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मुख्यमंत्री धामी ने किया देहरादून नगर निगम के 27वें स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग

Chief Minister Dhami participated in the 27th foundation day celebrations of Dehradun Municipal Corporation.
Chief Minister Dhami participated in the 27th foundation day celebrations of Dehradun Municipal Corporation.

– नगर निगम देहरादून में 46 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकापर्ण
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून नगर निगम के 27वें स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग करते हुए देहरादून महानगर में 46 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले 27 वर्षों में देहरादून नगर निगम ने नागरिक सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए, देहरादून को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देहरादून नगर निगम स्थापना दिवस का ये अवसर उन उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ आने वाले समय की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, विकास के सपनों को धरातल पर साकार करने का भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज देश में अनेकों परियोजनाओं के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के विकास को नई दिशा प्रदान की जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सmislibet
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देहरादून में जहां एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को एक आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। शहर में कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है, वहीं कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी की है। हरित और स्वस्थ देहरादून बनाने के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर 35 पार्कों का निर्माण भी कराया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित शहर के सबसे बड़े पार्क का निर्माण करा रही है। वहीं वीर बलिदानियों की स्मृति में विशेष स्मृति पार्कों के माध्यम से शहर में 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक हरित क्षेत्र भी विकसित किया जा रहा है। साथ ही साथ शहर की नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘रीन्यू रिस्पना’ अभियान भी संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया गया है। राज्य सरकार के प्रयासों से केंद्र सरकार द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत किए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वाँ स्थान हासिल किया है। साथ ही, सर्वोच्च स्वच्छ शहरों की राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में भी देहरादून ने उल्लेखनीय सुधार करते हुए इस वर्ष 62वाँ स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी प्रयासरत हैं। इसके लिए, विभिन्न स्थानों पर भूमिगत पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है, वहीं ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उतकृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के कार्मिकों को भी पुरस्कृत किया।
इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि देहरादून को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नगर निगम द्वारा सम्पन्न कराए जा रहे विकास कार्यों का भी विवरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, नगरायुक्त श्रीमती नमामि बंसल सहित अधिकारी एवं पार्षद उपस्थित हुए।

शिलान्यास
1 – किरसाली चौक से सहस्त्रधारा कॉसिंग की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-264.21 लाख।
2 – मोथरोवाला में मृत पशु शवों के निस्तारण हेतु गैस चलित पशु शवदाह गृह का निर्माण कार्य लागत-147.89 लाख ।
3. कैनाल रोड़, लक्जूरिया फार्म से अजन्ता होटल की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-247.58 लाख।
4. कुठाल गेट से राजपुर चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-257.67 लाख ।
5. धण्टाघर से आर०टी०ओ० चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-165.84 लाख ।
6. धण्टाघर से यमुना कालोनी की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-193.11 लाख।
7. विवेकानन्द चौक से कुठाल गेट की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-234.79 लाख।

लोकापर्ण
8. वार्ड सं0-60 आई०टी० पार्क रोड़ में पार्क विकास कार्य लागत-116.75 लाख । 9. नगर निगम की कॉफी टेबल बुक/डायरी / ई-आफिस का अनावरण।
10. मैकेनाइज स्मार्ट कार पार्किंग लागत-3.29 करोड़।
11. राजपुर रोड़ पार्किंग लागत-1.00 करोड़।
12. धोरण में मैकेनाइज ट्रान्फर स्टेशन का निर्माण लागत रू0-6.29 करोड़।

मुख्यमंत्री धामी ने 142 नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

Chief Minister Dhami handed over appointment letters to 142 newly appointed Assistant Professors.
Chief Minister Dhami handed over appointment letters to 142 newly appointed Assistant Professors.

– आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 17 लाख से अधिक मरीजों का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का हुआ कैशलेस उपचार
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 142 असिस्टेंट प्रोफेसर्स  को नियुक्ति पत्र वितरित किए।belugabahis
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये अवसर चिकित्सा के क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि सभी अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनके भीतर संवेदनशीलता, सहानुभूति और सेवा की भावना भी विकसित करें। जिससे वे कुशल और दक्ष चिकित्सक बनने के साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों और मानवता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को भी पूरी ईमानदारी से निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सुविधाएँ सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक करीब 61 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं। जिसके माध्यम से प्रदेश के लगभग 17 लाख से अधिक मरीजों का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है। जिससे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को उनके जिले में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इनमें से पाँच मेडिकल कॉलेज पहले से ही संचालित किए जा चुके हैं, जबकि दो और मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा हल्द्वानी में राज्य के प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। साथ ही हेली एंबुलेंस, आपातकालीन परिस्थितियों में सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। राज्य में मरीजों को पैथोलॉजिकल जांचों की भी निःशुल्क सुविधा प्रदान की जा रही है। टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से दूरदराज के गाँवों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श सुविधा भी प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को दूर किया जा रहा है। 142 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर रहे हैं, साथ ही  356 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी गतिमान है।   1248 नर्सिंग अधिकारियों और 170 टैक्नीशियनों को भी नियुक्तियां प्रदान की गई है और करीब 600 नर्सिंग अधिकारियों की चयन प्रक्रिया भी गतिमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले भर्तियों में भारी पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ करता था। हमने, राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। आज सभी चयन प्रक्रियाएँ मेरिट के आधार पर सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनके कौशल और परिश्रम का पूरा लाभ मिल रहा है। अब तक प्रदेश के लगभग 27 हजार युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा जहां भी पद रिक्त हैं, उन्हें जल्द से जल्द आयोग के माध्यम से भरा जायेगा।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज मेडिकल कॉलेज में 62 प्रतिशत परमानेंट फैकल्टी हैं। भविष्य में ये संख्या और बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का काम 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अगले सत्र से दोनों मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएंगे। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 625 बच्चे एमबीबीएस और 256 बच्चे पीजी कर रहे हैं। राज्य में करीब 100 कॉलेज हैं, जिसमें से 14 हजार बच्चे हर साल नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा हाल ही में नियुक्त हुए 3000 नर्सिंग स्टाफ में 100 प्रतिशत लोग उत्तराखंड राज्य के  हैं। उन्होंने कहा राज्य में 32 लाख लोगों की निःशुल्क जांच, 350 लोगों को एयर एम्बुलेंस से हाइय सेंटर रेफर किया गया है।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, विधायक खजान दास, सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य एवं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य मौजूद थे।

पैक्स को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जायेगा: डॉ. धन सिंह रावत

PACS will be made financially viable Dr. Dhan Singh Rawat
PACS will be made financially viable Dr. Dhan Singh Rawat

– अधिकारियों को दिये ठोस बिजनेस प्लास बनाने के निर्देश
देहरादून। प्रदेशभर की प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (पैक्स) को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके साथ ही पैक्सों को ई-सेवा प्रदाता बनाने के लिये पैक्सों को शत-प्रतिशत डिजिटलाईजेशन करने को भी कहा गया है।  सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित सभाकक्ष में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्रदेशभर की प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (पैक्स) को आर्थिक रूप से समक्ष बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि पैक्स समितियों के शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण के साथ ही ठोस बिजनेस प्लान बनाने होंगे, ताकि किसानों को बेहतर वित्तीय सेवाएँ सहित अन्य सहकारी सेवाएँ प्रदान की जा सके। डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेशभर की 670 पैक्स में से 125 पैक्स को ई-पैक्स में परिवर्तित कर दिया गया है। जहां पर किसानों को ई-सेवाएं उपलब्ध की जा रही है। उन्होंने कहा कि ई-पैक्स के माध्यम से किसानों को लोन सहित अन्य सहकारी योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत हो रही है और पैक्स की आमदनी भी बढ़ रही है। उन्होंने अधिकारियों को सभी पैक्सों में ई-पैक्स में परिवर्तित करने के निर्देश बैठक में दिये। डॉ. रावत ने समितियों के बेहतर संचालन को लेकर प्रत्येक समिति में कार्मिकों अकाउण्टेंट कम डेटा ऑपरेटर की तैनाती करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों को पैक्स में सम्मिलित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये, ताकि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से पैक्स समितियों का संचालन कर उन्हें लाभ की स्थिति में लाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि पैक्सों को आधुनिक बनाकर उनकी सेवाओं में विस्तार कर इन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रीढ़ बनाया जाय। इसके अलावा बैठक में डॉ. रावत ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किये जा रहे सहकारी मेलों के सफल आयोजन को लेकर अधिकारियों को ठोस निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सहकारिता मेलों का आयोजन 25 जनवरी से पहले सम्पन्न कर दिया जाय। उन्होंने मेलों के सफल आयोजन पर अधिकारियों की जमकर सराहना की।  उन्होंने कहा कि सहकारी मेलों के माध्यम से आम लोग सहकारिता आंदोलन से जुड़े और सहकारिता को समझ पाये। इसके अलावा बैठक में शीर्ष सहकारिता समितियों के निर्वाचन, माधो सिंह भण्डारी सहकारी सामूहिक खेती योजना, एवं पैक्स सचिवों की नियुक्ति को लेकर भी समीक्षा की गई।  बैठक में सचिव सहकारिता बीवीआरसी पुरुषोत्तम, निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड पंकज यादव, अपर निबंधक सहकारिता आनंद शुक्ला, इरा उप्रेती, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम.पी. त्रिपाठी, प्रबंध निदेशक राज्य सहकारी बैंक प्रदीप मेहरोत्रा, उप महाप्रबंधक नाबार्ड भूपेन्द्र कुमावत, नवीन कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। bahisal

