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टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के दौरान उत्कृष्ट पहल के लिए सम्मानित किया गया

THDC India Limited awarded for outstanding initiatives during Swachhta Pakhwada 2025
THDC India Limited awarded for outstanding initiatives during Swachhta Pakhwada 2025

ऋषिकेश, 29 सितम्बर, 2025:  विद्युत क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को 16 से 31 मई 2025 तक मनाए गए स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के दौरान उसकी अनुकरणीय पहल और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया । विद्युत मंत्रालय, श्रम शक्ति भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में, भारत सरकार के सचिव (विद्युत), श्री पंकज अग्रवाल (आईएएस) ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री आर. के. विश्नोई को यह सम्मान प्रदान किया। यह कार्यक्रम विद्युत मंत्रालय द्वारा जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया।

यह सम्मान टीएचडीसीआईएल द्वारा अपनी सभी परियोजनाओं और इकाइयों में स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के दौरान किए गए उत्कृष्ट प्रयासों और प्रभावशाली पहलों को उजागर करता है। इस कार्यक्रम के दौरान विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अपर सचिव श्री पीयूष सिंह (आईएएस), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव डॉ. डी साई बाबा, श्री बलवंत सिंह, प्रबंधक (सीएमडी, सचिवालय), टीएचडीसीआईएल के साथ-साथ विद्युत मंत्रालय और टीएचडीसीआईएल के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के दौरान टीएचडीसीआईएल ने अपनी परियोजनाओं और इकाइयों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कई नवीन और प्रभावशाली गतिविधियाँ शुरू कीं। संगठन ने टाउनशिप, परियोजना स्थलों और आस-पास के गाँवों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाए, साथ ही प्लास्टिक-मुक्ति अभियान और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए। स्कूलों और स्थानीय समुदायों को नुक्कड़ नाटकों, चित्रकला प्रतियोगिताओं और स्वच्छता शपथ ग्रहण समारोहों के माध्यम से सक्रिय रूप से शामिल किया गया, जिससे जन भागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा मिला। वृक्षारोपण अभियान ने हरियाली को और बढ़ावा दिया, जबकि रचनात्मक पहल “कचरे से खजाना” ने पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग पर जोर दिया, जिससे कचरे को मूल्यवान संसाधनों में बदला जा सके। इन प्रयासों को व्यापक सोशल मीडिया अभियानों द्वारा संपूरित किया गया, जिससे व्यापक पहुँच और दृश्यता सुनिश्चित हुई।

सभी गतिविधियों को स्वच्छता समीक्षा पोर्टल पर मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार व्यवस्थित रूप से रिपोर्ट किया गया, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई।

शहीद सम्मान यात्रा 2.0 के तहत शहीद लेफ्टिनेंट प्रतीक आचार्य के आंगन की मिट्टी का संग्रहण करते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी

Soldier Welfare Minister Ganesh Joshi collecting soil from the courtyard of martyr Lieutenant Pratik Acharya under Shaheed Samman Yatra 2.0
Soldier Welfare Minister Ganesh Joshi collecting soil from the courtyard of martyr Lieutenant Pratik Acharya under Shaheed Samman Yatra 2.0

देहरादून, 29 सितम्बर। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज शहीद सम्मान यात्रा 2.0 के अंतर्गत अमर शहीद लेफ्टिनेंट प्रतीक आचार्य के नैशविला रोड डोभालवाला स्थित आवास पर पहुंचकर उनके परिजनों से भेंट की। इस दौरान मंत्री जोशी ने शहीद के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके आंगन की पवित्र मिट्टी का ताम्रकलश में संग्रहण किया।

उन्होंने शहीद के परिजनों को आगामी 05 अक्टूबर को लैंसडौन में आयोजित होने वाले शहीद सम्मान समारोह में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। मंत्री ने कहा कि गुनियाल गांव, देहरादून में शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के सभी शहीद सैनिकों के घर-आंगन की मिट्टी स्थापित की जाएगी। शहीद सम्मान यात्रा 2.0 का समापन 05 अक्टूबर को लैंसडौन में किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शहीद परिवारों को सम्मानित करेंगे।

सर्जिकल स्ट्राइक की गौरवमयी वर्षगांठ पर शौर्य दिवस का स्मरण करते हुए मंत्री जोशी ने कहा कि 2016 में भारतीय सेना ने आतंकवादियों के ठिकानों को ध्वस्त कर दुनिया को सशक्त भारत के शौर्य और पराक्रम का परिचय कराया था। उन्होंने कहा कि यह शहीद सम्मान यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिनकी शौर्यगाथा सदैव प्रेरणा देती रहेगी।

सैनिक कल्याण मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शहीदों और उनके परिजनों के लिए लगातार कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। शहीद परिवारों को दिया जाने वाला एकमुश्त अनुग्रह अनुदान 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है। वहीं उत्तराखंड के परमवीर चक्र अलंकृत सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां पूर्व सैनिकों को ब्लॉक प्रतिनिधि नियुक्त कर मानदेय प्रदान किया जाता है। वर्तमान में यह मानदेय 8,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।

