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देहरादून: ठौउड़ा नृत्य एवं सांस्कृतिक महोत्सव के दूसरे दिन गीता धामी की मनमोहक प्रस्तुति ने मचाया धमाल

Dehradun On the second day of the Thoda Dance and Cultural Festival, Geeta Dhami's captivating performance created a sensation.
Dehradun On the second day of the Thoda Dance and Cultural Festival, Geeta Dhami's captivating performance created a sensation.

परेड ग्राउंड में लोकसंस्कृति के महासंगम का गीता धामी ने किया फीता काटकर शुभारम्भ

देहरादून। उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी देहरादून एक बार फिर लोक परंपराओं, वीर गाथाओं और रंग-बिरंगे लोकनृत्यों के उल्लास से सराबोर हो उठी। जौनसार-बावर पौराणिक लोक कला मंच एवं सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ठौउड़ा नृत्य एवं सांस्कृतिक महोत्सव के दूसरे दिन परेड ग्राउंड लोकसंस्कृति के विराट मंच में तब्दील हो गया। सैकड़ों कलाकारों और हजारों दर्शकों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन ने न केवल उत्तराखंड बल्कि हिमाचल और राजस्थान की साझा सांस्कृतिक विरासत को भी एक सूत्र में बांध दिया।

महोत्सव के दूसरे दिन का सबसे यादगार क्षण उस समय आया जब गीता धामी पारंपरिक जौनसारी वेशभूषा में मंच पर उतरीं। ‘बेडू पाको बारो मासा’ जैसे लोकप्रिय पहाड़ी लोकगीत पर उनकी सहज, भावपूर्ण और आत्मीय नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तालियों की गूंज और लोकधुनों की लय के बीच यह प्रस्तुति केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने का जीवंत संदेश बन गई। उनकी मौजूदगी ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकसंस्कृति के संरक्षण में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

मंच से अपने संबोधन में गीता धामी ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति ही राज्य की आत्मा है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने जौनसार-बावर की संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया और पर्यावरण संरक्षण को लोकजीवन से जोड़ते हुए कहा कि पहाड़ों के पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियां जीवन का आधार हैं। जौनसारी वेशभूषा को पहनकर मंच पर उपस्थित होना उनके लिए गर्व का विषय है—यह भाव उनके शब्दों और आचरण दोनों में स्पष्ट झलका।

दूसरे दिन की शुरुआत सुबह से ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। जौनसार के कलाकारों ने ऊर्जावान ठोडा नृत्य से वातावरण में जोश भर दिया, तो राजस्थान के घूमर नृत्य ने रंग-बिरंगी छटा बिखेर दी। कुमाऊनी चांचड़ी और गढ़वाली झोड़ा नृत्य ने स्थानीय स्वाद को और गहराया। जौनसारी कलाकारों द्वारा तीर-कमान के साथ प्रस्तुत युद्धकला और तीरंदाजी प्रदर्शन ने महाभारतकालीन योद्धा परंपराओं की झलक दिखाते हुए दर्शकों को रोमांचित किया।

कार्यक्रम में लोकगायन भी विशेष आकर्षण रहा। लोकगायिका रेशमा शाह की प्रस्तुतियों ने माहौल को भावनात्मक ऊंचाई दी और उनकी गायकी पर स्वयं गीता धामी भी थिरकने को विवश हो गईं। लोक गायक नरेश बादशाह, सनी दयाल, अरविंद राणा, जयवीर चौहान सहित उत्तराखंड और हिमाचल के कलाकारों ने जौनसारी लोकधुनों से सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया। शाम को आयोजित मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में 200 से अधिक कलाकारों की सहभागिता ने परेड ग्राउंड को लोकउत्सव में बदल दिया।

