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भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रख्यात सुश्री शैलजा खन्ना का टॉक शो बना ज्ञानवर्धक

The talk show of renowned Indian classical musician Ms. Shailja Khanna became an informative one.
The talk show of renowned Indian classical musician Ms. Shailja Khanna became an informative one.

“भारतीय शास्त्रीय संगीत और संरक्षकों की भूमिका” पर आधारित टॉक शो हुआ विरासत द्वारा यूपीईएस में आयोजित

“भारतीय शास्त्रीय संगीत और संरक्षकों की भूमिका” विषय पर आज प्रख्यात सुशील शैलजा खन्ना द्वारा किए गए टॉक शो से ज्ञानवर्धन करने वाला जो रस निकला, वह सभी के लिए बहुत ही गौरव का विषय बना I विभागाध्यक्ष अमरेश झा ने सुश्री खन्ना के आगमन पर खुशी का इजहार करते हुए प्रशंसा की I
विरासत द्वारा आज यहां यूपीईएस में आयोजित कार्यक्रम में सुश्री खन्ना ने दक्षिण भारत के कर्नाटक संगीत और उत्तर भारत के हिंदुस्तानी (उत्तर भारतीय) संगीत के बीच अंतर बताते हुए शुरुआत की। उन्होंने शास्त्रीय संगीत पर विस्तार से चर्चा की और लोक संगीत की तुलना में इसकी गहराई और अनुशासन पर ज़ोर दिया। उनकी चर्चा घरानों, नाट्य शास्त्र, ताल और राग जैसे प्रमुख पहलुओं पर केंद्रित रही। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में संगीत मुख्यतः धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं के अंग के रूप में मंदिरों में प्रस्तुत किया जाता था, जबकि आज यह कला और मनोरंजन का एक महत्वपूर्ण रूप बन चुका है। उन्होंने कहा कि दरअसल, संगीत हमारी भावना और स्वर के बीच एक सेतु है और भारतीय संगीत की दो प्रमुख धाराओं मार्गी और देसी हैं। सुश्री खन्ना ने कर्नाटक परंपरा के बारे में बताया कि इसके सात प्राथमिक तालों और भक्ति संगीत के साथ इसके गहरे संबंध हैं, जो गहन समझ और आध्यात्मिक अर्थ को दर्शाता है। उन्होंने वेंकटमाखिन का भी उल्लेख किया, जिन्होंने 72 मेलकर्ता रागों को संहिताबद्ध किया, जिससे कर्नाटक संगीत की शिक्षा सरल हो गई। उन्होंने थाट की अवधारणा पर चर्चा की, इसके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि हालाँकि यह कभी शिक्षा का आधार था, आधुनिक संगीतकार अब मौखिक परंपराओं पर अधिक निर्भर करते हैं। उन्होंने ध्रुपद संगीत, वाद्य परंपराओं और हवेली संगीत, भगवान कृष्ण से जुड़ी भक्ति शैली, जिसे बाद में पंडित जसराज जी ने लोकप्रिय बनाया और खोजा, पर भी प्रकाश डाला। हल्के-फुल्के अंदाज़ में उन्होंने किशोरी अमोनकर और लता मंगेशकर के बारे में एक किस्सा सुनाया, और किशोरी द्वारा उनकी लोकप्रियता में अंतर और भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ दर्शकों के व्यापक जुड़ाव की कमी पर दिए गए विचारों का मज़ाकिया अंदाज़ में ज़िक्र किया। प्रथम सत्र का मुख्य भाग घराना प्रणाली पर केंद्रित था, जहाँ सुश्री खन्ना ने छह प्रमुख तबला घरानों के साथ-साथ आगरा और किराना जैसे प्रमुख गायन घरानों पर चर्चा की। उन्होंने संगीत में संरक्षण के महत्व पर भी ज़ोर दिया और कहा कि संगीत केवल कठोर ढाँचों तक सीमित नहीं है बल्कि यह तात्कालिकता और रचनात्मक स्वतंत्रता की अनुमति देता है। गुरु-शिष्य परंपरा मूल्यों, ज्ञान और अनुभव के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए विरासत के 30 वर्षों के समर्पित योगदान के लिए हार्दिक प्रशंसा व्यक्त की।

सुप्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय बांसुरी वादक प्रवीण गोडखिंडी ने सजाई “विरासत की महफिल”

Renowned Indian classical flute player Praveen Godkhindi organised a Virasat Ki Mehfil

दर्शकों/श्रोताओं को पंडित प्रवीण गोडखिंडी द्वारा मंत्रमुग्ध कर देने वाली बांसुरी वादन का आनंद मिला, प्रवीणजी ने राग वाचस्पति से अपनी प्रस्तुति शुरू की। जिसमें सुमित मिश्रा ने तबले पर संगत की। मनमोहक, मधुर प्रस्तुति की शुरुआत भावपूर्ण गायकी अंग से हुई I आनंदित कर देने वाली इस संध्या में जैसे-जैसे संगीत कार्यक्रम आगे बढ़ा वैसे वैसे पंडित गोडखिंडी ने तंत्रकारी अंग में प्रवेश करते गए, जिसमें उन्होंने असाधारण तकनीकी प्रतिभा, जटिल लयबद्ध विविधताओं और वाद्य पर अपनी अद्भुत पकड़ का प्रदर्शन किया। प्रस्तुति का समापन पहाड़ी धुन के एक हृदयस्पर्शी गायन के साथ हुआ, जिसे सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे संपर्क करने वाले प्रशंसकों की तीव्र मांग पर प्रस्तुत किया गया था।

