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मुख्य सचिव ने “लौह पुरुष” की जयंती पर शासन के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई

Chief Secretary administered the oath of unity and integrity to all senior officers of the government on the birth anniversary of the Iron Man
Chief Secretary administered the oath of unity and integrity to all senior officers of the government on the birth anniversary of the Iron Man

देहरादून।  मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर शासन के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई। शपथ में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने और अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सचिव नीतेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, श्रीधर बाबू अद्दांकी, युगल किशोर पंत एवं कुंभ मेलाधिकारी सोनिका सहित मुख्य सचिव के वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव एम.एल. उनियाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया यूनिटी मार्च वॉकथॉन का शुभारंभ, सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि

Chief Minister inaugurates Unity March Walkathon, pays tribute to Sardar Patel
Chief Minister inaugurates Unity March Walkathon, pays tribute to Sardar Patel

देहरादून।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की जयंती के अवसर पर घंटाघर में उनकी मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी एवं एकता पदयात्रा का शुभारंभ कर उसमें प्रतिभाग भी किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वदेशी अपनाने और नशा मुक्त उत्तराखंड की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने भारत के लौह पुरुष, भारत रत्न, सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि उनके अदम्य साहस, दूरदर्शिता और राष्ट्र समर्पण की भावना के कारण ही आज भारत एक शक्तिशाली और एकीकृत राष्ट्र के रूप में खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का सम्पूर्ण जीवन देश की एकता और अखंडता को समर्पित था। उन्होंने 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरो कर अखंड भारत का निर्माण किया। ऐसे महापुरुष के योगदान को नमन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में 16 नवंबर तक प्रत्येक जिले के तीन स्थानों पर वॉकथॉन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक आयोजन स्थल पर 8 से 10 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ नशा मुक्त भारत, एक पेड़ मां के नाम तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे जन-जागरूकता अभियानों को भी जोड़कर समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वॉकथॉन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता की भावना को सशक्त करने का माध्यम है। इससे युवाओं में राष्ट्र निर्माण, अनुशासन, और सेवा की भावना प्रबल होगी।उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आह्वान किया कि राज्य के सभी नागरिक एकजुट होकर इस संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी रेखा आर्या, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, सविता कपूर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल एवं एसएसपी अजय सिंह मौजूद थे।

राष्ट्रीय एकता दिवस पर इंडिया ऑपटेल लिमिटेड में “रन फॉर यूनिटी” का भव्य आयोजन

A grand “Run for Unity” was organised at India Optel Limited on National Unity Day.
A grand “Run for Unity” was organised at India Optel Limited on National Unity Day.

देहरादून(आरएनएस)। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस पर इंडिया ऑपटेल लिमिटेड में “रन फॉर यूनिटी” का आयोजन बड़े ही उत्साह और जोश के साथ किया गया। इस अवसर पर कंपनी के एस्टेट परिसर में सुबह से ही अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों की भारी भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ के साथ की गई, जिसमें सभी उपस्थित जनों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने का संकल्प लिया। इसके बाद रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में इंडिया ऑपटेल लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तुषार त्रिपाठी, निदेशक (एचआर) शर्मिष्ठा कौल शर्मा, निदेशक (वित्त) विशाल गर्ग, मुख्य महाप्रबंधक (ओ.एल.एफ.) हरीश कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (ओ.एफ.डी.) सी.एस. ठाकुर, तथा महाप्रबंधक (एचआर) एस.एस. परिहार सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिजनों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
रन के दौरान सभी प्रतिभागियों ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का नारा लगाते हुए राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। आयोजन का उद्देश्य सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए देश की एकता, अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द को सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तुषार त्रिपाठी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि रन फॉर यूनिटी केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि देश की विविधता में एकता के प्रतीक “लौह पुरुष” को नमन है।

सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर चित्र प्रदर्शनी आयोजित, एकता गीत लॉन्च

