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महाराज के किया निर्माणाधीन सतपुली झील का निरीक्षण

The Chief Minister inaugurated the Winter Festival held in Sankri.
The Chief Minister inaugurated the Winter Festival held in Sankri.

सतपुली (पौड़ी)। प्रदेश सिंचाई, लोक निर्माण, पर्यटन, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने गुरुवार को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट निर्माणाधीन सतपुली झील बैराज का निरिक्षण किया।

निरीक्षण के पश्चात श्री महाराज ने कहा कि सतपुली झील के निर्माण से यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आएंगे। झील में जल क्रीड़ाओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के भरपूर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों की मांग है कि भविष्य में सतपुली नगर पंचायत क्षेत्र में यातायात के दबाव को देखते हुए सतपुली बैराज से ट्रैफिक को डाइवर्ट किए जाने की योजना पर भी विचार किया जाये।

श्री महाराज ने कहा कि निर्माणाधीन सतपुली बैराज के ऊपर से बाईपास करने का परीक्षण किया जा रहा है ताकि पौड़ी एवं देवप्रयाग जाने वाला ट्रैफिक बाहर से ही आसानी से निकल सके।

निरीक्षण के दौरान भाजपा युवा नेता सुयश रावत, वेदप्रकाश वर्मा के साथ-साथ कई स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टीवल का किया शुभारंभ

The Chief Minister inaugurated the Winter Festival held in Sankri.
The Chief Minister inaugurated the Winter Festival held in Sankri.

– शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी जिले के सांकरी में आयोजित केदारकांठा पर्यटन तीर्थाटन शीतकालीन महोत्सव में प्रतिभाग किया। उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। तेजी से उभरते पर्यटन केंद्र सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पारंपरिक ऊनी परिधान पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने केदारकांठा जाने वाले पर्यटक दल को हरी झंडी दिखाकर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों से संवाद किया तथा विंटर फेस्टिवल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांकरी केवल एक गांव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का जीवंत संग्रहालय है। पहली बार सांकरी आगमन पर उन्होंने स्थानीय लोगों के स्नेह और उत्साह के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की पारंपरिक वास्तुकला, लोक संस्कृति और सरल पहाड़ी जीवनशैली उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ “विकास भी–विरासत भी” की सोच को साकार करता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान के बाद केदारकांठा, हर्षिल, औली, मुनस्यारी और सांकरी जैसे क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल एवं पर्यटन से जुड़े अन्य कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं और इन क्षेत्रों में पलायन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कनेक्टिविटी सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है। उत्तरकाशी में पार्किंग निर्माण, सड़क परियोजनाएं और पुरोला उप जिला चिकित्सालय जैसी अनेक योजनाएं इसके उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को भी सशक्त बना रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक दुर्गेश्वर लाल द्वारा क्षेत्र के विकास को लेकर सौंपे गए मांग पत्र का परीक्षण कर यथासंभव घोषणाओं में शामिल किया जाएगा। टटाउ महाविद्यालय के सड़क मार्ग को भी घोषणाओं में सम्मिलित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि हरकीदून, केदारकांठा, भराड़सर, देवक्यारा, चांईशील और सरूताल जैसे अनेक सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के केंद्र बिंदु सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल से क्षेत्र के पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, दायित्वधारी जगत सिंह चौहान, पूर्व विधायक मालचंद, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सीडीओ जयभारत सिंह, एसडीएम मुकेशचंद रमोला, ब्लॉक प्रमुख रणदेब राणा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग एवं पर्यटक उपस्थित रहे।

जड़ी-बूटी उत्तराखण्ड की यूएसपी, जड़ी-बूटी को प्रदेश की आर्थिकी से जोड़े जाने की आवश्यकता: मुख्य सचिव

Herbs are Uttarakhand's unique selling proposition; there is a need to link herbs with the state's economy Chief Secretary
Herbs are Uttarakhand's unique selling proposition; there is a need to link herbs with the state's economy Chief Secretary

