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‘‘वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’ में 300 बौद्धिक दिव्यांगजन संग डीएम, सीडीओ ने किया प्रेरित

In the Walk for Disability event, 300 intellectually disabled individuals participated along with the DM and CDO, who motivated them.
In the Walk for Disability event, 300 intellectually disabled individuals participated along with the DM and CDO, who motivated them.

देहरादून। विश्व दिव्यांग सप्ताह के अवसर पर रफेल होम संस्था द्वारा दिव्यांगजनों के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ाने हेतु एक जागरूकता ‘‘वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’  का आयोजन किया गया।‘‘वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’ का शुभारंभ जिलाधिकारी  सविन बंसल एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने दून लाइब्रेरी चौक से गुब्बारे उड़ाकर किया। इस आयोजन में लगभग 300 बौद्धिक दिव्यांगजन, बच्चे शामिल हुए।
जिलाधिकारी सविन बसंल  एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने स्वयं बच्चों के साथ ‘‘वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’ में पैदल चलते हुए दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित किया। जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा समाज में समावेशन और समान अवसर सुनिश्चित किए जाने के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
‘‘वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’ दून लाइब्रेरी चौक से प्रारम्भ होकर विकास भवन चौक, एस्लेहॉल  से होते हुए  पुनः लाइब्रेरी चौक लौटकर सम्पन्न हुई। मार्ग में प्रतिभागियों ने दिव्यांगजन अधिकार, समावेशी शिक्षा, सुलभता (Accessibility) तथा सामाजिक जागरूकता संबंधी संदेशों के साथ समाज को संवेदनशील बनाने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके अधिकारों की रक्षा, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना तथा उनके लिए सुलभ वातावरण तैयार करना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने रफेल होम संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में जोड़ना उद्देश्य है, तथा इस क्षेत्र में जो संस्थाएं कार्य कर रही हैं उनका प्रयास सराहनीय है। मा0 मुख्यमंत्री की भी प्राथमिकता है कि ऐसी आबादी को मुख्यधारा से जोड़ना है।  दिव्यांग जनों का उत्साहवर्धन करने हेतु ब्राइटलैंड स्कूल के लगभग 50 छात्राओं द्वारा स्लोगन के साथ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि एवं समाजसेवी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। ‘‘वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’ के समापन पर प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रफेल होम प्रियालाल, प्रधानाध्यापक सुरभि, मेघा सहित ब्राइटलैंड स्कूल के शिक्षकों एवं छात्र/छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया ।

चंद्रभागा क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध  कार्रवाई, 20 से अधिक अवैध अध्यासन ध्वस्त

Action taken against encroachments in Chandrabhaga area, more than 20 illegal structures demolished.
Action taken against encroachments in Chandrabhaga area, more than 20 illegal structures demolished.

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा चंद्रभागा क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की गई। एसडीएम ऋषिकेश एवं नगर आयुक्त ऋषिकेश के नेतृत्व में राजस्व विभाग तथा नगर निगम ऋषिकेश की संयुक्त टीम ने अभियान चलाते हुए गंगा किनारे अतिक्रमण कर बनाई गई 20 से अधिक अवैध अध्यासन को ध्वस्त किया। अभियान के दौरान पाया गया कि अवैध अतिक्रमण कर बसी उक्त झोपड़ियों से निकलने वाला सीवर सीधे गंगा नदी में प्रवाहित किया जा रहा था। इस संबंध में जिलाधिकारी को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल एवं एसडीएम ऋषिकेश योगेश कुमार के नेतृत्व में टीम में शामिल राजस्वकर्मियों तथा नगर निगम के कार्मिकों ने मौके पर पहुँचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया और कानून व्यवस्था बनाये रखते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया संपादित की। अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गंगा नदी की स्वच्छता एवं जल संरक्षण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध निर्माण अथवा सीवर/कचरा निस्तारण संबंधित अनियमितता को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों की निरंतर निगरानी रखी जाए तथा भविष्य में इस प्रकार के अतिक्रमण को कठोरता से रोका जाए।
नगर निगम तथा राजस्व विभाग द्वारा बताया गया कि प्रभावित क्षेत्र की नियमित सफाई कराई जा रही है तथा आगे किसी भी अतिक्रमण को रोकने हेतु चिन्हांकन कर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