महोत्सव में राज्य मंत्री विनय कुमार रहेला और पीसी नैनवाल भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम संरक्षक विनय रोहिल्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के हित में निरंतर कार्य कर रही है और रोजगार सृजन की दिशा में ठोस प्रयास किए गए हैं। भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी ने पहाड़ की संस्कृति और युवाशक्ति को उत्तराखंड की पहचान बताते हुए आयोजन से जुड़े कलाकारों और संस्था के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष कुंदन सिंह चौहान, महासचिव प्रशांत नेगी, नरेश चौहान, गंभीर सिंह चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। वरिष्ठ पत्रकार और कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी बलदेव चंद्र भट्ट ने गीता धामी को जौनसार-बावर का पारंपरिक हथियार डांगरा भेंट कर सम्मानित किया। यह कुल्हाड़ीनुमा बहुपयोगी औजार जौनसारी जीवनशैली, श्रमशीलता और आत्मरक्षा की परंपरा का प्रतीक माना जाता है।

आयोजकों के अनुसार यह महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि उत्तराखंड और हिमाचल की साझा सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और प्रचारित करने का प्रयास है। महिलाओं और युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई हैं। परेड ग्राउंड में लगे हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजन और सांस्कृतिक प्रदर्शनी के स्टॉल्स ने दर्शकों को लोकजीवन से रूबरू कराया। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए, वहीं पर्यटन विभाग का मानना है कि ऐसे आयोजन राज्य की सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर को मजबूत करते हैं।

तीन दिवसीय ठौउड़ा नृत्य एवं सांस्कृतिक महोत्सव का समापन 14 दिसंबर को विशेष प्रस्तुतियों और पुरस्कार वितरण के साथ होगा। लोकसंस्कृति के इस महाकुंभ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब परंपरा, कला और जनभागीदारी एक मंच पर आती हैं, तो उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा पूरे वैभव के साथ जीवंत हो उठती है। यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि उत्तराखंड की विविधता का प्रतीक भी। यदि आप अपनी जड़ों से जुड़ना चाहते हैं, तो कल अंतिम दिन परेड ग्राउंड पहुंचें।

देहरादून के द पेस्टल वीड स्कूल देहरादून ने मुज़फ़्फरनगर में उभरती प्रतिभाओं को दिया मंच

The Pastel Weeds School in Dehradun provided a platform for emerging talents in Muzaffarnagar.
The Pastel Weeds School in Dehradun provided a platform for emerging talents in Muzaffarnagar.

देहरादून- 14 दिसंबर 2025- आज गांधी वाटिका, गांधी कॉलोनी मुजफ्फरनगर में आयोजित चित्रकला और पेंटिंग प्रतियोगिता ने कला के रंगों से वातावरण को जीवंत कर दिया। इस प्रतियोगिता का आयोजन द पेस्टल वीड स्कूल देहरादून द्वारा किया गया l जिसमें शहर और आसपास के क्षेत्रों के कई छात्रों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में बच्चों ने अपने अद्भुत कौशल और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न विषयों पर चित्र बनाए, जिन्हें दर्शक और जज काफी उत्साह के साथ देख रहे थे।

प्रतिभागियों के जोश और उत्साह को देखकर द पेस्टल वीड स्कूल देहरादून के अध्यापकों ने घोषणा की कि अब स्कूल मुज़फ़्फरनगर के छात्रों के लिए कुल सीटों में से 5% सीटें आरक्षित करेगा, ताकि स्थानीय प्रतिभाएँ भी उत्तम शिक्षा का लाभ ले सकें और अपना हुनर निखार सकें।

द पेस्टल वीड स्कूल देहरादून की स्थापना 1992 में हुई थी और यह एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है जो केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध है। यह स्कूल उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी जोर देता है। स्कूल इंडियन पब्लिक स्कूल्स कॉन्फ़्रेंस (IPSC) का सक्रिय सदस्य है, जो भारत के श्रेष्ठ सार्वजनिक स्कूलों का एक मान्यता प्राप्त संगठन है और छात्रों को शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है।

पेंटिंग और चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजन में बच्चों ने रंग, कल्पना और भावनाओं को शानदार रूप से पैन पर उकेरा। आयोजकों ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, आत्म-विश्वास और आत्म-अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं।