इस दौरान शहीद की वीरमाता बीना आचार्य, राजीव शर्मा, कर्नल सुगंध शर्मा, पूजा शर्मा, बिग्रेडियर एएन आचार्य, कर्नल एसके शर्मा, वीएन आचार्य, कृष्णा आचार्य, विनीता आचार्य, एससी हटवाल, उपनल के एमडी बिग्रेडियर जेएनएस बिष्ट, सैनिक कल्याण विभाग की उपनिदेशक विंग कमाण्डर निधि बधानी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल ओपी फरस्वाण, पार्षद मोहन बहुगुणा, भाजपा मण्डल अध्यक्ष प्रदीप रावत, महामंत्री भावना, पूर्व पार्षद सतेन्द्र नाथ, दीपक कुमार, दिनेश चमन, विनोद गौड़, राइका डोभालवाला के प्रधानाचार्य एसएस बिष्ट सहित सैकड़ों क्षेत्रवासी, पूर्व सैनिक एवं छात्र-छात्राऐं उपस्थित रहे।

बॉलीवुड स्टाइल आइकन रिया कपूर ने पैंटालून्‍स का फेस्टिव एडिट कलेक्शन किया लॉन्च

Bollywood style icon Rhea Kapoor launches Pantaloons' festive edit collection
Bollywood style icon Rhea Kapoor launches Pantaloons' festive edit collection

देहरादून, 29 सितंबर 2025: भारत के सबसे लोकप्रिय फैशन और लाइफस्टाइल रिटेल ब्रांड पैंटालून्‍स (आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड – ABFRL का हिस्सा) ने अपना नया फेस्टिव एडिट कलेक्शन लॉन्च किया। बॉलीवुड स्टाइल आइकन रिया कपूर द्वारा क्यूरेट यह कलेक्शन हर अवसर और त्योहार के लिए वर्सेटाइल और फैशन-फॉरवर्ड लुक्स पेश करता है।

यह लॉन्च पैंटालून्‍स के नए री-डिज़ाइन किए गए स्टोर – आर सिटी मॉल, घाटकोपर में हुआ, जो ब्रांड की नई रिटेल पहचान को दर्शाता है। यह स्टोर एक फैशन-फर्स्ट और वाइब्रेंट डेस्टिनेशन है, जो ग्राहकों के लिए शॉपिंग अनुभव को और मजेदार बनाता है। लॉन्च के मौके पर रिया कपूर ने एक एक्सक्लूसिव स्टाइलिंग मास्टरक्लास भी आयोजित की।

रिया कपूर का स्टाइलिंग सेशन – लॉन्च का मुख्य आकर्षण रहा। लॉन्च के दौरान रिया कपूर ने पैंटालून्‍स कलेक्शन से मिक्स-एंड-मैच कर स्टाइलिश और प्रैक्टिकल लुक्स बनाने के टिप्स दिए। अपने बोल्ड और यूनिक फैशन सेंस के लिए मशहूर रिया ने शॉपर्स को दिखाया कि कैसे कोई भी आसानी से अलग-अलग अवसरों के लिए सही लुक तैयार कर सकता है— चाहे वह ऑफिस के लिए चीक वर्कवियर हो, त्योहारों के लिए एथनिक स्टाइल हो या कैजुअल आउटिंग।

फेस्टिव एडिट कलेक्शन – हर मूड के लिए स्टाइल शामिल हैं। पैंटालून्‍स का यह कलेक्शन मॉडर्न और ट्रेडिशनल दोनों स्टाइल्स को मिलाकर तैयार किया गया है। इसमें ज्वेल टोन कलर्स, लक्ज़री टेक्सचर्स, मॉडर्न सिल्हूट्स और मज़ेदार लेयरिंग ऑप्शंस शामिल हैं, जो फैमिली गैदरिंग, फेस्टिव पार्टी या डेली फैशन – हर मौके के लिए परफेक्ट हैं।

स्टोर लॉन्च पर पैंटालून्‍स और OWND! की CEO संगीता तनवानी ने कहा, “आर सिटी मॉल स्टोर का रीलॉन्च हमारे ग्राहकों को एक नया और एडवांस शॉपिंग अनुभव देता है, जो पैंटालून्‍स की फैशन-फर्स्ट फिलॉसफी को दर्शाता है। स्टोर की मॉडर्न और एनर्जेटिक डिजाइन ग्राहकों को फैशन एक्सप्लोर करने और स्टाइल में एक्सपेरिमेंट करने के लिए प्रेरित करती है। रिया कपूर का स्टाइल इस ऊर्जा को और मजबूत करता है और हमारे ग्राहकों को खुद को आत्मविश्वास के साथ व्यक्त करने के लिए प्रेरित करता है।”

रिया कपूर ने कहा, “पैंटालून्‍स के नए और फैशन-फॉरवर्ड कलेक्शन से मुझे बेहद प्रेरणा मिली। यह वर्सेटाइल और ट्रेंडी कलेक्शन हर मौके और मूड के लिए परफेक्ट है। आर सिटी मॉल का नया स्टोर अनुभव भी उतना ही आकर्षक है—ब्राइट, मॉडर्न और वेलकमिंग। मैं हमेशा मानती हूं कि स्टाइल खुद को एक्सप्रेस करने का तरीका है, और पैंटालून्‍स की नई पहचान इसे खूबसूरती से सेलिब्रेट करती है। अपने पसंदीदा फेस्टिव लुक्स क्यूरेट करना और शॉपर्स को नए एक्सपेरिमेंट के लिए प्रेरित करना मेरे लिए बेहद खुशी की बात थी।”

लगभग 30,000 वर्ग फुट में फैला पैंटालून्‍स का नया स्टोर पूरी तरह से एक फैशन डेस्टिनेशन के रूप में डिजाइन किया गया है। इसके ऑल-व्हाइट और कंटेम्पररी इंटीरियर्स ब्रांड की विविध कलेक्शंस को