देश और विदेशों में अपने बांसुरी वादन से जगह-जगह ख्याति प्राप्त कर चुके प्रवीण गोडखिंडी का नाम शास्त्रीय संगीत की दुनिया में बहुत ही अधिक मशहूरियत प्राप्त किए हुए हैं I वे भारतीय शास्त्रीय हिंदुस्तानी बांसुरी वादक हैं। उन्होंने तंत्रकारी और गायकी दोनों ही बांसुरी शैलियों में महारथ हासिल की है। आकाशवाणी द्वारा उन्हें हिंदुस्तानी बांसुरी में सर्वोच्च स्थान देकर नवाजा जा चुका है।

उन्होंने कम उम्र में ही छोटी बांसुरी बजाना शुरू कर दिया था और 6 साल की उम्र में अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया था । उन्होंने गुरु पंडित वेंकटेश गोडखिंडी और विद्वान अनूर अनंत कृष्ण शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने उस्ताद ज़ाकिर हुसैन, डॉ. बालमुरली कृष्ण, पंडित विश्व मोहन भट्ट, डॉ. कादरी गोपालनाथ और कई प्रतिष्ठित संगीतकारों के साथ प्रस्तुति दी है। यही नहीं,उन्होंने अर्जेंटीना के मेंडोज़ा में विश्व बांसुरी महोत्सव में बांसुरी का प्रतिनिधित्व किया है और उन्हें
बेरू और विमुक्ति फिल्मों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिए गए हैं।

उन्हें सुरमणि, नाद-निधि, सुर सम्राट, कलाप्रवीण, आर्यभट्ट, आस्थाना संगीत विद्वान की उपाधियों से सम्मानित किया गया है। वह टीवी पर संगीतमय मनोरंजक कार्यक्रमों के संगीतकार और निर्माता हैं। उन्होंने उस समय बांसुरी को मुख्य वाद्य यंत्र के रूप में इस्तेमाल करने की पूरी कोशिश की, जब गायन को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता था। उन्होंने संगीत की विभिन्न शैलियों में काम किया है, लेकिन व्यावसायिक रिकॉर्डिंग के लिए शास्त्रीय संगीत को कभी नज़रअंदाज़ नहीं किया।

मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी में की सोशल मीडिया पदाधिकारियों के साथ बैठक

Chief Minister Dhami held a meeting with social media officials in Haldwani
Chief Minister Dhami held a meeting with social media officials in Haldwani

– स्वदेशी अपनाओ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का किया आह्वान
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हल्द्वानी पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सोशल मीडिया प्रभारी और संगठन पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “स्वदेशी अपनाओ अभियान” को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोशल मीडिया टीम को सक्रिय रूप से जनता से जुड़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने जीएसटी दरों में कमी कर स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भी इस अभियान को व्यापक स्तर पर फैलाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया टीम से कहा कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएं, ताकि “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” का संदेश आम जनता तक पहुंच सके।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष राज्य में चारधाम यात्रा ऐतिहासिक और व्यवस्थित रही। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार की मदद से नई हेलीकॉप्टर सेवा नीति (SOP) तैयार की गई है, जिससे हवाई सेवाओं को राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आमजन की सुविधा और विकास के लिए हर संभव कदम उठा रही है और “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।

डीएम बसंल के जनता दर्शन कार्यक्रम में 151 शिकायतें  मिली, अधिकांश का मौके पर निस्तारण

151 complaints were received during the Janta Darshan programme of DM Basnal, most of them were resolved on the spot.
151 complaints were received during the Janta Darshan programme of DM Basnal, most of them were resolved on the spot.

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बसंल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनी। दूर दराज से पंहुचे लोगों ने भूमि विवाद, घरेलू हिंसा, निजी भूमि पर कब्जा, बाढ सुरक्षा, दैवीय आपदा में क्षतिपूर्ति, आर्थिक सहायता, मुआवजा आदि से जु़ड़ी 151 शिकायतें रखी। जिनमें से अधिकतर शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उच्च प्राथमिकता पर उनका समाधान करना सुनिश्चित करें।

जिला प्रशासन की मदद से अपनी भूमि पर कब्जा पाने तथा भूमि सीमांकन होने पर 75 वर्षीय बुजुर्ग राकेश तलवाड़ ने जनता दरबार में पहुंच कर प्रसन्न मन से डीएम को आर्शीवाद दिया। उन्होंने कहा कि उनकी एवं नगर निगम की भूमि के बीच सीमांकन को कार्यालयों के दो सालों से चक्कर काट रहे थे, जिलाधिकारी के संज्ञान में मामला आने पर निस्तारण हुआ है। वहीं एग्रीमेंट समाप्त होने और किराया डिफाल्टर होने के बाद भी कंपनी निजी भूमि से मोबाईल टावर नही हटाने पर व्यथित बुजुर्ग सुशीला देवी की गुहार पर डीएम ने मौके पर ही टावर सीज कराने के आदेश जारी किए। अपनी मां, परिजन, समस्त मोहल्ले वालों का जीना दूभर करने वाले दिव्यकांत लखेडा के विरूद्ध गुंडा एक्ट संस्थित करते हुए डीएम ने फास्ट्रेक सुनवाई में वाद दर्ज करवाया। मोहल्ले वासियों संग स्वयं पीडित मां डीएम दरबार पहुंची। गुडा एक्ट में दोषी पाए जाने पर उनका जिला बदर तय है।