प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कार वितरण कर सम्मानित किया गया

द पेस्टल वीड स्कूल देहरादून ने इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल कला को समर्पण और उत्साह के साथ सम्मान दिया, बल्कि स्थानीय छात्रों के लिए शिक्षा के अवसरों को भी बढ़ाने का वादा किया है। यह निर्णय निश्चित रूप से मुज़फ़्फरनगर के छात्र/छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए खुशी का कारण है।

सशक्तीकरण के लिए महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता अनिवार्य : ऋतु खंडूड़ी

Economic independence for women is essential for their empowerment Ritu Khanduri
Economic independence for women is essential for their empowerment Ritu Khanduri

– देश के विकास में जनसंचार और कम्युनिकेशन की निर्णायक भूमिका : डॉ. निशंक
– स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान
– पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन
देहरादून।  उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तीकरण तभी संभव है जब वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समावेशी विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंचार और पब्लिक रिलेशन आज देश और प्रदेश के विकास का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित किया जा सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी रविवार को सहस्रधारा रोड स्थित होटल द एमराल्ड ग्रैंड में आयोजित पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाने में एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का युग सूचना और संवाद का है। जनसंचार के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पीआर और कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पीआर इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ यह चुनौती भी है कि सूचना विश्वसनीय, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने पीआरएसआई के माध्यम से जनसंचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न एजेंसियों, संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
जनसंचार देश के विकास की रीढ़ : डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’   :  पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि जनसंचार और कम्युनिकेशन देश के विकास की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि पीआरएसआई जैसी संस्थाएं सरकार और समाज के बीच संवाद की कड़ी को मजबूत कर रही हैं। यह अत्यंत सराहनीय है कि देशभर से पब्लिक रिलेशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्र होकर भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिदृश्य में पीआर इंडस्ट्री को नवाचार, डिजिटल माध्यमों और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।
उत्तराखंड ने 25 वर्षों में तय की विकास की लंबी यात्रा : पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय  :   विशिष्ट अतिथि पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय ने उत्तराखंड राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते ढाई दशकों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उत्तराखंड ने नए मानक स्थापित किए हैं। मूलभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हुआ है और राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान :   सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है तथा दुर्गम क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री के नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को समर्पित है। हमारा लक्ष्य राज्य के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
सम्मेलन में गणमान्य जनों की उपस्थिति :   इस अवसर पर पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। सम्मेलन के दूसरे दिन गेल के सीईओ संदीप गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, प्रो. दुर्गेश पंत, संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी, डॉ. हिमांशु शेखर, सीआईएमएस के चेयरमैन एडवोकेट ललित जोशी, डॉ. सुरभि दहिया, समिदा देवी, मेजर अतुल देव, सी. रविंद्र रेड्डी सहित देशभर से आए पीआर और मीडिया जगत के अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने किया आंध्रप्रदेश में भारत रत्न, पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में प्रतिभा

CM Dhami participated in the unveiling ceremony of a statue of Bharat Ratna and former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee in Andhra Pradesh.
CM Dhami participated in the unveiling ceremony of a statue of Bharat Ratna and former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee in Andhra Pradesh.

