21.6 C
Dehradun, IN
October 25, 2026
https://primetimesnewz.com/
उत्तराखंड

आईजीआई ने उन्नत रंगीन रत्न विश्लेषण तकनीक से सुसज्जित अपनी दूसरी प्रयोगशाला का उद्घाटन किया

IGI inaugurated its second laboratory equipped with advanced colored gemstone analysis technology.

देहरादून – 02 फरवरी, 2026: — इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टिट्यूट, जो हीरे, रंगीन रत्नों और आभूषणों के प्रमाणन में एक वैश्विक और भरोसेमंद संस्था है तथा भारत में जिसकी मजबूत मौजूदगी है, ने अपनी दूसरी प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इससे उत्तर भारत में आईजीआई की मौजूदगी और मजबूत हुई है। रंगीन रत्नों के व्यापार, बिना कटे पोल्की और बेहतरीन आभूषण कारीगरी में जयपुर की पुरानी और समृद्ध परंपरा इसे आईजीआई के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बनाती है। सीतापुरा, जो जयपुर का प्रसिद्ध और समर्पित रत्न एवं आभूषण निर्माण केंद्र है, आईजीआई के व्यापार के करीब रहने के उद्देश्य के अनुरूप है। इससे उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता और भरोसा सुनिश्चित होता है। आईजीआई का सीतापुरा में शुभारंभ, स्थानीय उपस्थिति और बेहतर पहुंच के माध्यम से निर्माताओं और निर्यातकों को समर्थन देने की उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
इस अवसर पर बोलते हुए आईजीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं ग्लोबल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, श्री तेहमास्प प्रिंटर ने कहा,“आईजीआई में हमने उपभोक्ताओं की पसंद में हो रहे वैश्विक बदलाव को समय रहते पहचाना है, विशेष रूप से रंगीन रत्नों की बढ़ती मांग को। इस मांग में तेजी का मुख्य कारण ऐसे अनोखे फ्यूज़न डिज़ाइनों में उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि है, जिनमें कई कीमती रत्नों का संयोजन होता है, साथ ही पर्सनलाइज़्ड ज्वेलरी की लोकप्रियता और रंगीन रत्नों की दुर्लभता व सुंदरता के प्रति बढ़ता आकर्षण भी इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।”
इसके अतिरिक्त, रंगीन रत्नों की उत्पत्ति का निर्धारण और उनमें किए गए ट्रीटमेंट की पहचान अत्यंत विशेषज्ञता वाले प्रक्रियाएँ हैं, जिनके लिए अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक उपकरणों की आवश्यकता होती है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उन्नत तकनीक के साथ-साथ गहन जेमोलॉजिकल विशेषज्ञता भी आवश्यक है। जयपुर में हमारी नई प्रयोगशाला के माध्यम से आईजीआई बड़े पैमाने पर इस सटीकता को प्रदान करने की अपनी क्षमता को और सशक्त कर रहा है। यह विस्तार न केवल उद्योग की बढ़ती जरूरतों को समर्थन देता है, बल्कि पूरी वैल्यू चेन में पारदर्शिता, विश्वास और भरोसे को भी मजबूत करता है—जिससे वैश्विक स्तर पर रंगीन रत्नों के बाजार के विस्तार में योगदान मिलता है।
जयपुर स्थित यह सुविधा हीरे और रंगीन रत्नों आभूषणों के लिए आईजीआई की प्रमाणन सेवाओं की पूरी श्रृंखला प्रदान करेगी, जिससे पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित होगा। रमन स्पेक्ट्रोमेट्री, यूवी-विज़-एनआईआर स्पेक्ट्रोस्कोपी और एक्स-रे फ्लोरेसेंस जैसे उन्नत उपकरणों का उपयोग करते हुए आईजीआई रत्नों की आंतरिक संरचना, संघटन और समावेशन का विश्लेषण करता है, ताकि उनकी भूवैज्ञानिक उत्पत्ति और इतिहास का पता लगाया जा सके।
व्यापार को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, सीतापुरा कार्यालय क्षेत्रीय कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त शैक्षणिक कार्यक्रम भी प्रदान करेगा। ये कार्यक्रम आईजीआई स्कूल ऑफ जेमोलॉजी के माध्यम से उद्योग से जुड़े, आधुनिक जेमोलॉजिकल ज्ञान प्रदान करेंगे। इस नई शुरुआत के साथ, आईजीआई अब 10 देशों में 35 प्रयोगशालाएं संचालित करता है। इसके अलावा, आईजीआई के 21 स्कूल ऑफ जेमोलॉजी भी कार्यरत हैं।

Related posts

एआईपीएनबीओए का 62वाँ स्थापना दिवस सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के साथ मनाया गया

Primetimes Newz

रेडक्रास के डॉ. अनिल वर्मा सहित अनेक सम्मानित व पुरस्कृत

Primetimes Newz

विकासखंड सल्ट की बालिका कबड्डी टीम ने जीता रजत पदक

Primetimes Newz

Leave a Comment