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September 28, 2026
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मणिपाल अस्पताल ईएम बाईपास ने शुरू किया स्कल बेस इंस्टीट्यूट – जटिल खोपड़ी आधार शल्य चिकित्सा और व्यापक श्रवण उपचार के लिए उन्नत चिकित्सा केंद्र

Manipal Hospital EM Bypass Launches Skull Base Institute – An Advanced Medical Center for Complex Skull Base Surgery and Comprehensive Hearing Treatment

देहरादून- 28 सितंबर 2026: मानव शरीर के भीतर गहराई में स्थित खोपड़ी का आधार एक बेहद जटिल क्षेत्र है, जहाँ मस्तिष्क, कान, आँखें, प्रमुख रक्त वाहिकाएँ और महत्वपूर्ण नसें एक-दूसरे के बेहद करीब होती हैं। इस क्षेत्र से जुड़ी बीमारियों का उपचार केवल एक चिकित्सा विशेषज्ञता के माध्यम से करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके लिए कान, नाक एवं गला विशेषज्ञों, तंत्रिका शल्य चिकित्सकों तथा कैंसर शल्य चिकित्सकों की संयुक्त विशेषज्ञता के साथ आधुनिक शल्य तकनीकों और सावधानीपूर्वक उपचार योजना की आवश्यकता होती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, मणिपाल अस्पताल समूह की एक इकाई और भारत के प्रमुख स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक, मणिपाल अस्पताल ईएम बाईपास ने मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट की शुरुआत की है। यह पूर्वी भारत में अपनी तरह का पहला संस्थान है, जो खोपड़ी के आधार से जुड़ी जटिल बीमारियों और श्रवण संबंधी समस्याओं के व्यापक उपचार पर केंद्रित है। यह संस्थान विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं और उन्नत शल्य चिकित्सा विशेषज्ञता को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा। इससे मरीजों को बीमारी की जाँच, उपचार, शल्य चिकित्सा, पुनर्वास और लंबे समय तक चिकित्सकीय निगरानी की समन्वित सुविधा मिल सकेगी।

इस संस्थान का शुभारंभ डॉ. (प्रो.) संपत चंद्र प्रसाद राव, खोपड़ी आधार शल्य चिकित्सा कार्यक्रम प्रमुख, परामर्शदाता – कान, नाक एवं गला, सिर एवं गर्दन शल्य चिकित्सक तथा कॉक्लियर प्रत्यारोपण विशेषज्ञ, मणिपाल अस्पताल, ओल्ड एयरपोर्ट रोड, बेंगलुरु की उपस्थिति में हुआ। खोपड़ी के आधार की शल्य चिकित्सा और कॉक्लियर प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उनके अनुभव ने इस अवसर को विशेष महत्व दिया। इस अवसर पर मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट की मुख्य चिकित्सा टीम भी मौजूद रही, जो डॉ. संपत चंद्र प्रसाद राव के मार्गदर्शन में संस्थान का नेतृत्व करेगी। टीम में डॉ. सौविक रॉय चौधरी, वरिष्ठ परामर्शदाता एवं विभागाध्यक्ष – कान, नाक एवं गला; डॉ. अमिताभ रॉय, परामर्शदाता – कान, नाक एवं गला तथा कॉक्लियर प्रत्यारोपण शल्य चिकित्सक; डॉ. हर्ष जैन, वरिष्ठ परामर्शदाता – तंत्रिका शल्य चिकित्सा; और डॉ. हर्ष धर, वरिष्ठ परामर्शदाता एवं विभागाध्यक्ष – सिर एवं गर्दन, शल्य कैंसर चिकित्सा, मणिपाल अस्पताल ईएम बाईपास शामिल हैं। यह टीम खोपड़ी के आधार से जुड़ी जटिल बीमारियों, उन्नत शल्य चिकित्सा और व्यापक श्रवण उपचार के लिए विभिन्न विशेषज्ञताओं का अनुभव एक साथ उपलब्ध कराएगी।

