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ऑपरेशन कालनेमि” के तहत पौड़ी पुलिस की सख्त कार्रवाई, चार संदिग्ध बाबाओं पर कानूनी शिकंजा

Pauri police take strict action under Operation Kalanemi, tighten legal screws on four suspected babas
Pauri police take strict action under Operation Kalanemi, tighten legal screws on four suspected babas

पौड़ी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के निर्देशन में जनपद पौड़ी पुलिस ने धार्मिक आस्था की आड़ में सक्रिय ढोंगी बाबाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत थाना लक्ष्मणझूला पुलिस ने अभियान चलाकर चार संदिग्ध बाबाओं को हिरासत में लिया है। इन सभी के विरुद्ध बीएनएनएस अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

यह कार्रवाई उन व्यक्तियों पर केंद्रित है जो धर्म के नाम पर लोगों को भ्रमित कर ठगी, छल, या अंधविश्वास फैलाने जैसी गतिविधियों में शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा जो लोगों की धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करता है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना क्षेत्रों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि समाज में फैली इस तरह की कुप्रवृत्तियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

पौड़ी पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध बाबा, साधु या धार्मिक व्यक्तित्व के झांसे में न आएं और न ही अफवाहों पर ध्यान दें। यदि किसी व्यक्ति को इस तरह की कोई गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल डायल 112 या नजदीकी थाना को सूचित करें।

जातिवादी आग से खेल रहे हैं हरदा, ब्राह्मण प्रेम का नाटक ढोंग: भट्ट

Harda is playing with casteist fire, drama of Brahmin love is a sham Bhatt
Harda is playing with casteist fire, drama of Brahmin love is a sham Bhatt

कांग्रेस की तुष्टिकरण और पहाड़ मैदान के बाद जातिवादी राजनीति खतरनाक

देहरादून। भाजपा ने पूर्व सीएम हरीश रावत पर जातिवादी राजनीति का आरोप लगाया है।

प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने चेताया कि कांग्रेस नेता लगातार शिकस्त की बाजी पलटने के लिए देवभूमि का माहौल दांव पर लगा रहे हैं। पहले तुष्टिकरण, फिर पहाड़ मैदान और अब जातिवादी राजनीति का बीज रोपने की उनकी कोशिश बेहद खतरनाक है। उनका तिवारी, बहुगुणा के दौर में यह प्रेम प्रदेशवासियों ने देखा है।

उन्होंने लगातार मीडिया में हरदा के ब्राह्मण समाज को लेकर सामने आ रहे बयानों को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और गैरजिम्मेदाराना बताया है। मीडिया के लिए जारी अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम हरदा जातिवादी आग से खेलने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें कांग्रेस ही झुलस सकती है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि विधायक, सासंद, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और जनता ने उन्हें ऐसी बड़ी से बड़ी जिम्मेदारी से नवाजा है, ऐसे में हार को स्वीकारने के बजाय वे समाज तोड़ने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज हरीश रावत ब्राह्मण समाज के कांग्रेस पार्टी से दूर होने का रोना रो रहे हैं। ये सब झूठी सहानुभूति जताकर लोगों की आंखों में उनके द्वारा धूल झोंकने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम तिवारी और विजय बहुगुणा के साथ उन्होंने कैसा बर्ताव किया जगजाहिर है, लिहाजा ब्राह्मण समाज से झूठी सहानुभूति की उनकी ये साजिश किसी भी कीमत पर सफल नहीं होगी। क्योंकि मुख्यमंत्री एन डी तिवारी और विजय बहुगुणा का दौर भी जनता को अच्छी तरह याद है कि किस तरह हरदा ने उनकी सरकार को लगातार अस्थिर करने का काम किया। यही हरीश रावत जब पंजाब के प्रभारी बनते हैं तो वहां दलित और राजस्थान जाते हैं तो वहां राजपूत मुख्यमंत्री की बात करते हैं। सच तो यह है कि लगातार असफलता से निराश होकर फिर से वे जातिवादी कार्ड खेलकर देवभूमि का माहौल खराब करना चाहते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी देश को बांटने और समाज को तोड़ने की राजनीति आगे बढ़ रही है। राज्य में भी उनकी यही कोशिश है, जिसके क्रम में पहले उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में तुष्टिकरण नीति अपनाई, लेकिन हार गए। लोकसभा चुनाव में सनातन की प्रतिष्ठा पर झूठ फैलाकर राज्य की छवि खराब की, लेकिन पराजित हुए। निकाय चुनावों से पूर्व पहाड़ मैदान में बांटा, लेकिन जनता ने उन्हें किनारा कर दिया। प्रदेश में नफरत का वातावरण बनाकर
अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने की उनकी आखिरी कोशिश जातिवादी कार्ड भी फ्लॉप हो गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आज, कांग्रेस पार्टी की पुरानी नीति पर चलते हुए हरीश रावत देवभूमि में जातिवादी राजनीति से सत्ता हथियाना चाहते हैं। उनके द्वारा राज्य को जातियों में बांटने की इस साजिश को भाजपा किसी कीमत भी पर सफल नहीं होने देगी। प्रदेश की जनता बहुत समझदार और जागरूक है, उसने कभी भी जाति आधारित राजनीति को स्वीकार नहीं किया है। लिहाजा राज्य की शांति को भंग करने वाली हरदा की ये कोशिश कांग्रेस पार्टी के अस्तित्व पर ही अंतिम कील साबित होगी।

