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एमआईटी-डब्ल्यूपीयू ने वर्ल्ड टेक्नोलॉजी समिट 2025 का सफल समापन किया – मानव-केंद्रित नवाचार और वैश्विक कनेक्टिविटी पर केंद्रित

MIT-WPU Successfully Concludes World Technology Summit 2025 – Focused on Human-Centered Innovation and Global Connectivity
MIT-WPU Successfully Concludes World Technology Summit 2025 – Focused on Human-Centered Innovation and Global Connectivity

देहरादून – 10 नवम्बर 2025: एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (MIT-WPU) ने वर्ल्ड टेक्नोलॉजी (WT) ग्रुप के सहयोग से वर्ल्ड टेक्नोलॉजी समिट 2025 इंडिया (WTS25) का सफल आयोजन पुणे स्थित वर्ल्ड पीस डोम में किया। इस दो दिवसीय वैश्विक सम्मेलन में 25 देशों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों — जिनमें नीति निर्माता, शोधकर्ता, उद्योग जगत के नेता और नवप्रवर्तक शामिल थे — ने भाग लिया। इसका उद्देश्य तकनीक, विज्ञान और नवाचार के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजते हुए एक अधिक जुड़ा हुआ और सतत भविष्य बनाना था। “Innovation to Impact: Accelerating Global Connectivity” विषय पर केंद्रित इस सम्मेलन ने इस बात पर बल दिया कि कैसे उभरते नवाचार डिजिटल विभाजन को कम कर सकते हैं और वैश्विक समुदायों के लिए नए अवसर सृजित कर सकते हैं।

दो दिनों तक चले संवादों में प्रतिभागियों ने एआई, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में हो रही प्रगति पर चर्चा की। यह चर्चाएँ चार वैज्ञानिक क्षेत्रों — डेटा साइंसेज, अर्थ साइंसेज, लाइफ साइंसेज और इंडस्ट्रियल साइंसेज — के अंतर्संबंध पर आधारित थीं। इन सत्रों ने यह रेखांकित किया कि तकनीक, मानव रचनात्मकता और सहानुभूति का संगम समाज की जिम्मेदार और समावेशी सेवा कैसे कर सकता है।

WTS25 इंडिया की कोऑर्डिनेशन कमीशन की चेयर, डेबोरा पंडित-सवाफ ने कहा,
“वर्ल्ड पीस डोम के नीचे खड़े होकर बोलना मेरे लिए अत्यंत सम्मान की बात है — यह वह स्थान है जहां बुद्धि, विज्ञान और दर्शन एक साथ आते हैं। एक ऐसे युग में जहाँ मशीनें और डेटा प्रमुख हैं, वहीं मानव रचनात्मकता, सहानुभूति और जागरूक निर्णय हमें एक शांतिपूर्ण भविष्य की ओर ले जाएंगे। भारत, अपनी समृद्ध विरासत और असाधारण युवाओं के साथ, विज्ञान और अध्यात्म, पूर्व और पश्चिम के बीच सेतु का कार्य करता है। हमारे युवा नवप्रवर्तकों के लिए मेरा संदेश है — आपके पास पहले से ही प्रेरणा, साहस, बुद्धि और भावनात्मक समझ है। यह आपका moonshot moment है — इसे एक उज्जवल और समावेशी भविष्य के निर्माण में लगाएँ।”

इसरो (IISU) के पूर्व निदेशक माधव वासुदेव ढेकणे ने अपने कीनोट भाषण में भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा,
“1975 से 1980 के बीच के प्रारंभिक सैटेलाइट मिशनों से लेकर, जिन्होंने भारत के सबसे सुदूर गाँवों तक शैक्षणिक टेलीविज़न पहुँचाया, से लेकर 2008 के चंद्रयान, मंगलयान और सूर्य अध्ययन हेतु आदित्य-एल1 जैसे अभियानों तक — भारत ने असाधारण वैज्ञानिक दृष्टि और सहयोग का परिचय दिया है। अब तक 133 से अधिक अंतरिक्ष यान और री-एंट्री मिशन, राष्ट्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम, गगनयान और 2040–2047 तक ‘अंतरिक्ष स्टेशन’ की योजना के साथ, भारत अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य को परिभाषित कर रहा है। हमारा आदर्श वाक्य वही है — To strive, to seek, to find, and not to yield — क्योंकि आकाश ही हमारी सीमा नहीं है।”

एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के एक्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट डॉ. राहुल वी. कराड ने तकनीक और मानव मूल्यों के बीच संतुलन के महत्व पर जोर देते हुए कहा,
“पिछले सौ वर्षों में मानव ने बेहतर विचारों और समाधानों का निर्माण किया है — लेकिन अंततः यह इस पर निर्भर करता है कि हम उनका उपयोग मानवता के हित में कैसे करते हैं। तकनीक का महत्वपूर्ण स्थान है, परंतु हमें अपने emotional quotient का सही दिशा में उपयोग करना चाहिए। पश्चिम को हमसे अध्यात्म और भावनात्मक बुद्धिमत्ता सीखनी चाहिए, और हमें उनसे विज्ञान और तकनीक सीखनी चाहिए। यही MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी का उद्देश्य है — हम सबके लिए एक संतुलित व्यवस्था का निर्माण करना और विश्व शांति की दिशा में कार्य करना।”

सम्मेलन की नेतृत्व टीम में डॉ. गणेश काकंदिकर (डीन, इनोवेशन, स्टार्टअप्स और कोलैबोरेशंस) और वर्ल्ड टेक्नोलॉजी समिट के संयोजक ने नवाचार को सामाजिक प्रगति से जोड़ने की पहल का नेतृत्व किया। डॉ. आर. एम. चिटनिस, उपकुलपति, ने सतत तकनीकी विकास हेतु वैश्विक सहयोग पर MIT-WPU के ध्यान को रेखांकित किया, जबकि डॉ. प्रसाद डी. खंडेकर, चीफ अकादमिक ऑफिसर, ने अकादमिक उत्कृष्टता को वास्तविक जीवन के नवाचारों से जोड़ने और नैतिक, भविष्य के लिए तैयार नेताओं को विकसित करने में प्रमुख भूमिका निभाई।

सम्मेलन ने मानव बुद्धि, नैतिक नवाचार और वैश्विक सहयोग के संगम का उत्सव मनाया। पहले दिन सतत नवाचार पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें भारत की पहली कैंपस सर्कुलर इकॉनमी पहल — Sustainability Lab with the Kapda Project — का शुभारंभ हुआ। इस पहल के तहत छात्रों ने परिसर के अपशिष्ट को उपयोगी उत्पादों में बदलने की दिशा में काम किया, जिससे तकनीक को नैतिकता, सहानुभूति और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के साथ जोड़ने पर बल मिला। दूसरे दिन प्रभावशाली नवाचारों पर चर्चा हुई, जिसमें वैज्ञानिकों और युवा उद्यमियों ने अपने क्रांतिकारी विचार प्रस्तुत किए। साथ ही समाज के हित में अनुसंधान, नीति और वैश्विक नेतृत्व को आगे बढ़ाने के लिए एक रिसर्च और पॉलिसी हब का शुभारंभ भी किया गया। सत्रों में शिक्षा, अनुशासन, सुनने की कला और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को जिम्मेदार, समावेशी नेताओं के विकास के लिए आवश्यक बताया गया। उदाहरणस्वरूप, Zipline की ड्रोन डिलीवरी पहल को सहानुभूति-आधारित, विस्तार योग्य समाधान के रूप में रेखांकित किया गया।
वर्ल्ड टेक्नोलॉजी समिट 2025 इंडिया का समापन एक संयुक्त आह्वान के साथ हुआ — कि विज्ञान और तकनीक को मानवता के हित में एक सकारात्मक शक्ति के रूप में प्रयोग किया जाए, ताकि नवाचार वैश्विक कनेक्टिविटी को तेज करे और पूरी मानव जाति के लिए अवसरों का सृजन करे।

राज्य स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर प्रधानाचार्य ने किया विचार मंथन

Principal brainstormed on the auspicious occasion of State Foundation Day
Principal brainstormed on the auspicious occasion of State Foundation Day

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रधानाचार्य को किया सम्मानित

देहरादून – 09 नवंबर 2025- उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस एवं रजत जयंती उत्सव के शुभ अवसर पर राजधानी के प्रतिष्ठित संस्थान गुरु रामदास इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में धूमधाम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शुभ अवसर पर उत्तर भारत के विभिन्न प्रतिष्ठित स्कूल एवं कॉलेज के प्रधानाचार्य ने ऑल इंडिया प्रिंसिपल एसोसिएशन के तत्वाधान में ” बदलते परिवेश में उत्तराखंड तथा देश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे परिवर्तन ” चुनौतियां एवं अवसर ” विषय पर विस्तृत विचार मंथन किया। समारोह का शुभारंभ संस्था के वाइस चेयरमैन सरदार इंद्रजीत सिंह ओबेरॉय, प्रेसिडेंट डोली ओबेरॉय, वाइस प्रेसिडेंट प्रभजी ओबेरॉय, महानिदेशक डॉक्टर पंकज चौधरी एवं ऑल इंडिया प्रिंसिपल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉक्टर नवदीप भारद्वाज, स्टेट प्रेसिडेंट डॉक्टर अमित सहगल दीप प्रज्वलंकर के साथ किया।

