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उच्च शिक्षण संस्थानों में बच्चों की व्यापक ड्रग्स टेस्टिंग अभियान का आगाज; उच्च शैक्षणिक संस्थान, कॉलेज; विद्यालयों में निरंतर चलती रहेगी ड्रग टेस्टिंग

A comprehensive drug testing campaign for children has been launched in higher educational institutions; drug testing will continue in higher educational institutions, colleges, and schools.
A comprehensive drug testing campaign for children has been launched in higher educational institutions; drug testing will continue in higher educational institutions, colleges, and schools.

देहरादून।   जिलाधिकारी सविन बंसल ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार व विद्यार्थियों में बढती नशे की प्रवृत्ति पर सख्त रूख अपनाते हुए जिले में स्थित सभी शैक्षित संस्थानों में रोस्टरवार अभियान चलाते हुए टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं जिलाधिकारी के सख्त निर्देश है कि यदि किसी स्कूल कालेज में ड्रग टेस्टिंग में कोई विद्यार्थी, बच्चे पासिटिव पाए जाते हैं तो सम्बन्धित डीन, कालेज स्वामी के विरूद्ध अपराधिक कार्यवाही की जाएगी।  मुख्यमंत्री के नशामुक्त राज्य के विजन को धरातल पर उतारने को जिला प्रशासन के कड़े कदम उठाते हुए विद्यार्थियों/ किशोंरो को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने कमर ली है।betsrolex
जिला प्रशासन ने आज यूपीईएस कालेज देहरादून में जिला प्रशासन की टीम द्वारा बड़े स्तर पर बच्चों के टेस्टिंग की गई। इस ड्राईव का उद्देश्य विद्यार्थियों, किशोरों को नशे के दुष्प्राभाव से बचाना है।  विद्यालयों के आसपास एवं नशा के संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर सीसीटीवी कैमरे लगाने, निजी एवं शासकीय सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स कमेटी में स्कूल के एक छात्र और एक छात्रा को शामिल कर कमेटी को सक्रिय करने, नशीले पदार्थाे के अवैघ कारोबार की सूचना देने हेतु शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर बैनर/पोस्टर के माध्मय से मानस हेल्पलाइन नंबर 1933, एनसीवी मानस पोटर्ल और डिस्ट्रिक्ट डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन नंबर 9625777399 का पोस्टर सभी कार्यालयों में चस्पा कराते हुए इसका व्यापक प्रचार प्रसार कराने और हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए। अब टेªफिक संचालन के दौरान रात्रि में ड्रग टेस्टिंग भी की जाएगी।
किशोर और नाबालिग बच्चों में नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए जिलाधिकारी ने चिंता जाहिर करते हुए देहरादून जिले में बच्चों के लिए समर्पित राज्य का पहला एक विशेष नशा मुक्ति केंद्र (रिहैबिलिटेशन सेंटर) का संचालन की प्रक्रिया शुरू हो गई है इसका उद्देश्य कम उम्र में नशे लत में डूब चुके बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने समाज कल्याण विभाग को शीघ्र इसकी गाइडलाइन के साथ प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी के प्रयासों से देहरादून के रायवाला में ओल्ड एज होम में 30 बैडेड नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा रहा है।  जिला प्रशासन ने एम्स से एमओयू करते हुए सातों दिन एम्स में 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी के लिए  रिजर्व  भी किए है। नशे के संकट को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने अपना एंटी ड्रग्स हेल्पलाइन नंबर 9625777399 भी बनवाया है।
जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित दवा फैक्ट्री एवं मेडिकल स्टोर का निरंतर निरीक्षण करने और नशीले पदार्थों की रोकथाम हेतु सघन जांच अभियान चलाने के भी निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी मेडिकल स्टोर पर 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी स्थापित कराए जाए। जिन मेडिकल स्टोर पर तब भी सीसीटीवी नही लगते है, ड्रग्स इंस्पेक्टर तत्काल उनका लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए है।

मुख्यमंत्री धामी ने किया एबीवीपी के 71 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रतिभाग

देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को परेड ग्राउण्ड, देहरादून में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 71 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रो. यशवंत राव केलकर युवा पुरुस्कार से गोरखपुर के  श्रीकृष्ण पांडेय को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि  पांडेय ने ‘बाल भिक्षावृत्ति निर्मूलन, ‘निस्सहाय मनोरोगियों की सेवा’ तथा ‘कारागार बंदियों के पुनर्वास’ की दिशा में कार्य करते हुए सामाजिक उत्तरदायित्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने देशभर से आये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले वे भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में विद्यार्थियों के बीच सक्रिय रूप से कार्य करते थे। उन अनुभवों ने उन्हें नेतृत्व और संगठन की समझ देने के साथ ही समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया। वे मूल्य और आदर्श उनके जीवन की आधारशिला की तरह हैं, उन्हें प्रतिदिन अनुशासन के साथ सेवा पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह राष्ट्रीय अधिवेशन कोई साधारण आयोजन नहीं है, बल्कि राष्ट्रनिर्माण के पवित्र यज्ञ के प्रति समर्पित ऊर्जावान युवाओं का महासंगम है।ibizabet
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस मंच से निकलने वाले विचार और संकल्प राष्ट्र निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे और देश के विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि 1949 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का निर्माण हुआ, देश एक नए युग की ओर बढ़ रहा था। ऐसे समय में राष्ट्र निर्माण, समाज सुधार और सांस्कृतिक जागरण के लिए एक संगठित, जागरूक, संस्कारित और राष्ट्रवादी छात्रशक्ति की आवश्यकता थी। यह संगठन 77 वर्षों से व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का कार्य करता आ रहा है। विद्यार्थी परिषद राष्ट्र के सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और वैचारिक क्षेत्रों में भी व्यापक परिवर्तन लाने वाली अग्रणी शक्ति बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। इस ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन से देश पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा। इस ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करके ही हम एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के  नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानकर विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरन्तर कार्य किये जा रहा है। आज स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  अजय टम्टा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड @25:  लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

Uttarakhand @25 Chief Minister releases the book “Looking Back-Looking Forward”
Uttarakhand @25 Chief Minister releases the book “Looking Back-Looking Forward”

देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में “उत्तराखण्ड @25:  लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक के विमोचन किया। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र तथा भारतीय लोक प्रशासन संस्थान द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में उत्तराखंड राज्य स्थापना के गौरवशाली 25 वर्षों की विकास यात्रा, उपलब्धियों और अनुभवों के संकलन के साथ ही आने वाले 25 वर्षों में किन क्षेत्रों में कार्य करने की अपार संभावनाएं हैं, इस पर लेखकों ने विस्तारपूर्वक लेख लिखे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक राज्य की अब तक की प्रगति पर उत्कृष्ट विश्लेषण प्रस्तुत करने के साथ ही आने वाले समय में राज्य के समग्र विकास को एक नई दिशा भी प्रदान करेगी। पुस्तक में शासन-प्रशासन, आर्थिक विकास, पर्यावरण संतुलन, ग्रामीण पलायन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, कृषि, संस्कृति और पत्रकारिता जैसे अत्यंत महत्त्वपूर्ण विषयों पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने गहन विचार प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक नीति-निर्माण और शोधकर्ताओं के लिए लाभदायक सिद्ध होगी और उत्तराखंड के सतत, समावेशी और समग्र विकास की दिशा में योगदान देने  के लिए लोगों को प्रेरणा देगी। इसके प्रकाशन के लिए उन्होंने दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र तथा भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के पदाधिकारियों, लेखकों और संपादक मंडल का आभार भी व्यक्त किया।masterbetting
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में राज्य ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की । नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास लक्ष्यों में राज्य को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में “अचीवर्स” और स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर्स” की श्रेणी प्राप्त हुई है। बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई। राज्य को लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस में “अचीवर्स” श्रेणी और सिंगल विंडो सिस्टम में “टॉप अचीवर्स” की श्रेणी हासिल हुई है। पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य को अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। मत्स्य विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार और किसानों की आय की वृद्धि दर में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता लागू करने का गौरव भी उत्तराखंड को ही प्राप्त हुआ है।
“उत्तराखण्ड @ 25: लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक में राज्य की विकास यात्रा, चुनौतियों और संभावनाओं पर 28 लेख लिखे गये हैं। जिनमें कुल 31 लेखकों और सह लेखकों ने योगदान दिया है।
इस अवसर पर पुस्तक के मुख्य संपादक  एन.एस. नपलच्याल, संपादक  एन.रवि शंकर एवं डॉ. सुधारानी पांडेय, दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के अध्यक्ष प्रो. बी.के. चौधरी, पूर्व मुख्य सचिव  इन्दु कुमार पाण्डेय,  राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी  अनिल रतूड़ी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े महानुभाव उपस्थित थे।

निष्काम कर्म: अशान्त संसार में शान्ति प्राप्त करने हेतु गीता की गुप्त कुंजी- रेणु सिंह परमार

Selfless Action The Gita's Secret Key to Finding Peace in a Restless World - Renu Singh Parmar
Selfless Action The Gita's Secret Key to Finding Peace in a Restless World - Renu Singh Parmar