Photo exhibition organised to mark 150th birth anniversary of Sardar Patel, Ekta Geet launched
Photo exhibition organised to mark 150th birth anniversary of Sardar Patel, Ekta Geet launched

– कार्यक्रम में केंद्रीय सरकार की 11 साल की उपलब्धियों को किया गया शामिल
देहरादून। देश के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती मनाने की तैयारियां पूरी हो गई है। केंद्रीय संचार ब्यूरो नैनीताल ने सेंट लॉरेंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल हल्द्वानी में गुरुवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन पर आधारित 2 दिवसीय चित्र प्रदर्शनी और जागरुकता अभियान की शुरुआत की। मुख्य अतिथि हल्द्वानी महापौर गजराज सिंह, कर्नल एसके जोशी, शिक्षाविद सुनील जोशी ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
सीबीसी नैनीताल की कलाकार शर्मिष्ठा बिष्ट का गाया और आनंद बिष्ट द्वारा संगीतबद्ध गीत ‘एकता का दीप जलायें हम सभी’ को भी लॉन्च किया गया।
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ दीपा जोशी ने बताया कि कार्यक्रम में केंद्रीय सरकार की पिछले 11 साल की उपलब्धियों को भी शामिल किया गया है।
महापौर ने अपने भाषण में नशे के खिलाफ एकता दिखाने की अपील की। कारगिल युद्ध लड़ चुके सेवानिवृत कर्नल एसके जोशी ने बच्चों को याद दिलाया कि देश की एकता को बनाये रखना अब उनकी ज़िम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति नृत्य और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
नृत्य प्रतियोगिता में कृष्ण राणा ने प्रथम, आराध्या रावत ने द्वितीय, और वंशिका बिश्नोई ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
चित्रकला प्रतियोगिता में श्रद्धा कश्मीरा ने प्रथम, प्राची ने द्वितीय, और संस्कृति पांडे को तृतीय स्थान मिला।
पर्वतीय उत्थान कला समिति ने रोचक सांस्कृतिक कार्यक्रमों पेश किए।
स्वयं सहायता समूह की प्रदर्शनी
कार्यक्रम में जी स्वयं सहायता समूह, पूर्णिमा स्वयं सहायता समूह, और अर्जित स्वयं सहायता समूह ने प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें ज्वार, मक्का, राजमा सहित स्थानीय दालों एवं उत्पादों को दिखाया गया। इसके अलावा हाथ से बनाये स्वेटर, जूट के बैग आदि की बिक्री से लगभग ₹5000 एकत्र किए गए।
कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय संचार ब्यूरो की श्रद्धा गुरूरानी ने किया। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी शोभा चारक ने बताया कि कार्यक्रम का समापन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित करने के साथ किया जाएगा।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी नीरज भट्ट, क्षेत्रीय प्रचार सहायक दीपक शर्मा, सीबीसी के गोपेश बिष्ट, दीवान सिंह, सेंट लॉरेंस स्कूल की प्रधानाचार्य अनिता जोशी शामिल रहे।