देहरादून।  मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में वन विभाग की ”गैर प्रकाष्ठ वन उपज का विकास तथा हर्बल एवं एरोमा टूरिज्म परियोजना“ के अन्तर्गत राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परियोजना की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने वन विभाग को शीघ्र इस हेतु पीएमसी गठित किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि जड़ी-बूटी उत्तराखण्ड की यूएसपी है। उन्होंने जड़ी-बूटी को प्रदेश की आर्थिकी से जोड़े जाने की आवश्यकता पर बल दिया।  उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि, उद्यान और वन विभाग आपसी सामंजस्य से जड़ी बूटी के उत्पादन और मार्केटिंग आदि पर कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही कहा कि अभी बजट बन रहा है, यदि बजट में इसके प्रावधान की आवश्यकता पड़ेगी तो वो भी किया जाएगा। मुख्य सचिव ने हर्बल नर्सरियों को हर्बल एवं एरोमा पार्क के रूप में विकसित करते हुए इसे पर्यटन गतिविधियों से भी जोड़े जाने की बात कही। उन्होंने देवबंद, खिर्सू, जागेश्वर, सेलाकुईं, मुन्स्यारी आदि स्थानों में नर्सरियों को विस्तारित कर हर्बल-एरोमा पार्क के रूप में विकसित करने हेतु तत्काल कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए शीघ्र ही एक नर्सरी प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जड़ी बूटियों के विकास के लिए एक कोर ग्रुप तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कोर ग्रुप में कृषि, उद्यान, हर्बल विकास एवं अनुसंधान संस्थान, सगन्ध पौधा केन्द्र सहित वन एवं वन निगम को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि ये सभी जड़ी बूटी के क्षेत्र में अलग-अलग कार्य कर रहे हैं। अब इन्हें आपसी सामंजस्य से कार्य करने की आवश्यकता है।  मुख्य सचिव ने कहा कि गैर प्रकाष्ठ वन उपज का विकास तथा हर्बल एवं एरोमा टूरिज्म परियोजना के तहत् 10 हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए शीघ्र ही प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया जाए। उन्होंने सगन्ध पौधा केन्द्र को प्रशिक्षण के लिए नोडल एजेन्सी के रूप में विकसित किए जाने के निर्देश दिए हैं।  मुख्य सचिव ने कहा कि योजना को सफल बनाए जाने के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण समितियों का गठन कर नियमित रूप से अनुश्रवण बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि जड़ी बूटी उत्पादन के साथ ही मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने विभागों को आयुर्वेदिक फार्मा कम्पनियों और मांगकर्ताओं से उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप् उत्पादन पर फोकस किए जाने की बात कही।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पीसीसीएफ (हॉफ) रंजन कुमार मिश्र, पीसीसीएफ (वन पंचायत) वी.पी. गुप्ताअपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे एवं हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिक्षा की गुणवत्ता को शिक्षकों का प्रशिक्षण जरूरीः डॉ धन सिंह रावत

Teacher training is essential for improving the quality of education Dr. Dhan Singh Rawat
Teacher training is essential for improving the quality of education Dr. Dhan Singh Rawat

आईआईएससी बैंगलुरू रवाना हुआ 89 विज्ञान शिक्षकों का दल

कहा, आईआईएससी से पढ़ने व शोध की संस्कृति सीखें शिक्षक

देहरादून, 24 दिसम्बर 2025
उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन के दृष्टिगत राजकीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिये विभाग द्वारा देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ एमओयू साइन किया गया है। योजना के तहत राजकीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों से चयनित विज्ञान संवर्ग के 89 शिक्षकों के दल को सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सम्बोधित किया।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय पीजी कॉलेज डोईवाला में आयोजित कार्यक्रम में आज डॉ. धन सिंह रावत ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस (आईआईएससी) बेंगलुरू में प्रशिक्षण हेतु चयनित विज्ञान शिक्षकों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन के लिये निरंतर प्रयासरत है। जिसके तहत देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ एमओयू साइन किये गये हैं ताकि शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। डा. रावत ने कहा कि पीढ़ियों को तैयार करने का दायित्व शिक्षकों के कंधों पर है, ताकि एक गौरवपूर्ण राष्ट्र का निर्माण हो सके। इस अवसर पर डॉ. रावत ने आईआईएससी बेंगलुरू में प्रशिक्षण हेतु चयनित विज्ञान वर्ग के विभिन्न विषयों के 89 शिक्षकों को कहा कि वह आईआईएससी में पढ़ने व शोध की संस्कृति सीखने पर फोकस करें। उन्होंने शिक्षकों को अपने-अपने महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण विकसित करने, छात्रों में शोध प्रवृत्ति को बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि देशभर के उत्कृष्ट संस्थानों में राज्य के 10 फीसदी छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सके, इस मुहिम पर काम करना होगा।

