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एनयूसीएफडीसी और सीएससी एसपीवी ने अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को गति देने के लिए समझौता किया

NUCFDC and CSC SPV sign MoU to accelerate digital transformation of Urban Cooperative Banks
NUCFDC and CSC SPV sign MoU to accelerate digital transformation of Urban Cooperative Banks

देहरादून- 27 सितंबर, 2025: नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनयूसीएफडीसी), जो देश में अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों (यू सी बी एस) की अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन है, ने सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (सीएससी एसपीवी) के साथ अर्बन कोऑपरेटिव बैंकिंग सेक्टर में कामकाज को तेजी से डिजिटल बनाने के लिए सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (सीएससी एसपीवी) के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एम ओ यू) पर हस्ताक्षर किए।

इस साझेदारी के तहत अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों को ऐसा डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा, जो सुरक्षित होने के साथ-साथ नियामकीय मानकों के अनुरूप होगा। पहले चरण में आधार-बेस्ड ई-केवाईसी, ई-साइन, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट, डिजीलॉकर इंटीग्रेशन, ई-स्टाम्प सर्विसेज, क्लाउड होस्टिंग, डेटा सेंटर मैनेजमेंट और साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस शामिल होंगे। इसके बाद के चरणों में इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग, कियोस्क-आधारित सेवाएँ और डिजिटल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म जैसी सुविधाएँ जोड़ी जाएँगी।

इस पहल के तहत एनयूसीएफडीसी अपने सदस्य बैंकों में इन सुविधाओं को अपनाने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाएगा, जबकि सीएससी एसपीवी आवश्यक प्लेटफॉर्म, एपीआई और ऑपरेशनल सपोर्ट प्रदान करेगा। दोनों संगठन मिलकर एक गवर्नेंस टीम बनाएंगे, जो इसे लागू करने और कैपेसिटी बिल्डिंग की देखरेख करेगी। साथ ही, प्रशिक्षण, अनुपालन सहयोग, शिकायत निवारण और डेटा संरक्षण उपाय भी इस समझौते का हिस्सा हैं, ताकि यू सी बी एस के संस्थागत ढाँचे को और सशक्त किया जा सके।

मुंबई में एनयूसीएफडीसी के सी ई ओ श्री प्रभात चतुर्वेदी और सीएससी एसपीवी के ग्रुप प्रेसिडेंट श्री भगवान पाटिल की मौजूदगी में इस एम ओ यू पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर एनयूसीएफडीसी के सीईओ, श्री प्रभात चतुर्वेदी, ने कहा, “अर्बन कोऑपरेटिव बैंकिंग सेक्टर को अपनी जड़ों से जुड़ाव बनाए रखते हुए डिजिटल युग में तेज़ी से आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यू सी बी एस को भविष्य के लिए तैयार डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह साझेदारी की गई है, जिससे वे लाखों लोगों को अधिक दक्षता, पारदर्शिता और नियामकीय अनुपालन के साथ सेवाएँ दे सकें। मौजूदा दौर में इस सेक्टर की प्रगति के लिए वित्तीय समावेशन और जनता का भरोसा सबसे अहम है। ऐसे में यह सहयोग यू सी बी एस को आधुनिकता की ओर ले जाएगा और उन्हें प्रगति की राह पर आगे बढ़ने में मददगार साबित होगा।”

सीएससी एसपीवी के ग्रुप प्रेसिडेंट, श्री भगवान पाटिल ने कहा, “सीएससी एसपीवी का मजबूत डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनयूसीएफडीसी का इंस्टीट्यूशनल मैंडेट मिलकर अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों (यू सी बी एस) में बदलाव के लिए एक सशक्त टेक्नोलॉजी प्लेटफ़ॉर्म तैयार करेंगे। हम मिलकर ऐसे स्केलेबल सॉल्यूशंस उपलब्ध कराएँगे, जो न केवल कोऑपरेटिव बैंकिंग सेक्टर को मज़बूत करेंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि दूर-दराज़ के लोग भी उतनी ही आसानी से बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकें। यह साझेदारी डिजिटल इंडिया के लिए अर्बन कोऑपरेटिव बैंकिंग को एक नया स्वरूप देने की दिशा में एक अहम कोशिश है।“

सीएम धामी ने पटेलनगर में ‘जीएसटी बचत उत्सव‘ के उपलक्ष्य में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग

CM Dhami participated in the awareness program organized on the occasion of 'GST Savings Festival' in Patel Nagar.
CM Dhami participated in the awareness program organized on the occasion of 'GST Savings Festival' in Patel Nagar.