श्रीमद्भगवद्गीता युद्धभूमि पर घटित भगवान् श्रीकृष्ण और अर्जुन के मध्य एक संवाद है। परन्तु इसका वास्तविक सन्देश केवल युद्ध के विषय में ही नहीं अपितु यह भी है कि प्रत्येक दिन बुद्धिमानीपूर्वक कैसे जीवन व्यतीत किया जा सकता है। इसकी सर्वाधिक प्रभावशाली शिक्षाओं में से एक है निष्काम कर्म अर्थात् फल के प्रति आसक्त हुए बिना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना।

महान् भारतीय आध्यात्मिक गुरु, श्री श्री परमहंस योगानन्द के अनुसार, निष्काम कर्म योग का एक महत्वपूर्ण पक्ष है। श्रीमद्भगवद्गीता की अपनी चिरस्मरणीय व्याख्या, ईश्वर-अर्जुन संवाद : श्रीमद्भगवद्गीता, में उन्होंने यह समझाया है कि श्रीकृष्ण का सन्देश कोई अमूर्त दर्शन नहीं अपितु प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक व्यावहारिक पथप्रदर्शक है, चाहे वह गृहस्थ धर्म का पालन कर रहा हो, किसी व्यवसाय का संचालन कर रहा हो, अथवा ईश्वर की खोज कर रहा हो।
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श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 2, श्लोक 47 में श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं :

“तुम्हारा मानव-अधिकार केवल कर्म करने के लिए है, परिणामस्वरूप कर्मफलों पर नहीं। स्वयं को अपने कर्मों के फलों का स्रष्टा न मानो; न ही स्वयं को अकर्मण्यता से आसक्त होने दो।”

इसका अर्थ यह है कि अपना कर्तव्य निभाएँ—चाहे वह आपका व्यवसाय हो, परिवार की देखभाल करना हो या कोई भी अन्य उत्तरदायित्व हो—परन्तु निरन्तर प्रतिफल अथवा सम्मान की चिन्ता न करते रहें। “मुझे क्या प्राप्त होगा” की चिन्ता करने से केवल तनाव ही उत्पन्न होता है। मुक्ति तब प्राप्त होती है जब आप परिणाम पर नहीं अपितु कर्म पर अपना ध्यान केन्द्रित रखते हैं। इसके साथ ही आलसी अथवा अकर्मण्य न बनें।

आगे श्लोक 48 में श्रीकृष्ण अर्जुन को यह परामर्श देते हैं :
हे धनञ्जय (अर्जुन), योग में स्थित रहकर, सफलता एवं असफलता के प्रति तटस्थ रहते हुए, (फलों के प्रति) आसक्ति का त्याग करके अपने सभी कर्म करते रहो। यह मानसिक समता ही योग कहलाता है।”

जीवन में हमें प्रशंसा एवं निन्दा, सफलता एवं असफलता, का सामना करना पड़ता है। श्रीकृष्ण हमें दोनों ही परिस्थितियों में शान्त रहने की शिक्षा प्रदान करते हैं। यह मानसिक समता ही सच्चा योग है—आन्तरिक शान्ति और बाह्य कर्म की एकता।

तत्पश्चात् अध्याय 3, श्लोक 30 में श्रीकृष्ण इस अवस्था को प्राप्त करने की कुंजी प्रदान करते हैं :

“सब कार्यों को मुझे अर्पण करो! अहंभाव एवं आसक्ति का त्याग कर, अपनी आत्मा पर ध्यान केन्द्रित करके, सन्तापरहित होकर, (कर्म के) युद्ध में संलग्न हो जाओ।”
सरल शब्दों में : अपने समस्त कर्मों को ईश्वर को समर्पित कर दें। इस प्रकार जीवन व्यतीत करने का अर्थ संसार से विमुख होना नहीं अपितु अपने प्रत्येक कार्य को ईश्वर को अर्पित करते हुए करना है—अशान्त इच्छा, अहंभाव, अपेक्षा, और उत्तेजनापूर्ण चिन्ता के बिना। शान्तिपूर्ण जीवन जीने का यही एकमात्र मार्ग है। तथा अध्याय 5, श्लोक 10 में श्रीकृष्ण एक सुन्दर सादृश्य प्रस्तुत करते हैं : “जैसे कमल-पत्र जल से दूषित नहीं होता, वैसे ही वह योगी जो आसक्ति को त्याग कर, अपने कर्म ईश्वर को अर्पित करता है, इन्द्रियों की उलझनों में नहीं फँसता।”