कुम्भ मेला हमारी महान धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महापर्व : सीएम

Kumbh Mela is a grand festival of our great religious and cultural heritage CM
Kumbh Mela is a grand festival of our great religious and cultural heritage CM

देहरादून। मुख्यमंत्री   पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुम्भ मेला में उत्तराखंड की देवडोलियों तथा लोक देवताओं के प्रतीकों एवं चल विग्रहों के स्नान और शोभा यात्रा की भव्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेला हमारी महान धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महापर्व है। हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले में राज्य की देवडोलियों के दिव्य स्नान एवं भव्य शोभायात्रा के आयोजन के माध्यम से देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक वैभव और समुद्ध लोक परंपरा के साक्षी बनने का सौभाग्य अर्जित कर सकेंगे। मुख्यमंत्री   धामी से इस संबंध में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में   देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर कुम्भ मेला में देवडोलियों की शोभायात्रा हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने का आग्रह किया था। प्रतिनिधिमंडल में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हर्षमणी व्यास सहित अन्य पदाधिकारी सम्मिलित थे।

भारत की आत्मा को समझने में पब्लिक रिलेशंस की भूमिका अत्यंत उपयोगी :  राज्यपाल

The role of public relations is extremely useful in understanding the soul of India Governor
The role of public relations is extremely useful in understanding the soul of India Governor

देहरादून(आरएनएस)।    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शनिवार को लोक भवन में पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट कर 13 से 15 दिसंबर तक देहरादून में आयोजित होने वाली 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस के लिए आमंत्रित किया।
राज्यपाल ने कहा कि पब्लिक रिलेशंस भारत की आत्मा, उसकी सांस्कृतिक मूल्यों और जन-भावनाओं को समझने तथा उन्हें सही रूप में अभिव्यक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत @ 2047 के संकल्प को साकार करने में जन संपर्क की सहभागिता अनिवार्य है, क्योंकि बिना प्रभावी कम्युनिकेशन के विकास की गति मजबूत नहीं हो सकती। राज्यपाल ने आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी तथा अन्य अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग को पब्लिक रिलेशंस क्षेत्र के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकें तभी सार्थक हैं जब उनका उपयोग भारतीय संस्कृति और समाज की जड़ों से जुड़कर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जन संपर्क केवल संदेश पहुँचाने तक सीमित न रहे, बल्कि मार्गदर्शन और नेतृत्व देने की भूमिका भी निभाए। सोशल मीडिया के प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि सकारात्मक, तथ्यपूर्ण और जनहितकारी संचार ही समाज को दिशा दे सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को अधिवेशन का ब्रोशर भेंट करते हुए संस्था की गतिविधियों एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस वर्ष अधिवेशन का मुख्य विषय “विकसित भारत @ 2047 में जनसंपर्क की भूमिका” निर्धारित किया गया है। सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों से 300 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष को ध्यान में रखते हुए अधिवेशन में राज्य की विकास यात्रा, उपलब्धियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया, सचिव अनिल सती, कोषाध्यक्ष सुरेश भट्ट, सदस्य संजय भार्गव, वैभव गोयल उपस्थित थे।

लोजपा (आर) उत्तराखंड ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 79 वी पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित किया।

LJP (R) Uttarakhand organized a program on the 79th death anniversary of Baba Saheb Dr. Bhimrao Ambedkar.
LJP (R) Uttarakhand organized a program on the 79th death anniversary of Baba Saheb Dr. Bhimrao Ambedkar.

