Home Blog Page 542

जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ईंधन की ओर बढ़ने की यात्रा में आई आई पी का अहम योगदान: सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को आई.आई.पी मोहकमपुर में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के 63वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि आज बैसाखी, भगवान महावीर जयंती, डा. भीमराव अंबेडकर जयंती तथा सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) स्थापना दिवस है। इस अवसर पर उन्होंने सर्वप्रथम भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अबेंडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने आईआईपी द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश में जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ईंधन की ओर बढ़ने की यात्रा में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान का अहम योगदान रहा है। आईआईपी के वैज्ञानिकों ने शोध के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। जिसमें प्लास्टिक से डीजल बनाने व जहाजों के लिए बायोफ्यूल बनाने जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियां शामिल हैं। आईआईपी ने ऊर्जा और ईंधन के क्षेत्र में ही नहीं अपितु वैश्विक महामारी के दौरान भगीरथ प्रयास और सेवा से जन-जन के लिए उपयोगी कार्यों सहित अभिनव अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के लाभ का अद्धितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। संस्थान ने पूरे भारतवर्ष में 108 ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए हैं। जिसमें से उत्तराखंडवासियों की सेवा में अल्मोड़ा, चमोली, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, रूद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल तथा ऊधमसिंह नगर सहित 08 संयंत्र स्थापित किए गए हैं। जिससे इन जनपदों के 100 से अधिक चिकित्सालय लाभान्वित हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के तीव्र विकास के लिए संस्थानों एवं विभागों  की भूमिका भी अहम हो जाती है। उन्होंने कहा कि आईआईपी राज्य के 10 सीमान्त विकासखण्डों को एडोप्ट कर उनके विकास में योगदान के बारे में सोचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तरखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। हम आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की ओर आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि यह दशक विकास की दृष्टि से उत्तराखण्ड का दशक होगा। उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए सभी को आगे आना होगा। जन सहभागिता एवं जन सहयोग से उत्तराखण्ड का समग्र विकास किया जायेगा। उत्तराखण्ड देवभूमि, वीरभूमि के साथ ही संस्कृति एवं आध्यात्म का केन्द्र भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआईपी देहरादून देश का एक मात्र बायोजेट ईंधन निर्माता है। वर्ष 2018 में देहरादून से दिल्ली तक की भारत की पहली बायोजेट ईंधन प्रचालित उड़ान में इसी बायोजेट ईंधन का प्रयोग किया गया था। 05 केन्दीय मंत्रियों द्वारा इस बायोजेट ईंधन उड़ान के दिल्ली आगमन पर स्वागत किया गया । उत्तराखंड के युवाओं की कौशल वृद्धि एवं आजीविका के बेहतर अवसर हेतु संस्थान द्वारा अनेक कार्य किये जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि आईआईपी के वैज्ञानिक वानाग्नि, फलों-सब्जियों के भंडारण एवं परिवहन तथा वाहनों एवं डीजल जेनसेट से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम एवं प्रबंधन क्षेत्रों में भी तेजी से कार्य करेंगे।  इस अवसर पर निदेशक, सीएसआईआर-आईआईपी डा. अंजन रे, निदेशक आर एंड डी आईओसीएल डा. एसएसवी रामकुमार, श्रीमती पूर्णिमा अरोड़ा, श्री दुर्गेश पंत, श्री सोमेश्वर पांडेय एवं संस्थान के वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

‘‘उत्तराखंड के महानायक पुस्तक’’ का विमोचन किया

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में ‘‘उत्तराखंड के महानायक पुस्तक’’ का विमोचन किया। यह पुस्तक  योगेश कुमार एवं  अजित द्वारा लिखी गई है। इस पुस्तक में उत्तराखण्ड के दस महान विभूतियों पंडित बद्री दत्त पाण्डे, गौरा देवी, पंडित गोविन्द बल्लभ पंत, गौरा पंत ‘शिवानी’, कबूतरी देवी, माधो सिंह भण्डारी, शैलेश मटियानी, श्रीदेव सुमन, तीलू रौतेली एवं वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली के बारे में जानकारी दी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब देश में आज़ादी का अमृत महोत्सव  मनाया जा रहा है। ऐसे में उत्तराखण्ड की महान विभूतियों के कार्यों एवं उनके योगदान के बारे में लोगों को जानकारी मिले, इस पुस्तक के माध्यम से सराहनीय प्रयास किया गया है। उत्तराखण्ड की धरती ने कई स्वतंत्रता सेनानियों, देशभक्तों, लेखकों और राजनेताओं को जन्म दिया है। इस पुस्तक में दी गई जानकारी हमारे नायकों के बलिदान और देश के प्रति समर्पण भाव के बारे में लोगों को कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगी।

सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार में सतपाल महाराज की निर्णायक भूमिका:  दीपक तालियान

हरिद्वार। ऋषिकुल मैदान में आयोजित सद्भावना सम्मेलन में पहुंचे कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से सेव गंगा फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने भेंटवार्ता कर आशीर्वाद लिया। सेव गंगा फाउंडेशन द्वारा चलाये जा रहे सेवा कार्यो की भी चर्चा की। दीपक तालियान ने कहा कि देश विदेश में सनातन संस्कृति एवं आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार प्रसार करने में कैबिनेट मंत्री एवं आध्यात्मिक गुरू सतपाल महाराज निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। सद्भावना सम्मेलन से समरसता का वातावरण उत्पन्न होता है। श्रद्धालु भक्तों को सनातन संस्कृति का ज्ञान भी प्राप्त होता है। मानव सेवा के प्रकल्पों की जानकारी भी प्राप्त होती है। दीपक तालियान ने कहा कि देश दुनिया में आध्यात्मिक गुरू सतपाल महाराज भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार में अपना विशेष योगदान दे रहे हैं। राज्य के निर्माण में भी आध्यात्मिक गुरू सतपाल महाराज का योगदान अग्रणी है। इस अवसर पर मनीष चौधरी, अमित शर्मा, रजत भारद्वाज ने भी सतपाल महाराज से आशीर्वाद लिया।

कई प्रतिभाओं के धनी थे डा.भीमराव अंबेडकर:  मदन कौशिक

हरिद्वार। डा.भीमराव अंबेडकर जन्मोत्सव समिति के तत्वाधान में डा.अंबेडकर की 131वीं जयंती पर ज्वालापुर रेलवे फाटक स्थित मार्ग भवन में बाबा साहब डा.भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजली दी। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, समाजसेवी विशाल गर्ग, बसपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य ब्रजवाल ने कार्यक्रम को संबोधित किया। जन्मोत्सव समिति के संयोजक राजेंद्र देवल, सहसंयोजक विशाल राठौर,  अध्यक्ष केहर सिंह, उपाध्यक्ष नेपाल सिंह, महेश उलियान, महामंत्री योगेश कुमार, कोषाध्यक्ष सुमित कुमार, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्याममल दबोड़िए ने मुख्य अतिथी मदन कौशिक का स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने बाबा साहब डा.अंबेडकर के बताए हुए रास्ते पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि डा.बी.आर. अंबेडकर कई प्रतिभाओं के धनी थे। वे एक राजनीतिज्ञ, न्यायविद, अर्थशास्त्री और समाज सुधारक थे। इसके अलावा, अंबेडकर दलित बौद्ध आंदोलन के पीछे की ताकत थे। समाजसेवी डा.विशाल गर्ग ने कहा कि डा.अंबेडकर ने तत्कालीन भारतीय समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव सामाजि अन्याय के खिलाफ लड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जन्मोत्सव समिति के अध्यक्ष केहर सिंह व संयोजक राजेंद्र देवल ने कहा कि अन्याय के खिलाफ इस लड़ाई में डा.अम्बेडकर ने दलित शोषित समाज का नेतृत्व करते हुए उन्हें न्याय दिलाया। उपाध्यक्ष नेपाल सिंह व सहसंयोजक विशाल राठौर ने कहा कि देश का संविधान लिखने वाले डा.अंबेडकर बाद भारत के पहले कानून और न्याय मंत्री थे। कार्यक्रम के दौरान संत शिरोमणी श्री गुरू रविदास संकीर्तन मण्डल द्वारा भक्ति गीतों की प्रस्तुती दी गयी। इस अवसर पर विक्रांत राठौर, जोगेंद्रपाल रवि, बाबूराम देशवाल, धर्मराज, रोहितास चौहान, शिवपाल आदि मौजूद रहे।