आईसीएआर द्वारा देहरादून के किसानों को नई गेहूँ की किस्में उपलब्ध कराई गईं

ICAR makes new wheat varieties available to Dehradun farmers

– ये किस्में आईसीएआर–भारतीय गेहूँ एवं जौ अनुसंधान संस्थान, हरियाणा द्वारा विकसित की गई हैं
देहरादून।  आईसीएआर–भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून द्वारा दो नव विकसित गेहूँ की किस्मों – डीबीडब्ल्यू 371 और डीबीडब्ल्यू 372 के ट्रुथफुल लेबल बीज देहरादून जनपद के रायपुर ब्लॉक के किसानों को 30 अक्टूबर 2025 को वितरित किए गए। ये किस्में आईसीएआर–भारतीय गेहूँ एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल, हरियाणा द्वारा विकसित की गई हैं और इन्हें उत्तर भारत के लिए अनुशंसित किया गया है। ये गेहूँ की किस्में उत्तराखंड के सिंचित एवं वर्षा आधारित दोनों प्रकार के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हैं। यह वितरण कार्यक्रम किसान प्रथम परियोजना के अंतर्गत आईसीएआर–आईआईएसडब्ल्यूसी, देहरादून में आयोजित किया गया। इस अवसर पर लगभग 50 किसानों को प्रत्येक को 20 किलोग्राम बीज परीक्षण के रूप में प्रदान किए गए।
परियोजना के प्रमुख अन्वेषक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बांके बिहारी ने किसानों को इन किस्मों के लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि इन किस्मों में उच्च आनुवंशिक क्षमता, अधिक उत्पादन, पोषक गुणवत्ता, रोग प्रतिरोधक क्षमता, कम गिरने की प्रवृत्ति तथा क्षेत्रीय अनुकूलता जैसी विशेषताएँ हैं।
इन किस्मों से मैदानी क्षेत्रों में 75–85 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तथा देहरादून क्षेत्र में 40–50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त की जा सकती है, जबकि स्थानीय किस्मों से सामान्यतः केवल 15–18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन मिलता है। साथ ही, इन किस्मों से अनाज के बराबर मात्रा में भूसा भी प्राप्त होता है, जो पशुपालन हेतु चारे की आवश्यकता पूरी करने में सहायक होगा।
डॉ. एम. मुरुगानंदम, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख (पीएमई एवं नॉलेज मैनेजमेंट यूनिट), ने गुणवत्तापूर्ण बीज और कृषि इनपुट्स के महत्व पर बल दिया। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी फसल से अगली बुवाई के लिए बीज सुरक्षित रखें, क्योंकि इन किस्मों में उच्च उत्पादन क्षमता, बेहतर प्रोटीन सामग्री होती है और ये सामान्य बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
डॉ. अभिमन्यु झाझरिया, वैज्ञानिक, आईआईएसडब्ल्यूसी ने इन नई किस्मों को अपनाने से होने वाले आर्थिक और सामाजिक लाभों पर प्रकाश डाला, जो किसानों की आय और आजीविका सुरक्षा को मजबूत करेंगे।
किसानों को अधिकतम उत्पादन के लिए अनुशंसित कृषि तकनीकी पैकेज के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें सलाह दी गई कि वे—
*  बुवाई से पूर्व बीजों को फफूंदनाशी दवा (बीजों के साथ प्रदत्त) से उपचारित करें;
*  30 अक्टूबर से 20 नवम्बर 2025 के बीच शीघ्र बुवाई करें;
*   बुवाई के लगभग 35 दिन बाद पहली सिंचाई करें;
*  पहली सिंचाई के बाद गुड़ाई/निराई करें या सल्फो-सल्फ्यूरॉन जैसे खरपतवार नाशी का प्रयोग करें;
*   पूरे फसल चक्र में 5–6 सिंचाईयाँ करें (हालाँकि 3–4 सिंचाईयों में भी अच्छा उत्पादन प्राप्त हो सकता है)।
बीज वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक लाभार्थी किसान के साथ एक व्यक्तिगत समझौता किया गया, ताकि बीजों का वैध उपयोग एवं पुनः उत्पादन हेतु खरीद-फरोख्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि पिछले तीन वर्षों में क्षेत्र में वितरित की गई उन्नत गेहूँ किस्में जैसे उन्नत पीबीडब्ल्यू 343 (सिंचित क्षेत्रों के लिए) तथा डीबीडब्ल्यू 222, डीबीडब्ल्यू 303, डीबीडब्ल्यू 187, वीएल 967 और वीएल 953 (वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए) सफलतापूर्वक स्थापित हो चुकी हैं, जिससे क्षेत्र में लगभग 80% बीज प्रतिस्थापन दर प्राप्त हुई है।
किसानों ने नई किस्मों को अपनाने के प्रति गहरी रुचि और उत्साह दिखाया तथा आईआईएसडब्ल्यूसी के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों द्वारा स्थानीय कृषि उत्पादन में सुधार हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर कुशल पाल सिंह, फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन, कोटिमाचक के प्रतिनिधि तथा संस्थान के परियोजना कार्मिक मलिक और विकास कुमार भी उपस्थित रहे।