श्री मनोहर लाल, माननीय केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री, भारत सरकार ने टीएचडीसी की 1000 मे.वा. टिहरी पीएसपी की तीसरी यूनिट (250 मे.वा.) की सीओडी प्रक्रिया सफलतापूर्वक आरंभ की, भारत के स्वच्छ ऊर्जा ट्रांज़िशन को मिला नया बल

Shri Manohar Lal, Hon'ble Union Minister of Power and Housing & Urban Affairs, Government of India, successfully initiated the Commercial Operation Date (COD) process of THDC's 1000 MW Tehri PSP's third unit (250 MW), giving a new impetus to India's clean energy transition.
Shri Manohar Lal, Hon'ble Union Minister of Power and Housing & Urban Affairs, Government of India, successfully initiated the Commercial Operation Date (COD) process of THDC's 1000 MW Tehri PSP's third unit (250 MW), giving a new impetus to India's clean energy transition.

ऋषिकेश, 09 दिसंबर, 2025: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, विद्युत क्षेत्र की अग्रणी कंपनी, ने उत्तराखंड के टिहरी में 1000 मे.वा. वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट की तीसरी यूनिट (250 मे.वा.) की वाणिज्यिक संचालन (सीओडी) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक शुरू करके एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
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यह उपलब्धि भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है। जिसने टिहरी पीएसपी को देश का पहला वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट और किसी भी सेंट्रल पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज़ (CPSE) द्वारा संचालित किया जा रहा अपनी तरह का सबसे बड़ा पीएसपी बना दिया है। पहली और दूसरी यूनिटों की सीओडी प्रक्रिया जून और जुलाई, 2025 में प्रारंभ होने के बाद अब तीसरी यूनिट की सीओडी प्रक्रिया की शुरुआत से टीएचडीसी की टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड और ग्रिड-रिस्पॉन्सिव हाइड्रोपावर सॉल्यूशन देने में लीडरशिप और मज़बूत हो गयी है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर माननीय केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री, भारत सरकार, श्री मनोहर लाल ने वर्चुअल माध्यम से तीसरी यूनिट का वाणिज्यिक संचालन आधिकारिक तौर पर शुरू किया। इस अवसर पर माननीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राज्य मंत्री, श्री श्रीपाद नाइक और माननीय ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, श्री ए. के. शर्मा भी उपस्थित थे जिनका श्री सिपन कुमार गर्ग, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसीआईएल ने स्वागत किया।

इस अवसर पर विद्युत क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे, जिनमें श्री पंकज अग्रवाल (IAS), सचिव, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार; श्री घनश्याम प्रसाद, चेयरपर्सन CEA; श्री नरेंद्र भूषण (IAS), अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, उत्तर प्रदेश सरकार; श्री पीयूष सिंह (IAS), अपर सचिव, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार; श्री गुरदीप सिंह, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनटीपीसी; श्री सिपन कुमार गर्ग, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, श्री मोहम्मद अफजल, संयुक्त सचिव (हाइड्रो), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार भी उपस्थित थे।

श्री मनोहर लाल, माननीय केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री, भारत सरकार, ने अपने संबोधन में टीएचडीसी की टीम को टिहरी पीएसपी की तीसरी यूनिट (250 मे.वा.) की सीओडी प्रक्रिया के सफलतापूर्वक शुरू होने पर बधाई दी। माननीय मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बिजली की खपत लगातार बढ़ने के साथ, पीएसपी जैसे स्टोरेज एसेट चौबीसों घंटे विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए बहुत ज़रूरी हैं। 1000 मे.वा. का टिहरी पीएसपी, जिसकी तीनों यूनिटें अब पूरी तरह से चालू हो रहीं हैं, एक मज़बूत और भरोसेमंद पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का उदाहरण है और वर्ष 2047 तक माननीय प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने में योगदान दे रहा है।

श्री श्रीपाद नाइक, माननीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राज्य मंत्री, ने कहा कि टीएचडीसी पंप स्टोरेज समाधानों के विकास में एक अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र संगठन के रूप में उभर रहा है। टिहरी पीएसपी की दो यूनिट पहले ही वाणिज्यिक संचालन में हैं और तीसरी यूनिट आज सफलतापूर्वक शुरू हो गई है, जिससे निगम 1000 मेगावाट क्षमता वाले इस परियोजना को पूर्ण रूप से कमीशन करने की दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई अतिरिक्त पंप स्टोरेज परियोजनाएँ पाइपलाइन में हैं, जो टीएचडीसी को देश के भविष्य के ग्रिड के लिए आवश्यक स्टोरेज अवसंरचना के एक प्रमुख प्रेरक के रूप में स्थापित करती हैं।

