Home Blog Page 51

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने लिया पंतनगर में आयोजित होने वाले कृषक सम्मेलन की तैयारियों का जायजा

Agriculture Minister Ganesh Joshi reviewed the preparations for the farmers' conference to be held in Pantnagar.
Agriculture Minister Ganesh Joshi reviewed the preparations for the farmers' conference to be held in Pantnagar.

देहरादून। उधमसिंह नगर जनपद प्रभारी एवं कृषि मंत्री गणेश जोशी आज पंतनगर पहुंचे। जहां उन्होंने उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित रजत जयंती समारोह के तहत आगामी 7 नवम्बर को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में होने वाले भव्य किसान सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लिया।
मंत्री जोशी ने अधिकारियों के साथ पंतनगर विश्वविद्यालय स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम स्थल पर चल रही व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी तैयारियाँ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन राज्य के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा, जिसमें कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों, नवाचारों और योजनाओं की जानकारी किसानों को मिलेगी।
मंत्री जोशी ने बताया कि किसान सम्मेलन का आयोजन कृषि, उद्यान, ग्राम्य विकास, मत्स्य, डेयरी, सहकारिता, पशुपालन, मंडी परिषद तथा पंतनगर विश्वविद्यालय के संयुक्त समन्वय से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्यसभा सांसद महेंद्र bhatt प्रगतिशील किसान और बड़ी संख्या में कृषक भाग लेंगे।
कृषि मंत्री ने बताया कि कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सम्मेलन में लगभग 25 से 30 हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इस अवसर पर कृषि एवं संबंधित विभागों की वृहद प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, आधुनिक उपकरणों, बीजों और योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
मंत्री जोशी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस सम्मेलन को किसानों के हित में उपयोगी और प्रेरणादायक बनाने के लिए सभी विभाग मिलकर कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यातायात व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा और अन्य सभी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।   इस अवसर पर संबंधित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे

सीएम धामी ने किया लेखक गांव, थानों में आयोजित स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 के समापन सत्र में प्रतिभाग

CM Dhami participated in the closing session of Sparsh Himalaya Mahotsav-2025 organized at Lekhak Village and Thana.
CM Dhami participated in the closing session of Sparsh Himalaya Mahotsav-2025 organized at Lekhak Village and Thana.

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को लेखक गांव, थानों, देहरादून में आयोजित स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 के समापन सत्र में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लेखक गांव स्थित मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख शांति की कामना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना की रजत जयंती उत्सव पर सभी आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि लेखक गांव की परिकल्पना उन विचारों का प्रतीक है जो समाज को दिशा देते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए भविष्य का निर्माण करना सिखाते हैं। उन्होंने कहा लेखक गांव में आयोजित यह महोत्सव, नई सृजन-यात्रा का आरंभ है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित एवं विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता योजना के तहत साहित्यकारों को अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार, प्रदेश के उत्कृष्ट साहित्यकारों को साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित करने का कार्य कर रही है। जिसमें 5 लाख तक की धनराशि देने की भी घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार युवा पीढ़ी को साहित्य के प्रति आकर्षित करने के लिए भी विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रहे है। सभी साहित्यकारों, कलाकारों, विद्वानों और संस्कृति के साधकगणों के सहयोग से हम अपने इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में अवश्य सफल रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रजत जयंती वर्ष पर उत्तराखंड विधानसभा द्वारा आयोजित विशेष सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा आगामी 9 नवंबर राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तराखंड आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रदेश में लेखक गांव स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ विश्व के साहित्यिक मानचित्र पर राज्य को एक नई पहचान प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा आने वाले समय में लेखक गांव, भारत की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक दृष्टि से जोड़ने का कार्य करेगी।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व रक्षा सचिव डॉ. योगेन्द्र नारायण, ले.ज अनिल कुमार भट्ट (से.नि), पद्मश्री डॉ. हरमोहिन्दर सिंह बेदी, विदुषी निशंक एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने किया प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का शुभारंभ

Chief Minister inaugurated the Pravasi Uttarakhandi Conference
Chief Minister inaugurated the Pravasi Uttarakhandi Conference

