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देवभूमि जल शक्ति कॉन्टैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के ठेकेदारों का 1200 करोड रुपए बकाया,  जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट  के काम होंगे प्रभावित।

Contractors of Devbhoomi Jal Shakti Contractor Welfare Association have dues of Rs 1200 crore, work of Jal Jeevan Mission project will be affected.
Contractors of Devbhoomi Jal Shakti Contractor Welfare Association have dues of Rs 1200 crore, work of Jal Jeevan Mission project will be affected.
ठेकेदारों ने कहा जल जीवन मिशन में अब पानी बंद करने के लिए बाध्य होंगे और  विभागीय मुख्यालय पर मजदूरों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ठेकेदारों के भुगतान में देरी से कार्य प्रभावित, एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
देहरादून – 04.11.2025-  देवभूमि जल शक्ति कॉन्टैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आज  त्यागी रोड स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को मुख्य रूप से संस्था के अध्यक्ष अमित अग्रवाल एवं वरिष्ठ पदाधिकारीयों ने संयुक्त रूप से संबोधित किया एवं अपनी बात रखी। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य में जल जीवन मिशन के अंतर्गत “हर घर जल हर घर नल” योजना के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में राज्य के ठेकेदारों ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। अब तक लगभग 70% कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष 30% योजनाओं में से लगभग 25% कार्य 95-98% तक पूर्ण कर दिए गए हैं।
इसके बावजूद भी, राज्य एवं केंद्र स्तर पर धन आवंटन (फंड रिलीज) रोके जाने के कारण ठेकेदारों को अनुचित रूप से “दोषी” ठहराया जा रहा है। जबकि सभी कार्य जल निगम एवं संस्थान अधिकारियों एवं थर्ड पार्टी एजेंसियों की निगरानी में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए गए हैं।
वर्तमान में स्थिति अत्यंत गंभीर है-
– रखरखाव अवधि पूर्ण हो जाने के बावजूद सिक्योरिटी राशि रिलीज नहीं की जा रही है,
– ठेकेदारों पर योजनाओं को जारी रखने का अनुचित दबाव डाला जा रहा है,
– मापन कार्यों (Measurement) को रोका गया है, जिससे भुगतान प्रक्रिया बाधित हो रही है,
– विभाग की कई शाखाओं द्वारा लगातार ठेकेदारों पर दबाव बनाया जा रहा है कि शीघ्र कार्य पूर्ण करें, अन्यथा अनुबंध निरस्त कर सिक्योरिटी जब्त कर ली जाएगी तथा  काली सूची में डाल दी जाएगी।
इन परिस्थितियों से ठेकेदारों को न केवल आर्थिक उत्पीड़न** बल्कि मानसिक उत्पीड़न** का भी सामना करना पड़ रहा है।
देवभूमि जल शक्ति कॉन्ट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तराखंड, इस पूरे प्रकरण में निम्नलिखित मांगें रखती हैः
1. माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी स्वयं इस विषय का संज्ञान लें।
2. जिस प्रकार प्रधानमंत्री जी के ड्रीम प्रोजेक्ट “जल जीवन मिशन” के अंतर्गत उत्तराखंड में गुणवत्तापूर्ण कार्य किए गए हैं, उन्हें शीघ्र सम्मान देते हुए ठेकेदारों के सभी लंबित भुगतान एक सप्ताह के भीतर जारी करवाए जाएं।
3. संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए कि सभी ठेकेदारों की भुगतान प्रक्रिया (Billing, Measurement, Security Release) को तुरंत पूर्ण किया जाए।
4. थर्ड पार्टी के नाम पर या टेस्टिंग इत्यादि में अनुचित रूप से रोकी गई धनराशि को शीघ्र जारी किया जाए।  क्योंकि थर्ड पार्टी समय से कोई भी रिपोर्ट नहीं देती,  जिससे ठेकेदारों की सिक्योरिटी रिलीज नहीं होती है।
यदि ठेकेदारों की मांगों का समाधान एक सप्ताह के भीतर नहीं किया गया, तो ठेकेदार पूरी तरह से कार्य व  ंदी Work Stop), पूर्तियाँ रोकने और चल रही योजनाओं में जल आपूर्ति (Water Supply) को अस्थायी रूप से रोकने के लिए विवश होंगे। इससे उत्तराखंड राज्य की छवि (Image) को राष्ट्रीय स्तर पर गहरी क्षति (इमिलता) पहुँच सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
एसोसिएशन का कहना है कि राज्य के ठेकेदारों ने प्रधानमंत्री जी के जल जीवन मिशन को उनके ड्रीम प्रोजेक्ट के अनुरूप पूर्ण करने में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दिया है। अब यह आवश्यक है कि उत्तराखंड राज्य प्रधानमंत्री जी के इस मिशन को सफलतापूर्वक पूर्ण करने में प्रथम स्थान प्राप्त करे।
एसोसिएशन की अपील है कि ठेकेदारों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए तत्काल धनराशि आवंटित कर उन्हें राहत प्रदान की जाए, जिससे ठेकेदार परिवारों के लगभग 400 से अधिक परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके और राज्य का विकास कार्य निरंतर जारी रहे। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रति हमारे प्रोजेक्ट के लगभग 1200 करोड़ रुपया बकाया है अगर उसका भुगतान जल्द से जल्द नहीं किया गया तो हम अब पानी बंद करने के लिए बाध्य होंगे  और  विभागीय मुख्यालय पर मजदूरों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
देवभूमि जल शक्ति कॉन्ट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन कि ओर से प्रेस वार्ता में अध्यक्षः श्री अमित अग्रवाल, उपाध्यक्षः श्री सचिन मित्तल,  महासचिवः श्री सुनील गुप्ता ,  अंकित सालार, सौरव गोयल, गौरव गोयल, मुकुंद उपाध्याय, यशपाल चौहान, सकलानंद लखेड़ा, जे पी अग्रवाल, अमित कुमार, महेश कुमार, इंतजार त्यागी, गुरु कॉन्ट्रैक्टर एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।

