Home Blog Page 60

दुखयारी विधवा शोभा को बैंक ने लौटाए घर के कागजात,  परिवार सहित धन्यवाद देने कलेक्ट्रेट पंहुची शोभा

The bank returned the house documents to the grieving widow Shobha, who along with her family reached the collectorate to thank her.
The bank returned the house documents to the grieving widow Shobha, who along with her family reached the collectorate to thank her.

– विगत माह अपने शत-प्रतिशत  दिव्यांग बेटे व  बेटी सहित डीएम से मिल लगाई थी गुहार
देहरादून।    विगत माह शोभा रावत ने जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी सविन बंसल से मिलकर अपनी व्यस्था सुनाते हुए बताया कि उनका बेटा शत्प्रतिशत् विकलांग है तथा 1 बेटी है जिसकी पढाई चल रही है। पति की पिछले वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई थी। रोजगार का कोई साधन नही है। उन्होंने गुहार लगाते हुए बताया कि उन्होंने बैंक से 17 लाख का ऋण लिया था किन्तु  बैंक द्वारा पति की मृत्यु के उपरांत इंश्योरेंस की क्लेम कुल रू० 13,20,662/- की धनराशि को लोन की धनराशि में समायोजित किया गया तथा लगभग रू0 5,00,000/- की धनराशि जमा की जानी अवशेष है उनकी आर्थिक स्थिति खराब है ऋण किस्त जमा नही कर सकती है। जिस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी को बैंक से समन्वय कर कार्यवाही के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से  बैंक ने व्यथित विधवा शोभा रावत को उनके घर के कागज वापस मिल गए है, शोभा अपने परिवार संग आज कलेक्टेªट में जिलाधिकारी एवं उनकी टीम का धन्यवाद देने पंहुची है। जिला प्रशासन के इस प्रयास से जहां शोभा इतनी बड़ी कर्ज की राशि का बोझ उतर गया वहीं उनका घर भी बच गया। जिलाधिकारी ने शोभा के परिवार को राइफल क्लब से आर्थिक सहायता देने के भी निर्देश दिए।
जिला प्रशासन देहरादून अपने त्वरित एक्शन से जहां जनमानस में सरकार, शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास बढा है वहीं असहाय व्यथितों को न्याय मिल रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष आने वाले फरियादियों को शिक्षा, रोजगार, ऋणमाफी, सम्पति वापसी के साथ ही न्याय मिल रहा है।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम न्याय निरंतर प्रकरण को फोलोअप कर रही थी डीएम का हस्तक्षेप एवं समन्वय तथा बैंक के सहयोग से  प्रताड़ित परिवार को नो ड्यूज के साथ ही सम्पत्ति के कागज वापस लौटाए हैं। जिला प्रशासन के असहाय जनमानस के की सहायता हेतु जिस तरह आगे आकर कार्यवाही की जा रही है। उससे जनमन का विश्वास सरकार शासन-प्रशासन के प्रति बढा है जिसमें शिक्षा से लेकर रोजगार, ऋणमाफी; सम्पति वापसी; एक के बाद एक कडे़ निर्णय से असहाय व्यथितों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई है।

महाराज की उपराष्ट्रपति से भेंट कर उत्तराखंड आने का न्यौता दिया

Maharaj met the Vice President and was invited to visit Uttarakhand.
Maharaj met the Vice President and was invited to visit Uttarakhand.

देहरादून/दिल्ली। प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उत्तराखंड आने का न्यौता दिया है।

प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से उनके नई दिल्ली आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए राज्य में पर्यटन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों से अवगत करवाने के साथ साथ उन्हें उत्तराखण्ड आने का न्योता भी दिया है। उन्होंने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात के दौरान उन्हें उत्तराखंड में कार्तिकेय स्वामी मंदिर के विषय में बताने के साथ-साथ अल्मोड़ा स्थित प्रागैतिहासिक लखुड़ियार गुफा के शैल चित्रों की जानकारी भी दी।

निशीथ सकलानी
मीडिया सलाहकार, श्री सतपाल महाराज जी, माननीय कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

मुख्यमंत्री  धामी ने किया  गुप्तकाशी में चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ

Chief Minister Dhami inaugurated the fourth Border Mountain Children's Science Festival in Guptkashi.
Chief Minister Dhami inaugurated the fourth Border Mountain Children's Science Festival in Guptkashi.