– व्यापारियों एवं आम लोगों से भेंट कर जी.एस.टी. की घटी दरों के लाभ के बारे में फीडबैक लिया
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून के पटेलनगर में ‘जीएसटी बचत उत्सव‘ के उपलक्ष्य में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान व्यापारियों एवं आम लोगों से भेंट कर जी.एस.टी. की घटी दरों के लाभ के बारे में फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आर्थिक सुधारों का नया दौर शुरू हुआ है और जीएसटी की दरों में कमी से समाज में सभी वर्गों के जीवन को खुशहाल बनाने की ऐतिहासिक पहल हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी की नई दरों से उपभोक्ता वस्तुएं सस्ती होने से आम लोगों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने व्यापारियों से जीएसटी की घटी दरों के बारे में ग्राहकों को पूरी जानकारी देने का आग्रह भी किया। इस दौरान स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर प्रदेश एवं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी आह्वान किया। इस दौरान व्यापारियों और आम लोगों ने जीएसटी दरों को घटाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व पर की गई इस नई शुरूआत से बाजार और खरीददारों में काफी उत्साह है। जीएसटी का यह उत्सव आगामी दीपावली के पर्व के दौरान आम लोगों के जीवन और कारोबार में उल्लास भरेगा। इस दौरान विधायक विनोद चमोली, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध :सीएम

State government committed to protect the rights and dignity of the diState government committed to protect the rights and dignity of the disabled CMsabled CM
State government committed to protect the rights and dignity of the disabled CM

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों के कल्याण के चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों का पूरा लाभ उन्हें सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ मिले। समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेशभर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों में दिव्यांगजनों को उन्हें  उपचार एवं चिकित्सा सुविधाओं के साथ ही प्रमाण-पत्र, कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण भी मौके पर ही उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री ने सचिव समाज कल्याण को निर्देश दिए कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न शासकीय सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को पूरा लाभ दिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि समाज कल्याण विभाग पेंशन योजनाओं में विशेष रूप से यह सुनिश्चित करे कि जो भी पात्र व्यक्ति दिव्यांग पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आते हों, उन्हें योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले। उन्होंने सभी सचिवगणों से  अपेक्षा  की कि दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों पर विभागीय स्तर पर सतत गंभीरता से कार्यों का अनुश्रवण कर उनके हितों से सीधे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का एक अभिन्न अंग हैं और उन्हें सक्षम बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उपस्थित विधायकगणों एवं बोर्ड सदस्यों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने उन सभी सुझावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याएँ किसी भी सरकार के लिए केवल प्रशासनिक विषय न रहकर मानवीय सरोकार से जुड़ी जिम्मेदारी भी हैं, और इसी भाव से राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
बैठक में विधायक भरत चौधरी, सविता कपूर के साथ ही सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, रंजीत सिन्हा, चन्द्रेश कुमार, वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक समाज कल्याण प्रकाश चन्द्र एवं राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्यगण उपस्थित रहे।

महाराज ने बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण किया

Maharaj conducted a site inspection of Bajrang Setu.
Maharaj conducted a site inspection of Bajrang Setu.

गऊ घाट एंव आस्था पथ के निर्माण कार्यों का भी लिया जायजा

ऋषिकेश। प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने जनपद टिहरी के विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्रनगर में लक्ष्मणझूला पुल के निकट जनसुविधाओं के दृष्टिगत बन रहे 132.30 मीटर स्पान के वैकल्पिक बजरंग सेतु के निर्माण का स्थलीय निरीक्षण किया।

प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को जनपद टिहरी के विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्रनगर में सन 1929 में निर्मित लक्ष्मणझूला पुल के निकट जनसुविधाओं के दृष्टिगत 68 करोड़ 86 लाख 20 हजार की लागत से बन रहे 132.30 मीटर स्पान के वैकल्पिक बजरंग सेतु के निर्माण का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इसमें काफी कार्य पूर्ण हो चुका है तथा दोनो ओर सेतु की पेन्टिग का कार्य भी प्रगति पर है और शीघ्र ही यह पुल बनकर तैयार होगा और स्थानीय लोगों एवं तीर्थयात्रियों को आवागमन में इसका लाभ प्राप्त होगा।