बुड्डी गांव निवासी बाबूलाल ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई उनको 2017 में वृद्धावस्था पेंशन पट्टा स्वीकृत निरंतर पेंशन मिलती थी फरवरी के बाद वृद्धावस्था पेंशन नही मिली, जिस पर जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग को एरियर सहित पेंशन का भुगतान के निर्देश दिए। बुजुर्ग बाबूलाल की पेंशन आधार सीडिंग न होने के कारण भुगतान नही हो पाई थी जिस पर समाज कल्याण विभाग द्वारा बुजुर्ग की आधार सीडिंग कराई जा रही है।

अधोईवाला निवासी सुशीला देवी ने गुहार लगाई की उनके घर पर वर्ष 2007 से मोबाइल टावर लगा है जिसका अनुबंध समाप्त हो गया है तथा 2017 से किराया भी नही दिया जा रहा है उन्होंने गुहार लगाई कि उनकी संपत्ति से मोबाइल टावर को सील करते हुए अग्रिम कार्यवाही के निर्देश दिए।  उद्योग से सम्बन्धी मामला आया जिलाधिकारी ने जीएमडीआईसी को बुलाया किन्तु उपस्थित नही हुए न ही कार्यालय द्वारा किया गया फोन उठाया जिस जिस पर जीएमडीआईसी का 01 दिन वेतन रोकने के निर्देश दिए।

ऋषि विहार माजरी माफी निवासियों ने डीएम से गुहार लगाई की मोहल्ले में एक व्यक्ति द्वारा उपद्रव गाली गलौज, महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की जाती है तथा वह व्यक्ति आदतन शातिर अपराधी है तथा जेल भी जा चुका है। आपराधिक प्रकृति का व्यक्ति है जिससे महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों की सुरक्षा को खतरा है जिस पर जिलाधिकारी ने गुंडा एक्ट में मामला दर्ज करते हुए फास्ट ट्रैक सुनवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी कार्यालय हेल्प डेस्क में निरंतर आनलाईन एफआईआर के दर्ज करने के प्रकरण आ रहे आज भी 06 प्रकरण आए जिनमें कैनाल रोड जाखन निवासी ने गुहार लगाई की उनके परिजनों द्वारा मारपीट कर प्रताड़ित किया जाता है, राजेन्द्र सिंह निवासी बंजारावाला, बालकराम शेरपुर आदि अपनी गुहार लेकर आए कि उनके मुकदतें दर्ज नही हो रहे जिस पर जिलाधिकारी हेल्पडेस्क के माध्यम  आनलाईन मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए।

जिले के सीमांत कथियान क्षेत्र के करीब 15 गांवों में नेटवर्क की समस्या पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को बीएसएनएल टावर स्थापित करने हेतु प्राथमिकता पर कार्रवाई इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं अधोईवाला निवासी सुशीला देवी ने अपनी निजी भूमि स्थापित रिलायंस मोबाइल टावर का 2017 में अनुबंध समाप्त होने, तब से उन्हें कोई किराया भुगतान न करने और जीर्णशीर्ण टावर से आवासीय भवनों को खतरा होने पर टावर हटाने की गुहार लगाई। जिस पर जिलाधिकारी ने एडीएम को तत्काल कार्रवाई करते हुए टावर हटाने के निर्देश दिए।

बीमार रीतू के परिजनों ने डीएम से आर्थिक सहायता की गुहार लगाते हुए कहा कि रीतू की दोनों किडनी खराब है, उसके उपचार के लिए खर्च नहीं है। इस पर डीएम ने सीएमओ को बीमार रीतू को तत्काल कोरोनेशन में भर्ती कर निःशुल्क इलाज कराने के निर्देश दिए। वही फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित हाथीबडकला निवासी सुनील ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगी। शास्त्री नगर निवासी गंगोत्री गुप्ता ने पति के निधन के बाद अपने पारिवारिक स्थिति का हवाला देते हुए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। वहीं प्रताप सिंह ने अपनी पोती की पढ़ाई जारी रखने के आर्थिक सहायता मांगी। अकेले जीवन यापन कर रहे 83 वर्षीय बुजुर्ग मुन्ना लाल ने अपने भरण पोषण के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने इन चारों मामलों की जांच कर आर्थिक सहायता हेतु तत्काल रायफल क्लब में प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

