Home Blog Page 75

155 बार रक्तदान करने तथा कुशल प्रशिक्षण डॉ० अनिल वर्मा “ए०एल०एफ० प्रशंसा-पत्र से सम्मानित

Dr Anil Verma honoured with ALF Certificate of Appreciation for donating blood 155 times and providing efficient training
Dr Anil Verma honoured with ALF Certificate of Appreciation for donating blood 155 times and providing efficient training

आपदा प्रबंधन में अग्निशमन, सर्च एंड रेस्क्यू तथा फर्स्ट एड का प्रशिक्षण बेहद जरूरी : कुलतेज सिंहजिला रेडक्रॉस,सोसायटी, देहरादून के प्रबंधन समिति सदस्य व मास्टर ट्रेनर आपदा प्रबंधन डॉ० अनिल वर्मा द्वारा सिडकुल, हरिद्वार स्थित ए०एल०एफ० इंजीनियरिंग कंपनी के इंजीनियरों , प्रशासनिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों को दो दिवसीय फायर सेफ्टी,भूकंप,भूस्खलन, बादल फटना , त्वरित बाढ़, भूस्खलन, शत्रु देश से युद्ध के दौरान अग्नि बमों ,अति विस्फोटक बमों, प्राकृतिक अथवा मानवकृत आपदाओं के उचित प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
फायर सेफ्टी के तहत आग बुझाने के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित रासायनिक अग्निशमन यंत्रों के संचालन का कुशल प्रशिक्षण दिया। इमरजेंसी मेथड्स ऑफ रेस्क्यू रोप रेस्क्यू ,फर्स्ट एड, सीपीआर एवं आपदा प्रबंधन का दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
घर अथवा कार्यस्थल पर हार्ट अटैक से ग्रस्त मृतप्राय व्यक्ति को पुनर्जीवित करने की अति महत्वपूर्ण प्रक्रिया सी०पी०आर० (कार्डियो पल्मोनरी रीससिटेशन) का विधिवत् प्रशिक्षण दिया।
सर्च एंड रेस्क्यू के तहत् घायलों को ढूंढने तथा दुर्घटना स्थल से सुरक्षित निकालकर उपचार हेतु ले जाने के इमरजेंसी मेथड्स ऑफ रेस्क्यू का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
साथ ही स्वैच्छिक रक्तदान प्रेरणा व्याख्यान के तहत् अब तक 155 बार रक्तदान कर चुके रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा ने रक्तदान करने की आवश्यकता, प्रक्रिया व‌ रक्तदान करने के लाभ सहित एनीमिया, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, सिकल सेल, डेंगू कंट्रोल , टी०बी०, स्नेक बाईट, डॉग बाईट तथा नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया।
ए०एल०एफ० इंजीनियरिंग कंपनी के प्लांट मैनेजर कुलतेज सिंह ने शिविर समापन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए कहा कि आपदाओं को रोका तो नहीं जा सकता परन्तु कुशल प्रबंधन एवं समुचित प्रशिक्षण से जन -धन की हानि को कम किया जा सकता है।आपदा के दौरान हम कार्यस्थल में हों, घर पर अथवा बाहर कहीं भी ,यदि हमने आपदा प्रबंधन का समुचित प्रशिक्षण प्राप्त किया हुआ है तो हम स्वयं बचने के साथ ही घायलों को सुरक्षित निकाल कर उपचार हेतु ले जाने में सक्षम साबित हो सकते हैं।
इस अवसर पर प्लांट मैनेजर श्री कुलतेज सिंह , सीनियर मैनेजर सितांशु जोशी,डिप्टी मैनेजर एस बी मिश्रा तथा डिप्टी मैनेजर मयंक दीक्षित ने शिविर को सफल एवं उपयोगी बताया। उन्होंने रेडक्रास के डॉ० अनिल वर्मा द्वारा 155 बार रक्तदान करने की सराहना करते हुए उन्हें कुशलतापूर्वक प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु ” ए०एल०एफ० प्रशंसा पत्र ” प्रदान करके सम्मानित किया।
शिविर का समापन कर्मचारियों की विभिन्न टीमों द्वारा रेस्क्यू मेथड्स तथा सीपीआर के कुशल प्रदर्शन से हुआ।

जिलाधिकारी के जनता दरबार में हुई 125 फरियादियों की सुनवाई

125 complainants were heard in the District Magistrate's Janta Darbar
125 complainants were heard in the District Magistrate's Janta Darbar

*सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण की शिकायत, जिला प्रशासन द्वारा सख्त प्रवर्तन कार्रवाई तय,*

*डीएम के निर्देश, जन शिकायतों का हो त्वरित समाधान।*

देहरादून| जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनी गई। दूर दराज से पंहुचे लोगों ने अवैध अतिक्रमण, बारिश से क्षतिग्रस्त सड़क, पेयजल, भूस्खलन से भवनों को बना खतरा, घरेलू एवं निजी भूमि विवाद, आर्थिक सहायता, मुआवजा आदि से जु़ड़ी 125 शिकायतें रखी। जिनमें से अधिकतर शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया।

हर्रवाला में सार्वजनिक रास्ते में खंबे लगाकर अवैध रूप से तारबाड और कब्जा करने की शिकायत पर उप नगर आयुक्त को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वही भाटगढ़ी में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर एसडीएम को त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया। बदामवाला में सड़क किनारे पानी की नाली बंद कर सड़क पर अतिक्रमण की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं अठूरवाला निवासियों ने सड़क से एलटी विद्युत लाइन के पोलों को शिफ्ट कराने की गुहार लगाई।

टीएचडीसी कॉलोनी निवासियों ने सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत टीएचडीसी के मुख्य द्वार के सामने से गुजरने वाली सड़क पर उचित मानक एवं संकेतकों के साथ स्पीड ब्रेकर लगवाने की मांग पर लोनिवि व परिवहन विभाग को तत्काल समस्या का समाधान करने को कहा गया।

ग्राम पुरोहितवाला की प्रधान ने बताया कि बारिश के कारण गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी की समस्या हो रही है। जिस पर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। ग्राम सभा कान्सवाली नौगांव में जल निगम द्वारा कनेक्शन देने के बावजूद भी चार माह से पानी नही आने की शिकायत दर्ज की। ग्राम पंचायत रैनापुर के प्रधान ने गांव के अंतर्गत कच्चे मकानों को प्रधानमंत्री आवास या आपदा राहत मद से पुनर्निर्माण कराने, क्षतिग्रस्त पंचायत भवन पुनर्निर्माण की बात रखी। जिस पर बीडीओ को पात्र लाभार्थियों का चयन करने को कहा गया।

शिमला बाईपास रोड़ पर शेरपुर में निजी भूमि पर जबरदस्ती कब्जा किए जाने की शिकायत पर तहसीलदार को जांच करने को कहा गया। जागृति विहार निवासी व्यक्ति ने जमीन फ्रॉड की शिकायत करते हुए बताया कि उनसे 05 लाख का बयाना लेने के बाद भी उनके नाम रजिस्ट्री नही की जा रही है। शिकायत पर सीओ पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए। मोथरोवाला निवासी विधवा महिला ने ठेकेदार पर पैसा लेने के बाद भी मकान का काम पूरा न करने की शिकायत दर्ज की।

रतन सेठी ने हिट एंड रन मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद भी कार्रवाई न होने की शिकायत पर एसएचओ पुलिस को त्वरित जांच के निर्देश दिए गए। विकासनगर निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपने पुत्र व पुत्रवधू द्वारा अभद्रता एवं दुर्व्यवहार किए जाने के संबंध में सीओ पुलिस को तत्काल मामले की जांच के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री स्वरोजगार ऋण आवेदन बैंक द्वारा अस्वीकृत किए जाने की शिकायत पर एलडीएम को जांच के निर्देश दिए गए।

इस दौरान फरियादियों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने से जुड़ी तमाम समस्याएं रखी गई। जनता दरबार में अपर नगर आयुक्त रजा अब्बास, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपूर्वा, एसडीएम विनोद कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

टेलिस्कोप से निहारी जा सकेगी सतपुली झील की सुंदरता

The beauty of Satpuli lake can be admired through telescope
The beauty of Satpuli lake can be admired through telescope

पौड़ी| जिलाधिकारी गढ़वाल स्वाति एस. भदौरिया ने निर्माणाधीन सतपुली झील व एंगलर हट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बैराज का निरीक्षण करते हुए निर्माणदायी संस्था सिंचाई विभाग को झील निर्माण की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने झील निर्माण के उपरांत पर्यटन विभाग व साहसिक खेल से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। एंगलर हट सतपुली के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हटों के संचालन हेतु शीघ्र ही नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ की जाय। साथ ही एंगलर हट में आवश्यक व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं के सृजन हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने को भी कहा।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने सतपुली में निर्माणाधीन पार्किंग व 40 बेड के टूरिस्ट रेस्ट हाउस की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्माणदायी संस्था को कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी को लैंसडाउन के टिप इन टॉप पर मचान निर्माण के लिए स्थल का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने मचान के ऊपर टेलिस्कोप लगाए जाने को भी कहा।