महाराज ने रखा सरकार की उपलब्धियां का दस्तावेज

Maharaj presented a document of the government's achievements.
Maharaj presented a document of the government's achievements.

देहरादून। प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने आज उत्तराखंड राज्य निर्माण में शहीद हुए आंदोलनकारी को नमन करते हुए उत्तराखंड की रजत जयंती पर विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य वर्ष 2000 से पूर्व उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते उत्तराखण्ड का उसकी क्षमता के अनुरूप विकास नहीं हो पा रहा था। प्रदेश की जनता ने अपने अधिकारों की लम्बी लड़ाई लड़ी और पृथक राज्य उत्तराखण्ड का निर्माण किया गया। 15 अगस्त 1996 को तत्कालीन प्रधानमंत्री एच०डी० देवगौड़ा ने लालकिले की प्राचीर से उत्तराखंड राज्य बनाने की ऐतिहासिक घोषणा की। उसके पश्चात 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल ने भी लाल किले से इस संकल्प को दोहराया और इसके बाद प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में सत्ताइसवें राज्य के रूप में 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड का गठन किया गया। जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार संवारने का काम कर रहे हैं।

प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को उत्तराखंड की रजत जयंती के मौके पर विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा को विस्तार से रखने के साथ-साथ प्रदेश सरकार के आगामी वर्षों के विजन और योजनाओं की जानकारी भी सदन को दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार प्रदेश के चौमुखी विकास के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने प्रदेश में लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, ग्रामीण निर्माण विभाग, पर्यटन, संस्कृति, पंचायती राज विभाग, सिंचाई, लघु सिंचाई, जलागम, नागरिक उड्डयन, सूचना प्रौद्योगिकी, पेयजल और ऊर्जा विभाग की 25 वर्षों की उपलब्धियों का दस्तावेज सदन में प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य में सड़कों का विस्तार होने के साथ-साथ बड़ी संख्या में मोटर मार्गो का निर्माण हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में राज्य गठन के समय प्रदेश में कल 15470 किलोमीटर सड़के थी जिनकी संख्या आज बढ़कर 43765 किलोमीटर हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग के विजन 2050 की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि मानसखंड मंदिर माला परियोजना के तहत चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं के 16 प्राचीन मंदिरों को जोड़ने वाली सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री श्री महाराज ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताते हुए कहा कि विभाग द्वारा राज्य गठन के पश्चात 1113 करोड़ की धनराशि से 21296 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर 1860 बसावटों को सड़क संपर्क से संयोजित किया गया। ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा किए गए कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान तक 282 ग्रामीण मोटर मार्ग जिनकी लागत 377 करोड़ 34 लाख है का निर्माण किया गया। राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आबादी जो मोटर मार्ग से वंचित रह गई है उसे मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना प्रारंभ की गई है।

पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने सदन को बताया कि 2000 से लेकर अब तक पर्यटन क्षेत्र में बड़ा कार्य हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक राज्य में आ चुके हैं जबकि चार धाम यात्रा में इस वर्ष तीर्थ यात्रियों का आंकड़ा 50 लाख के पार पहुंच चुका है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना होम स्टेट की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना से अब तक 118 लोग लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कई धार्मिक सर्किटो का भी निर्माण करने के साथ-साथ मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत प्राचीन मंदिरों वे अवस्थाना सुविधा विकसित की जा रही है। भविष्य की योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार मानसखंड मंदिर माला मिशन की तरह ही केदार खंड मंदिर वाला मिशन योजना को भी धरातल पर उतरने का प्रयास कर रही है। संस्कृति विभाग क्यों उपलब्धियां की जानकारी देते हुए संस्कृति मंत्री ने बताया कि राज्य गठन के पश्चात प्रदेश के लगभग 100 पुराने देवालयों, मंदिरों और स्मारकों का सर्वेक्षण कराकर उनके विकास हेतु विरासत का अंगीकार योजना को मंजूरी दी गई है। संस्कृति विभाग का आगामी लक्ष्य प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्रेक्षागृह, सनातन पुस्तकालय, थीम पार्क और संस्कृत ग्राम की स्थापना करने का है।