देहरादून।  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को आंध्रप्रदेश के अन्नामय्या जिले के मदनपल्ली में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘अटल-मोदी सुशासन यात्रा’ में प्रतिभाग किया और जनसभा को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मशताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर आंध्रप्रदेश भाजपा द्वारा आयोजित इस यात्रा में उपस्थित होकर वह स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मर्यादाओं एवं मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में भारत ने पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, ग्राम सड़क योजना और दूरसंचार क्रांति जैसी अनेक उपलब्धियाँ हासिल कीं। देश में गठबंधन सरकार का सफल कार्यकाल पूरा कर उन्होंने यह साबित किया कि जब उद्देश्य राष्ट्र की प्रगति हो, तो सभी दल एकजुट होकर कार्य कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की प्रेरणा से आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की दिशा में निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी योजनाओं के माध्यम से भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है।  उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की एक अग्रणी आर्थिक शक्ति बनने के साथ-साथ रक्षा, अंतरिक्ष और अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। मोदी सरकार के कार्यकाल में देश के 99 प्रतिशत गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन क्षेत्र में भी ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिले हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण हेतु अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं — अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक तथा बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण इसके उदाहरण हैं।   उन्होंने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक उन्मूलन, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और वक्फ संशोधन जैसे ऐतिहासिक निर्णयों से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को सशक्त आधार मिला है।  मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर आंध्रप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि पोलावरम परियोजना, औद्योगिक शहरों, नाइट विज़न फैक्ट्री, सेमीकंडक्टर इकाई आदि के माध्यम से राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।  उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी की प्रेरणा से ही उत्तराखंड राज्य का निर्माण संभव हुआ और आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप, रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करना, धर्मांतरण विरोधी कानून तथा लैंड जिहाद के विरुद्ध कड़े कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं।

हॉर्टिटूरिज्म की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना हो तैयार: गणेश जोशी

A work plan should be prepared considering the immense potential of horticulture tourism Ganesh Joshi
A work plan should be prepared considering the immense potential of horticulture tourism Ganesh Joshi

– जंगली जानवरों से होने वाला नुकसान तथा अतिवृष्टि के कारण बाढ़ या जलभराव से फसलों के नुकसान दोनों को फसल बीमा योजना में शामिल करे
देहरादून।  सुबे के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में हॉर्टिटूरिज्म की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट और कीवी की खेती के विस्तार पर बल देते हुए कहा कि राज्य में इन उभरते फलों की खेती से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है, जिसके लिए किसानों को इस क्षेत्र से जोड़ने के प्रयास में तेजी लाय जाए। रविवार को कैंप कार्यालय में हुई बैठक के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जंगली जानवरों से होने वाला नुकसान तथा अतिवृष्टि के कारण बाढ़ या जलभराव से फसलों के नुकसान दोनों को फसल बीमा योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें दोनों परिस्थितियों में किसानों को अब भरपाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। काबीना मंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया।
विभागीय मंत्री गणेश जोशी ने बैठक के दौरान कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए “सी” ग्रेड माल्टा एवं पहाड़ी नींबू (गलगल) उत्पादकों को उनके फलों का उचित मूल्य प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों के हित में “सी” ग्रेड माल्टा का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹10.00 प्रति किलोग्राम (रुपये दस मात्र) तथा पहाड़ी नींबू (गलगल) का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹7.00 प्रति किलोग्राम (रुपये सात मात्र) निर्धारित किया गया है। मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की इस व्यवस्था का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए खरीद प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और सुचारु रूप से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि फल उत्पादकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए खरीद केंद्रों की व्यवस्था, भुगतान प्रक्रिया सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए। उद्यान मंत्री जोशी ने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।  बैठक में बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, औद्यानिकी विपणन बोर्ड के सीईओ नरेंद्र यादव उपस्थित रहे।

47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेंस–2025 में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभाग

Chief Minister Dhami participated in the 47th All India Public Relations Conference – 2025.
Chief Minister Dhami participated in the 47th All India Public Relations Conference – 2025.