संस्था के वाइस चेयरमैन इंद्रजीत सिंह ओबेरॉय ने सभी सम्मानित प्रधानाचार्य को स्वागत किया एवं कहा “आज उत्तराखंड के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानाचार्य के साथ यह सुखद अनुभव है। आप सभी प्रधानाचार्ययों के ऊपर देश के भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारीया है जिसे आप हमारे आने वाले पीढ़ीयों को शिक्षित करते रहेंगे।”

प्रधानाचार्य को संबोधित करते हुए महानिदेशक डॉ पंकज चौधरी ने कहा ” माननीय प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी प्रधानाचार्य को महत्वपूर्ण भागीदारी निभानी होगी। हमारे प्रधानाचार्य समाज का एक महत्वपूर्ण एवं सम्मानित पद है जो जिम्मेदारियां एवं उम्मीदो से परिपूर्ण है।

ऑल इंडिया प्रिंसिपल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉक्टर नवदीप भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि यह संगठन देश के 28 प्रदेशों में संचालित है और बहुत ही उत्कृष्ट कार्य कर रही है। उन्होंने कहा न्यू एजुकेशन पॉलिसी में प्रधानाचार्य का महत्व काफी बढ़ गया है और उन्हें काफी स्वतंत्रता भी दी गई है जिससे कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार हो सके। छात्र-छात्राओं के बहुमुखी विकास को देखते हुए न्यू एजुकेशन पॉलिसी डिजाइन की गई है तथा यह सभी प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी होती है कि वह इसे किस तरह से बच्चों तक पहुंचाते हैं और उन्हें लाभान्वित कर पाते हैं।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी प्रधानाचार्य को सम्मानित भी किया गया। गुरु रामदास इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की ओर से डॉक्टर एस एस रावत एवं अनुभभा शर्मा ने कार्यक्रम में मुख्य सहयोगी के रूप में उपस्थित रहे।

पीएम के “स्प्रिचुअल कैपिटल ऑफ वर्ल्ड” के विजन को साकार करेगी सरकार: महाराज

Government will realise PM's vision of Spiritual Capital of the World Maharaj
Government will realise PM's vision of Spiritual Capital of the World Maharaj

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि उत्तराखंड की 25 वर्षों की विकास यात्रा के महापर्व पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर अपना आशीर्वाद प्रदान करने के साथ-साथ प्रदेश को 8260.72 करोड़ की विकास योजनाओं की भारी-भरकम सौगात देकर कर एक बार पुनः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साबित कर दिया है कि उनका उत्तराखंड से विशेष लगाव है और हमेशा रहेगा।

प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब-जब उत्तराखंड के दौरे पर आए हैं तब तब उन्होंने प्रदेश को कई विकास योजनाओं की सौगातें दी हैं। पिछले 25 वर्षों के कालखंड में उत्तराखंड में सबसे अधिक विकास कार्य प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में ही हुए हैं और हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपेक्षाओं के अनुरूप देवभूमि उत्तराखंड को आने वाले वर्षों में “स्प्रिचुअल कैपिटल ऑफ वर्ल्ड” के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य पर काम करेगी। आगामी वर्षों में सरकार का प्रयास होगा कि वाईब्रेट विलेज के रूप में विकसित होने वाले राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में आध्यात्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों पर होमस्टे की संख्या में बढ़ोतरी हो जिससे अधिक से अधिक पर्यटक उत्तराखंड आए और यहां की सुंदर प्राकृतिक एवं भौगोलिक छटा के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुभूति का लाभ भी उठा सके।

श्री महाराज ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा निर्देशन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शीतकालीन चारधाम यात्रा और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बारहमासी पर्यटन गंतव्य में और अवस्थापना सुविधाओं का लगातार विकास कर रही है।

राज्य स्थापना की रजत जयंती 25 वर्षों की विकास यात्रा और वर्तमान परिप्रेक्ष्य

Silver Jubilee of State Establishment, 25 years of development journey and current perspective
Silver Jubilee of State Establishment, 25 years of development journey and current perspective

देहरादून उत्तराखंड, जिसे “देवभूमि” के नाम से जाना जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए मशहूर है। इस राज्य की स्थापना 9 नवंबर 2000 को हुई थी, और तब से यहाँ कई नेताओं ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है। उत्तराखंड अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है राज्य में अपने जन्म के बाद से लेकर अभी तक 25 साल पूरे किये जाने का सफर देखा है जिसमे राज्य की सरकारों का लेखा जोखा यहाँ के मतदाता बखूबी समझते है बीजेपी सरकार ने मुख्यमंत्री कई ऐसे लोगो को बनाया जो अपना कार्यकाल राज्य में पूरा नहीं कर सके या उनका सिमित समय मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहा जिसमे सबसे पहला नाम नित्यांनंद स्वामी का आता है फिर उनकी जगह भगत सिंह कोश्यारी मुख्यमंत्री बने|