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सतपुली श्रेष्ठ गुनसोला, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, सहायक अभियंता. सिंचाई विभाग संदीप कुमार मौर्य, कनिष्ठ अभियंता संदीप कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड: शिक्षकों के आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन, सीधी भर्ती रद्द करने की मांग

Uttarakhand Congress supports teachers' movement, demands cancellation of direct recruitment
Uttarakhand Congress supports teachers' movement, demands cancellation of direct recruitment

देहरादून| उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य के राजकीय शिक्षकों के चल रहे आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया है। कांग्रेस ने मांग की है कि शिक्षा विभाग द्वारा प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों की सीधी भर्ती के लिए जारी की गई विज्ञप्ति को तुरंत रद्द किया जाए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा के आवास पर हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, शिक्षकों की सभी मांगों का समर्थन करती है। धस्माना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की है कि इन रिक्त पदों को पदोन्नति से भरने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
धस्माना ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के “अड़ियल और शिक्षक विरोधी रवैये” के कारण शिक्षा विभाग चौपट हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रधानाचार्यों के 1100 से ज्यादा और हेडमास्टरों के 800 से अधिक पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर कार्यरत कार्यवाहक प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों के त्यागपत्र देने से दो महीनों से शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन रुका हुआ है।
धस्माना ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने पिछले साल शिक्षकों को आश्वासन दिया था कि इन रिक्त पदों को शत-प्रतिशत पदोन्नति से भरा जाएगा, लेकिन अब शिक्षा मंत्री ने 50% पदों पर सीधी भर्ती का आदेश जारी कर दिया है, जो कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के विपरीत है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार अपने अड़ियल रुख पर कायम रहती है और शिक्षक संघ आंदोलन तेज करता है, तो कांग्रेस पार्टी उन्हें पूरा समर्थन देगी। इसके अलावा, कांग्रेस ने यह भी फैसला किया है कि अगर 2027 में उनकी सरकार बनती है, तो प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों के सभी पदों पर भर्ती पदोन्नति से की जाएगी और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को भी लागू किया जाएगा।

चमोली आपदा: केंद्रीय टीम ने किया हवाई सर्वे, क्षति 1150 करोड़

Chamoli disaster Central team conducted aerial survey, damage worth Rs 1150 crore
Chamoli disaster Central team conducted aerial survey, damage worth Rs 1150 crore

*थराली में भू-धसाव से कटे गाँव, पुनर्वास और त्वरित सहायता का आश्वासन*

चमोली| थराली क्षेत्र में आपदा से हुई व्यापक क्षति का जायजा लेने के लिए भारत सरकार की एक उच्चस्तरीय अंतरमंत्रालयीय टीम सोमवार को चमोली पहुँची। टीम ने चेपड़ो, कोटदीप, राडीबगड़, देवाल के मोपाटा और नंदानगर जैसे गंभीर रूप से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर विस्तृत अध्ययन किया।

टीम का नेतृत्व कर रहे निदेशक डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य जमीनी हकीकत देखकर वास्तविक क्षति का आकलन करना है, ताकि केंद्र सरकार से पर्याप्त सहायता और पुनर्निर्माण के लिए शीघ्र योजना बनाई जा सके।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने कुलसारी रिलीफ सेंटर में आयोजित बैठक में पीपीटी के माध्यम से टीम को आपदा से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगातार वर्षा और भूस्खलन से सड़कों, पुलों, भवनों, पेयजल योजनाओं, विद्युत तंत्र और कृषि को भारी नुकसान हुआ है, जिसका प्रारंभिक आकलन लगभग 1150 करोड़ रुपये है। उन्होंने चेपड़ो बाजार और नंदानगर क्षेत्र में चल रहे भू-धसाव की गंभीरता से भी टीम को अवगत कराया।

टीम ने स्थानीय निवासियों से सीधी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी। निवासियों ने बताया कि आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई गाँव मुख्य मार्ग से कट गए हैं। अनेक मकान क्षतिग्रस्त होने से परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा है।

