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खेलों से अनुशासन, स्वास्थ्य और तनावमुक्त जीवन: मुख्यमंत्री धामी

Sports promote discipline, health, and a stress-free life Chief Minister Dhami
Sports promote discipline, health, and a stress-free life Chief Minister Dhami

-अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता आगे भी निरंतर आयोजित होती रहेगी: मुख्यमंत्री
– देवभूमि को ‘खेल भूमि’ बनाने की दिशा में उत्तराखंड तेज़ी से आगे बढ़ रहा है
– अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं से राज्य बन रहा खेल महाशक्ति
देहरादून।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शासकीय कार्यों की व्यस्तता के बीच कार्मिको द्वारा खेल गतिविधियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि खेल जीवन में अनुशासन लाने के साथ-साथ तनाव को दूर करता है और शरीर को स्वस्थ रखता है। उन्होंने कहा कि निरोगी रहना मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और खेल इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता भविष्य में भी अनवरत रूप से आगे बढ़ती रहेगी और कर्मचारियों-अधिकारियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी। इन विचारों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल, परेड ग्राउंड, देहरादून में उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा आयोजित 10वीं अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता–2025 का शुभारम्भ किया।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया। प्रतियोगिता में राज्य के 42 विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड हर क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण बनकर उभर रहा है। राज्य परिवर्तन की ओर अग्रसर है और नवाचारों, ऐतिहासिक निर्णयों तथा जनहितकारी नीतियों के माध्यम से विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हाल ही में उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया गया, जिससे राज्य में खेल अवसंरचना और सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में खेलों को प्रोत्साहित कर राज्य को ‘खेल भूमि’ के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड एक उभरती हुई खेल महाशक्ति के रूप में पहचान बना रहा है। इस अवसर पर विधायक खजान दास, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा, प्रमोद कुमार, भूपेंद्र बसेड़ा, जे.पी. मैखुरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विकासखंडों और जिलों को किया सम्मानित

The Chief Minister honored the best-performing blocks and districts in the Aspirational Districts and Blocks Program.
The Chief Minister honored the best-performing blocks and districts in the Aspirational Districts and Blocks Program.

