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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय खटीमा में आयोजित हुआ मुख्य सेवक युवा संवाद कार्यक्रम

There was a deliberate conspiracy to create unrest and disturbance in Doon Dhami

– राज्य में 1100 से अधिक स्टार्टप्स को मान्यता देते हुए अत्याधुनिक 15 इंक्यूबेटर स्थापित किए गए
– उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए युवा- सीएम
देहरादून)।  युवा संकल्प लेकर लक्ष्य निर्धारित कर  आगे बढ़े व कैरियर बनाते हुए उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा कैम्प कार्यालय में आयोजित मुख्य सेवक युवा संवाद कार्यक्रम में कही।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को सम्बोधित करते   कहा कि जब युवा ऊर्जा, उम्मीद और सकारात्मक सोच से भरे हों, तो माहौल अपने आप उत्साह से भर जाता है।  मेरे  अनुभव ने मुझे बताया है कि “जिस देश के युवा ठान लें वे अपने देश को शिखर पर ले जाना चाहते हैं, तो उस देश को आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि आज भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि हमारे युवा सजग और जागरूक है। आज दुनिया भारत को आशा और विश्वास की दृष्टि से देखती है, क्योंकि भारत का जन भी युवा है और भारत का मन भी युवा है। भारत अपने सामर्थ्य से युवा है। भारत अपने सपनों और चिंतन से युवा है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा आधुनिकता को अपनाया है और परिवर्तन को स्वीकार किया है और यही वजह है कि आज भारत से आने वाली आवाज़ “दुनिया की दिशा तय कर रही है।”  उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि कई बच्चों के घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, संसाधन सीमित होते हैं, लेकिन इच्छाशक्ति होने पर पर्वत भी रास्ता दे देते हैं।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आज उत्तराखंड के हजारों युवा सेना और डिफेंस सेवाओं में, सरकारी और प्राइवेट नौकरियों में, स्टार्टअप्स और नए व्यवसायों में, बेहतरीन काम कर रहे हैं। आज यहां मौजूद वे युवा जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं या अन्य स्वरोजगार के कार्य प्रारंभ किए हैं, ये इसका स्पष्ट प्रमाण हैं। ये भी आपकी ही तरह ही संघर्ष और मेहनत करके यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने के साथ ही आदरणीय मोदी जी भारत को आगामी 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के मिशन पर कार्य कर रहे हैं। परंतु भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अभी भी बहुत कुछ करना है और इस ध्येय को पूर्ण करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि कोई भी राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक वहां की युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित ना हो। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इंजन को चालू करने के लिए ईंधन की आवश्यकता होती है, उसी तरह राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित करने हेतु युवाशक्ति की ताकत, उनकी इनोवेटिव सोच और प्रतिभा की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि आज भारत एक युवा देश के रूप में जाना जाता है और अगर देश के युवा सही दिशा में कार्य करेंगे तो निश्चित ही हमारा देश पुनः विश्व गुरु के पद पर अवश्य आसीन होगा। उन्होंने कहा कि आज आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में भारत के युवाओं में अपने देश को आगे ले जाने की भावना विकसित हो चुकी है। आज हमारा युवा अपने देश के प्रति जिम्मेदार और कर्तव्यपरायण बन रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि ये “युवा संवाद” भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तराखंड स्टार्टअप नीति आने के बाद से राज्य में स्टार्टअप कल्चर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड के स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता देने के साथ ही उन्हें पूरा माहौल मुहैया करवा रहे हैं। हमने राज्य में 1100 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता देते हुए अत्याधुनिक 15 इनक्यूबेटर स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, आईटी, एआई, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और कल्याण जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड के स्टार्टअप्स ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारे युवाओं में पर्याप्त सामर्थ्य और ऊर्जा है, उनका सही मार्गदर्शन ही हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। उन्होंने सभी प्रतिभावान युवाओं से आज युवा संवाद के इस अवसर पर अपील करना करते हुए कहा कि आप चाहे जिस भी क्षेत्र में कार्य करें, आप सदैव यह ध्यान रखें कि आपके प्रत्येक कार्य से आपकी निजी प्रगति होने के साथ ही प्रदेश और देश के विकास में भी अवश्य सहायता मिले। आप लोग उम्र के जिस पड़ाव में हैं, वो आपके करियर का बहुत महत्वपूर्ण समय है। इस समय आप जो भी कार्य करने की ठान लेंगे वो कार्य निश्चित ही पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी युवाओं से यह कहना चाहता हूं कि आप लोग नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि मेरे युवा साथियों, मैं, आप सभी को ये विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि हमारी सरकार आपके समग्र विकास और उन्नति के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, क्योंकि हमें अपने युवाओं और उनकी अद्वितीय प्रतिभा पर पूरा भरोसा है। श्री धामी ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी युवा साथी प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपना योगदान इसी प्रकार देते रहेंगे तथा देवभूमि उत्तराखंड को देश का “सर्वश्रेष्ठ राज्य” बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने के लक्ष्य में हमारे भागीदार बनेंगे। उन्होंने सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में निकिता उपाध्याय, कविता गोस्वामी, खुशी जोशी, चारु बोरा, पूर्वा गोस्वामी,हर्षिता राणा, गुलनाज, सुरजीत सिंह, रोहित जोशी आदि युवाओं ने अपनी बात रखी।
इस अवसर पर  जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, एसएसपी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, युवा आदि मौजूद थे।

उत्तराखंड बीजेपी ने जारी की प्रवक्ताओं की लिस्ट, दो वरिष्ठ विधायकों को भी दी जिम्मेदारी  