लोक निर्माण मंत्री श्री महाराज ने इस दौरान मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत SASCI 2024-25 मद के अन्तर्गत 1219.93 लाख की लागत से बनने वाले नरेन्द्रनगर विकास खण्ड के तपोवन क्षेत्र में लक्ष्मणझूला के डाउन स्ट्रीम में सच्चाधाम घाट (गऊ घाट) एंव आस्था पथ के निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 100 मीटर लम्बाई एंव 18 मीटर चौडाई में घाट का निर्माण किया जाना है तथा घाट से लगे आस्था पथ को 300 मीटर लम्बाई एंव 7 मीटर चौडाई में बनाया जाना है। श्रद्वालुओं हेतु चेन्जरूम का निर्माण भी किया जाना है। घाट पर आवागमन हेतु अप्रोच मार्ग एंव अन्य विकास कार्य किये जाने है। घाट एंव आस्था पथ पर बेन्च एंव रेंलिग का कार्य किये जाने का प्राविधान है। घाट एंव आस्था पथ पर विधुत की समुचित ब्यवस्था हेतु लाईट आदि के कार्य किये जाने है। लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह इस कार्य को गुणवत्ता के साथ समय से पूर्ण करें।

जीआरडी में फ्रेशर्स पार्टी-“अभिनंदन-2025 ” में रहेगी बॉलीवुड सिंगर इशिका सहगल की धूम !

Bollywood singer Ishika Saigal will be the star of the freshers party Abhinandan 2025 at GRD!
Bollywood singer Ishika Saigal will be the star of the freshers party Abhinandan 2025 at GRD!

स्टार्टअप्स और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए जीआरडी कॉलेज ने बढ़ाया कदम

उत्तराखंड के युवाओं का आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में डिग्री हासिल करना बन रहा है पहली पसंद।

देहरादून – 26 सितंबर 2025 – देहरादून के प्रतिष्ठित गुरु रामदास इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, राजपुर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया इस वार्ता में जीआरडी कॉलेज के वाईस चेयरमैन इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जीआरडी कॉलेज आपदा से प्रभावित ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्र के छात्र छात्राओं को मदद करने के लिए हर वक्त तत्पर है एवं हमने अपने कॉलेज के कई कोर्सेज में आपदा प्रभावित छात्र-छात्राओं को निशुल्क एवं सामान्य रजिस्ट्रेशन के साथ ही दाखिला दिया है ताकि किसी भी छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में कोई अवरोध न हो सके। जीआरडी कैंपस स्टार्टअप्स और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए अपने यहां पर इनक्यूबेशन सेंटर भी बनाया है जिसमे सर्वश्रेष्ठ आइडिया लाने वाले छात्र-छात्राओं को आर्थिक रूप से भी मदद की जाएगी एवं उनके स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

प्रेस को संबोधित करते हुए महानिदेशक डॉ. पंकज चौधरी ने बताया कि नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के स्वागत के लिए पुराने छात्र-छात्राओं ने लिए अभिनंदन 2025 का आयोजन कर रहे हैं। यह आयोजन 27 सितंबर को जीआरडी कॉलेज में होगा जिसमें बॉलीवुड के मशहूर गायिका इशिका शेरगिल और डीजे हैरी अपनी लाइव प्रस्तुति देंगे। वही कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा उत्तराखंड के पारंपरिक परिधान में गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां होंगी। लोकगीत एवं संगीत के साथ-साथ कार्यक्रम में हिंदी, पंजाबी गानों की भी प्रस्तुतियां होंगी।

डॉ. चौधरी ने बताया कि इस वर्ष कॉलेज में कंप्यूटर साइंस, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, सिविल इंजीनियरिंग, नर्सिंग, पैरामेडिकल आदि रोजगार परक पाठ्य कर्मो में बड़ी संख्या में उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं ने दाखिला लिया है। जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड के युवा आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा विश्व स्तर पर मनवाएंगे !

