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एड्स के प्रति जानकारी होना बेहद आवश्यक : डॉ० अमित शुक्ला

It is very important to be aware about AIDS Dr. Amit Shukla
It is very important to be aware about AIDS Dr. Amit Shukla

यूसैक्स ने मनाया विश्व एड्स दिवस- निकाली जागरूकता रैली

युवा जवानी के जोश में होश न खोएं – डॉ० अनिल वर्मा

विश्व एड्स दिवस पर राज्य एड्स नियंत्रण समिति, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखंड द्वारा एचआईवी/एड्स विषय पर राज्य स्तरीय जागरूकता विशाल रैली का आयोजन किया गया।
रैली का उद्धघाटन उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अपर परियोजना निदेशक डॉ० अमित शुक्ला ,उफ़ निदेशक वित्त श्री महेन्द्र कुमार इंडियन रेडक्रास सोसायटी व यूथ रेडक्रास कमेटी सदस्य डॉ० अनिल वर्मा, यूसेक्स के संयुक्त निदेशक श्री अनिल सती तथा सहायक निदेशक श्री सौरभ सहगल ने प्रतिभागियों को गांधी पार्क से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम एवं रैली संचालक डॉ० अनिल वर्मा जिला इंडियन रेडक्रास सोसायटी के प्रबंधन समिति सदस्य व यूथ रेडक्रास डिजास्टर मैनेजमेंट के मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में डीएवी(पीजी) कालेज बी०एससी० प्रथम वर्ष की डिजास्टर मैनेजमेंट ट्रेनी टीम , दून मेडिकल नर्सिंग ट्रेनिंग कालेज के छात्र – छात्राएं, विभिन्न एनजीओ, सामाजिक संगठनों, स्कूल -कालेज के छात्र – छात्राओं व‌ स्वयंसेवियों ने गांधी पार्क से घंटाघर – दर्शनलाल चौक – बुद्धा पार्क – लैंसडाउन चौक – कनक चौक – ओरिएंट चौक से होते हुए वापस गांधी पार्क पहुंचकर समाप्त हुई। रैली में हाथों में एचआईवी / एड्स जागरूकता व बचाव संबंधी पोस्टर , बैनर व प्ले कार्ड लिए छात्र- छात्राओं ने डाॅ० अनिल वर्मा द्वारा उद्घोषित गगनभेदी नारों “एड्स हमारा दुश्मन है-मानवता का दुश्मन है” , “एड्स का ज्ञान – बचाये जान” तथा “एड्स से घृणा करो – एड्स रोगी से नहीं ” का अनुसरण करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को एड्स रोग की गंभीरता के प्रति जागरूक किया।
रैली के उपरांत गांधी पार्क में प्रतिभागियों को एड्स दिवस की थीम ओवर कमिंग डिसरप्शन , ट्रांस्फोर्मिग द एड्स रिस्पांस पर संबोधित करते हुए कहा कि एड्स नियंत्रण में आने वाली बाधाओं और चुनौतियों को पहचाना जायेगा जो इस महामारी से निपटने के बीच में खड़ी हैं। साथ ही उनसे लड़ने की प्रतिक्रिया में बदलाव लाया जायेगा। उन्होंने स्वस्थ, स्फूर्त और प्रसन्न रहने के लिए फिजिकल फिटनेस के बहुत ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी । उन्होंने नशा करने वालों विशेषकर इंजेक्शन के माध्यम से नशा करने वालों को नशा छोड़ने तथा अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी।साथ ही राज्य में एड्स नियंत्रण हेतु सलाह से लेकर नि:शुल्क उपचार तक की समस्त सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम एवं रैली के कुशल संचालन हेतु रेडक्रास सोसायटी के डॉ० अनिल वर्मा का आभार व्यक्त किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम संचालक एवं यूथ रेडक्रास सोसायटी के डाॅ० अनिल वर्मा ने विषय प्रवेश करते हुए कहा कि एड्स दिवस मनाने का उद्देश्य एचआईवी / एड्स की भयावहता के प्रति समाज के हर वर्ग को साथ ही सही जानकारी, रोकथाम और उपचार के संबंध में जागरूक करना है। साथ ही एड्स दिवस के लक्ष्य रोगियों के प्रति घृणा, सामाजिक भेदभाव, असमानता , उनके मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ लोगों को समझाना है ताकि प्रभावित लोग सम्मान के साथ जो सकें।
डॉ० वर्मा ने एचआईवी पॉजिटिव से एड्स होने तक की पूरी प्रक्रिया समझाते हुए एचआईवी / एड्स क्या है? इसके लक्षण,यह कैसे हो सकता है? किन कारणों से नहीं होता? , एचआईवी फैलने कारण , बचने के उपाय रोकथाम और प्रभावित लोगों उपचार की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नि: शुल्क जांच व उपचार के लिए फोन नं 1097 तथा 1800 180 1200 पर संपर्क करने की सलाह दी।
डॉ० वर्मा ने युवाओं में नशा करने एवं यौनाचार की बढ़ती प्रवृत्ति को खतरनाक बताते हुए युवाओं से जवानी के जोश में होश न खोने का आह्वान किया । इसे भी इसके साथ ही विवाह से पूर्व एड्स के अभिशाप से बचने हेतु बिना झिझक व शर्म किए सुखद भविष्य के लिए अपनी तथा होने वाले जीवनसाथी की रक्त की जांच में थैलेसीमिया तथा एच आई वी की जांच आवश्यक रुप से कराने का अनुरोध युवाओं से किया ।
रैली के दौरान समस्त प्रतिभागियों को रिफ्रेशमेंट के साथ ही यूसैक्स के लोगो वाली उत्तम क्वालिटी की विंड चीटर दी गईं।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए उपनिदेशक वित्त श्री महेन्द्र कुमार ने रैली को सफल बताते हुए सभी संदेशवाहक छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवियों का आभार व्यक्त किया । उन्होंने एड्स के संपूर्ण उपचार की कोई प्रमाणित दवा अभी तक उपलब्ध न होने पर निराश न होकर लम्बे जीवन के लिए प्रभावित या आशंकित लोगों से एकीकृत परामर्श एवं परीक्षण केंद्र से सम्पर्क करने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर राज्य रेडक्रास सोसायटी के कोषाध्यक्ष मोहन सिंह खत्री, यूथ रेडक्रास कमेटी से मेजर प्रेमलता वर्मा, डॉ० गौरव मांगलिक,श्री नारायण सिंह राणा, एसबीटीसी के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रदीप हटवाल, यूसैक्स के डिप्टी डायरेक्टर संजय बिष्ट,गगन लूथरा, सुनील कुमार सिंह, हरीश सिंह, जगदीश अधिकारी, प्रकाश जोशी,बीर सिंह,जैकीरत सिंह,अजय सुंद्रियाल,राजन राम, सुरेंद्र बिष्ट डीएवी पीजी कॉलेज डिजास्टर मैनेजमेंट टीम लीडर रिया बिष्ट, मोनिका गुसाईं, दीपिका,रितु डिमरी, कुसुम थापा, शिवांगी सिंह , आकांक्षा सेमवाल, हिमांशु थपलियाल, दीप्ति डोबरियाल, दिव्य गौड़, जिया तसव्वुर, ईफत, हिमांशु राणा, स्वाति सिनह , स्नेहा बिष्ट , परीणिता थापा, तनुज सिंह राणा ,पवन तापु , जेसिका,आदित्य आर्य,ईफत, कनिष्का जोशी, समीक्षा, सत्यवान पुंडीर, जैस्मीन, सृष्टि भट्ट, आर्यन, स्नेहा नेगी,पवन थापा , मुस्कान, पिंकी नेगु,समीर चौहान, सुदीक्षा चौहान,मेघा राणा, निकितु,कंचनि, अजय कुमार आदि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