असहाय 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला डेन्डो देवी ने आधार कार्ड न बनने से सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने की समस्या रखी। बताया कि उसकी उम्र के कारण आंखों और अंगुलियों का बायोमेट्रिक मिलान न होने से आधार नामांकन अस्वीकृत हो रहा है। जिस पर डीएम ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को प्राथमिकता पर समस्या का समाधान कर बुजुर्ग महिला का तत्काल आधार कार्ड बनवाने के निर्देश जारी किए।

खुडबुडा निवासी 84 वर्षीय बुजुर्ग ने अपने व्यथा सुनाते हुए अपने दोनों बेटों पर उनकी संपत्ति हड़पने के बाद दुर्व्यवहार करने और जीवन यापन के लिए खर्च न देने की बात पर जिलाधिकारी ने एसडीएम को भरण पोषण में वाद दायर करते हुए प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। वहीं 68 वर्षीय बुजुर्ग अशोक धवन ने अपने पुत्र पर भरण पोषण के लिए एसडीएम कोर्ट से पारित आदेश के बाद भी खर्चा न दिए जाने की शिकायत की। जिस पर डीएम ने सीओ सिटी को कोर्ट के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। दो बच्चों के साथ जनता दरबार पहुंची हरप्रीत कौर ने अपने पति पर प्रताड़ित करने और बच्चों को  जान से मारने का धमकी दिए जाने की शिकायत पर डीएम ने उत्पीड़न मामले में वाद दायर करने के निर्देश दिए।

कावली रोड स्थित शिव कॉलोनी में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त मकान का आर्थिक अनुदान की मांग पर तहसीलदार को एसडीआरएफ मानकों के अनुसार जांच कर सहायता राशि का वितरण करने के निर्देश दिए। प्रा.वि. भटाड संकुल केंद्र के सीआरसी भवन दैवीय आपदा में क्षतिग्रस्त होने से शैक्षिक कार्याे में हो रही परेशानी पर शिक्षा अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। वही एलोपैथिक चिकित्सालय भटाड में 2016 से अभी तक डाक्टर व फार्मासिस्ट की तैनाती न होने की शिकायत पर सीएमओ को रिपोर्ट देने को कहा। लाखमंडल में पाण्डवकालीन पारदर्शी शिवलिंग के पीछे क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार निर्माण हेतु एसडीएम चकराता को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत सिधवालगांव के सैबूवाला में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आंकलन न होने की शिकायत पर तहसीलदार को मौका मुआयाना कर एसडीआरएफ मानक के अनुसार शीघ्र अनुदान सहायता वितरण करने के निर्देश दिए।

चकराता के ग्राम कुन्ना में आवासीय छानी के नीचे रोड़ की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने पर लोनिवि चकराता को सुरक्षा दीवार निर्माण कराने के निर्देश दिए। विकासखंड चकराता के अंतर्गत क्षतिग्रस्त ग्राम पिंगवा लिंक रोड की मरम्मत को लेकर लोनिवि को शीघ्र मार्ग ठीक कराने को कहा।

देहरादून से जौली होते हुए थानों तक परिवहन निगम की बसों संचालन बंद होने से ग्रामीणों का यातायात मे हो रही असुविधा की शिकायत पर डीएम ने ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के महानिदेशक को पुनः परिवहन निगम की बसों का संचालन करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कारगी चौक के पास एनएच-7 पर अवैध निर्माण की शिकायत एमडीडीए को त्वरित एक्शन लेने को कहा। हरिपुर नवादा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम को तत्काल कार्रवाई करने को कहा।

इस दौरान पीडित लोगों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने से जुड़ी तमाम शिकायतें और समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जनता दरबार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (एफआर) केके मिश्रा, एसडीमए स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीमए विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, डीडीओ सुनील कुमार, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह, विवेक राजौरी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

डीएवी (पीजी) कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त

Condolences on the demise of former DAV (PG) College Students Union President Jitendra Singh Bisht
Condolences on the demise of former DAV (PG) College Students Union President Jitendra Singh Bisht

देहरादून: डीएवी (पीजी) कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष और 10 वर्षों तक मुख्य सलाहकार रहे डॉ. अनिल वर्मा ने सत्र 2018-19 के छात्रसंघ अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बिष्ट के आकस्मिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने इस हृदय विदारक घटना पर हार्दिक दुख जताते हुए जितेंद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

डॉ. वर्मा ने बताया कि 25 अक्टूबर 2018 को कॉलेज के छात्रसंघ उद्घाटन समारोह में जितेंद्र सिंह बिष्ट को 134 बार रक्तदान करने के लिए “उत्तराखंड प्रतिभा सम्मान” से सम्मानित किया गया था। उस पल को याद करते हुए उनकी आँखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि जितेंद्र मृदुभाषी, दूसरों के दुख-दर्द में सहभागी और मददगार नेता थे, जिनकी कमी हमेशा खलेगी।

*जितेंद्र सिंह बिष्ट: जीवन परिचय*
जितेंद्र सिंह बिष्ट उत्तराखंड के देहरादून शहर के एक प्रमुख युवा नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक कार्यकर्ता थे। वे डीएवी (पीजी) कॉलेज, देहरादून के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके थे और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के महानगर देहरादून महामंत्री के रूप में सक्रिय थे। उनकी मृदुभाषी छवि, मददगार स्वभाव और सामाजिक योगदान के कारण वे युवाओं के बीच लोकप्रिय थे। दुर्भाग्यवश, 11 अक्टूबर 2025 को देहरादून में एक सड़क हादसे में उनकी आकस्मिक मृत्यु हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