मंत्री गणेश जोशी ने की गजियावाला में 15ग्राम पंचायतों हेतु 28 आंगनवाड़ी केंद्रों को खेल एवं पठन-पाठन सामग्री का वितरण

Minister Ganesh Joshi distributed sports and study material to 28 Anganwadi centres for 15 Gram Panchayats in Ghaziawala.
Minister Ganesh Joshi distributed sports and study material to 28 Anganwadi centres for 15 Gram Panchayats in Ghaziawala.

देहरादून। गुरुवार को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के गजियावाला में मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अर्न्तगत विकाखण्ड सहसपुर के तहत 15 ग्राम पंचायतों के लिए 28 आंगनवाड़ी केंद्रों को खेल एवं पठन-पाठन सामग्री का वितरण कार्यक्रम हुआ । इसके तहत आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए टिफिन बॉक्स, पानी की बोतल, डार्ट र्बोड, पजल गेम, किचन सेट, डॉक्टर सेट, चार्ट 3डी, चार्ट वाईट, चार्ट ब्लैक, रोलर बोर्ड ब्लैक, रोलर बोर्ड वाईट, क्रेजी बॉल, पेन्सिल बॉक्स, पेन्सिल, कटर शार्पनर, रबड़ इरेजर, स्कैच पेन, दरी, कलरिंग बुक, स्लेट, स्लेटी बॉक्स, वेट मशीन, आयरन बॉक्स, एलुमिनियम पतीला, करछी स्टील, प्रेशर कूकर आदि सामाग्री उपलब्ध करायी। उन्होंने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अर्न्तगत सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए फर्नीचर, अल्मारी तथा अन्य आवश्यक सामाग्री उपलब्ध कराये जाने की घोषणा भी की।
वितरण कार्यक्रम के बाद अपने सम्बोधन में काबीना मंत्री ने नोबेल पुरस्कार विजेता नेल्सन मंडेला की बात को रखते हुए कहा कि शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं। मंत्री ने कहा कि शिक्षा हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और शिक्षा के बिना किसी भी देश व समाज का विकास नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि मैंने मसूरी विधानसभा के 100 आंगनवाड़ी केंद्रों व 11 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे बच्चों को खेल व पठन पाठ्य सामग्री देने की शुरुआत की। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए आज 28 आंगनवाड़ी केन्द्रों में पठन-पाठन एवं खेल सामाग्री उपलब्ध करायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत आंगनवाड़ियों को पठन पाठन एवं खेल सामाग्री उपलब्ध करायी जा चुकी है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण के लिए सतत प्रयासरत है। आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों के सर्वांगीण विकास की प्रथम कड़ी हैं, जहाँ बालकों में शिक्षा, संस्कार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की नींव रखी जाती है। उन्होंने बताया कि खेल एवं पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध होने से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ेगी तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी शिक्षण कार्य बेहतर ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर भाजपा की मंडल प्रभारी ज्योति कोटिया, मण्डल महामंत्री किरन मन्युड़ी, सीमा पुंडीर, पूर्व प्रधान लीला शर्मा, ग्राम प्रधान सुनील क्षेत्री, मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, पूर्व मंडल अध्यक्ष पूनम नौटियाल, जितेंद्र राणा, समुन्द्र रैग्मी, संजय शर्मा, ग्राम प्रधान भारती जवाड़ी, सुरेश जवाडी पूर्व बीडीसी ज्योति ढकाल सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

गौ संवर्धन पर मंथनः उत्तराखंड गौ सेवा आयोग की कार्यकारिणी की अहम बैठक

Discussion on cow conservation Important meeting of the executive committee of Uttarakhand Gau Seva Aayog
Discussion on cow conservation Important meeting of the executive committee of Uttarakhand Gau Seva Aayog