डॉ. रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा के अंतर्गत विज्ञान शिक्षकों को उन्न्त वैज्ञानिक प्रशिक्षण व विज्ञान की बारीकियां सिखाने के लिये आईआईएससी बेंगलुरू के चल्लाकेर परिसर में आगामी 28 दिसम्बर 2025 से 12 जनवरी 2026 तक प्रशिक्षण दिया जायेगा। द्वतीय चरण के प्रशिक्षण हेतु शिक्षकों के एच इंडेक्स, शोध एवं पुस्तकों के प्रकाशन के मानक के आधार पर विषयवार कुल 89 विज्ञान शिक्षकों का चयन किया गया है। जिसमें भौतिक विज्ञान के 22 शिक्षक, रसायन विज्ञान 23, वनस्पति विज्ञान 14, जीव विज्ञान 13 तथा गणित विषय के 17 शिक्षक शामिल हैं। डॉ. रावत ने कहा कि सरकार गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। आईआईएससी, बैंगलोर के साथ प्रशिक्षण के साथ-साथ शोध के क्षेत्र में भी सहयोग प्राप्त किया जाएगा। इसके अलावा आईआईटी कानपुर, आईआईटी बॉम्बे एवं आईआईएसईआर मोहाली जैसे संस्थानों में विज्ञान वर्ग के शिक्षकों का प्रशिक्षण के लिये एमओयू किया गया है। जबकि जे०एन०यू०/ बी०एच०यू० जैसी संस्थाओं में शिक्षकों का प्रशिक्षण, आई०आई०एम० काशीपुर में लीडरशिप प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च शिक्षा के इकोसिस्टम में गुणात्मक परिवर्तन की दिशा में सकारात्मक कार्य किये जा रहे है। डॉ. रावत ने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण और एक्सपोजर के बाद प्रदेश के शिक्षण संस्थाओं में इसका सकारात्मक प्रभाव दिखायी देगा।

इस अवसर पर उप सचिव उच्च शिक्षा हरीश सागर, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रो ए.एस. उनियाल, प्राचार्य पीजी कॉलेज डोईवाला प्रो. डी. पी. भट्ट, उपनिदेशक डॉ. ममता ड्यूंडी नैथानी, सहायक निदेशक प्रो दीपक कुमार पाण्डेय, डॉ शैलेंद्र सिंह, प्रो राखी पंचोला, प्रो त्रिभुवन, प्रो. अफरोज सहित प्रतिभागी शिक्षक उपस्थित थे। जबकि आईआईएससी के टैलेंट डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक प्रो. सुब्बा रेड्डी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी ने भारतीय शिक्षार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन एवं करियर मार्गों को सशक्त बनाने हेतु स्कॉटलैंड की क्‍वॉलिफिकेशंस बॉडी से साझेदारी की

Medhavi Skills University has partnered with a Scottish qualifications body to empower Indian learners with international study and career pathways.
Medhavi Skills University has partnered with a Scottish qualifications body to empower Indian learners with international study and career pathways.

देहरादून – 24 दिसंबर 2025 : मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी (एमएसयू) ने स्कॉटिश क्‍वॉलिफिकेशंस अथॉरिटी (एसक्यूए) — स्कॉटलैंड की राष्ट्रीय पुरस्कार एवं योग्यता प्रदान करने वाली संस्था — के साथ एक रणनीतिक प्रोग्रेशन पार्टनरशिप को औपचारिक रूप दिया है। यह साझेदारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप भारतीय उच्च शिक्षा और कौशल विकास के अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस साझेदारी का उद्देश्य विशव स्तर पर संरेखित, कौशल-एकीकृत शिक्षण मार्ग विकसित करना है, जिसके तहत भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय शिक्षार्थी भारत में कार्य-एकीकृत, क्रेडिट-आधारित कार्यक्रमों का अध्ययन कर सकें और उन्हें विशवभर की यूनिवर्सिटीज़ एवं रोजगार अवसरों तक स्पष्ट प्रगति मार्ग मिल सके। यह सहयोग एनईपी 2020 के उस दृष्टिकोण को सशक्त करता है, जिसमें व्यावसायिक शिक्षा को उच्च शिक्षा से जोड़ने, राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचे को मजबूत करने और उच्च गुणवत्ता वाली वैश्विक साझेदारियाँ विकसित करने पर जोर दिया गया है।