संविधान बचाओ अभियान में भाजपा को बड़ा झटका, सोनू गहलोत संग डेढ़ सौ कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल

BJP suffers major setback in Save Constitution campaign, Sonu Gehlot and 150 workers join Congress
BJP suffers major setback in Save Constitution campaign, Sonu Gehlot and 150 workers join Congress

देहरादून । राज्य की राजनीति में उस वक्त नई हलचल मच गई जब कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग द्वारा आयोजित “संविधान बचाओ, भाजपा भगाओ” कार्यक्रम में भाजपा अनुसूचित जाति विभाग के नेता सोनू गहलोत के नेतृत्व में डेढ़ सौ कार्यकर्ताओं ने भाजपा से नाता तोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुए इस आयोजन में पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने माहौल को गरम और जोशपूर्ण बना दिया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने नवागंतुक कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा दबे-कुचले, शोषित और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा की है। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकारों ने अनुसूचित जाति वर्ग को ठेका प्रथा के शिकंजे में जकड़ दिया है। सफाई जैसे स्थाई कार्यों को ठेके पर देकर सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया और अब ठेकेदार गरीब वर्गों का शोषण कर रहे हैं। माहरा ने कहा कि कांग्रेस की आगामी सरकार इन वर्गों के कल्याण के लिए योजनाओं को प्राथमिकता देगी और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिलाएगी।

कार्यक्रम में पंजाब के विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी सुखविंदर कोटली ने कहा कि देहरादून में अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं में कांग्रेस के प्रति जिस प्रकार का उत्साह देखा गया है, उसने उनके जोश को चार गुना बढ़ा दिया है। उन्होंने घोषणा की कि वे हर महीने उत्तराखंड के किसी न किसी जिले का दौरा करेंगे ताकि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके। कोटली ने भाजपा सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में अनुसूचित जाति वर्ग के साथ अत्याचारों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। उत्तर प्रदेश में ओमप्रकाश वाल्मीकि की हत्या, हरियाणा में एडीजी की आत्महत्या और उत्तराखंड में दलित युवाओं व बेटियों के साथ हो रहे अपराध भाजपा की संवेदनहीन सोच को उजागर करते हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि भाजपा सरकार दलित, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के खिलाफ काम कर रही है। राज्य में दलित उत्पीड़न और हत्या के बढ़ते मामले इस सरकार की कार्यशैली पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक में एक दलित युवक को मंदिर में प्रवेश करने के कारण आग से दागा गया, वहीं हरिद्वार जिले के संत्र्शा गाँव में दलित नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार और हत्या के आरोपी भाजपा नेता की गिरफ्तारी एक वर्ष बाद भी नहीं हो पाई। धस्माना ने चेतावनी दी कि कांग्रेस अब सड़कों पर उतरकर गरीबों और दलितों की बस्तियों को तोड़ने की साजिश के खिलाफ संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एलिवेटेड रोड परियोजना का खुलकर विरोध करेगी, क्योंकि यह गरीबों के घर उजाड़ने की साजिश है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल ने की। उन्होंने बताया कि विभाग जल्द ही हरिद्वार, उधमसिंह नगर, हल्द्वानी और अल्मोड़ा में भी “संविधान बचाओ, भाजपा भगाओ” अभियान चलाएगा, जिसके माध्यम से हजारों नए कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ा जाएगा। महानगर कांग्रेस एससी विभाग अध्यक्ष करण घाघट ने कहा कि महानगर क्षेत्र के सभी सौ वार्डों में कमेटियां गठित की जा रही हैं और नवंबर के अंत में एक बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सहित वरिष्ठ नेता भाग लेंगे।