देहरादून। उत्तराखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. पं. राजेन्द्र अणथ्वाल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को मोथरोवाला स्थित पशुधन भवन सभागार में गौ सेवा आयोग की कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हुई। जिसमें राज्य के सभी जनपदों में गौ सदनों के निर्माण, संचालित गौ सदनों की स्थिति और गौ कल्याण कार्यक्रम की विस्तार से समीक्षा की गई। आयोग की बैठक में गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने सहित गोवंश संरक्षण हेतु कई प्रस्तावों को भी पारित किया गया।
अध्यक्ष ने कहा कि शास्त्रों में गाय को माता के रूप में पूजा जाता है। जिस घर-गांव में गाय पलती है, वहां हमेशा संपन्नता रहती है। गोवंश आधारित प्राकृतिक खेती न केवल मिट्री के बायोमास को बढ़ाकर कृषि भूमि को सुधारने मदद करती है, बल्कि गोपालन से जुड़े कुटीर उद्योग गोपालकों की जीविकोपार्जन भी करती है। देवभूमि में गौसेवा करना सबसे बड़ा सौभाग्य है। अध्यक्ष ने कहा कि गौवंश के सेवा के लिए राज्य में गौसदनों से जुड़े कुछ लोग अच्छा काम कर रहे है, लेकिन बडे दुःख की बात है कि आज 60 प्रतिशत गौवंश सड़क पर है। गोवंश के प्रति क्रूरता बडी है। गौवंश के प्रति अपराध की रोकथाम के लिए सख्त प्रावधान लाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौवंश संरक्षण के लिए प्रावधानों को सख्त बनाते हुए कडाई से उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
मा.अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि राज्य के अंतर्गत निराश्रित, बेसहारा गोवंश को आश्रय उपलब्ध कराने हेतु शहरी विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माणाधीन गौ सदन, गौशालाओं का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए। नए गौ सदन के लिए भूमि चयन और निविदा प्रक्रिया में तेजी लाए। कोई भी प्रकरण अनावश्यक लंबित न रहे। गौ सदनों की अवशेष देनदारी का भुगतान एवं उनकी समस्याओं का समयबद्धता से निस्तारण किया जाए। घायल, बीमार गोवंश के त्वरित उपचार एवं उचित देखभाल के लिए लिफ्टिंग वैन की पर्याप्त व्यवस्था रखे। नगर पंचायत एवं जिला पंचायतों में गौ सदन निर्माण की सुस्त प्रगति पर अध्यक्ष ने गहरी नाराजगी भी व्यक्त की। अध्यक्ष ने कहा कि पशु क्रूरता एवं गोवंश तस्करी जैसे अपराध करने वाले के विरुद्ध पुलिस स्तर से सख्त कार्रवाई की जाए। गोवंश पर अपराधों की पैरवी के लिए कानूनी सलाहकार नियुक्त किया जाए। गौ सदनों में गौवंश के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए पर्याप्त पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए। गौ सदनों को छूट पर साइलेज उपलब्ध कराने हेतु सहकारिता विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए। बैठक में आयोग के सदस्यों ने अपने जनपद में गौ सदनों की स्थिति, समस्या और निदान के बारे में अपने सुझाव रखे।
आयोग की बैठक में सर्वसम्मति से ये प्रस्ताव हुए पास
आयोग की बैठक में गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और सम्पूर्ण भारत में गोवंश अपराधों की रोकथाम के लिए समान कानून बनाने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित करने पर सर्व सहमति व्यक्त की गई। वही उत्तर प्रदेश में गौ हत्या और गौ मांस की तस्करी जैसे अपराधों के लिए 10 वर्ष का कठोर करावास एवं 05 लाख जुर्माने का प्रावधान को उत्तराखंड राज्य में भी लागू करने, गौवंश को शारीरिक कष्ट पहुंचाने पर सजा का प्राविधान करने, गौवंश को सड़क पर छोड़ने वाले के विरूद्व वर्तमान प्रावधान में दो हजार रुपये का आर्थिक दंड को बढाकर 10 हजार करने, शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी गौवंश का पंजीकरण, टैगिंग फोटोग्राफी के साथ करने, गौवंश अपराध रोकने के लिए पुलिस विभाग के स्तर पर पृथक से गौवंश संरक्षण स्वाइड का गठन करने तथा दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों की नियमित चौकिंग, गौवंश की तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाने, प्रत्येक गौवंश का जन्म और मृत्यु पंजीकरण अनिवार्य करने, नर गौवंश नंदी के संरक्षण के लिए जिला पंचायत और नगर पालिका में नंदीशाला की स्थापना, देशी प्रजाति की गायों के संरक्षण के लिए प्रोत्साहन योजना संचालित करने, भूसे और चारे की कमी को दूर करने के लिए मिलों को होने वाले भूसे की सप्लाई पर रोक लगाने, गौवंश से संबंधित कार्य एवं व्यवस्थाओं के लिए गौ आयोग को पर्याप्त धनराशि आवंटित करने, गौसदनों के पंजीकरण एवं मान्यता देने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने, गौचर भूमि का चिन्हीकरण और अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक में उप सचिव पशुपालन महावीर सिंह पंवार, संयुक्त सचिव वन सत्य प्रकाश सिंह, संयुक्त सचिव वित्त एस त्रिपाठी, डीडीएसपी नवीन चन्द्र सेमवाल, निदेशक यूसीबी प्रो.संजय कुमार, निदेशक पशुपालन उदय शंकर, सदस्य गौरी मौलेखी, कामनी कश्यप, कमलेश भट्ट, शंकर दत्त पांडेय, धर्मवीर सिंह गुसाई, शीतल प्रसाद, सतीश उपाध्याय, विजय वाजपेई, निदेशक पंचायती राज मनवर सिंह राणा, मुख्य अधिशासी अधिकारी यूएलडीडी डा.आरएस नेगी, सीईओ शिप बोर्ड डा. प्रलयंकर नाथ, संयुक्त निदेशक पशु कल्याण बोर्ड डा. हरेन्द्र कुमार, प्रभारी अधिकारी डा. उर्वशी आदि उपस्थित थे।