प्रदेश में पंचायती राज विभाग की 25 वर्षों की विकास यात्रा की जानकारी देते हुए पंचायती राज मंत्री श्री महाराज ने कहा कि राज्य में पंचायत को सशक्त करने के लिए 73वें संविधान संशोधन के तहत 11वीं अनुसूची में वर्णित 29 विषयों के हस्तांतरण हेतु कार्यवाही गतिमानहै। सिंचाई विभाग के अब तक की उपलब्धियां के विषय में उन्होंने बताया कि जनपद नैनीताल के हल्द्वानी में 3808 करोड़ की बहुउद्देशीय जमरानी बांध परियोजना पर काम चल रहा है जबकि देहरादून में 2491 करोड़ 96 लाख की लागत की सौग बांध परियोजना की प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद हरिद्वार के 74 गांव को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए 35 किलोमीटर लंबी इकबालपुर नहर प्रणाली तथा कनखल एवं जगजीतपुर नहर की क्षमता विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। लघु सिंचाई विभाग द्वारा पिछले 25 वर्षों में 520 सोलर पंप सेट 1595 डीजल 40 पंप सेट को सोलर में परिवर्तित किया गया है।

प्रदेश के जलागम मंत्री जलागम विभाग द्वारा राज्य गठन के बाद किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए सदन को अवगत कराया की जलागम विभाग द्वारा विश्व बैंक पोषित उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना के अंतर्गत 1148 करोड़ की लागत से प्रदेश के आठ जनपदों में धान की खेती से ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाने 3100 हेक्टेयर बंजर भूमि का पुनरुद्धार और 2000 जल स्रोतों का उपचार किए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि भागीरथ मोबाइल ऐप के माध्यम से आम जन को जल स्रोतों के चिन्हीकरण और उपचार में भागीदार बनाया गया है धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा के तहत अभी तक 6000 जल स्रोतों का चिन्नीकरण किया जा चुका है।

नागरिक उद्यान विभाग की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री श्री महाराज ने बताया कि राज्य में अनेक स्थानों पर हेलीपोर्ट का निर्माण किया गया है। उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी के लिए इंटरनेशनल एयरपोर्ट की स्थापना किए जाने का भी प्रयास किया जा रहा है जिससे विश्व के देशों से लोग यहां आकर योग-ध्यान के साथ-साथ चारधाम यात्रा का लाभ उठा सकें। उन्होंने राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी,ऊर्जा एवं पेयजल विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का ब्यावर प्रस्तुत प्रस्तुत करने के साथ-साथ राज्य को 2047 तक पूर्ण रूप से विकसित करने का विजन भी प्रस्तुत किया।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड की रजत जयंती वर्ष की हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि राज्य के विकास के लिए धामी सरकार द्वारा 101175.33 रूपए का बजट प्रस्तुत करना है। जिसका उद्देश्य आर्थिक स्थिरता को सुनिश्चित कर बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के बाद 24659 करोड़ की धनराशि की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन परियोजना भी उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर निश्चित रूप से प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ भी होगा।

रेडक्रॉस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से की भेंट, विभिन्न जनहित विषयों पर रखे सुझाव

Red Cross delegation met the District Magistrate and put forward suggestions on various public interest issues.
Red Cross delegation met the District Magistrate and put forward suggestions on various public interest issues.