जिस प्रकार कमल कीचड़ से भरे जल में उगता है परन्तु फिर भी उससे अछूता रहता है, उसी प्रकार मनुष्य निष्काम कर्म और ईश्वर के प्रति समर्पण के अभ्यास के द्वारा सांसारिक संघर्षों के मध्य भी शान्त रह सकता है।
योगानन्दजी ने इन शाश्वत शिक्षाओं को साझा करने के उद्देश्य से भारत में योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया (वाईएसएस) तथा पश्चिम में सेल्फ़-रियलाइज़ेशन फ़ेलोशिप (एसआरएफ़) की स्थापना की थी। उनके गौरव ग्रन्थ योगी कथामृत ने लाखों लोगों को योग और ध्यान और विशेष रूप से ईश्वर का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने के मार्ग के रूप में श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित प्राचीन प्रविधि क्रियायोग से परिचित कराया है।

निष्काम कर्म उत्तरदायित्वों से दूर भागना नहीं है, अपितु इसका अर्थ है पूरे मन से परन्तु फल के प्रति आसक्त हुए बिना कार्य करना—कार्यालय में, सम्बन्धों में, व्यक्तिगत लक्ष्यों में।

युद्धक्षेत्र प्रतीकात्मक हो सकता है परन्तु संघर्ष वास्तविक है—आसक्ति और मुक्ति तथा अहंकार और समर्पण के मध्य। श्रीमद्भगवद्गीता यह प्रदर्शित करती है कि निष्काम कर्म में ही विजय निहित है, क्योंकि केवल वही स्थायी आनन्द प्रदान करता है।

श्रीनगर में 24 घंटे होगी पेयजल आपूर्ति: डॉ. धन सिंह रावत

There will be 24-hour drinking water supply in Srinagar Dr. Dhan Singh Rawat
There will be 24-hour drinking water supply in Srinagar Dr. Dhan Singh Rawat

बिडोली, कण्डारस्यूं व चणखेत पेयजल योजना शीघ्र होगी पूर्ण

कहा, एनआईटी सुमाड़ी पेयजल योजना से जुड़ेंगे वंचित गांव

देहरादून, 29 नवम्बर 2025
श्रीनगर नगर क्षेत्र में आम लोगों को जल्द ही पेयजल संकट से निजात मिलेगी। राज्य सरकार ने नगर क्षेत्र व आस-पास के गांवों में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति का निर्णय लिया है। इसके लिये जलसंस्थान व पेयजल निगम के अधिकारियों को जलापूर्ति सुनिश्चित करने को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत विभिन्न वृहद पम्पिंग पेयजल योजनाओं को शीघ्र पूरा करने को भी अधिकारियों को कहा गया है।
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सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज शासकीय आवास पर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पेयजल योजनाओं की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने श्रीनगर नगर क्षेत्र व आस-पास के गांवों में 24 घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिये जल संस्थान व पेयजल निगम के अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अभी शहर में दिन में दो बार पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद भी कई क्षेत्रों में पेयजल संकट बना हुआ है, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. रावत ने कहा कि 24 घंटे पानी की सप्लाई होने से नगर क्षेत्र में पेयजल की समस्या से लोगों को छुटकारा मिलेगा, साथ ही पाइपलाइन से लीकेज की समस्या का भी समय पर समाधान हो सकेगा। बैठक में डॉ. रावत ने अपने विधानसभा क्षेत्र की पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुये कण्डारस्यूं-पैठाणी पम्पिंग योजना, बिडोली ग्राम समूह पम्पिंग योजना, चुणखेत पेयजल योजना को शीघ्र पूर्ण के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने ढ़िकाल गांव पम्पिंग योजना से वंचित रह गये गांवों को एनआईटी सुमाड़ी पेयजल योजना से जोड़ने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बिडोली ग्राम समूह पम्पिंग योजना, कण्डारस्यूं-पैठाणी पम्पिंग योजना तथा चुणखेत पेयजल योजना को भारत सरकार से फॉरेस्ट क्लियरेंस मिल चुकी है। साथ ही इन तीनों योजना के कार्य अंतिम चरण में हैं। उन्होंने बताया कि कण्डारस्यूं-पैठाणी पम्पिंग योजना आगामी 15 मार्च तक पूरी कर दी जायेगी। इसके अलावा कलियासौड पेयजल योजना को 15 करोड़ जबकि बिलकेदार पेयजल योजना को लगभग 15 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। जबकि थलीसैण नगर पंचायत पम्पिंग पेयजल योजना का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जायेगा, इसके लिये टेण्डर आमंत्रित कर दिये गये हैं।