एक्सप्लोर करने के लिए एक ताजगी भरा मंच पेश करते हैं, जिससे फैशन की खोज आसान और आनंददायक बन जाती है। यह नया रूप पैंटालून्‍स की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें वह ग्राहकों के लिए एक सहज, एक्सप्रेसिव और आकर्षक शॉपिंग अनुभव तैयार करता है—एक ऐसी जगह जहां ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइल और फैशन डिस्कवरी का संगम होता है।

मुंबई के सबसे आसानी से पहुंचने योग्य क्षेत्रों में स्थित, यह नया स्टोर फैशन और स्टाइल का हब बन गया है। यहां 20 से अधिक फैशन ब्रांड्स की पूरी रेंज मौजूद है, जिनमें पैंटालून्‍स के लोकप्रिय इन-हाउस लेबल्स जैसे रंगमंच, हनी, पेरग्रिन, पीपल, SF जीन्स को., 7 Alt और इंडस रूट शामिल हैं। साथ ही खासकर चुने गए पार्टनर ब्रांड्स भी यहां उपलब्ध हैं। ग्राहक यहां एक ही छत के नीचे कपड़ों और एथनिक वियर से लेकर एक्सेसरीज, कलर कॉस्मेटिक्स और फ्रेग्रेंस तक हर ज़रूरत पूरी कर सकते हैं—इसे वास्तव में एक वन-स्टॉप डेस्टिनेशन बना देता है।

भारत में 27 साल से ज्यादा समय से फैशन की यात्रा को दिशा दे रहा पैंटालून्‍स अब इस रीलॉन्च के साथ अपने अगले अध्याय की शुरुआत कर रहा है। आर सिटी मॉल का नया स्टोर ब्रांड की फैशन-फॉरवर्ड, मॉडर्न और पूरी तरह ग्राहक-केंद्रित पहचान को दर्शाता है और आने वाले समय के लिए भारतीय रिटेल अनुभव का नया मानक तय करता है।

नई फेस्टिव एडिट कलेक्शन देहरादून के पैंटालून्स स्टोर्स पर उपलब्ध है।

सीएम धामी ने किया प्रतिभा सम्मान समारोह में उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा में विद्या भारती विद्यालयों के उत्कृष्ट स्थान प्राप्त अभ्यर्थियों को सम्मानित

CM Dhami honored the top-ranked candidates from Vidya Bharati schools in the Uttarakhand Board exams at the Pratibha Samman ceremony.
CM Dhami honored the top-ranked candidates from Vidya Bharati schools in the Uttarakhand Board exams at the Pratibha Samman ceremony.