अल्मोड़ा।  रेडक्रॉस चेयरमैन आशीष वर्मा और प्रांतीय प्रतिनिधि मनोज सनवाल के नेतृत्व में सोमवार को रेडक्रॉस के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी अंशुल सिंह से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल की ओर से आशीष वर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर जिलाधिकारी का स्वागत किया। भेंट के दौरान रेडक्रॉस कार्यालय के लिए भूमि या भवन उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर नगर क्षेत्र में बढ़ती पार्किंग समस्या पर भी चिंता व्यक्त की गई। जिलाधिकारी ने इस दिशा में शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। युवा रेडक्रॉस चेयरमैन एवं पार्षद अमित साह मोनू ने शै भैरव मंदिर के पास निर्मित पार्किंग को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग रखी। मनोज सनवाल ने नंदा देवी क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने और धारानौला में पार्किंग निर्माण कार्य को गति देने की आवश्यकता पर जोर दिया। आशीष वर्मा ने विद्यालयों, परिवहन क्षेत्र और आम नागरिकों के बीच सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सभी स्वास्थ्य एवं जनजागरूकता शिविरों में रेडक्रॉस की भागीदारी सुनिश्चित करने, रक्तदान शिविर आयोजित करने और रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रशासनिक सहयोग की अपेक्षा जताई। बैठक के दौरान अल्मोड़ा नगर स्थित एकमात्र ऐतिहासिक कुएं—नरसिंह बाड़ी कुएं—के पुनर्निर्माण, संरक्षण और संवर्धन पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने प्रतिनिधिमंडल के सभी सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र कार्यवाही और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में चेयरमैन आशीष वर्मा, प्रांतीय प्रतिनिधि मनोज सनवाल, यूथ चेयरमैन अमित साह मोनू, यूथ वाइस चेयरमैन अर्जुन बिष्ट चीमा, यूथ सचिव मनोज भंडारी मंटू, यूथ संयुक्त सचिव अभिषेक जोशी और गिरीश मल्होत्रा शामिल रहे।

‘राज्य स्थापना रजत जयंती सप्ताह’ के तहत वृहद स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित

Massive cleanliness programme organised under 'State Establishment Silver Jubilee Week'
Massive cleanliness programme organised under 'State Establishment Silver Jubilee Week'

अल्मोड़ा।  राज्य स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूर्ण होने पर तथा इस उपलक्ष्य में मनाए जा रहे ‘राज्य स्थापना रजत जयंती सप्ताह’ के अंतर्गत सोमवार को जनपदभर में वृहद स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह द्वारा नगर क्षेत्र, स्कूल परिसर, सड़क मार्गों समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए थे। इन अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता कार्यक्रम को अंजाम दिया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम पहुंचकर स्वच्छता स्वयंसेवियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई तथा स्वयं भी स्वच्छता हेतु श्रम दान किया। उनके नेतृत्व में स्टेडियम परिसर से बड़ी मात्रा में कूड़ा एकत्रित किया गया। यहां मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, नगर के संभ्रांत नागरिक, स्कूली बच्चे तथा खेल प्रेमियों ने इस अभियान का हिस्सा बनकर स्टेडियम परिसर को कूड़ा रहित बना दिया। इसी क्रम में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अल्मोड़ा डॉ. योगेश अग्रवाल के नेतृत्व में होटल देवदार से सिमकनी मैदान तक के क्षेत्र एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता कार्य किया गया, जिसमें राहगीरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्य में विभागीय अधिकारी- कर्मचारियों एवम एनसीसी छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने इस दौरान कहा कि इस स्वच्छता अभियान का उद्देश्य लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाना है। लोगों में स्वच्छता के प्रति अच्छा आचरण विकसित हो तथा लोग इस कार्य को दीर्घकाल हेतु अपनी आदत में लाएं यह इस अभियान का उद्देश्य है। उन्होंने जनपद वासियों से अपील की है कि स्वयं के साथ साथ अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें तथा अपने आस पास कूड़ा न फैलाए। उन्होंने कहा कि कूड़े को निर्धारित स्थान पर ही डाले तथा स्वच्छता कर्मियों का सहयोग करें। इस समूचे स्वच्छता अभियान के लिए 26 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी नामित किए गए थे। एकत्रित कूड़े को नगर निगम, नगर पालिका, नगरपंचायत तथा जिला पंचायत के वाहनों से निर्धारित स्थान पर एकत्रित किया गया।

पार्किंग निर्माण की खामियों पर जिलाधिकारी ने लिया संज्ञान, जल्द होगा सुधारीकरण कार्य

District Magistrate takes cognizance of the flaws in parking construction, rectification work will be done soon
District Magistrate takes cognizance of the flaws in parking construction, rectification work will be done soon