-आकांक्षी जनपद कार्यक्रम के अंतर्गत ऊधमसिंह नगर एवं हरिद्वार को किया गया पुरुस्कृत
-आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के अंतर्गत गदरपुर, मोरी और स्याल्दे विकासखण्डों को किया पुरस्कृत
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्य सेवक सदन, देहरादून में सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह कार्यक्रम में  प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा प्रदत्त प्रशस्ति पत्र एवं पदकों से आकांक्षी जनपद कार्यक्रम एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों एवं विकासखंडों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड 25 साल का: अनंत संभावनाओं वाला एक हिमालयी राज्य पुस्तक का विमोचन भी किया।
नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जनपद कार्यक्रम के अंतर्गत तय मानकों की पूर्णता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए उत्तराखंड के जनपद ऊधमसिंह नगर एवं हरिद्वार को पुरुस्कृत किया गया  एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के अंतर्गत उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाले गदरपुर, मोरी और स्याल्दे विकासखण्डों को पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक विकास एवं वित्तीय समावेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुधार किए गए हैं। उन्होंने कहा यह गर्व का विषय है कि इस योजना के अंतर्गत नीति आयोग द्वारा जारी आकांक्षी जनपदों की रैंकिंग में हरिद्वार जनपद को वर्ष 2022 में देश में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं विकासखंडो की श्रेणी में गदरपुर, मोरी और स्याल्दे सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश का समग्र विकास हो रहा है। राज्य सरकार – सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के साथ राज्य के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था। इस समिट में ₹ 3.56 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू साइन हुए थे। जिसमें से ₹ 1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को ग्राउंडिंग हो चुकी है। साथ ही उद्योगों के लिए लाइसेंसिंग प्रोसेस को आसान बनाते हुए सिंगल विंडो सिस्टम को विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक जनपद, दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन,नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाएं संचालित हैं। उन्होंने कहा हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग्स में प्रदेश का शानदार प्रदर्शन रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हमारा प्रदेश अचीवर्स श्रेणी में रहा। उन्होंने कहा प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर, राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है। भारत सरकार के राज्य खनन तत्परता सूचकांक में उत्तराखंड को श्रेणी–सी में देश में दूसरा स्थान मिला, जो संसाधनों के पारदर्शी और सक्षम प्रबंधन का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सिंगल विंडो सिस्टम को टॉप अचीवर्स श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन एवं बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कारों ने देवभूमि को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित किया है। राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा सही नीयत, नेक इरादे और दृढ़ संकल्प होने पर ही हम अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा सकते हैं।
गौरतलब है कि नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में आकांक्षी जनपद कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया था। कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर के 112 जनपदों में से उत्तराखंड के 2 जनपद (हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर) को आकांक्षी जनपद के रूप में चयनित किया गया था। जनपद ऊधम सिंह नगर को जुलाई 2019 में देश के सभी आकांक्षी जिलों में शिक्षा एवं नवंबर 2020 में वित्तीय समावेशन और कौशल विकास के क्षेत्र में दूसरा स्थान मिला। जनपद उधम सिंह नगर को अगस्त 2021 में कृषि क्षेत्र में तीसरा स्थान मिला एवं जुलाई 2022 में कृषि क्षेत्र में प्रथम स्थान मिला। जनपद हरिद्वार को जुलाई 2019 में सभी आकांक्षी जिलों में प्रथम स्थान मिला एवं जून, 2022 में बुनियादी सुविधा के क्षेत्र में प्रथम स्थान मिला। जनपद हरिद्वार ने जुलाई 2022 में सभी आकांक्षी जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं जुलाई 2022 में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार जनवरी 2023 में आकांक्षी विकास खण्ड कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था। कार्यक्रम के अंतर्गत देश के 500 विकास खंडों का चयन किया गया। उत्तराखंड के कुल 6 विकासखण्ड – जनपद हरिद्वार से बहादराबाद, पौड़ी गढ़वाल से दुगड्डा, उत्तरकाशी से मोरी, ऊधमसिंह नगर से गदरपुर, अल्मोड़ा से स्याल्दे तथा बागेश्वर से कपकोट को आकांक्षी विकासखण्ड के रूप में चयनित किया गया। नीति आयोग द्वारा जनपदों एवं विकास खण्डों को 6 संकेतकों को संतृप्तिकरण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिसमें सरकार के प्रयासों से प्रदेश के चयनित विकासखंडों में से 3 आकांक्षी विकास खण्डों द्वारा 06 में से 3 से अधिक संकेताकों को श्रेष्ठ प्रर्दशन करते हुए संतृप्तिकरण किया गया है।
कार्यक्रम के अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ श्रीधर बाबू अदांकी, डायरेक्टर डॉ. मनोज पंत, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए प्रवासी पंचायतों का राज्यभर में आयोजन किया जाए: मुख्यमंत्री

To encourage reverse migration, migrant panchayats should be organized across the state Chief Minister
To encourage reverse migration, migrant panchayats should be organized across the state Chief Minister

– ग्रामीण आजीविका बढ़ाने के लिए राज्य सरकार कर रही है ठोस प्रयास
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग, उत्तराखण्ड की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि पलायन की समस्या राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन पिछले चार–पाँच वर्षों में रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत ऋण लेने पर पात्र लाभार्थियों को अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।