– प्रवासी उत्तराखंडी हैं देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर-मुख्यमंत्री
– “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है राज्य : मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को दून विश्वविद्यालय में राज्य स्थापना के रजत रजत जयंती समारोह के अंतर्गत आयोजित “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदाओं में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप एक मिनट का मौन भी रखा गया।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी देवभूमि की संस्कृति, परंपराओं और मातृभूमि के गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। प्रवासी उत्तराखंडी देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट लोक संस्कृति, भाषा और बोली में झलकने वाली आत्मीयता हमें विश्वभर में जोड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी जहां भी रहते हैं, अपने साथ देवभूमि की संस्कृति और अपनी मिट्टी की सुगंध लेकर चलते हैं। राज्य सरकार ने प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन इसी उद्देश्य से किया है ताकि उनके सुझाव और अनुभव राज्य के विकास की मुख्यधारा में शामिल किए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अनेक प्रवासी स्वयं अपने गांवों को गोद लेकर विकास में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार “विकसित भारत, विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। “एक जनपद दो उत्पाद”, “हाउस ऑफ हिमालयाज”, “स्टेट मिलेट मिशन”, “नई पर्यटन नीति”, “वेड इन उत्तराखंड” और “सौर स्वरोजगार योजना” जैसी योजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने सतत विकास लक्ष्यों में नीति आयोग की रैंकिंग में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” में उत्तराखंड को “एचीवर्स” तथा “स्टार्टअप रैंकिंग” में “लीडर्स” श्रेणी प्राप्त होना राज्य के सुनियोजित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक मूल्यों और जनसांख्यिकीय संतुलन को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल-विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर कार्य कर रही है, जिसके तहत चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि स्वर्ण जयंती वर्ष तक उत्तराखंड ऐसा राज्य बने जहां हर युवा को सम्मानजनक रोजगार मिले, पलायन रुके और प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी हो। “विकास भी, विरासत भी” की भावना के साथ राज्य सांस्कृतिक समृद्धि और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखंडियों से आह्वान किया कि वे भी राज्य के इस विकास अभियान में भागीदार बनें।
पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि हमारी देवभूमि का रहस्य और विरासत ईमानदारी तथा परिश्रम में निहित है। इसके कारण उत्तराखंड का व्यक्ति देश-विदेश में अपनी प्रतिभा, कर्मठता और ईमानदारी से कार्य करता है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी ताकत को पहचानना होगा। आज अनेक मानकों में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे सभी प्रवासी अपनी जड़ों से हमेशा जुड़े रहेंगे और राज्य के विकास में निरंतर योगदान देंगे।
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि उत्तराखंड की अनेक हस्तियों ने देश के विभिन्न हिस्सों में अपने कार्यों के बल पर विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने सभी प्रवासी उत्तराखंडियों से अपील की कि वे जिन भी क्षेत्रों में दक्ष हैं, राज्य के विकास में उस क्षेत्र में अवश्य योगदान करें। उन्होंने कहा कि प्रवासियों को राज्य के विकास में जो भी सहयोग देना है, उसमें राज्य सरकार पूरा समर्थन देगी।
दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष और प्रवासी उत्तराखंडी मोहन सिंह बिष्ट ने इस सम्मेलन के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड हमारी आत्मा और संस्कृति की धरोहर है। उत्तराखंड की मिट्टी की खुशबू, बोली की मिठास और लोकनृत्यों की ध्वनि हमारे हृदय में सदा गूंजती रहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रवासी उत्तराखंडी और फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने बताया कि उन्होंने रुद्रप्रयाग जनपद में अपने पैतृक गांव को गोद लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सांस्कृतिक और लोककला की दृष्टि से समृद्ध राज्य है, इसलिए हमें अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य करना होगा।
प्रवासी उत्तराखंडी और राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का यह दिन हमारी मिट्टी की महक, संस्कृति की आत्मा और अपनत्व का उत्सव है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की ठंडी हवा में माँ की ममता बसती है। उत्तराखंड हमारी आस्था, परिश्रम और संस्कारों की भूमि है। उन्होंने कहा कि आज हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपनी संस्कृति से जुड़े रहेंगे और उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अपना पूरा योगदान देंगे।
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि आज राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, जैविक कृषि, औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। सशक्त और समृद्ध उत्तराखंड के संकल्प के साथ शासन, प्रशासन एवं जनभागीदारी से राज्य आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के लिए तेजी से कार्य कर रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के साथ राज्य ने खेल भूमि के रूप में नई पहचान बनाई है। सरकार की पारदर्शी नीति और अनवरत प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में तीव्र वृद्धि हुई है।
प्रवासी उत्तराखंडी और भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय में निदेशक पूर्णेश गुरूरानी ने कहा कि उत्तराखंड में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग सेंटर स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हिमालय फाइबर के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके लिए केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के दोनों मंडलों में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखंडियों ने राज्य के विकास के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा राज्य के लिए किए जाने वाले संभावित योगदान की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, सचिवगण और देशभर से आए प्रवासी उपस्थित थे।