पहले विधानसभा चुनाव 2002 में उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में बनी जो पांच साल तक राज्य में विकास से लेकर बड़े उद्योग लगा कर लाखो परिवारों को रोज़गार का साधन उपलब्ध करवा पाई इसके बाद कांग्रेस का कोई भी मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया|

वर्ष 2007 में भुवन चंद खंडूरी को उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन ये भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके उनके कड़क फैसले अधिकारी वर्ग के लिए कड़क साबित हुए जिसके बाद रमेश पोखरियाल निशक को मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन अपना कार्यकाल ये भी पूरा नहीं कर पाए उनको हटा कर फिर से भुवन चंद खंडूरी को दोबारा मुखयमंत्री बनाया गया लेकिन विधानसभा चुनाव 2012 में खंडूरी है जरुरी नारे की हवा ठीक वैसे ही निकल दी जैसी हवा हरदा है मतलब हरीश रावत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भरी पड़ी|

विजय बहुगुणा 2012 में मुख्यमंत्री बनाये गए जो 31 जनवरी 2014 तक रहे इसके बाद उनको हटा कर हरीश रावत को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन हरीश रावत सरकार ने कई तरह के उतार चढ़ाव देखे आपदा से तबाह हुए केदारनाथ धाम में फिर से यात्रा को पटरी पर लाने में वक्त लगा लेकिन उत्तराखंड रोजगार विहीन होने से कई वर्षो तक अपने पैरो पर खड़ा नहीं हो पाया उत्तराखंड में 2017 के लिए विधानसभा चुनावो में कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटा दिया जो आज तक सत्ता से दूर है|

2017 में हुए विधानसभा चुनावो में बीजेपी सरकार सत्ता में आई त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पारी को शुरू किया लेकिन वो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके उनको भी निशंक की तरफ हटाया गया उसके बाद तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन कुछ महीने बाद भी उनको हटा कर युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बना कर सत्ता में वापिसी का मसौदा तैयार किया गया लेकिन धामी खटीमा से साजिश रूप में मुख्यमंत्री रूप में वैसे ही हराये गए जैसे हरीश रावत को हराया गया था धामी हार जाने के बाद भी बीजेपी हाई कमान ने दूसरी बार पुष्कर सिंह धामी को 2022 में मुख्यमंत्री बनाया गया तब से लेकर अभी तक धामी कांग्रेस के तिवारी सरकार से अधिक समय तक अपना कार्यकाल चला रहे है रजत जयंती वर्ष में उत्तराखंड अपने 25 सालो का विकास यात्रा का उल्लेख कर रहा है ऐसे में युवा मुख्यमंत्री का उल्लेख भी किया जाना जरुरी है कांग्रेस सरकार के समय सबसे बड़ी युवा मोर्चा रैली से विधानससभा कूच ने तिवारी सरकार को असहज कर दिया था आज तक इतनी बड़ी युवा कूच कोई भी राजनैतिक दल धामी को छोड़ कर नहीं कर पाया है|

रजत जयंती उत्सव उत्तराखंड 25 साल साथ रहा अवसर है अब आगे अपना कार्य आपको नए संकल्प से कार्य करना है उत्तराखंड बहुत आगे जाना चाहिए ऐसी आशा है नए विचार नयी सोच नया संकल्प बहुत कुछ करीब से देखने का अवसर मिला ये उत्तराखंड देवो की भूमि से लेकर साजिश रचनाकारों की कई कहानियो का केंद्र रहा है आज अगर देखा जाएं तो उत्तराखंड को एक नयी दिशा का अग्रदूत बन रहा है राज्य में हो रहे हर काम यहाँ के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कर रहे है ऐसे में उनकी चर्चा सनातन सस्कृति से लेकर हर वर्ग का विकास किये जाने वाली जानी कही जा सकती है हर वयक्ति को साथ रखने का कोई हुनर अगर धामी जी के पास है समय के अनुकूल वो हर कदम को पहचान लेते है

पर्वतीय मैदानी एकता मंच ने किया राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित

Mountainous Plains Unity Forum honored the state agitators
Mountainous Plains Unity Forum honored the state agitators

