में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद एवं उत्तराधिकार आदि से संबंधित नियमों को एक समान किया गया है। साथ ही संपत्ति के बंटवारे और बाल अधिकारों के विषय में भी स्पष्ट कानून बनाए गए हैं। संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी भी प्रकार का भेद नहीं किया गया है, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने के पश्चात उसकी संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच किसी प्रकार के मतभेद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मृतक की सम्पत्ति पर उसकी पत्नी, बच्चों एवं माता पिता को समान अधिकार प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय को देखते हुए युवक-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित के उद्देश्य से इस कानून में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा, ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जा रही है। लिव-इन के दौरान जन्में बच्चों को उस युगल का बच्चा ही मानते हुए, उसे जैविक संतान के समान समस्त अधिकार प्रदान किए गए हैं।
सिर्फ घोषणा नहीं सफल क्रियान्वयन भी किया :  मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनके लिए निजी तौर पर अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्होंने समान नागरिक संहिता को घोषणा से लेकर धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता के माध्यम से नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं की पहुँच को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया है। जहां यूसीसी लागू होने से पहले हमारे राज्य में औसतन केवल 67 विवाह पंजीकरण हुआ करते थे वो संख्या आज बढ़कर प्रतिदिन 1400 से अधिक हो गई है। राज्य की 30 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत विवाहित दंपतियों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। बीते एक वर्ष में यूसीसी के अंतर्गत लगभग 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 95 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण भी किया जा चुका है। राज्य में ऑनलाइन पोर्टल व्यवस्था तथा 7,500 से अधिक सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से शासन को वास्तव में सीधे जनता के द्वार तक पहुँचा दिया है।
विवाह में धोखाधड़ी करने पर सख्ती का प्रावधान:  मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने यूसीसी में आवश्यक संशोधनों से संबंधित विधेयक पारित किया था, जिसे एक दिन पहले ही  राज्यपाल महोदय की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसके अंतर्गत विवाह के समय यदि अपनी पहचान छिपाने या गलत तथ्य बताने पर ऐसे विवाहों को निरस्त करने का प्रावधान है। इसके साथ ही, विवाह एवं लिव-इन संबंधों में किसी भी प्रकार के बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।
देश को जोड़ते हैं मजबूत फैसले  :  मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने जनसंघ की स्थापना के समय से ही कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और समान नागरिक संहिता को लागू करने का संकल्प लिया था, अब ये संकल्प सिद्धि बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह साबित हुआ है कि मजबूत फैसले देश को तोड़ते नहीं, बल्कि जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर समान नागरिक संहिता को लेकर भ्रांतियाँ फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर कभी इसे मूल निवासी तो कभी लिव-इन पंजीकरण को लेकर भ्रम फैलाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति राज्य का ‘मूल निवासी’ नहीं बन सकता। इसी तरह लिव-इन संबंध पंजीकरण का प्रावधान बहनों-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से मां गंगा देवभूमि उत्तराखंड से निकलकर पूरे भारत को अभिसिंचित करती है, उसी प्रकार उत्तराखंड से निकलने वाली ये “समान नागरिक संहिता’’ की धारा भी देश के दूसरे राज्यों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अवश्य प्रेरित करेगी।
बहु विवाह पर होगी सख्ती :  मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कुछ मामले बहु विवाह और विवाह विच्छेद से भी संबंधित सामने आए हैं, ऐसे मामलों में अलग से प्रावधान करते हुए, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी अमेरिका के एक एनजीओ ने उन्हें हेट स्पीच का जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन यदि धर्मांतरण, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ बोलना हेट स्पीच है तो फिर वो फिर अच्छा ही है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ धन सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास,  सविता कपूर, सुरेश गड़िया, बृज भूषण गैरोला, सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह, दून विवि की वीसी प्रो सुरेखा डंगवाल, मनु गौड़, अजय मिश्रा , विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने हर्षोल्लास से मनाया 77वां गणतंत्र दिवस

THDC India Limited celebrated the 77th Republic Day with great enthusiasm.
THDC India Limited celebrated the 77th Republic Day with great enthusiasm.

