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त्यौहारी सीजन में यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिये अल्मोड़ा पुलिस ने परिवहन विभाग व अन्य के साथ चलाया संयुक्त चेकिंग अभियान।

For the safe journey of passengers during the festive season, Almora Police conducted a joint checking campaign with the Transport Department and others.
For the safe journey of passengers during the festive season, Almora Police conducted a joint checking campaign with the Transport Department and others.

*अल्मोड़ा। दीपावली के मध्य नजर अल्मोड़ा पुलिस ने परिवहन विभाग के साथ चालकों को सुरक्षित ड्राईविंग के लिये जागरुक किया।
*यातायात नियमों का उल्लघंन करने वाले कुल 40 लोगों पर चालानी कार्यवाही की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा अल्मोड़ा द्वारा त्यौहारी सीजन के दृष्टिगत सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम व यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है।
इसी क्रम मे आज सोमवार को अपर पुलिस अधीक्षक हरबन्स सिंह व सीओ अल्मोड़ा गोपाल दत्त जोशी के पर्यवेक्षण में कोतवाली अल्मोड़ा व ट्रैफिक पुलिस और तहसीलदार अल्मोड़ा,नायब तहसीलदार व एआरटीओ मय परिवहन विभाग टीम के साथ अल्मोड़ा नगर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया।
संयुक्त चेकिंग अभियान के दौरान दोषपूर्ण नंबर प्लेट,वाहन के खिड़कियों के शीशों पर काली फिल्म लगाने वालों व यातायात नियमों का उल्लघंन करने वाले कुल 40 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्यवाही की गयी।
साथ ही सभी टैक्सी,बस चालकों को सुरक्षित ड्राईविंग के लिये क्षमता से अधिक सवारी न बिठाने,नशे में वाहन न चलाने,खतरनाक तरीके से वाहन न चलाने आदि उचित हिदायतें दी गई।यात्रियों से अपील की गई कि कोई वाहन चालक ओवर लोडिंग,नशे में वाहन चलाता है,या खतरनाक तरीके से वाहन चलाता है तो उसकी शिकायत तत्काल डायल 112 में दें,पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।
चेकिंग के दौरान एआरटीओ अखिलेश चौहान,प्रभारी निरीक्षक योगेश चन्द्र उपाध्याय,तहसीलदार श्रीमती ज्योति धपवाल,एसएसआई रमेश सिंह बोरा,उ0नि0 बसंत टम्टा,इंटरसेप्टर प्रभारी सुमित पाण्डे,नायब तहसीलदार दीवान सिंह सैलाल सहित अन्य पुलिस व परिवहन के कर्मचारी गण मौजूद रहे।

नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार, प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों की वीरता को सराहा

Decisive strike on Naxalism, PM praises the bravery of security forces
Decisive strike on Naxalism, PM praises the bravery of security forces

गोवा(एजेंसी)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को गोवा में स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसेना के जवानों के बीच दीपावली मनाते हुए कहा कि भारत अब नक्सल-माओवादी आतंक से लगभग मुक्ति के कगार पर है। प्रधानमंत्री ने सुरक्षाबलों, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की बहादुरी और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि जिन इलाकों में कभी भय और हिंसा का बोलबाला था, आज वहां विकास की रोशनी फैल रही है।

पीएम मोदी ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले देश के लगभग 125 जिले नक्सली हिंसा से प्रभावित थे, लेकिन बीते दस वर्षों के लगातार प्रयासों से यह संख्या घटकर सिर्फ 11 जिलों तक रह गई है। उन्होंने कहा कि इनमें से भी वास्तव में प्रभाव वाले क्षेत्र अब केवल तीन जिलों तक सीमित हैं। उन्होंने कहा “आज पहली बार देश के 100 से अधिक जिले पूरी तरह माओवादी आतंक से मुक्त हो चुके हैं और खुली हवा में सांस ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि जिन इलाकों में कभी माओवादी सड़कों को ब्लॉक कर देते थे, स्कूल और अस्पताल और विकास कार्य रोक देते थे-आज वहां नई सड़कें बन रही हैं, उद्योग स्थापित हो रहे हैं, और बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब ये क्षेत्र भय और उत्पीड़न से बाहर निकलकर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं।