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नैनीताल के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान उत्तराखंड द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा में विद्या भारती विद्यालयों के उत्कृष्ट स्थान प्राप्त अभ्यर्थियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में मैरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान सभी में एक नई ऊर्जा का संचार करेेगा, नया उत्साह लाएगा तथा भविष्य में जीवन में आने वाली सभी परीक्षाओं में भी श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के विचारों को आत्मसात करते हुए विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में बडा योगदान दे रहा है। इसके स्पष्ट प्रमाण हैं कि यदि कोई भी कार्य अच्छी सोच के साथ कड़ी मेहनत के साथ निरंतर किया जाए तो उस कार्य को सफल होने से रोका नहीं जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष में ये कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, इस विशिष्ट कार्यक्रम में उपस्थित होना उनके लिये गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के पश्चात यह अनुभव किया गया कि भारत की शिक्षा व्यवस्था को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता है इन्हीं विचारों को मूर्त रूप देते हुए 1952 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से गोरखपुर में संस्कारी, चरित्रवान और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनाने के दिव्य संकल्प के साथ पहला सरस्वती शिशु मंदिर प्रारंभ हुआ। इसी उद्देश्य से विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान का गठन हुआ। आज विद्या भारती ने भारतीय शिक्षा पद्धति और आधुनिक शिक्षा के मेल से शिक्षा जगत में नई क्रांति फैलाई है। शिक्षा के क्षेत्र में बोया गया वह एक छोटा सा बीज आज एक विशाल वृक्ष बनकर देशभर को शिक्षा और संस्कार की छांव भी दे रहा है। विद्या भारती देश भर में लगभग 13000 औपचारिक एवं 12000 अनौपचारिक विद्यालयों के माध्यम से 35 लाख छात्रों में ज्ञान, करुणा, संस्कृति और सदाचार जैसे मानवीय गुणों को उनके संस्कारों में लाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती द्वारा आदिवासी बहुल इलाकों, अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले क्षेत्रों में भी सैकड़ों विद्यालय खोले गए हैं, उत्तराखंड में भी विद्या भारती का योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा विद्या भारती के सात स्कूलों को सैनिक स्कूल के रूप में स्थापित करने हेतु चयन किया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के भविष्य निर्माण में 70 वर्षों से अधिक समय से अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, विद्या भारती और उसके सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, संचालकों, आचार्याे, शिक्षक गणों को उनके द्वारा शिक्षा के जगत में है किए गए महान योगदान के लिए भी धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखकर उत्तराखंड सरकार ने सर्वप्रथम नई शिक्षा नीति को उत्तराखंड में लागू करने का काम किया है, साथ ही प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और व्यवहारिक बनाने के लिए अनेक स्तरों पर सरकार नीति तैयार कर अनेक निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से लेकर 12 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें और कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक के बच्चों को पाठ्य पुस्तकों के साथ जूट बैक भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत मेधावी छात्रों को प्रतिभा छात्रवृत्ति भी दी जा रही है, इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड के हाई स्कूल और इंटर में टॉप करने वाले छात्रों को भारत भ्रमण पर भी लेकर जाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। राज्य में 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है। महिला छात्रावास, आईटी लैब सहित परीक्षा भवन आदि का निर्माण भी किया जा रहा है इसके साथ ही ब्रिटेन के साथ उत्तराखंड छात्रवृत्ति हेतु समझौता किया गया है जिसके तहत पंच श्रेष्ठ विद्यार्थियों को मास्टर डिग्री के लिए ब्रिटेन भेजा जाएगा, हमने इन्फोसिस स्प्रिंग बोर्ड के साथ भी राज्य के उच्च शिक्षण संस्थाओं में कंप्यूटर आधारित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करने हेतु भी समझौता किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के युवाओं को और बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से देश के 100 श्रेष्ठ रैंकिंग वाली संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले युवाओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही हैं। उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां बुनियादी शिक्षा को बढ़ाने के साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थीयों की रचनात्मकता को और बढ़ावा देने हेतु बस्ता रहित दिवस को भी पाठ्य चर्चा में शामिल किया गया है। इसके अलावा विरासत पुस्तक के माध्यम से कक्षा छः से लेकर आठ तक के छात्रों को भारत की संस्कृति लोक परंपरा और देश और प्रदेश की महान विभूतियों के जीवन परिचय कराने का कार्य भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य की पुस्तक पाठ्यक्रम में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के जननायकों की शौर्य गाथाओं को भी सम्मीलित किया है जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी को उनके योगदान, आंदोलन व उनके बलिदान को समझ सके और राज्य के प्रति उनके अंदर उत्तरदायित्व की एक भावना विकसित हो सके। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा को विकसित करने के लिए कौशल कार्यक्रम भी राज्य में प्रारंभ किया है इसके अतिरिक्त संघ लोक सेवा आयोग सीडीएस एनडीए इन सभी परीक्षाओं में पास होने पर उनके साक्षात्कार की तैयारी करने के लिए 50000 की धनराशि का प्रावधान भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण विश्व सनातन धर्म और संस्कृति के महत्व को समझ रहा है इसे देखते हुए देहरादून में दून विश्वाविद्यालय में आईटी सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की है। जिसमें हिंदू सभ्यता और संस्कृति से जुड़े अनेक पहलुओं पर शिक्षण और शोध कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्रदेश में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है जिसका परिणाम है पीछले चार वर्षों में राज्य में 25000 से भी अधिक अभ्यर्थियों को योग्यता, क्षमता और प्रतिभा के आधार पर नौकरियां प्राप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है उन्होंने पिछले कुछ दिनों से देवभूमि में घटित घटना का जिक्र करते हुए कहा कि नकल  माफियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा की उनकी दाल अभी उत्तराखंड में गलने वाली नहीं है और उनके जीते जी कोई भी राज्य के गरीब माता-पिता के बेटे, बेटियों उनके भाई बहनों के साथ ,युवा नौजवानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं कर पाएगा।
उन्होंने कहा कि यूकेएसएसएससी पेपर में नकल का प्रकरण एक सेंटर पर एक विशेष व्यक्ति के ऊपर आया है उसकी गिरफ्तारी की जा चुकी है उससे संबंधित सभी लोगों से जानकारियां ली जा रही है व उसकी जांच की जा रही है हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज उसका पूरा सुपरविजन करेंगे,उन्होंने कहा कि कहीं पर भी कोई ऐसा प्रकरण आएगा जिससे छात्रों का अहित हो रहा हो, तो सरकार, वही करेगी जो छात्र हमारे चाहते हैं उनके हित में वही निर्णय  सरकार द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा की पूरी जांच होने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और जो भी दोषी होंगे उनको कठोर से कठोर दंड दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान देश की युवा पीढ़ी को भारतीय मूल्यों संस्कृति के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने के इस महान कार्य को और अधिक विस्तार देते हुए देश को विकसित राष्ट्र बनाने के हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सपनों को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका इसी प्रकार निभाता रहेगा जिससे युवाओं में राष्ट्र प्रथम की भावना होगी और राष्ट्र को विश्व गुरु बनाने में सफल होंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों से विद्या भारती के विद्यालयों से बोर्ड परीक्षा में मेरिट लिस्ट में आए छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। तथा उनके उज्जवल भविष्य का उन्हें आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर डोमेश्वर साहू, प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र, अखिल भारतीय शिक्षा समिति उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ.नरेंद्र सिंह भंडारी, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दायित्वधारी डॉ अनिल डब्बू, शांति माहरा, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत, आईजी कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा, प्रंबधक पार्वती प्रेमा जगाती श्याम अग्रवाल एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने  किया गढ़ी कैंट बाज़ार  में व्यापारियों और आमजन से संवाद

The Chief Minister interacted with traders and the general public at Garhi Cantt market.
The Chief Minister interacted with traders and the general public at Garhi Cantt market.