डीएम बंसल गुए ‘रियल हीरो’ की उपाधि से सम्मानित

DM Bansal was honored with the title of 'Real Hero'
DM Bansal was honored with the title of 'Real Hero'

देहरादून।   जिलाधिकारी सविन बंसल कल देर शाम गंगोत्री एंक्लेव रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी की महिलाओं द्वारा उन्हें ‘रियल हीरो’ सम्मान दिया गया। जिलाधिकारी को लोक पर्व ईगास पर्व  अवसर पर गंगोत्री एन्कलेव निवासियों  द्वारा आमंत्रित किया गया था। जहां महिलाओं, बालिकाओं ने जिलाधिकारी हल्दी, चंदन, रोली से टीका अक्षत लगाकर स्वागत किया।
लोक पर्व ईगास बग्गवाल पर्व के अवसर पर सम्मानित करने पर गंगोत्री एंक्लेव वासियों का आभार व्यक्त साथ  ही ईगास पर्व पर अधिकारिक व्यस्तता होने के कारण 1 नवंबर को उपस्थित न होने पर मातृशक्ति के आगे क्षमायाची बन डीएम ने क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि राज्य का लोक पर्व ईगास बग्गवाल सौहार्द का पर्व है। उन्होंने कहा कि जनहित में जो भी कार्य कर रहे हैं वह उनके आधिकारिक दायित्व है।  मुख्यमंत्री जी का यही मार्गदर्शन एवं निर्देश है  कि राज्य में सौहार्द सुरक्षा का माहौल रहे तथा नागरिकों का जीवन गुणवत्ता अच्छी हो। डीएम ने भी कहा कि उनकी प्राथमिकता लोगों की समस्याओं का समाधान करना ही है और वे जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
गंगोत्री एन्कलेव की महिलाएं पारम्परिक परिधान में जिलाधिकारी को सम्मानित करते कलेक्टेªट पंहुचने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मातृशक्ति असुविधा न हो को संदेश पंहुचाया कि वह स्वयं गंगोत्री एक्नलेव बंजारावाला आ  रहे। जिलाधिकारी को अपने बीच में पाकर महिलाएं, बच्चों में ईगास पर्व का उत्साह देखने को मिला।
गंगोत्री एक्नलेव के अध्यक्ष गरीश गैरोला ने कहा कि  डीएम सविन बंसल, जिले के एसएसपी को अपने पीछे बाइक पर लेकर शहर की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। इस वायरल मूवमेंट के चलते सोसाइटी की महिलाओं ने डीएम को एक खास तस्वीर भेंट करने का निर्णय लिया, जिसमें उनके कार्यों का सम्मान झलका। जब डीएम को यह जानकारी हुई कि महिलाएं पहाड़ी परिधान में सज-धज कर उनकी प्रतीक्षा कर रही हैं, तो उन्होंने स्वयं उनके बीच आने और उन्हें सम्मानित करने का आश्वासन दिया। यह इगास बग्वाल के अवसर पर हुई, और डीएम ने इस दौरान जनता की समस्याओं के समाधान और क्षेत्र के विकास हेतु खुलकर संवाद किया। गंगोत्री एन्कलेव वासियों एवं अध्यक्ष ने भी डीएम के इस कदम की सराहना की और उनकी व्यस्तताओं के बीच आए बिना न रह पाने वाली भावनाओं का आदर व्यक्त किया। महिलाओं ने डीएम को विशेष तरीके से दाल के पकोड़े परोसे, जो इगास बग्वाल की परंपरा का हिस्सा है। गंगोत्री एन्कलेव वासियों ने कहा कि डीएम सविन बंसल के प्रति जनता और खासकर महिलाओं के गहरे सम्मान व उनके जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है, जो उन्हें प्रशासन के सशक्त और संवेदनशील नेतृत्व के रूप में प्रस्तुत करता है।