– राज्य में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जायेगा : मुख्यमंत्री
–   सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण के लिए नवाचार केन्द्र बनेंगे : मुख्यमंत्री
देहरादून।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गुप्तकाशी में चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सीमांत क्षेत्रों में सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत जनपदों में अब ऐसे नवाचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी उपयोगी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव के राज्य स्तरीय आयोजन का दीप प्रज्वलित शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनपदों से आए बाल वैज्ञानिकों के साथ जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा संरक्षण आदि विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन से सीमांत जनपदों के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों को नई दिशा और अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी। विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर आज भारत अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहा है। देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी बनने जा रही है, जो उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जनता को पारदर्शी और प्रभावी सेवाएँ मिलें, इसके लिए अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर रुद्रप्रयाग जिले में आपदा प्रबंधन केंद्र के निर्माण के लिए जिलाधिकारी को कार्ययोजना बनाने के निर्देश देने के साथ ही पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय बणसू जाखधार में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, सीमांत क्षेत्र के उद्यमी इंद्र सिंह रावत और सीमांत सेवा फाउंडेशन के डॉ. पाटनी को सम्मानित करने के साथ ही यूकॉस्ट की रुद्रप्रयाग डैशबोर्ड पुस्तक का विमोचन भी किया। इस जीआईएस आधारित रिमोट सिस्टम डैशबोर्ड पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से जुड़ी सूचनाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव की थीम – जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियाँ तथा आपदा जोखिम प्रबंधन एकीकरण है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देना और ऐसी रणनीतियाँ विकसित करना है।
कार्यक्रम में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, उपाध्यक्ष महिला बाल विकास ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, प्रधानाचार्य पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय जाखधार तिलक सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों संग प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित

A review meeting was held under the chairmanship of the Chief Secretary with the Indian Medical Association and Health Department officials regarding the development of health facilities in the state.
A review meeting was held under the chairmanship of the Chief Secretary with the Indian Medical Association and Health Department officials regarding the development of health facilities in the state.

देहरादून।   मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन(आईएमए ) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक मेंआईएमए  के सदस्यों द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता में सुधार के संबंध में अपने बहुमूल्य सुझाव साझा  किए। आईएमए के सदस्यों ने कहा कि उत्तराखंड का अधिकतर क्षेत्र दूरस्थ श्रेणी में आता है इस कारण यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास करना एक चुनौतीपूर्ण कदम है।  इसके लिए उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास हेतु 50 बैड से नीचे के क्लीनिक/ नर्सिंग होम स्थापित करने हेतु क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मानकों में शिथिलता लाने के सुझाव दिए।उन्होंने पंजीकरण से लेकर क्लीनिक भवन के निर्माण और क्लीनिक स्थापित करने हेतु विभिन्न प्रकार की अनापत्ति (पंजीकरण, फायर, प्रदूषण  इत्यादि से संबंधित)  को सरलतम बनाने की अपेक्षा की।
आईएमए के सदस्यों ने अन्य प्रदेशों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से संबंधित बनाए गए सरलतम मानकों को भी प्रदेश में आत्मसात करने का सुझाव रखा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि आईएमए के सदस्यों द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी से संबंधित सुझाए गए बिंदुओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए  निर्देशित किया कि जो सुझाव व्यावहारिक और समय के अनुरूप किए जाने अपेक्षित हो उनको बायोलॉज में शामिल करने की कार्रवाई करें । उन्होंने आईएमए के सदस्यों के समन्वय से इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार,आईएमए  से प्रेसिडेंट उत्तराखंड  डॉ के के शर्मा व सचिव डॉ डी डी चौधरी, अपर सचिव संतोष बडोनी, डीजी हेल्थ सुनीता टम्टा सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