ऋषिकेश, 27.01.2026: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने देशभक्ति की भावना के साथ देश का 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री सिपन कुमार गर्ग ने ऋषिकेश स्थित कंपनी के मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने परियोजना स्थलों और कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया एवं गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की | साथ ही सतत एवं विश्वसनीय विद्युत उत्पादन के माध्यम से संवैधानिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रति संगठन की सामूहिक प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर टीएचडीसीआईएल परिवार ने संविधान निर्माताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और भारत के लोकतंत्र की नींव रखने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिससे राष्ट्रीय गौरव की भावना के विशेष अनुभव की अनुभूति की गई।

जनसमूह को संबोधित करते हुए श्री सिपन कुमार गर्ग ने टीएचडीसीआईएल के कर्मचारियों के सामूहिक समर्पण को स्वीकार करते हुए राष्ट्र के विद्युत क्षेत्र को सुदृढ़ करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि टीएचडीसीआईएल की वर्षों की यात्रा निरंतर प्रदर्शन, लचीलापन और रणनीतिक विकास को दर्शाती है। एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करते हुए, श्री गर्ग ने बताया कि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की संस्थापित क्षमता में लगभग 130% की वृद्धि हुई है, जो 1,587 मेगावाट से बढ़कर 3,657 मेगावाट हो गई है, जो कि कंपनी के उत्पादन पोर्टफोलियो के महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि इस वृद्धि के साथ-साथ टीएचडीसीआईएल की वित्तीय स्थिति भी सुदृढ़ हुई है | कंपनी की क्रेडिट रेटिंग “एए” से “एए+” तक अपग्रेड हुई है, जो इसके सुदृढ़ परिचालन प्रदर्शन और वित्तीय अनुशासन की पुष्टि करती है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी प्रगति, बढ़ती अपेक्षाएं और सीमित समयसीमा यह मांग करती हैं कि संगठन न केवल उत्तरदायी हों अपितु सक्रियता के साथ भविष्य के लिए तैयार भी रहें।

ऋषिकेश स्थित कॉर्पोरेट मुख्यालय में आयोजित समारोह में श्री एल. पी. जोशी, मुख्य तकनीकी अधिकारी, श्री कुमार शरद, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं), डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मा.सं. एवं-प्रशा. व कें.सं.), एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में अधिकारी/ कर्मचारी एवं परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की सभी परियोजनाओं और कार्यालयों में गणतंत्र दिवस का उत्सव विशेष हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्तिपूर्ण प्रस्तुतियां और कर्मचारियों की भागीदारी शामिल थी, जो संगठन की एकता, गौरव और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की भावना को दर्शाती है।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड देश भर में विभिन्न प्रकार की विद्युत परियोजनाओं का प्रचालन करती है, जिनमें टिहरी एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट (750 मेगावाट), खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट (1320 मेगावाट), पाटन विंड पॉवर प्लांट (50 मेगावाट), द्वारका विंड पॉवर प्लांट (63 मेगावाट), ढुकवां एसएचईपी (24 मेगावाट) और कासरगोड सोलर पॉवर प्लांट (50 मेगावाट) के साथ अन्य रणनीतिक परिसंपत्तियां भी शामिल हैं, जो वर्तमान में 3,657 मेगावाट की संस्थापित क्षमता में योगदान करती हैं।

उच्च शिक्षा विभाग को मिले 10 और प्रयोगशाला सहायक

The Higher Education Department has received 10 more laboratory assistants.
The Higher Education Department has received 10 more laboratory assistants.

विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने वितरित किये नियुक्ति पत्र

नव चयनित अभ्यर्थियों को दी बधाई व शुभकामनाएं

देहरादून, 27 जनवरी 2026
उच्च शिक्षा विभाग को विज्ञान वर्ग के विभिन्न विषयों के 10 और प्रयोगशाला सहायक मिल गये हैं। राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित इन प्रयोगशाला सहायकों को विभागीय मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज नियुक्ति पत्र वितरित किये। इस अवसर पर डॉ रावत ने सभी नव नियुक्त प्रयोगशाला सहायकों को बधाई व शुभकामनाएं दी साथ ही उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से विभागीय कार्यों एवं दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करने की उम्मीद जताई।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रयोगशाला सहायक पद पर प्रतीक्षा सूची से चयनित 10 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किये। जिसमें भौतिक विज्ञान विषय में 01, जन्तु विज्ञान में 3, वनस्पति विज्ञान 4 तथा भूगोल में 2 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इन सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र के महाविद्यालयों में प्रथम तैनाती दी गई है। जिसमें भौतिक विज्ञान विषय में राकेश चन्द्र बिनवाल को द्वाराहाट महाविद्यालय में प्रथम तैनाती दी गई है। इसी प्रकार जन्तु विज्ञान में विमला मौनी को द्वाराहाट महाविद्यालय, पूजा को कर्णप्रयाग महाविद्यालय एवं रोहन कौशिक को गैरसैण महाविद्यालय में प्रथम तैनाती दी गई है। इसके अलावा वनस्पति विज्ञान में शिवानी को कर्णप्रयाग महाविद्यालय, हरिओम को सतपुली महाविद्यालय, पुलकित प्रताप को द्वाराहाट महाविद्यालय तथा कुलदीप सिंह चौहान को थत्यूड़ महाविद्यालय में तैनाती दी गई है। जबकि भूगोल विषय में प्रयोगशाल सहायक पद पर चयनित महादेव नौटियाल को नैनीडांडा महाविद्यालय तथा हरीश चन्द्र जोशी को काण्डा महाविद्यालय में प्रथम तैनाती दी गई है।

इस अवसर पर डॉ रावत ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी, साथ ही उम्मीद जताई वह अपने विभागीय कार्यों एवं दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ करेंगे। डॉ रावत ने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति से विभिन्न विषयों में प्रायोगात्मक कक्षाओं का सुचारू संचालन होगा। छात्र-छात्राओं को प्रयोगशाला में विभिन्न प्रायोगिक कार्यों की सुविधा मिलेगी। जिससे उनमें अपने विषय की गहरी समझ, कौशल विकास और वास्तविक समस्याओं को हल करने की क्षमता में बढ़ेगी।

इस अवसर पर विधायक जागेश्वर मोहन सिंह महरा, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. ए. एस. उनियाल, सहित अन्य विभागीय अधिकारी व नव नियुक्त प्रयोगशाला सहायक व उनके परिजन उपस्थित रहे।

Blinkit डिलीवरी बॉय ने की चेन स्नेचिंग, दून पुलिस ने 24 घंटे में भेजा जेल

A Blinkit delivery boy committed chain snatching; Dehradun police arrested him and sent him to jail within 24 hours.
A Blinkit delivery boy committed chain snatching; Dehradun police arrested him and sent him to jail within 24 hours.

देहरादून। रायपुर क्षेत्र में बुजुर्ग महिला के साथ हुई चेन स्नेचिंग की घटना का दून पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी Blinkit में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था और महिलाओं की रेकी कर वारदात को अंजाम देता था।
घटना 25 जनवरी 2026 की है। नथुवावाला ढांग निवासी गणेश दत्त बहुगुणा ने थाना रायपुर में तहरीर दी कि उनकी माता श्रीमती कुन्ती देवी सुबह पैदल अपने रिश्तेदारों के यहां खैरी खादर जा रही थीं। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल सवार युवक ने शिव मंदिर ढांग के पास झपट्टा मारकर उनके गले से मंगलसूत्र छीन लिया और फरार हो गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर थाना रायपुर पुलिस ने कई टीमें गठित कीं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। त्वरित कार्रवाई के चलते पुलिस ने आरोपी को बद्रीश कॉलोनी के पास जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सचिन (30 वर्ष) पुत्र सर्वेश कुमार निवासी ग्राम रसूलपुरकला, थाना फतेहपुर, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में जोगीवाला, रिंग रोड देहरादून में रह रहा था। आरोपी के कब्जे से छीना गया मंगलसूत्र बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई जा रही है।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह Blinkit एजेंसी में डिलीवरी का काम करता था और अपने महंगे शौकों के कारण उस पर कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने स्नेचिंग की योजना बनाई और डिलीवरी के दौरान अकेली महिलाओं की रेकी करने लगा। घटना वाले दिन उसने बुजुर्ग महिला को अकेला पाकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी

77वें गणतंत्र दिवस पर पुलिस लाइन रुद्रपुर में जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

On the occasion of the 77th Republic Day, District In-charge Minister Ganesh Joshi hoisted the national flag at the Police Lines in Rudrapur.
On the occasion of the 77th Republic Day, District In-charge Minister Ganesh Joshi hoisted the national flag at the Police Lines in Rudrapur.

रुद्रपुर, 26 जनवरी। प्रदेश के कृषि एवं जनपद उधम सिंह नगर प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने देश का 77 वां गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्य अतिथि पुलिस लाइन रुद्रपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि को पीआरडी एनसीसी स्काउट गाईड, पुलिस परेड की सलामी ली और परेड का निरीक्षण किया गया।

इस अवसर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा झांकियां निकाली गई साथ ही कई देश भक्ति गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई।

अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने 77वें गणतंत्र दिवस की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि देश के उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आज हम सब मिलकर अपने देश के 77वें गणतंत्र दिवस को मना रहे हैं। यह दिन हमारे लिए गर्व और उत्सव का दिन है। इसी दिन, 26 जनवरी 1950 को, भारत का संविधान लागू हुआ था और हम एक गणराज्य बने थे। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान ने हमें समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का अधिकार दिया है। यह संविधान ही है जिसने हमें एकजुट रखा है और हमें एक मजबूत राष्ट्र बनाया है। उन्होंने कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने हमें यह आजादी दिलाने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। हमें उनके बलिदानों को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से एक महाशक्ति बनने की राह पर अग्रसर है, जहां हमारी आवाज सुनी जाती है और हमें एक समान भागीदार के रूप में देखा जाता है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड हर एक क्षेत्र में विकास की नयी गाथा लिख रहा है। उन्होंने कहा कि रोड कनेक्टिविटी, कृषि, औद्यानिकी, ग्राम्य विकास, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व तरक्की कर रहा है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि 27 जनवरी का दिन उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य उत्तराखंड बना है। उन्होंने कहा उत्तराखंड वीर भूमि है। उन्होंने कहा कि सैनिकों के सम्मान में देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का बनकर तैयार हो गया है। जिसका शीघ्र ही लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज हम एक आधुनिक भारत का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत प्रगति की है। हमने अंतरिक्ष में भी अपना परचम लहराया है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आशा करते हुए कहा कि सभी व्यक्ति सरकार के साथ कंधे से कन्धा मिलकर उत्तराखंड को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोड़ा, मेयर विकास शर्मा, राज्यमंत्री उत्तम दत्ता, राज्यमंत्री फरजाना बेगम, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, प्रदेश महामंत्री महिला मोर्चा रश्मि रस्तोगी, जिलाधिकारी नितिन भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ध्वजारोहण कर, परेड की सलामी ली

The minister in charge, Dr. Dhan Singh Rawat, hoisted the flag and took the salute at the parade.
The minister in charge, Dr. Dhan Singh Rawat, hoisted the flag and took the salute at the parade.

चमोली में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस

विभिन्न विभागों ने आकर्षक झांकियों का किया प्रदर्शन, उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया पुरस्कृत

चमोली, 26 जनवरी 2026 (सू. वि.)