कार्यक्रम का संचालन धर्मपाल घाघट ने किया। इस अवसर पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, मान सिंह एडवोकेट, गगन छाछर, नोहर सिंह, पूनम सिंह, गीता बहुते, पिंकी, संजय बिरला, भोला सिंह, हिमांशु घाघट, आकाश पंवार, सिकंदर, हिमांशु कुमार सहित बड़ी संख्या में भाजपा छोड़कर आए कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम का समापन कांग्रेस नेताओं के इस आह्वान के साथ हुआ कि अब संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय के संघर्ष में कांग्रेस मैदान में डटकर मुकाबला करेगी। देहरादून से उठी यह आवाज़ अब पूरे प्रदेश में गूंजने लगी है — यह संकेत है कि उत्तराखंड की राजनीति में दलित वर्ग की नई चेतना करवट ले रही है और आने वाले समय में उसका रुख प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेगा।

भगवानपुर के 3गांवो में हुआ बहुउद्देशीय शिविर आयोजित,  83 शिकायतें प्राप्त

Multipurpose camp organised in 3 villages of Bhagwanpur, 83 complaints received
Multipurpose camp organised in 3 villages of Bhagwanpur, 83 complaints received

हरिद्वार।  25 अक्टूबर 2025 को देशराज कर्णवाल उपाध्यक्ष, समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति, राज्य मंत्री स्तर के नेतृत्व में “बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविर” का विधानसभा व ब्लॉक भगवानपुर के 3 गांवो में बहुउद्देशीय शिविर के दौरान कुल 83 शिकायत इस प्रकार प्राप्त हुई है –
1. जहाजगढ़ (बालेकी युसूफपुर) – 34
2. कादरपुर (बालेकी युसूफपुर) – 15
3. सरठेडी शाहजहांपुर – 34
शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की जनसमस्याओं को सुनकर उनका त्वरित समाधान करना तथा समाज कल्याण व अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना रहा शिविर में क्षेत्रीय नागरिकों ने सैकड़ो सैकड़ो की संख्या में बढ़-चढ़कर भाग लिया और उत्साहपूर्वक अपनी समस्याएं संबंधित कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। इनमें कई समस्या एक जैसी थी जिसमे 20 समस्याओं का समाधान शिविर स्थल पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा किया गया, जबकि कुछ जिला स्तर की समस्याएं थीं जिन्हें समाधान हेतु जिलाधिकारी महोदय व शासन को प्रेषित किया जाएगा।
इस अवसर पर देशराज कर्णवाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसके लिए विभाग द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे। और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का सपना साकार होगा
शिविर में सभी संबंधित रेखीय विभागों के अधिकारीगण व कर्मचारीगण, ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्यगण एवं सैकड़ो की संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

हरिद्वार-नजीबाबाद रोड़ पर रसिया बगड़ डायवर्जन तीन दिन के भीतर होगा गड्डामुक्त

The Rasiya Bagad diversion on the Haridwar-Najibabad road will be pothole-free within three days.
The Rasiya Bagad diversion on the Haridwar-Najibabad road will be pothole-free within three days.