देहरादून – 06 दिसंबर 2025- बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की 79वी पुण्यतिथि पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने प्रदेश कार्यालय बंजारा वाला, कारगी चौक में कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष केदारनाथ पंडित ने बाबा साहब के प्रतिमा पर माल्या अर्पण किया एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में केदारनाथ पंडित जी ने बाबा साहब के उपलब्धियों को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा जो कार्य किया गया है उसे हम कभी भूल नहीं सकते। भारतीय कानून व्यवस्था एवं संविधान बाबा साहेब की ही देन है कि यह विश्व का सबसे सर्वश्रेष्ठ कानून व्यवस्था एवं संविधान बना है।

कार्यक्रम का संचालन सी पी सिंह द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी संजीव शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष जय गोविंद, रवि प्रजापति, पप्पू यादव, जिला उपाध्यक्ष संदीप सिंगल, महानगर अध्यक्ष चिराग अग्रवाल, महानगर महासचिव शादाब चौधरी, अध्यक्ष धर्मपुर विधानसभा संजय कुमार इत्यादि उपस्थित रहे। betgar

शहीदों के परिजनों काप्रशासनिक सेवा नौकरी नहीं, जनता की सेवा का ईश्वरीय कार्य : सीएम धामी संघर्ष, पीड़ा और देश के प्रति अटूट निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणा है: सीएम धामी

Administrative service is not just a job, but a divine duty to serve the people CM Dhami
Administrative service is not just a job, but a divine duty to serve the people CM Dhami

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उनके आगामी प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक रोजगार नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति जिम्मेदारी और सेवा की भावना से जुड़े ‘ईश्वरीय कार्य’ के समान है।
प्रशासनिक सेवा-एक उत्तरदायित्व, केवल नौकरी नहीं:   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में आने वाले युवा अधिकारी राज्य की रीढ़ माने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी सेवा का मूल उद्देश्य जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा को केवल प्रोफेशन न समझें, बल्कि इसे समाज और देवभूमि उत्तराखंड के लोगों के लिए समर्पित एक सेवा-भाव के रूप में अपनाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी जब सेवा को ईश्वरीय कार्य समझ कर कार्य करेंगे, तब उनके निर्णय अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और प्रभावी होंगे।
युवा अधिकारियों से जनता की नई उम्मीदें-नवाचार को अपनाने पर बल:  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक, आधुनिक दृष्टिकोण और नए विचारों से समृद्ध है। इसलिए जनता की उम्मीदें भी युवा अधिकारियों से दोगुनी हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ प्रशासन को नवाचार अपनाने की जरूरत हैकृचाहे वह तकनीक का उपयोग हो, प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलिकरण हो या जनसंपर्क को बेहतर बनाने के तरीके। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक और स्मार्ट समाधान आवश्यक हैं, ताकि जनता को त्वरित और प्रभावी सेवाएँ मिल सकें।huhubet
संवेदनशीलता-जनता की सेवा का मूल आधार:  सीएम ने संवेदनशील प्रशासन की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता प्रशासन से सम्मान, न्याय, सुनवाई और संवेदनशीलता की अपेक्षा रखती है। प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे हर समस्या को मानवीय दृष्टिकोण से समझें और प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मान पूर्ण व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याएं सुनना, उन्हें समझना और समाधान के लिए तुरंत व गंभीर प्रयास करना ही एक सच्चे और प्रभावी प्रशासक की पहचान है।
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियाँ विशिष्ट और चुनौतीपूर्ण हैं। पर्वतीय क्षेत्रों, दुर्गम मार्गों और दूरस्थ गांवों में बुनियादी सेवाएँ पहुँचना कठिन होता है। अधिकारियों को आगाह किया कि पहाड़ी राज्य में प्रशासनिक दायित्व केवल तकनीकी नहीं होते, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और अधिक परिश्रम की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद, अधिकारी अगर सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम से काम करेंगे, तो प्रदेश के लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्रत्येक योजना और सुविधा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यह प्रत्येक अधिकारी का मिशन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के वंचित, दूरस्थ और जरूरतमंद वर्ग को लाभ दिलाना है, और यह तभी संभव है जब अधिकारी ईमानदारी और प्रतिबद्धता से इस दिशा में निरंतर काम करें।
सीएम ने कहा कि जनता प्रशासन से न्याय, पारदर्शिता और निष्पक्षता की अपेक्षा रखती है। इसलिए अधिकारी हमेशा विनम्र, ईमानदार और निष्पक्ष रहें। उन्होंने कहा कि अच्छा आचरण, जनता से जुड़ाव और सही निर्णय लेने की क्षमता किसी अधिकारी की सबसे बड़ी पूँजी है।     इस अवसर पर सचिवालय प्रशासन के अधिकारी तथा परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारी उपस्थित रहे।