टीम ने आपदा प्रबंधन में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। साथ ही, पुनर्वास कार्यों, राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधाओं और सड़क मार्गों को शीघ्र बहाल करने के प्रयासों की भी जानकारी ली।

इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पवार, अपर जिला अधिकारी विवेक प्रकाश, एसडीएम सोहन सिंह रांगण, एसडीएम पंकज भट्ट सहित कई विभागीय अधिकारी और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।

टीम द्वारा एकत्रित जानकारी के आधार पर केंद्र सरकार को भेजी जाने वाली विस्तृत रिपोर्ट के बाद प्रभावितों के पुनर्वास, बुनियादी ढाँचे की मरम्मत और दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

मेघालय सरकार ने एशियन वन जापान के साथ ऐतिहासिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए – युवाओं के लिए वैश्विक कौशल और रोज़गार के अवसर खुलेंगे

Meghalaya Government signs historic agreement with Asian One Japan – opens up global skills and employment opportunities for youth
Meghalaya Government signs historic agreement with Asian One Japan – opens up global skills and employment opportunities for youth

देहरादून- 08 सितम्बर 2025: मेघालय सरकार ने मेघालय स्टेट स्किल डेवलपमेंट सोसायटी (MSSDS) के माध्यम से टोक्यो, जापान में एशियन वन कंपनी लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण अनुबंध (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह पहल माननीय मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के संगमा की अप्रैल 2025 की जापान यात्रा का परिणाम है। अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय करियर के रास्ते खोलने और उन्हें वैश्विक स्तर पर उपयोगी कौशल देने की दूरदर्शी सोच प्रस्तुत की थी। इसी सोच के आधार पर हुई चर्चाएँ इस अनुबंध तक पहुँची हैं।

यह साझेदारी मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवाओं, देखभाल (केयरगिविंग), आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी), सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और अन्य ऐसे क्षेत्रों पर केंद्रित होगी, जहाँ जापान को कामकाज के लिए लोगों की आवश्यकता है। इसके साथ ही युवाओं को जापानी भाषा और संस्कृति की ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि वे वहाँ आसानी से घुल-मिल सकें। इस पहल के तहत पहले साल में 500 युवाओं को प्रशिक्षित कर विदेश भेजा जाएगा और अगले पाँच वर्षों में यह संख्या बढ़ाकर 5,000 तक की जाएगी।

टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित कार्यक्रम में माननीय श्रम, रोज़गार और कौशल विकास मंत्री, श्री शाकलियार वारजरी ने कहा, “यह अनुबंध केवल एक कागज़ी दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि हमारे युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय करियर तक पहुँचने का दरवाज़ा है। इसके ज़रिए मेघालय और जापान के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध और भी मज़बूत होंगे।”

एशियन वन जापान के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री तोशिआकी निशिकावा, भारत और जापान के बीच कामकाजी अवसरों के आदान–प्रदान को बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। हाल ही में श्री निशिकावा ने 29–30 अगस्त 2025 को टोक्यो में हुए 15वें भारत–जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से भी मुलाकात की थी। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री की भारत को “ग्लोबल स्किल हब” बनाने की दृष्टि के अनुरूप है।

यह ऐतिहासिक अनुबंध मेघालय सरकार और एशियन वन जापान की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके ज़रिए युवाओं के लिए वैश्विक रोज़गार के ठोस और टिकाऊ रास्ते बनेंगे। साथ ही, यह भारत और जापान के बीच कौशल विकास और कामकाज की साझेदारी को भी और गहरा करेगा।

सीएम धामी के निर्देश पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर चला बुलडोज़र

MDDA took a big action on the instructions of CM Dhami, bulldozers ran on illegal plotting and construction
MDDA took a big action on the instructions of CM Dhami, bulldozers ran on illegal plotting and construction

डोईवाला, रानीपोखरी, माजरी ग्रांट समेत कई जगहों पर एमडीडीए की कार्रवाई, अवैध निर्माण पर भी सीलिंग, पुलिस बल और प्राधिकरण की टीम रही मौजूद

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और नियमविरुद्ध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों और नेतृत्व में प्राधिकरण लगातार ऐसे मामलों पर सख्ती बरत रहा है। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश में नियम-कायदों को दरकिनार कर हो रहे अवैध कार्यों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