जनपद में 77वां गणतंत्र दिवस सोमवार को पूरे हर्षोल्लास, उत्साह और देशभक्ति के भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न स्थानों पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रातःकाल के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा हाथों में तिरंगा लेकर प्रभात फेरियां निकाली गईं, वहीं जनपद के सभी शिक्षण संस्थानों एवं विभागीय कार्यालयों में ध्वजारोहण कर गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किए गए।

मुख्य कार्यक्रम पुलिस मैदान, गोपेश्वर में आयोजित किया गया, जहां पुलिस विभाग द्वारा भव्य रैतिक परेड का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद के प्रभारी मंत्री एवं विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, सहकारिता, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा दुग्ध विकास विभाग मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। मुख्य कार्यक्रम से पूर्व शहीद पार्क में शहीदों को माल्यार्पण कर माननीय प्रभारी मंत्री जी द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों को दर्शाया गया।

अपने संबोधन में मा. प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान के लागू होने का गौरवशाली दिवस है। यह दिन हमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, बलिदान तथा संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता का स्मरण कराता है, जिनके प्रयासों से आज भारत एक सशक्त लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर स्थापित है। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान समानता, न्याय, स्वतंत्रता और भाईचारे जैसे मूल मूल्यों पर आधारित है और इन मूल्यों को आत्मसात कर हम एक समावेशी, सशक्त एवं विकसित समाज का निर्माण कर सकते हैं।

मा. मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नशामुक्त एवं भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार द्वारा उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं, जिनका लाभ आमजन तक पहुंच रहा है।

कार्यक्रम के दौरान कर्तव्यनिष्ठा, कानून व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु उपनिरीक्षक नवनीत भंडारी, संजय नेगी एवं मानवेंद्र गोसाईं को सम्मानित किया गया। वहीं खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर कुमारी स्वाती बड़वाल, सरोजिनी, भावेश तिवारी, राज, नवीन, श्रेय किमोठी एवं हुजैफा नाज को पुरस्कृत किया गया।

बहादुरी के लिए देवेश प्रसाद मलेठा, पंकज कुमार, आरव, दिव्या एवं दीपिका को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त कोषागार विभाग के कार्मिकों को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत प्रदान किया गया। कार्यक्रम में प्रस्तुत की गई विभागीय झांकियों में ग्राम विकास विभाग की झांकी को प्रथम पुरस्कार एवं उद्यान विभाग की झांकी को द्वतीय और स्वास्थ्य विभाग की झांकी को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टमटा, नगर पालिका अध्यक्ष गोपेश्वर संदीप रावत, नगर पालिका अध्यक्ष कर्णप्रयाग गणेश शाह, भाजपा जिला महामंत्री अरुण मैठाणी एवं विनोद कनवासी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित जनपद के सभी जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

बंशीधर तिवारी ने लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने की दिलाई शपथ

Banshidhar Tiwari administered the oath to strengthen democracy.
Banshidhar Tiwari administered the oath to strengthen democracy.

देहरादून । मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण) में आज 25 जनवरी 2026 को मनाए जाने वाले 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में एक गरिमामय शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने एमडीडीए के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मतदाता शपथ दिलाई। इस अवसर पर सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के पत्र संख्या 491/SVEEP-I/NVD/2025 दिनांक 15 जनवरी 2026 के क्रम में, “My India, My Vote” थीम के अंतर्गत राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया। आयोग के निर्देशानुसार लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान की महत्ता को रेखांकित करने तथा सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को शपथ दिलाने की अपेक्षा के अनुरूप एमडीडीए में विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे लोकतंत्र में पूर्ण आस्था रखते हुए संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करेंगे तथा किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या भेदभाव से मुक्त होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदाता जागरूकता को सुदृढ़ करने हेतु कार्यालय परिसर में राष्ट्रीय मतदाता दिवस का लोगो प्रदर्शित किया गया तथा स्टेशनरी, प्रचार सामग्री एवं एमडीडीए की वेबसाइट पर भी इसका प्रसार किया गया। इसके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्यक्रम की छायाचित्र सामग्री को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #NVD2026 हैशटैग के साथ साझा करने की कार्यवाही भी की गई, ताकि व्यापक स्तर पर नागरिकों को मतदान के प्रति प्रेरित किया जा सके।

एमडीडीए द्वारा यह पहल न केवल कर्मचारियों के बीच लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सशक्त लोकतंत्र की नींव जागरूक और निर्भीक मतदाता से ही पड़ती है। प्राधिकरण भविष्य में भी मतदाता जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*

राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोकतंत्र को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रत्येक नागरिक का मत देश के भविष्य की दिशा तय करता है। एमडीडीए के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने आज शपथ लेकर यह संकल्प लिया है कि वे स्वयं भी जिम्मेदार मतदाता बनेंगे और समाज में मतदान के प्रति सकारात्मक संदेश देंगे। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान हैं। बिना किसी दबाव, भय या प्रलोभन के मताधिकार का प्रयोग करना ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें और अधिक से अधिक नागरिकों को मतदान के लिए प्रेरित करें।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आयोजित यह शपथ कार्यक्रम कर्मचारियों में लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों की भावना को सुदृढ़ करता है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एमडीडीए ने मतदाता जागरूकता से जुड़े सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। हमारा प्रयास है कि मतदान के महत्व का संदेश कार्यालय के साथ-साथ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और अधिकाधिक लोग निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

‘मेरा भारत, मेरा वोट’ संदेश के साथ 25 जनवरी को प्रदेश भर में आयोजित होंगे मतदाता जागरूकता कार्यक्रम

Voter awareness programs will be organized across the state on January 25th with the message 'My India, My Vote'.
Voter awareness programs will be organized across the state on January 25th with the message 'My India, My Vote'.

– राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर देहरादून समेत कईं जिलों में हो रहे मतदाता जागरूकता के आयोजन

– राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य पर देहरादून में 500 से अधिक ‘माय भारत स्वयंसेवक’ कर रहे प्रतिभाग

– 25 जनवरी 2026 को ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी एवं महन्त इंद्रेश मोथरोवाला, देहरादून में होगा आयोजन

– माय भारत टिहरी गढ़वाल एवं जिला खेल कार्यालय नरेंद्रनगर की ओर से पूर्णानंद स्पोर्टस स्टेडियम, ऋषिकेश में होगा आयोजन

– पदयात्रा का उद्देश्य मेरा भारत मेरा वोट के संदेश के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी को अधिकतम करना है

रविवार, 25 जनवरी 2026 को मेरा युवा भारत (माय भारत) उत्तराखंड, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। जो ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी एवं महन्त इंद्रेश मोथरोवाला में होगा, जिसमें 500 से अधिक माय भारत स्वयंसेवक प्रतिभाग कर रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मेरा भारत मेरा वोट (माय भारत माय वोट) के संदेश के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी को अधिकतम करना है। यह कार्यक्रम एक राष्ट्रव्यापी युवा लामबंदी पहल है , जिसका उद्देश्य विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए सूचित नैतिक और सहभागी चुनावी जुड़ाव को बढ़ावा देना है। मतदाता जागरूकता को शारीरिक फिटनेस और सामुदायिक भागीदारी के साथ जोड़कर इस पहल का लक्ष्य राष्ट्रीय मतदाता दिवस को युवाओं के नेतृत्व वाले एक जीवंत जन आंदोलन में बदलना है।

#MyBharatMyVote के तहत फिट इंडिया संडेज ऑन साइकल का आयोजन टिहरी गढ़वाल में भी किया जा रहा है। जो पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, ऋषिकेश में होगा। फिट इंडिया संडेज ऑन साइकल का आयोजन माय भारत टिहरी गढ़वाल एवं जिला खेल कार्यालय नरेंद्रनगर, टिहरी गढ़वाल की ओर एकसाथ कराया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों में से एक युवा नागरिकों को मतदान के महत्व के बारे में संवेदनशील बनाना मतदाता पंजीकरण और चुनावी विवरणों में सुधार के लिए प्रोत्साहित करना और जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना है। यह पदयात्रा सामूहिक नागरिक कार्रवाई के माध्यम से मतदाता जागरूकता संदेश फैलाने के लिए एक दृश्यमान और सहभागी मंच के रूप में कार्य करेगी।