डीएम बंसल ने अचानक बुलाई जिला चिकित्सालय की प्रगति की समीक्षा बैठक

DM Bansal suddenly called a review meeting to review the progress of the district hospital.

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में जिला चिकित्सालय कोरोनेशन के निर्माण कार्यों एवं एवं विभिन्न व्यवस्थाओं, सुविधाओं की अचानक समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में जिला चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं, उपकरणों की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता तथा अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या की समीक्षा की गई।
जिला प्रशासन के प्रयासों से विगत वर्ष जिला चिकित्सालय में प्रारम्भ किए गए एसएनसीयू से अब तक 500 बच्चे स्वास्थ्य लाभ ले चुके हैं। विगत बैठक में जिलाधिकारी ने एसएनसीयू को 06 बैड से बढाकर 12 बैड करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके विस्तारीकरण की समीक्षा करने बताया गया कि अभी विस्तारीकरण नही हो पाया, जिसका कारण जानने पर 2 माह से फंड न होना बताया गया। फंड न होने की जानकारी 2 माह से संज्ञान में न लाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय को फटकार लगाई। एसएनसीयू विस्तारीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण आवश्यक सेवाओं हेतु डीएम ने मौके पर ही 91 लाख की धनराशि जारी करते हुए एक माह के भीतर एसएनसीयू विस्तारीकरण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन के प्रयासों जिला चिकित्सालय में निर्माणाधीन ब्लड बैंक की कार्यप्रगति जानने पर अवगत कराया गया कि ब्लड बैंक का 75 प्रतिशत् कार्य पूर्ण हो गया है जिस पर जिलाधिकारी ने माह फरवरी 2026 तक शेष कार्य पूर्ण करने तथा ब्लड बैंक संचालन हेतु मशीन, उपकरण चिकिक्त्सक स्टॉफ, मैनपावर की व्यवस्था समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने चिकित्सालय में एसएनसीयू अपग्रेड कार्यों, दिव्यांगजन के शौचालय, जनरल ओटी हेतु स्टेपलाईजर, चिकित्सालय के पुराने भवन दीवारों की मरम्मत, फायर हाईड्रेंट, फायर अलार्म, वाटर हाईड्रेंट, जन्ममृत्यु पंजीयन हेतु कलर प्रिन्टर, आदि कार्यों के लिए 91 लाख की धनराशि जिला योजना से मौके पर ही स्वीकृत की।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला चिकित्सालय में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिलनी चाहिए। उन्होंने चिकित्सालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था, दवा वितरण प्रणाली तथा उपकरणों की कार्यशील स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही चिकित्सालय में आने वाले मरीजों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हेल्प डेस्क को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में आधारभूत सुविधाओं का निरंतर रखरखाव और सुधार प्राथमिकता पर किया जाए। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन से कहा कि डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाया जाए।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय में सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि चिकित्सालय परिसर में संचालित ऑटोमेटेड पार्किंग से पार्किंग व्यवस्था में सुधार आया है है। उनके द्वारा जिलाधिकारी से आटोमेटेड पार्किंग निर्माण का अनुरोध किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने कार्यवाही के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य/उप जिलाधिकारी हरिगिरि, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोज शर्मा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय मन्नु जैन, वरिष्ठ पैथोलॉली डॉ जेपी नौटियाल, डॉ शालिनि डिमरी, पीआरओ प्रमोद पंवार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजू सब्बरवाल, मैटर्न इन्दू शर्मा, सुशीला पंवार, प्रबन्धक आरती, आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ में किया 85.14 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

Chief Minister inaugurated and laid the foundation stone of schemes worth Rs 85.14 crore in Pithoragarh.