जितेंद्र सिंह बिष्ट को उनके सहयोगी और पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष डॉ. अनिल वर्मा ने “मृदुभाषी, सहभागी और मददगार नेता” के रूप में याद किया। उनकी कमी हमेशा खलेगी, खासकर युवा पीढ़ी के बीच। वे एक सादगीपूर्ण जीवन जीते थे और हमेशा सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देते थे।

गज़ब : विरासत महोत्सव में आज हुई आर्ट प्रतियोगिता में दून इंटरनेशनल स्कूल ने प्रथम व द्वितीय दोनों पुरस्कार हथियाए

Amazing Doon International School won both the first and second prizes in the art competition held today at the Heritage Festival.
Amazing Doon International School won both the first and second prizes in the art competition held today at the Heritage Festival.

भिन्न-भिन्न स्कूलों के करीब 250 स्कूली बच्चों ने किया प्रतिभाग, बाद में किए गए सर्टिफिकेट वितरित

आर्ट क्राफ्ट मे में भी स्कूली बच्चों ने दिखाई अपनी-अपनी प्रतिभाएं

देहरादून- 13 अक्टूबर 2025- विरासत महोत्सव में आज हुई आर्ट प्रतियोगिता में करीब 250 स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग कर कला में अपनी अपनी-अपनी प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन किया, तो वहीं आर्ट क्राफ्ट में भी बच्चों ने अपनी प्रतिभाओं के जलवे उत्साह पूर्वक दिखाए I रीच संस्था द्वारा आयोजित किए जा रहे इस विरासत में आज की गई प्रतियोगिता में जहां बच्चों ने हरियाली और पर्यावरण से संबंधित अपनी कलाओं का प्रदर्शन किया, वहीं अन्य कई अद्भुत प्रकार की कला को भी अपने-अपने नन्हे हाथों से उत्साहित होकर पेपर चार्ट पर प्रदर्शन कर अपने हुनर को परिलक्षित किया I

ओएनजीसी के डॉ. अंबेडकर स्टेडियम में आयोजित किये जा रहे विरासत महोत्सव के भव्य एवं बेहतरीन आकर्षक आयोजन में भिन्न-भिन्न स्कूलों के करीब 250 बच्चों ने प्रतिभाग किया और आर्ट प्रतियोगिता में शिरकत की I जिन-जिन स्कूलों में आर्ट प्रतियोगिता में भाग लिया, उनमें क्रमशः ओलम्पस हाई स्कूल के 19, दून इंटरनेशनल स्कूल के 13, आर्मी पब्लिक स्कूल क्लेमेनटाउन के 15, फिल्फोर्ट स्कूल के 28, माउंटेसरी के 12, श्री गुरु राम राय बालावाला के 18, आशा ट्रस्ट के 15, सेंट कबीर स्कूल के 46, लतिका रॉय के 44, डीआईएस के 13, जबकि डीआईएस सिटी कैंप के 12 बच्चे शामिल हैं I स्कूली बच्चों ने आयोजित की गई इस प्रतियोगिता में अपनी ड्राइंग पेंटिंग दिखाते हुए विरासत में भी बच्चों की कलाओं का एक शानदार संगम एवं मिश्रण कर लिया है। तत्पश्चात प्रतियोगिता में अव्वल स्थान प्राप्त करने वाले दून इंटरनेशनल स्कूल को सर्टिफिकेट दिया गया I हैरानी की बात यह है कि प्रथम स्थान विजेता बनने के साथ ही द्वितीय स्थान भी दून इंटरनेशनल स्कूल के नाम ही रहा I

प्रतियोगिता में साथ ही कई और भी आकस्मिक प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की विविधता और ऊर्जा में चार चाँद लगा दिए। इनमें 80 से अधिक छात्रों ने प्रतियोगिता में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस कार्यक्रम में 12 से 14 टीमें शामिल थीं, जिनमें से प्रत्येक टीम में न्यूनतम 2 और अधिकतम 5 सदस्य थे I क्राफ्ट में भी स्कूली बच्चों ने अपनी अपनी प्रतिभाओं का बहुत ही बेहतरीन प्रदर्शन कर प्रशंसा बटोरी I

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) और भारतीय सेना के बीच एमओयू, जवानों व उनके परिवारों को मिलेगा शिक्षा में विशेष लाभ

MoU between Aakash Educational Services Limited (AESL) and Indian Army, soldiers and their families will get special benefits in education.
MoU between Aakash Educational Services Limited (AESL) and Indian Army, soldiers and their families will get special benefits in education.