कोटद्वार। पर्वतीय मैदानी एकता मंच की ओर से राज्य स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार देर शाम को नजीबाबाद रोड स्थित एक बारातघर के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान महेंद्र सिंह रावत, भगवती प्रसाद कंडवाल, पंकज उनियाल, पंकज भट्ट, पितृशरण जोशी, सुनीता बिष्ट, बेला डोबरियाल, चंद्रा रावत, राकेश लखेड़ा, राजीव गौड़ सहित 30 राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि मेयर शैलेंद्र सिंह रावत, विशिष्ट अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्ष विजय नारायण सिंह व मंच के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता पी के अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। मेयर शैलेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान व अथक प्रयासों के बाद पृथक उत्तराखंड राज्य की प्राप्ति हुई है। अब हमें आंदोलनकारियों के सपनों के राज्य को पूर्ण रूप से स्थापित करने में अपनी भूमिका का निर्वहन करना होगा। कहा कि राज्य की प्राप्ति के लिए आंदोलनकारियों के योगदान को हमेशा याद किया जाता रहेगा। इस मौके पर मंच की प्रदेश उपाध्यक्ष अनिता तिवाड़ी, जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार अग्रवाल, नगर अध्यक्ष संजय रावत, विनोद नेगी, साधो सिंह बिष्ट, पार्षद प्रवेंद्र सिंह रावत, जनार्दन ध्यानी, रमेश खंतवाल और प्रवेश नवानी आदि मौजूद रहे।

विश्व कप विजेता स्नेहा राणा से मिले  मंत्री गणेश जोशी

Minister Ganesh Joshi meets World Cup winner Sneha Rana
Minister Ganesh Joshi meets World Cup winner Sneha Rana

–  कहा— स्नेहा ने उत्तराखंड का मान बढ़ाया, प्रदेश की बेटियों के लिए बनी प्रेरणा स्रोत
देहरादून।  कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्पिनर और विश्व कप विजेता स्नेहा राणा से उनके देहरादून स्थित आवास पर भेंट की। इस दौरान मंत्री जोशी ने स्नेहा राणा को शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि स्नेहा राणा ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल भारतीय टीम को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे उत्तराखंड को भी गर्व से भर दिया है। स्नेहा ने यह सिद्ध कर दिया है कि समर्पण, अनुशासन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी स्नेहा राणा की यह उपलब्धि राज्य की सभी बेटियों के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि स्नेहा ने यह साबित किया है कि हमारे पर्वतीय प्रदेश की बेटियां भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है, ताकि उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना सकें। मंत्री जोशी ने स्नेहा के माता और परिजनों को भी बधाई दी और कहा कि परिवार का सहयोग और स्नेहा की लगन ही उनकी इस सफलता की कुंजी रही है।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, संध्या थापा, अनुराग सहित कई क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

राज्य आंदोलनकारी और उनके आश्रितों की पेंशन बढ़ाने की घोषणा

Announcement to increase the pension of state agitators and their dependents
Announcement to increase the pension of state agitators and their dependents

–  उत्तराखंड राज्य स्थापना  रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों  के परिजन सम्मानित
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित शहीद स्थल कचहरी परिसर में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।   इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन में आयोजित राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह में राज्य आंदोलनकारियों और शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिवारजनों को सम्मानित किया। कचहरी परिसर शहीद स्थल और पुलिस लाइन देहरादून में इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने  कहा कि  उत्तराखंड  राज्य का निर्माण केवल राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि देवभूमि के लाखों लोगों के बलिदान, संघर्ष और तप का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के दौरान खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी दर्दनाक घटनाएं हमारे इतिहास के अमर अध्याय हैं। राज्य निर्माण में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रही है और देती रहेगी। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के लिए संचालित पेंशन एवं अन्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल सहायता नहीं, बल्कि हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री घोषणा:-
1.शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्र की मुख्य अवस्थापना सुविधाओं का नामकरण किया जायेगा।
2.  उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान 7 दिन जेल गये अथवा राज्य आन्दोलन के दौरान घायल हुये आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 6 हजार रुपए से बढ़ाकर 7 हजार रुपए प्रतिमाह की जाएगी।
3.  उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान जेल गये या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 4500 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए प्रतिमाह की जाएगी।
4 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हुए राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 20,000 हजार रूपए से बढ़ाकर 30,000 हजार रुपए की जाएगी और उनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंड की व्यवस्था भी की जाएगी।
5 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान शहीद हुये राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन प्रतिमाह 3000 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए की जाएगी।
6 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु वर्ष 2021 तक जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त लम्बित आवेदन पत्रों के निस्तारण हेतु छः माह का समय विस्तार प्रदान किया जायेगा।
7 समस्त शहीद स्मारकों का सौंदर्यीकरण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के योगदान को सदैव सम्मान पूर्वक याद रखेगी और उनकी भावना को प्रत्येक नीति एवं निर्णय में स्थान देगी। उन्होंने अपील की कि राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासी अपने घरों में पाँच दीपक राज्य आंदोलनकारियों की स्मृति में अवश्य जलाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य आंदोलन की भावना ही हमारी प्रेरणा है। उन्होंने सभी  से इस प्रयास में सहभागिता का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, उपाध्यक्ष राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद सुभाष बड़थ्वाल, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह एवं राज्य आंदोलनकारी मौजूद थे।