अल्मोड़ा।  नगर के टैक्सी स्टैंड के पास बनी नई पार्किंग की बदहाल स्थिति को लेकर शनिवार को भाजपा पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने कड़ी नाराज़गी जताई थी। उन्होंने पार्किंग का निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई। पार्षदों का कहना था कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद पार्किंग का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हुआ है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि फर्श से सीमेंट की परतें उखड़ चुकी हैं, कई जगहों पर सरिया दिखाई दे रही है और दीवारों का प्लास्टर झड़ने लगा है। उनका आरोप था कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और पूरे कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि पार्किंग की छत पर वाहनों के लिए शेड की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे धूप और वर्षा के दौरान वाहन खुले में खड़े रहते हैं। वहीं, अग्निशमन उपकरणों की भी व्यवस्था नहीं है। वर्षा जल निकासी के लिए बनाई गई नालियां पूरी तरह जाम पड़ी हैं, जिनकी सफाई न होने से बरसात के दिनों में पार्किंग परिसर में पानी भर जाता है और कीचड़ फैलने से वाहन चालकों व आम नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ती है। पार्षदों ने चेतावनी दी थी कि यदि कार्यदायी संस्था ने जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए और खामियों को दूर नहीं किया, तो भाजपा कार्यकर्ता कार्यदायी संस्था एवं ठेकेदार के खिलाफ जिला अधिकारी से वार्ता कर जांच की मांग करने को बाध्य होंगे। इस प्रकरण पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने स्वयं संज्ञान लेते हुए कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर को तलब किया और पार्किंग की खामियों को शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए। निर्देशों के बाद संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर हरि प्रकाश सोमवार को अल्मोड़ा पहुंचे और भाजपा शिष्टमंडल के साथ पुनः निरीक्षण किया। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर पार्किंग के सुधारीकरण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। पार्षद अमित शाह मोनू ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब पूरे सुधार कार्य की निरंतर निगरानी की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि काम गुणवत्ता के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में विभागीय लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पार्षद अर्जुन बिष्ट, अभिषेक जोशी, पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष कैलाश गुरुरानी और ग्राम प्रधान विनोद जोशी मौजूद रहे।

पीएनबी ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह (वी. ए. डब्लूए) – 2025 मनाने के लिए आयोजित किया साइक्लोथॉन

PNB organises Cyclothon to celebrate Vigilance Awareness Week (VAWA) - 2025
PNB organises Cyclothon to celebrate Vigilance Awareness Week (VAWA) - 2025

देहरादून- 03 नवंबर 2025: भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने 27 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025 तक चलने वाले सतर्कता जागरूकता सप्ताह (वीएडब्ल्यू) के अंतर्गत एक रोमांचक साइक्लोथॉन 2025 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस वर्ष का विषय, “सतर्कता: हमारी साझा ज़िम्मेदारी”, पूरे कार्यक्रम का आधार  रहा। यह कार्यक्रम पीएनबी के कॉर्पोरेट कार्यालय में आयोजित किया गया।

इस साइक्लोथॉन में आम जनता और पीएनबी कर्मचारियों सहित सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो सतर्कता के बारे में जागरूकता बढ़ाने और एक स्वस्थ, सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एकजुट हुए थे।

इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री अशोक चंद्र, कार्यपालक निदेशक श्री डी. सुरेंद्रन और मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री राघवेंद्र कुमार ने हरी झंडी दिखाकर किया।  उनकी उपस्थिति ने ईमानदारी, जवाबदेही और टीम वर्क की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, साथ ही जीवन के सभी पहलुओं में सतर्कता के प्रति व्यापक प्रतिबद्धता को प्रेरित किया।

अपने संबोधन में, पीएनबी के एमडी और सीईओ, श्री अशोक चंद्र ने कहा, “पीएनबी में, हमारा मानना ​​है कि सतर्कता केवल निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हमारे दैनिक जीवन में हम जो कुछ भी करते हैं, उसमें जागरूकता, सजगता और जवाबदेही भी सम्मिलित है। यह साइक्लोथॉन ईमानदारी, टीम वर्क और उचित वितरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जैसे-जैसे हम साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं, हम अपने और अपने आसपास एक पारदर्शी और नैतिक कार्य संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिज्ञा की पुष्टि करते हैं।”

पीएनबी के मुख्य सतर्कता अधिकारी, श्री राघवेंद्र कुमार ने आगे कहा, “सतर्कता एक सतत यात्रा है, इस यात्रा में एक सवारी की तरह, इसमें संतुलन , प्रयास और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। साइक्लोथॉन जैसी पहल के माध्यम से, हमारा उद्देश्य सतर्कता को एक साझा जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना है और भ्रष्टाचार मुक्त संगठन के निर्माण में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।”

इस कार्यक्रम को सभी से सम्पूर्ण समर्थन मिला, जिसमें जीवन के सभी क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने व्यक्तिगत और व्यावसायिक आचरण में सतर्कता के महत्व पर प्रकाश डाला। इस पहल के माध्यम से, पीएनबी एक अधिक जागरूक, जिम्मेदार और नैतिक रूप से जागरूक समाज के निर्माण के अपने मिशन को आगे बढ़ा रहा है।

एक स्वस्थ कार्यबल और एक पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अंतर्गत, पीएनबी एक उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित करने के अपने प्रयासों पर अडिग है, जो यह दर्शाता है कि सतर्कता वास्तव में सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

नमामि गंगे घाट पर  हुआ योगाभ्यास सत्र का आयोजन

Yoga practice session organised at Namami Gange Ghat
Yoga practice session organised at Namami Gange Ghat