युवा जवानी के जोश में होश न खोएं – डॉ० अनिल वर्मा

Don't lose your senses in the excitement of youth - Dr. Anil Verma
Don't lose your senses in the excitement of youth - Dr. Anil Verma

यूसैक्स ने मनाया विश्व एड्स दिवस- निकाली जागरूकता रैली

एड्स के प्रति जानकारी होना बेहद आवश्यक : डॉ० अमित शुक्ला

विश्व एड्स दिवस पर राज्य एड्स नियंत्रण समिति, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखंड द्वारा एचआईवी/एड्स विषय पर राज्य स्तरीय जागरूकता विशाल रैली का आयोजन किया गया।
रैली का उद्धघाटन उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अपर परियोजना निदेशक डॉ० अमित शुक्ला ,उफ़ निदेशक वित्त श्री महेन्द्र कुमार इंडियन रेडक्रास सोसायटी व यूथ रेडक्रास कमेटी सदस्य डॉ० अनिल वर्मा, यूसेक्स के संयुक्त निदेशक श्री अनिल सती तथा सहायक निदेशक श्री सौरभ सहगल ने प्रतिभागियों को गांधी पार्क से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम एवं रैली संचालक डॉ० अनिल वर्मा जिला इंडियन रेडक्रास सोसायटी के प्रबंधन समिति सदस्य व यूथ रेडक्रास डिजास्टर मैनेजमेंट के मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में डीएवी(पीजी) कालेज बी०एससी० प्रथम वर्ष की डिजास्टर मैनेजमेंट ट्रेनी टीम , दून मेडिकल नर्सिंग ट्रेनिंग कालेज के छात्र – छात्राएं, विभिन्न एनजीओ, सामाजिक संगठनों, स्कूल -कालेज के छात्र – छात्राओं व‌ स्वयंसेवियों ने गांधी पार्क से घंटाघर – दर्शनलाल चौक – बुद्धा पार्क – लैंसडाउन चौक – कनक चौक – ओरिएंट चौक से होते हुए वापस गांधी पार्क पहुंचकर समाप्त हुई। रैली में हाथों में एचआईवी / एड्स जागरूकता व बचाव संबंधी पोस्टर , बैनर व प्ले कार्ड लिए छात्र- छात्राओं ने डाॅ० अनिल वर्मा द्वारा उद्घोषित गगनभेदी नारों “एड्स हमारा दुश्मन है-मानवता का दुश्मन है” , “एड्स का ज्ञान – बचाये जान” तथा “एड्स से घृणा करो – एड्स रोगी से नहीं ” का अनुसरण करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को एड्स रोग की गंभीरता के प्रति जागरूक किया।
रैली के उपरांत गांधी पार्क में प्रतिभागियों को एड्स दिवस की थीम ओवर कमिंग डिसरप्शन , ट्रांस्फोर्मिग द एड्स रिस्पांस पर संबोधित करते हुए कहा कि एड्स नियंत्रण में आने वाली बाधाओं और चुनौतियों को पहचाना जायेगा जो इस महामारी से निपटने के बीच में खड़ी हैं। साथ ही उनसे लड़ने की प्रतिक्रिया में बदलाव लाया जायेगा। उन्होंने स्वस्थ, स्फूर्त और प्रसन्न रहने के लिए फिजिकल फिटनेस के बहुत ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी । उन्होंने नशा करने वालों विशेषकर इंजेक्शन के माध्यम से नशा करने वालों को नशा छोड़ने तथा अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी।साथ ही राज्य में एड्स नियंत्रण हेतु सलाह से लेकर नि:शुल्क उपचार तक की समस्त सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम एवं रैली के कुशल संचालन हेतु रेडक्रास सोसायटी के डॉ० अनिल वर्मा का आभार व्यक्त किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम संचालक एवं यूथ रेडक्रास सोसायटी के डाॅ० अनिल वर्मा ने विषय प्रवेश करते हुए कहा कि एड्स दिवस मनाने का उद्देश्य एचआईवी / एड्स की भयावहता के प्रति समाज के हर वर्ग को साथ ही सही जानकारी, रोकथाम और उपचार के संबंध में जागरूक करना है। साथ ही एड्स दिवस के लक्ष्य रोगियों के प्रति घृणा, सामाजिक भेदभाव, असमानता , उनके मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ लोगों को समझाना है ताकि प्रभावित लोग सम्मान के साथ जो सकें।