भावनाओं और सामर्थ्य से ओत-प्रोत युवा उत्तराखण्ड ने राज्य गठन से लेकर अब तक विकास की नित नई ऊँचाइयां छुई हैं : राज्यपाल

The young Uttarakhand, brimming with emotions and potential, has touched new heights of development since the formation of the state Governor
The young Uttarakhand, brimming with emotions and potential, has touched new heights of development since the formation of the state Governor

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की 25 वर्ष की गौरवशाली विकास यात्रा का महोत्सव है और हम गर्व से कह सकते हैं कि हमारी यह यात्रा संकल्प, परिश्रम और सफलता की रही है। राज्यपाल ने सभी अमर शहीदों, आंदोलनकारियों और जननायकों को हृदय से नमन किया जिनके त्याग और संघर्ष से उत्तराखण्ड राज्य का स्वप्न साकार हुआ।
उन्होने  कहा कि संभावनाओं और सामर्थ्य से ओत-प्रोत युवा उत्तराखण्ड ने राज्य गठन से लेकर अब तक विकास की नित नई ऊँचाइयां छुई हैं। चाहे अर्थव्यवस्था का विस्तार हो, बुनियादी सुविधाओं का विकास हो या जन-कल्याण की योजनाएं हों। उत्तराखण्ड ने इन 25वर्षों में निरंतर प्रगति करते हुए जन-भागीदारी और सुशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे राज्य ने विगत वर्षों में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का प्रथम राज्य बना है। भू-कानून, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून जैसे कदमों से शासन व्यवस्था सशक्त हुई है।  उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ने हाल ही के वर्षों में जी-20 बैठकों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन, विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और राष्ट्रीय खेलों जैसे आयोजनों से अपनी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पहचान सशक्त की है। इन सफल आयोजनों ने राज्य की सांस्कृतिक, आर्थिक, शैक्षिक और खेल क्षमताओं को प्रदर्शित करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में उत्तराखण्ड की भूमिका को और सुदृढ़ किया है।
राज्यपाल ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि जब हम आधुनिक विकास की राह में आगे बढ़ें, तो अपनी संस्कृति और परंपरा की जड़ों से भी अवश्य जुड़े रहें। विकास के साथ विरासत- यही विकसित उत्तराखण्ड का नया मंत्र है। उन्होंने कहा कि हम सब संकल्प लें कि हम वही उत्पाद खरीदेंगे, जो मेड इन इंडिया हो, जिसमें किसी भारतीय का परिश्रम जुड़ा हो। स्वदेशी का यह मंत्र ही आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आधार बनेगा।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में शीतकालीन यात्रा, होम-स्टे योजना, वाइब्रेंट विलेज प्रोजेक्ट, स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कार्यक्रम विकास को नई ऊर्जा दे रहे हैं। आज होम-स्टे से लेकर जैविक खेती, बागवानी, शहद उत्पादन, औषधीय पौधों की खेती और योग-वेलनेस सेक्टर में अपार संभावनाएं खुल रही हैं।    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में शांतिपूर्ण माहौल और अच्छी कानून व्यवस्था द्वारा ही, यहां पर्यटन और निवेश को प्रोत्साहन दिया जा सकता है। उत्तराखण्ड पुलिस ने अपने अनुशासन और दक्षता से शांति का वातावरण बनाए रखा है। पर्यटन से बढ़ते यातायात के दबाव को कुशलतापूर्वक नियंत्रित करने और कांवड़ यात्रा के सुचारु एवं सफल संचालन में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय रही है। आज जब हम डिजिटल युग में प्रवेश कर चुके हैं, तब साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं होनी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि हमारी मातृशक्ति उत्तराखण्ड के निर्माण और विकास की आधारशिला रही है। प्रदेश की परिश्रमी मातृशक्ति आज स्वावलम्बन, नवाचार और नेतृत्व की प्रतीक हैं। महिला स्वयं सहायता समूह सफलता की नई कहानियां गढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं उन्हें आर्थिक सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की नई ऊँचाइयों तक पहुंचा रही हैं। हमारी मातृशक्ति और बेटियों की कर्मठता और उपलब्धियां सभी के लिए गर्व करने वाली और प्रेरणादायी है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। हमारे युवाओं के भीतर ऊर्जा है, नवाचार है और देश के प्रति अटूट प्रेम है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया है कि वे हर अवसर को उपलब्धि में बदलें, ये तय है कि आपके सपने ही उत्तराखण्ड के भविष्य की दिशा तय करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जब एआई, सेमीकंडक्टर, और साइबर तकनीक भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं, तब उत्तराखण्ड के युवाओं को भी नई तकनीक को अपनाकर डिजिटल क्रांति की राह पर तेजी से आगे बढ़ना होगा।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड ऐसा राज्य है जहां संस्कृति और आधुनिकता का अनोखा संगम है, जहां जड़ें हिमालय से जुड़ी हैं और प्रभाव पूरे विश्व पर है। कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से उत्तराखण्ड नई ऊँचाइयों को छू सकता है। हमें लक्ष्य बनाना होगा कि उत्तराखण्ड एक ऐसा राज्य बने जहां गांव का बच्चा भी साइंस, टेक्नोलॉजी और रिसर्च की भाषा समझे और अपनी संस्कृति और जीवन में आत्मसात करे।
राज्यपाल ने कहा कि हम सब मिलकर संकल्प लें कि आने वाले 25 वर्षों में हम अपने प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे और हम अपने सपनों को संकल्प में और संकल्पों को सिद्धि में बदलेंगे।

