Home Blog Page 14

आईजीआई ने उन्नत रंगीन रत्न विश्लेषण तकनीक से सुसज्जित अपनी दूसरी प्रयोगशाला का उद्घाटन किया

IGI inaugurated its second laboratory equipped with advanced colored gemstone analysis technology.
IGI inaugurated its second laboratory equipped with advanced colored gemstone analysis technology.

देहरादून – 02 फरवरी, 2026: — इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टिट्यूट, जो हीरे, रंगीन रत्नों और आभूषणों के प्रमाणन में एक वैश्विक और भरोसेमंद संस्था है तथा भारत में जिसकी मजबूत मौजूदगी है, ने अपनी दूसरी प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इससे उत्तर भारत में आईजीआई की मौजूदगी और मजबूत हुई है। रंगीन रत्नों के व्यापार, बिना कटे पोल्की और बेहतरीन आभूषण कारीगरी में जयपुर की पुरानी और समृद्ध परंपरा इसे आईजीआई के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बनाती है। सीतापुरा, जो जयपुर का प्रसिद्ध और समर्पित रत्न एवं आभूषण निर्माण केंद्र है, आईजीआई के व्यापार के करीब रहने के उद्देश्य के अनुरूप है। इससे उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता और भरोसा सुनिश्चित होता है। आईजीआई का सीतापुरा में शुभारंभ, स्थानीय उपस्थिति और बेहतर पहुंच के माध्यम से निर्माताओं और निर्यातकों को समर्थन देने की उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
इस अवसर पर बोलते हुए आईजीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं ग्लोबल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, श्री तेहमास्प प्रिंटर ने कहा,“आईजीआई में हमने उपभोक्ताओं की पसंद में हो रहे वैश्विक बदलाव को समय रहते पहचाना है, विशेष रूप से रंगीन रत्नों की बढ़ती मांग को। इस मांग में तेजी का मुख्य कारण ऐसे अनोखे फ्यूज़न डिज़ाइनों में उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि है, जिनमें कई कीमती रत्नों का संयोजन होता है, साथ ही पर्सनलाइज़्ड ज्वेलरी की लोकप्रियता और रंगीन रत्नों की दुर्लभता व सुंदरता के प्रति बढ़ता आकर्षण भी इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।”
इसके अतिरिक्त, रंगीन रत्नों की उत्पत्ति का निर्धारण और उनमें किए गए ट्रीटमेंट की पहचान अत्यंत विशेषज्ञता वाले प्रक्रियाएँ हैं, जिनके लिए अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक उपकरणों की आवश्यकता होती है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उन्नत तकनीक के साथ-साथ गहन जेमोलॉजिकल विशेषज्ञता भी आवश्यक है। जयपुर में हमारी नई प्रयोगशाला के माध्यम से आईजीआई बड़े पैमाने पर इस सटीकता को प्रदान करने की अपनी क्षमता को और सशक्त कर रहा है। यह विस्तार न केवल उद्योग की बढ़ती जरूरतों को समर्थन देता है, बल्कि पूरी वैल्यू चेन में पारदर्शिता, विश्वास और भरोसे को भी मजबूत करता है—जिससे वैश्विक स्तर पर रंगीन रत्नों के बाजार के विस्तार में योगदान मिलता है।
जयपुर स्थित यह सुविधा हीरे और रंगीन रत्नों आभूषणों के लिए आईजीआई की प्रमाणन सेवाओं की पूरी श्रृंखला प्रदान करेगी, जिससे पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित होगा। रमन स्पेक्ट्रोमेट्री, यूवी-विज़-एनआईआर स्पेक्ट्रोस्कोपी और एक्स-रे फ्लोरेसेंस जैसे उन्नत उपकरणों का उपयोग करते हुए आईजीआई रत्नों की आंतरिक संरचना, संघटन और समावेशन का विश्लेषण करता है, ताकि उनकी भूवैज्ञानिक उत्पत्ति और इतिहास का पता लगाया जा सके।
व्यापार को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, सीतापुरा कार्यालय क्षेत्रीय कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त शैक्षणिक कार्यक्रम भी प्रदान करेगा। ये कार्यक्रम आईजीआई स्कूल ऑफ जेमोलॉजी के माध्यम से उद्योग से जुड़े, आधुनिक जेमोलॉजिकल ज्ञान प्रदान करेंगे। इस नई शुरुआत के साथ, आईजीआई अब 10 देशों में 35 प्रयोगशालाएं संचालित करता है। इसके अलावा, आईजीआई के 21 स्कूल ऑफ जेमोलॉजी भी कार्यरत हैं।