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, रविवार देर शाम देहरादून स्थित गढ़ी कैंट बाज़ार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और आमजन से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से नए जी.एस.टी. स्लैब के बारे में सुझाव व फीडबैक लिया तथा उनसे आम जनता को घटे हुए जी.एस.टी. दरों की जानकारी देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनता को सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कई आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं पर जी.एस.टी. दरों में कमी की है। “नेक्स्ट जनरेशन जी.एस.टी” के रूप में शुरू की गई यह पहल जनता को राहत देने के साथ ही व्यापार और अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों से संवाद कर कहा कि स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना हर नागरिक का कर्तव्य है। स्वदेशी को प्राथमिकता देने से हमारे किसान, कारीगर और छोटे व्यापारी सशक्त होंगे। इसके साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां के स्थानीय उत्पाद देशभर में अपनी अलग पहचान रखते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद थे।

बहुउ‌द्देशीय शिविर में बोले महाराज आम जनता तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

Maharaj said in the multipurpose camp that the benefits of the schemes should reach the general public.

स्वच्छता ही सेवा-2025 पखवाड़ा के तहत दिलाई शपथ

दिव्यांग को किये उपकरण और प्रमाणपत्र वितरित

चौबट्टाखाल (पौड़ी)। उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लगातार प्रदेश का सर्वांगीण विकास करने के साथ-साथ राज्य को लोककल्याणकारी राज्य बनाने की सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम कर रही है। प्रदेश सरकार की इन जनकल्याणकारी नीतियों का ही परिणाम है कि इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से आम जनता की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करने के साथ-साथ हर प्रकार की सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है और इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।

उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने स्वच्छता ही सेवा-2025 पखवाड़ा के अंतर्गत रविवार को राजकीय डिग्री कॉलेज, चौबट्टाखाल में आयोजित बहुउ‌द्देशीय शिविर में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए कही। बहुउद्देशीय शिविर में प्रतिभाग कर रहे सभी प्रबुद्धजनों, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों का अभिनन्दन करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लगातार प्रदेश का विकास करने में लगी है। विधानसभा क्षेत्र चौब‌ट्टाखाल के अंतर्गत 2022 के बाद इन तीन वर्षों में प्रथम चरण में 53 किलोमीटर सड़कों की स्वीकृति दी गयी, इनमें से अधिकतर मोटरमार्गों का रोड़ कटान का कार्य हो चुका है।

कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक श्री महाराज ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में द्वितीय चरण में तीस किलोमीटर की सड़कों को स्वीकृति दी गयी जिस पर छब्बीस करोड़ रूपए खर्च किए गए। तीन वर्षों में 9 मोटर मार्गों का डामरीकरण किया गया जिन पर 12 करोड़ 85 लाख रूपए व्यय किए गए। ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा 09 मोटर मार्गों के निर्माण पर 19 करोड़ 41 लाख खर्च किए गए।ग्राम्य विकास विभाग द्वारा स्टेज-3 के अंतर्गत 12 मोटर मागों जिनकी लम्बाई 116 किलोमीटर है का डामरीकरण व सुदृढ़ीकरण पर 65 करोड़ 40 लाख व्यय किये गये हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग गुमखाल से सतपुली तक 04 अरब रूपए का कार्य तेज से गतिमान है। विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में 01 अरब 53 करोड़ की धनराशि की सात पम्पिंग पेयजल योजनाएं स्वीकृति हुई और यह सभी योजनाओं पूर्णता की ओर हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 56 करोड़ 34 लाख की धनराशि से सतपुली झील का निर्माण कार्य चल रहा है। पर्यटन विभाग के अंतर्गत पर्यटक आवास गृहों का निर्माण अंतिम चरण में है। राजकीय महाविद्यालय चौबट्टाखाल में 02 करोड़ 90 लाख की लागत से बहुउद्देशीय हाल एवं पुस्तकालय भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

बहुउ‌द्देशीय शिविर में कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने जलागम, उद्यान, पशुपालन, कृषि, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और बाल विकास आदि विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी निरीक्षण किया। जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र एवं समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दिव्यांग को उपकरण वितरित करने के साथ-साथ दिव्यांग प्रमाणपत्र भी बांटे गए तो वहीं कृषि विभाग के द्वारा भी लोगों को अनुदान प्रमाण पत्र बांटे गए। इससे पूर्व उन्होंने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित होने वाले रेडियो कार्यक्रम मन की बात को सुनने के साथ साथ उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम में भाजपा पौड़ी जिला महामंत्री महिपाल सिंह नेगी, पोखड़ा क्षेत्र पंचायत प्रमुख संजय गुंसाई, पंचायत सदस्य बलवन्त सिंह नेगी, भाजपा मण्डल अध्यक्ष शैलेंद्र दर्शन, एकेश्वर भाजपा मण्डल अध्यक्ष राकेश नैथानी, बीरोंखाल भाजपा मण्डल अध्यक्ष ओमपाल एवं ऐकेश्वर के ज्येष्ठ प्रमुख मुकेश पांथरी सहित मुख्य विकास अधिकारी जी.सी. गुणवन्त, दीक्षा
उपजिला अधिकारी चौबट्टाखाल, डीपीआरओ जितेन्द्र कुमार, पौड़ी सीएमओ शिव मोहन शुक्ला, सहित अनेक लोग मौजूद थे।

विश्व पर्यटन दिवस पर न्यूगो ने देहरादून से हरिद्वार-ऋषिकेश के लिए इलेक्ट्रिक बसें शुरू की

On World Tourism Day, Newgo launches electric buses from Dehradun to Haridwar-Rishikesh
On World Tourism Day, Newgo launches electric buses from Dehradun to Haridwar-Rishikesh