पीएम मोदी ने इस अवसर पर सुरक्षाबलों की वीरता को याद करते हुए कहा कि नौसेना के जवानों के लिए तो मौत से खेलना सामान्य बात है, लेकिन पुलिसकर्मी, जो केवल डंडे लेकर जनता की सेवा करते हैं, उन्होंने भी नक्सलवाद के खिलाफ असाधारण साहस दिखाया है। उन्होंने कहा, “मैं हमारे पुलिस बल के उन जवानों को सलाम करता हूं, जिन्होंने अपने पैर खो दिए लेकिन हिम्मत नहीं हारी, जिनके हाथ कट गए लेकिन उनका जज्बा बरकरार रहा। उन्होंने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा और देश को नक्सली आतंक से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार पुलिस बल ने इतनी बड़ी चुनौती का सामना किया है और पिछले दस वर्षों में उन्होंने 50 वर्षों से चले आ रहे इस संकट को समाप्त करने में सफलता पाई है। उन्होंने कहा “मुझे विश्वास है कि वे पूरी तरह सफल होंगे। नक्सलवाद को खत्म करने में वे 90 प्रतिशत सफलता पहले ही हासिल कर चुके हैं। पीएम मोदी ने सशस्त्र बलों को अपना परिवार बताते हुए कहा कि वह लगातार 11 वर्षों से हर दीपावली भारत के वीर जवानों के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बल, पुलिस और अर्धसैनिक बल देश की असली ताकत हैं, जिनकी बदौलत आज भारत विकास और सुरक्षा दोनों में नई ऊंचाइयां छू रहा है।

दून अस्पताल के बाहर फायरिंग से सनसनी, दिशांत सिंह घायल— पुलिस ने शुरू की ताबड़तोड़ दबिश

Firing outside Doon Hospital causes sensation, Dishank Singh injured – police launch raids
Firing outside Doon Hospital causes sensation, Dishank Singh injured – police launch raids

देहरादून, 19 अक्टूबर — राजधानी के राजपुर क्षेत्र में देर रात हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया जब दो पक्षों की कहासुनी के बाद दून अस्पताल के बाहर गोली चल गई। इस घटना में उत्तरकाशी निवासी दिशांत सिंह राणा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना 18/19 अक्टूबर की रात लगभग 2 बजे की है, जब कैनाल रोड स्थित कैंटीन के पास आयुष्मान कौशिक, दिशांत सिंह राणा और माही के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। तीनों उपचार के लिए दून अस्पताल पहुंचे थे। वहीं, दूसरे पक्ष के नृपेंद्र धामा (बागपत निवासी) और एक अज्ञात युवक रोहन भी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के बाहर चाय पीते समय दोनों पक्षों में फिर से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गई।

इसी दौरान नृपेंद्र और रोहन ने दिशांत सिंह राणा पर गोली चला दी। घायल दिशांत को उसके साथियों ने तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने शहर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

नहीं रहे अंग्रेजों के जमाने के अमर जेलर असरानी: 84 वर्ष की उम्र में निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

Asrani, the immortal jailer of the British era, is no more Died at the age of 84, Bollywood mourns.

मुंबई। दिवाली के पावन पर्व पर बॉलीवुड को एक करारा झटका लगा। दिग्गज अभिनेता गोवर्धन असरानी, जिन्हें दुनिया ‘असरानी’ के नाम से जानती है, का सोमवार को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले पांच दिनों से मुंबई के आरोग्य निधि अस्पताल में फेफड़ों की समस्या से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री और लाखों प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है। सुबह ही इंस्टाग्राम पर दिवाली की शुभकामनाएं साझा करने वाले असरानी का यूं चले जाना एक दुखद संयोग है।

असरानी का निधन लंबी बीमारी के बाद हुआ। उनके मैनेजर बाबुभाई थीबा ने बताया कि वे 15 अक्टूबर से अस्पताल में भर्ती थे, जहां फेफड़ों से जुड़ी जटिलताओं ने उनकी हालत बिगाड़ दी। परिवार ने निधन की आधिकारिक पुष्टि की, लेकिन उन्होंने किसी औपचारिक घोषणा से परहेज किया था। असरानी ने खुद अपनी पत्नी मनजू असरानी को निर्देश दिया था कि उनके निधन की खबर को ज्यादा प्रचार न दिया जाए। शाम को उनका अंतिम संस्कार मुंबई के सांतक्रूज़ क्रीमेटोरियम में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।