डॉ० वर्मा ने एचआईवी पॉजिटिव से एड्स होने तक की पूरी प्रक्रिया समझाते हुए एचआईवी / एड्स क्या है? इसके लक्षण,यह कैसे हो सकता है? किन कारणों से नहीं होता? , एचआईवी फैलने कारण , बचने के उपाय रोकथाम और प्रभावित लोगों उपचार की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नि: शुल्क जांच व उपचार के लिए फोन नं 1097 तथा 1800 180 1200 पर संपर्क करने की सलाह दी।
डॉ० वर्मा ने युवाओं में नशा करने एवं यौनाचार की बढ़ती प्रवृत्ति को खतरनाक बताते हुए युवाओं से जवानी के जोश में होश न खोने का आह्वान किया । इसे भी इसके साथ ही विवाह से पूर्व एड्स के अभिशाप से बचने हेतु बिना झिझक व शर्म किए सुखद भविष्य के लिए अपनी तथा होने वाले जीवनसाथी की रक्त की जांच में थैलेसीमिया तथा एच आई वी की जांच आवश्यक रुप से कराने का अनुरोध युवाओं से किया ।
रैली के दौरान समस्त प्रतिभागियों को रिफ्रेशमेंट के साथ ही यूसैक्स के लोगो वाली उत्तम क्वालिटी की विंड चीटर दी गईं।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए उपनिदेशक वित्त श्री महेन्द्र कुमार ने रैली को सफल बताते हुए सभी संदेशवाहक छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवियों का आभार व्यक्त किया । उन्होंने एड्स के संपूर्ण उपचार की कोई प्रमाणित दवा अभी तक उपलब्ध न होने पर निराश न होकर लम्बे जीवन के लिए प्रभावित या आशंकित लोगों से एकीकृत परामर्श एवं परीक्षण केंद्र से सम्पर्क करने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर राज्य रेडक्रास सोसायटी के कोषाध्यक्ष मोहन सिंह खत्री, यूथ रेडक्रास कमेटी से मेजर प्रेमलता वर्मा, डॉ० गौरव मांगलिक,श्री नारायण सिंह राणा, एसबीटीसी के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रदीप हटवाल, यूसैक्स के डिप्टी डायरेक्टर संजय बिष्ट,गगन लूथरा, सुनील कुमार सिंह, हरीश सिंह, जगदीश अधिकारी, प्रकाश जोशी,बीर सिंह,जैकीरत सिंह,अजय सुंद्रियाल,राजन राम, सुरेंद्र बिष्ट डीएवी पीजी कॉलेज डिजास्टर मैनेजमेंट टीम लीडर रिया बिष्ट, मोनिका गुसाईं, दीपिका,रितु डिमरी, कुसुम थापा, शिवांगी सिंह , आकांक्षा सेमवाल, हिमांशु थपलियाल, दीप्ति डोबरियाल, दिव्य गौड़, जिया तसव्वुर, ईफत, हिमांशु राणा, स्वाति सिनह , स्नेहा बिष्ट , परीणिता थापा, तनुज सिंह राणा ,पवन तापु , जेसिका,आदित्य आर्य,ईफत, कनिष्का जोशी, समीक्षा, सत्यवान पुंडीर, जैस्मीन, सृष्टि भट्ट, आर्यन, स्नेहा नेगी,पवन थापा , मुस्कान, पिंकी नेगु,समीर चौहान, सुदीक्षा चौहान,मेघा राणा, निकितु,कंचनि, अजय कुमार आदि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

यूपीईएस यूनिवर्सिटी ने युवा महिलाओं में स्तन स्वास्थ्य जागरूकता मज़बूत करने के लिए बीसीवाईडब्ल्यू फाउंडेशन के यूथ चैप्टर की शुरुआत की

UPES University launches Youth Chapter of BCYW Foundation to strengthen breast health awareness among young women
UPES University launches Youth Chapter of BCYW Foundation to strengthen breast health awareness among young women

देहरादून- 02 दिसंबर 2025: उत्तराखंड की प्रमुख बहुविषयी संस्था यूपीईएस यूनिवर्सिटी, जो छात्रों के समग्र अकादमिक और व्यक्तिगत विकास के लिए प्रतिबद्ध है, ने अमेरिका स्थित ब्रेस्ट कैंसर इन यंग वीमेन (BCYW) फाउंडेशन के यूथ चैप्टर की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य युवा महिलाओं को स्तन स्वास्थ्य, रोकथाम और प्रारंभिक पहचान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना है, साथ ही पुरुष छात्रों को भी अपने समुदायों में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना है।