लायंस क्लब हरिद्वार तीर्थ ने गरीब कन्या के विवाह के लिए भेंट किए उपहार

हरिद्वार। लायंस क्लब हरिद्वार तीर्थ के पदाधिकारियों ने गरीब परिवार की कन्या के विवाह में उपहार स्वरूप फ्रिज, कूलर व चार कुर्सीयों का सेट भेंट किया। इसके अलावा एक अन्य जरूरतमंद गरीब परिवार को इक्यावन सौ रूपए की आर्थिक मदद भी दी। लगभग एक माह पूर्व कनखल बैरागी कैंप स्थित बजरी वाला में झुग्गी बस्ती में आग लगने से 37 झोंपड़ियां जल गयी थी। झोंपड़ियों में रखा सभी सामान भी जलकर राख हो गया था। अग्निकांड में बस्ती के एक परिवार द्वारा बेटी की शादी के लिए जुटाया गया सामान भी जल गया था। स्थानीय पार्षद सचिन अग्रवाल के कन्या के विवाह में मदद करने के आग्रह पर लायंस क्लब के पदाधिकारियों अध्यक्ष मनीष गुप्ता, सीएम गोयल, आलोक गुप्ता, श्याम गोयल, अरविंद मूर्ति गोयल, अक्षम गोयल, रणवीर अहलावत आदि ने बृहष्पतिवार को बस्ती में पहुंचकर पीड़ित परिवार को बेटी की शादी के लिए उपहार स्वरूप फ्रिज, कूलर व कुर्सीयों का सेट भेंट किया। साथ ही बस्ती के ही एक अन्य परिवार को इक्यावन सौ रूपए की आर्थिक मदद भी प्रदान की। इस अवसर पर लायंस क्लब हरिद्वार तीर्थ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने कहा कि सामाजिक सरोकारों के तहत लायंस क्लब की और अग्निकांड में सभी कुछ गंवा चुके पीड़ित परिवार की बेटी की शादी के लिए मदद दी गयी। इसके अलावा  आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे एक अन्य परिवार को भी आर्थिक मदद दी गयी है। सभी को गरीब, जरूरतमंदों की मदद के लिए सदैव आगे आना चाहिए। पार्षद सचिन अग्रवाल ने लायंस क्लब तीर्थ के पदाधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि समाज सेवा के क्षेत्र में लायंस क्लब की अग्रणी भूमिका है।

सीएम ने दी भगवान महावीर और डा अम्‍बेडकर को श्रद्धांजलि

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में भगवान महावीर स्वामी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह की शिक्षा देने वाले जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर जी द्वारा दी गयी शिक्षा समस्त मानव समाज के कल्याण हेतु सदैव पथ प्रदर्शक का कार्य करती रहेगी। भगवान महावीर अहिंसा और त्याग की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने अहिंसा को परम धर्म माना और समाज को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। मुख्यमंत्री धामी ने  कहा कि डॉ. भीमराव बाबा साहेब अंबेडकर एक महान विचारक थे, उन्होंने समाज में सबको समान अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।  उन्होंने सामाजिक भेदभाव को दूर करने और समानता का सिद्धांत लागू करने के लिए भारतीय संविधान का मार्ग चुना। डॉ. अंबेडकर ने  समाज से अश्पृश्यता एवं कुप्रथाओं को मिटाने, समरसता स्थापित करने और पिछड़े तबके को मुख्यधारा में लाने में अहम भूमिका निभाई।

सारथी फाउंडेशन समिति ने अम्बेडकर जयंती मनाया

हल्द्वानी। सारथी फाउंडेशन समिति के द्वारा विमल कुंज छोटी मुखानी स्थित कार्यालय में भारत रत्न डा० भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। गुरुवार के कार्यक्रम में बोलते हुए सुमित्रा प्रसाद जी ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने समाज के सभी वर्गों को एक रखने का कार्य किया और देश को एक मजबूत संविधान दिया। वक्ता के रूप में बोलते हुए नवीन पंत ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने कहा कि संप्रदाय का उत्थान उस समाज में महिलाओं के उत्थान से जाना जाता है। और कहा की उनके बताए हुए आदर्शों पर चलें। आज के कार्यक्रम में प्रेमा जोशी, दिशांत टंडन ज्ञानेंद्र जोशी, मदन मोहन जोशी, दीप्ति चुफाल, प्रेमलता पाठक, कंचन कश्यप, नीलू नेगी, विनीता वर्मा, जाकिर हुसैन, मनीष पंत, भवानी सूठा, केतन जायसवाल आदि मौजूद रहे।

