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अग्निशमन सेवा सप्ताह रैली को रवाना किया

चमोली। अग्नि सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए अग्निशमन विभाग अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत जागरूकता रैली निकाली गयी। जिसमें आग से सुरक्षा के लिए सभी को आवश्यक उपाय अपनाने का संदेश दिया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देश पर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। गुरुवार को पुलिस उपाधीक्षक धन सिंह तोमर ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली नगर क्षेत्र के जीरोबैंड, कर्णप्रयाग टैक्सी स्टेशन, मुख्यबाजार, गोपीनाथ मंदिर से होते हुए विभिन्न स्थानों पर रैली से संबंधित पंपलेट वितरित किए गए। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया 20 अप्रैल तक लगातार अग्नि सुरक्षा के बारे में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अग्निशमन कार्य करते हुए शहीद हुए फायर कर्मियों को पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर प्रतिसार निरीक्षक रविकांत सेमवाल, यातायात उपनिरीक्षक दिगम्बर उनियाल, प्रभारी अग्नि शमन अधिकारी संदेश कुमार आदि मौजूद थे।

वैसाखी पर्व पर देवप्रयाग संगम पर स्नान को जुटे श्रद्धालु

नई टिहरी। बैसाखी पर्व पर भागीरथी-अलकनंदा संगम स्थल पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। वहीं कई स्थानों से देव डोलियां भी ढोल दमाऊं के साथ बैसाखी पर्व पर श्रद्धालुओं के साथ संगम पर पहुंची। देवप्रयाग में भगवान राम की तपस्थली रामकुण्ड में भी बड़ी संख्या में पर्व स्नान हुआ। बैसाखी पर्व पर तीर्थ नगरी में स्नान पूजन का पुण्य लाभ लेने सैकड़ों श्रद्धालु प्रदेश सहित अन्य राज्यों से पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या में दिल्ली, मुम्बई, चंडीगढ़ आदि के प्रवासी उत्तराखंडी शामिल थे। श्री रघुनाथ मंदिर में भगवान का आशीर्वाद लेने पूरे दिन श्रद्धालु का तांता लगा रहा। इस अवसर पर भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया था। तीर्थ नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्री बदरीश युवा पुरोहित संगठन व श्री रघुनाथ गंगा सेवा समिति ने भंडारे की व्यवस्था की। छोटे बच्चों के दूध की विशेष भी की। बुधवार शाम तेज हवाओं से बिजली आपूर्ति में बाधा बनने से बाहरी क्षेत्रों से आने श्रद्धालुओ को अंधेरे में संगम तट व मंदिर आदि तक जाने में मुश्किलें भी उठानी पड़ी। संगम पर सुरक्षित पर्व स्नान के लिए जल पुलिस की तैनाती सहित ट्यूब व रस्सियां संगम तट पर डाली गई थी। बैसाखी पर चैत्र मास की फुल्यारी कन्याओं का पूजन कर उन्हें भेंट देकर विदा भी किया गया। जबकि लोक वादकों ने ढोल दमाऊं के संग घरों में मंगल गीत गाकर सभी की सुख समृद्धि की कामना की।

