ऋषिकेश के कृष्ण कुञ्ज में श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी कृष्णाचार्य जी महाराज से प्राप्त किया गुरु-मंत्र; रामकथा, गुरु-सेवा और सनातन संस्कृति के प्रचार की यात्रा में जुड़ा नया अध्याय
रामकथा, श्रीरामचरितमानस और सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने में सक्रिय बाबा श्री राज महाजन के आध्यात्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। भाद्रपद अमावस्या के पावन अवसर पर उन्होंने ऋषिकेश स्थित कृष्ण कुञ्ज में गुरुदेव ब्रह्मनिष्ठ श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी कृष्णाचार्य जी महाराज के श्रीचरणों में विधिवत गुरु दीक्षा ग्रहण की।
दीक्षा के साथ उन्हें नया आध्यात्मिक नाम “बाबा राजेश्वरानंद रामानुज दास” प्राप्त हुआ। उनके लिए यह केवल नया नाम धारण करने का क्षण नहीं, बल्कि गुरु-परंपरा, साधना, सेवा और श्रीराम भक्ति के प्रति जीवन को और अधिक समर्पित करने का संकल्प भी है।
इस अवसर पर भागवताचार्य योगेश कृष्ण शास्त्री, बाबा श्री राज महाजन की धर्मपत्नी दीप्ति महाजन (सीता दासी) तथा अश्वनी राजपूत (राजन दास) भी उपस्थित रहे।
बाबा श्री राज महाजन श्रीरामचरितमानस, रामकथा, भक्ति, ध्यान और सनातन जीवन-मूल्यों को सरल और व्यावहारिक रूप में लोगों तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं।