Uttarakhand BJP releases list of spokespersons, two senior MLAs also given responsibility
Uttarakhand BJP releases list of spokespersons, two senior MLAs also given responsibility

देहरादून। उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी एक मजबूत टीम तैयार करने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में पहले प्रदेश कार्यकारिणी और जिलों की कार्यकारिणी का गठन किया गया तो वहीं आज प्रदेश स्तर पर प्रवक्ताओं की एक लंबी चौड़ी सूची जारी की गई है। उत्तराखंड भाजपा द्वारा जारी की गई सूची में देहरादून महानगर से पांच प्रवक्ता तो वहीं देहरादून ग्रामीण, पिथौरागढ़, काशीपुर और नैनीताल से एक-एक प्रदेश प्रवक्ता पार्टी द्वारा नियुक्त किया गया है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी की गई प्रवक्ताओं की इस सूची में सबसे पहले देहरादून महानगर से विधायक खजनदास और विधायक विनोद चमोली जो की पार्टी के वरिष्ठ नेता है, इन्हें प्रदेश प्रवक्ता के तौर पर नियुक्त किया गया है।  वहीं पिथौरागढ़ से मथुरा जोशी जो की हाल ही में कांग्रेस से छोड़कर भाजपा में आए थे और एक वरिष्ठ राजनीतिक व्यक्तित्व के रूप में उत्तराखंड में जाने जाते हैं, उन्हें भी प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा देहरादून महानगर से खजनदास और विनोद चमोली के अलावा हनी पाठक, कुंवर जपेंद्र सिंह और कमलेश रमन को भी प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है।इसके साथ ही देहरादून ग्रामीण से भारतीय जनता पार्टी में युवा चेहरा के रूप में जाने जाने वाले नवीन ठाकुर को प्रवक्ताओं की लिस्ट में शामिल किया गया है। वही काशीपुर से गुरविंदर सिंह और नैनीताल से विकास भगत को प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि पार्टी द्वारा काफी मंथन के बाद प्रदेश प्रवक्ताओं की सूची को जारी की हैं। उन्होंने बताया कि इन प्रवक्ताओं की जिम्मेदारी प्रदेश में बड़े राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी के पक्ष को मीडिया के सामने रखना होता है। इसके अलावा कई बार ऐसी परिस्थितियों आती है और प्रदेश में कई ऐसे ज्वलंत मुद्दे सामने आते हैं, जिन पर कोई वरिष्ठ और अनुभवी व्यक्ति पार्टी का पक्ष जनता और मीडिया के सामने रखें। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने अपने दो वरिष्ठ विधायकों को जिन में पूर्व में मंत्री रह चुके और पार्टी में बेहद वरिष्ठ नेता खजनदास तो वही राजनीतिक मुद्दों पर अपनी महत्वपूर्ण समझ रखने वाले विधायक विनोद चमोली को जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में आए मथुरा दत्त जोशी भी काफी वरिष्ठ नेता है। मथुरा दत्त जोशी हर विषय पर अपनी बात को बेहद तथ्यों और सटीकता से रखने वाले व्यक्ति है। पार्टी का कहना है कि अब प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर आगे बड़ी चुनौती है। ऐसे में पार्टी के प्रवक्ता ही पार्टी के मुख्य चेहरे होते हैं और यह चेहरे बेहद गंभीर और अनुभवी होनी चाहिए। इसीलिए प्रवक्ताओं की लिस्ट में पार्टी के बड़े नेताओं का नाम आगे रखा गया है।

शीतकालीन पूजा स्थलों पर श्रृद्धालुओं के लिए रहेगा विशेष प्रबंध: महाराज

Special arrangements will be made for devotees at winter worship places Maharaj
Special arrangements will be made for devotees at winter worship places Maharaj

अब तक चारधाम यात्रा पर 50 लाख के लगभग श्रृद्धालु आ चुके हैं

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि गंगोत्री धाम के पश्चात भैया दूज को यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद होने के साथ ही अब चारधाम यात्रा अपने समापन की ओर है। 25 नवम्बर 2025 को श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतलकाल के लिए बंद कर दिये जायेंगे। लेकिन धामों के कपाट बंद होने के पश्चात परम्परागत रूप से शीतकालीन पूजा स्थलों पर श्रृद्धालु के लिए पूजा-अर्चना और दर्शनों के सरकार द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम के शीतकालीन पूजा स्थलों के अन्तर्गत भगवान केदारनाथ की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ, श्री बद्रीनाथ जी की पूजा पांडुकेश्वर (योगध्यान बद्री मंदिर), गंगोत्री स्थित मां गंगा की पूजा मुखबा में और यमुनोत्री स्थित मां यमनोत्री की पूजा-अर्चना खरसाली में होगी। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण, चार धामों के देवता इन दिव्य स्थानों पर विराजमान रहते हैं। इसलिए शीतकाल के दौरान श्रद्धालु इन स्थानों पर आकर सुगमता से पूजा अर्चना कर सकते हैं।

श्री महाराज ने कहा कि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा संपन्नता की ओर है। सरकार के सुनियोजित प्रयासों से यह यात्रा सफल और सुचारू रूप से संपन्न हुई हो रही है। इसके लिए मैं तीर्थयात्रियों, तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और विशेष रूप से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता हूं जिनके अथक प्रयासों से मानसून सीजन में आये विभिन्न अवरोधों के बावजूद भी चारधाम यात्रा में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड का रुख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा को भी बढ़ावा देने के लिए हम सभी को प्रेरित किया है। इसलिए सरकार ने शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए होटलों में 50% तक की छूट देने का भी निर्णय लिया है।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चारधाम की यात्रा कर पूज्य लाभ अर्जित किया है। चार धाम यात्रा में 2025 में अब तक लगभग 50 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। इस संख्या में केदारनाथ में 17 लाख से अधिक, बदरीनाथ में 15 लाख से अधिक, गंगोत्री में 7.5 लाख से अधिक और यमुनोत्री में 6.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