डोईवाला, रानीपोखरी, माजरी ग्रांट समेत कई जगहों पर कार्रवाई

प्राधिकरण क्षेत्रांतर्गत डोईवाला, रानीपोखरी, माजरी ग्रांट और अन्य स्थानों पर चल रही अवैध प्लॉटिंग और निर्माण को ध्वस्त एवं सील किया गया।

ग्राम झाबरावाला, डोईवाला – संजय सुन्दरियाल द्वारा लगभग 18 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।

ग्राम डांडी, रानीपोखरी – टिकराम पुरवाल द्वारा लगभग 10 से 12 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।

बक्सारवाला, भानियावाला – कुलदीप राणा, विपिन जैयसवाल व अन्य द्वारा लगभग 25 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।

हरीद्वार रोड, निकट साईं मंदिर, देहरादून – गौतम जैहर, संदीप पाल व अन्य द्वारा लगभग 40 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।

अवैध निर्माण पर भी सीलिंग

माजरी ग्रांट, हरिद्वार रोड, देहरादून – बिन्दु पुरवाल पत्नी टिकराम पुरवाल द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।

पुलिस बल और प्राधिकरण की टीम रही मौजूद
इन कार्रवाइयों में सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता प्रवेश नौटियाल, सुपरवाइज़र और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। संयुक्त टीम ने सभी जगह सख्ती से नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने दोहराया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप प्रदेश में किसी भी तरह का अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग नहीं चलने दी जाएगी। प्राधिकरण की ओर से आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

कपकोट में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सीएम धामी ने किया दौरा, प्रभावितों से किया सीधा संवाद

CM Dhami visited the disaster affected areas in Kapkot, had direct conversation with the affected people
CM Dhami visited the disaster affected areas in Kapkot, had direct conversation with the affected people

बागेश्वर| उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील क्षेत्र में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित गांवों पौसारी और बैसानी में स्थलीय निरीक्षण किया, राहत व बचाव कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। सीएम धामी ने पीड़ितों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया और प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

*आपदा की स्थिति और सीएम का दौरा*
उत्तराखंड में हाल के दिनों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई क्षेत्रों में भारी तबाही हुई है। कपकोट के कनलगड़ घाटी के पौसारी और बैसानी गांवों में अतिवृष्टि से सड़कें, पुल और घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई परिवारों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। इस स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री धामी शनिवार दोपहर कपकोट पहुंचे। खराब मौसम के बावजूद, उन्होंने ट्रैक्टर के माध्यम से जलमग्न और दुर्गम क्षेत्रों का दौरा किया, जो उनकी जनसेवा के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
सीएम धामी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को समझा। ग्रामीणों ने ऊपरी गांवों तक जाने वाले मार्गों को जल्द खोलने की मांग की, क्योंकि बारिश और भूस्खलन के कारण उनका संपर्क कट गया है। मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को सड़क मार्ग बहाल करने और राहत शिविरों में भोजन, पानी, दवाइयों और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

*राहत और बचाव कार्यों पर जोर*
निरीक्षण के दौरान सीएम धामी ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में प्रत्येक प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है। राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।” उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जिन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना आवश्यक है, उनकी तत्काल व्यवस्था की जाए। इसके अलावा, स्वास्थ्य शिविर स्थापित कर प्रभावितों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने पर जोर दिया गया।

*स्थानीय लोगों ने जताया आभार*
सीएम धामी की संवेदनशीलता और तत्परता को देखकर स्थानीय लोगों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। कई ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने न केवल उनकी समस्याएं सुनीं, बल्कि तुरंत समाधान के लिए कदम उठाने का आश्वासन भी दिया। कपकोट के विधायक सुरेश गड़िया और जिला प्रशासन के अधिकारी भी इस दौरे के दौरान मौजूद रहे।

*पहले भी दिखाई संवेदनशीलता*
यह पहला मौका नहीं है जब सीएम धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सक्रियता दिखाई हो। इससे पूर्व सीएम ने धराली (उत्तरकाशी), पौड़ी, चमोली, चंपावत सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी सबसे पहले पहुंचकर राहत-बचाव कार्यों का नेतृत्व किया. हाल ही में धराली और थराली आपदा के दौरान तो उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में कई दिन बिताए और राहत कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की। थराली में उन्होंने प्रोटोकॉल तोड़कर प्रभावितों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनी थीं। कपकोट में भी उनकी यह सक्रियता प्रभावित परिवारों के लिए राहत का संदेश लेकर आई।