19 मई को द्वितीय केदार मदमहेश्वर और 6 मई को तृतीय केदार तुंगनाथ के खुलेंगे कपाट

रुद्रप्रयाग। बैसाखी के पावन पर्व पर द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट खोलने की तिथि घोषित कर दी गई। भगवान मद्महेश्वर मन्दिर के कपाट 19 मई एवं भगवान तुंगनाथ मन्दिर के कपाट 6 मई को वैदिक मंत्रोचार के साथ भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। ऊखीमठ ओंकारेश्वर मंदिर में इस मौके पर भक्तों ने भगवान मद्महेश्वर के पुष्परथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किए। बैसाखी के मौके पर परम्परानुसार पंचाग गणना के आधार पर ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान मद्महेश्वर धाम के कपाट खोलने की तिथि पुजारीगणों, आचार्यगणों, स्थानीय पंचगाई व गौंडार के हकहकूकधारियों, अधिकारियों कर्मचारियों की मौजूदगी में घोषित की गई। मद्महेश्वर भगवान की डोली 15 मई को गर्भगृह से बाहर आएगी। इसी दिन स्थानीय लोगों द्वारा नए अनाज का भोग लगाया जाएगा। जबकि 16 मई को सभामण्डप में विश्राम के बाद 17 को ओंकारेश्वर मन्दिर से डोली रात्रि विश्राम के लिए राकेश्वरी मन्दिर रांसी पहुंचेगी। 18 मई को रांसी से गौंडार, 19 को गौंडार से मद्महेश्वर धाम पहुंचेगी। जहां कर्क लग्न में मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। वहीं दूसरी ओर भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट खोलने की तिथि हकहकूकधारियों की मौजूदगी में घोषित की गई। तुंगनाथ भगवान की डोली 3 मई को गर्भगृह से बाहर आएगी जिसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा नए अनाज का भोग लगाया जाएगा। 4 मई को डोली भूतनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी। 5 को भूतनाथ मंदिर से चोपता, 6 को डोली चोपता से तुंगनाथ के लिए प्रस्थान जिसके बाद दोपहर बारह बजे कर्क लग्न में कपाट खोल दिए जाएंगे। इस मौके पर समिति के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, प्रभारी ईओ रमेश चंद्र तिवारी, पुजारी शिवशंकर लिंग, गंगाधर लिंग, शिवलिंग लिंग, राजकुमार नौटियाल, मठापति रामप्रसाद मैठाणी, प्रधान वीर सिंह पंवार, युद्धवीर पुष्पवान, विजयपाल नेगी, युद्धवीर पुष्पवान, अर्जुन रावत, पूर्व क्षेपंस शिवानन्द पंवार, शिशुपाल सिंह पंवार, चंद्रमोहन शैव, भंडारी मदन पंवार, देवानन्द गैरोला, कुंवर सिंह पंवार, महेशा सिंह पंवार आदि मौजूद थे।
पुष्परथ के दर्शन कर भक्तों ने लिया आशीष
ओंकारेश्वर मंदिर में प्रातः आठ बजे गर्भगृह से भगवान मद्महेश्वर की भोग मूर्तियों को बाहर लाकर सभामण्डप में विराजमान किया गया। जिसके बाद पुजारी शिवशंकर लिंग द्वारा भगवान की आरती की गई। पूर्व परम्परानुसार दोपहर सवा दो ओंकारेश्वर मंदिर में मद्महेश्वर भगवान की भोगमूर्ति को पुष्परथ में विराजमान किया गया। जिसके बाद मन्दिर की पांच परिक्रमा की गई। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने जौ, फूल, अक्षत से भगवान के पुष्परथ का स्वागत किया व सुख एवं समृद्धि की कामना की।

58.06 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

काशीपुर। कोतवाली पुलिस व एडीटीएफ की टीम ने चेकिंग के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया है। टीम ने उनके कब्जे से 58.06 ग्राम स्मैक बरामद की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नशे की रोकथाम के लिए पुलिस व एडीटीएफ की टीम ने अभियान चलाया। अभियान के तहत एसआई धीरेन्द्र सिंह परिहार एडीटीएफ टीम के साथ बुधवार की देर शाम क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी एवं रोकथाम को लेकर चैकिंग कर रहे थे। इस दौरान मुखबिर की सूचना पर फसियापुरा तिराहे के पास एक वर्ना कार संख्या यूके 07 एटी 3382 को रोक कर शक के आधार पर तलाशी ली गई। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 58.06 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना नाम अब्दुल फैसल पुत्र फिरासत निवासी ग्राम सिमरा बनबीरपुर थाना मुजरिया जिला बदायूं उत्तर प्रदेश व बबलू हुसैन पुत्र मोहम्मद यामीन निवासी मजनूपुरा थाना भमोरा जिला बरेली उत्तर प्रदेश बताया। पुलिस ने आरोपीयों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि दोनों आरोपी बरेली से यहां काशीपुर क्षेत्र में स्मैक बेचने आ रहे थे। अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बरामद स्मैक की कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी मनोज रतूड़ी, एसआई नवीन बुधानी, धीरेन्द्र परिहार, कांस्टेबल प्रेम कनवाल, मुकेश कुमार, एसओजी कांस्टेबल प्रदीप कुमार व एडीएफ कांस्टेबल दीपक कठैत, जरनैल सिंह शामिल रहे।

अध्यात्मिक जागरण से भारत बनेगा विश्वगुरु -सतपाल महाराज

हरिद्वार। तीन दिवसीय सद्भावना सम्मेलन के अंतिम दिन समस्त जनमानस को संबोधित करते हुए सुविख्यात समाजसेवी राष्ट्र संत व उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि अध्यात्म के जागरण से ही भारत विश्वगुरु बनेगा।

मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में ऋषिकुल कॉलेज मैंदान में चल रहे तीन दिवसीय सद्भावना सम्मेलन के अंतिम दिन गुरुवार को देश-विदेश से बड़ी तादाद में आये श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सुविख्यात समाजसेवी राष्ट्र संत और उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जब व्यक्ति सत्संग सुनेगा, आत्मज्ञान की दीक्षा लेकर साधना करेगा, सेवा करेगा तभी अध्यात्मिक जागरण होगा। अध्यात्मिक जागरण होने के पश्चात, भारत विश्व को अध्यात्म का संदेश देगा और तब भारत विश्वगुरु बनेगा।