शीतकालीन पूजा स्थलों पर श्रृद्धालुओं के लिए रहेगा विशेष प्रबंध: महाराज

अब तक चारधाम यात्रा पर 50 लाख के लगभग श्रृद्धालु आ चुके हैं

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि गंगोत्री धाम के पश्चात भैया दूज को यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद होने के साथ ही अब चारधाम यात्रा अपने समापन की ओर है। 25 नवम्बर 2025 को श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतलकाल के लिए बंद कर दिये जायेंगे। लेकिन धामों के कपाट बंद होने के पश्चात परम्परागत रूप से शीतकालीन पूजा स्थलों पर श्रृद्धालु के लिए पूजा-अर्चना और दर्शनों के सरकार द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम के शीतकालीन पूजा स्थलों के अन्तर्गत भगवान केदारनाथ की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ, श्री बद्रीनाथ जी की पूजा पांडुकेश्वर (योगध्यान बद्री मंदिर), गंगोत्री स्थित मां गंगा की पूजा मुखबा में और यमुनोत्री स्थित मां यमनोत्री की पूजा-अर्चना खरसाली में होगी। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण, चार धामों के देवता इन दिव्य स्थानों पर विराजमान रहते हैं। इसलिए शीतकाल के दौरान श्रद्धालु इन स्थानों पर आकर सुगमता से पूजा अर्चना कर सकते हैं।

श्री महाराज ने कहा कि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा संपन्नता की ओर है। सरकार के सुनियोजित प्रयासों से यह यात्रा सफल और सुचारू रूप से संपन्न हुई हो रही है। इसके लिए मैं तीर्थयात्रियों, तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और विशेष रूप से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता हूं जिनके अथक प्रयासों से मानसून सीजन में आये विभिन्न अवरोधों के बावजूद भी चारधाम यात्रा में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड का रुख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा को भी बढ़ावा देने के लिए हम सभी को प्रेरित किया है। इसलिए सरकार ने शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए होटलों में 50% तक की छूट देने का भी निर्णय लिया है।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चारधाम की यात्रा कर पूज्य लाभ अर्जित किया है। चार धाम यात्रा में 2025 में अब तक लगभग 50 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। इस संख्या में केदारनाथ में 17 लाख से अधिक, बदरीनाथ में 15 लाख से अधिक, गंगोत्री में 7.5 लाख से अधिक और यमुनोत्री में 6.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

31 दिसंबर तक सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगी शत-प्रतिशत बूथ कमेटियां: धस्माना

100% booth committees to be formed in all 70 assembly constituencies by December 31 Dhasmana
100% booth committees to be formed in all 70 assembly constituencies by December 31 Dhasmana

*15 नवंबर तक तैनात होंगे बूथ लेवल एजेंट, संगठन सृजन कार्यक्रम को गति*

देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड कांग्रेस ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा रोडमैप तैयार कर लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के नेतृत्व में संगठन सृजन कार्यक्रम को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने बुधवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रदेश के सभी 27 संगठनात्मक जिलों के पुनर्गठन की घोषणा होते ही नए जिला अध्यक्षों को अपने जिले की ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को सक्रिय करने और निष्क्रिय इकाइयों को पुनर्गठित करने का दायित्व सौंपा जाएगा।

धस्माना ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस ने *15 नवंबर तक सभी बूथों पर बूथ लेवल एजेंट (BLA)* नियुक्त करने और *31 दिसंबर तक राज्य की सभी 70 विधानसभाओं में शत-प्रतिशत बूथ कमेटियां गठित करने* का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि नए वर्ष 2026 में बूथ, ब्लॉक और जिला स्तरों पर सम्मेलन एवं प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

धस्माना ने बताया कि इन कार्यक्रमों में पार्टी के सभी फ्रंटल संगठन, प्रकोष्ठ और विभाग सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व पूरे अभियान की समीक्षा करेगा और इसके लिए राष्ट्रीय स्तर से जिला प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर तक सशक्त बनाना ही आने वाले चुनावों में विजय का आधार बनेगा।”

इस दीवाली न्यूगो के साथ लें इको-फ्रेंडली, शोररहित और सुरक्षित सफर का आनंद

This Diwali, enjoy eco-friendly, noise-free and safe travel with NuGo
This Diwali, enjoy eco-friendly, noise-free and safe travel with NuGo