प्रवासी पंचायतों और वेडिंग डेस्टिनेशन विकास पर विशेष बल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्यभर में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जाए, जिनमें देश एवं विदेश में कार्यरत प्रवासियों को आमंत्रित किया जाए। उन्हें राज्य सरकार की रिवर्स पलायन से जुड़ी पहलों की जानकारी दी जाए और उनके सुझाव भी प्राप्त किए जाएँ।  मुख्यमंत्री ने आयोग के सदस्यों से अन्य राज्यों में जाकर रिवर्स पलायन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी देने के साथ ही पलायन रोकने और रिवर्स पलायन से जुड़े नवाचारों का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि त्रियुगीनारायण की तर्ज पर राज्य के 25 नए स्थलों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। इन स्थलों में सभी मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए लघु उद्योगों के संवर्धन पर भी बल दिया गया।

रिवर्स पलायन की दिशा में उत्साहजनक परिणाम
ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ॰ एस.एस. नेगी ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अब रिवर्स पलायन का रुझान देखने को मिल रहा है। अब तक लगभग 6282 व्यक्ति वापस अपने गाँवों में लौटे हैं। इनमें देश के भीतर और विदेशों से लौटे लोग भी शामिल हैं। अधिकतर लोग पर्यटन एवं लघु उद्योग के क्षेत्र में कार्यरत हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

बैठक में आयोग के सदस्यों ने रिवर्स पलायन को और गति देने के लिए कई रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक में सचिव देहरादून विनय शंकर पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, डॉ॰ श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, अपर सचिव अनुराधा पाल, डॉ॰ मेहरबान सिंह बिष्ट, चन्द्र सिंह धर्मशक्तू, संतोष बडोनी, सुरेश जोशी, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल सिंह शाही, दिनेश रावत, सुरेश सुयाल, राम प्रकाश पैन्यूली एवं रंजना रावत उपस्थित रहे।

राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण

State universities have been given complete control of the Samarth portal.
State universities have been given complete control of the Samarth portal.