केंद्रीय बजट में तीन नए एम्स का ऐलान: डॉ धन सिंह रावत

Three new AIIMS announced in the Union Budget Dr. Dhan Singh Rawat
Three new AIIMS announced in the Union Budget Dr. Dhan Singh Rawat

फार्मा क्षेत्र को गति देगी बायोफार्म शक्ति योजना, दवा उत्पादन में होगी वृद्धि

देहरादून, 1 फरवरी 2026

सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य व मेडिकल शिक्षा के लिये बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिये गये हैं। देश में तीन नये एम्स की स्थापना, दो नये राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, तथा एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल संस्थानों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिये पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब विकसित किये जायेंगे, जो आधुनिक अस्पतालों, चिकित्सा शिक्षा एवं शोध सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड हेल्थ सेंटर्स के रूप में कार्य करेंगे।

उन्होंने बताया कि डायबिटीज, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से निपटने के लिये बायोफार्मा शक्ति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत देश में बायोलॉजिक्स व बायोसिमिलर दवाओं के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उपचार सस्ता और सुलभ हो सकेगा।
डॉ रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्रीय बजट के अनुरूप राज्य स्तर पर ठोस प्रस्ताव तैयार किये जाएँ, ताकि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य व फार्मा क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा सके।

संत शिरोमणि रविदास महाराज की 649वीं जयंती धूमधाम से मनाई

The 649th birth anniversary of Saint Shiromani Ravidas Maharaj was celebrated with great fanfare.
The 649th birth anniversary of Saint Shiromani Ravidas Maharaj was celebrated with great fanfare.

ऋषिकेश। उत्तराखंड दलित विकास महासभा ने संत शिरोमणि रविदास महाराज की 649 वीं जयंती धूमधाम से मनाई। वक्ताओं ने लोगों से संत रविदास के बताए मार्गों पर चलने का आह्वान किया। रविवार को आईएसबीटी ऋषिकेश में उत्तराखंड दलित विकास महासभा द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें संत शिरोमणि रविदास महाराज रविदास महाराज की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकिशोर जाटव ने कहा कि संत गुरु रविदास ने मन चंगा तो कठौती में गंगा का संदेश दिया था। उन्होंने हमेशा यही प्रेरणा दी है कि हम सबको सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए और संत महात्माओं दीन दुखियों की सेवा करने से ही ईश्वर की प्राप्ति होती है। वह पतित पावनी मां गंगा के परम भक्त थे। मां गंगा सदैव उन्हें दर्शन देने के लिए प्रकट हो जाती थी। इससे उनकी महानता का अंजादा लगाया जा सकता है। उन्होंने दलित समाज में जन्म लेने के बाद भी दुनिया में उत्कृष्ट कार्य किया, जिसके आज पूरी दुनिया उनका अनुशरण करती है। मौके पर राजू बिष्ट, राजीव बर्थवाल, शीशराम भगत, शम्मी, राकेश कुमार, धनपत, रामदयाल, आशु भट्ट, दीपक टंडन, वीरू छतरिया, प्रदीप भट्ट, ऋषि प्रजापति, नितिन दीक्षित, नीरज आहूजा आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी डोईवाला में विधायक  प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में सम्मिलित हुए ।

Chief Minister Dhami attended the Shrimad Bhagwat Katha program organized by MLA Premchand Agarwal in Doiwala.
Chief Minister Dhami attended the Shrimad Bhagwat Katha program organized by MLA Premchand Agarwal in Doiwala.

देहरादून।  मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों का महत्वपूर्ण आधार है, जो मानव जीवन को सदाचार, सेवा और कर्तव्यबोध की प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री ने आयोजन के सफल संचालन हेतु विधायक प्रेमचंद अग्रवाल एवं उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जनमानस को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

केन्द्रीय बजट में शिक्षा, शोध, स्वास्थ्य व कौशल विकास पर फोकस: डॉ. धन सिंह रावत

Central budget focuses on education, research, health and skill development Dr. Dhan Singh Rawat
Central budget focuses on education, research, health and skill development Dr. Dhan Singh Rawat

देशभर कर 15,000 स्कूलों व 500 कॉलेजों में स्थापित होंगी एवीजीसी कंटेंट लैब

डिजिटल नॉलेज ग्रिड के माध्यम से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगे युवा