नोलों-धारों के संरक्षण के लिए तैयार हो रहा है जीआईएस प्लेटफॉर्म: महाराज

GIS platform is being prepared for the conservation of streams and rivers Maharaj
GIS platform is being prepared for the conservation of streams and rivers Maharaj

*समीक्षा बैठक मंत्री ने पंचायतों को 29 विषयों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने के दिये निर्देश

देहरादून। केंद्र पोषित योजना राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत कार्य योजना की वर्तमान स्थिति और 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के साथ-साथ 73वें संविधान संशोधन के फलस्वरुप संविधान की 11वीं अनुसूची में वर्णित 29 विषयों की निधियां, कार्यों एवं कार्मिक त्रिस्तरीय पंचायत को हस्तांतरित किए जाने के साथ-साथ जलागम विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रदेश के पंचायती राज एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने विभागवार समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रदेश के पंचायती राज एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को डांडा लखौंड, सहस्त्रधारा रोड स्थित पंचायती राज निदेशालय में पंचायतीराज विभाग एवं जलागम विभाग की विभागवार समीक्षा बैठक कर किये जा रहे विकास कार्यों की
समीक्षा करने के साथ-साथ वर्ष 2025-26 में केंद्र पोषित योजना राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत राज्य के लिए स्वीकृत 179.40 करोड़ की वार्षिक योजना के सापेक्ष आवंटित प्रथम किस्त 25 करोड़ की धनराशि से किये जाने वाले कार्यों के साथ-साथ 73वें संविधान संशोधन के फलस्वरुप संविधान की 11वीं अनुसूची में वर्णित 29 विषयों की निधियां, कार्यों एवं कार्मिक त्रिस्तरीय पंचायत को हस्तांतरित किए जाने की प्रगति और प्रदेश की पंचायत में चुनकर आए जनप्रतिनिधियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ-साथ अन्य गतिविधियों को समय से पूरा करने के पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक के पश्चात जानकारी देते हुए पंचायती राज मंत्री श्री महाराज ने बताया कि वर्ष 2025 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 126 अभ्यर्थियों को विभिन्न जनपदों में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई और वर्ष 2024 में सहायक विकास अधिकारी पंचायत के 17 रिक्त पदों पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संवर्ग से पदोन्नति की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान चयन वर्ष 2025-26 में सहायक विकास अधिकारी पंचायत के रिक्त पदों पर पदोन्नति हेतु प्रक्रिया गतिमान है और शीघ्र ही कार्यवाही पूर्ण कर ली जाएगी।

पंचायतीराज एवं जलागम मंत्री श्री महाराज ने ग्राम पंचायत स्तर पर सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से “ग्राम पंचायत जलागम विकास योजना” के निरूपण और ग्राम पंचायत स्तर पर चुने हुए प्रतिनिधियों की देखरेख में प्राकृतिक संसाधनों, जल स्रोतों के पुनरोद्धार एवं संरक्षण तथा कृषि उन्नति की कार्य योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जलागम विभाग द्वारा प्रदेश में धारे-नौलों के संरक्षण के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में समिति का गठन करने के साथ-साथ धारे-नौलों एवं नदियों के चिन्हीकरण, उपचार हेतु स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित कर उनके संरक्षण के लिए Spring and River Rejuvenation Authority (SARRA) के अन्तर्गत जीआईएस प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड एवं जहरीली गैसें के उत्सर्जन के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए खाली पड़ी निजी एवं सरकारी भूमि पर पेड़ लगाने के लिए कार्बन क्रेडिट योजना पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में जलागम सचिव दिलीप जावलकर, पंचायती राज निदेशक निधि यादव, जलागम की परियोजना निदेशक कहकसा नसीन, अपर सचिव पंचायती राज श्याम सिंह, संयुक्त सचिव ध्रुव मोहन राणा, त्रिपाठी, अपर निदेशक मनोज तिवारी एवं रविनाथ रमन त्रिपाठी एवं डॉ अनुज कुमार डिमरी सहित पंचायतीराज विभाग एवं जलागम विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद थे।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2025’ के तहत राष्ट्रव्यापी पहलें शुरू कर स्वच्छ और समावेशी विकास को बढ़ावा दिया

THDC India Limited promotes clean and inclusive growth by launching nationwide initiatives under 'Swachhata Hi Seva Abhiyan-2025'
THDC India Limited promotes clean and inclusive growth by launching nationwide initiatives under 'Swachhata Hi Seva Abhiyan-2025'

ऋषिकेश, 25 सितम्बर, 2025:  सतत और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए, सार्वजनिक क्षेत्र की मिनी रत्न कंपनी टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने राष्ट्रव्यापी “स्वच्छता ही सेवा अभियान-2025” के तहत कई पहल शुरू की हैं।