– पीआर विजन–2047 विकसित भारत के निर्माण में निभाएगा अहम भूमिका: सीएम
– सरकार और जनता के बीच भरोसेमंद संवाद समय की सबसे बड़ी आवश्यकता: सीएम
देहरादून। देहरादून में 13 से 15 दिसंबर तक होटल एमरॉल्ड ग्रैण्ड, सहस्त्रधारा रोड पर 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस–2025 का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया और फोटो प्रदर्शनी व हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन कर स्थानीय कला एवं शिल्प को प्रोत्साहित किया। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन की थीम “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” रही।
तीन दिवसीय आयोजन में उत्तराखंड की 25 वर्ष की विकास यात्रा, मीडिया व जनसंपर्क की भूमिका, तकनीक, GST, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, मिसइन्फॉर्मेशन और अंतरराष्ट्रीय जनसंपर्क जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। रूस से आए प्रतिनिधियों की सहभागिता ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि पब्लिक रिलेशन केवल सूचना संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने डिजिटल युग में गलत सूचना की चुनौती पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार और जनता के बीच भरोसेमंद संवाद को जनसंपर्क की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया। उत्तराखंड जैसे आपदा-प्रवण और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य में संवाद को विश्वास की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीआर प्रणाली को तकनीकी रूप से सक्षम और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील बनाना होगा, ताकि सरकार और जनता के बीच साझेदारी और विश्वास का संबंध स्थापित हो सके।
मुख्यमंत्री ने राज्य की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड निरंतर प्रगति कर रहा है। वर्ष 2024–25 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 3.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने जा रहा है और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। बजट में अभूतपूर्व बढ़ोतरी और बेरोजगारी दर में कमी राज्य की उपलब्धियाँ हैं।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक अवसंरचना के विकास का उल्लेख किया। धार्मिक पर्यटन, वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे, रोपवे और हवाई अड्डों का विस्तार राज्य को नई गति दे रहे हैं।
निवेश और उद्योग को सशक्त करने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, सिंगल विंडो सिस्टम, नई औद्योगिक एवं स्टार्टअप नीतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड निवेश का उभरता केंद्र बन रहा है। “एक जनपद–दो उत्पाद”, हाउस ऑफ हिमालयाज, मिलेट मिशन और नई पर्यटन एवं फिल्म नीति जैसी योजनाएं स्थानीय आजीविका को मजबूती दे रही हैं।
सम्मेलन में अपर सचिव एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को सुशासन में उत्कृष्टता हेतु राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, स्वामी चिदानंद मुनि, पीआरएसआई अध्यक्ष अजीत पाठक, देहरादून चैप्टर अध्यक्ष रवि बिजारनिया और रूसी प्रतिनिधि सहित देशभर के जनसंपर्क प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने किया उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026-36 का शुभारम्भ

Chief Minister Dhami launched the Uttarakhand Aroma Revolution Policy 2026-36.
Chief Minister Dhami launched the Uttarakhand Aroma Revolution Policy 2026-36.

– लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों की होगी खेती
– आगामी सालों में करीब 1 लाख किसानों को जोड़ने का है लक्ष्य
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026-36 का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर भाऊवाला सेटेलाइट सेन्टर का लोकार्पण और ए.एम.एस (C-14) प्रयोगशाला का शिलान्यास किया गया। साथ ही चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़ में पाँच नए सेटेलाइट सेन्टर स्थापित किए जाने की घोषणा हुई। कार्यक्रम में कैप और डाबर इंडिया लिमिटेड के बीच एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर हुए, जिसका उद्देश्य अनुसंधान, विस्तार, मानव संसाधन विकास और मार्केटिंग में सहयोग है।
मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों और लेमनग्रास-तुलसी की खेती करने वाले किसानों को सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत सात एरोमा वैलियों का विकास होगा—पिथौरागढ़ में तिमूर वैली, चमोली व अल्मोड़ा में डैमस्क रोज वैली, ऊधमसिंह नगर में मिन्ट वैली, चंपावत व नैनीताल में सिनेमन वैली तथा हरिद्वार व पौड़ी में लेमनग्रास-मिन्ट वैली। इसके तहत पौधशाला विकास, अनुदान, प्रशिक्षण, बीमा, पैकेजिंग और ब्रांडिंग की व्यवस्था होगी।
राज्य में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों की खेती कर एक लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य है। अगले दस वर्षों में टर्नओवर को 100 करोड़ से बढ़ाकर 1200 करोड़ रुपये तक ले जाने की योजना है। किसानों को बिना ब्याज ऋण, कृषि उपकरणों पर 80% सब्सिडी, गेहूं पर बोनस और गन्ने के मूल्य में वृद्धि जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सिंचाई को मुफ्त किया गया है।
राज्य सरकार ने पॉलीहाउस निर्माण हेतु 200 करोड़ का प्रावधान किया है, जिससे अब तक 350 पॉलीहाउस स्थापित हो चुके हैं। 1000 करोड़ की लागत से क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी स्वीकृत हुआ है। साथ ही सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट नीति लागू की गई है। काशीपुर में 300 करोड़ से एरोमा पार्क विकसित हो रहा है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि 2003 में एरोमा क्षेत्र का टर्नओवर मात्र 1 करोड़ था, जो अब 100 करोड़ से अधिक हो गया है। इस नीति से किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि और राज्य की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर विधायक सहदेव पुंडीर, उपाध्यक्ष जड़ी बूटी सलाहकार समिति भुवन विक्रम डबराल, जिला अध्यक्ष भाजपा मीता सिंह, गिरीश डोभाल, सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, एसेंशियल ऑयल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव पी.के जैन, अध्यक्ष नगर पंचायत सुमित चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में व्यय वित्त समिति की बैठक