देहरादून, 1 फरवरी 2026
सूबे के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026–27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट शिक्षा, शोध, स्वास्थ्य और कौशल विकास को सशक्त बनाने वाला दूरदर्शी व सर्वसमावेशी बजट है। यह बजट युवाओं को भविष्य के लिये तैयार करने के साथ-साथ भारत को वैश्विक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डॉ. रावत ने बताया कि केन्द्रीय बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिये 1,39,289 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 8.27 प्रतिशत अधिक है। बजट में पाँच यूनिवर्सिटी टाउनशिप स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, जहाँ शोध, स्टार्ट-अप, नवाचार और इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। ये संस्थान विद्यार्थियों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने पर विशेष फोकस करेंगे।

उन्होंने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के सहयोग से देशभर के 15,000 विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट लैब स्थापित की जाएँगी। इसके साथ ही डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना से छात्रों को उच्च गुणवत्ता की डिजिटल शिक्षा सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक जनपद में एक-एक महिला छात्रावास (गर्ल्स हॉस्टल) की स्थापना से बालिका शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस जन-कल्याणकारी बजट के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्रीय बजट के अनुरूप राज्य स्तर पर ठोस प्रस्ताव तैयार किये जाएँ, ताकि प्रदेशवासियों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।

देहरादून में ज़मीनी स्तर की प्रतिभाओं को निखारने के लिए ‘पेस्टल वीड क्रिकेट एकेडमी’ का उद्घाटन

The 'Pastel Weed Cricket Academy' was inaugurated in Dehradun to nurture grassroots talent.
The 'Pastel Weed Cricket Academy' was inaugurated in Dehradun to nurture grassroots talent.

देहरादून – 1 फरवरी, 2026 — उत्तराखंड में ज़मीनी स्तर पर क्रिकेट और खेल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। मसूरी डाइवर्जन रोड स्थित ‘द पेस्टल वीड स्कूल’ परिसर में पेस्टल वीड क्रिकेट एकेडमी का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया। श्री अमित लारा द्वारा आयोजित यह समारोह दोपहर 12:00 बजे शुरू हुआ, जिसमें क्रिकेट, प्रशासन और शिक्षा जगत की जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की।

विशिष्ट अतिथि और गरिमामयी उपस्थिति, इस अवसर पर बीसीसीआई (BCCI) के पूर्व उपाध्यक्ष और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) के पूर्व सचिव श्री महिम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। नेशनल अवार्डी और द पेस्टल वीड स्कूल के चेयरमैन डॉ. प्रेम कश्यप ने ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में शिरकत की, जो समग्र शिक्षा और खेल विकास के प्रति संस्थान की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अन्य विशिष्ट अतिथियों में शामिल थे: श्री अजय पांडे, उपाध्यक्ष, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड, श्री रघुराज सिंह, उप निदेशक (ऑडिट), उत्तराखंड, श्री राकेश भट्टी, पूर्व रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी, श्री संतोष गैरोला और श्री पी. सी. वर्मा, श्रीमती किरण रौतेला वर्मा, सचिव, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड, श्री वरुण गुलाटी, श्रीमती राशि कश्यप, निदेशक, द पेस्टल वीड स्कूल, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल, पूर्व जीओसी उत्तराखंड और शैक्षणिक निदेशक।

इस अवसर पर प्रेरणा और आकांक्षा का संचार करते हुए, पेसल वीड स्कूल ने अपने प्रतिष्ठित पूर्व छात्र, मिस्टर युधवीर सिंह चरक की यात्रा को विशेष रूप से रेखांकित किया। युधवीर एक दाएं हाथ के मध्यम-तेज गेंदबाज हैं, जो वर्तमान में भारतीय पेशेवर क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहे हैं और आईपीएल (IPL) में लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

पेसल वीड क्रिकेट एकेडमी के उद्घाटन के माध्यम से, स्कूल का लक्ष्य युधवीर सिंह चरक द्वारा बनाए गए मार्ग पर चलते हुए भारत के लिए कई और क्रिकेटरों को तराशना और तैयार करना है। एक गौरवान्वित ‘पेसलवेनियन’ के रूप में, स्कूल के मैदान से भारतीय क्रिकेट जगत तक का युधवीर का सफर युवा उम्मीदवारों के लिए एक सशक्त उदाहरण है। उनकी सफलता इस विश्वास को पुख्ता करती है कि सही मार्गदर्शन, बुनियादी ढांचे और अनुशासन के साथ, पेसल वीड के छात्र खेल के उच्चतम स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए आगे बढ़ सकते हैं। एकेडमी का लक्ष्य और विजन,  पेस्टल वीड क्रिकेट एकेडमी का उद्देश्य युवा और महत्वाकांक्षी क्रिकेटरों को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा और पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान करना है। समारोह के दौरान वक्ताओं ने एकेडमी के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला:

प्रतिभा की पहचान: युवा खिलाड़ियों को ज़मीनी स्तर से राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए एक व्यवस्थित मार्ग तैयार करना।

विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा: अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण और सुविधाएं प्रदान करना।

पेशेवर कोचिंग: अनुभवी और योग्य कोचों के मार्गदर्शन में तकनीकी, शारीरिक और मानसिक कौशल विकसित करना।

कार्यक्रम का समापन सीएयू (CAU) के मुख्य संरक्षक और श्री अमित लारा के पिता श्री पी. सी. वर्मा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह एकेडमी क्षेत्र में क्रिकेट के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभरेगी और भविष्य के पेशेवर क्रिकेटरों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित 31वीं इंटर सीपीएसयू शतरंज प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न

The 31st Inter CPSU Chess Tournament organized by THDC India Limited has successfully concluded.
The 31st Inter CPSU Chess Tournament organized by THDC India Limited has successfully concluded.

ऋषिकेश, 01-02-2026: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा विद्युत खेल नियंत्रण बोर्ड (पीएससीबी), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित 31वीं इंटर–सेंट्रल पावर सेक्टर अंडरटेकिंग्स (आईसीपीएसयू) शतरंज प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक समापन दिनांक 31 जनवरी 2026 को टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में किया गया।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सिपन कुमार गर्ग ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता टीमों एवं खिलाड़ियों को बधाई दी तथा सभी प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित खेल भावना की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि टीएचडीसीआईएल खेल एवं स्वास्थ्य की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सतत रूप से प्रतिबद्ध है, जो कर्मचारियों के समग्र विकास में सहायक होने के साथ-साथ विद्युत क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के मध्य आपसी सौहार्द को सुदृढ़ करता है।

समापन समारोह में डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन–प्रशासन एवं केंद्रीय संचार), टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने विजेता टीमों एवं खिलाड़ियों को बधाई दी तथा पूरे टूर्नामेंट के दौरान सभी टीमों द्वारा प्रदर्शित उत्साहपूर्ण सहभागिता एवं अनुकरणीय खेल भावना की प्रशंसा की।

इस प्रतियोगिता में विद्युत क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों की कुल 11 टीमों ने भाग लिया। पुरुष शतरंज चैंपियनशिप (टीम स्पर्धा) में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) द्वितीय स्थान पर रहा तथा टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

पुरुष व्यक्तिगत शतरंज चैंपियनशिप में श्री सौरभ बिस्वास (ग्रिड इंडिया) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि श्री सौरभ धीमान (एसजेवीएनएल) एवं श्री नागा पवन कल्याण कुमार (पीजीसीआईएल) ने क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया।

महिला शतरंज चैंपियनशिप (टीम स्पर्धा) में पीजीसीआईएल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि एनएचपीसी द्वितीय एवं ग्रिड इंडिया तृतीय स्थान पर रहा।

महिला व्यक्तिगत शतरंज चैंपियनशिप में सुश्री लिया जॉर्ज (एनएचपीसी) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सुश्री हिमांशी (पीजीसीआईएल) एवं सुश्री कमलेश (पीजीसीआईएल) ने क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन श्री ए. के. विश्वकर्मा, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन–कल्याण) द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन स्विस प्रणाली के अंतर्गत, फीडे (एफ.आई.डी.ई.) के समस्त नियमों एवं विनियमों का पूर्णतः पालन करते हुए किया गया।

प्रतियोगिता का संचालन सुश्री स्वाति भट्ट (अंतरराष्ट्रीय निर्णायक), श्री संकल्प अरोड़ा (फीडे निर्णायक) एवं सुश्री प्रकृति मनोध्या (फीडे निर्णायक) द्वारा किया गया।

 

उक्त टूर्नामेंट में विद्युत मंत्रालय, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सी.ई.ए.), भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बी. बी.एम.बी.), दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डी.वी.सी.), ग्रिड इंडिया, एनएचपीसी, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आर.ई.सी.), एसजेवीएनएल तथा टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की टीमों ने सहभागिता की।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उत्तराखण्ड की सबसे प्रभावी प्रस्तुति, 13 विषय रखे

Uttarakhand gave the most effective presentation at the Central Zonal Council meeting, presenting 13 issues.
Uttarakhand gave the most effective presentation at the Central Zonal Council meeting, presenting 13 issues.