श्री ए. के. शर्मा, माननीय ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, ने भी टीएचडीसी को इस विशेष उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए इस परियोजना के तकनीकी महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड में समाहित करने के लिए उन्नत पंप-स्टोरेज प्रणालियाँ अत्यंत आवश्यक हैं। 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय क्षमता के माननीय प्रधानमंत्री के विज़न के संदर्भ में, टिहरी पीएसपी एक महत्वपूर्ण परिसंपत्ति के रूप में उभरता है, जो भविष्य में अधिक नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने हेतु आवश्यक बैलेंसिंग क्षमता सुनिश्चित करता है।

श्री पंकज अग्रवाल (IAS), सचिव, विद्युत मंत्रालय ने टीएचडीसी टीम को इस उत्कृष्ट वर्ष के लिए हार्दिक बधाई दी, जिसमें 1320 मेगावाट के खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की दोनों इकाइयों का सफलतापूर्वक चालू होना तथा टिहरी पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट की तीनों यूनिट्स का वाणिज्यिक संचालन शामिल है। उन्होंने इन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परिसंपत्तियों के सफल संचालन और समयबद्ध प्रगति के लिए पूरी टीएचडीसी टीम की सराहना की और आगामी परियोजनाओं में भी इसी गति, प्रतिबद्धता और दक्षता को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।”

श्री घनश्याम प्रसाद, चेयरपर्सन, सीईए, ने अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसी और पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस पंप स्टोरेज परियोजना का राष्ट्रीय ग्रिड में सफल एकीकरण पावर सेक्टर के लिए गर्व का क्षण है। एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा विकसित किए जा रहे प्रारम्भिक वेरिएबल-स्पीड पीएसपी में से एक होने के नाते, यह उपलब्धि अनेक तकनीकी और क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों के बावजूद हासिल किया गया एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने इस परियोजना से प्राप्त अनुभव और सीख को पूरे विद्युत क्षेत्र के साथ साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि इन अमूल्य जानकारियों का व्यापक लाभ मिल सके।

श्री गुरदीप सिंह, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनटीपीसी ने टीएचडीसी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पावर सेक्टर के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ऐसे समय में जब देश विश्वसनीय ऊर्जा-भंडारण समाधानों की बढ़ती आवश्यकता से जूझ रहा है, यह विकास पीक डिमांड के दौरान सुनिश्चित एवं स्थिर बिजली आपूर्ति की क्षमता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अधिक लचीले, अधिक सक्षम और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार राष्ट्रीय ग्रिड की दिशा में एक निर्णायक और दूरगामी कदम है।”

श्री सिपन कुमार गर्ग, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने लगातार मार्गदर्शन और सहयोग के लिए माननीय केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री, भारत सरकार, का आभार व्यक्त किया | उन्होंने माननीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राज्य मंत्री, और माननीय ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार का भी उनके प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने विद्युत मंत्रालय, सीईए और एनटीपीसी के निरंतर मार्गदर्शन और सराहना के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने पार्टनर संगठनों, कार्यशील एजेंसियों और टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की टीम के सभी सदस्यों के प्रयासों को सराहा, और कहा कि उनके समर्पित योगदान से ही आज टिहरी पीएसपी की तीसरी यूनिट की सफल सीओडी प्रक्रिया प्रारंभ हुई है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए अतिरिक्त 750 MW बिजली उत्पादन और 750 MW पंपिंग क्षमता मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहली और दूसरी यूनिटों ने लगभग 80% की राउंड-ट्रिप एफिशिएंसी हासिल की है, जो वेरिएबल-स्पीड टेक्नोलॉजी की मज़बूत परफॉर्मेंस और टिहरी पीएसपी डिज़ाइन की मज़बूती को रेखांकित करती है।

फ्लेक्सिबल पीकिंग पावर प्रदान करने और आवश्यक ग्रिड बैलेंसिंग सपोर्ट सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया टिहरी वेरिएबल-स्पीड पीएसपी, भारत की अस्थिर नवीकरणीय ऊर्जा को प्रबंधित करने की क्षमता में एक महत्वपूर्ण उन्नति है। यह कमीशनिंग माइलस्टोन, अत्याधुनिक हाइड्रोपावर समाधानों में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की नेतृत्व क्षमता को पुनः स्थापित करता है और वैश्विक स्तर पर भारत की स्वच्छ ऊर्जा में पहचान को और मजबूत बनाता है।

इस अवसर पर श्री एल. पी. जोशी, मुख्य तकनीकी अधिकारी, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, श्री कुमार शरद, कार्यपालक निदेशक (परियोजना), श्री नीरज वर्मा, कार्यपालक निदेशक (प्रभारी), श्री एम. के. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (टीसी), डॉ अमर नाथ त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मा० सा० एवं प्रशा. व के.सं.) के साथ टीएचडीसी के वरिष्ठ अधिकारी और प्रोजेक्ट कंसोर्टियम के प्रतिनिधि, GE वर्नोवा, एचसीसी और पावर सेक्टर के अन्य हितधारक उपस्थित थे। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की इक्विटी में एनटीपीसी और उत्तर प्रदेश सरकार की हिस्सेदारी है |