रं कल्याण संस्था ने एसडीएम को स्मृति चिन्ह भेंट कर विदाई दी

पिथौरागढ़। धारचूला के उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला का बेरीनाग स्थानांतरण होने पर रं संग्रहालय के सभागार में विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष दीपक रोंकली ने की। जिसमें 3 वर्षों में उपजिलाधिकारी के द्वारा दारमा,ब्यास,तथा चौदास वैली में ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता से किए गए कार्यों के लिए उनकी सराहना की गई। संगठन के कार्यकर्ताओं ने उनको शॉल ओढ़ाकर तथा याक का स्मृति चिन्ह देकर विदाई दी। उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने समस्त लोगों के सहयोग के लिए उनका आभार जताया और धारचूला के लिए किए गए कार्यों की जानकारी भी दी। इस दौरान अध्यक्ष दीपक रोंकली अशोक नबियाल, देवकृष्ण फकलियाल, कृष्ण गर्ब्याल, मोहन तत्वाल, राम सिंह ह्यांकी, महिमन ह्यांकी, नृप गर्ब्याल, प्रेमा कुटियाल, क्षमा गर्ब्याल, आभा फकलियाल आदि मौजूद रहे।

सीएम धामी सहित विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने दी डॉ। अंबेडकर को श्रद्धांजलि