इस कार्यक्रम में ‘MY Bharat’ के स्वयंसेवकों और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखी जाएगी। गतिविधियों में पदयात्रा कार्यक्रम पहली बार मतदाता बनने वालों का सम्मान मतदाता जागरूकता संवाद शपथ ग्रहण समारोह और सार्वजनिक आउटरीच शामिल हैं।

राष्ट्र निर्माण के लिए इस तरह के लोकतांत्रिक अभ्यासों में युवाओं की भागीदारी एक महत्वपूर्ण घटक है। युवा नागरिकों को जागरूकता जिम्मेदारी और चुनावी प्रक्रिया में स्वामित्व की भावना के साथ सशक्त बनाना लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है। इस पहल के माध्यम से युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता के दूत के रूप में उभरने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

मेरा युवा भारत सभी युवा नागरिकों से राष्ट्रीय मतदाता दिवस पदयात्रा में सक्रिय रूप से भाग लेने और भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने में सार्थक योगदान देने का आह्वान करता है।

अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा दून विश्वविद्यालय में ‘एनालिसिस और पीडीई’ पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

The National Research Foundation organized a two-day workshop on 'Analysis and PDEs' at Doon University.
The National Research Foundation organized a two-day workshop on 'Analysis and PDEs' at Doon University.

– एएनआरएफ की इस रिसर्च परियोजना का शीर्षक “फास्ट और कम्प्यूटेशनली एफिशिएंट इटरेटिव रेगुलराइजेशन मेथड्स फॉर सॉल्विंग इनवर्स प्रॉब्लम्स” है

– भारत सरकार की प्रीमियर रिसर्च फन्डिंग एजेंसी है अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ)

– सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत गणित के छात्रों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

– आईआईटी, एनआईटी, विश्वविद्यालयों, कॉलेज और रिसर्च संस्थानों को रिसर्च, इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए फंड्स प्रदान करता है एएनआरएफ

– 2023 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे एक अधिनियम के तहत स्थापित किया गया

दून विश्वविद्यालय में गणित के छात्रों के लिए “एनालिसिस और पीडीई.” पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला, भारत सरकार की प्रीमियर रिसर्च फन्डिंग एजेंसी, “अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ)” की वैज्ञानिक सामाजिक जिम्मेदारी का एक हिस्सा है। प्रोफेसर आशा राम गैरोला इस कार्यशाला के दून विश्वविद्यालय में कोऑर्डिनेटर हैं। डॉ. कोमल और डॉ. सरिता सिंह मुख्य आयोजकों में शामिल हैं।

दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सूरेखा डंगवाल ने इस अवसर पर कहा कि गणित विभाग के संकाय सदस्य बहुत ही सक्रिय हैं। वे हमेशा अपने छात्रों के प्रशिक्षण के लिए नए अवसर बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि एएनआरएफ के अध्यक्ष प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हैं। ए.एन.आर.एफ, आईआईटी, एनआईटी, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और रिसर्च संस्थानों को रिसर्च, इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए फंड्स प्रदान करता है। 2023 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे संसद के एक अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था।

आईआईटी. रुड़की के गणित के प्रोफेसर डॉ. अंकिक गिरी ने कहा- यह कार्यशाला एएनआरएफ की रिसर्च परियोजना, जिसका शीर्षक “फास्ट और कम्प्यूटेशनली एफिशिएंट इटरेटिव रेगुलराइजेशन मेथड्स फॉर सॉल्विंग इनवर्स प्रॉब्लम्स” है। जिसके एसएसआर बजट हेड के अंतर्गत दून विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है।

वर्कशॉप के समन्वयक और दून विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. आशा राम गैरोला ने कहा कि छात्र पिछले दो दिनों से “विश्लेषण और पार्शियल डिफरेंशियल इक-वैसन के फंडामेंटल्स” सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को बहुत अच्छा अनुभव मिल रहा है।

Sensation after woman's body found in ditch in Sudhowala

सुद्धोवाला में खाई से महिला का शव मिलने से सनसनी

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देहरादून।  बाला सुंदरी प्राचीन मंदिर के पास खाई में एक महिला का तीन-चार दिन पुराना शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव...
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