सतपाल महाराज ने सद्भावना सम्मेलन में देश-विदेश से आये विराट जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे संत-महात्माओं ने 4 अवस्थाओं का धर्म शास्त्रों में उल्लेख किया है। जाग्रत, स्वप्न ,सुषुप्ति और तुरिया संसार का हर प्राणी सोता है और तीनों अवस्थाओं में उसे संसार की वस्तुओं का आभास होता रहता है। प्रभु का उन अवस्थाओं में दर्शन नहीं होता है, जो तुरिया अवस्था समाधि की अवस्था व्यक्ति की एक जैसी होती है। उस अवस्था मे व्यक्ति को संसार का ध्यान नहीं रहता है। केवल वह प्रभु के वास्तविक स्वरूप से जुड़ जाता है। उसी समाधि अवस्था का सदियों से हमारे संत-महान पुरुषों ने समय-समय पर जिक्र किया है। तुरिया अवस्था समाधि की अवस्था होती है उसमें प्रभु के अध्यात्मिक ज्ञान शब्द ब्रह्म से जुड़ कर उसका अनुभव करना होता है।

श्री महाराज जी ने कहा कि जब हम सच्चे नाम का सुमिरन करते हुए ,भजन करते हुए, प्रभु में समाहित हो जाते हैं तो हम संसार के भवसागर में डूबते नहीं है फिर हमारा जन्म मरण नहीं होता है, फिर हमारा उद्धार हो जाता है, हम सदा के लिए मुक्त हो जाते हैं। यही मार्मिक बातें हमारे संतो ने बताई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रभु के नाम का सुमिरन करे ,जो भक्त होता है, साधक होता है वह गुरु महाराज के ज्ञान में विश्वास करता है। प्रभु के नाम सुमिरन से पूरे वातावरण को पवित्र करता है। सकारात्मक सोच को आगे लाता है। उससे धीरे-धीरे नकारात्मक विनाशकारी सोच खत्म हो जाती है।

सद्भावना सम्मेलन में नेपाल की राजधानी काठमांडू से आए विशिष्ट अतिथियों ने सम्मिलित हो कर राष्ट्र संत सतपाल महाराज को अभिनंदन पत्र भी भेंट किया। इनमें नेपाल के डॉ. मिलन कुमार थापा, सदस्य सचिव, पशुपति क्षेत्र विकास कोष, रमेशराज शिवकोटी , वरिष्ठ परिषद सदस्य, पशुपति क्षेत्र विकास कोष तथा फिलींग तमांग, हिंदू युवा अभियंता प्रमुख शामिल थे। इस दौरान शिष्टाचार भेंट के साथ साथ दोनों देशों के पारंपरिक एवं मित्रवत संबंधों पर विस्तार पूर्वक चर्चा भी हुई।

सम्मेलन में पूर्व मंत्री माता अमृता रावत, विभु जी महाराज ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित किया तथा सभी अतिथियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। संत महात्माओं ने अपने विचार रखे। मंच संचालन महात्मा हरि संतोषानंद जी ने किया।

चोरियों के खुलासे पर पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया

ऋषिकेश। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश ने क्षेत्र में हो रही चोरियों के खुलासे को लेकर खुशी जताई है। संस्था ने ऋषिकेश के पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया। बुधवार को नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश के सदस्य कोतवाली पहुंचे। वहां उन्होंने कोतवाल रवि सैनी, एसएसआई डीपी काला और अन्य पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया। संस्था के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने कहा कि तीन दिन पूर्व ऋषिकेश निवासी प्रतिष्ठित व्यापारी गुरविंदर सिंह का ड्राइवर छोटा हाथी सहित उनके 4 लाख 80 हजार रुपये लेकर फरार हो गया था। इसकी शिकायत उन्होंने ऋषिकेश कोतवाली में लिखवाई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गाड़ी की लोकेशन खंगाली। गाड़ी की लोकेशन अंबाला में मिली, इसको अंबाला से बरामद किया गया तथा पुलिस की सक्रियता से ड्राइवर मसूरी के नजदीक कैंपटी फॉल से पकड़ा गया। आरोपी से 4 लाख 20 हजार रुपये भी बरामद हो गए हैं। वहीं दूसरी घटना लक्ष्मणझूला रोड पर व्यापारी मनोज नौटियाल के साथ हुई। इसमें उनके 70000 रुपये पर्स सहित गिर गए। पुलिस ने सीसीटीवी की लोकेशन को देखते हुए उस व्यक्ति को ढूंढ निकाला, जिसने वह पर्स उठाया था और 70 हजार की धनराशि बरामद कर ली। कहा कि कोतवाल रवि सैनी के नेतृत्व में ऋषिकेश पुलिस बेहतरीन कार्य कर रही है। इस दौरान उप निरीक्षक अरुण त्यागी, उमाकांत, नवनीत नेगी, मनोज कुमार को भी सम्मानित किया गया। मौके पर अरविंद जैन, पार्षद राकेश मियां, रवि जैन, राजकुमार तलवार, पवन शर्मा, मनोज टुटेजा, प्रदीप गुप्ता, संदीप खुराना, एकांत गोयल, अभिषेक शर्मा, आशु डंग, महेश किंगर, अमर गुप्ता, नवीन गांधी आदि उपस्थित रहे।