– नवा रायपुर में आयोजित स्थायी समिति की 17वीं बैठक में चार राज्यों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई विस्तृत चर्चा
देहरादून। नवा रायपुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17वीं बैठक में उत्तराखण्ड राज्य ने विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को मजबूती के साथ उठाया। बैठक में उत्तराखण्ड द्वारा 13 बिंदु/विषय प्रस्तुत किए गए, जो अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक रहे। राज्य की ओर से रखे गए विषयों पर केंद्र सरकार द्वारा सकारात्मक रुख व्यक्त किया गया। मध्य क्षेत्रीय परिषद की यह बैठक उत्तराखण्ड राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें न केवल राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों को केंद्र स्तर पर मजबूती से रखा गया, बल्कि इससे क्षेत्रीय सहयोग और समन्वय को भी नई गति मिलेगी। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री तथा वन एवं पर्यावरण  आरके सुधांशु की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रतिभाग किया।  मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17वीं बैठक में परिषद के सदस्य राज्य छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में चारों राज्यों के सामाजिक-आर्थिक विकास, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, लंबित मामलों के समाधान और आपसी समन्वय को मजबूत करने संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री तथा वन एवं पर्यावरण   आरके सुधांशु ने बताया कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की यह बैठक बेहद प्रभावी रही। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की ओर से सभी बिंदुओं को ठोस तर्कों और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया, जिस पर भारत सरकार द्वारा सकारात्मक रुख अपनाते हुए समुचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उठाए गए कुछ महत्वपूर्ण 11 बिन्दुओं को आगे इसकी पुनःसमीक्षा तथा भविष्य में इसकी प्रगति की समीक्षा किए जाने हेतु यथावत रखा गया था। बैठक में इन 11 बिन्दुओं से संबंधित विषयों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इन बिन्दुओं में खाद्य सुरक्षा उपायों से संबंधित कार्यवाही, महिलाओं तथा बच्चों के यौन शोषण संबंधित प्रकरणों तथा पाक्सो से संबंधित प्रकरणों पर कार्यवाही, फास्ट ट्रैक कोर्ट से संबंधित कार्यवाही, महिलाओं तथा बच्चों में कुपोषण की रोकथाम हेतु उपाय, ईआरएसएस 112 से संबंधित कार्य, सहकारिता को प्रभावी बनाए जाने हेतु उपाय, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबंधित कार्य, सभी गांवों में पांच किमी की परिधि में बैंक की शाखाएं/आईपीपीबी (इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक) की स्थापना संबंधी कार्य आदि विषयों की समीक्षा शामिल थी।   बैठक के दौरान राज्यों द्वारा अपनाई जा रही नवाचारपूर्ण पहलों एवं बेस्ट प्रैक्टिसेस पर भी चर्चा की गई। उत्तराखण्ड द्वारा निम्न 03 बेस्ट प्रेक्टिसेस प्रस्तुत की गई: राज्य-से-निवेश आपूर्ति श्रृंखला योजना, डिजिटल शिक्षा प्रबंधन प्रणाली  तथा सारा द्वारा किए जा रहे जल संवर्द्धन/संरक्षण से संबंधित कार्य अन्य 03 राज्यों उत्तर-प्रदेश, मध्य-प्रदेश, छत्तीसगढ़ द्वारा भी तीन-तीन प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में उत्तराखण्ड के प्रस्तुतीकरण को सराहा गया। बैठक में अधिकारियों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा किए, जिससे आपसी सहयोग, नीति निर्माण की गुणवत्ता तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई दिशा मिलेगी।  इस बैठक में राज्य से प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण  आरके सुधांशु, सचिव  बीवीआरसी पुरुषोत्तम, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास  विनोद कुमार सुमन, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग  राजेंद्र कुमार, विशेष सचिव गृह, श्रीमती निवेदिता कुकरेती, विशेष सचिव,  पराग मधुकर धकाते और द्वारा इस बैठक में प्रतिभाग किया गया।
बैठक से योजनाओं के क्रियान्वयन को मिलेगी गति : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करने और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ने इस बैठक में विकास, आधारभूत संरचना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ रखा है। परिषद के माध्यम से प्राप्त सहमति और सुझावों के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य में योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगात्मक दृष्टिकोण से नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया को गति मिलती है, जिसका सीधा लाभ जनता को मिलता है।