देहरादून – 22 अक्टूबर 2025: ग्रीनसेल मोबिलिटी की प्रमुख इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा न्यूगो इस दीवाली यात्रियों को दे रही है एक शांत, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा का अनुभव। रोशनी और खुशियों के इस त्योहार में जब सड़कों पर बढ़ता ट्रैफिक और पटाखों का शोर परेशानी बन जाता है, ऐसे में न्यूगो एक ऐसा विकल्प लेकर आई है जो हर सफर को सुकून और ज़िम्मेदारी दोनों से जोड़ता है।
त्योहारों की यात्रा को और भी आनंददायक बनाने के लिए न्यूगो ने एक स्पेशल दीवाली ऑफर शुरू किया है। इसके तहत सभी यात्रियों को 10% का विशेष डिस्काउंट मिलेगा। ग्राहक न्यूगो की वेबसाइट या ऐप से टिकट बुक करते समय कोड – FESTIVE का इस्तेमाल करके इस ऑफर का लाभ उठा सकते हैं। इस ऑफर के साथ यात्री पहले से भी अधिक किफायती दरों पर इको-फ्रेंडली, शोररहित और सुरक्षित सफर का आनंद ले सकेंगे।
देशभर में न्यूगो की 300 से अधिक इलेक्ट्रिक एसी बसें हर दिन 120 से ज्यादा शहरों के बीच 600 से अधिक सफर तय कर रही हैं। इन निरंतर बढ़ती सेवाओं के साथ न्यूगो ने भारत में इंटरसिटी यात्रा का स्वरूप बदल दिया है। कंपनी का लक्ष्य हर सफर को न केवल आरामदायक और सुरक्षित बनाना है, बल्कि पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार भी बनाना है।
ग्रीनसेल मोबिलिटी के प्रबंध निदेशक और सीईओ श्री देवेंद्र चावला ने कहा, “दीवाली खुशियों, रोशनी और मिलन का त्योहार है। न्यूगो में हमारा प्रयास है कि आपकी यात्रा इन खुशियों को और यादगार बनाए। हमारी इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों को शोर-रहित, सुरक्षित और हरित सफर का अनुभव देती हैं। महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए हमने कई विशेष सुविधाएँ भी शामिल की हैं। अब हमारे दीवाली ऑफर के साथ जिम्मेदारी से यात्रा करना न केवल आसान, बल्कि और भी लाभदायक हो गया है।”
न्यूगो अपने यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और भरोसेमंद अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। यह देश का पहला ब्रांड है जिसने अपनी सभी इलेक्ट्रिक बसों में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम लगाया है। महिला सुरक्षा के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं – जैसे ‘पिंक सीट’ विकल्प, महिलाओं के लिए 24×7 हेल्पलाइन, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस लाइव ट्रैकिंग, ड्राइवर की ब्रीथ एनालाइज़र जांच और 80 किमी प्रति घंटे की स्पीड लिमिट। साथ ही, सभी बसों और मिड-पॉइंट्स को नियमित रूप से साफ-सुथरा रखा जाता है ताकि हर यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनी रहे।
इस दीवाली अपने सफर को बनाइए शोररहित, सुरक्षित और यादगार — न्यूगो के साथ कीजिए यात्रा जो खुशियों, जुड़ाव और पर्यावरण-जिम्मेदारी का खूबसूरत संगम है। और हाँ, सभी यात्रियों के लिए विशेष फेस्टिव ऑफर का लाभ उठाना न भूलें।

कपाट बंद होने का मतलब अगले चरण की तैयारी: महाराज

Closing of doors means preparation for the next phase Maharaj
Closing of doors means preparation for the next phase Maharaj

अब शीतकालीन पूजा स्थल पर होगी मां गंगा की पूजा-अर्चना

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि अन्नकूट और गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा की विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद गंगोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की पूजा-अर्चना अब शीतकालीन गद्दीस्थल मुखबा में होगी।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे शीतकालीन यात्रा के दौरान मुखबा, खरसाली, ऊखीमठ और जोशीमठ में मां गंगा, यमुना, भगवान केदार और बद्री विशाल के दर्शन करके पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने माँ गंगा से सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति और उन्नति की कामना की है। उन्होंने कहा कि कपाट बंद होना यात्रा के अगले चरण की तैयारी को दर्शाता है और उन्होंने माँ गंगा से प्रार्थना की कि उनका आशीर्वाद हम सब पर बना रहे।

श्री महाराज ने कहा कि गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद कार्तिक शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि 23 अक्टूबर गुरुवार को भाई दूज के पर्व पर मां यमुना के पावन मंदिर यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद हो जाएंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि है वह शीतकालीन यात्रा के दौरान मुखबा, खरसाली, ऊखीमठ और जोशीमठ में मां गंगा, यमुना, भगवान केदार और बद्री विशाल के दर्शन करके पुण्य लाभ अर्जित करें। पर्यटन मंत्री ने बताया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चारधाम की यात्रा कर पूज्य लाभ अर्जित किया है। अभी तक यमनोत्री धाम में 644366, गंगोत्री धाम में 757762, केदारनाथ धाम में 1745065 और बद्रीनाथ धाम में 1524942 यात्रियों सहित चारों धामों में कुल 4946576 यात्रियों ने चारधाम के दर्शन किए हैं। तीनों धामों के कपाट बंद होने तक यह आंकड़ा 50 लाख पार पहुंच जायेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस स्मृति दिवस परेड के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

Chief Minister Dhami participated in the program organized on the occasion of Police Memorial Day Parade

– राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के सुअवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त कार्मिकों को एक विशेष रजत जयंती पदक किया जाएगा प्रदान
–  आगामी 3 वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवासीय भवनों के निर्माण के लिए दिए जाएंगे प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपए
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के सुअवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त कार्मिकों को एक विशेष रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने, आगामी 3 वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवासीय भवनों के निर्माण हेतु प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपए की धनराशि दी जाने, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु पुलिस कल्याण निधि के अन्तर्गत वर्तमान में प्रावधानित ढाई करोड़ रुपए की धनराशि को पुनरीक्षित करते हुए आगामी एक वर्ष के लिए साढ़े चार करोड़ रुपए किए जाने एवं भवाली, नैनीताल, ढालमल्ला, काण्डा, बागेश्वर, नैनीडांडा, धुमाकोट, पौड़ी, घनसाली, टिहरी, सतपुली और पौड़ी में एसडीआरएफ के जवानों हेतु 5 बैरकों का निर्माण कराए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्यों के पुलिस बलों और अर्धसैनिक बलों के जवानों पर है। अपने इस उत्तरदायित्व को  निभाते हुए बीते एक वर्ष में, संपूर्ण भारत में 186 अर्धसैनिक बलों और पुलिस कर्मियों ने अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड पुलिस के 4 वीर सपूत भी शामिल हैं। सभी वीर बलिदानी हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की बुनियाद हैं, उनका बलिदान हम सभी के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, राज्य की पुलिस व्यवस्था को और भी अधिक सक्षम और संसाधन युक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार, पुलिस बल के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत  QRT का गठन किया गया है। सरकार ने विगत तीन वर्षों में पुलिस विभाग के भवनों के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की है। ये राशि पूर्व वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है। प्रशासनिक भवनों के साथ 688 आवासीय भवनों का निर्माण कार्य गतिमान है। शीघ्र ही हम 120 नए आवासों का निर्माण भी प्रारंभ करने जा रहे हैं। सरकार ने स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने के लिए जवानों के बैरक मैस और कार्यस्थलों के अपग्रेडेशन के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई है। सरकार ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए अब तक 5 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। सरकार स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत समस्त पुलिस कर्मियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस कर्मियों की पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध किया गया है। इस वर्ष 356 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी विभिन्न श्रेणियों में पदोन्नत किए गए हैं।  विभिन्न श्रेणी के 115 रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए भी कार्यवाही गतिमान है जिन्हें शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। इस वर्ष हमारे 215 कर्मियों को विशिष्ट कार्य एवं सेवा के लिए विभिन्न पदक एवं सम्मान चिन्हों से अलंकृत किया गया है।  राज्य सरकार पुलिसकर्मियों की कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में भी लगातार काम कर रही है। प्रशिक्षण संस्थानों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं। पीटीसी नरेंद्र नगर को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। AI और साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण के लिए पुलिस कर्मियों को देश के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस कर्मियों के वेतन, भत्ते, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, और अवकाश से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को  ऑनलाइन कर दिया गया है। सरकार ने आपदा राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एसडीआरएफ की एक नई कंपनी की भी स्वीकृति प्रदान की है, जिसके तहत 162 नए पदों का सृजन किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक सीधी भर्ती के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को वर्तमान में पीटीसी नरेंद्र नगर में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उप निरीक्षक के 222 पदों के साथ-साथ 2000 सिपाहियों की भर्ती भी प्रक्रियाधीन है।
मुख्यमंत्री ने कहा मृतक पुलिस कर्मियों के परिवारों को सहयोग और संबल प्रदान करने के लिए इस वर्ष मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत 136 आश्रित परिवारों को विभिन्न पदों पर नियुक्तियां प्रदान की हैं। राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए “उत्तराखण्ड खेल नीति” के तहत कुशल खिलाड़ियों के लिए पुलिस विभाग में विशेष कोटे के माध्यम से भर्तियों का प्रावधान भी किया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से आग्रह करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए समय – समय पर मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा वीर जवानों की वीरता और उनके समर्पण की याद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना की है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को हमारे जवानों की वीरता और साहस की गाथाओं से परिचित कराएगा। मुख्यमंत्री ने कहा हमारे पुलिस जवान हर परिस्थिति में अदम्य साहस का अभूतपूर्व परिचय देते हैं। उन्होंने कहा हमारा प्रदेश भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है ऐसे में राज्य की शांति और सुरक्षा बनाए रखने में हमारे पुलिसकर्मियों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष उत्तराखंड पुलिस ने कांवड़ यात्रा में लगभग 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और चारधाम यात्रा में करीब 50 लाख से अधिक भक्तों को सुरक्षित और सुगम यात्रा एवं दर्शन कराने में अद्वितीय योगदान दिया है। वी.आई.पी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के साथ ही राष्ट्रीय खेलों और राज्य में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने सराहनीय कार्य किया। उन्होंने कहा राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे का सामना भी हमारी पुलिस ने अदम्य साहस और तत्परता से किया। जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
मुख्यमंत्री ने कहा आधुनिक युग में अपराध का स्वरूप बदल रहा है, पुलिस की भूमिका और भी चुनौतीपूर्ण हो रही है। चोरी, डकैती, हत्या और महिला अपराधों के साथ नशा और साइबर अपराध जैसे नए खतरों का भी सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने पुलिस की एक त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक फोर्स का गठन किया है। इस फोर्स ने बीते तीन वर्षों में 6199 से अधिक नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की है, और लगभग 275 करोड़ रुपये से अधिक के नारकोटिक पदार्थ भी बरामद किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारे लिए साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन चुका है। ।प् के आने के बाद पुलिस को इस दिशा में और भी अधिक सजग रहना होगा क्योंकि साइबर अपराधों का स्वरूप अब दिन-प्रतिदिन बदल रहा है। उन्होंने कहा हमें साइबर अपराधियों से मुकाबला करने के लिए एक कदम आगे रहना होगा, और इसके लिए हमारी पुलिस को तकनीकी ज्ञान में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा पुलिस फोर्स ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि, पीड़ितों को लौटाकर उत्तराखंड पुलिस पर जनता के विश्वास को मजबूत किया है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, बृजभूषण गैरोला, सविता कपूर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

डीएम बंसल ने  की आपदाग्रस्त क्षेत्र सेरागांव सहस्त्रधारा में जिले के आला अधिकारियों के संग समीक्षा बैठक करते हुए संग ग्राउण्ंड जीरो पर समीक्षा की

DM Bansal held a review meeting with the top officials of the district in the disaster-hit area Seragaon Sahastradhara and reviewed the situation at ground zero.
DM Bansal held a review meeting with the top officials of the district in the disaster-hit area Seragaon Sahastradhara and reviewed the situation at ground zero.