जन्म 1 जनवरी 1941 को गुजरात के जयपुर में एक साधारण परिवार में हुआ गोवर्धन असरानी ने सिनेमा जगत में अपनी अनूठी हास्य शैली से एक अलग मुकाम हासिल किया। 1960 के दशक में फिल्मों में प्रवेश करने वाले असरानी ने 350 से अधिक हिंदी फिल्मों में काम किया। उनका जन्म नाम गोवर्धन था, लेकिन ‘असरानी’ उपनाम ने उन्हें अमर बना दिया।

1975 में रिलीज हुई रमेश सिप्पी की महाकृति ‘शोले’ में असरानी का अंग्रेजों के जमाने का जेलर का किरदार आज भी लोगों की जुबान पर है। ‘अरे ओ सांबा, कितने आदमी थे?’ जैसे डायलॉग्स ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। इस भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी दिलाया। इसके अलावा, ‘चुपके-चुपके’, ‘छोटी सी बात’, ‘रफू चक्कर’, ‘मेरे अपने’, ‘कोशिश’, ‘बावर्ची’, ‘परिचय’, ‘अभिमान’ जैसी क्लासिक फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ भावुक भी किया। 2000 के दशक में ‘हेरा फेरी’, ‘भूल भुलैया’, ‘धमाल’, ‘बंटी और बबली 2’, ‘वेलकम’, ‘ऑल द बेस्ट’ और ‘आर… राजकुमार’ जैसी कॉमेडी फिल्मों में वे युवा पीढ़ी के चहेते बने रहे।

असरानी ने राजेश खन्ना के साथ 25 से अधिक फिल्मों में सहयोग किया और हास्य अभिनेता के रूप में दो फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन पुरस्कार जीते। उनका अभिनय इतना सहज था कि वे कभी लीड रोल में, कभी सपोर्टिंग में, तो कभी कैरेक्टर आर्टिस्ट के रूप में चमके। बाद के वर्षों में वे टीवी शो और थिएटर से भी जुड़े रहे, जहां उनकी टाइमिंग ने नई प्रतिभाओं को प्रेरित किया।

असरानी के निधन पर बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, “असरानी जी का निधन हिंदी सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी हास्य प्रतिभा ने लाखों दिलों को छुआ। श्रद्धांजलि।” अभिनेता अक्षय कुमार ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “शोले के जेलर अब हमेशा के लिए आजाद हो गए। आपकी यादें हमें हंसाती रहेंगी। ओम शांति।” अनुपम खेर ने कहा, “असरानी सर, आपकी टाइमिंग बेजोड़ थी। इंडस्ट्री ने एक युग खो दिया।”

सोशल मीडिया पर #Asrani ट्रेंड कर रहा है। प्रशंसक नम आंखों से उनके डायलॉग्स शेयर कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “दिवाली पर पटाखों की जगह दिल टूटने की आवाज गूंजी। अलविदा असरानी जी।” टीवी स्टार कपिल शर्मा ने शो के दौरान विशेष श्रद्धांजलि दी।

असरानी अपनी पत्नी मनजू असरानी (जो खुद अभिनेत्री हैं) और दो बेटियों के साथ मुंबई में रहते थे। उनका परिवार ने गोपनीयता की अपील की है। हिंदी सिनेमा ने आज एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिनकी हंसी सदियों तक गूंजती रहेगी।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ रुपये का योगदान दिया

THDC India Limited contributes Rs 1 crore to the Chief Minister's Relief Fund, Uttarakhand
THDC India Limited contributes Rs 1 crore to the Chief Minister's Relief Fund, Uttarakhand

ऋषिकेश| उत्तराखंड राज्य के कल्याण और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ रुपये का योगदान दिया। उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री आर. के. विश्नोई ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के योगदान का ड्राफ्ट भेंट किया। इस अवसर पर टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के निदेशक (वित्त), श्री सिपन कुमार गर्ग भी उपस्थित थे।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर. के. विश्नोई ने उत्तराखंड की प्रगति और कल्याण हेतु निगम की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड न केवल विकासात्मक पहलों के माध्यम से, बल्कि सतत मानवीय और सामाजिक पहलों के माध्यम से भी राज्य एवं उसके लोगों के प्रति अपने समर्थन में दृढ़ है।

यह योगदान टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के कर्मचारियों की सामूहिक भावना को दर्शाता है। जिन्होंने इस नेक कार्य के लिए अपना एक दिन का वेतन देकर आवश्यकता के समय अपना योगदान दिया है ।

बद्री गाय के गोबर से महिलाओं ने बनाए आकर्षक दीये

Women made attractive diyas from cow dung.
Women made attractive diyas from cow dung.