हरिद्वार।   उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में रजत जयंती उत्सव कार्यक्रम में आज नमामि गंगे घाट चंडीघाट पर आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग उत्तराखंड के द्वारा आयुर्वेदिक यूनानी और होम्योपैथी विभाग के संयुक्त तत्वधान में  योग अभ्यास किया गया जिसमें मुख्य अतिथि स्वामी अनंतानंद जी महाराज एवं विशिष्ट अतिथि योगी रजनीश जी अध्यक्ष ओम आरोग्यम योग मंदिर हरिद्वार संयुक्त रूप से किया गया।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉक्टर स्वास्तिक जैन ने अवगत कराया है कि राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष में जनपद में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की श्रृंखला जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के र्निदेश में आज से शुभारंभ किया गया। जिसके तहत आज नमामि गंगे घाट पर योगाभ्यास सत्र का आयोजन किया गया है जिसमें 200 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग कर योगाभ्यास किया।
उन्होंने अवगत कराया है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रतिदिन योग अनुदेशकों के द्वारा योग सत्र का आयोजन किया रहा है जिससे कि ग्रामीण परिवेश में लोग बहुत ज्यादा लाभान्वित हो रहे हैं डॉ भास्कर, डॉ अश्विनी, डॉ विकास दुबे, डॉ सुष्मिता, डॉ नावेद, डॉ विकास जैन, डॉ  प्रदीप, डॉ दीक्षा, नागेश्वर उनियाल, प्रकाश उनियाल, राजेंद्र मिश्र,नवीन, दीपिका  अंजना धनौला शेफाली विनय विनीत मुनीराम विक्रम ने कार्यक्रम में सहयोग किया राष्ट्रीय सेविका समिति की की तरुणी प्रमुख प्राची गुप्ता के द्वारा अपने सदस्यों के साथ योगाभ्यास में प्रतिभाग किया.
योग कार्यक्रम में साधना सिंह निदेशक संयोग रिजूवनेशन देहरादून के द्वारा एक योग नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।योगाभ्यास कु अदिति, प्रतिभा, निशा भट्ट एवं निकुंज उपाध्याय के द्वारा कराया गया
इस अवसर पर डॉ भास्कर, डॉ अश्विनी, डॉ विकास दुबे, डॉ सुष्मिता, डॉ नावेद, डॉ विकास जैन, डॉ  प्रदीप, डॉ दीक्षा, नागेश्वर उनियाल, प्रकाश उनियाल, राजेंद्र मिश्र, नवीन, दीपिका ,अंजना धनौला, शेफाली, विनय, विनीत, मुनीराम, विक्रम आदि ने योगाभ्यास में प्रतिभाग किया।
योगाभ्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले प्रतिभागों का जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉक्टर स्वास्तिक जैन धन्यवाद ज्ञापित किया।

राष्ट्रपति मुर्मु ने किया पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के द्वितीय दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित

President Murmu honored the gold medalists at the second convocation of Patanjali University, Haridwar.
President Murmu honored the gold medalists at the second convocation of Patanjali University, Haridwar.