पर्यटन क्षेत्र में 1200 करोड़ की परियोजनाओं पर हुआ निजी निवेश: महाराज

Private investment worth Rs 1,200 crore in tourism sector projects Maharaj
Private investment worth Rs 1,200 crore in tourism sector projects Maharaj

प्रदेश में बनेंगे नए पर्यटन डेस्टिनेशन

राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण रही पर्यटन विभाग की भूमिका

देहरादून। राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा में पर्यटन विभाग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं एवं प्रदेश में तमाम पर्यटक सुविधाओं का लगातार विस्तार हुआ है। पर्यटन सेक्टर में निजी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए नई पर्यटन नीति 2023-30 लागू होने के बाद पर्यटन क्षेत्र में 1200 करोड़ की परियोजनाओं पर निजी निवेशकों ने कार्य प्रारंभ किया है।

उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड की रजत जयंती पर राज्य की विकास यात्रा में पर्यटन विभाग की भूमिका की जानकारी देते हुए भविष्य में किये जाने वाले कार्यों के विषय में भी सरकार के योजनाओं का खाका खींचा है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में जहां राज्य में 110.79 लाख देशी और 56,766 लाख विदेशी पर्यटक उत्तराखंड आए वहीं वर्ष 2024 तक राज्य में 593.74 लाख देशी और 177 लाख विदेशी सहित कुल 596 लाख पर्यटक उत्तराखंड की धरती पर आए। वर्ष 2000 में जहां राज्य में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा एवं हेमकुंड यात्रा पर 1619961 आये वहीं 2025 में 59 लाख श्रद्धालु और पर्यटकों का उत्तराखंड में आगमन हुआ है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि 2013 में आई केदारनाथ त्रासदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दिशा-निर्देशों राज्य सरकार ने केदारनाथ धाम में 225 करोड़ के पुनर्निर्माण कार्य करवाए हैं जबकि 191 करोड़ के कार्य अभी भी चल रहे हैं। इसी प्रकार बद्रीनाथ धाम को “स्मार्ट स्पिरिचुअल हिल टाउन”के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चरणबद्ध रूप से भारत सरकार के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों से 273 करोड़ के सीएसआर फंड से कार्य करवाए जा रहे हैं।

श्री महाराज ने कहा कि राज्य में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत पर्यटन व्यवसाय के लिए अधिकतम 33 लाख तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना के अंतर्गत अधिकतम 15 लाख के अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसी योजना से अब तक 1118 लोग लाभन्वित भी हो चुके हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शीतकालीन यात्रा के साथ साथ सहासिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। आदि कैलाश यात्रा को सरल, सुगम और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि भारत की धरती लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर के दर्शन हो सकें इसके लिए भी कार्य योजना तैयार की जा रही है। उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य की जी०डी०पी० को दोगुना करना है, जिसमें पर्यटन क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान होगा।

पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने कहा कि राज्य के युवाओं को विभिन्न प्रकार के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अतिथ्य सत्कार, टूरिस्ट डेस्टिनेशन गाइड, टूर मैनेजर, एस्ट्रो टूर गाइड, स्ट्रीट फूड वेंडर आदि में 8,000 से अधिक युवक एवं युवतियों को रोजगार से जोड़ा गया है। राज्य में पर्यटन सर्किटों की स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना है। राज्य सरकार ने शाक्त, शैव और वैष्णव सर्किटों के अलावा विवेकानंद सर्किट, गोल्ज्यू सर्किट, गुरुद्वारा सर्किट, नवग्रह सर्किट, नागराजा सर्किट, हनुमान सर्किट और महासू देवता सर्किट जैसे कई पर्यटन सर्किटों की स्थापना की है।मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत 16 प्राचीन मंदिरों को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। सरकार मानसखंड मंदिर माला मिशन की तरह ही केदारखण्ड मंदिर माला मिशन योजना को भी धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है।