उत्तराखण्ड द्वारा रखे जाने वाले बिन्दुओं के संबंध में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा सभी विभागों से कराई गई थी प्रभावी तैयारी :
मुख्य सचिव  आनंद बर्द्धन द्वारा विभिन्न विभागों के साथ पृथक-पृथक बैठक कर सभी बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए परिषद की बैठक में प्रस्तुत करने हेतु प्रस्ताव तैयार कराया गया था। इस बैठक में पहली बार उत्तराखण्ड से संबंधित अधिकतम 13 विषयों को प्रस्तुत किया गया, जबकि छत्तीसगढ़ द्वारा 04, मध्य प्रदेश द्वारा 05 तथा उत्तर प्रदेश द्वारा 03 विषय प्रस्तुत किए गए।
उत्तराखण्ड राज्य की ओर से सामाजिक, आधारभूत संरचना एवं आपदा-संवेदनशील परिस्थितियों से जुड़े विषय प्रमुखता से उठाए गए। इनमें प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हेतु मानकों में संशोधन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की धनराशि में वृद्धि, निराश्रित गोवंशीय पशुओं के संरक्षण, विद्युत लाइनों एवं अन्य विद्युत संरचनाओं के आपदा से क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में पुनस्र्थापन के मानक निर्धारण, मेरठ-ऋषिकेश आरआरटीएस विस्तार, हरिद्वार-हर्रावाला रेल लाइन के दोहरीकरण, आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहरों के पुनर्निर्माण मानक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय, आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु वन भूमि हस्तांतरण, वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम में शिथिलीकरण तथा टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना से जुड़े विषय शामिल रहे।
केंद्र सरकार द्वारा रखे गए राज्य से संबंधित प्रमुख विषय :   बैठक में भारत सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस एवं प्रशासनिक सुधार से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। इनमें सभी योजनाओं एवं ई-गवर्नेंस एप्लीकेशनों में लोकल गवर्नमेंट डायरेक्टरी को मानक लोकेशन कोड के रूप में अपनाने, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम, पीएम-यशस्वी योजना, राज्य स्तर पर कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम की स्थापना, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर एवं साइबर अपराध से जुड़े विषय शामिल रहे। इसके अतिरिक्त शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विषयों में केंद्रीय विद्यालयों के लिए भूमि उपलब्धता, नवोदय विद्यालय योजना, आपदा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलों के पुनस्र्थापन हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत त्वरित वित्तीय प्रावधान, जिला खनिज न्यास की स्थापना, खनिज ब्लॉकों से जुड़े मुद्दे तथा मत्स्य पालन, ट्रेसेबिलिटी एवं एक्वा पार्क/जोन को बढ़ावा देने से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया
परिषद की मुख्य बैठक से पहले एजेंडा तय करने का मंच :  यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इसमें मध्य क्षेत्रीय परिषद की मुख्य बैठक से पहले एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाता है। यहां लिए गए निर्णय और सिफारिशें परिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत की जाती हैं। बैठक में अंतर्राज्यीय लंबित मामलों के समाधान, नीतिगत समन्वय को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने पर चर्चा हुई।
विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा :   बैठक में पंचायती राज, कानून एवं न्याय, गृह, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास, ग्रामीण विकास, रेल, खान, सामाजिक न्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, कोयला, नागरिक उड्डयन, पर्यावरण, जल जीवन मिशन, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, वित्त सेवाएं, डाक, पशुपालन, वाणिज्य और मत्स्य पालन जैसे कई मंत्रालयों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इन चर्चाओं का उद्देश्य विकास योजनाओं में तेजी लाना और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना रहा।