बैठक में अपर सचिव पेयजल अपूर्वा पाण्डे, मुख्य अभियंता पेयजल (गढ़वाल) अनुपम रतन अधीक्षण अभियंता जल संस्थान पौड़ी प्रवीन सैनी, सहायक अभियंता जल संस्थान श्रीनगर अजय गुरूंग आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य विभाग में एएनएम व एमपीडब्ल्यू के 48 पद सृजित

48 posts of ANM and MPW created in the Health Department
48 posts of ANM and MPW created in the Health Department

विभागीय मंत्री डा. रावत ने नवसृजित पदों को दी मंजूरी

स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में होगी नई तैनाती, दुरूस्त होंगी व्यवस्थाएं
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देहरादून, 28 नवम्बर 2025
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत एएनएम व एमपीडब्ल्यू के 24-24 पदों के सृजन को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अनुमोदन दे दिया है। प्रदेशभर के विभिन्न स्वास्थ्य उपकेन्द्रों व एएनएम सेंटरों के लिये इन पदों के सृजित होने से वहां एएनएम व एमपीडब्ल्यू की तैनाती की जायेगी जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा साथ ही टीकाकरण अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

सूबे में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण को लेकर राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है, ताकि आम लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सके। इसी क्रम में सरकार ने राज्य के विभिन्न 9 जनपदों में पूर्व से स्थापित 15 व नवीन प्रस्तावित 8 स्वास्थ्य उप केन्द्रों के लिये एएनएम व एमपीडब्ल्यू के 23-23 पद सृजित कर दिये हैं। इसके अलावा जनपद उत्तरकाशी के नौगांव विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत कंसेरू में स्वास्थ्य उपकेन्द्र कंसेरू में आईपीएचएस मानकों के तहत एएनएम व एमपीडब्ल्यू के 1-1 पद स्वीकृत किये हैं। इन सभी 48 पदों के सृजन को विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अनुमोदन दे दिया है। इनमें से एमपीडब्ल्यू के 24 पद आउटसोर्स के तहत स्वीकृत हैं। जबकि एएनएम के पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जायेगा। स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर आमजनमान को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो इसके लिये राज्य सरकार द्वारा एएनएम के रिक्त पदों पर लगातार भर्ती कर रही है। इसके साथ ही एएनएम के इन नवसृजित पदों पर भी शीघ्र तैनाती की जायेगी। जिससे स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेगी, इसके अलावा गर्भवती महिलाओं व शिशुओं के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल हो सकेगी। साथ ही प्रदेश में टीकाकारण अभियान को भी और मजबूती मिल सकेगी।

बयान-
स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत एएनएम व एमपीडब्ल्यू के 24-24 पद सृजित कर दिये हैं। इन पदों पर शीघ्र ही तैनाती की जायेगी। इससे आमजन को प्राथमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी, साथ ही गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और मातृ-शिशु स्वास्थ्य देखभाल सहित टीकाकरण में उल्लेखनीय सुधार होगा।

अभाविप राष्ट्रीय अधिवेशन प्रांगण में लगी भव्य ‘रानी अब्बक्का प्रदर्शनी’ का किया गया उद्घाटन

The grand 'Rani Abbakka Exhibition' was inaugurated at the ABVP National Convention grounds.
The grand 'Rani Abbakka Exhibition' was inaugurated at the ABVP National Convention grounds.

उत्तराखण्ड की उदात्त एवं उन्नत संस्कृति की दिखेगी प्रदर्शनी में झलक; महापुरुषों, स्वातंत्र्यवीर सपूतों के साथ समसामयिक विषयों का भी होगा भव्य प्रदर्शन

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के देहरादून में बसाए गए ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ के प्रमुख आकर्षण केंद्र “रानी अब्बक्का प्रदर्शनी” का उद्घाटन आज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पतंजलि योग ट्रस्ट के महासचिव आचार्य बालकृष्ण एवं प्रदर्शनी उद्घाटनकर्ता उत्तराखण्ड के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत द्वारा किया गया, जिसका थीम “देवभूमि से राष्ट्रभूमि तक – उत्तराखण्ड के 25 वर्षों की यात्रा एवं विजन 2047 के संदर्भ में राष्ट्रीय पुनर्जागरण” है। इस भव्य प्रदर्शनी में अभाविप के विचार-वृक्ष, संगठन के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अभियान, छात्रसंघ चुनावों में संगठन की भूमिका, स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, सांस्कृतिक पुनर्जागरण की विभूतियां जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रदर्शनी हेतु रखा गया है। इस दौरान देशभर से आए अभाविप कार्यकर्ता, अतिथि, स्कूली विद्यार्थी एवं उत्तराखण्ड के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस प्रदर्शनी में रानी अबक्का को भारतीय अस्मिता, स्त्री-शौर्य और राष्ट्र-निष्ठा के सर्वोच्च प्रतीकों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसके माध्यम से युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का लक्ष्य रखा गया है।इसके साथ ही प्रदर्शनी में उत्तराखंड के वीर योद्धाओं तीलू रौतेली, माधव सिंह भंडारी और अन्य स्थानीय नायकों की गाथाओं को भी विशिष्ट स्थान दिया गया है। राज्य की आध्यात्मिक विरासत, पर्वतीय जीवनशैली, आभूषणों, कृषि उपकरणों और पहाड़ी वास्तुकला की झलकियाँ आगंतुकों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ती हैं। उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों, मंदिरों, पौराणिक स्थानों, त्यौहारों और लोकनृत्यों के साथ-साथ नंदा राजजात यात्रा, जागर परंपरा और विभिन्न स्थानीय देवताओं की सांस्कृतिक उपस्थिति का आकर्षक प्रदर्शन भी किया गया है।