विभागीय मंत्री डॉ. रावत के निर्देश पर शासन ने की त्वरित कार्यवाही

विश्वविद्यालय स्तर से संचालित होंगी प्रवेश एवं परीक्षा सहित अन्य गतिविधियां

देहरादून, 19 दिसम्बर 2025 भारत सरकार द्वारा तैयार उच्च शिक्षा के एकीकृत समर्थ पोर्टल के संचालन का अधिकार राज्य विश्वविद्यालयों को पूर्ण रूप से सौंप दिया गया है। इस संबंध में शासन द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। अब राज्य विश्वविद्यालय अपने-अपने स्तर पर छात्र-छात्राओं के प्रवेश, परीक्षा व अन्य शैक्षिक गतिविधियां सम्पादित कर सकेंगे। जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति व कुलसचिव को सौंपी गई है। सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों के उपंरात समर्थ पोर्टल के संचालन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से राज्य विश्वविद्यालयों कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, टिहरी तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा को सौंप दी गई है। अब राज्य विश्वविद्यालय सम्बद्ध राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय परिसरों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश एवं परीक्षा से लेकर विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां अपने स्तर से संचालित कर सकेंगे। अभी तक समर्थ पोर्टल का संचालन शासन स्तर पर राज्य समर्थ टीम (एनईपी-पीएमयू) के द्वारा किया जा रहा था लेकिन इससे छात्र-छात्राओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शासन स्तर से जारी आदेश के तहत सभी राज्य विश्वविद्यालय के द्वारा समर्थ पोर्टल के सभी मॉडयूल के संचालन को समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। पोर्टल संबंधी संचालन की सारी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति व कुलसचिव की होगी, जो किसी भी प्रकार से अन्य को हस्तगत नहीं की जायेगी। प्रत्येक माह पोर्टल की समीक्षा की जायेगी जिसकी रिपोर्ट शासन को आवश्यक रूप से सौंपी जायेगी। छात्र-छात्राओं के प्रवेश हेतु पोर्टल खोलने से पहले विश्वविद्यालय सात दिन पहले इसकी सूचना अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करेगा साथ ही सामाचार पत्रों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया माध्यामों के जरिये इसका प्रचार-प्रसार भी करेगा। इसके अलावा इस संबंध में शासन को भी अवगत कराया जायेगा। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में समर्थ पोर्टल का ही प्रयोग किया जायेगा। विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में पूर्व से संचालित समस्त ईआरपी/पोर्टल का डाटा 31 मार्च 2026 तक समर्थ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जायेगा इसके उपरांत समर्थ पोर्टल के अतिरिक्त किसी भी दशा में कोई भी ईआरपी/पोर्टल का संचालन नहीं की जायेगी और न ही इस संबंध में कोई भुगतान किया जायेगा। शासन स्तर से जारी आदेश के तहत सभी राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों को अपना एकेडमिक कैलेण्डर तैयार कर उसे आगामी 31 मई 2026 तक अपनी कार्यपरिषद से अनिवार्य रूप से अनुमोदित कराना होगा तदोपरांत आगामी सत्र के प्रवेश, परीक्षा एवं अन्य प्रक्रियाएं सम्पादित की जायेगी। विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक सेमेस्टर में प्रवेश के उपरांत छात्र-छात्राओं की कक्षाओं का संचालन 90 दिवस तथा 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जायेगी, जिसका डाटा समर्थ पोर्टल पर अपलोड़ करना अनिवार्य होगा। जबकि निजी विश्वविद्यालयों में समर्थ मॉड्यूल लागू होने तक छात्रों की उपस्थिति संबंधित ईआरपी पर अपलोड़ की जायेगी, जिसकी जानकारी शासन को उपलब्ध कराई जायेगी। छात्रों की उपस्थिति व कक्षाओं के संचालन मानक पूर्ण न होने की दशा में छात्रों को किसी भी दशा में परीक्षा में बैठने की अनुमति कतई भी नहीं दी जायेगी। उक्त आदेशों को सुनिश्चित करने के लिये संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, संबंधित संस्थान के प्राचार्य/निदेशक एवं उच्च शिक्षा निदेशक जिम्मेदार होंगे। बयान समर्थ पोर्टल के संचालन का अधिकार राज्य विश्वविद्यालयों को दे दिया गया है। जिसका लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में एकेडमिक कैलेण्डर लागू कर प्रत्येक सेमेस्टर में छात्र-छात्राओं की 75 फीसदी उपस्थिति व 90 दिवस कक्षाओं का संचालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जायेगा। जिसका रिकार्ड समर्थ पोर्टल पर अपलोड़ किया जायेगा।

द पॉली किड्स स्कूल वसंत विहार ने अपना 16वां वार्षिक दिवस ‘विंटेज वाइब्स टू मैट्रो लाइफ’ मनाया।

The Poly Kids School, Vasant Vihar, celebrated its 16th annual day with the theme 'Vintage Vibes to Metro Life'.
The Poly Kids School, Vasant Vihar, celebrated its 16th annual day with the theme 'Vintage Vibes to Metro Life'.

देहरादून- 19 दिसंबर 2025 – द पॉली किड्स स्कूल वसंत विहार ने अपना 16वां वार्षिक दिवस मनाया। लगभग 200 छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 400 से अधिक अभिभावक समारोह में उपस्थित थे। कार्यक्रम का विषय ‘विंटेज वाइब्स टू मैट्रो लाइफ’ था, जिसमें पारंपरिक मूल्यों से आधुनिक युग तक की यात्रा को दर्शाया गया था।

विद्यार्थियों ने सार्थक संदेश देने वाले विभिन्न नृत्यों के साथ-साथ एक नाटक भी प्रस्तुत किया। शाखा द्वारा कुल 14 प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. मीनाक्षी सोती थीं, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से इस अवसर की शोभा बढ़ाई।

सभा को संबोधित करते हुए, द पॉली किड्स के अध्यक्ष कैप्टन मुकुल महेंद्रू ने कहा कि वसंत विहार शाखा का 16वां वार्षिक दिवस एक ऐसा उत्सव है जो पिछले 16 वर्षों में विद्यालय के कौशल, प्रतिभा और उपलब्धियों को प्रदर्शित करता है। यह रचनात्मकता, जीवंतता और एकता का उत्सव है।