स्टेट जूजित्सु चैंपियनशिप में ऋषिकेश के खिलाड़ियों का जलवा

Rishikesh players shine in the State Jujitsu Championship
Rishikesh players shine in the State Jujitsu Championship

ऋषिकेश।  ऋषिकेश के कराटे खिलाड़ियों ने उत्तराखंड राज्य जूजुत्सु चैंपियनशिप-2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिसमें ऋषिकेश के सात खिलाड़ियों 11 पदक जीत ऋषिकेश सहित जिला देहरादून का नाम रोशन किया। गुमानीवाला स्थित उत्तराखंड मार्शल आर्ट एकेडमी की निदेशक प्रज्ञा जोशी ने बताया कि 6-7 दिसंबर को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य जूजुत्सु चैंपियनशिप-2025 प्रतियोगिता हुई। जिसमें ऋषिकेश के सात खिलाड़ियों ने जिले की टीम में भाग लेकर 11 पदक झटके। जिसमें सृष्टि कृषाली ने एक स्वर्ण एवं एक रजत पदक, नितिका पंत ने एक रजत एवं एक कांस्य पदक, सूर्यांशु ने एक रजत एवं एक कांस्य पदक, उन्नति रावत ने रजत पदक, अश्मिका कुकरेती ने दो कांस्य पदक तथा तेजस सिंह व सौम्या गैरोला ने एक एक कांस्य पदक जीता है। कहा कि राज्य चैंपियनशिप के स्वर्ण एवं रजत पदक विजेता खिलाड़ी इसी महीने आयोजित होने जा रही “राष्ट्रीय जूनियर जूजित्सु- 2025” में उत्तराखंड राज्य की टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।

समर्थ पोर्टल का संचालन पूर्ण रूप से विश्वविद्यालय करेंगे

The Samarth portal will be operated entirely by the university.
The Samarth portal will be operated entirely by the university.

विभागीय मंत्री डाॅ0 रावत ने अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश

कहा उच्च शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया करें शुरू

देहरादून, 08 दिसम्बर 2025
उच्च शिक्षा विभाग के तहत समर्थ पोर्टल का संचालन पूर्ण रूप से विश्वविद्यालय द्वारा किया जायेगा, शासन के पास केवल माॅनिटिरिंग की जिम्मेदारी रहेगी। इस सम्बंध में विभागीय शिक्षा मंत्री डाॅ0 धन सिंह रावत ने सख्त निर्देश दिये हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत शैक्षणिक तथा शैक्षणेत्तर पदों को शीघ्र भरने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होने विभागीय अधिकारियों को समर्थ पोर्टल का संचालन पूर्ण रूप से विश्वविद्यालयों को सांैपने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि शासन केवल पोर्टल की समीक्षा करेगा बाकी कार्य विश्वविद्यालय स्वयं करेंगें। विभागीय मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थाओं में सेमेस्टर में 90 दिन व वर्ष में 180 दिन कक्षाओं का संचालन अनिवार्य है। जिसका अनुपालन कराने की जिम्मेदारी सम्बंधित विश्वविद्यालय व उच्च शिक्षा निदेशालय की होगी। उन्होने विभागीय अधिकारियों को शैक्षणिक कलैण्डर के अनुरूप समय पर प्रवेश प्रक्रिया, दीक्षांत समारोह एवं परीक्षाफल जारी कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रिक्त शैक्षणिक तथा शैक्षणेत्तर पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिये।

विभागीय मंत्री डाॅ0 रावत ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को दिये जाने वाली पारितोषिक राशि समय पर भुगतान करने, मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृति व शैक्षणिक भ्रमण कराने, शिक्षकों को प्रशिक्षण पर भेजने व प्रत्येक जनपद में दो-दो महाविद्यालयों को ऑटोनॉमस बनाने की कार्यवाही के निर्देश दिये। बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न पाठ्यक्रमों की सम्बद्वता दिये जाने, अशासकीय महाविद्यालय की नियमावली तैयार करने, नये महाविद्यालयों में पद सृजन एवं भूमि एवं भवन की व्यवस्था सहित विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की गयी।

बैठक में उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डाॅ0 देवेन्द्र भसीन एवं जयपाल सिंह चैहान, सचिव उच्च शिक्षा रंजीत सिन्हा, अपर सचिव मनुज गोयल, संयुक्त सचिव विक्रम सिंह यादव, संयुक्त निदेशक आनन्द सिंह उनियाल, उपसचिव अजीत सिंह, हरीश सागर, अनुसचिव दीपक कुमार, अर्जुन सिंह, डाॅ0 दीपक पाण्डे, शैलेन्द्र कुमार अनुभाग अधिकारी खिलाफ सिंह बिष्ट, धीरज कुमार, आशा काण्डपाल, नरेन्द्र लोधी व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