दून विश्वविद्यालय में “प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस” की नियुक्ति की शुरुआत

Appointment of “Professor of Practice” begins at Doon University

देहरादून।   दून विश्वविद्यालय ने यूजीसी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अंतर्गत “प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस” की नियुक्ति की शुरुआत की है। इस श्रृंखला में दून विश्वविद्यालय ने बी.ए.एस.एफ. जर्मनी के सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट प्रो. थॉमस श्वाब को “प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस” के रूप में नियुक्त किया है। बुधवार को प्रो. थॉमस श्वाब ने कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल के साथ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से मुलाकात की।
डॉ. थॉमस श्वाब यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट एंड्रयूज (स्कॉटलैंड) में ऑनरेरी प्रोफेसर भी हैं। यह विश्व की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में से एक है, जिसकी स्थापना लगभग 700 वर्ष पूर्व हुई थी। बी.ए.एस.एफ. जर्मनी 150 वर्ष पुरानी अग्रणी वैश्विक केमिकल कंपनी है, जिसमें 10,000 से अधिक वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यों में संलग्न हैं।
राज्यपाल ने कहा कि यूजीसी दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह पहल दून विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रख्यात विशेषज्ञ, जो अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं, वास्तव में “प्रोफेसर ऑफ बेस्ट प्रैक्टिस” कहलाने के योग्य हैं। राज्यपाल ने डॉ. श्वाब से बी.ए.एस.एफ. जर्मनी में चल रहे औद्योगिक अनुसंधान की जानकारी प्राप्त की और उनके वैज्ञानिक योगदान की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि अन्य विश्वविद्यालयों को भी उद्योग, अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों तथा प्रोफेशनल्स को, गुणवत्ता एवं मानकों से समझौता किए बिना, “प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस” के रूप में जोड़ने की दिशा में पहल करनी चाहिए, ताकि अकादमिक जगत और औद्योगिक जगत के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित हो सके।
कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बताया कि राज्यपाल के सुझावों के अनुरूप दून विश्वविद्यालय ने डॉ. श्वाब को ऑनरेरी बेसिस पर “प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस” नियुक्त किया है, जिससे विश्वविद्यालय पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि डॉ. श्वाब ने अपनी अंतर्राष्ट्रीय यात्रा का समस्त व्यय स्वयं वहन किया है।
स्कूल ऑफ फिजिकल साइंसेज के डीन एवं अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि डॉ. श्वाब विश्वविद्यालय के छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं तथा वैज्ञानिक अनुसंधान की गुणवत्ता को सुदृढ़ बना रहे हैं। इस अवसर पर डॉ. हिमानी शर्मा, डॉ. आशा राम गैरोला, डॉ. विकास शर्मा और डॉ. चारु द्विवेदी भी उपस्थित रहे।

विरासत महोत्सव में नन्हे मुन्ने बच्चों ने सीखे मिट्टी के बर्तन,पतंग व अन्य क्राफ्ट आइटम बनाने की विधि

Little children learnt how to make clay pots, kites and other craft items at the Heritage Festival.
Little children learnt how to make clay pots, kites and other craft items at the Heritage Festival.

डॉल्फिन इंस्टीट्यूट में शिक्षा ग्रहण करने वाले मेघालय के कई छात्र छात्राओं ने भी हैंडीक्राफ्ट ज्वैलरी सहित अनेक स्टालों पर जाकर परखी भिन्न भिन्न कलाएं

देहरादून-15 अक्टूबर 2025 I विरासत महोत्सव में आजभी भिन्न-भिन्न स्कूलों के बच्चों ने प्रतिभाग कर तरह-तरह की कलाओं में अपने-अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया I मिट्टी के छोटे-छोटे बर्तन बनाने की अनमोल कला के साथ-साथ, कागज़ की पतंग व खूबसूरत कागज के फूल तथा पत्तियां आदि बनाने के अलावा भिन्न भिन्न प्रकार की बोतल पेंटिंग एवं अन्य सामग्री पर कलाकारी कर अपने हुनर का बेहतरीन प्रदर्शन किया I