देहरादून। मुख्यमंत्री के आपदाग्रस्त क्षेत्र में भ्रमण के क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज आपदाग्रस्त क्षेत्र सेरागांव सहस्त्रधारा में जिले के आला अधिकारियों के संग समीक्षा बैठक करते हुए संग ग्राउण्ंड जीरो पर समीक्षा की। आपदा में क्षतिग्रस्त हुई विभिन्न विभागों की परियोजनाओं  एवं सड़क आदि रेस्टोरेशन कार्य का फीडबैक लिया।  डीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही तलब करते हुए विभागवार पुनर्निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित स्थानीय निवासियों, क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से विस्तारपूर्वक निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी लेने के साथ ही क्षेत्रवासियों की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन कार्यों के आंगणन रह गए हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लेटलांग लोकेशन के साथ एक सप्ताह के भीतर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में राहत बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक सेरागांव में  की बैठक में आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त परियोजनाओं के पुनर्निर्माण कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। डीएम ने कार्लीगाड, मझेड़ा में बिजली, पानी, सड़क पुनर्निर्माण में तेजी लाने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं डीएम पुनर्निर्माण कार्यों की निरंतर स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे हैं। डीएम ने कहा कि मा0 सीएम  के राज्य हित, आपदा न्यूनीकरण जिला प्रशासन के लिए सर्वाेपरि है।  जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एक-एक प्रभावितों को राहत पंहुचाने तक विभागीय अधिकारी क्षेत्र में ही जमे रहेंगे तथा इसकी उनके द्वारा निरीक्षण के साथ ही निरंतर समीक्षा की जाएगी। जिलाधिकारी ने कार्लीगाड़, मजेड़ा के विस्थापन हेतु उच्चस्तरीय सर्वें कार्य वॉडिया संस्थान, आईआईटी रूड़की की विशेषज्ञ टीम से कराने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य में आपदा के संभावित बड़े कारण को सर्वेक्षण अनुमान निरीक्षण के पश्चात नदी, गाढ गदेरों के मलबा से लाखों टन मलबा के डीएम ने स्वीकृति आदेश दिए है। मलगा निस्तारण हेतु लॉट चिन्हित किए गए है जिसके लिए आज विज्ञप्ति प्रकाशित करवाते हुए मानसून पूर्व मलबा निस्तारित किया जाएगा।  प्रभावित परिवारों द्वारा मकान किराया बाजार दर पर दिए जाने की मांग पर जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्यवाही क निर्देश अपर जिलाधिकारी को दिए है। जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री द्वारा विगत दिवस आपदाग्रस्त क्षेत्र का भ्रमण दौरान युद्धस्तरपर जनजीवन सामान्य बनाने के निर्देश दिए गए है। जिसके लिए जिला प्रशासन पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध प्रत्येक कार्यों की उच्चस्तरीय मॉनिटिरिंग की जा रही है। इस दौरान डीएम ने  मौके पर पंचायत विभाग द्वारा निर्मित बाधित मोटर मार्ग सफाई कार्य मशीन द्वारा कराने हेतु लोनिवि को फंड स्वीकृत करने के साथ ही, पंचायत विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए आंतरिक पैदल रास्ते युद्धस्तर पर खोलने के निर्देश दिए जिसके लिए मौके पर ही फंड स्वीकृति की गई।
जिलाधिकारी ने कहा मुख्यमंत्री  आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण कार्यों की स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे है। मा0 मुख्यमंत्री द्वारा विगत दिवस आपदाग्रस्त क्षेत्र का मौका मुआवना करते हुए निर्देशित किया गया था कि प्रभावित क्षेत्रों में जन जीवन को सामान्य बनाने तथा नदी गाढ गदेरों से प्रभावी मलबा निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए लॉट निर्धारित कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए आपदाग्रस्त क्षेत्र में जीवन पूर्णतः सामान्य होने तक विभागों के अधिकारी क्षेत्र में ही प्रवास करेंगे।
जिलाधिकारी ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में नदियों में आए मलबे को हटाने के लिए वन, सिचंाई, राजस्व खनन की टीम बनाते हुए पैच बनाकर कार्य आंवटित करते हुए मानसून पूर्व मलबा हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया लगभग 500-600 मीटर पैच बनाकर यह कार्य किया जाएगा इसके लिए स्थान चिन्हित किए गए है। जिलाधिकारी ने दैवीय आपदा में जिन प्रभावितों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उनको बाजार दरों पर किराए के मकान हेतु धनराशि दिए जाने हेतु अधिकारियों को औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा 4 हजार प्रतिमाह किराया दिया जा रहा है जिसे प्रभावितों द्वारा बढाने की मांग की गई। इसके लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को तत्काल औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए बाजार दरों पर किराया राशि देने के निर्देश दिए। बताया गया कि मजाड़ा, कार्लीगाड, सहस्त्रधारा में ऐसे लगभग 5 ऐसे परिवार हैं जिनके मकान पूर्णतः अथवा बड़े स्तर पर क्षतिग्रस्त हुए हैं अभी रहने योग्य नही है।
पंचायत की क्षतिग्रस्त आंतरिक सड़क एवं रास्ते न खुलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए पंचायत के अधिकारियों को फटकार लगाई तथा लोनिवि को पंचायत की आंतरिक सड़के मशीन के माध्यम से खोलने हेतु फंड की मौके पर ही स्वीकृति दी गई तथा जो पैदल रास्ते हैं पंचायत विभाग को तत्काल खुलवाने के निर्देश दिए जिसके लिए धन की मौके पर ही स्वीकृति प्रदान की गई।
कार्लीगाड, मजाड़ क्षेत्र के विस्थापन हेतु उच्च स्तरीय टीम द्वारा जीयोलाजिकल सर्वे कराया जाएगा जिसमें वाडिया इंस्टीट्यूट, आईआईटी रूड़की आदि विशेषज्ञों तकनीकि टीम से प्राप्त विशलेषण रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी।
समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के मिश्रा, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल, अभि0अभि0 विद्युत राकेश कुमार, अधि0अभि0 पीएमजीएसवाई अधिकारी, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, ग्राम प्रधान माजाड़ राकेश जवाड़ी, बसवाड़ संजय राणा, फुलैत जय किशन ममगांई सहित अन्य क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जल जीवन मिशन के ठेकेदारों को नहीं मिला पैसा, अंधेरे में मनाई ठेकेदार और मजदूरों ने दिवाली।

Jal Jeevan Mission contractors did not receive their money, contractors and labourers celebrated Diwali in darkness.
Jal Jeevan Mission contractors did not receive their money, contractors and labourers celebrated Diwali in darkness.