वार्षिक समारोह में उपस्थित लोगों में चेयरमैन महोदय कैप्टन मुकुल महेंद्रू, संस्थापक निदेशक श्रीमती रंजना महेंद्रू, निदेशक श्रीमती नंदिता सिंह, कैप्टन रोहित सिंह, श्री सिद्धार्थ चंदोला, श्रीमती शिप्रा आनंद, श्रीमती माधवी भाटिया, श्री उदय गुजराल, श्रीमती गीतिका, श्री शोभित, श्री ऋषभ डोभाल, श्रीमती श्रुति, श्रीमती रितु गुरजल और श्री विनोद, सिस्टम समन्वयक दिव्या जैन, प्रधानाध्यापिका श्रीमती शिवानी मजारी, श्रीमती गीतांजलि, श्रीमती दिव्या अग्रवाल, श्रीमती पूनम निगम,श्रीमती नेहा सहगल और द पॉली किड्स के सभी कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

पॉली किड्स वसंत विहार की निदेशक श्रीमती नंदिता सिंह ने विद्यालय में दस वर्ष की सेवा पूरी करने पर अपने सहायक कर्मचारियों को सम्मानित किया।

एडीफाई वर्ल्ड स्कूल देहरादून ने ‘शेयरिंग इज़ केयरिंग’ अभियान के माध्यम से खुशियाँ बिखेरीं

Edify World School Dehradun spread happiness through its 'Sharing is Caring' campaign.
Edify World School Dehradun spread happiness through its 'Sharing is Caring' campaign.

एडीफाई वर्ल्ड स्कूल देहरादून के बच्चों द्वारा वृद्धाश्रम एवं अनाथालय में लोगों के जरूरत की चीजें वितरित की गई।

देहरादून, 19 दिसंबर, 2025 – एडीफाई वर्ल्ड स्कूल देहरादून ने अपनी वार्षिक परंपरा को जारी रखते हुए अपने ‘शेयरिंग इज़ केयरिंग’ अभियान को आज सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस पहल में छात्रों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कच्ची खाद्य सामग्री, स्टेशनरी, खिलौने, कपड़े और कंबल जैसी वस्तुओं का उदारतापूर्वक योगदान दिया। एकत्रित की गई वस्तुओं को छात्रों और शिक्षकों द्वारा व्यक्तिगत रूप से गूंज, प्रेम धाम (वृद्धाश्रम), चेशायर होम और अपना घर (अनाथालय) जैसे स्थानीय संस्थानों में वितरित किया गया। इन यात्राओं के दौरान, छात्रों ने वहां के निवासियों के साथ आत्मीय बातचीत की, जिससे उन्हें सहानुभूति, दयालुता और समाज को वापस देने के महत्व का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ।

स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती हरलीन कौर चौधरी ने कहा, “‘शेयरिंग इज़ केयरिंग’ अभियान एक दयालु और जिम्मेदार नागरिक बनाने के हमारे विश्वास को और मजबूत करता है। हमें अपने ‘एडिफ़ियन्स’ पर गर्व है कि उन्होंने उदारता की भावना को अपनाया और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझा।”

इस अभियान ने न केवल जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी गहराई से विकसित की, जो उन्हें भविष्य के सहानुभूतिपूर्ण नेतृत्वकर्ता बनाने में सहायक होगी । एडीफाई वर्ल्ड स्कूल देहरादून एक ऐसी समग्र शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जो शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ चरित्र निर्माण और सामाजिक जागरूकता को संतुलित करती है।

मुख्यमंत्री ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

The Chief Minister participated in the program organized on the occasion of World Minority Rights Day.
The Chief Minister participated in the program organized on the occasion of World Minority Rights Day.