-स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गोबर व जड़ी-बूटियों से बना रहीं पर्यावरण मित्र दीपक व धूप
-अब तक तीन हजार से अधिक पर्यावरण हितैषी दीपक किए तैयार

रुद्रप्रयाग। दीपावली का पर्व नजदीक आते ही चारों ओर उल्लास, प्रकाश और उत्साह का वातावरण है। इसी क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग की महिलाएं अपनी मेहनत और रचनात्मकता से इस पर्व को विशेष बना रही हैं। ब्लॉक जखोली के अंतर्गत जय रुद्रनाथ स्वायत सहकारिता समिति जवाड़ी से जुड़ी हिमाद्री महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बद्री गाय के गोबर से आकर्षक दीपक एवं जड़ी-बूटियों से बनी धूप का निर्माण कर रही हैं।
समूह की अध्यक्ष गुड्डी देवी ने बताया कि उन्होंने अब तक तीन हजार से अधिक पर्यावरण हितैषी दीपक तैयार किए हैं, जिनकी बाज़ार में अच्छी मांग देखी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मुनि की रेती में आयोजित सरस आजीविका मेला 2025 में 500 से अधिक दीपक विक्रय किए गए हैं। इस पहल से न केवल घरों को स्वदेशी रोशनी से सजाने का अवसर मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आजीविका के नए द्वार भी खुल रहे हैं। इन महिलाओं की ओर से निर्मित गोबर आधारित दीये न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण हैं, बल्कि स्थानीय संसाधनों के उपयोग से आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त कदम भी हैं। इस पहल से महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना का विस्तार हो रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग राजेंद्र सिंह रावत ने समूह की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित स्वदेशी दीपक आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। इस प्रकार के नवाचार न केवल आर्थिक मजबूती प्रदान करते हैं बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहित करते हैं। प्रशासन द्वारा ऐसे प्रयासों को आगे भी पूरा सहयोग दिया जाएगा।
इस तरह रुद्रप्रयाग की ग्रामीण महिलाएँ दीपावली पर न केवल अपने घरों को बल्कि अपने परिश्रम और नवाचार से आत्मनिर्भरता की ज्योति से पूरे जनपद को जगमगा रही हैं।

राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज की दी शुभकामनाएं

The Governor wished the people of the state on the occasion of Diwali, Govardhan Puja and Bhaiya Dooj.
The Governor wished the people of the state on the occasion of Diwali, Govardhan Puja and Bhaiya Dooj.

देहरादून।  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने दीपों के पर्व दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने कहा कि दीपावली का यह पावन पर्व अंधकार से प्रकाश और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है। उन्होंने कामना की है कि दीपों की यह पावन ज्योति सभी के जीवन को ज्ञान, आनंद और समृद्धि से आलोकित करे।
गोवर्धन पूजा के अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण की करुणा, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हम प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों को समझें और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें। भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता के पर्व भैया दूज के अवसर पर राज्यपाल ने बधाई देते हुए कहा कि ऐसे त्योहार हमारे सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाते हैं और एकता व प्रेम का संदेश देते हैं।
राज्यपाल ने सभी प्रदेशवासियों के सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की मंगल कामना करते हुए कहा कि इन त्योहारों की उज्ज्वलता सबके जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करे।

अलविदा विरासत : महोत्सव के समापन पर कई हुए भावुक….. तो कई की नम हुई आंखें…..

Goodbye Heritage Many became emotional at the end of the festival... and many had moist eyes...