40 वर्ष से कम आयु की महिलाओं में स्तन कैंसर पर विशेष ध्यान

Special focus on breast cancer in women under 40 years of age
Special focus on breast cancer in women under 40 years of age

40 वर्ष से कम आयु की महिलाओं में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों ने चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए चिंता की घंटी बजा दी है।

युवा लड़कियों को स्तन कैंसर से बचाना हमारे भविष्य की पीढ़ियों के स्वास्थ्य की दिशा में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

देहरादून – 05 नवंबर 2025- “यंग वूमेन’स ब्रेस्ट कैंसर एंड हेल्थ” पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 15–16 नवम्बर, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, ताकि इस बढ़ते खतरे पर चर्चा की जा सके।

युवा महिलाओं में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों का संबंध हमारे आस-पास के वातावरण में विषैले तत्वों की बढ़ती मात्रा और सुरक्षा के प्रति उदासीनता से जोड़ा जा रहा है।

यह घातक और अक्सर प्राणघातक रोग अब मुख्य रूप से 40 वर्ष से कम आयु की महिलाओं को प्रभावित कर रहा है — भारत और विश्वभर में अनुमान है कि भारत में यह प्रवृत्ति वर्ष 2040 तक जारी रहेगी।

इस वृद्धि का एक प्रमुख कारण युवाओं में स्तन कैंसर और उसके रोके जा सकने वाले जोखिम कारकों के प्रति जागरूकता की कमी, स्वयं स्तन परीक्षण न करना, इस आयु वर्ग के लिए स्क्रीनिंग कार्यक्रमों का अभाव और जैविक कारण हैं, जिन्हें अभी तक पूरी तरह समझा नहीं गया है।

यह चिंताजनक प्रवृत्ति न केवल युवा महिलाओं के जीवन को खतरे में डाल रही है, बल्कि चिकित्सा, व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर ऐसे विशिष्ट चुनौतियाँ भी प्रस्तुत कर रही है जो आम तौर पर वृद्ध रोगियों में नहीं देखी जातीं।

इस महत्वपूर्ण मुद्दे को संबोधित करने के लिए, ब्रेस्ट कैंसर इन यंग वूमेन (BCYW) फाउंडेशन के वैश्विक साझेदार इंडियन ऑन्कोलॉजी फाउंडेशन (IOF) द्वारा 15–16 नवम्बर, 2025 को नई दिल्ली में “यंग वूमेन’स ब्रेस्ट कैंसर एंड हेल्थ” पर दूसरा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. अशोक वैद, चेयरमैन, मेदांता कैंसर इंस्टीट्यूट एवं इंडियन ऑन्कोलॉजी फाउंडेशन के संस्थापक, और प्रो. राकेश कुमार, पीएचडी, संस्थापक एवं सीईओ, BCYW फाउंडेशन (यूएसए), तथा स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी, देहरादून के इंटरनेशनल एंडॉव्ड चेयर प्रोफेसर द्वारा की जाएगी।

प्रो. कुमार ने कहा, “आज की 18 वर्ष की युवती कल स्तन कैंसर के जोखिम समूह में हो सकती है। हमें यह भ्रांति तोड़नी होगी कि स्तन कैंसर केवल वृद्ध महिलाओं की बीमारी है। 85 प्रतिशत मामलों का पारिवारिक इतिहास से कोई संबंध नहीं होता — समय पर जागरूकता और स्वयं की देखभाल प्रारंभिक पहचान की कुंजी है। मेरा मानना है कि युवा महिलाओं को प्रारंभिक स्तर पर सशक्त बनाना आने वाले वर्षों में महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन पर गहरा प्रभाव डालेगा।”

यह ऐतिहासिक सम्मेलन विश्वभर के चिकित्सा विशेषज्ञों, विचारशील नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाएगा, ताकि युवा महिलाओं में स्तन कैंसर से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर विमर्श किया जा सके। भारत और एशिया में अपने प्रकार का यह पहला आयोजन है, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल होंगे, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता और प्रसिद्ध बायोकेमिस्ट डॉ. आरोन सिचानोवर (टेक्निऑन-इज़राइल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) तथा प्रो. माइकल ग्नांट (वियना, ऑस्ट्रिया), जो सेंट गैलेन ब्रेस्ट कैंसर कंसेंसस मीटिंग के अध्यक्ष हैं, प्रमुख हैं।