यह यूथ चैप्टर यूपीईएस में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया हैं। इस अवसर पर स्कूल ऑफ़ हेल्थ साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी के छात्रों, फ़ैकल्टी और नेतृत्व ने हिस्सा लिया, जो सामाजिक रूप से ज़िम्मेदार और स्वास्थ्य-सचेत कैंपस समुदायों को बढ़ावा देने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विभिन्न स्कूलों और विभागों के छात्र नेताओं की भागीदारी ने इस पहल की सहयोगात्मक और समावेशी भावना को और मज़बूत किया।

यह चैप्टर प्रोफ़ेसर पद्मा वेंकट, पीएचडी, डीन—स्कूल ऑफ़ हेल्थ साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी के नेतृत्व में स्थापित किया गया, जिसे डॉ. ध्रुव कुमार, पीएचडी, प्रोफ़ेसर एवं क्लस्टर हेड—एलाइड हेल्थ साइंसेज़, तथा डॉ. ज्योति उपाध्याय, पीएचडी, एसोसिएट प्रोफ़ेसर एवं कोऑर्डिनेटर—क्लीनिकल रिसर्च का सहयोग प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के दौरान, डीन वेंकट ने निवारक स्वास्थ्य देखभाल और छात्र कल्याण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। बीसीवाईडब्ल्यू फाउंडेशन के सीईओ, डॉ. राकेश कुमार ने यह आशा व्यक्त की कि यह यूथ ब्रेस्ट हेल्थ चैप्टर आगे चलकर विश्वविद्यालय के सभी स्कूलों में एक व्यापक आंदोलन का रूप लेगा।

लॉन्च इवेंट में 90 मिनट के इंटरैक्टिव सत्र के बाद विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चाएँ हुईं। इनमें शामिल थे—
* डॉ. राकेश कुमार, पीएचडी, सीईओ, BCYW फाउंडेशन, डॉ. वर्तिका सक्सेना, MBBS, MD, प्रोफ़ेसर एवं हेड, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, AIIMS ऋषिकेश, डॉ. गर्गी पांडे, MBBS, MD, सीनियर रेज़िडेंट, कम्युनिटी मेडिसिन, AIIMS ऋषिकेश, काजल मलिक और रुचि नेगी, असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, हिमालयिया कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग, स्पर्श हिमालया यूनिवर्सिटी।

सत्रों में मुख्य रूप से निम्न विषयों पर चर्चा की गई—
* सामान्य स्तन स्वास्थ्य को समझना और स्वयं देखभाल का महत्व

* प्रारंभिक पहचान और सेल्फ-एक्ज़ामिनेशन की विधियाँ
* स्तन कैंसर से जुड़े आम मिथक और भ्रम

* जीवनशैली के कारण बढ़ने वाले स्तन कैंसर के जोखिम

* चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता देना और सक्रिय स्वास्थ्य-संबंधी व्यवहार

* BCYWF और यूथ चैप्टर के स्तन स्वास्थ्य संसाधनों तक पहुँच

इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में छात्रों द्वारा तैयार किए गए पोस्टर प्रस्तुतिकरण भी शामिल थे, जिससे लॉन्च के बाद भी जागरूकता प्रयास जारी रखने को प्रेरणा मिली। छात्रों ने विशेषज्ञों के साथ खुले संवाद में हिस्सा लिया, जिससे स्तन स्वास्थ्य पर बातचीत को सामान्य बनाने और इससे जुड़े सामाजिक संकोच को कम करने में मदद मिली।

यूपीईएस में BCYW फाउंडेशन के यूथ चैप्टर की स्थापना युवा महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा और समुदाय में व्यापक जागरूकता बढ़ाने के लिए ज्ञान और आत्मविश्वास प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल ऐसे समय में शुरू हुई है जब स्तन कैंसर सभी आयु वर्ग की महिलाओं में सबसे आम कैंसर बना हुआ है। अनुमान है कि भारत में 2040 तक स्तन कैंसर का औसत निदान उम्र 33.73 वर्ष होगी — यानी आज की 18–19 वर्ष की युवा महिलाएँ भविष्य में जोखिम वाली आयु में प्रवेश करेंगी। शुरुआती उम्र में जागरूकता और सशक्तिकरण महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

डीएम बंसल की अध्यक्षता में  हुआ डोईवाला के इठारना में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन

Multipurpose camp was organised in Itharana of Doiwala under the chairmanship of DM Bansal.
Multipurpose camp was organised in Itharana of Doiwala under the chairmanship of DM Bansal.