आकर्षक का केंद्र बनते चले आ रहे “विरासत के तीन दशक का” शानदार और शाही” सफ़र हुआ पूरा

आज समापन के दिन विख्यात कथक नृत्यांगना नयनिका घोष के नृत्य राग एवं प्रसिद्ध गायक, नेता, अभिनेता एवं सांसद मनोज तिवारी के गीतों से झूम उठे विरासत के हज़ारों मेहमान

रीच संस्था के इस आयोजन में बहुत सारी अमूल्य धरोहरों का खजाना हो चुका है समायोजित

देहरादून-18 अक्टूबर 2025 – भारतीय शास्त्रीय संगीत की कई विश्व विख्यात नामी और शाही कलाकारों की अद्भुत एवं शानदार प्रस्तुतियों से 15 दिन का विरासत महोत्सव का सफ़र यादगार लम्हों में कैद हो गया है I प्रत्येक वर्ष निरंतर यहां ओएनजीसी के डॉ.अंबेडकर स्टेडियम में रीच संस्था द्वारा आयोजित किए जाने वाले विरासत महोत्सव के आज तीन दशक का समय शानदार एवं शाही अंदाज में पूर्ण हो चुका है। इस वर्ष भी देश-विदेश की नामी एवं शाही भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में अपना और भारत का नाम ऊंचा रखने वाली कलाकार हस्तियों ने अपनी भव्य एवं आकर्षक प्रस्तुतियां देकर विरासत में चार-चांद लगाने का काम किया I इस वर्ष के महोत्सव के अंतिम दिन मुख्य बात यह रही कि विरासत महोत्सव के इस अलविदा सेरेमनी पर जहां कई की आंखें नम हुई, तो वहीं कई मेहमान शाही विरासत के अलविदा होने पर भावुक होते हुए भी नजर आए I विरासत महोत्सव में आज शनिवार को जहां धनतेरस की महफिल विरासत के मेहमानों से गुलजार रही तो वही दीपावली के लिए जमकर खरीदारी भी की गई I

शनिवार को अंतिम दिन विरासत महोत्सव पूरी तरह से गुल-गुलजार हुआ दिखाई दिया I इस शाही महफिल में क्लोजिंग सेरेमनी अवसर पर जहां मशहूर कथक नृत्यांगना नयनिका घोष ने अपने कथक रागों के नृत्य से विरासत की महफिल को सजा डाला, वहीं मशहूर गायक और सांसद मनोज तिवारी के गीतों से विरासत के हजारों मेहमान झूम उठे और उन्होंने पूरा जश्न विरासत महोत्सव के अंतिम दिन यहां रहकर मनाया I कथक नृत्यांगना, शिक्षिका और कोरियोग्राफर नयनिका घोष जो अपनी विशिष्ट शैली और भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रति गहरे जुनून के लिए जानी जाती हैं, उन्होंने पाँच वर्ष की आयु में श्रीमती रानी कर्ण, पंडित विजय शंकर और पंडित चित्रेश दास जैसे प्रख्यात गुरुओं के मार्गदर्शन में और बाद में महान पंडित बिरजू महाराज के मार्गदर्शन में कथक में अपनी यात्रा शुरू की। समकालीन, जैज़ और बैले शैलियों के उनके अन्वेषण में उनकी कलात्मक बहुमुखी प्रतिभा स्पष्ट है I शैक्षणिक रूप से नयनिका ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से साहित्य में और रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से नृत्य में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है, और वर्तमान में पीएचडी कर रही हैं। उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। एक कलाकार के रूप में उन्होंने भारत के कई प्रमुख समारोहों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनके नृत्य निर्देशन प्रयासों में पारंपरिक और समकालीन शैलियों का मिश्रण है। नयनिका घोष निनाद फाउंडेशन की संस्थापक-निदेशक हैं, जिसका उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत का पोषण और प्रचार करना है। इसके केंद्र कोलकाता और गुड़गांव में हैं I

विरासत महोत्सव की शाही शाम में आज अंतिम दिन मशहूर अभिनेता,भोजपुरी गायक, राजनीतिज्ञ और सांसद मनोज तिवारी के गीतों ने विरासत की महफ़िल सजा डाली I मनोज तिवारी मनोरंजन उद्योग और भारतीय राजनीति दोनों में एक लोकप्रिय व्यक्तित्व हैं, जिन्हें एक गायक, अभिनेता और राजनीतिज्ञ के रूप में उनके बहुमुखी योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने शुरुआत में अपने भोजपुरी संगीत के माध्यम से व्यापक पहचान हासिल की। संगीत में उनकी सफलता ने उनके अभिनय करियर का मार्ग प्रशस्त किया, जहाँ उन्होंने कई भोजपुरी फिल्मों में अभिनय किया और भोजपुरी फिल्म उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मनोरंजन के लिए एक स्वाभाविक स्वभाव के साथ तिवारी के प्रदर्शन ने दर्शकों के साथ गहराई से प्रतिध्वनित किया, जिससे भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में एक स्थायी प्रभाव पड़ा। विशेष रूप से उत्तरी भारत में जहाँ उनके गीत और फिल्में एक सांस्कृतिक घटना बन गईं। मनोरंजन से राजनीति में कदम रखते हुए मनोज तिवारी ने संसद सदस्य के रूप में भी काम किया है और वर्तमान में वे लोकसभा के संसद सदस्य भी हैं I