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शनिवार की प्रातः हरिद्वार-नजीबाबाद नेशनल हाईवे निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कार्य की गुणवत्ता, प्रगति, सुरक्षा मानकों एवं निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का विस्तार से जायज़ा लिया। उन्होंने स्थलीय निरीक्षण के दौरान रसियाबगढ़ के पास बने लगभग 2.2 किमी डायवर्जन मार्ग का रिपेयरिंग कार्य आज ही तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिये। उन्होंने मार्ग रिपेयरिंग कार्य 3 दिन के भीतर पूर्ण करने तथा प्रगति रिपोर्ट फोटोग्राफ सहित उपलब्ध कराने के निर्देश पीडी एनएचएआई को दिये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि मा.मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप डायवर्जन एवं सड़कों को गड्डामुक्त किया जाये तथा सभी कार्य निर्धारित मानकों एवं समय-सीमा के अनुरूप पूर्ण किए जाएं ताकि आने वाले श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की यात्राएं सरल, सुःखद व सगुम हों। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परियोजना निदेशक एस.शर्मा ने बताया कि 3 दिन के भीतर डायवर्जन का रिपेयरिंग कार्य कम्पलीट कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि नजीबाबाद बायपास निर्माण कार्य भी इस वर्ष के अन्त तक पूर्ण कर लिया जायेगा और हरिद्वार आने वाले यात्रियों को नजीबाबाद शहर में लगने वाले जाम एवं धीमे ट्रेफिक से मुक्ति मिलेगी, जिससे यात्रियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी जितेन्द्र कुमार, पीडी एनएचएआई एस.शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर दिनेश शर्मा आदि उपस्थित थे।

नन्ही बेटियों संग डीएम को धन्यवाद देने कलेक्टेªट पंहुची  शिक्षिका कनिका;  मिला समाधान; वेतन; प्रमाण पत्र

Teacher Kanika reached the Collectorate with her little daughters to thank the DM; got solution; salary; certificate
Teacher Kanika reached the Collectorate with her little daughters to thank the DM; got solution; salary; certificate

देहरादून। जिलाधिकारी कार्यालय कलेक्ट्रेट में शिक्षिका ने अपनी नन्ही बेटियों संग पहुंचकर जिलाधिकारी सविन बंसल का धन्यवाद किया। जिले के प्रतिष्ठित इडिफाई वर्ल्ड स्कूल का प्रकरण हैं जहां स्कूल प्रबन्धन शिक्षिका 2 माह का वेतन व सुरक्षा राशि रोकने के साथ ही अनुभव प्रमाण पत्र जारी नही कर रहा था। डीएम ने संज्ञान लिया तो स्कूल प्रबन्धन ने रातोरात शिक्षिका वेतन जारी कर दिया।
विगत जनता दर्शन में निजी स्कूल में शिक्षण कार्य करा रही कनिका मदान ने जिलाधिकारी सविन बसंल से गुहार लगाई कि वे मोथोरोवाला में इडिफाई वर्ल्ड स्कूल में शिक्षण का कार्य करती हैं। स्कूल उनके माह मार्च तथा जुलाई के वेतन सहित सुरक्षा राशि नही दे रहा है साथ ही स्कूल प्रबन्धन द्वारा अनुभव प्रमाण पत्र भी जारी नही किया गया है। जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को तत्काल कार्यवाही करते हुए वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए थे, जिसके क्रम में शिक्षिका का लंबित वेतन सुरक्षा धनराशि के चेक 2 दिन के जारी कर दिए गए थे।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा पूर्व में जारी अनुभव प्रमाण पत्र में उल्लेख नही किया गया था कि कनिका स्कूल में किस पद पर थी जबकि कनिका ने बताया कि वह इन्टरमीडिएट तक के बच्चों को पढाती थी तथा स्कूल  में कार्डिनेटर पद पर भी कार्य किया है, किन्तु स्कूल प्रबन्धन जारी प्रमाण पत्र में विवरण नही दिया है। जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा संज्ञान लिया स्कूल प्रबन्धन पुनः प्रमाण अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है।   जिसके क्रम में 2 दिन के भीतर स्कूल  प्रबंधन ने शिक्षिका  के लंबित  भुगतान चेक जारी कर दिया।
जिलाधिकारी सविन बंसल जनहित असहाय, व्यथितों शोषितों के प्रकरण कड़े एक्शन के लिए जाने जाते हैं अपनी कार्य प्रवृत्ति के अनुसार निरंतर बड़े निर्णय ले रहे है। जिलाधिकारी के संज्ञान लेते ही नामी गिरामी स्कूल घुटनों के बल आ गया तथा कनिका मदान को 2 माह का वेतन भुगतान के चौक धनराशि रू0 78966 जारी करते हुए अनुभव प्रमाण पत्र  जारी किया है।
असहाय, व्यथितों, शोषितों के हितार्थ जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के अंजाम सर्वविधित है इसका फिर एकबार ताजा उदाहरण निजी स्कूल की शिक्षिका कनिका मदान के मामले में आया है। इस प्रकार निरंतर कार्य एवं एक्शन जिला प्रशासन द्वारा जनहित में लिए जा रहे है, जिससे जनमानस में सरकार एवं प्रशासन के प्रति विश्वास बढा है। स्वास्थ्य से लेकर, शिक्षा रोजगार तक जिला प्रशासन द्वारा निरंतर कार्य किए जा  रहे है। जो कि एक सराहनीय पहल है। इससे शोषण करने वालों में भी भय का माहौल है। जिला प्रशासन की इस नई कार्यशैली से असहाय व्यथितों को निर्णय की आस बढ रही है, जिससे जिलाधिकारी के जनदर्शरन के अतिरिक्त जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में अपनी समस्याओं के समाधान फरियादियों की संख्या निरंतर बढ रही है जिसमें 40-50 लोग प्रतिदिन जिलाधिकारी के कक्ष में अपनी समस्याओं को लेकर मिलते है, तथा उनको समयबद्ध समाधान मिल रहा है।

शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हुए बाबा केदारनाथ

Baba Kedarnath is seated at the Omkareshwar temple, his winter seat.
Baba Kedarnath is seated at the Omkareshwar temple, his winter seat.

रुद्रप्रयाग। उत्साह, उमंग और आस्था के साथ केदारनाथ भगवान की चल विग्रह पंचमुखी डोली शनिवार को ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हो गई है। अब आगामी छह माह तक भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजाएं यहीं संचालित होंगी।  23 अक्तूबर को भैया दूज पर्व पर केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। इसके बाद केदारनाथ की पंचमुखी डोली अपने पहले पड़ाव न्यालसू रामपुर में रात्रि प्रवास के लिए पहुंची। इसके बाद दूसरे दिन डोली विभिन्न पड़ावों को पार करते हुए गुप्तकाशी के विश्वनाथ मंदिर में पहुंची। शनिवार को तड़के से ही केदार बाबा की विशेष पूजाएं आयोजित हुई।
वेदपाठियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान केदारनाथ की स्तुति की। पंचांग पूजन के साथ भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली और भगवान विश्वनाथ की विशेष पूजा की। मंदिर के मुख्य पुजारी शांतलिंग ने विश्वनाथ मंदिर में भी विशेष पूजाएं हुई।
सुबह करीब साढ़े आठ बजे सेना की बैंड धुन और सैकड़ों भक्तों के जयकारे के बीच पंचमुखी डोली ने अपने शीतकालीन गद्दीस्थल के लिए प्रस्थान किया। विश्वनाथ मंदिर के बाद सेमी-भैंसारी, विद्यापीठ होते हुए बाबा केदार की डोली तलचुन्नी पहुंची। यहां भक्तों ने पंचमुखी डोली की पूजा कर सामूहिक अर्घ्य लगाया। अपराह्न एक बजे डोली ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में पहुंची।
यहां भक्तों ने डोली का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। डोली ने मंदिर की परिक्रमा करने के बाद अपने स्थान पर विराजमान हो गई। इस दौरान जय बाबा केदार, हर-हर महादेव के उदघोष से संपूर्ण ऊखीमठ क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
सेना की मधुर बैंड धुन, भक्तों के जयकारों और मंगल गीतों के साथ डोली मंदिर पहुंचीं। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बाबा केदार का पुष्प-अक्षत से स्वागत किया और घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। अब छह माह तक श्रद्धालु अपने बाबा केदार की पूजा यहीं करेंगे। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि केदारनाथ की चल विग्रह पंचमुखी डोली विधि-विधान से ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हो गई है। कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश में शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित किया जायेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचकर भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजाओं में शामिल होने की अपील की। कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ की शीतकालीन पूजाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।

राज्यपाल  ने किया ‘वैली ऑफ वर्ड्स’ इंटरनेशनल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल के 9वें संस्करण का शुभारंभ

Governor inaugurates 9th edition of 'Valley of Words' International Literature and Art Festival
Governor inaugurates 9th edition of 'Valley of Words' International Literature and Art Festival