देहरादून। उत्तराखंड में विभिन्न राजनीतिक और अन्य संगठनों ने संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती मनाई। इस मौके पर उनके कार्यों को याद किया। साथ ही उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया। सीएम  पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सीएम  आवास में भगवान महावीर स्वामी एवं डॉ। भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सीएम  ने कहा कि अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह की शिक्षा देने वाले जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर जी द्वारा दी गयी शिक्षा समस्त मानव समाज के कल्याण हेतु सदैव पथ प्रदर्शक का कार्य करती रहेगी। भगवान महावीर अहिंसा और त्याग की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने अहिंसा को परम धर्म माना और समाज को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। सीएम  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डॉ। भीमराव बाबा साहेब अंबेडकर एक महान विचारक थे, उन्होंने समाज में सबको समान अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने सामाजिक भेदभाव को दूर करने और समानता का सिद्धांत लागू करने के लिए भारतीय संविधान का मार्ग चुना। डॉ। अंबेडकर ने समाज से अश्पृश्यता एवं कुप्रथाओं को मिटाने, समरसता स्थापित करने और पिछड़े तबके को मुख्यधारा में लाने में अहम भूमिका निभाई।
कांग्रेसियों ने दी श्रद्धांजलि
आज संविधान के निर्माता भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य जी ने माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उनके साथ अनेकों कांग्रेसजन भी उपस्थित थे। इनमे मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, रकित वालिया, विकास, नेगी, राहुल सोनकर, ऋषभ जैन, सुधांशु पुंडीर, राकेश लाल, गौतम, मोहन काला, गुलशन सिंह आदि उपस्थित थे।
डॉक्टर अंबेडकर के सिद्धांत पूरी दुनिया के वंचितों के लिए प्रेरणादायकः सूर्यकांत धस्माना
डॉक्टर अंबेडकर केवल भारत के नहीं, बल्कि पूरे विश्व के वंचितों शोषितों व दबे कुचले लोगों के लिए प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं और आज भी हैं। यह बात उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना ने अंबेडकर महासंघ की ओर से भारत के संविधान निर्माता भारत रत्न डॉक्टर भीम राव अंबेडकर की 131 वीं जयंती के अवसर पर शास्त्रीनगर कांवली में अंबेडकर भवन में आयोजित भव्य जयंती समारोह में कही। इस मौके पर बाबा साहेब व संत रविदास की मूर्तियों पर मालार्पण किया गया। इसके पश्चात उपस्थित समुदाय को बतौर मुख्यातिथि संबोधित करते उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने वंचित समाज को सबसे बड़ा मूल मंत्र शिक्षित बनो, संगठित हो और संघर्ष करो दिया जो आज के युग में सबसे ज्यादा सार्थक हैं। शिक्षित होकर संगठित होकर अपने मौलिक अधिकारों को हासिल करने के लिए संघर्ष की आवश्यकता है। क्योंकि वंचित समाज को धर्म का घोटा पिला कर उन्हें उनके अधिकारों से वमचित रखने का कुचक्र वो लोग रच रहे हैं, जिन्होंने वंचित समाज का सदियों से जाती पाती और छुआ छूत से शोषण किया। धस्माना ने कहा कि वंचित समाज का शोषण करने वाली फासिस्ट ताकतों को जब लगा कि वंचित समाज बाबा साहेब के बताए रास्ते पर चलकर शिक्षित भी हो रहा है। संगठित भी तो वे अब धर्म को हथियार बना कर साम्प्रदायिकता फैला कर एक बार फिर वमचितों को भटकाने का कुचक्र रच रहे हैं। जिससे शोषित वर्ग को सावधान रहना चाहिए। क्योंकि यह वही ताकतें हैं जिन्होंने डॉक्टर अंबेडकर के संविधान को कभी माना ही नहीं।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक अवधेश कथीरिया ने धस्माना का स्वागत करते हुए कहा कि धस्माना एक ऐसे समाज सेवी हैं जो हमेशा शोषित वंचित समाज के सुख दुख में साथ खड़े रहते हैं। इस अवसर पर पूर्व पार्षद राजेश पुंडीर, लक्ष्मी देवी, अनीता दास, मीनाक्षी बिष्ट, मेहमूदन, मनीष भदौरिया, डॉक्टर दीपक बिष्ट, सलीम अंसारी समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र की जनता उपस्थित रही।
एम्स ऋषिकेश में दी गई बाबा साहेब को श्रद्धांजलि
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में बृहस्पतिवार को संविधान निर्माता बाबा साहेब डा। भीमराव आंबेडकर जी की जयंती पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। इस अवसर पर संस्थान के अधिकारियों, चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों व स्टाफ मेंबरों ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बाबा साहेब की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में एम्स के संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने कहा कि डा। आंबेडकर जी का भारत के लोकतंत्र में योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। कहा कि उन्होंने समाज के शोषित वर्ग से अपनी काबिलियत के बूते आगे निकलकर भारत ही नहीं दुनिया में जो मुकाम हासिल किया, उसकी सबसे बड़ी वजह उनकी शिक्षा, ज्ञान व बुद्धिमत्ता थी।
डीन एकेडमिक प्रो.मनोज गुप्ता ने बताया कि डा। आंबेडकर जी को कोलंबिया व इंग्लैंड प्रवास के समय काल में जिन देश-दुनिया के लोगों से उनका विमर्श हुआ, इससे उनका वैचारिक फलक व्यापक हुआ और वह सामाजिक परिवर्तन के लिए वृहद स्तर पर सोच सके। उन्होंने कहा कि डा.आंबेडकर का जीवन दर्शन हम सबके लिए प्रेरणाप्रद है। इस अवसर पर संस्थान के उपनिदेशक ले.कर्नल अच्युत रंजन मुखर्जी, प्रो.यूबी मिश्रा, प्रो.संजीव कुमार मित्तल, प्रो.शालिनी राव, डा। रोहित गुप्ता, डा। सतीश रवि, डा। योगेश सिंह, डा.पूर्वी कुलश्रेष्ठा, डा.वंदना धींगड़ा, वित्तीय सलाहकार कमांडेंट पीके मिश्रा, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, रजिस्ट्रार राजीव चौधरी, विधि अधिकारी प्रदीप चंद्र पांडेय के अलावा अन्य संकाय सदस्य, स्टूडेंट्स मौजूद थे।
माकपा ने भीमरावअम्बेडकर की 131 वीं जयंती पर उन्हें याद किया
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने देहरादून स्थित कार्यालय में आज बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की 131वीं जयंती पर उन्हें याद किया तथा उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।इस अवसर पर बाबा साहेब के जीवनवृत के सन्दर्भ में संगोष्ठी का आयोजन किया। वक्ताओं ने कहा है कि 14 अप्रैल 1891 मिथ आर्मी कैन्टोमेन्ट में जन्मे संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर तत्कालीन समाज के सर्वाधिक कमजोर परिवार से सम्बद्ध रखते थे। जो कि सदियों से सामन्ती व्यवस्था के जकड़न में था तथा भारी भेदभाव झेल रहा था। उन दिनों दलित, पिछड़ों तथा महिलाओं को सांमती व्यवस्था में काफी कुछ प्रतिबन्धों को झेलना पड़ता था। उन्हें खुलेतौर पर सार्वजनिक स्थानों आने जाने में भारी प्रतिबन्ध था। उनका जीवन रूढिवादी समाज की इच्छा तथा दया पर निर्भर था।
वक्ताओं ने कहा है कि यह सब कुछ अम्बेडकर के साथ परिवार के साथ भी पीढ़ी दर पीढ़ी हो रहा था। दलित परिवार से होने के नाते सामन्ती व्यवस्था की कुप्रथाओं का शिकार उन्हें पल पल सहना पड़ा। शुरुआत स्कूल से ही भेदभाव से हुई। इसके बावजूद भी वे समाज से जुझते रहे और उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। वे सामाजिक भेदभाव के खिलाफ दलितों तथा समाज के दबे कुचले वर्ग के जागरण के लिए लिखते भी रहे तथा आन्दोलन भी करते रहे। वक्ताओं ने कहा कि वे आधुनिक भारत के संविधान निर्माता थे। उनकी दूरदर्शिता के परिणामस्वरूप दलितों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं, आदिवासियों तथा समाज के कमजोर तबकों को शिक्षा, नौकरियों में आरक्षण आदि का अधिकार मिला। इस कारण आज उनके जीवन स्तर में सुधार देखने को मिला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी नेता इन्दु नौडियाल ने की। मुख्यवक्ता के रूप में सचिव मंडल के सदस्य लेखराज ने विचार रखे। संचालन महानगर सचिव अनन्त आकाश ने किया। इस अवसर पर ज्ञान विज्ञान समिति के अध्यक्ष विजय भट्ट, एस एफ आई महामंत्री हिमांशु चौहान, ट्रेड यूनियन नेता अनिल गोस्वामी, रविन्द्र नौडियाल, दयाकृष्ण पाठक, मामचंद, युवा नेता सत्यम, पंकज, मनमोहन, अर्जुन रावत, शहजाद आदि ने विचार व्यक्त किये।