महोत्सव में बच्चों के लिए पेंटिंग एवं अन्य भिन्न-भिन्न कलाओं से संबंधित हुनर दिखाने का अवसर प्रदान किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी-अपनी कलाओं का प्रदर्शन करते हुए विरासत में अपनी यादों को समाहित कर लिया I बच्चों की भिन्न-भिन्न कलाकृति के साथ-साथ आज डॉल्फिन इंस्टीट्यूट सुद्धोवाला में शिक्षा ग्रहण कर रहे मेघालय के करीब 30 छात्र छात्राओं ने विरासत मौसम में लगे अनेक स्टॉल पर जाकर क्राफ्ट से बने सामानों की कला कृतियों को परखा और उनके बारे में स्टॉल के संचालक से सीखने व समझने का हुनर का प्राप्त किया I विरासत में राजस्थान से आए हैंडीक्राफ्ट ज्वैलरी के संचालक रवि मिश्रा से डॉल्फिन इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं ने कलाओं की बारीकियों के बारे में समझा I”आगरा का ज़ायका उत्तराखंड में महका” नामक स्टॉल पर विभिन्न प्रकार के बनाए वस्त्रों के बारे में भी छात्र-छात्राओं ने उत्सुकतापूर्वक संचालक लक्की रावत से जानकारी प्राप्त की I इसके अलावा विरासत में छात्र-छात्राओं ने “निकम्मी औलाद” नामक स्टॉल पर जाकर भी क्राफ्ट कला का हुनर दिखाते हुए मग, बैग तथा अन्य आकर्षक आइटमों पर की गई कला की पारखी को समझा I इस स्टॉल पर निकम्मी औलाद के लेवल वाली टी-शर्ट, जैकेट, हुड आदि की रिपोर्टिंग भी डॉल्फ़िन इंस्टीट्यूट सुद्धोवाला के छात्र छात्राओं ने करने में उत्साह और उमंग दिखाया I कुल मिलाकर आज विरासत में सुबह के प्रथम सत्र में क्राफ्ट कार्यशाला के दौरान छात्र छात्राओं ने उत्साह पूर्वक प्रतिभाग कर भरपूर आनंद भी लिया I दिल्ली के देवेंद्र चाचा से मिट्टी के बर्तन बनाने की विधि को आज भी स्कूली बच्चों ने उत्साह पूर्वक सीखा I वहीं आयोजित की गई क्राफ्ट कार्यशाला में स्कूल के बच्चों ने रामपुर, उत्तर प्रदेश के शावेज मियां से पतंग बनाने के हुनर को भी सीखा I

दिल्ली के बाद देहरादून में भी लगेगी पवित्र बौद्ध अवशेषों की प्रदर्शनी: महाराज

After Delhi, Dehradun will also host an exhibition of sacred Buddhist relics Maharaj
After Delhi, Dehradun will also host an exhibition of sacred Buddhist relics Maharaj

राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन’ का अंतिम दिन

देहरादून/उदयपुर। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उदयपुर, राजस्थान में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन’ के अंतिम दिन कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से उत्तराखंड की समृद्ध आध्यात्मिक और प्राकृतिक धरोहरों के विषय पर भी चर्चा की। बातचीत के दौरान केन्द्रीय मंत्री श्री शेखावत ने उन्हें बताया कि भारत के पवित्र बौद्ध पिपरहवा अवशेषों को 127 वर्षों के बाद स्वदेश लाया गया है। जिनकी शीघ्र ही नई दिल्ली में प्रर्दशनी लगाई जायेगी। प्रदेश के पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने उक्त प्रदर्शनी को देहरादून में भी आयोजित करने का केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।

उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने बताया कि भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों को 127 वर्षों के बाद 30 जुलाई, 2025 को हांगकांग में नीलामी से बचाकर वापस भारत लाया गया। यह अवशेष न केवल अतीत के अंशों का प्रतिनिधित्व करते हैं, बल्कि भारत की स्थायी सांस्कृतिक विरासत और सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी का भी एक सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेश लाये गये भगवान बुद्ध के इन पवित्र पिपरहवा अवशेषों की प्रदर्शनी का शीघ्र ही नई दिल्ली में आयोजन किया जाएगा जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने केन्द्रीय मंत्री श्री शेखावत से अनुरोध किया है कि देहरादून में बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय से जुड़े और बुद्ध को मानने वाले लोग हैं इसलिए भगवान बुद्ध के अवशेषों से संबंधित प्रदर्शनी को देहरादून में भी लगाया जाना चाहिए। जिससे केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार करते हुए देहरादून में भी भगवान बुद्ध के अवशेषों की प्रदर्शनी लगाने की सहमति दी है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों को 127 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद वापस लाने के लिए सफलतापूर्वक नीलामी रोकी। यह कदम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

श्री एल.पी. जोशी ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के मुख्य तकनीकी अधिकारी (सीटीओ) के रूप में पदभार ग्रहण किया

Shri L.P. Joshi assumes charge as Chief Technology Officer (CTO) of THDC India Limited
Shri L.P. Joshi assumes charge as Chief Technology Officer (CTO) of THDC India Limited

ऋषिकेश, 14 अक्टूबर, 2025:  श्री एल.पी. जोशी ने 14 अक्टूबर, 2025 को टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के मुख्य तकनीकी अधिकारी (सीटीओ) के रूप में पदभार ग्रहण किया। इससे पूर्व, श्री जोशी टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में कार्यपालक निदेशक (टिहरी कॉम्प्लेक्स) के पद पर कार्यरत थे।

जलविद्युत क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव प्राप्त कर एक प्रतिष्ठित पेशेवर के रूप में, श्री जोशी ने एमएमएम इंजीनियरिंग कॉलेज, गोरखपुर से अभियांत्रिकी में स्नातक (ऑनर्स) और आईआईटी, रुड़की से जल संसाधन विकास एवं प्रबंधन में प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है।

श्री जोशी ने टीएचडीसीआईएल में अपने अभी तक के शानदार कार्यकाल के दौरान, प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं की योजना, डिजाइन और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। श्री जोशी ने टिहरी जलविद्युत परियोजना चरण-I (4×250 मेगावाट) और कोटेश्वर जलविद्युत परियोजना (4×100 मेगावाट) के सफल कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । श्री जोशी के तकनीकी नेतृत्व में टीएचडीसीआईएल ने उत्तराखंड के टिहरी में भारत के प्रथम वैरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट की प्रथम दो यूनिटों(250 मेगावाट प्रत्येक) की कमीशनिंग की गई, जो भारत के नवीकरणीय ऊर्जा परिदृश्य में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

कार्यपालक निदेशक के रूप में अपनी पूर्व भूमिका के तहत, श्री जोशी, ईपीसी मोड के अंतर्गत इंजीनियर इंचार्ज के रूप में 1000 मेगावाट टिहरी पंप स्टोरेज परियोजना (पीएसपी) की देखरेख के लिए उत्‍तरदायी रहे, श्री जोशी ने अरुणाचल प्रदेश में 1750 मेगावाट के डेमवे लोअर एवं 1200 मेगावाट की कलाई-II जलविद्युत परियोजनाओं के हस्तांतरण से संबंधित एनसीएलटी कार्रवाई में यथोचित परिश्रम, समाधान योजना तैयार करने एवं टीम से जुड़ी हुई प्रमुख पहलों का नेतृत्व किया।