हस्ताक्षर समारोह में एसक्यूए के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल — सुश्री मार्गरेट करन (इंटरनेशनल रीजनल मैनेजर, साउथ एशिया), श्री मार्क हिल, सुश्री एलिसन बर्न्स और श्री जॉर्ज कोलाथ — उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) निर्मलजीत सिंह कलसी, सेवानिवृत्त आईएएस, पूर्व चेयरमैन, एनसीवीईटी एवं भारत के क्रेडिट-आधारित ढांचों (एनसीआरएफ/एनएसक्यूएफ) के प्रमुख शिल्पकारों में से एक, शामिल हुए। अपने संबोधन में डॉ. कलसी ने वैश्विक मानकों पर आधारित साझेदारियों के महत्व पर प्रकाश डाला, जो भारतीय युवाओं के लिए निर्बाध क्रेडिट मोबिलिटी, मान्यता और आजीवन शिक्षण को सक्षम बनाती हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए, मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी के संस्थापक एवं कुलाधिपति श्री प्रवेश दुदानी ने कहा,
“यह साझेदारी भारतीय शिक्षार्थियों के लिए वैश्विक स्तर पर संरेखित अकादमिक और करियर मार्ग तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त योग्यताओं और सुगम प्रगति अवसरों के माध्यम से यह भारत के कार्य-एकीकृत शिक्षा इकोसिस्टम को मजबूत करती है और वैश्विक गतिशीलता एवं आजीवन शिक्षण के व्यापक दृष्टिकोण का समर्थन करती है।”

इस समझौते के तहत, मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी ऐसे कार्य-एकीकृत, क्रेडिट-मैप्ड कार्यक्रम पेश करेगी जो एसक्यूए के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगे। पात्र शिक्षार्थियों को एमएसयू की डिग्री के साथ-साथ एसक्यूए की योग्यताएँ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे विदेशों में टॉप-अप और उच्च डिग्री कार्यक्रमों तक लचीले एवं किफायती प्रगति मार्ग तैयार होंगे। यह सहयोग उच्च मांग वाले क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, ताकि रोजगार क्षमता और उद्योग प्रासंगिकता को मजबूत किया जा सके।

एसक्यूए की ओर से सुश्री मार्गरेट करन ने कहा, “मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ इस साझेदारी के माध्यम से एसक्यूए का उद्देश्य भारतीय शिक्षार्थियों के लिए वैश्विक मानकों पर आधारित योग्यताओं को अधिक सुलभ बनाना है। हमारे फ्रेमवर्क्स के संरेखण से हम संरचित प्रगति मार्ग सक्षम कर रहे हैं, जो अकादमिक मोबिलिटी को समर्थन देते हैं और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के द्वार खोलते हैं।”

भारत के साथ-साथ दक्षिण एशिया, जीसीसी, अफ्रीका और आसियान क्षेत्रों के शिक्षार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्रेडिट्स, ड्यूल सर्टिफिकेशन और विदेश में आगे की पढ़ाई से पहले शिक्षा का एक बड़ा हिस्सा भारत में पूरा करने का विकल्प मिलेगा। एसक्यूए की सुदृढ़ गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों और व्यापक अंतरराष्ट्रीय आर्टिकुलेशन नेटवर्क को भारतीय शिक्षार्थियों के और करीब लाकर, यह साझेदारी भारतीय योग्यताओं में वैश्विक विश्वास को बढ़ाने और अकादमिक एवं करियर मोबिलिटी का विस्तार करने का लक्ष्य रखती है।

मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी के सह-संस्थापक एवं प्रो-चांसलर श्री कुलदीप सरमा ने कहा, “एसक्यूए के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क्स को मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी के उद्योग-एकीकृत शिक्षण दृष्टिकोण के साथ जोड़कर हम स्पष्ट, किफायती और वैश्विक रूप से संरेखित प्रगति मार्ग तैयार कर रहे हैं, जो शिक्षार्थी मोबिलिटी बढ़ाते हैं, रोजगार क्षमता को मजबूत करते हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारत के विकसित होते कौशल इकोसिस्टम का समर्थन करते हैं।”

मेधावी– एसक्यूए साझेदारी भारत के उच्च शिक्षा और कौशल परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो वैश्विक रूप से मोबाइल और उद्योग-तैयार भविष्य के स्नातकों की नींव रखती है।

राष्ट्रीय स्तर पर जांच सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए डिटेक्टिव देव सम्मानित

Detective Dev was honored for his outstanding contribution to investigative services at the national level.
Detective Dev was honored for his outstanding contribution to investigative services at the national level.