देहरादून।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के द्वितीय दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित किया। रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 1454 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। 62 शोधार्थियों को विद्या वारिधि और 3 शोधार्थियों को विद्या वाचस्पति की उपाधि प्रदान की गई, जबकि 615 विद्यार्थियों को परास्नातक और 774 विद्यार्थियों को स्नातक की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) ने राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन की विविध वनस्पतियों पर आधारित दो पुस्तकें ‘फ्लोरा ऑफ राष्ट्रपति भवन’ एवं ‘मेडिसिनल प्लांट्स ऑफ राष्ट्रपति भवन’ की प्रतिलिपियाँ भी भेंट कीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने पदक प्राप्त विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के जीवन-निर्माण में योगदान देने वाले अध्यापकों और अभिभावकों का भी विशेष अभिनंदन किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों में 64 प्रतिशत बेटियाँ हैं तथा पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की संख्या छात्रों की तुलना में चार गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विकसित भारत के उस स्वरूप का परिचायक है जिसमें महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय महर्षि पतंजलि की तप, साधना और ज्ञान परंपरा को आधुनिक समाज के लिए सुलभ बना रहा है। विश्वविद्यालय योग, आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की भारत-केन्द्रित शिक्षा-दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि इसमें विश्व बंधुत्व की भावना, वैदिक ज्ञान एवं आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समन्वय और वैश्विक चुनौतियों के समाधान जैसी विशेषताएँ निहित हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से वसुधैव कुटुंबकम की भावना पर आधारित जीवन-मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान-प्राप्ति नहीं है, बल्कि सदाचार, तपस्या, सरलता और कर्तव्यनिष्ठा जैसे जीवन-मूल्यों को आत्मसात करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल आत्म-विकास बल्कि राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। गंगा तट पर स्थित हरिद्वार की सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ये पवित्र स्थल ज्ञान और अध्यात्म का संगम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पतंजलि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी स्वाध्याय और तपस्या जैसे आदर्शों का पालन करते हुए स्वस्थ, संस्कारित और समरस समाज के निर्माण में योगदान देंगे।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए उनके देवभूमि आगमन को गर्व का क्षण बताया। राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि योग, आयुर्वेद और अध्यात्म का प्राण-केंद्र है। इस पवित्र धरती से प्रचलित योग और आयुर्वेद की परंपरा ने न केवल भारत को, बल्कि समूचे विश्व को स्वास्थ्य, संतुलन और सद्भाव का संदेश दिया है। उत्तराखंड की यह ऋषि-परंपरा आज भी हमें यह प्रेरणा देती है कि ज्ञान का सर्वोच्च उद्देश्य केवल आत्म-विकास नहीं, बल्कि विश्व-कल्याण है।
राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और आशा व्यक्त की कि वे दीक्षांत समारोह के पश्चात आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करेंगे। उन्होंने कहा कि आज उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अपने राष्ट्र, प्रदेश और समाज की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे तथा अपनी शिक्षा, प्रतिभा एवं प्रशिक्षण का उपयोग मानव-कल्याण के लिए करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने जो ज्ञान अर्जित किया, वह केवल हमारे लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड के कल्याण के लिए था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को स्वीकृति दिलाकर योग के विज्ञान पर किए गए हजारों वर्षों के कार्य को वैश्विक मंच प्रदान किया। विगत कुछ वर्षों में योग और आयुर्वेद के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति आई है, और आज करोड़ों लोग इनके माध्यम से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का देवभूमि उत्तराखंड की सवा करोड़ देवतुल्य जनता की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सदैव अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए समाज के वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किया है। हाल ही में जब उन्होंने लड़ाकू विमान ‘राफेल’ में उड़ान भरी, तो पूरे देश ने उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रेरक उदाहरण देखा। उनके व्यक्तित्व में मातृत्व की ममता, सेवा का संकल्प और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का अद्भुत संगम निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी उत्तराखंड वासियों का सौभाग्य है कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के इस ऐतिहासिक अवसर पर हमें राष्ट्रपति का सान्निध्य और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग करके अपने बेहतर भविष्य के साथ ही अपने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव के मार्गदर्शन में पतंजलि विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा को भारतीय संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने का अतुलनीय कार्य कर रहा है। यहाँ विज्ञान और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जहाँ विद्यार्थी केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-मूल्यों की भी शिक्षा प्राप्त करते हैं। पतंजलि विश्वविद्यालय ने आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय से ऐसी शिक्षा पद्धति विकसित की है, जो योग, आयुर्वेद, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार अनेक नवाचार कर रही है। राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने के साथ ही प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कोर्स संचालित करने की पहल की गई है। भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना भी की गई है। देहरादून में साइंस सिटी, हल्द्वानी में एस्ट्रो पार्क और अल्मोड़ा में साइंस सेंटर के निर्माण के माध्यम से राज्य में वैज्ञानिक अनुसंधान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।कार्यक्रम में पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलाधिपति स्वामी रामदेव, कुलपति आचार्य बालकृष्ण, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, डॉ. कल्पना सैनी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

युवाओं को फ्यूचर रेडी बनाना होगा: सीएम

Youth have to be made future ready CM
Youth have to be made future ready CM

हरिद्वार(आरएनएस)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का रोजगार परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं। इसके लिए हमें अपने युवाओं को फ्यूचर रेडी बनाना होगा। कहा कि इस दिशा में हमने स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए हैं, जिससे युवाओं में उद्यमिता को विकसित किया जा सके। कहा कि हमारा उद्देश्य है कि हमारे युवा केवल नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें। यह बातें उन्होंने पतंजलि विवि में आयोजित द्वितीय दीक्षांत समारोह में मंच से संबोधित करते हुए कही। सीएम धामी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि ये दीक्षांत समारोह आपके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। कहा कि ये केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर मात्र नहीं, बल्कि आपके कठिन परिश्रम और समर्पण का भी प्रमाण है। आप आज से एक नई यात्रा पर निकल रहे हैं, जहां आपकी शिक्षा और संस्कार एक शक्तिशाली और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। कहा कि आप अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग करके न केवल अपना भविष्य बेहतर बनाएंगे, बल्कि अपने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज के कल्याण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सीएम ने कहा कि योगगुरु रामदेव के मार्गदर्शन में पतंजलि विवि आधुनिक शिक्षा को भारतीय संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने का अतुलनीय कार्य कर रहा है। कहा कि यहां विज्ञान और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जहां विद्यार्थी केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि भारतीय जीवन मूल्यों की भी शिक्षा प्राप्त करते हैं। कहा कि पतंजलि विवि वास्तव में भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा की पुनर्स्थापना का जीवंत उदाहरण बन रहा है। कहा कि विवि ने आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय से एक ऐसी शिक्षा पद्धति विकसित की है, जो योग, आयुर्वेद, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही है।

तीन दिवसीय गोरखा दशै-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2025 का धूमधाम के साथ हुआ भव्य समापन

The three-day Gorkha Dashain-Diwali Festival and State Fair-2025 concluded with great pomp and show.
The three-day Gorkha Dashain-Diwali Festival and State Fair-2025 concluded with great pomp and show.