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज विकासखंड डोईवाला के ग्राम इठारना में बहुउद्देशीय शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत आमजन को विभिन्न शासन की कल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना था। जिलाधिकारी नहीं कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के अंतिम छोर में निवासरत प्रत्येक बुजुर्ग, व्यक्ति, महिला बच्चा सरकार और जिला प्रशासन के लिए प्रथम व्यक्ति है। जिला अधिकारी ने कहा कि हमारा यही प्रयास है कि बहुउद्देशीय शिविर में प्राप्त हुए प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध  निस्तारण किया जाए।
डीएम ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं, मांगों एवं अपेक्षाओं को विस्तार से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों एवं मांगों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं से वंचित पात्र व्यक्तियों को तुरंत लाभान्वित किया जाए। बहुउद्देशीय शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए वहीं शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में जीआईसी इठरना के बच्चों ने अपने बने प्रोडक्ट की जानकारी जिलाधिकारी को दी, जिसमें अवनीश रावत ने मिश्रित खेती तथा कनिष्का पुंडीर ने देवी आपदा के दौरान बचाव संबंधी बनाए गए प्रोडक्ट की प्रस्तुति दी।
विकासखंड डोईवाला  के दूरस्थ इठारना में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत डीएम ने  जन समस्याएं सुनी अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया जिलाधिकारी ने कहा  कि दूरस्थ क्षेत्र के अंतिम  छोर पर निवासरत बुजुर्ग महिला बच्चे; सरकार, जिला प्रशासन के लिए प्रथम व्यक्ति हैं जिन्हें जिन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना हमारी प्राथमिकता है।
बहुउद्देशीय शिविर में 35 से अधिक विभागों ने स्टॉल लगाकर जनमानस की समस्या  निस्तारण किया तथा योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु आवेदन प्राप्त किये  तथा लाभार्थियों से मौके पर ही  योजनाओ के फॉर्म भरवाये।
ग्राम पंचायत रानीपोखरी को कूड़ा निस्तारण हेतु वाहन की मौके पर ही स्वीकृत; मृत पशु के शव निस्तारण हेतु भूमि चिन्हित करने को राजस्व विभाग  को निर्देश
ग्राम पंचायत गदुल में लगेगा आधार एवं श्रम कार्ड बनाने हेतु  कैंप; डीएम ने दिए निर्देश
50 आधार कार्ड; 64 छात्र-छात्राओं  की रोजगार हेतु काउंसलिंग; 2 जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र; 2 दिव्यांग प्रमाण पत्र; 33 आयुष्मान कार्ड; 180 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच;  नई गैस कनेक्शन हेतु 11 आवेदन फार्म; राशन कार्ड हेतु 6 आवेदन; 2 महालक्ष्मी 10 किशोरी किट वितरित; 3 लाभार्थियों को कृषि उपकरण 1.65 लाख अनुदान राशि  वितरित; 3 लाभार्थियों को मौके पर ही पेंशन; वृद्ध जनों को समाज कल्याण विभाग द्वारा 46 लाभार्थियों को 132 सहायक उपकरण वितरित; 30 लाभार्थियों को पशु औषधि वितरित की गई। वही उद्यान विभाग द्वारा 12 लाभार्थियों को 50% अनुदान दिया गया। चिकित्सा विभाग द्वारा 102 सामान्य ओपीडी, 15 गायनी ओपीडी, तथा 30 से अधिक रक्त जांच, 16 की टीवी जांच तथा 2 लोगों के एक्स-रे भी कराए गए।
शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, पशुपालन, महिला सशक्तिकरण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, समाज कल्याण, उद्यान, कृषि, रोजगार, पंचायतीराज, जल संस्थान व जल निगम सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल स्थापित किए गए थे, जहां विभागीय अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को सेवाएं प्रदान की गईं तथा योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक बैठे लाभार्थियों तक पहुँचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च   प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में अधिकतम समस्याओं का समाधान स्थान पर ही किया जाए और शेष मामलों के निस्तारण में देरी न हो। ग्रामवासियों ने इस प्रकार के शिविरों को अत्यंत उपयोगी बताते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
बहुउद्देशीय शिविर में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर, निदेशक ग्रामीण विकास अभिकरण विक्रम सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढोंडियाल,मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह, सहायक निदेशक /भूमि संरक्षण अधिकारी अशोक गिरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हरिद्वार में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री

Chief Minister participated in the International Sanskrit Conference held in Haridwar.
Chief Minister participated in the International Sanskrit Conference held in Haridwar.