बिलखते और चिल्लाते रहे बच्चे, पिता ने नहीं खिलाई मिठाई और ना ही दिलाए पटाखे।

देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने बुलाई आपात बैठक मजदूर और ठेकेदारों को दिलाई दिलासा।

देहरादून- 21 अक्टूबर 2025- देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने आज चंदननगर स्थित अपने मुख्यालय में एक बैठक का आयोजन किया इस बैठक में जल जीवन मिशन से जुड़े हुए सभी ठेकेदारों एवं काम करने वाले मजदूरों ने भाग लिया। बैठक में जल जीवन मिशन से जुड़े हुए सभी ठेकेदार और मजदूरों ने अपनी व्यथा बताई और संगठन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल को बताया कि भारत देश का सबसे बड़ा पर्व दिवाली हैं जिसमें सरकार अपने कर्मचारियों को बोनस इत्यादि सुविधाएँ प्रदान करती हैं, परन्तु हमने क्या गुनाह किया हैं कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन के ठेकेदारों को जल जीवन मिशन के काम 90% पूर्ण करने के बावजूद भी कोई भुगतान दिवाली पर नहीं किया गया। ठेकेदार और मजदूरों ने 24 घंटे एक करके तय समय के भीतर अपनी मेहनत और मजदूरों के सहयोग से सभी जगह पानी की व्यवस्था कराई और सरकार के दिए गए लक्ष्य को प्राप्त किया। परंतु नही प्रशासनिक अधिकारियों और ना ही कोई नेताओं ने इस पर गौर किया और जल जीवन मिशन से जुड़े हुए सभी ठेकेदार को पेमेंट रोक दी गई।

ठेकेदारों को पेमेंट ना मिल पाने से मजदूर एवं जल जीवन से मिशन से जुड़े हुए सभी काम करने वाले लोगों को भुगतान नहीं किया गया एवं यह दिवाली सभी लोगों के लिए बड़ी ही कष्टकारी रही जिसमें मजदूरों ने अपने घर में ना ही दीप जला पाए और ना ही अपने बच्चों को मिठाई और पटाखे दिला पाएं।

देवभूमि जल शक्ति कॉन्टैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड के ७०% गावों में ठेकेदारों द्वारा पानी पहुँचाया जा चुका हैं , और बची हुई योजनाएं ९५% से ९८% पूर्ण हैं जबकि ठेकेदारों को बताया गया कि शीघ्र कार्य पूर्ण करें , दीपावली पर लिमिट आते ही भुगतान कर दिया जाएगा । भुगतान की आशा में बैठे ठेकेदारों को दर किनार कर दिया गया , ऐसी स्थिति में ठेकेदारों के साथ उनकी लेबर , सप्लायर , किसी के घर दीपावली पर्व नहीं मना और ठेकेदार लम्बे समय से झेल रहे मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक तंगी में आ चुके हैं। उन्होंने कहा बैंक का ब्याज , लेबर भुगतान हेतु कर्ज़ों की सीमा पार कर चुके हैं । ऐसी स्थिति में हमारे घर दीपावली कैसे मनेगी जब इतने जुड़े हुए लोगों के घर में अंधेरा है? हमारा सवाल बस सरकार से यही है कि हमने ऐसा क्या गुनाह किया जो भुगतान रोक दिया गया है?

बैठक में देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल, उपाध्यक्ष सचिन मित्तल, सचिव सुनील गुप्ता एवं अन्य सदस्य और कर्मचारी मौजूद रहे।

पहाड़ों से अवसर के केंद्रों तक… ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’: उत्तराखंड के युवाओं को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करती पहल

From the mountains to hubs of opportunity… ‘Devbhoomi Entrepreneurship Scheme’ An initiative to propel Uttarakhand’s youth towards self-reliance
From the mountains to hubs of opportunity… ‘Devbhoomi Entrepreneurship Scheme’ An initiative to propel Uttarakhand’s youth towards self-reliance

देहरादून – 21 -10- 2025: भीमताल की पहाड़ियों में फैली ठंडी हवा और मधुमक्खियों की हल्की गुनगुनाहट — इन्हीं के बीच पंकज पांडे अपने परिवार द्वारा चलाए जा रहे मधुमक्खी पालन केंद्र के छत्तों से शहद से भरा लकड़ी का फ्रेम सावधानी से उठाते हैं। कुछ साल पहले तक उनके इस मधुमक्खी पालन के छोटे से काम द्वारा घर का खर्च चलाना भी काफी मुश्किल था। लेकिन कुमाऊँ विश्वविद्यालय के एमबीए छात्र पंकज के जीवन में एक नया मोड़ तब आया, जब उन्होंने देवभूमि उद्यमिता योजना (डीयूवाई) के तहत आयोजित दो-दिवसीय बूट कैंप में हिस्सा लिया। यह योजना उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की पहल है, जिसे भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद द्वारा लागू किया गया है।