इस भव्य प्रदर्शनी में आदिगुरु शंकराचार्य, गौरा देवी, स्वामी रामतीर्थ, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली, माधो सिंह भंडारी, गोविंद बल्लभ पंत और उत्तराखंड की लोक परंपराओं पर आधारित विशिष्ट मंडप भी स्थापित किए गए हैं। समग्रतः, यह रानी अबक्का प्रदर्शनी न केवल अभाविप के विचार, कार्य, इतिहास और संगठनात्मक विस्तार का जीवंत प्रस्तुतीकरण है, बल्कि रानी अबक्का जैसी अपराजेय नायिका के योगदान को राष्ट्रीय विमर्श में पुनःस्थापित करते हुए, भारतीय परंपरा, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक विविधता के संगम का एक अद्वितीय प्रतिरूप भी है।

उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि पतंजलि योग ट्रस्ट के महासचिव आचार्य बालकृष्ण जी ने कहा कि,” ज्ञान-शील-एकता का प्रतीक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन उत्तराखण्ड में पहली बार हो रहा है। इस बात की प्रसन्नता जितनी है, उससे अधिक आनंद आप सभी की उत्साहपूर्ण उपस्थिति से हो रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठन से आपका जुड़ना आपके लिए पुण्य और गौरव का विषय है। अपने आचरण और जीवन-मूल्यों से अभाविप के कार्यकर्ता दूसरों के जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से हमने देखा कि रानी अब्बक्का जी की यह भव्य प्रदर्शनी उनके तेज और शौर्य को उजागर करती है। साथ ही, उत्तराखण्ड की विशिष्ट परंपरा को विद्यार्थियों द्वारा जिस सुंदरता से प्रस्तुत किया गया है, वह अत्यंत सराहनीय है। ‘राष्ट्र प्रथम’ हम सभी का मूल मंत्र है और हम सब उसी प्राचीन गुरुकुल परंपरा के वाहक हैं। सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागरण के लिए जो प्रयास चल रहे हैं उनसे हम सभी को अवश्य जुड़ना चाहिए।”

रानी अब्बक्का प्रदर्शनी के उद्घाटनकर्ता तथा उत्तराखण्ड सरकार के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि, “जब मैं विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता था तब मन में यह इच्छा रहती थी कि राष्ट्रीय अधिवेशन हमारे उत्तराखण्ड में भी आयोजित हो। यह पहली बार हो रहा है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उत्तराखण्ड में अपना राष्ट्रीय अधिवेशन करने जा रही है। इसके लिए मैं उत्तराखण्ड की जनता की ओर से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं का इस पावन धरा पर हार्दिक स्वागत करता हूँ। बड़े गर्व के साथ कहना चाहता हूँ कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता वर्ष के 365 दिन निरंतर कार्य करते हैं। यह भी अत्यंत गर्व का विषय है कि इसी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं में से वर्तमान समय में देश के विभिन्न राज्यों में 8 शिक्षा मंत्री कार्यरत हैं। मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि अभाविप द्वारा लगाई गई इस भव्य प्रदर्शनी को अवश्य देखें और ऐसे संगठन से अवश्य जुड़ें।”

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार ने उद्घाटन समारोह में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि,” देवभूमि उत्तराखण्ड की इस पावन धरा पर कल से अभाविप का राष्ट्रीय अधिवेशन प्रारम्भ होने जा रहा है। भारत भूमि सदैव वीरों की भूमि रही है और इसी वीरता का अद्भुत उदाहरण हमें महारानी अब्बक्का के जीवन में मिलता है। राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु बसाए गए ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ परिसर में स्थापित प्रदर्शनी को वीरांगना रानी अब्बक्का के नाम पर समर्पित किया गया है। इस प्रदर्शनी में उत्तराखण्ड की उदात्त संस्कृति, स्वातंत्र्यवीर सपूतों, महापुरुषों तथा विविध समसामयिक विषयों की प्रेरक झलक देखने को मिलेगी।”