सम्मेलन में चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ-साथ स्तन कैंसर से जूझ चुकी महिलाएं और समर्थक भी भाग लेंगे, जिनमें प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री महिमा चौधरी भी शामिल हैं।

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य पेशेवरों और युवा महिलाओं को आवश्यक जानकारी, रोकथाम की रणनीतियाँ, व्यावहारिक दृष्टिकोण और उपचार विकल्पों से सशक्त करना है।

गोरखा दशै-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2025 के बाद स्वच्छता की दिशा में सराहनीय कदम

A commendable step towards cleanliness after the Gorkha Dashain-Diwali Festival and State Fair-2025
A commendable step towards cleanliness after the Gorkha Dashain-Diwali Festival and State Fair-2025

वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा के नेतृत्व में टीम ने चलाया स्वच्छता अभियान कार्यक्रम

पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में वीर गोरखा कल्याण समिति ने दिया बड़ा संदेश

मेले के लक्की ड्रॉ में प्रथम पुरस्कार टीका राम शाही, द्वितीय पुरस्कार नन्द बहादुर थापा तथा तृतीय पुरस्कार कुमारी गरिमा ठकुरी को मिला

देहरादून- 5 नवंबर 2025 I वीर गोरखा कल्याण समिति ने पर्यावरण एवं संवर्द्धन की दिशा में स्वच्छता अभियान कार्यक्रम चलाते हुए समाज को बड़ा संदेश दिया है I गोरखा दशै- दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2025 के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद महेंद्र ग्राउंड गढ़ी कैंट में वीर गोरखा कल्याण समिति ने स्वच्छता अभियान कार्यक्रम अपनी पूरी टीम के साथ चलाया I स्वच्छता का संदेश देते हुए वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा और उनकी टीम के पदाधिकारी उपाध्यक्ष सूर्य विक्रम शाही, महासचिव विशाल थापा, सचिव देवेन शाही, सह सचिव देवेन शाही, सह सचिव आशु थापा, संगठन मंत्री लोकेश बन, सांस्कृतिक सह सचिव कर्मिता थापा, वरिष्ठ सदस्य यामू राना, सोना कैसी, मधुसूदन शर्मा आदि ने महेंद्र ग्राउंड में स्वच्छता अभियान चला कर भारत के स्वच्छ भारत मिशन अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया और जन जागरूकता में भागीदारी दर्ज की I

इस अवसर पर वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने गुरु पर्व और कार्तिक पूर्णिमा की सभी को शुभकामनाएं दी और कहा कि पर्यावरण के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए समाज के सभी नागरिकों को निस्वार्थ भाव के साथ अपना योगदान देना चाहिए I उन्होंने कहा कि इसके लिए देश को स्वच्छ और स्वस्थ रखना आवश्यक है I वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने यह भी कहा कि उनकी यह समिति अपनी पूरी टीम के साथ हमेशा ही स्वच्छता अभियान की दिशा में कार्य करती रही है और आगे भी अपना योगदान देती रहेगी I

गोरखा दशै-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2025 के लक्की ड्रॉ में प्रथम पुरस्कार 55 इंच का एलईडी टीवी गजियवाला पंडितवाड़ी के टीका राम शाही को मिला I जबकि द्वितीय पुरस्कार नई बस्ती क्लेमेनटाउन के नन्द बहादुर थापा को मिला, उनको साइकिल मिली तथा तृतीय पुरस्कार पाने वाली स्थानीय बंजारावाला निवासी कुमारी गरिमा ठकुरी को म्यूजिक सिस्टम मिला I तीनों पुरस्कार विजेता अपना-अपना नाम पाकर बेहद पसंद हुए I

चौखुटिया में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु आंदोलन कर रहे प्रतिनिधिमंडल ने की  सीएम धामी से भेंट

The delegation agitating for strengthening health services in Chaukhutia met CM Dhami.
The delegation agitating for strengthening health services in Chaukhutia met CM Dhami.