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को मधुबन होटल में ‘वैली ऑफ वर्ड्स’ इंटरनेशनल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल के 9वें संस्करण का शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस फेस्टिवल में देश-विदेश के अनेक प्रसिद्ध साहित्यकार, लेखक, कलाकार एवं विचारक भाग ले रहे हैं, जो विभिन्न सत्रों में अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर आधारित भावपूर्ण “शब्द वाणी” प्रस्तुति से हुई, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
शुभारंभ के अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन संवाद, विचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति को समाज तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ‘वैली ऑफ वर्ड्स’ के माध्यम से उत्तराखण्ड की समृद्ध कला, संस्कृति और साहित्य को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिल रही है।
राज्यपाल ने कहा कि हाल के वर्षों में देहरादून में साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों में वृद्धि हुई है, जिससे प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए उपयोगी चर्चा सत्र और साहित्यिक गतिविधियाँ उपलब्ध कराना आयोजकों की दूरदर्शिता और रचनात्मकता का परिचायक है।
राज्यपाल ने कहा कि साहित्य हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिबिंब है, जो राष्ट्र और समाज के चिंतन को दिशा देता है। आज आवश्यकता है कि हम अपने बच्चों और युवाओं में साहित्य और कला के प्रति सजगता, संवेदनशीलता और सृजनशीलता का वातावरण विकसित करें। उन्होंने कहा कि साहित्य के माध्यम से हमारी राष्ट्रीय विरासत, इतिहास और संस्कृति को उजागर करना अत्यंत आवश्यक है।
राज्यपाल ने ‘वैली ऑफ वर्ड्स’ के आयोजकों को इस फेस्टिवल के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं और विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच पर होने वाला चिंतन और मंथन समाज के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
कार्यक्रम के दौरान ‘वैली ऑफ वर्ड्स’ के निदेशक डॉ. संजीव चोपड़ा ने फेस्टिवल की रूपरेखा और उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद तरूण बंसल, पी जे एस पन्नू, डॉ. राजेन्द्र डोभाल, के. बी. एस सिद्धू, अनूप नौटियाल सहित फेस्टिवल में आए अनेक लेखक, कवि, चिंतक साहित्य प्रेमी एवं हेमकुण्ड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा भी उपस्थित रहे।

69 साल की महिला दुर्लभ ब्लड प्रॉब्लम से उभरीं, मणिपाल अस्पताल में लीडलैस पेसमेकर लगाने के बाद मिली नई ज़िंदगी

69-year-old woman recovers from rare blood problem, gets new lease of life after leadless pacemaker implantation at Manipal Hospital
69-year-old woman recovers from rare blood problem, gets new lease of life after leadless pacemaker implantation at Manipal Hospital

देहरादून| टालीगंज की ६९ साल की महिला, सुनीता रॉय (नाम बदला गया), का हाल ही में मणिपाल अस्पताल में सफल लीडलैस पेसमेकर लगाया गया। यह अस्पताल देश के मशहूर मणिपाल हॉस्पिटल्स ग्रुप का हिस्सा है। सुनीता रॉय काफी समय से बार-बार बेहोश हो जाती थीं, जिससे उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी बहुत प्रभावित हो रही थी। डॉ. सौम्य पात्रा, कंसल्टेंट और इंचार्ज

– कार्डियोलॉजी, की देखरेख में यह प्रक्रिया सफल रही। यह नया पेसमेकर पारंपरिक पेसमेकर से काफी बेहतर है, क्योंकि इसमें तारें (लीड्स) या छाती में सर्जिकल पॉकेट की ज़रूरत नहीं होती। इस तकनीक से मरीज जल्दी ठीक होता है, संक्रमण का खतरा कम होता है और लंबे समय तक हृदय की धड़कनें सही बनी रहती हैं।

सुनीता रॉय की हालत थोड़ी मुश्किल थी, क्योंकि उन्हें पैंसाइटोपीनिया था — यानी शरीर में लाल, सफेद और प्लेटलेट्स सभी रक्त कोशिकाओं की कमी। यह लिवर सिरोसिस और हाइपरस्प्लेनिज़्म के कारण हुआ था, जिसमें प्लीहा (स्प्लीन) ज़रूरत से ज़्यादा सक्रिय होकर खून की कोशिकाएँ नष्ट कर देती है।