इस दौरान मंच पर मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण, प्रदर्शनी उद्घाटनकर्ता डॉ धन सिंह रावत, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. आशुतोष मंडावी, राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार, राज्य केंद्रीय विश्वविद्यालय कार्य संयोजक श्री अमन पंत एवं उत्तराखण्ड प्रांत की उपाध्यक्ष प्रगति भरतवाल जी उपस्थित रही।

नैनीताल प्रवास के दौरान सीएम धामी ने विभिन्न  क्षेत्रों से आई जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी

During his stay in Nainital, CM Dhami met people from different areas and listened to their problems.
During his stay in Nainital, CM Dhami met people from different areas and listened to their problems.

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को अपने नैनीताल प्रवास के दौरान प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में जिले के विभिन्न  क्षेत्रों से आई जनता से मुलाकात की व उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान ग्राम सौड़ से आए ग्रामीणों द्वारा पंगोट देचौड़ी सड़क स्वीकृति पर मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि काफी लंबे समय से उनकी सड़क निर्माण की जो मांग थी आज उनके द्वारा पूरी कर ली गई है, इससे  क्षेत्र वासियों को सड़क सुविधा का लाभ प्राप्त होगा। इस दौरान ग्रामीणों ने राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ में अध्यापकों की तैनाती एवं भवन निर्माण की मांग भी मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट,दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू,आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित रही ।

सीएम धामी ने नैनीताल में मॉर्निंग वॉक के दौरान जनता से की मुलाकात, नैना देवी मंदिर सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण

CM Dhami met the public during his morning walk in Nainital, inspected the beautification works of Naina Devi Temple.
CM Dhami met the public during his morning walk in Nainital, inspected the beautification works of Naina Devi Temple.

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नैनीताल में मॉर्निंग वॉक के दौरान आम नागरिकों, पर्यटकों एवं स्कूली बच्चों से मुलाकात की और सबके साथ आत्मीय वार्ता की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय चाय विक्रेता भरत की दुकान पर चाय का स्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री ने मानस खंड मिशन के अंतर्गत नैना देवी मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। बताया कि मंदिर को और अधिक भव्य व आकर्षक स्वरूप देने हेतु ₹11 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसके तहत कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मिशन के अन्य विकास कार्योंकृडीएसए मैदान के सुधार, वलिया नाला, एवं ठंडी सड़क पर भूस्खलन सुरक्षा कार्योंकृकी भी जानकारी अधिकारियों से ली और संबंधित विभागों को इन सभी कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टी.सी. और अन्य मौजूद रहे।

राज्यपाल ने किया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित पुस्तकों का विमोचन

The Governor released books based on the personality and work of Chief Minister Pushkar Singh Dhami.
The Governor released books based on the personality and work of Chief Minister Pushkar Singh Dhami.