देहरादून-02 नवम्बर 2025 I प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले गोरखा दशै-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2025 का आज रविवार को भव्य, जोशीले अंदाज़ तथा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की बेहतरीन मधुर संध्या के साथ समापन हो गया है I गोरखा समुदाय की संस्कृति को बढ़ावा देने एवं समाज में आपसी सद्भाव-सौहार्द स्थापित करने के मूल उद्देश्य को लेकर वीर गोरखा कल्याण समिति का यह भव्य आयोजन सभी के लिए कई सकारात्मक संदेश भी दे गया है I

गोरखा दशैं दीपावली महोत्सव में आज समापन अवसर पर भी बहुत ही मनमोहक अंदाज़ वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जमकर रंग जमाया और कोई कोर कसर नहीं छोड़ी I मेला समापन कार्यक्रम में मुख्य रूप से दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अतुल कटियार, वीर गोरखा कल्याण समिति के संरक्षक ई० मेग बहादुर थापा, मेजर बीपी थापा, मेजर अमर राई,गोरखाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, वीर गोरखा कल्याण समिति के मुख्य संरक्षक लेफ्टिनेंट जनरल राम सिंह प्रधान, वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उर्मिला तमांग, उपाध्यक्ष सूर्य बिक्रम शाही, महासचिव विशाल थापा, कोषाध्यक्ष/मीडिया प्रभारी टेकु थापा, सचिव देविन शाही, सह-सचिव आशु थापा, सांस्कृतिक सचिव देव कला दिवान, सह सांस्कृतिक सचिव करमिता थापा, संगठन मंत्री लोकेश बन, सोनु गुरुंग, सदस्य पूरन बहादुर थापा, यामु राना, सोना शाही, ज्योति राना , बबिता गुरुंग ,एनबी थापा, बुद्धेश राई, मीन गुरुंग, मौजूद रहे।

मेले के समापन समारोह में वीर गोरखा कल्याण समिति के महासचिव विशाल थापा ने उत्तराखंड प्रशासन, बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग एवं समस्त प्रशासनिक अधिकारियों सफल आयोजन में सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा यह हमारे संस्कृति, रीति रिवाज, पहनावा, बोली, खानपान सभी को संरक्षित करने का एक मुहिम है और हम चाहते हैं कि हमारी आने वाले जेनरेशन उन सभी पारंपरिक चीजों को लेकर अपने साथ चले। वहीं वीर गोरखा कल्याण समिति के कोषाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी टेकू थापा ने महोत्सव में भाग लेने वाले सभी कलाकारों, स्पॉन्सरस, समिति के सदस्य, वॉलिंटियर्स एवं समस्त सहयोगियों को इस मेले के सफल आयोजन में सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया।

गोरखा दशैं दीपावली महोत्सव 2025 के तीसरे और अंतिम दिन कई आकर्षक प्रस्तुतियाँ आयोजित की गई। जिनमें मुख्य रूप से महिला नृत्य वीर गोरखा कल्याण समिति द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें “देउरालिलाई फूल पाती धजा”….. गीत पर आकर्षक व मनमोहक नृत्य किया गया। इस प्रस्तुति में महिला कलाकार यमु गुरुङ,आशु थापा मगर, बबीता गुरुङ, अनीता गुरुङ, सबिता गुरुङ, छाया थापा, कांची माया थामंग और लक्ष्मी गुरुङ शामिल रहे। इसके अलावा सांस्कृतिक संध्या में ऑपरेशन सिंदूर की सफलताओ के लिए नृत्य प्रतिभा डांस अकादमी द्वारा “तलवारों पे सर वार दिया, ये तिरंगे सजाया”….. गीत ने सभी का हृदय जीत लिया I जबकि खुकरी नृत्य ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तत्पश्चात कौडा नृत्य वीर गोरखा कल्याण समिति द्वारा प्रस्तुत किया गया, उसे भी बखूबी सराहा गया I इस गाने की प्रस्तुति ने दर्शकों को जमकर आकर्षित किया।

After achieving success in Punjabi entertainment and television, Isha Sharma is set to make her debut in the South Indian film industry.

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