देहरादून| उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य के राजकीय शिक्षकों के चल रहे आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया है। कांग्रेस ने मांग की है कि शिक्षा विभाग द्वारा प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों की सीधी भर्ती के लिए जारी की गई विज्ञप्ति को तुरंत रद्द किया जाए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा के आवास पर हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, शिक्षकों की सभी मांगों का समर्थन करती है। धस्माना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की है कि इन रिक्त पदों को पदोन्नति से भरने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
धस्माना ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के “अड़ियल और शिक्षक विरोधी रवैये” के कारण शिक्षा विभाग चौपट हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रधानाचार्यों के 1100 से ज्यादा और हेडमास्टरों के 800 से अधिक पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर कार्यरत कार्यवाहक प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों के त्यागपत्र देने से दो महीनों से शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन रुका हुआ है।
धस्माना ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने पिछले साल शिक्षकों को आश्वासन दिया था कि इन रिक्त पदों को शत-प्रतिशत पदोन्नति से भरा जाएगा, लेकिन अब शिक्षा मंत्री ने 50% पदों पर सीधी भर्ती का आदेश जारी कर दिया है, जो कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के विपरीत है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार अपने अड़ियल रुख पर कायम रहती है और शिक्षक संघ आंदोलन तेज करता है, तो कांग्रेस पार्टी उन्हें पूरा समर्थन देगी। इसके अलावा, कांग्रेस ने यह भी फैसला किया है कि अगर 2027 में उनकी सरकार बनती है, तो प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों के सभी पदों पर भर्ती पदोन्नति से की जाएगी और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को भी लागू किया जाएगा।

