ऐसी स्थिति में आम पेसमेकर लगाना बहुत जोखिम भरा होता है। आगे की जांच में डॉक्टरों को सिक साइनस सिंड्रोम  मिला — यानी दिल की धड़कन बहुत धीमी या अनियमित हो जाती है, जिसके लिए पेसमेकर ज़रूरी होता है। इन सबको देखते हुए, डॉ. पात्रा ने लीडलैस पेसमेकर लगाने का फैसला लिया — जो सीधे दिल में लगाया जाता है और इसमें तारों या चेस्ट पॉकेट की ज़रूरत नहीं होती।

डॉ. सौम्य पात्रा ने बताया, “यह केस थोड़ा मुश्किल था क्योंकि मरीज को गंभीर पैंसाइटोपीनिया था, जिससे ब्लीडिंग और दूसरी दिक्कतों का खतरा ज़्यादा था। ऐसे में पारंपरिक पेसमेकर लगाना ठीक नहीं होता। लीडलैस पेसमेकर एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प साबित हुआ। इस तकनीक से ना सिर्फ खतरा कम हुआ, बल्कि मरीज जल्दी ठीक भी हुई। सबसे खुशी की बात ये रही कि प्रक्रिया के बाद सब कुछ सामान्य रहा और मरीज को अगले दिन ही छुट्टी दे दी गई।”

सुनीता रॉय ने बताया, “मुझे कई बार बेहोशी आ जाती थी। जब मैं मणिपाल अस्पताल गई, तो डॉक्टरों ने कहा कि मुझे पेसमेकर लगवाना होगा। मेरी हालत को देखकर उन्होंने लीडलैस पेसमेकर लगाने की सलाह दी। डॉक्टरों ने मुझे हर बात समझाई, जिससे डर कम हो गया। मैं बहुत शुक्रगुज़ार हूं कि उन्होंने मुझे ज़िंदगी का दूसरा मौका दिया। अगले ही दिन मैं घर लौट आई और बिल्कुल ठीक महसूस कर रही थी।”

यह केस दिखाता है कि मणिपाल अस्पताल, मुकुंदपुर हमेशा नई और सुरक्षित तकनीकों को अपनाने में आगे रहता है ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित हृदय देखभाल दी जा सके — खासकर तब, जब स्थिति जटिल या जोखिम भरी हो।

भाईदूज के पर्व पर बहनों के बीच  गल्जवाड़ी पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

Cabinet Minister Ganesh Joshi reached Galjwadi among the sisters on the occasion of Bhai Dooj.
Cabinet Minister Ganesh Joshi reached Galjwadi among the sisters on the occasion of Bhai Dooj.

देहरादून। भाई-बहन के स्नेह, प्रेम और विश्वास के प्रतीक पर्व भाईदूज के अवसर पर आज कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी देहरादून स्थित अपने विधानसभा क्षेत्र के गल्जवाड़ी में बहनों के बीच पहुंचे। इस अवसर पर बहनों ने मंत्री जोशी का तिलक कर पारंपरिक रीति से उनका स्वागत किया। मंत्री गणेश जोशी ने सभी बहनों को भाईदूज की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “यह पर्व भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है। हमारी संस्कृति में परिवार के मूल्यों और रिश्तों की जो गहराई है, वही समाज को सशक्त बनाती है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ आज हर बहन तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों भीषण आपदा के कारण क्षेत्र में कई परिवार प्रभावित हुए हैं और इसके चलते मैंने फैसला लिया कि इस वर्ष भाईदूज का त्यौहार प्रभावित क्षेत्र में अपनी बहनों के साथ मनाऊं। इस अवसर पर बहनों ने मंत्री की आरती उतारकर तिलक लगाया और उनके दीर्घायु होने की कामना की। मंत्री ने भी बहनों को उपहार स्वरूप मिठाई व शुभकामनाऐं भेंट की।
इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजन और पूर्व ग्राम प्रधान लीला शर्मा, भाजपा की मंडल महामंत्री किरण, पूर्व मंडल अध्यक्ष ज्योति कोटिया, शोभा अधिकारी, रेखा, मीरा, हरिकला, गंगा, चंद्रकला, रीता, गीता, शांति, हेमा, सपना, सीता, सावित्री और माया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, महिलाओं एवं पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

After achieving success in Punjabi entertainment and television, Isha Sharma is set to make her debut in the South Indian film industry.

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