उत्तराखंड में पीएम योजना की तर्ज पर बनेगी स्कूलों के लिए योजना: मुख्य सचिव

Uttarakhand will have a plan for schools on the lines of the PM's scheme Chief Secretary
Uttarakhand will have a plan for schools on the lines of the PM's scheme Chief Secretary

देहरादून।  मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में पीएमश्री और लखपति दीदी योजना की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड में भी पीएमश्री योजना की तर्ज पर स्कूलों के आधुनिकीकरण के लिए योजना संचालित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पीएमश्री योजना के तहत् स्कूलों को 5 वर्षों तक 40 – 40 लाख की धनराशि (कुल 2 करोड़ रुपए) उपलब्ध कराई जाती है, जिससे स्कूलों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय एवं खेल सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएमश्री योजना की तर्ज पर प्रदेश में भी योजना संचालित की जाए जिससे स्कूलों में बच्चों के पठन पाठन के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकें। इससे प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं एवं पुस्तकालय आदि से संतृप्त किए जाने में तेजी आएगी। उन्होंने क्लस्टर विद्यालयों से इसकी शुरूआत किए जाने की बात कही।
स्वयं सहायता समूहों के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम किए जाएं संचालित
मुख्य सचिव ने लखपति दीदी योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के और अधिक कारगर बनाए जाने एवं स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों में तकनीक के अधिकतम उपयोग से गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार क्षमता विकास कार्यक्रम संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं। लखपति दीदी योजना की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय संचालन समिति और राज्य स्तरीय निगरानी समिति का गठन शीघ्र कर इनकी निरन्तर बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, रिटेल चेन आदि पर अधिक से अधिक फोकस किया जाए। उन्होंने उत्पादों को हाऊस ऑॅफ हिमालयाज में भी शामिल किए जाने की बात कही।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, मेहरबान सिंह बिष्ट एवं सुश्री झरना कामठान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

द पेसल वीड स्कूल देहरादून ने उत्साहपूर्वक मनाया 34वाँ स्थापना दिवस

The Pesal Weed School Dehradun celebrated its 34th Foundation Day with great enthusiasm.
The Pesal Weed School Dehradun celebrated its 34th Foundation Day with great enthusiasm.

“जब हम अपना स्थापना दिवस मनाते हैं, तो हम अपनी जड़ों को याद करते है, अपनी उपलब्धियों को स्वीकार करते हैं और एक उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होते हैं।”

17 अक्टूबर 2025 द पेसल वीड स्कूल में 34वां स्थापना दिवस समारोह को अति उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर चार प्रतिष्ठित संस्थानों चिल्ड्रन एकेडमी, के०सी० पब्लिक स्कूल, पेसल वीड कॉलेज ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और द पेसल वीड स्कूल के गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों, छात्रों एवं शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का प्रारम्भ प्रातः 10:45 पर आकर्षक वार्षिक प्रदर्शनी के आयोजन के साथ किया गया। जिसके मुख्य अतिथि प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी कुलपति उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय एवं सम्मानित अतिथि ब्रिग्रेडियर आर.एस. थापा डिप्टी जीओ.सी. देहरादून थे। जिन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया साथ ही छात्रों के माता-पिता ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी अत्यधिक सुन्दर ढंग से आयोजित की गयी थी जिसमें स्कूल के प्रारम्भ से अब तक के कार्यकाल को चित्रों के माध्यम से बड़े ही रोचक ढ़ग से प्रस्तुत किया गया था। इसके अतिरिक्त छात्रों द्वारा बनाये गये इसरो का सम्पूर्ण इतिहास और चन्द्रयान-2, मॉडल को विशेष सराहा गया तथा कॉलेज के छात्रों द्वारा अतिज्ञानवर्धक एक नुक्कड नाटक कूड़ा प्रबन्धन विषय पर प्रस्तुत किया गया। जिसमें यह संदेश दिया गया कि हमें अपने पर्यावरण का संरक्षण करने के लिए विभिन्न अपशिष्ट पदार्थों जैसे पालिथीन, गढढों में पानी भरना एवं घर के अतिरिक्त आस-पड़ोस की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखकर हम विभिन्न प्रकार के रोगों से बचकर स्वस्थ्य जीवनयापन कर सकते हैं। इसके पश्चात् शिक्षक अभिभावक मीटिंग का आयोजन किया गया था।