श्री महाराज ने कहा कि देहरादून से मसूरी, गोविन्द घाट से हेमकुण्ड साहिब तथा सोनप्रयाग से केदारनाथ रोपवे के निर्माण की कार्यवाही गतिमान है। जनपद देहरादून के ग्राम हनोल में महासू देवता के लिए 120 करोड़ की धनराशि से मास्टर प्लान तैयार कर अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। जनपद चमोली के अन्तर्गत भारत के प्रथम गांव माणा एवं उत्तरकाशी के जादुंग गांव को वाईब्रेट विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा नीति गांव के समीप टिम्मर सैंण महादेव को अमरनाथ की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। जनपद उत्तरकाशी में ऐतिहासिक गर्तंग गली को 59 वर्षों बाद जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के बाद पर्यटकों के लिए खोला गया है। भारतीय पर्यटन अवस्थापना के लिए एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ऋषिकेश के गुलर में “द बिग ब्रिज होटल” का निर्माण किया गया है। चारधाम यात्रा मार्ग पर अनुपयोगी हो चुके पुराने पुलों को पर्यटक सुविधाओं की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। कैबिनेट ने पहले चरण में टिहरी, चमोली और रूद्रप्रयाग जिलों में तीन पुलों पर रेस्टोरेंट, पार्किंग और शौचालय बनाने की मंजूरी दी है। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद् के माध्यम से इन पुलों को पर्यटक सुविधाओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा राज्य में सरकार की योजना विभिन्न पर्यटन गंतव्य को विकसित करने की भी है जिससे पर्यटक उत्तराखंड का रुख कर सकें।

पीएम ड्यूटी में तैनात अधिकारियों को डीएम ने समझाए दायित्व

The DM explained the responsibilities to the officers posted on PM duty.
The DM explained the responsibilities to the officers posted on PM duty.

–   वीवीआईपी ड्यूटी में भूल-चूक के लिए कोई स्थान नही,यदि कोई शंका है तो उसका समय रहते समाधान कर लें : डीएम
देहरादून। राज्य स्थापना दिवस रजत जयंती वर्ष के मुख्य कार्यक्रम एवं माननीय प्रधानमंत्री जी के आगमन के दृष्टिगत जिलाधिकारी सविन बंसल ने आईआरडीटी ऑडिटोरियम में वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की व्यवस्थाओं तैनात मजिस्ट्रेट , सैक्टर मजिस्ट्रेट , नोडल अधिकारियों की ब्रीफिंग करते हुए तैनात अधिकारियों को उनके दायित्व समझाए। साथ ही कहा कि वीवीआईपी ड्यूटी में किसी प्रकार की भूल-चूक के लिए कोई स्थान नही है इसलिए अपने दायित्वों को समझकर भलीभांति निर्वहन करें तथा यदि कोई शंका है तो उसका समय रहते समाधान कर लें।
आईआरडीटी ऑडिटोरियम में मा0 प्रधानमंत्री के कार्यक्रम हेतु तैनात सभी मजिस्ट्रेटों, सैक्टर मजिस्ट्रेट ,  लाईजिनिंग अधिकारियों, नोडल अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को ब्रीफ करते हुए उनके कर्तव्यों, जिम्मेदारियों एवं दायित्वों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने कहा कि वीवीआईपी ड्यूटी महत्वपूर्ण होती है इसमें किसी भी लापरवाही के लिए कोई स्थान नही होता है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने दायित्वों को भलीभांति समझते हुए   दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, आगंतुकों की सुविधा, सिटिंग व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट, स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सेवाएं आदि सुनिश्चित कर ली जाएं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्राधिकार, ड्यूटी स्थल ब्लॉक का निरीक्षण कर समझ लें तथा जिन-जिन अधिकारियों की ड्यूटी उनके ब्लॉक में लगाई गई है उनसे समय से समन्वय कर लें ताकि कार्यक्रम दिवस में किसी प्रकार असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी कार्मिक की काई समस्या है तो वह समय रहते  अपनी शंका का समाधान कर ले। इससे पूर्व मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह एवं नगर मजिस्ट्रेट  प्रत्युष सिंह ने ड्यूटी में तैनात समस्त मजिस्ट्रेट , सैक्टर मजिस्ट्रेट , नोडल अधिकारियों को उनकी ब्लॉकवार ड्यूटी एवं सौंपे गए दायित्वों की बारीकी से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर मजिस्ट्रेट  प्रत्युष सिहं, सहित तैनात समस्त मजिस्ट्रेट , सैक्टर मजिस्ट्रेट , जिला स्तरीय अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

After achieving success in Punjabi entertainment and television, Isha Sharma is set to make her debut in the South Indian film industry.

पंजाबी एंटरटेनमेंट और टेलीविजन में सफलता के बाद ईशा शर्मा करेंगी...

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शिमला - 14 मार्च 2026: अभिनेत्री और मॉडल ईशा शर्मा अब अपने करियर का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं। पंजाबी म्यूजिक...
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