चीला पावर हाउस से मिला बेटे का शव, पिता अभी भी लापता

ऋषिकेश। चीला शक्ति नहर में ऋषिकेश निवासी पिता-पुत्र की तलाश में एसडीआरएफ की टीम कई दिनों से सर्च ऑपरेशन में जुटी थी। बुधवार को तीन वर्षीय राघव पुत्र अर्चित बंसल का शव एसडीआरएफ की टीम ने चीला पावर हाउस से बरामद कर लिया है। शव को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया है। जबकि कार और बच्चे के पिता का अभी तक पता नहीं चल पाया है। एसडीआरएफ उपनिरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि 12 दिन पूर्व अर्चित बंसल पुत्र सुनील बंसल और उनका 3 वर्षीय बेटा राघव निवासी भरत विहार ऋषिकेश शाम के समय अपनी कार से बाजार जाने की बात कहकर घर से निकले थे। लेकिन देर रात तक वह घर वापस नहीं आए। काफी तलाशने के बाद भी जब पिता-पुत्र का पता नहीं चला तो मामला कोतवाली पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने अपने स्तर से मामले में जांच शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि जिस कार की तलाश पुलिस कर रही है, उसे बैराज से हरिद्वार जाने वाली चीला नहर में गिरते हुए देखा गया है।  यह सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च अभियान में जुटी थी। बुधवार को नहर का पानी रोका गया था, इसके बाद राघव का शव बरामद हुआ है। शव को ऋषिकेश पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

बजट स्वीकृति पर जताई खुशी, कैबिनेट मंत्री अग्रवाल को सम्मानित किया

ऋषिकेश।  गौहरीमाफी वासियों ने क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा एवं सिंचाई नहरों के निर्माण कार्यों के लिए बजट स्वीकृति पर खुशी जताई है। इसके लिए क्षेत्रवासियों ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को सम्मानित किया। बुधवार को गौहरीमाफी स्थित हाईस्कूल में क्षेत्रवासियों ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को सम्मानित किया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब कोई उनका सम्मान करता है, तो उन्हें इस बात का एहसास होता है कि उन्हें ओर जिम्मेदारी के साथ आगे विकास कार्य करने हैं। कहा अब जनता को बाढ़ की समस्या से नहीं जूझना होगा। जनता की गंभीर समस्या को जानते हुए उन्हें नौ करोड़ 68 लाख रुपये की धनराशि सौंग नदी के दांये तट पर स्थित ग्राम गौहरीमाफी में बाढ़ सुरक्षा कार्य आरंभ करने के लिए स्वीकृत कराई है। इसमें एक किलोमीटर तक तीन मीटर ऊंची दीवार का निर्माण होगा। जहां से बाढ़ का पानी प्रवेश करता है, उस स्थान पर साढ़े चार मीटर ऊंची दीवार का निर्माण दो माह के भीतर करा दिया जाएगा। इसी तरह एक करोड़ 32 लाख रुपये की धनराशि से गौहरीमाफी में नहरों, पुरानी शाखा गूलों का पुनरूद्धार और नयी पक्की गूलों का निर्माण कार्य इस मानसून से पूर्व हो जाएगा। उन्होंने सत्यनारायण मंदिर से गौहरीमाफी तक सड़क निर्माण जल्द कराने का भरोसा भी दिलाया। मौके पर ग्राम प्रधान गौहरीमाफी रोहित नौटियाल, श्यामपुर मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, चंदन सिंह रावत, रायवाला प्रधान सागर गिरी, रमेश कंडारी, सुरेंद्र रावत, दिनेश रावत, भगवती सेमवाल, उप प्रधान रेखा पोखरियाल, अधीक्षण अभियंता सिंचाई केके तिवारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई डीसी उनियाल, सहायक अभियंता अनुभव नौटियाल, निर्मला नौटियाल, दर्शनी देवी, रजनी उनियाल, निर्मला रावत, राजेश जुगलान आदि उपस्थित रहे।

