24.7 C
Dehradun, IN
September 10, 2026
https://primetimesnewz.com/
उत्तराखंड

नाबार्ड उत्तराखण्ड क्षेत्रीय कार्यालय में 45वाँ स्थापना दिवस समारोह आयोजित

45th Foundation Day celebration held at NABARD Uttarakhand Regional Office

– “ग्रामीण वित्तीय संस्थाओं द्वारा जमीनी स्तर पर ऋण प्रवाह में वृद्धि” विषय पर आयोजित हुई पैनल चर्चा।
– कृषि, सहकारिता, स्वयं सहायता समूहों, कृषक उत्पादक संगठनों एवं ग्रामीण विकास में उत्कृष्ट योगदान देने वाले हितधारकों को किया गया सम्मानित।
देहरादून(आरएनएस)।   राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा राष्ट्र सेवा के 45 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज नाबार्ड, उत्तराखण्ड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून में 45वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड सरकार के माननीय सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत थे। समारोह में भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक हर्ष कुमार गौतम, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के प्रतिनिधि, उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक एवं सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि, कृषक उत्पादक संगठन (FPOs), स्वयं सहायता समूह (SHGs), सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, नाबार्ड के सेवानिवृत्त अधिकारी तथा अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके उपरांत “ग्रामीण वित्तीय संस्थाओं द्वारा जमीनी स्तर पर ऋण प्रवाह में वृद्धि” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीण वित्त, कृषि ऋण, वित्तीय समावेशन एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर नाबार्ड की 45 वर्षों की विकास यात्रा तथा उत्तराखण्ड क्षेत्रीय कार्यालय की वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रमुख उपलब्धियों पर आधारित विशेष प्रस्तुति भी प्रदर्शित की गई।अपने संबोधन में डॉ. धन सिंह रावत ने नाबार्ड को 45वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नाबार्ड ने पिछले 45 वर्षों में कृषि, ग्रामीण विकास तथा जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन, आधारभूत संरचना विकास तथा सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से नाबार्ड ने सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उन्होंने कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, सामूहिक विपणन को सुदृढ़ करने तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में नाबार्ड की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से सहकारी बैंकों को मोबाइल बैंकिंग वैन उपलब्ध कराई गई हैं तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की बैंकिंग सेवाओं को कोर बैंकिंग समाधान (CBS) के माध्यम से सुदृढ़ किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुँच और बेहतर हुई है।
श्री पंकज यादव, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 उत्तराखण्ड क्षेत्रीय कार्यालय के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ वर्ष रहा। इस दौरान राज्य में ₹5,061 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 19 प्रतिशत अधिक है। सहकारी बैंकों एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को ₹4,179 करोड़ का पुनर्वित्त उपलब्ध कराया गया तथा ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) के अंतर्गत ₹743 करोड़ की स्वीकृति एवं ₹754 करोड़ का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि नाबार्ड केवल वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली संस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवर्तन का एक सशक्त विकास भागीदार है। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण, PACS के कम्प्यूटरीकरण, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, कृषक उत्पादक संगठनों, जलवायु-अनुकूल कृषि, प्राकृतिक खेती, ग्रामीण पर्यटन एवं स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि नाबार्ड का उद्देश्य समृद्ध किसान, सशक्त सहकारिता और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है।
इस अवसर पर हर्ष कुमार गौतम, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य के समक्ष युवाओं का पलायन एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड कृषि, ग्रामीण उद्यमिता, स्वयं सहायता समूहों, कृषक उत्पादक संगठनों तथा जीआई उत्पादों के माध्यम से स्थानीय आजीविका आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के अवसर सृजित कर रहा है, जिससे पलायन रोकने में सहायता मिल रही है। उन्होंने ग्रामीण वित्तीय संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय तथा संस्थागत कृषि ऋण के विस्तार पर भी बल दिया।
समारोह के दौरान ग्रामीण वित्तीय समावेशन, सहकारी बैंकिंग, PACS कम्प्यूटरीकरण, जल एवं मृदा संरक्षण, कृषि यंत्रीकरण, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी विकास, कृषक उत्पादक संगठनों, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा सहकारिता क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभिन्न संस्थाओं एवं हितधारकों को सम्मानित किया गया। इनमें उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक, उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक, नैनीताल, उत्तरकाशी एवं चमोली जिला सहकारी बैंक, सोमेश्वर, उम्टा एवं बरहैनी MPACS, जखनोली ग्राम जलागम समिति, भरपूर कृषक स्वायत्त सहकारिता, एग्रेरियन फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, रामनगर भावर कृषक उत्पादक संगठन स्वायत्त सहकारिता, गंगा दुग्ध एवं कृषि उत्पादक संगठन सहकारी समिति लिमिटेड तथा श्रीमती गीता मौर्य शामिल रहीं।कार्यक्रम के अंत में शशि कुमार, महाप्रबंधक, नाबार्ड ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य अतिथि, सभी विशिष्ट अतिथियों, बैंकिंग संस्थानों, विकास साझेदारों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी हितधारकों के सहयोग से नाबार्ड उत्तराखण्ड में कृषि, सहकारिता, ग्रामीण अवसंरचना, वित्तीय समावेशन तथा आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में अपनी विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करता रहेगा।

Related posts

चंद्रशेखर आर घोड़के ने संभाली वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा की जिम्मेदारी

Primetimes Newz

विरासत महोत्सव : विरासत साधना में डांस परफॉर्मेंस से भक्तिमय हुई महफ़िल 

Primetimes Newz

शिक्षक दिवस पर एडिफाई वर्ल्ड स्कूल में विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियाँ, 100 से अधिक पौधों का वितरण

Primetimes Newz

Leave a Comment