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, नींबूवाला, देहरादून में विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी छात्रों को सम्मानित एवं विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। बड़ी संख्या में आई मुस्लिम महिलाओं ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी एक भाई के रूप में प्रदेश और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कार्य कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन भारत की एकता और अखंडता के संरक्षण के लिए हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का अवसर है। भारतीय संस्कृति में सदियों से  समानता और सभी धर्मों तथा समुदायों के प्रति सम्मान की परंपरा रही है। भारत में अनेकों संस्कृतियों, परंपराओं, भाषाओं और खान-पान की विविधता के बावजूद एकता की भावना रही हैं। उन्होंने कहा वसुधैव कुटुम्बकम के महान सिद्धांत को आत्मसात करते हुए भारत ने हमेशा समूची दुनिया को एक परिवार के रूप में माना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ सभी समुदायों को आगे बढ़ाया जा रहा है। आज जन-धन योजना, उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, मुफ्त राशन योजना जैसी अनेकों योजनाओं के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण, लंगर से सभी प्रकार के करों को हटाना, जियो पारसी योजना, बौद्ध सर्किट का विकास, जैन अध्ययन केंद्र की स्थापना, हज यात्रा की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने एवं तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत जैसे निर्णय लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के माध्यम से अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, आईटीआई, स्वास्थ्य केंद्र और कौशल विकास संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा नए वक़्फ़ कानूनों में सुधार के माध्यम से वक़्फ़ संपत्तियों के पारदर्शी, उत्तरदायी की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं, ताकि इन संपत्तियों का वास्तविक लाभ समाज के गरीब, जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों तक पहुँच सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना के माध्यम से  अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहन राशि दे रही है। पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को वार्षिक छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा जनता से किए वादे के अनुसार हमने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का काम किया है। हमने समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में पूरे देश को एक नई दिशा दिखाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुरूप आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास को गति देने के लिए अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना भी की गई है। जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 4 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री हुनर योजना के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को  रोजगार से जोड़ा जा रहा है। अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी के साथ 10 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मौलाना आज़ाद एजुकेशन ऋण योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक वर्ग के गरीब छात्र-छात्राओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त शिक्षा ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसके अंतर्गत पिछले 4 वर्षों में 169 लाभार्थियों को 4 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया है। ये कानून किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के सभी अल्पसंख्यक समुदायों सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, पारसी और मुस्लिमों को शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर और संवैधानिक अधिकार प्रदान करेगा। जिसके अंतर्गत सभी मदरसों सहित सभी अल्पसंख्यक विद्यालयों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी धर्मों की स्वायत्तता की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया है। ताकि किसी भी प्रकार के दबाव, प्रलोभन या छल से होने वाले धर्मांतरण को रोका जा सके और सामाजिक सौहार्द बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा विश्व के कई अन्य देशों में अल्पसंख्यक समुदायों को भेदभाव, उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने विश्व अल्पसंख्यक दिवस के अवसर पर सभी अल्पसंख्यको से आह्वान करते हुए कहा कि सभी सोशल मीडिया के माध्यम से उन देशों में हो रहे अत्याचार और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएं।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम, पद्मश्री डॉ. आर.के जैन, हेमकुंड साहिब  ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, अध्यक्ष वक्फ बोर्ड शादाब शम्स, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए राजस्व वसूली बढाने के निर्देश

The Chief Minister instructed officials to increase revenue collection.
The Chief Minister instructed officials to increase revenue collection.