 – पुष्कर धामीः हिमालय की जीवंत ऊष्मा (हिंदी-अंग्रेजी) पुस्तक की लेखिका संभावना पंत द्वारा किया गया है संकलन
 – यह पुस्तक दर्शाती है किः- दादा के आदर्शों, माता की विनम्रता और एक सैनिक पिता के दृढ़ अनुशासन से कैसे तैयार हुआ एक पुष्कर:  राज्यपाल
 – मैंने जीवन में यह कभी नहीं सोचा था कि मैं कुछ बनूंगा, लेकिन मेरे जीवन में यह जीवंत ऊष्मा जरूर थी कि मैं कुछ करुंगा :  मुख्यमंत्री
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) द्वारा आज राजभवन में देवभूमि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर केंद्रित युवा लेखिका संभावना पंत द्वारा संकलित पुस्तकों पुष्कर धामीः हिमालय की जीवंत ऊष्मा और Pushkar Dhami: The Vibrant Heat of the Himalayas पुस्तक का विमोचन किया गया।
पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम जी महाराज (संभल), परमार्थ निकेतन ऋषिकेश स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज और पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड भगत सिंह कोश्यारी जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पुस्तकों का प्रकाशन प्रभात पब्लिकेशन और रूपा पब्लिकेशन द्वारा किया गया है।
राज्यपाल ने पुस्तक की लेखिका संभावना पंत को साधुवाद देते हुए कहा कि बेटियां भगवान का स्वरूप होती हैं। उनके लेखन कला की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने नाम संभावना के अनुरूप काम भी किया है।
उन्होंने कहा कि किस तरह से इन पुस्तकों में लेखिका ने प्रशंसनीय काम किया है कि पहाड़ के संघर्षों से जूझता बालपन, दादाजी खेम सिंह जी के आदर्शों को आत्मसात करता हुआ एक युवक, माता की विनम्रता व शालीनता की शिक्षा और एक सैनिक पिता के दृढ़ता, कर्तव्य परायणता और अनुशासन में तपकर कैसे तैयार हुआ एक पुष्कर।
राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बड़े-बड़े ऐतिहासिक काम हुए हैं। उत्तराखण्ड राज्य आज प्रत्येक क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में खड़ा है और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 2047 के विकसित भारत विजन के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में राज्य में विकास कार्यों के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किये जा रहे हैं। अपने कार्यों से मुख्यमंत्री ने प्रदर्शित किया है कि वे एक फ्रंटलाइन लीडर हैं। राज्य में बड़ी-बड़ी आपदाओं चाहे सिलक्यारा हो, जोशीमठ हो या धराली से थराली, सभी जगह उन्होंने सबसे पहले प्रभावित लोगों के बीच में पहुंचकर उनकी पीड़ा पर मरहम लगाने का काम किया। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई ऐतिहासिक और दृढ़ निर्णय लिए हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजन सफलतापूर्वक संपादित हुए हैं। उनके अंदर अनुशासन भी है, विनम्रता भी और करुणा भी।  लेखिका द्वारा लिखित यह पुस्तक उनके इन कीर्तियों का सम्मान करती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अपने संबोधन में अपने बचपन के पगडंडियों और गाड़- गदेरों के अनुभवों को संक्षिप्त रूप में साझा किया गया। उन्होंने भावुक होकर अपनी माता जी के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि एक सैनिक की पत्नी होने के नाते किस तरह से उन्होंने पहाड़ के जीवन को जिया। उन्होंने कहा कि मैनें जीवन में यह कभी नहीं सोचा था कि मैं कुछ बड़ा बनूंगा, लेकिन मेरे जीवन में ये जीवन्त ऊष्मा जरूर थी कि मैं समाज के लिए कुछ अच्छा करुंगा। उन्होंने पुस्तक विमोचन में पधारे सभी महानुभावों, प्रकाशकों और पुस्तक की लेखिका संभावना पंत को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि देश में और राज्य में आज भारत की एकता और अखंडता, उसके प्राचीन सांस्कृतिक गौरव और रीति-नीति को पोषित – पल्लवित करने तथा युवाओं, महिलाओं और समाज की मुख्यधारा से वंचित समुदायों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने हेतु जो कार्य माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में हो रहे हैं उसी तरह के कार्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे हैं।
इस अवसर पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम जी ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कर्तव्य परायणता की प्रशंसा करते हुए कहा कि धामी जी समाज की, राष्ट्र की और देश- काल की वास्तविकताओं के अनुरूप निर्णय लेते हैं और कार्य करते हैं। उन्होंने लेखिका संभावना पंत को उनके इस लेखन कार्य के लिए साधुवाद दिया।
पुस्तक की लेखिका संभावना पंत ने पुस्तक के सार को संक्षिप्त रूप में व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुस्तक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के व्यक्तिगत गुणों, उनके आचरण और दूरदर्शी सोच को प्रतिबिंबित करती है। इस पुस्तक में मुख्यमंत्री जी के दादाजी, पिताजी और माताजी के उन संघर्षों को भी बयां किया गया है जिनके सानिध्य में पुष्कर सिंह धामी पले-बढ़े। पुस्तक में मुख्यमंत्री जी के युवा अवस्था से लेकर राज्य के मुख्य सेवक के शीर्ष पद तक पहुंचने की गाथा भी है तथा उनकी नेतृत्वशीलता, दृढ़ता, विनम्रता और कर्मठता का भी समावेश है। उन्होंने पुस्तक को समर्पित करते हुए उपस्थित सभी अतिथियों, महानुभावों और जनमानस को धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल व  कल्पना सैनी, विधायक  सविता कपूर व बृजभूषण गैरोला, पदमश्री बसंती बिष्ट, टपकेश्वर महादेव मंदिर के प्रमुख किशन गिरी जी महाराज सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी गण और जनमानस उपस्थित रहे।

Congress submitted a memorandum to SP City regarding traffic arrangements.

अपनी शादी के लिए दून पहुंचे क्रिकेटर कुलदीप यादव

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देहरादून।  स्टार क्रिकेटर कुलदीप यादव गुरुवार को अपनी शादी समारोह के लिए दून पहुंच गए हैं। वह कुछ देर रायपुर स्थित सरबजीत कंपलेक्स हाथी...
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