हिमालय गंगा और उनके जलस्रोत: भारतीय जीवन का आधार विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

उत्तराखंड में धारे, मंगरौं का है सामाजिक, सांस्कृतिक महत्व: त्रिवेंद्र रावत
विकासनगर। वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डाकपत्थर में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति और मानव सभ्यता के लिए हिमालय, सदानीरा नदियों और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर दिया। साथ ही पर्यावरण असंतुलन से हिमालय हो रहे नुकसान पर चिंता जताई। वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डाकपत्थर में बुधवार को ‘ हिमालय गंगा और उनके जलस्रोत: भारतीय जीवन का आधार विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। पूर्व सीएम रावत ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र के बाशिंदों के पेयजल के पारंपरिक साधन प्राकृतिक जलस्रोत ही होते हैं। हिमालयी क्षेत्र में जलस्रोतों के आसपास ही गांव विकसित हुए। इन जलस्रोतों को धारा, मंगरा कहा जाता है। बताया कि धारे मंगरों का सामाजिक, सांस्कृतिक महत्व भी है। इसीलिए विवाह और अवसरों पर इनकी पूजा की जाती है। बताया कि प्राकृतिक जल स्रोत सदियों से भारतीय संस्कृति में धार्मिक और सांस्कृतिक तौर पर महत्वपूर्ण रहे हैं। लिहाजा सदियों से ही इन्हें संरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। श्रीदेव सुमन विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. पीपी ध्यानी ने कहा कि गंगा और हिमालय सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। गंगा किनारे और हिमालय की तलहटियों में ही भारतीय संस्कृति पल्लवित हुई है। सनातन धर्मग्रंथों और भारतीय साहित्य में दोनों को ही बड़ा महत्व दिया गया है। कहा कि गंगा भारतीयों के लिए जीवनदायिनी और आस्था का ही केंद्र नहीं है, बल्कि पूरी भारतीय संस्कृति को समाहित किए हुए हैं। डा. दीपक भट्ट ने हिमालय और गंगा के भौगोलिक महत्व की जानकारी दी। विकासनगर विधायक मुन्ना चौहान ने हिमालयी क्षेत्र में हो रहे भौगोलिक परिवर्तन, ग्लेशियरों के बड़ी मात्रा में पिघलने और प्राकृतिक जलस्रोतों के समाप्त होने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि मानव अभी भी नहीं संभला तो धरती से जीवन की समाप्ति हो जाएगी। उन्होंने हिमालय, गंगा, जलस्रोतों के संरक्षण के लिए वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयास पर जोर दिया। इस दौरान प्राचार्य प्रो. गोविंद राम सेमवाल, प्रो. दिनेश चंद्र नैनवाल, प्रो. संदीप शर्मा, डा. संतोष कुमार राय, प्रो. मधु थपलियाल, प्रो. आरएस गंगवार, डा. दीप्ति बगवाड़ी, प्रो. आनंद सिंह आदि मौजूद रहे।

महिला से चेन छीनकर भाग रहे आरोपी को पकड़ा

ऋषिकेश।  वीरभद्र रोड पर सब्जी लेकर घर जा रही एक महिला के गले से स्नेचर चेन छीनकर भाग गया। वारदात के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी को आस्थापथ से धर लिया। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।  कोतवाली पुलिस के मुताबिक, आवास विकास कालोनी निवासी स्वाति यादव बुधवार को सब्जी लेकर घर जा रही थी। इसी दौरान एक युवक अचानक झपट्टा मारकर उनके गले से चेन छीनकर फरार हो गया। इससे महिला घबरा गई। तत्काल पूर्व सभासद अशोक पासवान को घटना से अवगत कराया। सूचना मिलने पर पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से चेन स्नेचर को आस्थापथ से धर लिया। इसके बाद पुलिस उसे हिरासत के लेकर कोतवाली ले आई। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि आरोपी की पहचान अरिवंद गुप्ता निवासी काले की ढाल के रूप में हुई है। बताया आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

NSS is a national organization dedicated to social service Dr. Anil Verma

एनएसएस समाज सेवा को समर्पित राष्ट्रीय संगठन है : डॉo अनिल...

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यूथ रेड क्रास कमेटी के मुख्य आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉo अनिल वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवा छात्र- छात्राओं का समाज सेवा...
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