· एईएसएल ने भारतीय सेना के साथ साझेदारी कर सेवारत जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शैक्षणिक सहयोग व कल्याणकारी लाभ प्रदान करने का लिया संकल्प।

· समझौता ज्ञापन के अंतर्गत एईएसएल देशभर के अपने केंद्रों में प्रवेश लेने वाले सेना से संबंधित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और विशेष रियायतें प्रदान करेगा।

· कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल पी.आर. कथूरिया ने समारोह में  शिरकत की।

देहरादून – 13अक्टूबर 2025:  देश की अग्रणी परीक्षा तैयारी संस्था आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने भारतीय सेना के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य सेना के सेवारत, सेवानिवृत्त, वीरता पुरस्कार विजेता, विकलांग कर्मियों तथा शहीद जवानों के परिवारों को शैक्षणिक सहयोग और कल्याणकारी लाभ प्रदान करना है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए कर्नल पी.आर. कथूरिया ने शिक्षा के माध्यम से सेना समुदाय को सशक्त बनाने में इस साझेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर भारतीय सेना की ओर से सहायक एडजुटेंट जनरल, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 3 एवं 4, तथा एईएसएल की ओर से दिल्ली-एनसीआर के मुख्य शैक्षणिक एवं व्यवसाय प्रमुख डॉ. यशपाल ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

एमओयू के तहत एईएसएल देशभर में अपने सभी केंद्रों पर सेना से जुड़े विद्यार्थियों को विशेष रियायतें और छात्रवृत्तियाँ उपलब्ध कराएगा। इसके अंतर्गत—

· वीरता पुरस्कार विजेताओं और 20% या उससे अधिक विकलांगता वाले कर्मियों के लिए 100% ट्यूशन फीस माफ।

· सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए 20% ट्यूशन फीस में छूट, अन्य छात्रवृत्तियों की कटौती के बाद लागू होगी।

ये रियायतें एईएसएल के नियमित छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के अतिरिक्त होंगी, जिनका लाभ देशभर के छात्र पहले से ले रहे हैं।

इस अवसर पर एईएसएल के एमडी एवं सीईओ श्री चंद्रशेखर गरीसा रेड्डी ने कहा, “एईएसएल का मानना है कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। भारतीय सेना के साथ यह साझेदारी हमारे वीर जवानों के

 

योगदान का सम्मान है। उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित मार्गदर्शन देकर हम उन्हें सशक्त बनाना चाहते हैं। छात्रवृत्ति, काउंसलिंग और मार्गदर्शन के माध्यम से हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हमारे नायकों के बच्चे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सफलता की नई ऊँचाइयाँ छू सकें।”

मुख्य अतिथि कर्नल पी.आर. कथूरिया ने कहा कि “एईएसएल और भारतीय सेना के बीच हुआ यह सहयोग हमारे सैनिकों के परिवारों की प्रतिभा और क्षमता को निखारने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन तक पहुँच सुनिश्चित कर हम न केवल अपने राष्ट्र के भविष्य में निवेश कर रहे हैं, बल्कि सेवा और उत्कृष्टता की परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का संकल्प भी ले रहे हैं।”

एमओयू की अवधि के दौरान एईएसएल भारतीय सेना के जवानों के बच्चों को शैक्षणिक और करियर से जुड़ी परामर्श सेवाएँ व मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा। संस्था ने बताया कि सेना से संबंधित विद्यार्थी अपने शैक्षणिक प्रश्न निर्धारित ईमेल पते पर भेज सकते हैं, जिनका उत्तर शीघ्रता से दिया जाएगा।

1347 एलटी शिक्षकों को मिलेंगे नियुक्ति पत्र: डॉ. धन सिंह रावत

1347 LT teachers will get appointment letters Dr. Dhan Singh Rawat
1347 LT teachers will get appointment letters Dr. Dhan Singh Rawat

-14 अक्टूबर को  देहरादून में मुख्यमंत्री  धामी के हाथों किये जायेंगे वितरित
-कहा, चयनित शिक्षकों को दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में दी जायेगी प्रथम तैनाती
देहरादून।   उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 1347 सहायक अध्यापकों (एलटी) को आगामी 14 अक्टूबर को नियुक्ति पत्र वितरित किये जायेंगे। पटेलनगर स्थित राजकीय दून मेडिकल कालेज के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों सभी चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये जायेंगे। इसके साथ ही चयनित शिक्षकों को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में प्रथम तैनाती दी जायेगी, जिससे दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सहायक अध्यापक (एलटी) भर्ती को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को चयनित अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध करा दी है। जिसके क्रम में आयोग से चयनित 1347 शिक्षकों को आगामी 14 अक्टूबर को नियुक्ति पत्र वितरित कर दिये जायेंगे। जिसको लेकर विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। डॉ. रावत ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को राजकीय दून मेडिकल कालेज पटेलनगर के प्रेक्षागृह में विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों नियुक्ति पत्र दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा उपलब्ध सूची के तहत गढ़वाल मंडल में सामान्य व महिला शाखा में 681 पदों पर शिक्षकों का चयन हुआ है। जिसमें हिन्दी विषय में 112, अंग्रेजी 98, संस्कृत 9, गणित 66, विज्ञान तथा सामान्य विषय 109-109, कला 103, व्यायाम 59, गृह विज्ञान 3, वाणिज्य 11 तथा संगीत विषय में 2 शिक्षक शामिल हैं। इसी प्रकार कुमाऊं मंडल में सामान्य व महिला शाखा में 671 पदों पर शिक्षकों का चयन हुआ है। जिसमें हिन्दी विषय में 90, अंग्रेजी 73, संस्कृत 12, गणित 89, विज्ञान 88, सामान्य विषय 128, कला 127, व्यायाम 45, गृह विज्ञान 8, संगीत 6, उर्दू 1 तथा वाणिज्य विषय में 4 शिक्षक शामिल है। विभागीय मंत्री ने बताया कि आयोग द्वारा घोषित भर्ती परिणाम को लेकर कुछ अभ्यर्थियों द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने सभी वादों का निस्तारण कर 1347 पदों पर नियुक्ति देने के आदेश पारित किये हैं जबकि शेष पदों को रिजर्व रखने के निर्देश दिये गये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि इन सभी चयनित शिक्षकों को प्रथम तैनाती राज्य के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में दी जायेगी ताकि वहां शिक्षकों की कमी दूर कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
डॉ. रावत ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यालयों में विषयवार शिक्षक उपलब्ध कराना है। विभाग लगातार शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही प्राथमिक शिक्षा विभाग में 2100 सहायक अध्यापकों व माध्यमिक शिक्षा विभाग में 800 से अधिक पदों पर प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जायेगी।