यूजीसी मानकों के अनुरूप बनेगा एससीईआरटी ढ़ाचा- डाॅ0 धन सिंह रावत

कहा एलटी से प्रवक्ता एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर पदोन्नति में लायें तेजी।

अधिकारियों को दिये निर्माण कार्यो में तेजी लाने एवं समय पर बजट खर्च के निर्देश।

देहरादून, 08 दिसम्बर 2025
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने एससीईआरटी सभागार में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें एस0सी0आर0टी0 एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के लिए पृथक शिक्षक संवर्ग की नियमावली, आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था, विभाग में गतिमान निर्माण कार्यो के साथ ही प्राथमिक शिक्षा के अन्तर्गत सहायक अध्यापकों की भर्ती आदि की विस्तृत समीक्षा की गयी।
डाॅ0 रावत ने अधिकारियों को प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति अति शीघ्र करने के निर्देश दे दिये। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय एवं अन्य राजकीय आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण करने के लिए प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य एवं अध्यापकों की स्थायी नियुक्ति के लिए नियमावली तैयार किये जाने के निर्देश अधिकारियोें को दिये।
उन्होने विभागीय अधिकारियों को निद्रेशित किया कि सूबे के माध्यमिक विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया इसी माह शुरू की जाए। जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी। इसके अलावा स0अ0एल0टी0 से प्रवक्ता एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया शीघ्र करने को कहा।
बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव रंजना राजगुरू, महानिदेशक दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक मुकुल कुमार सती, निदेशक बेसिक अजय नौडियाल, निदेशक एससीईआरटी वंदना गब्र्याल, वित्त नियंत्रक वीरेन्द्र कुमार, अपर निदेशक गढ़वाल, अपर निदेशक कुमाऊं सहित विभगीय सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

गांधीनगर में आयोजित अर्थ समिट का समापन ग्रामीण विकास को तकनीक से गति देने के सशक्त संदेश के साथ संपन्न

The Economic Summit held in Gandhinagar concluded with a strong message of accelerating rural development through technology.
The Economic Summit held in Gandhinagar concluded with a strong message of accelerating rural development through technology.