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2025-26 की राजस्व प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजस्व वसूली बढ़ाने पर विशेष ध्यान देते हुए तय लक्ष्य समय पर पूरे किये जाएं।  संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी एवं जिलाधिकारियों द्वारा जनपदों में इसकी नियमित निगरानी की जाए। कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एआई आधारित तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से संबंधित सभी कार्यों का डिजिटाइजेशन किया जाए। सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का जिलाधिकारियों एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए। रजिस्ट्री के दौरान संपति का उचित मूल्य दर्ज हो इसकी जाँच के लिए संपतियों का स्थलीय निरीक्षण भी किया जा जाए।   प्रदेश से बाहर के वाहनों से ग्रीन सेस लेने की कार्यवाही में लेटलतीफी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने परिवहन विभाग को ग्रीन सेस की वसूली जल्द शुरू करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए राज्य के हित में वन संपदा का सही उपयोग किया जाए। तराई क्षेत्रों में कमर्शियल प्लांटेशन तथा जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए राजस्व में बढोतरी करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “इस दशक को उत्तराखंड का दशक” बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए संसाधन वृद्धि को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष श्रेणी के राज्यों में उत्तराखंड को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही, खनन सुधारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को ₹200 करोड़ की केंद्रीय प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है, जो राज्य के सही दिशा में बढ़ने का परिचायक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹24,015 करोड़ का कर राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक 62 प्रतिशत से अधिक प्राप्ति हो चुकी है। उन्होंने संबंधित विभागों से आगामी अवधि में लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए समन्वित और सक्रिय प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दीर्घकालिक आर्थिक सुदृढ़ता के लिए पूंजीगत निवेश पर विशेष बल दे रही है। पूंजीगत व्यय में 34 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति मिलेगी और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन को आधुनिक और उत्तरदायी बनाने के लिए नीति सुधार, नवाचार तथा नई तकनीकों पर निरंतर ध्यान दिया जाना जरूरी है। पारदर्शिता, जवाबदेह और जनहित में ठोस परिणाम देने वाला प्रशासन हमारा उद्देश्य है। जिसके लिए सभी अधिकारियों को कड़े वित्तीय अनुशासन, बेहतर प्रबंधन और सामूहिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य में जुटे रहना होगा। बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, एल. फैनई, सचिव दिलीप जावलकर, युगल किशोर पंत, सी. रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. रंजन कुमार मिश्रा अपर सचिव अहमद इकबाल, सोनिका, हिमांशु खुराना, अनुराधा पाल, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, मनमोहन मैनाली, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के नेतृत्व में उत्तराखंड के छात्रों को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण चित्रकला प्रतियोगिता 2025 में सम्मानित किया गया

Students from Uttarakhand, under the guidance of THDC India Limited, were honored at the National Energy Conservation Painting Competition 2025.
Students from Uttarakhand, under the guidance of THDC India Limited, were honored at the National Energy Conservation Painting Competition 2025.

ऋषिकेश, 18 दिसंबर, 2025: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और उत्तराखंड राज्य के लिए यह गर्व का क्षण रहा, जब राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस-2025 के अवसर राष्ट्रीय स्तर की चित्रकला प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले चार छात्र एवं छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। यह उपलब्धि न केवल टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (उत्तराखंड राज्य की नोडल एजेंसी) की युवा पीढ़ी के मध्य ऊर्जा संरक्षण जागरूकता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को उजागर करती है, बल्कि संगठन और राज्य को प्रतिष्ठा और पहचान भी दिलाती है।

यह प्रतियोगिता भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) द्वारा आयोजित की गई थी। भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार(एनईसीए)- 2025 और ऊर्जा संरक्षण पर राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता-2025 के विजेताओं को सम्मानित किया।

सभा को संबोधित करते हुए, भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण ऊर्जा का सबसे पर्यावरण के अनुकूल और विश्वसनीय स्रोत है। ऊर्जा संरक्षण सिर्फ एक विकल्प नहीं है, बल्कि आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऊर्जा की बचत करने का अर्थ सिर्फ कम उपयोग करना नहीं है, बल्कि ऊर्जा का बुद्धिमानी से, जिम्मेदारी से और कुशलता से उपयोग करना है।

माननीय केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री, श्री मनोहर लाल ने कहा कि भारत वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है, जो वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°सी से नीचे रखने के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने ऊर्जा दक्षता में सुधार की प्रभावशाली दर के साथ भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि पर भी प्रकाश डाला।

माननीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री, श्री श्रीपाद नाइक ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कारों ने ऊर्जा संरक्षण में अनुकरणीय प्रयासों को पहचानने की एक सुदृढ़ परंपरा को बढ़ावा दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा संरक्षण केवल प्रौद्योगिकी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हमारे व्यवहार में बदलाव के बारे में भी है।

भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सचिव, श्री पंकज अग्रवाल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व ने ऊर्जा दक्षता और संरक्षण को भारत की विकास रणनीति के केंद्र में रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा, हरित विकास और विकसित भारत 2047 का विजन केवल विवेकपूर्ण ऊर्जा उपयोग से ही प्राप्त किया जा सकता है।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री सिपन कुमार गर्ग ने इस उपलब्धि पर विजेताओं और उत्तराखंड राज्य को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता जैसी पहल ऊर्जा संरक्षण के बारे में बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने के लिए असरदार प्लेटफॉर्म का काम करती हैं, साथ ही बच्चों को हरित भविष्य के लिए सततता का एंबेसडर बनने के लिए प्रेरित करती हैं।

उत्तराखंड से ग्रुप-ए से कुमारी पीहू रानी और मास्टर रिदम दास और ग्रुप-बी से कुमारी इशिता कुमारी और कुमारी शताक्षी वत्स, को समारोह के दौरान सांत्वना पुरस्कार दिए गए।

इस मौके पर श्री नीरज वर्मा, कार्यपालक निदेशक (प्रभारी, एनसीआर, कार्यालय), डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मा.सं. एवं प्रशा. केन्द्रीय संचार), श्री ए. के. विश्वकर्मा, उप महाप्रबंधक (मा.सं.) (नोडल ऑफिसर-उत्तराखंड) के साथ टीएचडीसीआईएल, विद्युत मंत्रालय एवं अन्य पीएसयू के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

सहकारी बैंकों में एनपीए वसूली को चलायें विशेष अभियान: डॉ धन सिंह रावत

Launch a special campaign for NPA recovery in cooperative banks Dr. Dhan Singh Rawat
Launch a special campaign for NPA recovery in cooperative banks Dr. Dhan Singh Rawat

सहकारिता मेलों की तैयारी को अधिकारियों को दिये निर्देश

देहरादून, 18 दिसम्बर 2025

माननीय सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राज्य सहकारी बैंक के बढ़ते एनपीए (Non-Performing Assets) को गंभीर विषय बताते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बड़े एनपीए खातों की शीघ्र बैठक आयोजित कर प्रभावी वसूली की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

बैठक के दौरान मंत्री ने 21 सहकारी समितियों से संबंधित एसआईटी जांच के आदेशों के क्रम में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली और जांच प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

माननीय मंत्री ने आगामी दिनों में देहरादून, ऊधम सिंह नगर एवं टिहरी जनपद में आयोजित होने वाले सहकारिता मेलों की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण की जाएं तथा इन तीनों जनपदों में सहकारिता मेले भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप में आयोजित किए जाएं, जिससे सहकारिता आंदोलन की उपलब्धियां आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें।

डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता विभाग राज्य की आर्थिक एवं ग्रामीण विकास व्यवस्था की रीढ़ है और विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, अनुशासन एवं जनविश्वास सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई तथा सहकारिता गतिविधियों को सुदृढ़ बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

बैठक में निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक श्रीमती ईरा उप्रेती श्री आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम पी त्रिपाठी, उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल, प्रबंध निदेशक प्रदीप महरोत्रा, अनु सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी एवं सहकारिता संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Sensation after woman's body found in ditch in Sudhowala

सुद्धोवाला में खाई से महिला का शव मिलने से सनसनी

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देहरादून।  बाला सुंदरी प्राचीन मंदिर के पास खाई में एक महिला का तीन-चार दिन पुराना शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव...
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