A meeting of the Expenditure Finance Committee was held under the chairmanship of Chief Secretary Anand Bardhan.
A meeting of the Expenditure Finance Committee was held under the chairmanship of Chief Secretary Anand Bardhan.

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने विभागों को निर्देश दिए कि प्रस्तावों को मंजूरी मिलने से लेकर कार्य पूर्ण होने तक प्रत्येक स्तर की समय सीमा निर्धारित की जाए। विभागों द्वारा अपनी परियोजनाओं की विभिन्न स्तरों पर नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए, ताकि कार्यों को निर्धारित समय पर पूर्ण किया जा सके। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने की भी बात कही। उन्होंने नंदा राजजात यात्रा से सम्बन्धित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।
मुख्य सचिव ने पेयजल विभाग की  लोहाघाट टाउन पंपिंग पेयजल योजना (कुल लागत 8444.67 लाख), रामनगर नैनीताल में मल्टीस्टोरी पार्किंग (कुल लागत 3857.64 लाख) एवं लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत नंदप्रयाग घाट – सुतोल – कनोल मोटर मार्ग का सुदृढ़ीकरण एवं डामरीकरण का कार्य (लागत 1289.21 लाख), टनकपुर (चम्पावत) में मीडिया सेंटर , गेस्ट हाउस और कम्युनिटी हॉल निर्माण ( कुल लागत 1424.52 लाख) के प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त समिति की बैठक में पीएसी बटालियन रुद्रपुर के लिए आरटीसी एवं 188 बैडेड बैरक (कुल लागत 1991.54 लाख) और देहरादून में साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (कुल लागत 3034.78 लाख) निर्माण कार्य को भी संस्तुति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने AMRUT 2.0 के तहत् विभिन्न स्थानीय निकायों में पेयजल, पार्क प्रस्तावों एवं जलाशय कायाकल्प आदि के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव ने पार्क एवं जलाशयों के कायाकल्प पर विशेष ध्यान दिए जाने के भी निर्देश हैं।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, श्रीधर बाबू अद्दांकी, विनोद कुमार सुमन, एस.एन. पाण्डेय, युगल किशोर पंत एवं अपर सचिव विनीत कुमार एवं निवेदिता कुकरेती, विम्मी सचदेव सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

दो माह में पूर्ण हो कण्डारस्यूं पेयजल योजना: डॉ धन सिंह रावत

Kandarsyun drinking water scheme to be completed in two months Dr. Dhan Singh Rawat
Kandarsyun drinking water scheme to be completed in two months Dr. Dhan Singh Rawat