देहरादून – 28 सितंबर 2025- भारत की अग्रणी प्रीमियम इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बस सेवा न्यूगो ने इस विश्व पर्यटन दिवस पर उत्तराखंड के दो प्रमुख पर्यटन स्थलों हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए बस सेवा शुरू की है। इन आरामदायक और पर्यावरण-हितैषी बसों के माध्यम से यात्री गंगा घाटों की आध्यात्मिक शांति और हिमालय की रोमांचक यात्रा दोनों का आनंद ले सकते हैं।

हरिद्वार की आध्यात्मिक यात्रा: हर की पौड़ी पर संध्या आरती: गंगा में हजारों दीयों को तैरते देखिये और इस मंत्रमुग्‍ध कर देने वाले दृश्‍य को महसूस कीजिये। पवित्र घाट और मंदिर: मनसा देवी और चंडी देवी जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों का भ्रमण करें। गंगा में पवित्र स्नान: शुद्धि और शांति की तलाश में लाखों श्रद्धालुओं द्वारा निभाया जाने वाला अनुष्ठान।

न्यूगो से कैसे पहुंचे: देहरादून से हरिद्वार के लिए दैनिक इलेक्ट्रिक बस सेवा उपलब्ध है, यह यात्रा आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल है।

रोमांच की दुनिया: ऋषिकेश रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग: गंगा की तेज़ धाराओं में रोमांच या शांत दृश्यों के बीच पैडलिंग करें। बंजी जंपिंग और जायंट स्विंग: घाटी पर रोमांचक छलांगों के साथ दिल को खुश करने देने वाली अनुभूति। फ्लाइंग फॉक्स / ज़िपलाइनिंग: गंगा पर से गुजरते हुए हिमालय के अद्भुत दृश्य देखें। पैराग्लाइडिंग और हॉट एयर बलून राइड्स: ऋषिकेश की ऊँचाइयों से मनोहारी हवाई नज़ारे का आनंद लें कैंपिंग और ट्रेकिंग: तारों भरी रातों और हिमालयी रास्तों के बीच प्रकृति में खो जाएँ।

न्यूगो के जरिए कैसे पहुँचें: देहरादून से ऋषिकेश के लिए रोज़ाना इलेक्ट्रिक बस सेवा उपलब्ध है, जो रोमांच की राजधानी तक सुरक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील यात्रा सुनिश्चित करती है।

हरित और सुरक्षित यात्रा का विकल्प: न्यूगो की पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों का चयन करके यात्री न सिर्फ पर्यावरण को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का भी आनंद ले सकते हैं। देहरादून से हरिद्वार और ऋषिकेश के रूट यात्रियों को आध्यात्मिक अनुभव और रोमांचक पर्यटन दोनों का मज़ा लेने का मौका देते हैं।

 

यह बस पर्यावरण के लिए शून्य प्रदूषण उत्सर्जन करता है एवं प्रीमियम कंफर्ट: झुकने वाली सीटें, पर्याप्त जगह और चार्जिंग पॉइंट्स, सुरक्षा का पूरा ध्यान: सीसीटीवी निगरानी और लाइव ट्रैकिंग जैसी सुविधा यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई गई है।

सबसे आसान और भरोसेमंद बस बुकिंग के लिए, nuego.inपर जाएँ या NueGo ऐप डाउनलोड करें।

पीएचसी रायवाला में  हुआ स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के अंतर्गत बहुउद्देशीय शिविर आयोजित