शहीदों के परिजनों का संघर्ष, पीड़ा और देश के प्रति अटूट निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणा है: सीएम धामी

The struggles, pain, and unwavering devotion to the nation shown by the families of the martyrs are an inspiration to us all CM Dhami
The struggles, pain, and unwavering devotion to the nation shown by the families of the martyrs are an inspiration to us all CM Dhami

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सहस्त्रधारा रोड, स्थित एक होटल में उत्तराखंड अनन्य सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों के परिजनों का संघर्ष, पीड़ा और देश के प्रति अटूट निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के लगभग प्रत्येक परिवार का सदस्य सेना या अर्ध सैनिक बलों से जुड़ा हुआ है। उत्तराखंड के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा की है। festwin
मुख्यमंत्री ने कहा वे स्वयं एक फौजी के बेटे हैं , इसलिए उनके हृदय में शहीदों और उनके परिवारों के प्रति हमेशा से गहरी संवेदनशीलता, सम्मान और समर्पण की भावना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों की वीरता और बलिदान को नमन करते हुए शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिक धनराशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है।  बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया है और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों के लिए नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएं भी संचालित कर रहे हैं। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था करने के साथ ही सेवारत व पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए की सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को भी अचल सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत तक की छूट देने की व्यवस्था की है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण करवा रही है। जो प्रत्येक उत्तराखंडी के लिए एक पावन स्थल होगा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के साथ सेना को अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त भी किया जा रहा है। देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कई देशों को रक्षा उपकरणों और संसाधनों का निर्यात भी कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मैनेजिंग एडिटर  जी न्यूज राहुल सिन्हा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हर्बल व जड़ी-बूटी सेक्टर में नवाचार, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग पर दिया जाए जोर : मुख्यमंत्री

Chief Minister emphasizes the need to focus on innovation, value addition, and marketing in the herbal and medicinal plant sector.
Chief Minister emphasizes the need to focus on innovation, value addition, and marketing in the herbal and medicinal plant sector.

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित जड़ी-बूटी सलाहकार समिति की बैठक में अधिकारियों oslobet को निर्देश दिए कि गांवों में क्लस्टर बनाकर हर्बल क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उपलब्ध हर्बल एवं औषधीय उत्पादों के संवर्धन और प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जड़ी-बूटी और एरोमा सेक्टर में अग्रणी दो राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज़ का अध्ययन करने हेतु राज्य से विषय विशेषज्ञों की टीम भेजी जाए, जिससे उत्तराखंड में भी इन नवाचारों को लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटी क्षेत्र में टर्नओवर बढ़ाने के लिए अनुसंधान, नवाचार, उत्पादन, विपणन और ब्रांडिंग पर समन्वित रूप से कार्य हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक हर्बल संपदा का केंद्र है। राज्य में इसकी अपार संभावनाओं को देखते हुए हर्बल इकोनॉमी को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को उनके उत्पाद का अधिकतम लाभ दिलाने, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा महिलाओं को आर्थिकी से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि हर्बल उत्पादों की वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये पंतनगर विश्वविद्यालय के सहयोग भी लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में भालू सहित अन्य जंगली जीवों से जनजीवन और फसलों को नुकसान पहुँच रहा है, वहाँ कृषि एवं वन विभागों की संयुक्त टीमें भेजी जाएं। ये टीमें लोगों को सुरक्षा उपायों और फसल संरक्षण के लिए जानकारी प्रदान करें।
बैठक में जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्यों, दुर्लभ औषधीय प्रजातियों के संरक्षण, उत्पादन, और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी, उपाध्यक्ष जड़ी-बूटी सलाहकार समिति भुवन विक्रम डबराल, बलवीर घुनियाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव एस.एन. पांडेय, वी. षणमुगम, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, सुश्री वंदना, सुश्री अनुराधा पाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है – सहकारिता मंत्र धन सिंह रावत