श्री जोशी द्वारा टिहरी एचपीपी (4×250 मेगावाट) और कोटेश्वर एचईपी (4×100 मेगावाट) परियोजनाओं में परिचालन का मार्गदर्शन जारी रखा गया है, जिसमें गुणवत्ता आश्वासन, प्री- डिस्पैच निरीक्षण एवं कोटेश्वर में पूर्व में आई बाढ़ की घटनाओं के दौरान प्रभावित विद्युत-यांत्रिक प्रणालियों की बहाली में प्रमुख योगदान दिया है। श्री जोशी के नेतृत्व में टीएचडीसीआईएल के परिचालन एवं अनुरक्षण (ओ एंड एम) ढांचे को सुदृढ़ किया गया है और संपूर्ण संगठन में तकनीकी मानकों को उन्नत बनाया गया है।

श्री जोशी ने एक कुशल इंजीनियर और विचारक के रूप में, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कई तकनीकी लेख लिखे एवं प्रस्तुत किए हैं। श्री जोशी ने जर्मनी में कम्प्यूटरीकृत नियंत्रण प्रणालियों और फ्रांस में गवर्निंग प्रणालियों में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया है साथ ही श्री जोशी भारतीय तकनीकी शिक्षा सोसायटी के आजीवन सदस्य और इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (भारत) के एसोसिएट सदस्य हैं।

विरासत महोत्सव में आज भिन्न-भिन्न स्कूलों के बच्चों ने सीखे मिट्टी के बर्तन बनाने,पतंग बनाना तथा अन्य कई आइटम बनाने की विधि

Today, at the Heritage Festival, children from different schools learned how to make clay pots, kites and many other items.
Today, at the Heritage Festival, children from different schools learned how to make clay pots, kites and many other items.

लतिका विहार, ओलंपस हाई, एसजीआरआर पब्लिक स्कूल बालावाला सहित अनेक स्कूलों के बच्चों ने किया प्रतिभाग

विरासत में दिखाई दिए 86 बच्चों के अद्भुत एवं रोचक कलाओं के रंग और बेहतरीन हुनर

देहरादून-14 अक्टूबर 2025 I विरासत महोत्सव में आज भिन्न-भिन्न स्कूलों के 86 स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग कर तरह-तरह की कलाओं में अपने-अपने हुनर का रोचक एवं अद्भुत प्रदर्शन किया I उन्होंने मिट्टी के बर्तन बनाना, पतंग बनाना, कागज के फूल इत्यादि बनाने के अलावा कपड़े से भिन्न-भिन्न प्रकार की आकर्षक और बेहतरीन वस्तु बनाना भी आज के विरासत कार्यक्रम में सीखें I

आज प्रातः विरासत महोत्सव में बच्चों के लिए पेंटिंग एवं अन्य भिन्न-भिन्न कलाओं से संबंधित हुनर दिखाने के आकर्षक कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई I आज के कार्यक्रम में लतिका बिहार स्कूल के 40, ओलम्पस हाई के 10 बच्चों के अलावा श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बालावाला के 16 तथा लतिका रॉय फाऊंडेशन के 20 स्कूली बच्चों ने शिरकत करके अपने-अपने हुनर भिन्न-भिन्न कलाओं में दिखाए। बच्चों ने क्राफ्ट कार्यशाला में डॉल बनाने, ग्लास और बोतलों पर पेंटिंग करने के अलावा ब्लॉक पेंटिंग आदि भी सीखे I बच्चों में इस दौरान काफी उत्साह और उमंग विरासत में आयोजित इस क्राफ्ट कार्यशाला में देखने को मिला I विरासत में जहां एसजीआरआर पब्लिक स्कूल बालावाला के छात्र विदित बर्थवाल ने दिल्ली के देवेंद्र चाचा से मिट्टी के बर्तन बनाने की विधि को सीखा, तो वही ओलंपस हाई के बच्चों ने भी देवेंद्र चाचा से मिट्टी के बर्तन बनाना सीखा I आयोजित की गई क्राफ्ट कार्यशाला में स्कूल के बच्चों ने रामपुर, उत्तर प्रदेश के शावेज मियां से भी पतंग बनाने के अलावा और भी अन्य आकर्षक आइटमों को बनाने की कलाकार का हुनर सीखाI स्कूली बच्चों ने पूरी दिलचस्पी एवं उत्साह के साथ प्रतिभाग कर भिन्न-भिन्न प्रकार की कला में अपनी-अपनी प्रतिभाओं का शानदार हुनर दिखाया, तो वहीं क्राफ्ट में बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभाओं के जलवे उत्साह पूर्वक दिखाए I क्राफ्ट कार्यशाला में विरासत की तरफ से वॉलिंटियर्स में नेहा जोशी, अरिहंत, अनुज आदि उपस्थित रहे I उन्होंने सभी स्कूली बच्चों के साथ पूर्ण सामंजस्य एवं घुल-मिलकर कार्यक्रम को और भी बेहतरीन बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी I रीच संस्था द्वारा आयोजित इस विरासत में आज भी स्कूली बच्चों द्वारा अपनी कलाओं का हुनर दिखाने में काफी अधिक उमंग और उत्साह दिखाई दिया I