सीएम धामी ने किया उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित दीपावली महोत्सव-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग

CM Dhami participated in the Diwali Mahotsav-2025 program organized by the Uttaranchal Press Club.
CM Dhami participated in the Diwali Mahotsav-2025 program organized by the Uttaranchal Press Club.

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित दीपावली महोत्सव-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लक्की ड्रॉ विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरांचल प्रेस क्लब की भूमि के आवंटन की कार्यवाही गतिमान है। इस कार्यवाही के पूरे होने के बाद, उत्तरांचल प्रेस क्लब के लिए भव्य भवन का भी निर्माण कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर आज तक, उत्तराखंड के अनेकों पत्रकारों ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास में लेखनी के जरिए अपनी अहम भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी पत्रकारों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली का पर्व हम सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा पत्रकारों का जीवन भी दीपावली के दीपकों की तरह है, जो दिन-रात समाज को दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से इस दिवाली स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण के लिए हमें अपने देश में स्वदेशी को बढ़ावा देना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, पत्रकारों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता और आवासीय योजनाओं को लेकर सरकार ने कई कदम उठाए हैं। वरिष्ठ पत्रकार सम्मान योजना के अंतर्गत अनेक वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया जा रहा है। पत्रकारों की पेंशन में वृद्धि, विभिन्न जिलों से देहरादून आने वाले पत्रकारों को पूर्व की भांति सूचना विभाग के जरिये देहरादून में रहने की उचित व्यवस्था करने का भी प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा मुख्यमंत्री पत्रकार पेंशन योजना के तहत पत्रकार कल्याण कोष का बजट 5 करोड़ रूपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए किया गया है। पत्रकारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। राज्यभर में मीडिया सेन्टरों के आधुनिकीकरण और प्रेस क्लबों के सशक्तिकरण का कार्य शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा पत्रकार, सच्चाई और जनहित के लिए जिस समर्पण से कार्य करते हैं, वो प्रशंसनीय है। पत्रकार और पत्रकारिता राजनीतिक और सामाजिक विषयों के प्रचार-प्रसार से कई ज्यादा लोकतंत्र को जीवित रखते हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं को जन तक पहुंचाना या आमजन की समस्याओं से सरकार को अवगत कराना, इन दोनों महत्वपूर्ण दायित्वों को भी पत्रकार निभाते हैं।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, दायित्वधारी हेमराज बिष्ट, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी,  उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी, महामंत्री सुरेंद्र डसीला एवं अन्य पत्रकार मौजूद थे।

मुख्यमंत्री धामी ने पंतनगर विवि में 118वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

Chief Minister Dhami inaugurated the 118th All India Farmers Fair and Agricultural Industry Exhibition at Pantnagar University.
Chief Minister Dhami inaugurated the 118th All India Farmers Fair and Agricultural Industry Exhibition at Pantnagar University.