पेयजल योजना से वंचित गांवों तक भी पहुंचे पानी, बिछें नई लाइने

देहरादून, 13 दिसम्बर 2025
श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या दूर कर दी जायेगी। इसके लिये जल संस्थान एवं पेयजल निगम को निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं। खासकर कण्डारस्यूं-पैठाणी पम्पिंग पेयजल योजना को दो माह के भीतर पूर्ण करने को कहा गया है।

सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जायेगी, ताकि कोई भी परिवार पेयजलापूर्ति से वंचित न रहे। इसके लिये जल संस्थान एवं पेयजल निगम के अधिकारियों को ठोस निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की अति महत्वकांक्षी पेयजल परियोजनाओं में एक कण्डारस्यूं-पैठाणी पम्पिंग पेयजल योजना को दो माह के भीतर पूर्ण करने को विभागीय अधिकारियों को कहा गया है। उन्होंने कहा योजना के निर्माण में गुणवत्ता मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल योजना के तहत बनने वाले सर्विस टैंक, पाइपलाइनें इत्यादि के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिये ताकि शीघ्र ही इस परियोजना का लाभ ग्रामीणों को मिल सके।

डॉ रावत ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों को पेयजलापूर्ति से आच्छादित किया जायेगा। इसके लिये सभी गांवों में पेयजल योजनाओं से जोड़ा जायेगा। उन्होंने बताया कि जो गांव पेयजल योजना से वंचित रह गये हैं उन्होंने दूसरी पम्पिंग योजना से जोड़ा जायेगा, इस सम्बंध में कार्यदायी संस्था व विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने कहा पेयजल योजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीणों क्षेत्रों में निरन्तर 24 घंटे पेयजलापूर्ति सुनिश्चित की जायेगी।

कैबिनेट मंत्री ने क्षेत्र का अंतर्गत बिडोली ग्राम समूह पम्पिंग योजना, चुणखेत पेयजल योजना, कलियासौड पेयजल योजना, बिलकेदार पेयजल योजना एवं थलीसैण नगर पंचायत पम्पिंग पेयजल योजना को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

पत्रकार हितों में ऐतिहासिक पहल : जिलाधिकारी सविन बंसल जी का संवेदनशील निर्णय

A historic initiative in the interest of journalists A sensitive decision by District Magistrate Savin Bansal.
A historic initiative in the interest of journalists A sensitive decision by District Magistrate Savin Bansal.

आज जिला स्तरीय पत्रकार स्थाई समिति, देहरादून के अंतर्गत समिति के सभी पत्रकार सदस्यों ने जनपद के लोकप्रिय, कर्मठ एवं संवेदनशील जिलाधिकारी सविन बंसल जी से शिष्टाचार भेंट कर पत्रकारों के हितों से जुड़े 6 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर माँग-पत्र सौंपा। जिलाधिकारी महोदय ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और लगभग सभी माँगों पर सहमति जताते हुए संबंधित विभागों को तत्काल पत्र जारी कर कार्यवाही के निर्देश दिए, जो अपने आप में सराहनीय है।

इस अवसर पर समिति के सदस्य घनश्याम चन्द्र जोशी (धरा-पुकारती), तिलक राज (लोक-तिलक), श्रीमती लक्ष्मी बिष्ट (वसुंधरा-टाइम्स), रजनीश ध्यानी (जनपक्ष-एक्सप्रेस) एवं सत्येन्द्र बर्त्वाल (न्यूज़ 18) उपस्थित रहे।

पत्रकारों के प्रति सकारात्मक सोच, त्वरित निर्णय और संवेदनशीलता के लिए माननीय जिलाधिकारी सविन बंसल जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद।
पत्रकार एकता जिंदाबाद

Congress submitted a memorandum to SP City regarding traffic arrangements.

अपनी शादी के लिए दून पहुंचे क्रिकेटर कुलदीप यादव

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देहरादून।  स्टार क्रिकेटर कुलदीप यादव गुरुवार को अपनी शादी समारोह के लिए दून पहुंच गए हैं। वह कुछ देर रायपुर स्थित सरबजीत कंपलेक्स हाथी...
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