Chief Minister inaugurated and laid the foundation stone of schemes worth Rs 85.14 crore in Pithoragarh.

– सहकारिता से आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रहा उत्तराखंड: मुख्यमंत्री
– मुख्यमंत्री ने सहकारिता मेले के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश की उपलब्धियाँ और भविष्य की योजनाएँ  की साझा
–  पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेज, स्टेडियम और बस स्टेशन सहित अनेक विकास कार्य गतिमान -सीएम
पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” के उपलक्ष्य में पिथौरागढ़ में आयोजित सहकारिता मेले का शुभारंभ किया।इस अवसर पर उन्होंने जनपद की 85.14 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें 23.16 करोड़ रुपये की लागत के शिलान्यास एवं 61.98 करोड़ रुपये के लोकार्पण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जिन योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है, वे पिथौरागढ़ के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की परंपरा भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है। यह एक-दूसरे को परस्पर सहयोग द्वारा स्वावलंबी बनाने का प्रयास है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया है, ताकि वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देकर सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में “सहकार से समृद्धि” के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश में एक अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन का निर्णय लिया। आज  अमित शाह के नेतृत्व में यह मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य उत्तराखंड से प्रारंभ हुआ था और आज प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण हो चुका है। राज्य की 24 समितियाँ जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं, जिनसे ग्रामीण जनता को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ मिल रही हैं। 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड हो चुका है। राज्य में फरवरी 2023 से अब तक 800 नई पैक्स, 248 नई डेयरी समितियाँ एवं 116 मत्स्य समितियाँ गठित की गई हैं। उत्तराखंड सहकारी संघ द्वारा मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को अधिक लाभ पहुँचाने के लिए इस वर्ष मण्डुवा की खरीद 48.86 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत किसानों और स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मछली पालन और फूलों की खेती जैसे कृषि कार्यों हेतु 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से लघु एवं सीमांत किसानों को 1 लाख रुपये का ब्याजमुक्त फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। सहकारी समितियों के माध्यम से महिला उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रदेश की 1 लाख 70 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी” बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है। 34 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। विकासखंड बेरीनाग में एक भव्य स्टेडियम का निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने वाला है। अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण भी कराया जा रहा है। क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य गतिमान है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ने का कार्य किया गया है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
इस अवसर पर राज्य मंत्री, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार  अजय टम्टा, विधायक  बिशन सिंह चुफाल, मेयर पिथौरागढ़  कल्पना देवलाल, अध्यक्ष जिला पंचायत पिथौरागढ़  जितेन्द्र प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष  गिरीश जोशी, जिलाधिकारी पिथौरागढ़  आशीष भटगांई, पुलिस अधीक्षक सुश्री रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं स्थानीय  जनता उपस्थित थी।