शिविर का उद्घाटन आराधना पटनायक, अपर सचिव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भारत सरकार ने किया
– शिविर में दिव्यांगता एवं रक्तदान के शिविर भी लगायें गए
देहरादून।  भारत सरकार के स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अन्तर्गत आज शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रायवाला जनपद देहरादून, उत्तराखण्ड में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन आराधना पटनायक आई०ए०एस० अपर सचिव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भारत सरकार, डॉ० रश्मि पन्त निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य, डॉ० निधि रावत, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, देहरादून एवं जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, ग्राम प्रधान सविता देवी द्वारा संयुक्त रूप से फीता काट कर किया गया। इस अवसर पर डॉ० के० एस० भंडारी चिकित्सा अधीक्षक डोईवाला, डॉ० अमित बहुगुणा प्रभारी चिकित्साधिकारी रायवाला, व सैकड़ो मरीजों व स्टाफ की उपस्थिति में किया गया।
डॉ० निधि रावत अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, डॉ० के० एस० भंडारी, डॉ० अमित बहुगुणा द्वारा मुख्य अतिथि आराधना पटनायक एवं डॉ० रश्मि पन्त का पुष्पगुच्छ एवं फूल मालाओं के साथ स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा शिविर के प्रत्येक काउन्टर का गहनता से निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त की गई तथा मरीजों से उनकी बीमारियों की जानकारी लेते हुए उन्हे भारत सरकार के कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। शिविर में दिव्यांगता एवं रक्तदान के शिविर भी लगायें गए। शिविर में एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों एवं स्टॉफ द्वारा विशेष सहयोग प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि आराधना पटनायक शिविर की समस्त व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आई और उन्होंने मरीजों को विशेषज्ञ सेवायें प्रदान किये जाने पर शिविर संचालकों की प्रशंसा की। उन्होनें कैम्प में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन की उपलब्धता होने पर सराहना व्यक्त की। उन्होनें कहा कि इस प्रकार के शिविरों का उददेश्य जनमानस को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ सेवायें उपलब्ध कराना है। मुख्य अतिथि द्वारा आयुष्मान आरोग्य मन्दिर, बापूग्राम, ऋषिकेश का भी निरीक्षण किया गया वहाँ पर भी समस्त चिकित्सा व्यवस्थायें चाक-चौबंद पायी गयी।
आज के शिविर में 198 मरीजों का पंजीकरण किया गया। जिसमें मेडिसीन विभाग में 67, कम्युनिटी मेडिसीन में 32, स्त्री रोग विशेषज्ञ विभाग में 11, कैन्सर विभाग में 03, हडडी रोग विभाग में 22, ईएनटी विभाग मे 18, टीकाकरण विभाग में 03, पैथोलॉजी विभाग में 54 मरीजों की जॉच की गई। एक्स-रे विभाग में 80 मरीजों की जॉच, क्षय रोग विभाग में 172 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई व निशचय मित्र के अन्तर्गत 42 व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया। एनीमियां स्क्रीनिंग 35 मरीजों की गई तथा 22 मरीजों की आँखों की जॉच की गई व 14 मरीजों को चश्में वितरित किये गए। शिविर में 22 आयुष्मान कार्ड बनाये गए राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत 198 बच्चों को लाभ दिया गया, परिवार कल्याण कार्यक्रम के अन्तर्गत 32 महिलाओं को सुविधायें प्रदान की गई। रक्तदान शिविर में 01 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया तथा 31 पंजीकरण किये गए। दिव्यांग शिविर में 09 दिव्यांगो को प्रमाण पत्र जारी किये गए। शिविर के समापन पर डॉ० के० एस० भंडारी चिकित्सा अधीक्षक डोईवाला, डॉ० अमित बहुगुणा प्रभारी चिकित्साधिकारी रायवाला द्वारा समस्त अतिथिगणों का आभार प्रकट किया गया।
आज के शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ० मुकेश पांडे, डॉ० रामप्रकाश, डॉ० महेन्द्र सिंह, डॉ० बिनोद मिश्रा, डॉ० नीलांजन रॉय, डॉ० राजलक्ष्मी, डॉ० मेरिस सेल्वराज, डॉ० प्रसना जूली, डॉ० जननेश्वरी, डॉ० प्रज्ञा, के अतिरिक्त चन्द्रमोहन सिंह राणा, अंजली लिंगवाल, वन्दना भटट, शैलेश जुयाल, नीरज गुप्ता, नितिन केहड़ा, संदीप पांडे, गिरीश, अनीता भटट, नीलम पयाल, बीना बंगवाल, शशि बिष्ट, अम्बिका राणा, सन्तोष पंवार, अनिला, प्रमोद गैरोला, स्वेता सिंह, प्रियम्वदा, रमेश, श्रद्वा, प्रीतिका, दीपक रयाल, प्रवीन, गीता, सुमित वैद्य, शक्ति चौधरी, प्यार सिंह, राकेश धनाई, महिपाल सिंह, प्रियंका, सुमित, बिनीत आदि ने अपनी सेवायें प्रदान की।

आईआईटी रुड़की ने नए अतिभारी तत्व आइसोटोप एसजी-257 की खोज में दिया योगदान

IIT Roorkee contributes to the discovery of a new superheavy element isotope Sg-257

– खोज जर्मनी के जीएसआई हेल्महोल्ट्ज़ सेंटर फॉर हैवी आयन रिसर्च में सम्पन्न
– आईआईटी रुड़की के प्रो. एम. मैती ने निभाई अहम भूमिका
– अध्ययन फिजिकल रिव्यू लेटर्स जर्नल में प्रकाशित
– खोज “स्थिरता के द्वीप” की वैश्विक वैज्ञानिक तलाश में महत्वपूर्ण योगदान।
– अतिभारी तत्वों के जीवनकाल और नाभिकीय बलों की समझ में बड़ी उपलब्धि
रुड़की।  एक उल्लेखनीय वैश्विक वैज्ञानिक सफलता में शोधकर्ताओं ने एक नए अतिभारी समस्थानिक, सीबोर्गियम-257 (Sg-257) की खोज की है, जिसने परमाणु भौतिकी एवं ब्रह्मांड की हमारी समझ की सीमाओं को और आगे बढ़ाया है। यह अग्रणी प्रयोग जर्मनी के डार्मस्टाट स्थित जीएसआई हेल्महोल्ट्ज़ सेंटर फॉर हैवी आयन रिसर्च में किया गया, जिसमें आईआईटी रुड़की के भौतिकी विभाग के प्रो. एम. मैती का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह कार्य प्रतिष्ठित जर्नल फिजिकल रिव्यू लेटर्स में प्रकाशित हुआ है।
शक्तिशाली त्वरक और अत्याधुनिक संसूचन तकनीकों का उपयोग करते हुए, टीम ने एसजी-257, एक ऐसा अतिभारी तत्व जो प्रकृति में नहीं पाया जाता, का सफलतापूर्वक संश्लेषण किया। यह खोज इस मूलभूत प्रश्न का उत्तर देने में सहायता करती है कि परमाणु स्थिरता की सीमाओं पर कैसे व्यवहार करते हैं, और “स्थिरता के द्वीप” की वैज्ञानिक तलाश में प्रत्यक्ष योगदान देती है—जो परमाणु परिदृश्य का एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ अतिभारी तत्व लंबे समय तक टिक सकते हैं और संभावित उपयोगिता रख सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय शोध दल के सदस्य प्रो. एम. मैती ने कहा, “यह खोज परमाणु भौतिकी में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे हमें यह समझने में सहायता मिलती है कि कुछ तत्व लंबे समय तक क्यों जीवित रहते हैं और चरम स्थितियों में परमाणु बल कैसे व्यवहार करते हैं।” उन्होंने बताया कि एसजी-257 जैसे अतिभारी तत्वों की अर्धायु अत्यंत कम होती है, जो अक्सर मिलीसेकंड तक ही जीवित रहते हैं। फिर भी, प्रत्येक खोज वैज्ञानिकों को परमाणु संरचना एवं नाभिकीय बलों के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करती है।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा, “यह ऐतिहासिक खोज अत्याधुनिक परमाणु अनुसंधान में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। आईआईटी रुड़की को इस वैश्विक उपलब्धि का हिस्सा बनने पर गर्व है। यह मौलिक विज्ञान में उत्कृष्टता प्राप्त करने के हमारे दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है, जिससे समाज को लाभ होगा और अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।”
यह शोध वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम द्वारा किया गया था, जिसमें आईआईटी रुड़की के प्रो. एम. मैती, जर्मनी के जीएसआई हेल्महोल्ट्ज़ सेंटर, जोहान्स गुटेनबर्ग विश्वविद्यालय (जेजीयू मेंज़), जापान परमाणु ऊर्जा एजेंसी, फ़िनलैंड के जैवस्किला विश्वविद्यालय एवं अन्य सहयोगी संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल थे। निष्कर्ष फिजिकल रिव्यू लेटर्स (जून 2025) में प्रकाशित हुए। यह खोज इस बात का उदाहरण है कि मौलिक विज्ञान किस प्रकार तकनीकी प्रगति एवं वैश्विक ज्ञान में योगदान देता है। यह आईआईटी रुड़की की उस सतत प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है जो सैद्धांतिक समझ को आगे बढ़ाती है और प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं समाज के भविष्य को आकार देने की क्षमता रखती है।

