टनकपुर। ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान, टनकपुर की पूर्व कर्मचारी रेखा देवी ने करीब आठ वर्ष की सेवा के बाद हुई सेवा समाप्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अपने प्रार्थना-पत्र में नियुक्ति से लेकर सेवा समाप्ति तक के घटनाक्रम, कार्य एवं वेतन में हुए बदलाव तथा कार्यस्थल से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए न्याय की मांग की है।

मुख्यमंत्री को 23 अगस्त 2026 को भेजे गए प्रार्थना-पत्र में रेखा देवी ने बताया कि उन्होंने विभिन्न स्तरों पर अपनी शिकायतें अधिकारियों और विश्वविद्यालय के समक्ष रखीं। उनका कहना है कि जांच समिति के समक्ष भी उन्होंने अपना पक्ष और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। उन्होंने सेवा समाप्ति की प्रक्रिया तथा निर्णय से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कराए जाने और सेवा में पुनर्नियुक्ति पर विचार करने का अनुरोध किया है।

वहीं, संस्थान के निदेशक हरद्वारी लाल मंडोरिया की ओर से 29 जून 2026 को जारी सेवा समाप्ति पत्र में विश्वविद्यालय स्तर पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। पत्र के अनुसार, रेखा देवी से संबंधित शिकायत के बाद समिति का गठन किया गया था। समिति ने 6 जून 2026 को मामले की जांच की और बाद में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। सेवा समाप्ति पत्र में समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और अनुचित व्यवहार सहित विभिन्न निष्कर्षों का उल्लेख किया गया है।
रेखा देवी ने इन आरोपों और घटनाक्रमों को लेकर अपना अलग पक्ष रखा है। उन्होंने जांच समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने तथा दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही है। साथ ही, उन्हें सेवा समाप्ति पत्र 1 जुलाई को प्राप्त होने और निर्णय की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
अब मामले में जांच समिति की रिपोर्ट में दर्ज निष्कर्ष, रेखा देवी द्वारा प्रस्तुत पक्ष, सेवा समाप्ति से पूर्व अपनाई गई प्रक्रिया और संबंधित सेवा नियमों के अनुपालन जैसे पहलू महत्वपूर्ण हो गए हैं। रेखा देवी ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की मांग की है।