श्री आर. के. विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसीआईएल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वच्छता और सततता निगम के आदर्शों के अभिन्न स्तंभ हैं। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि टीएचडीसीआईएल, एक एकीकृत विद्युत उत्पादन इकाई होने के अलावा, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इसका विकास समावेशी बना रहे और स्वच्छ भारत अभियान जैसे राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप हो। श्री विश्नोई ने आगे कहा कि स्वच्छता केवल एक गतिविधि नहीं है बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी है जो स्वच्छ और हरित भारत के निगम के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देती है।

निदेशक (वित्त), श्री सिपन कुमार गर्ग ने इससे पूर्व, 17 सितंबर 2025 को, कॉर्पोरेट कार्यालय, ऋषिकेश में स्वच्छता शपथ दिलाई थी और कर्मचारियों से ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत स्वच्छता के लिए एक घंटे की स्वैच्छिक सेवा समर्पित करने का आग्रह किया था। इसी के अंतर्गत, टीएचडीसीआईएल के सभी कर्मचारियों ने आज आयोजित श्रमदान में सक्रिय रूप से भाग लिया, साथ ही स्वच्छता ही सेवा अभियान-2025 के तहत कई अन्य पहलों में भी भाग लिया।

राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान के एक भाग के रूप में, “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” पहल का आयोजन एनसीआर कार्यालय परिसर, कौशाम्बी में श्रीमती रश्मिता झा, मुख्य सतर्कता अधिकारी (आईआरएस), टीएचडीसीआईएल की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। इस पहल में एनसीआर कार्यालय के कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस कार्यक्रम ने एकता की भावना को बढ़ावा दिया और स्वच्छता को एक साझा ज़िम्मेदारी के रूप में स्थापित किया। इस अवसर पर श्री नीरज वर्मा, कार्यपालक निदेशक (प्रभारी, एनसीआर), श्री एस.के.आर्य, उप मुख्य सतर्कता अधिकारी और टीएचडीसीआईएल के एनसीआर कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इसी अभियान के तह्त, ऋषिकेश में, टीएचडीसीआईएल ने 24 सितंबर 2025 को नए बस स्टैंड के आसपास स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में ऋषिकेश के माननीय महापौर श्री शंभू पासवान भी उपस्थित थे, जिन्होंने स्वच्छता को बढ़ावा देने और सतत विकास में योगदान देने के लिए टीएचडीसीआईएल के सक्रिय प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक(मानव संसाधन), डॉ. अमरनाथ त्रिपाठी, महाप्रबंधक (सामाजिक एवं पर्यावरण), श्री हर्ष कुमार जिंदल, श्री ए. के. कंसल, महाप्रबंधक (सर्विसेज), श्री आर. के. वर्मा, महाप्रबंधक (वाणिज्यिक) तथा कॉर्पोरेट कार्यालय, ऋषिकेश के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। चिन्हित स्थान को टीएचडीसीआईएल द्वारा औपचारिक रूप से स्वच्छता लक्ष्य इकाई (सीटीयू) के रूप में अपनाया गया है, जिसका रखरखाव निगम द्वारा नियमित आधार पर किया जाएगा ताकि ऋषिकेश के नागरिकों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

इसके अतिरिक्त, टीएचडीसीआईएल ने स्वच्छता ही सेवा अभियान-2025 के तहत अपनी परियोजनाओं एवं कार्यालयों में कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की, जिसमें खुर्जा में स्कूली छात्रों द्वारा प्रभात फेरी, टिहरी में पोस्टर मेकिंग और बेस्ट फ्रॉम वेस्ट प्रदर्शनी, वीपीएचईपी कार्यालय में स्वच्छता अभियान और वीपीएचईपी डिस्पेंसरी द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर शामिल हैं। ये पहल सामुदायिक सहभागिता, छात्र जागरूकता एवं  सतत प्रथाओं को बढ़ावा देने के प्रति टीएचडीसीआईएल की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तराखंड महानगर कार्यालय का शुभारंभ

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) Uttarakhand Metropolitan Office inaugurated
Lok Janshakti Party (Ram Vilas) Uttarakhand Metropolitan Office inaugurated