पीडीएनए टीम ने किया देहरादून के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण

PDNA team conducted on-site inspection of disaster-hit areas of Dehradun
PDNA team conducted on-site inspection of disaster-hit areas of Dehradun

देहरादून। देहरादून जनपद में मानसून सीजन के दौरान अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का आकलन और आपदा-पश्चात आवश्यकता मूल्यांकन हेतु भारत और राज्य सरकार की पीडीएनए टीम ने विभागों के नोडल अधिकारियों से क्षति की जानकारी लेते हुए आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने पीडीएनए की प्रक्रिया, इसके महत्व एवं कार्यान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।
अपर जिलाधिकारी (एफआर) केके मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को पीडीएनए टीम ने वन विभाग के मंथन सभागार में सभी विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की और देहरादून जिले में आपदा से हुई क्षति के बारे में पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पीडीएनए टीम द्वारा क्षति और नुकसान का समग्र आंकलन कर पुनर्प्राप्ति के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा जाएगा। इसमें ढांचागत नुकसान के साथ आजीविका पर पडे प्रभाव को भी शामिल किया जाएगा। विशेषज्ञों ने कहा कि पीडीएनए के अंतर्गत आपदा प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का आंकलन, पुनर्निर्माण की आवश्यकताएं, सामाजिक-आर्थिक प्रभाव तथा दीर्घकालिक पुनर्वास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार की जानी है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीडीएनए केवल एक तकनीकी प्रक्रिया न होकर, एक समग्र और सहभागी प्रक्रिया है, जिसमें सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विभागों को सामाजिक क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में हुए परिसंपत्तियों की क्षति, नुकसान और उसका पुनर्निर्माण हेतु पीडीएनए मानकों के अनुसार निर्धारित फॉर्मेट में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक के बाद पीडीएनए टीम ने सहस्रधारा, कार्लीगाड, मज्याडा, मालदेवता, कुमाल्डा आदि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए आपदा से हुई क्षति का निरीक्षण भी किया।
नोडल अधिकारियों ने पीडीएनए टीम को प्राकृतिक आपदा से हुई विभागीय परिसंपत्तियों को क्षति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि 15 व 16 सितंबर को अतिवृष्टि के कारण 31 लोगों की मृत्यु, 03 घायल और 01 व्यक्ति लापता हुआ है। आपदा से 95 पक्के भवनों को आंशिक क्षति, 38 पक्के भवनों को पूर्ण क्षति, 41 कच्चे आंशिक सहित 06 गौशाला क्षतिग्रस्त हुई है। स्वास्थ्य विभाग के 07 केंद्र, पेयजल निगम की 11, जल संस्थान की 38 और सिंचाई की 57 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई है। कृषि में 39 गांव की 182.71 है0 भूमि प्रभावित हुई है। लोनिवि के 150 मार्ग, 13 पुलिया, 04 कलवट क्षतिग्रस्त हुए है। पीएमजीएसवाई की 54 सड़कों को नुकसान पहुंचा है। शिक्षा विभाग के 217 विद्यालयों और 38 आंगबाडी में क्षति पहुंची है। वन विभाग की 40 पुलिया क्षतिग्रस्त हुई है। विभागों द्वारा क्षति का अनुमानित लागत का आकलन किया जा रहा है।
इस दौरान पीडीएनए टीम के विशेषज्ञ डा0 अजय चौरसिया, डा0 गुरप्रीत सिंह, डा0 महेश शर्मा, डा0 मोहित पुनिया सहित संयुक्त मजिस्टेट हर्षिता सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, एसई जल संस्थान राजीव शैनी, एसई पीएमजीएसवाई अरूण नेगी, ईई लोनिवि राजेश कुमार, ईई यूपीसीएल राजेश कुमार, सीईओ वीके ढ़ौडियाल सहित विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी मौजूद थे।

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