देहरादून – 8 दिसंबर 2025: कृषि और ग्रामीण विकास के लिए राष्ट्रीय बैंक (नाबार्ड) तथा इंटरनेट एवं मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई ) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित दो दिवसीय अर्थ समिट 2025-26 का गांधीनगर संस्करण आज महात्मा मंदिर कन्वेंशन एवं प्रदर्शनी केंद्र में संपन्न हुआ।
समिट का विषय ‘वैश्विक परिवर्तन के लिए ग्रामीण नवाचार को सशक्त बनाना’ था, जिसने नवाचारकर्ताओं, एफपीओ, एग्री-स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, ग्रामीण सहकारी बैंकों, सामुदायिक संस्थानों, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं को एक साथ लाया। गांधीनगर संस्करण में ग्रामीण विकास को गति देने और सामुदायिक नेतृत्व वाले विकास को समर्थन देने में सहकारिताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया।
सतत ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण पर आयोजित फायरसाइड चैट में नाबार्ड के अध्यक्ष श्री शाजी के.वी. ने भारत के सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा,“सहकारिताएँ भारत जैसे देश में सतत और समान विकास हासिल करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, जहाँ हर क्षेत्र विकास के अलग-अलग चरण में है। भारत में अब 8.5 लाख से अधिक सहकारी समितियाँ हैं, जिनके लगभग 30 करोड़ सदस्य हैं अर्थात प्रत्येक चार में से एक भारतीय। फिर भी, इसकी उपयोगिता को कम आंका गया है और इसकी क्षमता का अभी भी पूरा उपयोग नहीं हुआ है।” आगे की दिशा पर बात करते हुए उन्होंने शासन को आधुनिक बनाने और समावेशन को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
भारत में स्मार्ट फार्मिंग से आगे बढ़कर वास्तविक रूप से लचीली कृषि की दिशा में हो रहे बदलाव में एआई, रोबोटिक्स और डेटा-आधारित समाधानों की भूमिका पर आयोजित पैनल चर्चा के दौरान, नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक श्री गोवर्धन सिंह रावत ने कहा कि एग्री 5.0 को गति देने का प्रमुख अवसर खेतों, किसानों और कृषि प्रणालियों के लिए एक मजबूत, संरचित डिजिटल डेटा आधार तैयार करने में निहित है। उन्होंने उल्लेख किया कि सरकार का एग्री-स्टैक और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जो डेटा के मानकीकरण में सहायक हैं और बड़े पैमाने पर डिजिटल समाधान विकसित करने में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, यह सुनिश्चित करना आवश्यक होगा कि उभरती प्रौद्योगिकियाँ सस्ती और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनी रहें, जिससे इनका जमीनी स्तर पर व्यापक रूप से अपनाया जा सके।
एफपीओ को सूचना के माध्यम से सशक्त बनाने पर आधारित एक सत्र को संबोधित करते हुए, नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक डॉ. अजय कुमार सूद ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि-डेटा विनिमय की पूरी क्षमता को प्राप्त करने के लिए किसानों, बैंकों और सरकारी एजेंसियों सहित सभी प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाने वाला एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सहकार सारथी की तर्ज पर एक ऐप विकसित करने की अनुशंसा करते हुए कहा कि एफपीओ साथी जैसी कोई समाधान प्रणाली एफपीओ के पास पहले से उपलब्ध लगभग 300 डेटा बिंदुओं को स्थिर रिकॉर्ड से एक गतिशील और रियल-टाइम संसाधन में बदल सकती है।
गांधीनगर अर्थ समिट में रूरल इनोवेशन एक्सपो एक प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरा, जिसने तकनीक-आधारित उद्यमिता की तेज़ प्रगति को प्रदर्शित किया। इसमें 90 स्टॉल शामिल थे, जिनमें एफपीओ, सहकारी संस्थाएँ और एग्रीटेक नवप्रवर्तकों की मजबूत भागीदारी रही। प्रदर्शकों ने यह उजागर किया कि डिजिटल उपकरण, बेहतर बाज़ार संपर्क और आधुनिक कृषि-समाधान ग्रामीण समुदायों में आर्थिक अवसर और परिचालन दक्षता को किस तरह तेज़ी से बढ़ा रहे हैं। प्रदर्शनी में जनजातीय और महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों की उल्लेखनीय भागीदारी भी देखने को मिली, जिसने समिट की समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।
एक्सपो ने भारत सरकार के माननीय केंद्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उस दृष्टि को प्रतिबिंबित किया, जिन्‍होंने समिट के उद्घाटन संबोधन में यह जोर देकर कहा था कि भारत के गांवों का विकास, देश की प्रगति का मूल आधार है।
अर्थ समिट 2025-26 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, तथा भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय सहित प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों का सहयोग प्राप्त है। यह अंतर-मंत्रालयी सहयोग इस बात को रेखांकित करता है कि तकनीक, नवाचार और नीतिगत समन्वय के माध्यम से ग्रामीण विकास को सशक्त करने के लिए देश एक एकीकृत राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।
अर्थ समिट 2025-26 प्रमुख आकर्षण: अनुमानित प्रतिनिधि – 10,000; वक्ता – 500+; प्रदर्शक – 250+; कार्यशालाएँ / मास्टरक्लास / शोकेस – 30+; हैकाथॉन – 2
अर्थ समिट 2025-26 के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें: https://earth-summit.com/

शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत बोले, छात्रों के लिये जरूरी है शैक्षिक भ्रमण

Education Minister Dr. Dhan Singh Rawat said that educational trips are important for students.
Education Minister Dr. Dhan Singh Rawat said that educational trips are important for students.

भारत दर्शन शैक्षणिक भ्रमण पर जाएंगे प्रदेश के 240 छात्र छात्राएं

माननीय मुख्यमंत्री सोमवार को शिक्षा निदेशालय से छात्र-छात्राओं को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

प्रत्येक विकासखण्ड से दो-दो प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है।

देहरादून, 07 दिसम्बर 2025
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के लिये प्रत्येक विकासखण्ड से दो-दो प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। इसके लिये राज्य सरकार ने 50 लाख की धनराशि अवमुक्त करने की मंजूरी दी है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राएं देशभर के वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण करेंगे। डॉ.धन सिंह रावत ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिनांक 8 दिसंबर 2025, सोमवार को शिक्षा निदेशालय से छात्र-छात्राओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि भारत दर्शन शैक्षणिक भ्रमण –2025, कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के 240 टॉपर छात्र/ छात्राएं केरल, तमिलनाडु, कर्नाटका, तेलंगाना, गुजरात एवं मध्य प्रदेश राज्यों के वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण करेंगे।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिये राज्य सरकार ने कई कदम उठाये हैं। जिसमें भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम भी शामिल है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का मकसद छात्र-छात्राओं को देश की विविधता, इतिहास, आधुनिक शिक्षा प्रणाली, व्यावहारिक शिक्षण का अनुभव और शिक्षा के प्रति समग्र दृष्टिकोण विकसित करना है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कुल 240 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को देश के विभिन्न राज्यों में शैक्षिक भ्रमण पर भेजा जायेगा। जिसके लिये विकासखण्डवार हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के टॉपर 2-2 छात्र-छात्राओं का चयन किया जायेगा। शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के लिये वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु राज्य सरकार ने 50 लाख की धनराशि अवमुक्त कर दी है। डॉ. रावत ने बताया कि पांच दिवसीय भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं को देशभर के विभिन्न स्थानों का भ्रमण कराया जायेगा। जिससे वह वहां के लोक जीवन, संस्कृति, भाषा, रहन-सहन इत्यादि से परिचित होंगे। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक संस्थानों, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का भी भ्रमण कराया जायेगा। इस कार्यक्रम से जहां छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा वहीं प्रदेश की शिक्षा और योग्यता के स्तर में भी सुधार होगा।