देहरादून।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हरिद्वार में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने संस्कृत भाषा के उत्थान एवं विकास हेतु एक उच्च स्तरीय आयोग के गठन की घोषणा की। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और विद्वानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “भारतीय ज्ञान परंपरा- वैश्विक ज्ञान के विकास में संस्कृत का योगदान” जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित यह सम्मेलन भारतीय सभ्यता की गौरवमयी जड़ों को विश्व पटल पर मजबूती से प्रस्तुत करता है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के विद्वानों द्वारा संस्कृत की समृद्ध ज्ञान-परंपरा पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा, जो एक प्रेरणादायी पहल है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके लिए संस्कृत भाषा हमेशा से प्रेरणा का विषय रही है। उन्होंने विद्यालयी शिक्षा के दौरान कक्षा 9 तक संस्कृत का अध्ययन किया और उस दौरान सीखे गए श्लोक, व्याकरण एवं भाषा की मधुरता आज भी स्मरण में है। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं बल्कि संस्कृति, परंपरा, ज्ञान और विज्ञान का आधार है, जिसने प्राचीन मानव सभ्यताओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि विश्व की अनेकों भाषाओं की जड़ें संस्कृत से जुड़ी हुई हैं। वेद, पुराण, उपनिषद, आयुर्वेद, योग, दर्शन, गणित, साहित्य, विज्ञान और खगोलशास्त्र जैसे सभी प्राचीन ग्रंथ संस्कृत में रचे गए, जिसने भारत की वैचारिक धरोहर को समृद्ध किया।casival
मुख्यमंत्री ने 18वीं और 19वीं शताब्दी में यूरोपीय विद्वानों द्वारा संस्कृत साहित्य में बढ़ती रुचि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला और वल्लभी जैसे विश्वविद्यालयों ने संस्कृत आधारित ज्ञान को विश्व में प्रसारित किया, जहाँ से चरक, सुश्रुत, आर्यभट्ट, भास्कराचार्य, चाणक्य, ब्रह्मगुप्त और पाणिनि जैसे महान विद्वानों ने जन्म लिया। संस्कृत केवल विज्ञान की भाषा नहीं, बल्कि नीति, मानवीय मूल्यों और वैश्विक बंधुत्व का संदेश देने वाली भाषा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु कई सार्थक प्रयास जारी हैं। नई शिक्षा नीति में संस्कृत को आधुनिक और व्यवहारिक भाषा के रूप में स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया है। ई-संस्कृत शिक्षण प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्स, ऑनलाइन साहित्य उपलब्धता जैसी पहलों से संस्कृत को नई पीढ़ी तक सरल रूप में पहुंचाया जा रहा है। कर्नाटक के मट्टूर गांव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत आज भी दैनिक जीवन की भाषा बन सकती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लोकसभा की कार्यवाही के संस्कृत अनुवाद की पहल भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से संस्कृत का केंद्र रहा है। राज्य में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्रदान करना इसी विरासत का सम्मान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि गार्गी   संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को प्रति माह 251 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। डॉ. भीमराव अंबेडकर एससी/एसटी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत संस्कृत विषय के एससी/एसटी विद्यार्थियों को समान आर्थिक सहायता दी जा रही है। संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान योजना के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 5100, 4100 और 3100 रुपए की पुरस्कार राशि दी जा रही है। इसके साथ ही उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय और रघुनाथकीर्ति केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के स्नातक व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा अखिल भारतीय शोध सम्मेलन, वेद सम्मेलन, ज्योतिष सम्मेलन, संस्कृत शिक्षक कौशल विकास कार्यशालाएँ एवं छात्र प्रतियोगिताओं जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का लगातार आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक जनपद में आदर्श संस्कृत ग्राम स्थापित करने का संकल्प लिया है, जिससे देववाणी संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयास और मजबूत होंगे। साथ ही संस्कृत विद्यार्थियों के लिए सरकारी सहायता, शोध कार्यों में सहयोग और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि, जिसने वेदों और ऋषि-मुनियों के ज्ञान को जन्म दिया, वहाँ संस्कृत को समृद्ध करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एक दिन संस्कृत केवल पूजा-पाठ की भाषा न रहकर आम बोलचाल की भाषा के रूप में भी स्थापित होगी।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल, विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद, विदेश सचिव (भारत सरकार) मीना मल्होत्रा, सचिव संस्कृत उत्तराखंड दीपक गैरोला, संस्कृत विश्वविद्यालय कुलपति दिनेश चंद्र शास्त्री, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल सहित विभिन्न देशों से आए वक्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव का चम्पावत दौरा: विकास कार्यों और पर्यटन संभावनाओं पर विशेष ध्यान

Chief Secretary's Champawat visit Special focus on development works and tourism potential
Chief Secretary's Champawat visit Special focus on development works and tourism potential

देहरादून।  मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन, आनन्द बर्द्धन ने आज टनकपुर/शारदा बैराज, शारदा घाट, किरोड़ा नाला, बूम, बाटनागाड़ एवं श्यामलाताल क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण कर विकास एवं बाड़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। टनकपुर/शारदा बैराज के निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने यहां पर्यटन एवं एरो स्पोर्ट्स की संभावनाओं की समीक्षा की। शारदा घाट, टनकपुर स्थित शारदा कॉरिडोर परियोजना की जमीनी स्थिति का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  निरीक्षण के दौरान उन्होंने ब्रिडकुल के अधिकारियों से 480 मीटर लम्बे स्पान पुल की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा निर्माण कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव बर्द्धन ने बूम व बाटनागाड़ क्षेत्रों में हो रहे भू-कटाव का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को पूर्ण चौनलाइजेशन के बाद प्रभावी बाड़ सुरक्षा कार्य करने के निर्देश दिए। शारदा नदी के तट पर पहुंचकर उन्होंने सिंचाई विभाग को कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा।   माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने बाटनागाड़ क्षेत्र का निरीक्षण किया और मार्ग सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना अनुसार चम्पावत जनपद में विकसित किए जा रहे आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र एवं इको टूरिज्म  को मजबूत करने हेतु मुख्य सचिव ने श्यामलाताल का निरीक्षण किया।
यहां उन्होंने कृषि, उद्यान एवं एनआरएलएम द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा लाल चावल, लाल धान, मधुमक्खी पालन, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और बाजार उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मुख्य सचिव को श्यामलाताल सहित सभी स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने तकनीकी नवाचारों से संबंधित चल रही विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की  

Governor reviews various ongoing projects related to technological innovations
Governor reviews various ongoing projects related to technological innovations

देहरादून।  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज राजभवन में तकनीकी नवाचारों से संबंधित चल रही विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर टीम ने ‘‘गवर्नर्स डिजिटल हब’’ में शामिल की जा रही नई एप्लिकेशनों तथा विभिन्न पोर्टलों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में राज्यपाल ने सभी आईटी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि स्वदेशी तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु हमें एक सशक्त कल्पवृक्ष तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि राजभवन का उद्देश्य नवीन तकनीक और युवा शक्ति के समन्वय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के डिजिटल इंडिया अभियान को नई गति प्रदान करना है।
राज्यपाल ने कहा कि आज कोई भी क्षेत्र तकनीक से अछूता नहीं है, अतः समावेशी और सतत विकास के लिए तकनीकी सहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि हाल ही में ‘उत्तराखण्ड ए.आई. मिशन-2025’ के शुभारंभ के माध्यम से राज्य ने आधुनिक तकनीक को अपनाकर जन आकांक्षाओं और लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस अवसर पर अपर सचिव रीना जोशी, वरिष्ठ प्रोग्रामर वी एस पुंडीर सहित राजभवन के अन्य कार्मिक उपस्थित रहे। verabet

दून की अंजलि नौड़ियाल को 9वां डॉ. सरोजिनी नायडू अंतरराष्ट्रीय कार्यरत महिला सम्मान से नवाज़ा गया

Anjali Naudiyal of Doon was awarded the 9th Dr. Sarojini Naidu International Working Women's Award.
Anjali Naudiyal of Doon was awarded the 9th Dr. Sarojini Naidu International Working Women's Award.