देहरादून – 24 सितंबर 2025- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तराखंड महानगर कार्यालय का शुभारंभ आज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केदारनाथ पंडित द्वारा इंदिरा चौक, इंदिरा नगर सीमा द्वार रोड में किया गया, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि उत्तराखंड में युवाओं से संबंधित बहुत से मुद्दे वर्तमान में चल रहे हैं, हम चाहते हैं कि प्रदेश में जो भी फैसले वर्तमान सरकार ले रही हैं उसमें पारदर्शिता वर्ती जाए और जनता को गुमराह न किया जाए। हमारा महानगर कार्यालय आज से उत्तराखंड के युवाओं एवं कार्यकर्ता को समर्पित है। प्रदेश में जो भी युवाओं कि समस्या हैं उसके निवारण के लिए यहां से युद्ध स्तर पर कार्य किया जाएगा।

कार्यक्रम में कार्यकारिणी के सदस्यों को भी शपथ दिलाई गई जिसमे महानगर कार्यकारिणी प्रधान महासचिव चिराग अग्रवाल, उपाध्यक्ष रामनाथ सैनी, जावेद अंसारी, शंकर, महासचिव संजीव अग्निहोत्री, संदीप महेतो, मुकेश कुमार, सोहित कुमार, सचिव चंदन कुमार, राजू थापा, कुमारी अर्चना पाल, मीडिया प्रभारी, संजय कुमार इत्यादि शामिल रहे। कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारी प्रदेश अध्यक्ष , केदारनाथ पंडित, प्रदेश उपाध्यक्ष, भरत सिंह नेगी , प्रदेश संगठन मंत्री, वीरेंद्र सिंह रावत, राष्ट्रीय खेल खुद प्रकोष्ठ महासचिव अंशु शर्मा, प्रदेश सचिव सी पी सिंह, जिला अध्यक्ष, पिंटू सिंह, महानगर अध्यक्ष ,संदीप सिंघल उपस्थित रहे। कार्यक्रम संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष /मीडिया प्रभारी संजीव शर्मा द्वारा किया गया।

देहरादून में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किया सिल्क एक्स्पो 2025 का शुभारंभ

Agriculture Minister Ganesh Joshi inaugurated Silk Expo 2025 in Dehradun.
Agriculture Minister Ganesh Joshi inaugurated Silk Expo 2025 in Dehradun.

देहरादून, 24 सितम्बर। कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने आज देहरादून के एक निजी होटल में सिल्क मार्क ऑर्गेनाइजेशन, केन्द्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार, रेशम निदेशालय उत्तराखण्ड एवं उत्तराखण्ड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सिल्क एक्स्पो 2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने एक्स्पो में लगे स्टोलों का अवलोकन भी किया। मंत्री जोशी ने अवलोकन के दौरान उनके द्वारा सेलाकुई में दिए गए पॉवरलूम द्वारा तैयार की गई साड़ियों पर प्रसन्नता व्यक्त की।

मंत्री जोशी ने एक्स्पो में देशभर से आए उद्यमियों, रेशम कास्तकारों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। इस प्रदर्शनी में देश के 12 राज्यों के 26 से अधिक प्रतिभागियों ने अपने-अपने रेशमी उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई है, जहां उच्च गुणवत्ता के रेशमी वस्त्र, बुनाई की विविध विधाएं और डिज़ाइन ग्राहकों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो रहे हैं।

अपने सम्बोधन में मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का शहतूती रेशम पूरे देश में सर्वोत्तम माना जाता है और इसी कारण राज्य को “Bowl of Bivoltine Silk” के नाम से जाना जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 7,500 कीटपालक परिवारों द्वारा 312.02 मी.टन शहतूती रेशम कोया का उत्पादन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पूर्व में रेशमी वस्त्र बुनाई कार्य प्रदेश में न्यून स्तर पर था, हमारी सरकार बनने के बाद इस दिशा में विशेष प्रयास किए गए। रेशम फेडरेशन द्वारा न सिर्फ परम्परागत बुनकरों को प्रशिक्षित किया गया, बल्कि सेलाकुई स्थित ग्रोथ सेंटर में तीन पावरलूम स्थापित कर गुणवत्तायुक्त वस्त्रों का उत्पादन भी किया जा रहा है।

मंत्री जोशी ने कहा कि रेशम फेडरेशन का “दून सिल्क ब्रांड” अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। विगत वर्ष लगभग 5 करोड़ मूल्य के रेशमी वस्त्रों का उत्पादन कर फेडरेशन ने 1 करोड़ का लाभ अर्जित किया उन्होंने सिल्क एक्स्पो के दौरान रेशम निदेशालय और बी.एस. नेगी महिला प्राविधिक प्रशिक्षण संस्थान, ओएनजीसी की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत भव्य फैशन शो “रिवायत-ए-रेशम-2” को भी मंत्री ने सराहा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम संस्थानों की आपसी सहभागिता का उदाहरण है, जिससे एक ओर छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर दून सिल्क ब्रांड का भी प्रभावी प्रमोशन संभव हो पा रहा है। इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने रेशम कीट पालन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को भी सम्मानित किया।