उत्तराखंड में कोरोना के 8 नए केस

देहरादून।  उत्तराखंड में 24 घंटे के भीतर कोरोना के 8 नए मरीज मिले हैं। जबकि 16 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। वहीं, एक्टिव केस की संख्या 53 रह गई है। पिछले 24 घंटे में एक भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। प्रदेश में सैंपल पॉजिटिविटी रेट की बात करें तो 0.57% है। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, एक जनवरी 2022 से लेकर अभीतक प्रदेश में 92,224 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 88,682 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट 96.16% है। वहीं, इस साल अब तक 274 मरीजों की मौत हुई है।
पिछले 24 घंटे में जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो अल्मोड़ा में 2, देहरादून में 5 और नैनीताल में 1 नया कोरोना मरीज मिला है। इसके अलावा किसी भी जनपद में कोई नया कोरोना संक्रमित नहीं मिला है।
वैक्सीनेशन-  प्रदेश में गुरुवार को 3,307 लोगों का कोविड वैक्सीनेशन हुआ है। अभी तक कुल 87,79,451 लोग फुल वैक्सीनेट हो चुके हैं। वहीं, 3 जनवरी से शुरू हुए 15 से 17 साल के बच्चों के टीकाकरण में अभी तक 3,28,283 बच्चों को फुल वैक्सीनेट किया गया है। जबकि 4,85,865 बच्चों को पहली डोज लग चुकी है। वहीं, 12 से 14 वर्ष तक के 1,65,064 बच्चों को वैक्सीन लगी है।

NSS is a national organization dedicated to social service Dr. Anil Verma

एनएसएस समाज सेवा को समर्पित राष्ट्रीय संगठन है : डॉo अनिल...

0
यूथ रेड क्रास कमेटी के मुख्य आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉo अनिल वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवा छात्र- छात्राओं का समाज सेवा...
romabet romabet romabet
deneme bonusu veren siteler