नई उड़ान, नई उम्मीदें :  देहरादून से टिहरी- नगर-गौचर अब हवाई मार्ग से जुड़े

New flights, new hopes Dehradun, Tehri, and Gauchar are now connected by air.
New flights, new hopes Dehradun, Tehri, and Gauchar are now connected by air.

देहरादून। मुख्यमंत्री   पुष्कर सिंह धामी का पहाड़ों पर एयर कनेक्टिविटी का संकल्प अब तेजी से धरातल पर उतर रहा है। कुमांऊ मंडल के बाद अब गढ़वाल मंडल में भी हावाई सेवाओं का अध्याय शुरू हो गया है। शनिवार को जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से गढ़वाल मंडल के प्रमुख शहर देहरादून, टिहरी,  नगर और गौचर के लिए हवाई सेवा की शुरुआत हुई। इन नए रूटों के शुरू होने से पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और उत्साह का माहौल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (उड़ान) के तहत नई 6-सीटर हेली सेवा की शुरुआत की गई है, जो गढ़वाल मंडल के प्रमुख शहरों को सीधे राजधानी से जोड़ने का काम करेगी। नई हेली सेवा देहरादून से नई टिहरी के कोटी कॉलोनी हेलीपैड,  नगर और गोचर के लिए प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित करेगी। इससे यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी तथा इन क्षेत्रों में आवागमन और सुविधाजनक होगा। राज्य सरकार का कहना है कि इन सेवाओं से न केवल पहाड़ी इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि पर्यटन, रोजगार और आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
सुबह की पहली हेली सेवा 10.15 बजे जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से टिहरी,  नगर और गौचर के लिए उड़ान भरेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह हेली सेवा 11 बजे सीधे देहरादून के लिए वापसी करेगी। इसी क्रम को ध्यान में रखते हुए दूसरी उड़ान दोपहर 2.30 बजे जॉली ग्रांट से संचालित होगी, जो टिहरी,  नगर और गौचर के लिए ही निर्धारित रूट का पालन करेगी।
जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से टिहरी का किराया ₹2000 प्रति यात्री निर्धारित किया गया है। टिहरी से आगे  नगर तक का किराया ₹1000 प्रति व्यक्ति रखा गया है, जबकि  नगर से गोचर तक यात्रा करने पर भी यात्रियों को ₹1000 प्रति व्यक्ति का किराया देना होगा। हेली सेवा के पहले दिन देहरादून से गोचर के लिए रवाना हुई पहली फ्लाइट में 03 यात्री सवार थे। वहीं दोपहर की फ्लाइट में 05 यात्रियों ने देहरादून से टिहरी और गोचर का सफर तय किया।
यात्रा कर रहे यात्रियों ने बताया कि इस हेली सेवा से न केवल सफर आसान हुआ है, बल्कि इससे पर्यटन को बढ़ावा, स्थानीय लोगों के लिए तेज़ आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिल रही है। देहरादून से गोपेश्वर की ओर यात्रा कर रहे विकास चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि ‘‘मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रीजनल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई हेली सेवा वाकई काबिले तारीफ है। इससे हम कम समय में यात्रा कर पा रहे हैं और इमरजेंसी के वक्त भी हेली सेवा बड़ी मददगार साबित होगी।’’
इससे पूर्व में मुख्यमंत्री की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत दून नैनीताल, बागेश्वर और हल्द्वानी से चंपावत, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, अल्मोड़ा जैसे प्रमुख शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा जा चुका है। यह हेली सेवा केवल एक हवाई सफर नहीं बल्कि पहाड़ की कठिनाइयों को सरल व सुगम बनाने का संकल्प है।

Congress submitted a memorandum to SP City regarding traffic arrangements.

अपनी शादी के लिए दून पहुंचे क्रिकेटर कुलदीप यादव

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देहरादून।  स्टार क्रिकेटर कुलदीप यादव गुरुवार को अपनी शादी समारोह के लिए दून पहुंच गए हैं। वह कुछ देर रायपुर स्थित सरबजीत कंपलेक्स हाथी...
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