इस अवसर पर विधायक राजपुर खजान दास, पूर्व रेशम फेडरेशन अध्यक्ष अजीत चौधरी, निदेशक रेशम प्रदीप कुमार, महाप्रबंधक मातवर कंडारी, प्रधानाचार्या नमिता मंमगाई सहित कई लोग उपस्थित रहे।

भारतीय ऑनलाइन एमबीए ने हासिल किया वैश्विक पहचान, एमआरआईआईआरएस ने पाया क्यूएस टॉप 100 में स्थान

Indian online MBAs gain global recognition, MRIIRS ranked in QS Top 100
Indian online MBAs gain global recognition, MRIIRS ranked in QS Top 100

देहरादून- 24 सितम्बर 2025: क्यूएस ऑनलाइन एमबीए रैंकिंग 2026 ने भारतीय ऑनलाइन बिज़नेस शिक्षा की बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को उजागर किया है, जिसमें मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज़ (एमआरआईआईआरएस) ने अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई है। एमआरआईआईआरएस का ऑनलाइन एम बी ए प्रोग्राम क्यूएस ऑनलाइन एम बी ए ग्लोबल टॉप 100 (76–100 बैंड) में शामिल हुआ है और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 9वां स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही, एमआरआईआईआरएस भारत के प्रमुख बी-स्कूल्स की श्रेणी में औपचारिक रूप से शामिल हो गया है। भारतीय संस्थानों का यह प्रदर्शन भारतीय ऑनलाइन एम बी ए कार्यक्रमों की अंतरराष्ट्रीय पहचान और प्रतिस्पर्धात्मकता को मज़बूती प्रदान करता है। एमआरआईआईआरएस ने क्लास एक्सपीरियंस के लिए वैश्विक स्तर पर नंबर 1 रैंकिंग हासिल करने का गौरव भी पाया है।

क्यूएस रैंकिंग्स, जिन्हें वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक उत्कृष्टता, रोजगार क्षमता और छात्र अनुभव के मानक के रूप में जाना जाता है, भारतीय ऑनलाइन एमबीए की बढ़ती साख को उजागर करती हैं। एमआरआईआईआरएस का यह शामिल होना दर्शाता है कि इसका कार्यक्रम न केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करता है बल्कि तकनीक-सक्षम शिक्षा, वैश्विक संसाधनों का समावेश और रोजगारोन्मुख परिणाम भी सुनिश्चित करता है।
एक ग्लोकल दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाते हुए भारत के गतिशील बिज़नेस इकोसिस्टम की व्यावहारिक मांगों को भी पूरा करता है। पाठ्यक्रम में केस स्टडीज़, सिमुलेशन और कैपस्टोन प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, जिनका निरंतर मूल्यांकन वैश्विक मानकों के अनुरूप किया जाता है ताकि प्रासंगिकता और प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
इसी आधार पर, क्यूएस ने यह जोर दिया कि भारतीय ऑनलाइन एम बी ए प्रोग्राम अब शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्र अनुभव दोनों में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को लगातार प्रदर्शित कर रहे हैं

क्यूएस क्वाक्वारेली साइमंड्स (ए एम ई एस ए) के कार्यकारी निदेशक, डॉ. अश्विन फर्नांडिस ने कहा,
“क्यूएस ऑनलाइन एम बी ए रैंकिंग ऐसे प्रोग्रामों को उजागर करती है जो मजबूत शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षार्थी अनुभव और उद्योग प्रासंगिकता को प्रदर्शित करते हैं। इस वर्ष के परिणाम भारतीय ऑनलाइन एम बी ए प्रोग्रामों की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता और अंतरराष्ट्रीय मान्यता को दर्शाते हैं, जो उन्हें वैश्विक मानकों और विकसित होती व्यावसायिक मांगों के अनुरूप प्रस्तुत करते हैं।”