सरदार पटेल की जयंती पर‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी‘ के सम्मुख आयोजित मुख्य समारोह में दिखेगी उत्तराखंड की बहुआयामी झलक

The main function to be organised in front of the Statue of Unity on the birth anniversary of Sardar Patel will showcase the multifaceted glimpse of Uttarakhand.
The main function to be organised in front of the Statue of Unity on the birth anniversary of Sardar Patel will showcase the multifaceted glimpse of Uttarakhand.

– परेड में राज्य की झांकी ‘अष्ट तत्त्व और एकत्व‘ का होगा प्रदर्शन
– 14 लोक कलाकारों का दल देगा सांस्कृतिक प्रस्तुति
देहरादून।  लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी‘ के सम्मुख आगामी 31 अक्टूबर को होने वाली परेड में उत्तराखंड राज्य की झांकी ‘अष्ट तत्त्व और एकत्व‘ प्रदर्शित की जाएगी। इस झांकी के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड के अध्यात्मिक और प्राकृतिक वैभव के साथ ही संस्कृति और प्रगति के विभिन्न आयामों को उजागर किया जाएगा। एकता दिवस के इस मुख्य समारोह में आयोजित परेड के दौरान राज्य के लोक कलाकारों का दल उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत करेगा।
सूचना विभाग उत्तराखंड के महानिदेशक  बंशीधर तिवारी ने यह जानकारी देते हुए बताया सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी‘ के सम्मुख आयोजित राष्ट्रीय स्तर के मुख्य समारोह में उत्तराखंड को प्रतिभाग करने का गौरव मिला है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार की विशेषज्ञ समिति द्वारा कई दौर के विचार-विमर्श और परीक्षण के बाद देश के चुनिंदा आठ राज्यों के साथ ही उत्तराखंड की झांकी का अंतिम रूप से चयन किया गया। आठ तत्त्वों की समरसता और एकता की भावना का प्रतीक राज्य की झांकी ‘अष्ट तत्त्व और एकत्व‘ में उत्तराखंड के दिव्य धार्मिक स्थलों, प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि के साथ ही सतत व समग्र विकास के प्रति प्रगतिशील दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया जाएगा।
उत्तराखंड राज्य की झांकी के नोडल अधिकारी एवं सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक  के.एस. चौहान के निर्देशन में झांकी का निर्माण  कराया जा रहा है l  चौहान ने बताया कि  झांकी तथा कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति के संबंध में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एकता परेड में राज्य के लोक कलाकारों का चौदह सदस्यीय दल द्वारा उत्तराखंड के पारंपरिक लोक नृत्य की प्रस्तुति देगा। उन्होंने बताया कि राज्य की टीम द्वारा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी‘ के सम्मुख बुधवार को आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल में सफलतापूर्वक प्रतिभाग किया गया।

After achieving success in Punjabi entertainment and television, Isha Sharma is set to make her debut in the South Indian film industry.

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