कोटद्वार में विकास और प्रकृति संरक्षण का संगम, मुख्यमंत्री ने बर्ड वाचिंग फेस्टिवल का किया शुभारंभ

A blend of development and nature conservation in Kotdwar; Chief Minister inaugurates Bird Watching Festival.
A blend of development and nature conservation in Kotdwar; Chief Minister inaugurates Bird Watching Festival.

– कोटद्वार में मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात, 326 करोड़ से अधिक की 61 योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
– कोटद्वार में बर्ड फेस्टिवल का आगाज़, करोड़ों की योजनाओं से विकास को नयी गति, बहुत बड़ी संख्या में जनसमूह रहा उपस्थित
– बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल से कोटद्वार को नई पहचान, इको-टूरिज्म और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री
कोटद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार में आयोजित बर्ड फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद के विभिन्न विकासखंडों के लिए करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार पहुंचकर सबसे पहले दिव्यांग बालक-बालिकाओं से मिलकर उनसे संवाद किया तथा उनकी शिक्षा के बारे में जाना। उसके बाद उन्होंने सिद्धबली मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने सनेह क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय बर्ड वाचिंग फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मुख्यमंत्री धामी तथा अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साथ ही राजकीय कन्या इंटर कॉलेज कोटद्वार की छात्राओं ने लोकभाषा गढ़वाली में स्वागत गान गाकर अतिथियों का अभिनंदन किया। हेरिटेज स्कूल के नन्हे मुन्ने बच्चों की पक्षी एवं प्रकृति संरक्षण पर शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा कुल 61 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इनमें 21 योजनाओं का शिलान्यास शामिल रहा, जिनकी कुल अनुमानित लागत 8,172.78 लाख रुपये रही। वहीं 40 योजनाओं का लोकार्पण किया गया, जिनकी कुल लागत 24,439.55 लाख रुपये रही। इस प्रकार कुल 32,612.33 लाख रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास संपन्न हुआ।  मुख्यमंत्री ने फेस्टिवल परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया, जिनमें पक्षियों की फोटो प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पक्षी पहचान एवं संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल अत्यंत सराहनीय हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वां दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और इसमें महिलाओं का योगदान सर्वाधिक रहेगा। महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पाद गुणवत्ता में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों से भी बेहतर हैं। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि बस टर्मिनल, आयुष चिकित्सालय, खोह नदी को प्रदूषण मुक्त करने हेतु एसटीपी की स्थापना, मालन नदी पर 26 करोड़ रुपये से अधिक लागत से पुल निर्माण तथा कोटद्वार-नजीबाबाद फोर लेन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए घोषणाएँ करते हुए कहा कि हल्दूखाता में नगरीय पेयजल योजना की खनन प्रभावित जीर्ण शीर्ण पाइपलाइन का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में दो कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, विज्ञान कक्ष, कंप्यूटर कक्ष तथा चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। कोटद्वार में खोह नदी के दायें तट पर स्थित जीतपुर गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र झंडीचौड़ में 108 एम्बुलेंस सेवा की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। साथ ही राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक पक्षी प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बर्ड फेस्टिवल कोटद्वार क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता की दृष्टि से देश के समृद्ध राज्यों में शामिल है, जहाँ लगभग 71 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। राज्य पर्यावरण संरक्षण में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यहां प्रतिवर्ष लाखों प्रवासी पक्षी आते हैं तथा देश में पाई जाने वाली लगभग 1300 पक्षी प्रजातियों में से 400 से अधिक दुर्लभ एवं सुंदर प्रजातियाँ उत्तराखण्ड में पाई जाती हैं। मुख्यमंत्री ने सुरख़ाब पक्षी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सुनहरे पंखों वाला दुर्लभ पक्षी सर्दियों के मौसम में उत्तराखण्ड आता है, जिस पर प्रचलित कहावत है कि “सुरख़ाब के पंख लगे हैं क्या”। उन्होंने कहा कि पक्षी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ बीज प्रसार एवं पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत सरकार के सहयोग से राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है तथा इस उद्देश्य से वन विभाग को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है। सरकार ड्रोन पायलट, इको-टूरिज्म एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी को प्रोत्साहित कर रही है तथा विद्यार्थियों को शैक्षिक यात्राओं में सहयोग प्रदान कर रही है। घायल पशु-पक्षियों के उपचार हेतु कालागढ़ में विशेष व्यवस्था की गई है। विधानसभा अध्यक्षा एवं स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूरी भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड में पायी जाने वाली लगभग 700 पक्षी प्रजातियों में से करीब 400 प्रजातियाँ कोटद्वार क्षेत्र में पायी जाती हैं, जो यहां की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है। उन्होंने बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल को इको-टूरिज़्म एवं बर्ड-टूरिज़्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस आयोजन को प्रदेश सरकार के वार्षिक कैलेंडर में शामिल कर प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी को ‘बर्ड फेस्टिवल दिवस’ के रूप में मनाया जाए, जिससे देश विदेश के पक्षी एवं प्रकृति प्रेमी कोटद्वार की ओर आकर्षित हों। विधानसभा अध्यक्षा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से कोटद्वार को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में क्षेत्र को मिली करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जनपद के समग्र विकास को नयी गति मिलेगी। जिलाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जैव विविधता, प्रकृति और जीवन के प्रति संवेदनशीलता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि बर्ड फेस्टिवल अपने आप में एक अनूठी पहल है, जो न केवल पक्षियों के संरक्षण का संदेश देता है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार भी खोलता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से कोटद्वार क्षेत्र को पर्यटन के नए आयाम मिलेंगे और यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों की पहचान बनेगा। जिलाधिकारी ने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि जब भी हम किसी पक्षी को खुले आकाश में उड़ते हुए देखते हैं, तब हमें स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझ में आता है। स्वतंत्रता केवल मनुष्य का अधिकार नहीं है, बल्कि पशु-पक्षियों और सम्पूर्ण प्रकृति का भी उतना ही मौलिक अधिकार है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह फेस्टिवल आने वाले समय में प्रकृति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का सशक्त माध्यम बनेगा और जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नयी दिशा देगा।
दो दिवसीय बर्ड वाॅचिंग फेस्टिवल के पहले दिन लगभग 2500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। इसमें 300 छात्र-छात्राएं, 800 युवा, 400 महिलाएं, 100 बर्ड वाॅचर तथा 900 से अधिक अन्य लोग शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि फेस्टिवल के अंतर्गत आयोजित मैराथन दौड़, पेंटिंग, क्विज एवं निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को फेस्टिवल के अंतिम दिन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
मंच संचालन डॉ. . पद्मेश बुड़ाकोटी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक लैंसडाउन महंत दिलीप सिंह रावत, उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेद्र अणथ्वाल, उपाध्यक्ष सिंचाई समिति ऋषि कंडवाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, मेयर नगर निगम कोटद्वार शैलेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, डीएफओ लैंसडाउन जीवन मोहन दगाड़े, मण्डी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला, नगर आयुक्त कोटद्वार पीएल शाह, उपजिलाधिकारी कोटद्वार चतर सिंह चौहान, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, जिला अध्यक्ष भाजपा राज गौरव नौटियाल, पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बर्ड वॉचर तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।