देवव्रत पुरी गोस्वामी को मिला “संस्थापक चयन सम्मान 2025”

देहरादून- 24 दिसंबर 2025: भारत में पेशेवर, विश्वसनीय एवं कानूनी जांच सेवाओं के क्षेत्र में एक सशक्त राष्ट्रीय पहचान बना चुके देवव्रत पुरी गोस्वामी (डिटेक्टिव देव), संस्थापक तियानझू इन्वेस्टिगेटिव सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, को यूएनएचयू संस्थापक सम्मेलन 2025 के अवसर पर “संस्थापक चयन सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया।

यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें पूरे भारत में एक संगठित, अनुशासित एवं मजबूत जांच नेटवर्क स्थापित करने, तथा कानूनी रूप से मान्य, पूर्ण गोपनीय और उच्च-स्तरीय जांच सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान देश के जाने-माने फिल्म निर्देशक, निर्माता एवं लेखक श्री अभिषेक दुहाडिया द्वारा देहरादून के चकराता रोड स्थित एक होटल में प्रदान किया गया।

श्री अभिषेक दुहाडिया भारतीय फिल्म उद्योग का एक प्रतिष्ठित नाम हैं तथा अजय देवगन, संजय दत्त एवं सोनाक्षी सिन्हा जैसे चर्चित कलाकारों से सजी फिल्म “भुज” के निर्माता, निर्देशक एवं लेखक रह चुके हैं। उनके द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान डिटेक्टिव देव के कार्य की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता, विश्वसनीयता और प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

पूरे भारत में फैला सशक्त जांच नेटवर्क, डिटेक्टिव देव के नेतृत्व में तियानझू इन्वेस्टिगेटिव सर्विसेज आज भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरों और राज्यों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। एजेंसी द्वारा की गई जांच सेवाएं विशेष रूप से, विवाह-पूर्व जांच, विवाह-पश्चात जांच, कॉरपोरेट धोखाधड़ी, चरित्र सत्यापन, निगरानी एवं संवेदनशील मामलों में अत्यंत प्रभावशाली और परिणामोन्मुख मानी जाती हैं।

न्यायालय में स्वीकार्य जांच रिपोर्ट – सबसे बड़ी पहचान, डिटेक्टिव देव की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि ” उनकी टीम द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्टें एवं प्रस्तुत साक्ष्य देश की विभिन्न अदालतों में स्वीकार किए गए हैं।”

” प्रत्येक जांच प्रक्रिया पूर्णतः कानूनी दायरे, नैतिक मानकों एवं व्यावसायिक दस्तावेज़ीकरण के अंतर्गत संपन्न की जाती है, जिससे रिपोर्टों की प्रमाणिकता और विश्वसनीयता बनी रहती है।”

सम्मान प्राप्ति पर डिटेक्टिव देव कहते हैं, “यह सम्मान केवल मेरा नहीं है, बल्कि मेरी पूरी टीम और उन सभी लोगों के विश्वास का प्रतीक है, जिन्होंने हम पर भरोसा किया। हमारा उद्देश्य सदैव सत्य तक पहुँचना और न्यायिक प्रक्रिया को सशक्त बनाना रहा है।” यह सम्मान न केवल डिटेक्टिव देव की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत में पेशेवर जांच सेवाओं के बढ़ते मानकों, विश्वसनीयता और विश्वास का भी सशक्त प्रमाण है।

फंड्सइंडिया ने रिटेल निवेश के अगले चरण को सशक्त बनाने के लिए ऋषभ गर्ग को सीईओ – डिजिटल के पद पर नियुक्त किया

FundsIndia has appointed Rishabh Garg as CEO – Digital to empower the next phase of retail investment.
FundsIndia has appointed Rishabh Garg as CEO – Digital to empower the next phase of retail investment.