खोपड़ी का आधार शरीर का एक अत्यंत जटिल शारीरिक क्षेत्र है, जहाँ मस्तिष्क सिर और गर्दन की महत्वपूर्ण संरचनाओं से जुड़ता है। इसमें कई महत्वपूर्ण नसें और रक्त वाहिकाएँ शामिल होती हैं। इस क्षेत्र में होने वाले अर्बुद, घाव और अन्य जटिल बीमारियों के उपचार में कई प्रकार की शल्य चिकित्सा संबंधी चुनौतियाँ हो सकती हैं। ऐसे मामलों में अलग-अलग विशेषज्ञों के बीच करीबी समन्वय आवश्यक होता है। पूर्वी भारत में अपनी तरह का पहला समर्पित संस्थान, मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट, कान, नाक एवं गला, तंत्रिका शल्य चिकित्सा तथा कैंसर शल्य चिकित्सा के विशेषज्ञों को एक साथ लाता है। यहाँ खोपड़ी के आधार से जुड़ी जटिल बीमारियों की जाँच और उपचार के लिए एकीकृत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। संस्थान में उन्नत खोपड़ी आधार शल्य चिकित्सा, जिसमें दूरबीन के माध्यम से की जाने वाली तथा खुली शल्य चिकित्सा शामिल है, के साथ-साथ खोपड़ी के आधार के अर्बुद, कान और सुनने से जुड़ी जटिल समस्याओं तथा कॉक्लियर प्रत्यारोपण जैसी सेवाएँ उपलब्ध होंगी। संस्थान की विशेष सेवाओं में व्यापक कॉक्लियर प्रत्यारोपण उपचार भी शामिल है। यह उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें गंभीर से अत्यधिक गंभीर श्रवण हानि है और जिन्हें सामान्य श्रवण यंत्रों से पर्याप्त लाभ नहीं मिलता। इस कार्यक्रम में सुनने की विस्तृत जाँच और शल्य चिकित्सा से पहले के मूल्यांकन से लेकर प्रत्यारोपण शल्य चिकित्सा, उपकरण को सक्रिय करने, श्रवण पुनर्वास और शल्य चिकित्सा के बाद की चिकित्सकीय निगरानी तक पूरी उपचार प्रक्रिया शामिल होगी। बच्चों और वयस्कों के लिए उनकी आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग उपचार योजनाएँ तैयार की जाएँगी। बच्चों में इसका उद्देश्य बोलने, भाषा सीखने और शिक्षा से जुड़ी क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद करना होगा। वहीं, वयस्कों में सुनने, बातचीत करने और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। अलग-अलग विशेषज्ञताओं और सेवाओं को एक साथ लाकर संस्थान का उद्देश्य जटिल खोपड़ी आधार और श्रवण संबंधी समस्याओं के लिए मिलकर जाँच, सटीक उपचार योजना और समन्वित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

संस्थान के शुभारंभ के अवसर पर डॉ. (प्रो.) संपत चंद्र प्रसाद राव, खोपड़ी आधार शल्य चिकित्सा कार्यक्रम प्रमुख, परामर्शदाता – कान, नाक एवं गला, सिर एवं गर्दन शल्य चिकित्सक तथा कॉक्लियर प्रत्यारोपण विशेषज्ञ, मणिपाल अस्पताल, ओल्ड एयरपोर्ट रोड, बेंगलुरु, ने कहा, “हमने लगभग डेढ़ दशक पहले मणिपाल अस्पताल, ओल्ड एयरपोर्ट रोड, बेंगलुरु में खोपड़ी के आधार की शल्य चिकित्सा का कार्यक्रम शुरू किया था। यह हमारे लिए गर्व और खुशी की बात है कि यह कार्यक्रम अब अस्पताल समूह के अन्य केंद्रों तक भी पहुँच रहा है। मणिपाल अस्पताल, ईएम बाईपास, कोलकाता में खोपड़ी के आधार की शल्य चिकित्सा के लिए उत्कृष्टता केंद्र की शुरुआत के साथ, जो पूर्वी भारत में अपनी तरह का पहला केंद्र है, अब जटिल खोपड़ी आधार समस्याओं वाले मरीजों को अपने घर के करीब उन्नत और विशेष चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए उन्हें बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि मेरे सहयोगी और विद्यार्थी इस विशेषज्ञता को आगे बढ़ा रहे हैं और स्थानीय समुदाय की सेवा कर रहे हैं। इस पहल से जुड़ना मेरे लिए सम्मान की बात है और मुझे मणिपाल अस्पताल, कोलकाता में खोपड़ी के आधार की शल्य चिकित्सा के कार्यक्रम का मार्गदर्शन करने पर गर्व है।”

डॉ. सौविक रॉय चौधरी, वरिष्ठ परामर्शदाता एवं विभागाध्यक्ष – कान, नाक एवं गला, मणिपाल अस्पताल ईएम बाईपास, ने कहा, “खोपड़ी के आधार से जुड़ी बीमारियाँ अक्सर कान, नाक, गले और तंत्रिका तंत्र से संबंधित होती हैं, इसलिए इनकी जाँच और उपचार काफी जटिल हो सकता है। आधुनिक दूरबीन आधारित प्रक्रियाओं से लेकर कान और सुनने से जुड़ी जटिल समस्याओं तक, इन बीमारियों के उपचार में कान, नाक एवं गला विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट ऐसे मामलों की पूरी तरह से जाँच करने और उनके लिए सही उपचार पद्धति तय करने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता को एक साथ लाता है। इससे उन्नत कान, नाक एवं गला तथा खोपड़ी आधार उपचार तक मरीजों की पहुँच बेहतर होगी और उन्हें अलग-अलग विशेषज्ञताओं के बीच बेहतर समन्वय का लाभ मिलेगा।”

