रिया सोलीवाल, भिकियासैंण
उत्तराखंड। पहाड़ से लेकर मैदान तक करवा चौथ का पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ दिनभर निर्जला व्रत रखा। सुबह से ही महिलाओं में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
दिनभर व्रत रखने के बाद महिलाओं को शाम होते ही चांद निकलने का इंतजार रहा। सोलह शृंगार कर महिलाओं ने विधि-विधान से करवा चौथ की पूजा-अर्चना की और चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य अर्पित किया। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया।
पारंपरिक रीति-रिवाजों, पूजा-पाठ और आपसी प्रेम के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वास, समर्पण और प्रेम का प्रतीक है। पहाड़ों की शांत वादियों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक करवा चौथ की रौनक देखने को मिली और महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ इस पर्व को मनाया।