देहरादून- 01 दिसंबर 2025- दून की प्रतिष्ठित निवासी डॉ. अंजलि नौड़ियाल को डॉ. सरोजिनी नायडू इंटरनेशनल अवार्ड फॉर वर्किंग वुमेन से सम्मानित किया गया।
यह पुरस्कार इंटरनेशनल चैंबर ऑफ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री, इंटरनेशनल वीमेन’स फिल्म फ़ोरम, मरवाह स्टूडियो और एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित किया गया है।
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उन्हें राष्ट्रीय विकास में योगदान के लिए सराहा गया। वे कला, पत्रकारिता, सामाजिक सेवा और फिल्मों में अपने उल्लेखनीय कार्य के लिए जानी जाती हैं।

उत्कृष्टता, सशक्तिकरण और वैश्विक महिला शक्ति के भव्य उत्सव में, मरवाह स्टूडियो ने 9वां डॉ. सरोजिनी नायडू अंतरराष्ट्रीय कार्यरत महिला सम्मान आयोजित किया, जिसमें भारत और दुनिया भर की विशिष्ट महिला हस्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गरिमा, गर्व और राष्ट्रीय भावना की अद्भुत झलक देखने को मिली, जहां विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को समाज और उद्योग में उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मान दिया गया।

डॉ. संदीप मरवाह, एएएफटी यूनिवर्सिटी के चांसलर और विश्वप्रसिद्ध सांस्कृतिक राजदूत, ने इन चुने हुए पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया, जो पेशेवर ईमानदारी, नेतृत्व और प्रतिबद्धता के सर्वोच्च मानकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। समारोह की शुरुआत भव्य रेड-कार्पेट स्वागत से हुई, जहां सम्मानित महिलाओं का स्वागत देशभक्ति धुन बजाती औपचारिक बैंड के साथ किया गया, जिसने शाम को एक भावनात्मक और शक्तिशाली माहौल दिया।

हर सम्मानित महिला को उनकी उपलब्धियों और डॉ. सरोजिनी नायडू की विरासत का प्रतीक एक विशेष रूप से तैयार किया गया प्रमाणपत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया। कार्यक्रम में एएएफटी स्कूल ऑफ फैशन एंड डिज़ाइन के प्रतिभाशाली छात्रों द्वारा तैयार डिज़ाइनर परिधानों की विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया — जो युवा रचनात्मकता और नवाचार का प्रेरणादायक प्रदर्शन था।

कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते हुए, डॉ. मरवाह ने प्रत्येक पुरस्कार विजेता को अपनी वैश्विक यात्रा और कला, संस्कृति, मीडिया तथा कूटनीति में उनके जीवनभर के योगदान पर आधारित दो चर्चित पुस्तकों — “Accolades” और “A Walk In the Corridors of Eternity” — की प्रतियां भी भेंट कीं।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मरवाह ने प्रेरणादायक भाषण दिया और महिलाओं से आग्रह किया कि वे दृढ़ता और दूरदृष्टि के साथ भारत के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को आकार देती रहें। भारत की सांस्कृतिक कूटनीति के राजदूत और राष्ट्रीय विकास के सशक्त समर्थक होने के नाते, उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की भावना पर जोर दिया और महिलाओं से साहस, नवाचार और आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने का आह्वान किया। उनके शब्दों ने दर्शकों के भीतर नई ऊर्जा और संकल्प भर दिया।

यह भव्य समारोह उत्कृष्टता का सम्मान करने और वैश्विक मंचों पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के प्रति मरवाह स्टूडियोज़ की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
डॉ. सरोजिनी नायडू अंतरराष्ट्रीय कार्यरत महिला सम्मान का यह नौवां संस्करण उन अटूट महिलाओं की भावना को सलाम करता है, जो अपने असाधारण योगदान से दुनिया को निरंतर बदल रही हैं।

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी में अंतर्राष्ट्रीय जल क्रीड़ा चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए टीएचडीसीआईएल की सराहना की

Hon'ble Chief Minister Shri Pushkar Singh Dhami lauds THDCIL for successfully organising International Water Sports Championship in Tehri
Hon'ble Chief Minister Shri Pushkar Singh Dhami lauds THDCIL for successfully organising International Water Sports Championship in Tehri