– तत्काल प्रभाव से अस्पताल के उन्नयन हेतु शासनादेश जारी करने हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया
–  सीएम धामी चौखुटिया के संबंध में जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करेंगे
– एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड वासियों के लिए बनेगा विशेष काउंटर : सीएम
– सीएम धामी बोले — पर्वतीय  क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
देहरादून।  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में चौखुटिया में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु आंदोलन कर रहे प्रतिनिधिमंडल ने  भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया कि चौखुटिया क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री जी ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल के उन्नयन हेतु शासनादेश जारी कर दिया है। इसके अंतर्गत चौखुटिया अस्पताल की क्षमता 30 बेड से बढ़ाकर 50 बेड कर दी गई है, साथ ही विभिन्न आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को चरणबद्ध रूप से सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि जनहित की प्रत्येक मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनशील है और जन आकांक्षाओं के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री  ने बताया कि इस विषय में वह स्वयं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे तथा प्रगति की सीधे मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि चौखुटिया एवं आसपास के क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत एक्स-रे मशीन के संचालन की जिम्मेदारी उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन परिषद को दी गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड वासियों के लिए विशेष काउंटर स्थापित करने हेतु तत्काल बात की जाएगी, ताकि प्रदेशवासियों को त्वरित एवं सरल चिकित्सा सेवा मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ठोस स्वास्थ्य नीति पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री स्वयं भी जल्द ही चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करेंगे और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
मुख्यमंत्री   धामी ने कहा कि सरकार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अल्मोड़ा जनपद के चौखुटिया में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की क्षमता को बढ़ाते हुए इसे 30 बेड से विस्तारित कर 50 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल में अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पहाड़ के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। इसी उद्देश्य से चौखुटिया में उप जिला चिकित्सालय के निर्माण से संबंधित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन परिषद को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के विस्तार से चौखुटिया और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा तथा स्वास्थ्य उपचार में होने वाली देरी को रोका जा सकेगा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अल्मोड़ा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चौखुटिया के  जनप्रतिनिधि तथा आंदोलनकारी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने काशीपुर में राज्य स्तरीय शहरी विकास सम्मेलन का किया शुभारम्भ  

Chief Minister inaugurated the state level urban development conference in Kashipur.
Chief Minister inaugurated the state level urban development conference in Kashipur.

– उत्तराखण्ड के नगरों में स्वच्छता और बुनियादी ढाँचे को मिला नया आयाम
– मुख्यमंत्री ने 46 करोड़ 24 लाख के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-शिलान्यास
देहरादून।  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की रजत जयंती वर्ष समारोह की श्रृंखला में काशीपुर में मंगलवार को राज्य स्तरीय शहरी विकास सम्मेलन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने 46 करोड़ 24 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया तथा दिव्यांग सशक्तिकरण कौशल विकास वाहन व नगर निगम काशीपुर के 14 कूड़ा एकत्रित करने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में, जब हमारे शहर अपने स्वरूप में ढल रहे थे, तब हमारे निकायों के सामने बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ आवश्यक संसाधनों का भी अभाव हुआ करता था। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं ने भी विकास कार्यों की गति को अत्यधिक प्रभावित किया। परंतु इन 25 वर्षों की इस गौरवमयी यात्रा में हमारे राज्य ने अनेकों चुनौतियों का सामना करते हुए विकास, समृद्धि और सुशासन के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी राज्य की आत्मा उसके गाँवों में बसती है तो शहरों में हमारे नागरिकों के सपने और आकांक्षाएँ आकार लेते हैं। इसी सोच के साथ हमने शहरी विकास को अपनी प्राथमिकताओं के केंद्र में रखा है। आज हमारे नगर स्वच्छता, सड़क व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और जनकल्याण जैसे क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखण्ड का नगरीय स्वरूप तेजी से बदला है। वर्ष 2001 में जहाँ राज्य की शहरी जनसंख्या लगभग 16 प्रतिशत थी, वहीं आज यह बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। यही नहीं, राज्य गठन के समय राज्य में केवल 63 स्थानीय निकाय थे और देहरादून एकमात्र नगर निगम हुआ करता था, लेकिन आज राज्य में 107 नगरीय निकाय और 11 नगर निगम शहरों के विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के समय शहरी विकास विभाग का बजट जहाँ केवल 55 करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर 13 सौ करोड़ रुपये से भी अधिक हो गया है। बीते 25 वर्षों में हमारे शहरों ने न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की है, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के अनेक अवसर भी सृजित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत पर चलते हुए भारत को विकास और समृद्धि की नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से आज देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी बुनियादी ढाँचे जैसे जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को सशक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से शहरी विकास को तकनीक और नागरिक सुविधा के साथ जोड़ते हुए एक आदर्श नगर विकास का मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाखों गरीब परिवारों को अपने खुद के पक्के घर प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड के विकास को एक नई दिशा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जहाँ एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखण्ड के प्रत्येक नागरिक को देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार साढ़े 82 करोड़ रुपये की लागत से 52 स्थानीय निकायों में 115 अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।
माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी किया जा रहा है। इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 1100 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक हब परियोजना एवं 100 करोड़ रुपये की लागत से अरोमा पार्क परियोजना भी संचालित की जा रही है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष  महेंद्र भट्ट, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर काशीपुर दीपक बाली, अन्य जनप्रतिनिधि, सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा उपस्थित थे।