Uttarakhand state has created a new identity in the field of cooperatives - Cooperation Minister Dhan Singh Rawat
Uttarakhand state has created a new identity in the field of cooperatives - Cooperation Minister Dhan Singh Rawat

स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग पूरे देश में ले जाने का है लक्ष्य,जिसकी पहचान पूरे विश्व में हो।

सहकारिता के क्षेत्र में 50 लाख लोगों को जोड़ने का है लक्ष्यesbet

हरिद्वार ऋषिकुल मैदान में आयोजित हो रहे सहकारिता मेले में मुख्य अतिथि सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने प्रतिभाग कर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

हरिद्वार 05 दिसंबर 2025

सहकारिता विभाग की ओर से ऋषिकुल मैदान में आयोजित सहकारिता मेले 2025 के चौथे दिन स्वास्थ्य/शिक्षा/ सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने मुख्य अतिथि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया एवं कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा कि पूरे भारत वर्ष में सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है,जिसके तहत प्रदेश के सभी 13 जिलों में सहकारिता मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक एसईजी एवं महिला समूह को सहकारिता से जोड़ना है तथा प्रदेश में स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग पूरे देश में किए जाने का लक्ष्य है,जिससे कि स्थानीय उत्पादों की  विश्व स्तर पर भी पहचान हो।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है तथा अब तक सहकारिता से 30 लाख लोगों को जोड़ जा चुका है तथा सहकारिता में 50 लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य है।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार में महिलाओं को 33 परसेंट आरक्षण रखा गया है जिसके तथा वर्तमान में कॉपरेटिव सोसाइटी के चुनाव में 250 महिलाएं अध्यक्ष पद पर चुनी गई है तथा 160 महिलाएं उपाध्यक्ष एवं 2500 महिलाएं सहकारिता बोर्ड में चुनी गई है।
उन्होंने कहा कि सहकारिता को मजबूत करने के लिए हर गांव में एक एक सोसाइटी बनाने एवं 1200 नई सोसाइटी बना रहे है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व में सहकारिता विभाग को अलग विभाग बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर जिले में 3 लाख लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य है, राज्य में निरंतर लखपति दीदी बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर विभिन्न योजनों के पात्र व्यक्तियों को चैक वितरण किए गए जिसमे अलंकारिक मत्स्य जीवी समिति को 15.60 लाख,गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह को 6 लाख तथा सहकारिता मत्स्य जीवी समिति मानिकपुर आदमपुर ब्लॉक भगवानपुर को उत्कृष्ट मत्स्य प्रदर्शन के लिए प्रमाण पत्र दिया गया तथा दिन दयाल उपाध्याय सहकारिता किशन योजना के अंतर्गत 10 लोगों को ऋण के चैक वितरित किए गये।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने मलखम का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया तथा छात्र छात्राओं द्वारा योग अभ्यास सहित विभिन्न प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जिसमें उन्होंने सभी छात्र छात्राओं को बधाई एवं शुभकामना दी एवं उनके उज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सहकारिता मंत्री को पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया तथा शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया ।
इस अवसर पर अपर निबंधक सहकारिता विभाग ए डी शुक्ल,सह मीडिया संयोजक विकास तिवारी,सुशील त्यागी एवं पूर्व सहकारिता के जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने भी अपने विचार रखे गए।
इस दौरान जिला महामंत्री हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व राज्य मंत्री सुशील चौहान,मंडल अध्यक्ष सुनील सैनी,जिला सहायक निबंधक सहकारिता मोनिका चुनेरा, जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक सौ सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए सहकारिता से जुड़े प्रतिनिधि,छात्र छात्राएं,अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे

दिव्यांग शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की होगी जांचः डॉ. धन सिंह रावत

Certificates of teachers with disabilities will be verified Dr. Dhan Singh Rawat
Certificates of teachers with disabilities will be verified Dr. Dhan Singh Rawat

दिव्यांग अरक्षण का गलत लाभ लेने वालों पर होगी कठोर कार्यवाही

2 प्रधानाध्यापक, 21 प्रवक्ता व 29 सहायक अध्यापकों पर लटकी तलवार

देहरादून, 5 दिसम्बर 2025atlantisbahis
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत दिव्यांगता प्रमाण पत्र का गलत लाभ उठाने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। इसके लिये विभागीय स्तर पर निदेशक माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित कर दी गई, जो केस-टू-केस के आधार पर शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाण पत्रों की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करायेगी।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि दिव्यांगता प्रमाण पत्रों का अनुचित लाभ उठाने वाले शिक्षकों के खिलाफ जांच बिठा दी गई है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति केस-टू-केस के आधार पर शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर गलत लाभ लेने वाले शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी। डॉ. रावत ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय में योजित जनहित याचिका के क्रम में आयुक्त दिव्यांगजन द्वारा राज्य चिकित्सा परिषद द्वारा अपात्र 52 शिक्षकों की सूची जांच के लिये उपलब्ध कराई गई थी। जिसमें 02 प्रधानाध्यापक, 21 प्रवक्ता व 29 सहायक अध्यापक (एलटी) शामिल थे। इन सभी शिक्षकों को विभागीय स्तर पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिसके क्रम में 20 प्रवक्ता तथा 9 सहायक अध्यापकों ने अपना जवाब विभाग को उपलब्ध करा दिया है। डॉ. रावत ने बताया कि गलत तरीके से आरक्षण का लाभ उठाने वाले शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कार्मिकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जायेगी। इसके लिये विभागीय स्तर पर अन्य कार्मिकों के भी प्रमाण पत्रों की पृथक जांच से की जायेगी।
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य में राज्याधीन सेवाओं में दिव्यांगजनों को आरक्षण दिये जाने का प्रावधान लागू है, जो विद्यालयी शिक्षा विभाग की नियुक्तियों एवं पदोन्नतियों पर भी समान रूप से प्रभावी है। विभाग द्वारा समय-समय पर की गई नियुक्ति एवं पदोन्नति में विभिन्न नियमों के अनुरूप दिव्यांगजनों को आरक्षण प्रदान किया जाता रहा है। लेकिन कतिपय शिक्षकों द्वारा दिव्यांगता के आधार पर गलत लाभ उठाया जाना चिंताजनक है, मामलों की गहन व पारदर्शी जांच पर दिव्यांगता प्रमाण पत्रों की पुष्टि की जाएगी।

Congress submitted a memorandum to SP City regarding traffic arrangements.

अपनी शादी के लिए दून पहुंचे क्रिकेटर कुलदीप यादव

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देहरादून।  स्टार क्रिकेटर कुलदीप यादव गुरुवार को अपनी शादी समारोह के लिए दून पहुंच गए हैं। वह कुछ देर रायपुर स्थित सरबजीत कंपलेक्स हाथी...
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