*चुनौतियां और भविष्य की योजना*
हालांकि, खराब मौसम ने कई बार सीएम के दौरे को प्रभावित किया। बीते 31 अगस्त को बागेश्वर के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का उनका दौरा बारिश के कारण रद्द करना पड़ा था। बावजूद इसके, सीएम धामी ने वर्चुअल माध्यमों से आपदा प्रबंधन की समीक्षा की और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आपदा से प्रभावित आलू की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित किया जाएगा, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके। इसके अलावा, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के पुनर्निर्माण के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए।

अब तक राज्य में 574 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. यह आंकड़ा पिछले कई वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है. अधिक बारिश के कारण न केवल जनजीवन प्रभावित हुआ बल्कि सड़कों, पुलों, भवनों और अन्य अवस्थापना संरचनाओं को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है. राज्य सरकार लगातार आपदा प्रभावितों की मदद करने में जुटी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कपकोट दौरा आपदा प्रभावित लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आया है। उनकी सक्रियता और संवेदनशीलता ने न केवल प्रभावितों का भरोसा जीता, बल्कि यह भी दिखाया कि उत्तराखंड सरकार आपदा की इस घड़ी में अपने नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के लिए उठाए गए कदम जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद करेंगे।

अधिकारियों का सराहनीय कदम: रोशमा के लिए पहुंचे डुंगरी गाँव

Commendable step of the officials reached Dungri village for Roshma
Commendable step of the officials reached Dungri village for Roshma

पौड़ी| तहसील पौड़ी के अंतर्गत डुंगरी गांव की रोशमा देवी को तीलू रौतेली पुरस्कार से नवाज़ा गया है। उनकी इस उपलब्धि पर पशुपालन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने गांव जाकर उन्हें सम्मानित किया।

इस अवसर पर अपर निदेशक पशुपालन भूपेंद्र जंगपांगी ने कहा कि रोशमा देवी ने पशुपालन एवं कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर एक मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि विभाग को गर्व है कि उनकी मेहनत और लगन को प्रदेश स्तर पर तीलू रौतेली पुरस्कार के रूप में पहचान मिली। जंगपांगी ने अन्य महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि रोशमा देवी की तरह गांव में रहकर ही विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिकी को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर न केवल परिवार बल्कि समाज और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं।
इस दौरान रेशमा देवी ने भी प्रदेश सरकार और विभाग का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि विभागों में संचालित योजनाओं का काफी लाभ मिला है।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक लघु पशुपालन डॉ. देवेंद्र बिष्ट, मुख्य कृषि अधिकारी विकेश कुमार यादव, ग्राम प्रधान डुंगरी देवेश्वरी देवी सहित अन्य उपस्थित थे।

राज्यपाल ने सराहा निःशुल्क डेंटल कैंप, अगली बार आम नागरिकों को भी मिलेगा लाभ

Governor appreciated the free dental camp, next time common citizens will also get benefit
Governor appreciated the free dental camp, next time common citizens will also get benefit

देहरादून| राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से आज राजभवन में कर्नल संजीव दताना, मिलिट्री डेंटल सेंटर देहरादून ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान कर्नल दताना ने राज्यपाल को 19 से 21 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क डेंटल कैंप की जानकारी दी।

कर्नल दताना ने बताया कि पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के लिए आयोजित इस कैंप में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर लाभ उठाया। यह कैंप अत्यंत सफल रहा और इससे पूर्व सैनिक समुदाय को विशेष रूप से सुविधा मिली।

राज्यपाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों की देखभाल करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे कैंप समाज के लिए प्रेरणादायक हैं और भविष्य में भी इनका आयोजन होते रहना चाहिए।

राज्यपाल ने यह भी घोषणा की कि आगामी समय में एक और निःशुल्क डेंटल कैंप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सिविल नागरिकों को भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आम जनता को भी लाभ मिल सकेगा।

Dr. Anil Verma Honored with the NSS Maha Raktdani Award for Donating Blood 155 Times.

डॉo अनिल वर्मा 155 बार रक्तदान हेतु “एनएसएस महा रक्तदानी अवार्ड...

0
एनएसएस निःस्वार्थ समाजसेवा का मंच है : प्रोफेसर (डॉo) सुनयना रावत डॉo बिद्युत बोस " रेडक्रास बैज ऑफ़ ऑनर" से सम्मानित राष्ट्रीय सेवा योजना युवा छात्र-...
romabet romabet romabet
deneme bonusu veren siteler