राष्ट्रपति मुर्मु ने  किया कुमाऊँ विश्वविद्यालय , नैनीताल  के 20वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि प्रतिभाग

President Murmu attended the 20th Convocation of Kumaon University, Nainital as the Chief Guest
President Murmu attended the 20th Convocation of Kumaon University, Nainital as the Chief Guest

 – शिक्षा न केवल हमें आत्मनिर्भर बनाती है, बल्कि हमें विनम्र होना और समाज व देश के विकास में योगदान देना भी सिखाती है :  राष्ट्रपति
नैनीताल।   भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के 20वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और उपाधियां प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) भी उपस्थित रहे।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की नींव होती है। इसलिए, शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की बुद्धि और कौशल का विकास करना ही नहीं, बल्कि उनके नैतिक बल और चरित्र को भी सुदृढ़ करना होना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा हमें आत्मनिर्भर बनाती है, साथ ही हमें विनम्र होना और समाज व देश के विकास में योगदान देना सिखाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा को वंचित वर्गों की सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्य में समर्पित करें। उन्होंने कहा कि यही सच्चा धर्म है, जो उन्हें सच्चा सुख और संतोष प्रदान करेगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। सरकार निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए अनेक नीतिगत पहल कर रही है। ये पहल युवाओं के लिए अनेक अवसर उत्पन्न कर रही हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों को चाहिए कि वे युवाओं को इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश में शोध, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता के प्रति समर्पित है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और अनुसंधान के प्रभावी अनुप्रयोग के लिए बहुविषयक दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें विश्वास है कि विश्वविद्यालय इस दिशा में निरंतर अग्रसर रहेगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि हिमालय अपनी जीवनदायिनी संपदाओं के लिए जाना जाता है। इन संसाधनों का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राष्ट्रपति यह जानकर प्रसन्न हुई कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जागरूक प्रयास कर रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि एक शिक्षण संस्था के रूप में कुमाऊँ विश्वविद्यालय की कुछ सामाजिक जिम्मेदारियाँ भी हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के अध्यापकों और विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे आस-पास के गाँवों में जाएँ, वहाँ के लोगों की समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करें।
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में कुमाऊँ विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के युवा विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अपनी प्रतिभा और समर्पण की शक्ति से ये युवा अपने दायित्व को अवश्य पूरा करेंगे।
इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि आज का यह अवसर हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है कि इस दीक्षांत समारोह में हमें माननीय राष्ट्रपति महोदया का सानिध्य और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड में पूरे प्रदेश वासियों की ओर से राष्ट्रपति का हार्दिक अभिनंदन और स्वागत किया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि आपके हाथों में जो उपाधि है यह तभी सार्थक होगी जब आप इसे सेवा, सत्यनिष्ठा और संवेदना के साथ जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बुद्धि का विकास नहीं बल्कि चरित्र का निर्माण भी है। ज्ञान तभी सार्थक है, जब उसके साथ नैतिकता जुड़ी हो। आज जब समाज तेजी से बदल रहा है तब विद्यार्थियों के भीतर, ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी का भाव और भी आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे हर प्रकार के नशे और ड्रग्स से दूर रहें। सच्चा आनंद नशे में नहीं बल्कि अपने लक्ष्य की प्राप्ति सेवा और सृजन में है। एक शिक्षित युवा वही है जो स्वयं को और अपने समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाए।
उन्होंने कहा कि आज हम तकनीकी युग के स्वर्णिम दौर में हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान, डिजिटलीकरण और साइबर सुरक्षा हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। आज आगे बढ़ने के लिए तकनीक को अपनाना आवश्यक हो गया है।
राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि सीखना कभी मत छोड़िए जीवन का हर अनुभव एक नई शिक्षा देता है। माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें उनके आशीर्वाद में सफलता का बीज है। समय का मूल्य समझिए यह सबसे कीमती संपत्ति है। सत्य और ईमानदारी से समझौता न करें यही आपकी असली पहचान बनेगी। और सबसे महत्वपूर्ण आप अपनी जड़ों से जुड़े रहें। जो अपनी संस्कृति को पहचानता है, वही सबसे ऊँचा उठता है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत, आयुक्त कुमाऊँ मंडल दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल सहित विश्वविद्यालय के कार्य परिषद, शिक्षा परिषद के सदस्य सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने किया श्रीनगर में आयोजित बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले का  वर्चुअल शुभारंभ