इस प्रशिक्षण शिविर ने पंकज के भीतर एक नई सोच जगाई — कि पारिवारीक पारंपरिक शहद उत्पादन व्यवसाय एक आधुनिक और ब्रांडेड उद्यम बन सकता है। मेंटर्स के मार्गदर्शन में उन्होंने अपना बिज़नेस मॉडल कैनवस तैयार किया। उनकी लगन और दृष्टि को देखते हुए, डीयूवाई के मेंटर्स ने उन्हें 12-दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) के लिए चुना, जहाँ पंकज ने अपने व्यावसायिक विचारों को और निखारा और आगे बढने की ठोस दिशा पाई।

पंकज ने अपने सपने को हक़ीक़त में बदल दिया। उन्होंने ‘पर्व हनी (Parv Honey)’ नाम से अपना ब्रांड लॉन्च किया — जो शुद्धता और भरोसे पर आधारित है। उन्हें देवभूमि उद्यमिता योजना (डीयूवाई) के तहत ₹75,000 की प्रारंभिक वित्तीय सहायता (सीड फंडिंग) प्राप्त हुई। सिर्फ एक वर्ष के भीतर, पंकज ने ₹5,00,000 का रेवेन्यू)अर्जित कर लिया — जो उनके मेहनत, नवाचार और मार्गदर्शन के सही संगम का परिणाम था। अब उनका लक्ष्य ‘पर्व हनी’ को एक बेहतरीन, विश्वसनीय और क्षेत्रीय पहचान वाला ब्रांड बनाना है और वर्ष 2028 तक इसे ₹25 लाख के कारोबार तक पहुँचाना है।

इसी तरह, उत्तराखंड के जंगलों में लगने वाली आग से होने वाले नुकसान को देखते हुए, ज़ैनब सिद्दीकी ने एक नया समाधान खोजने का निश्चय किया। सरकारी पीजी कॉलेज, न्यू टिहरी से वनस्पति विज्ञान में स्नातकोत्तर ज़ैनब ने ‘इको नेक्सस इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड’ की स्थापना की — जो सूखी चीड़ की पत्तियों से कम्पोज़िट बोर्ड बनाती है। डीयूवाई के प्रशिक्षण ने ज़ैनब को अपने विचार को ओर सशक्त और व्यवहारिक रूप देने में मदद की। इससे उन्होंने पेटेंट और ट्रेडमार्क दर्ज कराया और वित्तीय सहयोग भी प्राप्त किया —उत्तराखंड सरकार से ₹75,000, हीरो मोटोकॉर्प के सीएसआर फंड से ₹1,00,000, और आईआईएम काशीपुर से ₹5,00,000 का समर्थन मिला।

देहरादून के मालदेवता निवासी प्रिंस मंडल ने जब देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) से जुड़ने का निर्णय लिया, तो उनका इरादा वेंडिंग मशीनें बनाने का था। लेकिन मेंटर्स के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने विचार को नया मोड़ दिया और ‘इमोजीज़ कैफ़े’ नाम से एक अनोखा उद्यम शुरू किया, जहाँ वे 21 दिन तक ताज़ा (फ्रेश) रहने वाले ग्लास कपकेक तैयार करते हैं। उनके नवाचार को देखते हुए उन्हें ₹75,000 की प्रारंभिक सहायता (सीड फंड) प्रदान की गई। अब प्रिंस का लक्ष्य है कि वे अपने उद्यम में ज़ीरो-वेस्ट किचन मॉडल अपनाएँ, जिसमें सोलर ड्राइंग और प्रोसेसिंग तकनीक का उपयोग होगा — ताकि उनका व्यवसाय पर्यावरण-अनुकूल (ग्रीन प्रैक्टिस) मॉडल के रूप में विकसित हो सके।

देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत, अब गाँव धीरे-धीरे अवसरों के नए केंद्र बनते जा रहे हैं। जो युवा कभी रोज़गार की तलाश में घर छोड़ने का सपना देखते थे, वे अब अपने ही गाँवों में उद्यम खड़ा कर रहे हैं — जहाँ परंपरा और नवाचार का संगम दिखता है। ये युवा अपने प्रयासों से पहाड़ों में सफलता की नई परिभाषा लिख रहे हैं।

सितंबर 2023 में शुरू हुई देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) ने उत्तराखंड में उद्यमिता की नई किरण उत्पन्न की है। इस योजना के अंतर्गत 124 परिसरों में ‘देवभूमि उद्यमिता केंद्रों’ की स्थापना की गई है, जिनके माध्यम से 14,260 विद्यार्थियों को उद्यमिता को करियर के रूप में अपनाने के लाभों के प्रति जागरूक किया गया है। इस पहल की स्थिरता और निरंतरता बनाए रखने के लिए 185 फैकल्टी मेंटर्स का एक प्रशिक्षित समूह भी तैयार किया गया है। अब तक लगभग 8,901 विद्यार्थियों को न्यू एंटरप्राइज़ क्रिएशन और एंटरप्राइज़ स्केलिंग अप जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इन सभी गतिविधियों को एक ऐसे पाठ्यक्रम के अंतर्गत संचालित किया गया है, जिसे भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII) ने विशेष रूप से इस दृष्टि से तैयार किया कि इससे निरंतरता, स्थायित्व और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित हो सके।

After achieving success in Punjabi entertainment and television, Isha Sharma is set to make her debut in the South Indian film industry.

पंजाबी एंटरटेनमेंट और टेलीविजन में सफलता के बाद ईशा शर्मा करेंगी...

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शिमला - 14 मार्च 2026: अभिनेत्री और मॉडल ईशा शर्मा अब अपने करियर का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं। पंजाबी म्यूजिक...
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