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कयाकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता, प्रेसिडेंट कप और टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप 2025 के चौथे संस्करण का आज टिहरी बांध जलाशय, टिहरी गढ़वाल में समापन हुआ। भव्य समापन समारोह में उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सिपन कुमार गर्ग ने हार्दिक स्वागत किया।
इस 03 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय आयोजन (28-30 नवंबर, 2025) का समापन समारोह श्री सुबोध उनियाल, माननीय वन, भाषा, निर्वाचन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री, भारत सरकार की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सुश्री इशिता सजवाण, अध्यक्ष, जिला पंचायत टिहरी; श्री किशोर उपाध्याय, माननीय विधायक टिहरी; श्री शक्ति लाल शाह, माननीय विधायक घनसाली; श्री विक्रम सिंह नेगी, माननीय विधायक प्रताप नगर; श्री विनोद कंडारी, माननीय विधायक देवप्रयाग; श्री उदय सिंह रावत, जिला अध्यक्ष भाजपा, उत्तराखंड; श्री सिपन कुमार गर्ग, टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक; श्री एल. पी. जोशी, मुख्य तकनीकी अधिकारी, टीएचडीसीआईएल; श्री मोहन सिंह रावत, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद; श्री एम.के. सिंह, सीजीएम (टिहरी कॉम्प्लेक्स); डॉ. डी.के. सिंह, महासचिव यूओए; श्री प्रशांत कुशवाह, अध्यक्ष आईकेसीए उपस्थित रहे ।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, माननीय मुख्यमंत्री ने लगातार चौथे वर्ष इस अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजन की सफलतापूर्वक मेजबानी के लिए टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की सराहना की। 22 देशों के एथलीटों की भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि उत्तराखंड तेज़ी से विश्वस्तरीय जल-क्रीड़ा के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील न केवल बिजली उत्पादन का एक प्रमुख स्रोत है, बल्कि पर्यटन, साहसिक खेलों और आर्थिक विकास का भी तेजी से बढ़ता केंद्र बन गई है।उन्होंने युवा एथलीटों को उत्कृष्टता के लिए प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें केन्द्र तथा राज्य सरकार से अटूट समर्थन का आश्वासन दिया।उन्होंने टीएचडीसीआईएल के पूर्व सीएमडी स्वर्गीय श्री आर. के. विश्नोई को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, उनके योगदान को स्मरण किया तथा उनके असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।hasbet

उत्तराखंड सरकार के माननीय वन, भाषा, निर्वाचन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन के लिए हार्दिक सराहना व्यक्त की तथा कहा कि यह चैंपियनशिप उत्तराखंड की साहसिक एवं जल खेलों के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की अपार क्षमता को दर्शाती है।
श्री सिपन कुमार गर्ग, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, ने माननीय मुख्यमंत्री के सतत मार्गदर्शन और इस अवसर पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री और उपस्थित जनसमूह को क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए टीएचडीसीआईएल द्वारा की गई विभिन्न पहलों और प्रयासों से भी अवगत कराया।
श्री गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर सहयोग टीएचडीसीआईएल को इस स्तर के विश्वस्तरीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने में सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि टीएचडीसीआईएल उत्तराखंड सरकार के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है जिसके तहत राज्य को एक प्रमुख वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है। कोटेश्वर स्थित उच्च-प्रदर्शन अकादमी उभरते हुए एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएँ प्रदान करके इस प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
श्री किशोर उपाध्याय, माननीय विधायक, टिहरी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप जैसी पहल खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे राज्य के समग्र विकास में योगदान मिलता है।
चैंपियनशिप के दौरान, 22 देशों, भारत के विभिन्न राज्यों और सेवा टीमों के एथलीटों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों ने 44 कयाकिंग और कैनोइंग श्रेणियों में 126 दौड़ों में भाग लिया, जिससे यह आयोजन कौशल, प्रतिस्पर्धा और सच्ची खेल भावना के प्रदर्शन के लिए एक शक्तिशाली मंच बन गया।

सीएससी केन्द्रों पर डीएम की कार्रवाई जारी ; जिला प्रशासन ने किया एक और सीएसी सेन्टर सील

देहरादून।  जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम ने तहसील परिसर अवस्थित रमन एन्टरप्राईजेज, सीएससी सेंटर में औचक निरीक्षण एवं छापेमारी की कार्रवाई की। यह कार्रवाई  उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी  के नेतृत्व में की गई।
जिला प्रशासन द्वारा अनियमितता पाए जाने पर सीएससी सेंटर को सील करते हुए केंद्र पर ताला जड़ दिया है। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर अनियमिताएं पाई गई ।
जनसेवा केंद्र पर विभिन्न योजनाओं के आवेदन अभिलेख पाए गए जिनमें आवेदकों के हस्ताक्षर नही थे। टीम द्वारा अभिलेखों के बारे में पूछे जाने पर सेंटर में मौजूद स्टॉफ जानकारी नहीं दे पाए साथ ही विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने हेतु निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली करना पाया गया तथा 27 नवम्बर 2025 से दैनिक रजिस्टर अद्यतन नही किए जाने व अन्य कई अनियमितताएं पाई गई। जिस पर जिला प्रशासन द्वारा सेन्टर को सील करते हुए अग्रिम आदेशों तक केंद्र का संचालन बंद कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के सीएससी सेंटर में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है सीएससी केन्द्रो पर अनियमितता पाए जाने पर ताला लगेगा।
निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा केंद्र में संचालित विभिन्न सेवाओं, अभिलेखों, लेन-देन विवरणों तथा सेवा शुल्क आदि की गहन जांच की गई। जांच में कई अनियमितताएं, नियमों का अनुपालन न होना एवं सेवा प्रदायगी में गंभीर त्रुटियां पाई गईं। केंद्र संचालक द्वारा संतोषजनक उत्तर न दिए जाने एवं अनियमितताओं के प्रमाण मिलने पर प्रशासन ने देवभूमि सीएससी सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन-सेवा से जुड़े किसी भी केंद्र पर अनियमितता, उपभोक्ता शोषण या पारदर्शिता का अभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “जनहित सर्वोपरि है, और सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन निरंतर सघन निरीक्षण अभियान जारी रखेगा।” इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम  के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। nisanbet

Congress submitted a memorandum to SP City regarding traffic arrangements.

अपनी शादी के लिए दून पहुंचे क्रिकेटर कुलदीप यादव

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देहरादून।  स्टार क्रिकेटर कुलदीप यादव गुरुवार को अपनी शादी समारोह के लिए दून पहुंच गए हैं। वह कुछ देर रायपुर स्थित सरबजीत कंपलेक्स हाथी...
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