इस अवसर पर अपराहन 1:50 से एथलेटिक मीट का भव्य आयोजन किया गया था व कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों को प्रधान अध्यापकों द्वारा शॉल पहनाकर व विद्यार्थियों द्वारा हरियाली का प्रतीक पौधे देकर अभिनन्दन किया गया, तत्पश्चात् एथलेटिक मीट के माध्यम से विद्यार्थियों के मध्य मित्रता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हुए उनकी खेल कुशलता को प्रदर्शित किया गया था। जिसमें मुख्य अतिथि प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी कुलपति उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय एवं सम्मानित अतिथि बिग्रेडियर आर.एस. थापा डिप्टी जी.ओ.सी. देहरादून, डॉ. प्रेम कश्यप अध्यक्ष, द पेसल वीड स्कूल, श्रीमती किरण कश्यप, अध्यक्ष चिल्ड्रेनस अकादमी, मेजर जनरल शम्मी सबरवाल, अध्यक्ष प्रबंधन समिति, द पेसल वीड स्कूल के पूर्व जीओसी, उप क्षेत्र उत्तराखण्ड, श्री विनोद शर्मा रिटायर्ड आई०एस०एस०, श्री आकाश कश्यप निदेशक, द पेसल वीड स्कूल, श्रीमती राशी कश्यप निदेशक, द पेसल वीड स्कूल, डॉ० विधुकेष विमल प्रधानाचार्य द पेसल वीड स्कूल, इस आयोजन की शोभा बढ़ाने के लिए उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम की शुरूआत मेजर जनरल शम्मी सबरवाल द्वारा मशाल प्रज्वल्लित कर की गयी जिसके पश्चात् जूनियर कक्षा के छात्र छात्राओं द्वारा मनोरंजक व मनमोहक प्रस्तुति आकर्षण का केन्द्र रही।

हमारे प्रतिभाशाली सीनियर छात्र एवं छात्राओं द्वारा एरोबिक नृत्य, श्री कृष्ण लीला की आकर्षक प्रस्तुति दी जिससे माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, एथलेटिक प्रतियोगिताओं में कई तरह की खेल प्रतियोगितायें शामिल थे जैसे 50 मीटर 100 मीटर 200 मीटर की रिले रेस तथा लंबी कूद, जिमनास्टिक फ्लोर एक्सरसाइज, हाई हॉस आदि की उत्कृष्ठ प्रस्तुति दी गयी।

ताइक्वांडो के छात्र व छात्राओं द्वारा जिस प्रकार से लकड़ी व मार्बल तोड़ने व आग लगी हुई मार्बल को तोड़ने की कला की हैरतअंगेज प्रस्तुति दी गयी जिसे देखकर दशकों ने दातों तले अंगुली दबा ली।

इसके पश्चात् चारों प्रतिष्ठित संस्थानों चिल्ड्रन एकेडमी, के०सी० पब्लिक स्कूल, पेसल वीड कॉलेज ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और द पेसल वीड स्कूल के छात्र छात्रों द्वारा मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया गया जिसकी विशिष्ट अतिथि व मुख्य अतिथि द्वारा अत्यधिक सराहना की गयी।

अपने प्रेरणादायी संदेश में. प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी जी द्वारा छात्रों के सांस्कृतिक, खेल व एथलेटिक प्रस्तुतियों की प्रशंसा की गयी और साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व केवल अकादमिक सफलता तक सीमित नहीं है यह छात्रों का सर्वागीण व्यक्तित्व का विकास करती है। सच्ची शिक्षा वह है जो चरित्र का निर्माण करती है।

After achieving success in Punjabi entertainment and television, Isha Sharma is set to make her debut in the South Indian film industry.

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