– मुख्यमंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय की नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण और “पंतनगर प्रवाह” पुस्तक का किया विमोचन
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 118वे अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा उत्पादित नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण व पंतनगर प्रवाह नामक पुस्तक का विमोचन किया।
मेले में आयोजित रजत जयंती राज्य स्थापना गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष के किसान मेले और कृषि प्रदर्शनी में 400 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से 200 से अधिक स्टॉल देश के विभिन्न राज्यों से आए  कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स और उद्यमियों द्वारा लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन मात्र कृषि उत्पादों और यंत्रों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम भी होते हैं। इस प्रकार के कृषि मेलों के माध्यम से जहां एक ओर हमारे किसान भाई एक ही स्थान पर नवीनतम कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, आधुनिक यंत्रों और नई शोधों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, वहीं उन्हें विशेषज्ञों के अनुभवों से सीखने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस मेले में प्रदर्शित की जा रही आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से हमारे किसान भाई पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नई वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर अपनी खेती को और भी अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बना पाएंगे। उन्होंने कहा कि जिससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था भी सशक्त और समृद्ध बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत विकसित राष्ट्र के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी संकल्प के साथ केंद्र सरकार द्वारा हमारे अन्नदाताओं की आय को दोगुना करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज, देशभर के 11 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिसके अंतर्गत उत्तराखंड के भी लगभग 9 लाख के करीब अन्नदाताओं को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए सहायता राशि प्रदान की जा रही है। आज जहां एक ओर सभी प्रमुख फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में अभूतपूर्व वृद्धि कर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से किसान को प्राकृतिक आपदाओं, फसल रोगों और कीटों से होने वाले नुकसान हेतु सुरक्षा कवच भी प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के द्वारा खेतों की मिट्टी की वैज्ञानिक जांच कर किसानों को पोषक तत्वों की कमी और आवश्यक उर्वरकों की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे उनकी उपज की गुणवत्ता और भूमि की उर्वरता दोनों में सुधार हो रहा है, और इसके साथ ही, किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंदबूंद सिंचाई योजना, डिजिटल कृषि मिशन जैसी अनेकों योजनाओं द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में कृषि को विकास का प्रमुख इंजन मानते हुए जहां एक ओर किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को 3 लाख रुपये से बढाकर 5 लाख रुपये करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, वहीं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सिंचाई और कृषि तकनीकों के विकास पर भी विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने देश के अन्नदाताओं को बड़ी सौगात देते हुए 24 हजार करोड़ रुपये की पीएम धन धान्य कृषि योजना और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु लगभग 11 हजार 500 करोड़ रुपये की लगात के दलहन उत्पादकता मिशन का शुभारंभ किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी राज्य सरकार भी प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम एक ओर जहां प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं कृषि उपकरण खरीदने हेतु फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने किसानों के हित में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त करने का काम किया है। साथ ही, हमने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण हेतु 200 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान भी किया है। जिसके अंतर्गत अब तक राज्य में लगभग 115 करोड़ रुपए की सहायता से करीब 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, हम जहां एक ओर गेहूं खरीद पर किसानों को 20 रूपए प्रति क्विंटल का बोनस प्रदान रहे हैं, वहीं हमने गन्ने के रेट में भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की है। उन्होंने कहा कि हमने उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सब्जियों की तरह ही फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। हाल ही में हमारी सरकार ने 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के तहत बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। हम किसानों की उपज की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ग्रेडिंग सॉर्टिंग यूनिट के निर्माण के लिए भी अनुदान प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर मैं, आप सभी कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह करना चाहता हूँ कि आप हमारी पारंपरिक कृषि व्यवस्था पर भी अनुसंधान करें, और जानें कि हमारे पूर्वजों ने हजारों वर्षों से अपनी कृषि सभ्यता को कैसे संरक्षित रखा, अपनी धरती की उर्वरकता को कैसे बनाए रखा और उत्पादन की गुणवत्ता को भी निरंतर सुनिश्चित किया। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह करते हुए कहा कि आप लोग अपने शोध कार्य और नवीनतम तकनीकी ज्ञान को शीघ्रता से किसानों तक पहुँचाएँ, ताकि ये ज्ञान उनके उत्पादन और आय में वृद्धि का माध्यम बन सके और हमारी कृषि अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस अवसर पर हम किसानों की प्रगति पर चर्चा करने के साथ-साथ प्रदेश में नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता पर संवाद करने के लिए भी एकत्रित हुए हैं। उक्त दोनों विषयों पर जीबी पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की छात्रा पूजा जोशी ने समान नागरिक संहिता, नीति शर्मा ने किसान मेले की प्रगति एवं छात्र निधि अवस्थी ने नकल विरोध कानून पर अपने विचार साझा किए जबकि समृद्धि किसान उत्पादक संगठन की सीमा रानी ने अपने सफल खेती के अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून और अधिकार स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि हमने अनुभव किया कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई है। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य इन्हीं भेदभावों को समाप्त कर राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यूसीसी के लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं, बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को भी बल मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं,यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों के बीच समानता से समरसता स्थापित करने का एक संवैधानिक उपाय है। परन्तु ये देश का दुर्भाग्य रहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक देश में एक ऐसी पार्टी का शासन रहा जिसने अपने वोट बैंक के चक्कर में यूसीसी को लागू नहीं होने दिया। जबकि विश्व के प्रमुख मुस्लिम देशों सहित दुनिया के सभी सभ्य देशों में पहले से ही समान नागरिक संहिता लागू है। उन्होंने कहा कि हम भली-भांति जानते थे कि भारत में सर्वप्रथम यूसीसी लागू करने का मार्ग सरल नहीं होगा परंतु जब नीयत साफ हो और जनभावना साथ हो, तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं रहता। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है।
कुलपति डॉ मनमोहन सिंह चौहान ने यूसीसी व नकल विरोधी कानून लागू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन व निर्देशन में विश्वविद्यालय शोध व प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में इंटिग्रेटेड फार्मिंग पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2 लाख 61 हजार हो गई है जो 26 प्रतिशत ग्रोथ रेट पर है। उन्होंने बताया कि मेले में 507 स्टॉल लगाए गए हैं व अभी तक लगभग 20 हजार किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया है।
कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, सुरेश गाड़िया, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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