हरिद्वार में हुई एचआरडीए के कार्यों की अहम समीक्षा बैठक

A crucial review meeting of HRDA's work was held in Haridwar.
A crucial review meeting of HRDA's work was held in Haridwar.

– प्रधानमंत्री आवास और शहरी विकास को मिलेगी नई गति, आवास, मास्टर प्लान और यूनिटी मॉल पर सरकार का फोकस, डॉ. आर. राजेश कुमार ने एचआरडीए को दिए स्पष्ट निर्देश
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में सुनियोजित शहरी विकास, पारदर्शी आवास व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में शासन स्तर पर विकास प्राधिकरणों की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि योजनाओं का लाभ आम जनता तक समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पहुँच सके। सचिव आवास विकास एवं राज्य सम्पत्ति उत्तराखण्ड, डॉ. आर. राजेश कुमार ने शुक्रवार को हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) के सभागार में समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने एचआरडीए द्वारा एकत्र किए गए राजस्व, एकल एवं गैर-एकल आवासीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। सचिव ने निर्देश दिए कि आवासीय आवेदनों पर शासन स्तर से लगाई गई आपत्तियों का त्वरित निस्तारण कर उन्हें तत्काल शासन को प्रेषित किया जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर:   समीक्षा के दौरान सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों में पूर्ण पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित और टिकाऊ आवास उपलब्ध कराना है।
मास्टर प्लान, सौंदर्यकरण और थर्ड पार्टी ऑडिट पर फोकस :    डॉ. आर. राजेश कुमार ने विगत वर्षों में किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए पार्किंग स्थलों, सड़क किनारे सौंदर्यकरण, गमलों के रखरखाव और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। साथ ही मास्टर प्लान को प्राथमिकता बताते हुए कार्यों में कमियों की पुनरावृत्ति रोकने और थर्ड पार्टी एजेंसी से गुणवत्ता जांच कराने पर जोर दिया।
यूनिटी मॉल का स्थलीय निरीक्षण, काम में तेजी के निर्देश :   बैठक के बाद सचिव ने निर्माणाधीन यूनिटी मॉल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यह प्रधानमंत्री की प्राथमिक परियोजना है, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष फोकस है। वर्तमान में लगभग 45 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। भारत सरकार से प्राप्त किस्त जारी कर दी गई है, शेष एस्केलेशन प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके।
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ को मिलेगा नया मंच :   एचआरडीए सचिव मनीष कुमार सिंह ने जानकारी दी कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत हरिद्वार जनपद का चयन किया गया है। यूनिटी मॉल में 54 शॉप और 3 मल्टी कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं, जहां देश के सभी राज्यों और उत्तराखंड के 13 जनपदों के स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान :   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि शहरी विकास योजनाएं पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और जनहित के साथ लागू हों। एचआरडीए द्वारा किए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण, समयबद्ध क्रियान्वयन और जनआवश्यकताओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है। यूनिटी मॉल जैसी परियोजनाएं न केवल स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय मंच देंगी, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देंगी। सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मास्टर प्लान के अनुरूप कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

Punjab National Bank launches digital loan “PNB Gruh Vatika” to promote rooftop organic gardening

रूफटॉप आर्गेनिक बागवानी के प्रोत्साहन के लिए पंजाब नैशनल बैंक ने...

0
देहरादून- 11 मार्च 2026: पंजाब नेशनल बैंक भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, ने “पीएनबी गृह वाटिका ” नामक नई...
romabet romabet romabet
deneme bonusu veren siteler