CM Dhami virtually inaugurated the Baikuntha Chaturdashi fair organized in Srinagar.
CM Dhami virtually inaugurated the Baikuntha Chaturdashi fair organized in Srinagar.

देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को श्रीनगर, पौड़ी में आयोजित बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले के शुभारंभ अवसर पर जनता को वर्चुअल संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनगर गढ़वाल में स्थित माँ धारी देवी और भगवान कमलेश्वर महादेव के पौराणिक मंदिर सम्पूर्ण उत्तराखंड की अनमोल धरोहर है। प्रत्येक वर्ष बैकुंठ चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला आस्था एवं समृद्ध सांस्कृतिक लोक परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा इस प्रकार के पारंपरिक मेले हमें हमारी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ा रही है। राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और कनेक्टिविटी सहित अनेकों क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश के विकास के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी संरक्षित किया जा रहा है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत पुनर्निमाण कार्य चल रहे हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य तेजी के साथ चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के पूर्ण होने पर श्रीनगर के साथ पूरे गढ़वाल क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा श्रीनगर क्षेत्र में अनेकों विकास कार्य भी करवाए जा रहे हैं। 4 करोड़ 88 लाख की लागत से रोडवेज बस स्टेशन एवं पार्किंग का निर्माण किया गया है।  अलकनन्दा नदी के किनारे गंगा संस्कृति केंद्र का निर्माण कार्य, श्रीनगर नगर पालिका को नगर निगम बनाया गया है। 37 करोड़ से अधिक की लागत से मढ़ी-चौरास-जाखड़ी पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण भी किया जा रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रीनगर के बेलकेदार और बेलकंडी मार्ग से लगे क्षेत्र में एक नई टाउनशिप स्थापित करने, श्रीनगर नगर निगम के दायरे में आने वाले सभी मोहल्लों तक सीवरेज की व्यवस्था पहुंचानें, ट्राइडेंट पार्क निर्माण, पुराने कलैक्ट्रेट भवन को हैरिटेज भवन के रूप में विकसित करने, धारी देवी मंदिर पैदल मार्ग का निर्माण, गोला पार्क का सौंदर्गीकरण कार्य जैसी विभिन्न विकास योजनाओं पर भी कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों का ये शहर धार्मिक, ऐतिहासिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रीनगर , प्रदेश में शिक्षा के हब के रूप में भी उभर रहा है, इसे देखते हुए राज्य सरकार यहां एक पैरामेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज का निर्माण भी करा रही है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण कार्य अंतिम चरण में हैं। बेस अस्पताल में 25 करोड़ रुपए की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है, जिसका लाभ पौड़ी के साथ ही चमोली, टिहरी और रूद्रप्रयाग जिले के हजारों मरीजों को मिलेगा।
इस अवसर पर मेयर  आरती भण्डारी , जिलाधिकारी  स्वाति भदौरिया एवं अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

After achieving success in Punjabi entertainment and television, Isha Sharma is set to make her debut in the South Indian film industry.

पंजाबी एंटरटेनमेंट और टेलीविजन में सफलता के बाद ईशा शर्मा करेंगी...

0
शिमला - 14 मार्च 2026: अभिनेत्री और मॉडल ईशा शर्मा अब अपने करियर का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं। पंजाबी म्यूजिक...
romabet romabet romabet
deneme bonusu veren siteler