पर्यटन की सभी विधाओं पर तेज गति से हो रहा है काम: महाराज

Work is progressing rapidly on all aspects of tourism Maharaj
Work is progressing rapidly on all aspects of tourism Maharaj

उदयपुर में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ

देहरादून/उदयपुर। पर्यटन क्षेत्र भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह रोज़गार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देता है, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देता है और देश के सकल घरेलू उत्पाद में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखता है। हमारा प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिले तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार और आजीविका के अवसर बढ़ें।

उक्त बात प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उदयपुर में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मंगलवार से शुरू हुए दो दिवसीय ‘राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन’ में सहभागिता करते हुए कही। उन्होंने उत्तराखंड की समृद्ध आध्यात्मिक और प्राकृतिक धरोहर को राष्ट्रीय मंच पर साझा करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के पर्यटन क्षेत्र को और गति देने के लिए जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार नए-नए पर्यटन गंतव्यों को विकसित करने में लगे हैं वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड में भी प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यटन की सभी विधाओं पर निरंतर तेज गति से काम हो रहा है।

पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन अब जल, थल और आकाश तीनों क्षेत्रों में नये-नये कार्यक्रम लेकर आगे बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड में Land Adventure के क्रम में हाई अल्टीट्यूड मैराथन का आयोजन किया जा रहा है, जो पवित्र आदि कैलाश (4700 मी.) की ऊँचाई पर होगा। इसके अलावा Water Adventure के तहत वॉटर फेस्टिवल, एको फेस्टिवल जैसे आयोजन और पर्यटकों के लिए नई गतिविधियाँ प्रारम्भ की जा रही हैं। Air Adventure के अन्तर्गत पहली बार बच्चों को पैराग्लाइडिंग के कोर्स कराए जा रहे हैं, ताकि आगे चलकर वे टैंडम पायलट्स बनकर पर्यटन की नई ऊँचाइयों को छू सकें।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन द्वारा युवाओं के लिए प्रशिक्षण की भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। थल अभियानों में बेसिक एवं एडवांस कोर्स हेतु युवाओं को स्पॉन्सरशिप दी जा रही है। जल अभियानों में फर्स्ट एड कोर्स, तथा महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आकाश अभियानों में बच्चों के लिए पैराग्लाइडिंग कोर्स, जो उन्हें नये अवसर प्रदान करेंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत सहित विभिन्न राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों से आए पर्यटन मंत्रियों के साथ देश में सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

Rescue Training is Crucial in Disaster Management — Dr. Anil Verma

आपदा प्रबंधन में रेस्क्यू का प्रशिक्षण अति महत्वपूर्ण – डॉ० अनिल...

0
यूथ रेडक्रास द्वारा डीबीएस के एनएसएस शिविर में आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण #################### बाल भवन, रायपुर रोड में जारी डीबीएस (पी जी) कॉलेज के सात दिवसीय...
romabet romabet romabet
deneme bonusu veren siteler