डॉ. अमिताभ रॉय, परामर्शदाता – कान, नाक एवं गला तथा कॉक्लियर प्रत्यारोपण शल्य चिकित्सक, मणिपाल अस्पताल ईएम बाईपास, ने कहा, “खोपड़ी के आधार के बाहरी हिस्से की शल्य चिकित्सा में ऐसे महत्वपूर्ण अंगों के बहुत करीब काम करना पड़ता है जो सुनने, शरीर का संतुलन बनाए रखने और चेहरे की गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं। इसलिए इसमें अत्यधिक सावधानी और विभिन्न विशेषज्ञों की संयुक्त योजना जरूरी होती है। मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट उन्नत खोपड़ी आधार शल्य चिकित्सा के साथ व्यापक श्रवण उपचार और प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध कराएगा, जिसमें आवश्यकता के अनुसार कॉक्लियर प्रत्यारोपण भी शामिल हैं। यह एकीकृत उपचार पद्धति हमें जटिल बीमारी के साथ-साथ मरीज की सुनने से जुड़ी जरूरतों पर भी ध्यान देने में मदद करेगी और प्रत्येक मरीज के लिए व्यक्तिगत उपचार और पुनर्वास उपलब्ध कराया जा सकेगा।”

डॉ. हर्ष जैन, वरिष्ठ परामर्शदाता – तंत्रिका शल्य चिकित्सा, मणिपाल अस्पताल ईएम बाईपास, ने कहा, “खोपड़ी का आधार तंत्रिका शल्य चिकित्सा के सबसे तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक है, क्योंकि यह मस्तिष्क, प्रमुख रक्त वाहिकाओं और महत्वपूर्ण मस्तिष्कीय नसों के बहुत करीब होता है। इसलिए जटिल खोपड़ी आधार शल्य चिकित्सा के लिए सावधानीपूर्वक योजना और तंत्रिका शल्य चिकित्सकों तथा कान, नाक एवं गला विशेषज्ञों के बीच करीबी सहयोग जरूरी है। आवश्यकता के अनुसार अन्य विशेषज्ञताओं का सहयोग भी लिया जाता है। मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट इस सहयोगात्मक चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत करेगा, जिससे कान, नाक एवं गला, तंत्रिका शल्य चिकित्सा तथा शल्य कैंसर चिकित्सा के विशेषज्ञ जटिल खोपड़ी आधार तथा सिर एवं गर्दन के अर्बुद के उपचार में अधिक करीबी से मिलकर काम कर सकेंगे।

डॉ. हर्ष धर, वरिष्ठ परामर्शदाता एवं विभागाध्यक्ष – सिर एवं गर्दन, शल्य कैंसर चिकित्सा, मणिपाल अस्पताल ईएम बाईपास, ने कहा, “खोपड़ी के आधार के अर्बुद विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि उनका स्थान और फैलाव कई महत्वपूर्ण शारीरिक संरचनाओं को प्रभावित कर सकता है और कुछ मामलों में शल्य चिकित्सा तथा कैंसर उपचार विशेषज्ञता के संयोजन की आवश्यकता हो सकती है। बहुविषयक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से हम अर्बुद का विभिन्न चिकित्सकीय दृष्टिकोणों से मूल्यांकन कर सकते हैं और प्रत्येक मरीज की आवश्यकता के अनुरूप एक एकीकृत उपचार योजना तैयार कर सकते हैं। मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट इस सहयोगात्मक चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत करेगा, जिससे कान, नाक एवं गला, तंत्रिका शल्य चिकित्सा तथा शल्य कैंसर चिकित्सा के विशेषज्ञ जटिल खोपड़ी आधार तथा सिर एवं गर्दन के अर्बुद के उपचार में अधिक करीबी से मिलकर काम कर सकेंगे।”

यह संस्थान बहुविषयक चिकित्सकीय मूल्यांकन, विस्तृत रोग-निदान जाँच, मरीज की आवश्यकता के अनुरूप व्यक्तिगत उपचार योजना और उन्नत शल्य चिकित्सा प्रबंधन पर विशेष जोर देगा। मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर उपचार की प्रक्रिया तय की जाएगी। विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के विशेषज्ञों को एक साथ लाकर केंद्र का उद्देश्य जटिल मामलों में उपचार संबंधी निर्णय लेने की प्रक्रिया को सुचारु बनाना और मरीजों को उपचार की पूरी प्रक्रिया के दौरान व्यापक एवं समन्वित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट की शुरुआत के साथ मणिपाल अस्पताल ईएम बाईपास ने अपनी विशेष चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत किया है। इसका उद्देश्य कोलकाता और पूर्वी भारत के मरीजों को जटिल खोपड़ी आधार, कान-नाक एवं गला, तंत्रिका शल्य चिकित्सा, कैंसर तथा श्रवण संबंधी समस्याओं के लिए उन्नत विशेषज्ञता और व्यापक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

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