डॉ. प्रशांत भल्ला, अध्यक्ष, मानव रचना शैक्षणिक संस्थान, ने कहा: “यह वैश्विक मान्यता मानव रचना की भविष्य उन्मुख शिक्षा यात्रा का प्रमाण है। क्यूएस ऑनलाइन एमबीए रैंकिंग्स में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों के साथ शामिल होना इस बात का प्रतीक है कि भारतीय विश्वविद्यालय अब वैश्विक उच्च शिक्षा परिदृश्य को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। हमारा फोकस लगातार नवाचार करने और ऐसे मार्ग बनाने पर है, जिनसे शिक्षार्थी दुनिया के किसी भी कोने से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।”

राजीव कपूर, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मानव रचना शैक्षणिक संस्थान, ने कहा:
“भारत से केवल तीन विश्वविद्यालयों ने क्यूएस ऑनलाइन एमबीए रैंकिंग्स 2026 में जगह बनाई है। ऐसे में एमआरआईआईआरएस का ग्लोबल टॉप 100 में डेब्यू करना भारतीय संस्थानों की डिजिटल उच्च शिक्षा में बढ़ती ताकत को दर्शाता है। यह हमारे शिक्षण मॉडल की मजबूती का प्रमाण है, जहां इंटरैक्टिव डिज़ाइन, सहपाठी सहयोग और फैकल्टी की सक्रिय भागीदारी से एक जीवंत लर्निंग माहौल तैयार होता है। हमारा लक्ष्य हमेशा यही रहा है कि ऑनलाइन एमबीए छात्रों को गहराई से सीखने, वैश्विक अनुभव और करियर परिणामों में वास्तविक मूल्य प्रदान करे।”

एमआरआईआईआरएस को फैकल्टी और टीचिंग इंडिकेटर में भी वैश्विक स्तर पर 80वां स्थान और एशिया-प्रशांत में 8वां स्थान मिला है, जो इसकी शैक्षणिक क्षमता और शिक्षण गुणवत्ता को पुनः सिद्ध करता है।

इस ऑनलाइन एमबीए प्रोग्राम में मार्केटिंग, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, इंटरनेशनल बिज़नेस, बिज़नेस एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग एवं ई-कॉमर्स, एविएशन मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट, और हेल्थकेयर मैनेजमेंट जैसे अनेक द्वि-विशेषज्ञताएं उपलब्ध हैं। उद्योग जगत और वैश्विक साझेदारों के सहयोग से विकसित यह कार्यक्रम डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और भविष्य की स्किल्स के अनुरूप है।

शिक्षण मॉडल में लाइव इंटरैक्टिव सेशंस, ऑन-डिमांड कंटेंट और सहपाठी चर्चाएं शामिल हैं, जिन्हें इंडस्ट्री प्रैक्टिशनर्स की अंतर्दृष्टियों से और समृद्ध किया जाता है। फैकल्टी अकादमिक कठोरता और पेशेवर अनुभव का संतुलन प्रस्तुत करती है, जबकि हार्वर्ड बिज़नेस पब्लिशिंग और लिंक्डइन लर्निंग के साथ साझेदारी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय संसाधनों तक पहुँच प्रदान करती है।
प्रोग्राम करियर परिणामों को भी प्राथमिकता देता है। छात्रों को इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, मास्टरक्लास और इंटर्नशिप्स में भाग लेने के अवसर मिलते हैं, साथ ही वैश्विक वर्चुअल टीमों पर काम करने का भी अनुभव प्राप्त होता है। करियर डेवलपमेंट सेंटर 200 से अधिक हायरिंग पार्टनर्स के साथ काम करता है और लीडरशिप, कम्युनिकेशन और प्रॉब्लम-सॉल्विंग जैसी क्षमताओं पर मार्गदर्शन प्रदान करता है।

यह उपलब्धि केवल एमआरआईआईआरएस की ही नहीं बल्कि भारत की उच्च शिक्षा क्षेत्र की भी प्रगति को दर्शाती है। यह सिद्ध करता है कि भारतीय विश्वविद्यालय अब वैश्विक साथियों के बराबर ऑनलाइन बिज़नेस शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, जिसमें शैक्षणिक उत्कृष्टता, तकनीक और उद्योग जुड़ाव का सशक्त संयोजन है। यह समावेशन भारत की स्थिति को उच्च-गुणवत्ता वाले ऑनलाइन एमबीए कार्यक्रमों के गंतव्य के रूप में और मजबूत करता है तथा अधिक संस्थानों को नवाचार करने, मानक बढ़ाने और भारत को डिजिटल उच्च शिक्षा में वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान करने के लिए प्रेरित करेगा।

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