देहरादून – 24 दिसंबर 2025 : भारत के अग्रणी डिजिटल निवेश प्लेटफ़ॉर्म्स में से एक, फंड्सइंडिया ने ऋषभ गर्ग को मुख्य कार्यकारी अधिकारी – डिजिटल (बी2सी) बिज़नेस के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की है। यह नियुक्ति कंपनी के रिटेल निवेश कारोबार को और मज़बूत करने व उसका विस्तार करने के फोकस को दर्शाती है। अपने नए पद पर, ऋषभ गर्ग फंड्सइंडिया की रिटेल बिज़नेस रणनीति, उत्पाद नवाचार, ग्राहक अनुभव और विकास से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करेंगे। यह प्लेटफ़ॉर्म तकनीक-आधारित और शोध-समर्थित समाधानों के माध्यम से देशभर के लाखों भारतीय परिवारों के लिए निवेश को सरल बनाना जारी रखेगा।

फंड्सइंडिया की एकीकृत नेतृत्व संरचना के तहत, कंपनी तीन प्रमुख व्यावसायिक वर्टिकल्स के माध्यम से कार्य करती है, जिनमें प्रत्येक का नेतृत्व अनुभवी अधिकारियों द्वारा किया जाता है। डिजिटल (बी2सी) व्यवसाय का नेतृत्व अब ऋषभ गर्ग (सीईओ – डिजिटल) करेंगे, जबकि बी2बी (पार्टनर्स) वर्टिकल का नेतृत्व पहले की तरह मनीष गाधवी (सीईओ – पार्टनर्स) के पास रहेगा, वहीं, प्राइवेट वेल्थ वर्टिकल का नेतृत्व श्रीनिवास मेंडु (सीईओ – प्राइवेट वेल्थ) द्वारा ही किया जाता रहेगा। ये तीनों सीईओ, फंड्सइंडिया के ग्रुप सीईओ अक्षय सप्रू को रिपोर्ट करते हैं और संगठन में विस्तार, प्रभावी क्रियान्वयन और दीर्घकालिक विकास को मज़बूत करने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हैं।

ऋषभ के पास डिजिटल फाइनेंस और उपभोक्ता इंटरनेट व्यवसायों में दस साल से अधिक का अनुभव है, जो फंड्सइंडिया के रिटेल वृद्धि का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता में विश्वास जगाता है। उच्च प्रभाव वाले रिटेल प्लेटफ़ॉर्म बनाने और उनका विस्तार करने में उनकी विशेषज्ञता यह दर्शाती है कि वे रणनीतिक सफलता हासिल करने में सक्षम हैं।
नई भूमिका के बारे में बात करते हुए, फंड्सइंडिया के सीईओ – डिजिटल (रिटेल), ऋषभ गर्ग ने कहा,
“मुझे फंड्सइंडिया में शामिल होने पर बेहद खुशी है, खासकर ऐसे महत्वपूर्ण समय में जब भारतीय बाजारों में रिटेल भागीदारी लगातार बढ़ रही है और परिपक्व हो रही है। इस नेतृत्व द्वारा मुझ पर जो विश्वास जताया गया है, मैं उसकी कद्र करता हूँ और मैं फंड्सइंडिया के रिसर्च, भरोसे और टेक्नोलॉजी की मजबूत नींव पर काम करने के लिए एक जुनूनी, उच्च प्रदर्शन करने वाली टीम के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूँ। साथ मिलकर, हमारा ध्यान निवेश को सरल बनाने, ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने और लाखों भारतीयों को स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ लंबे समय में संपत्ति बनाने में मदद करने पर होगा।”

डिजिटल वित्तीय सेवाओं में गहरी विशेषज्ञता के साथ अपने जबरदस्त करियर में, ऋषभ गर्ग फंड्सइंडिया के रिटेल बिज़नेस में रणनीतिक नेतृत्व, तकनीक-संचालित विकास और ग्राहक-केंद्रित सोच का एक प्रभावशाली मिश्रण लेकर आए हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली और इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र ऋषभ ने भारत के डिजिटल वित्तीय सेवाओं के इकोसिस्टम में उत्पाद, वितरण और विकास कार्यों में उच्च प्रभाव वाली टीमों का निर्माण और नेतृत्व किया है। हाल ही में, उन्होंने पॉलिसीबाजार में टर्म इंश्योरेंस के प्रमुख के रूप में कार्य किया, जहाँ उनका उत्तरदायित्व- वृद्धि को बढ़ावा देना, ग्राहक सहभागिता को सुधारना, और भारत के सबसे बड़े डिजिटल इंश्योरेंस मार्केटप्लेस में उत्पाद और वितरण रणनीतियों का निर्माण करना था। अपने पूरे करियर में, ऋषभ ने विकसित करने योग्य व्यवसायों का निर्माण करने और विभिन्न विभागों की टीमों का नेतृत्व करने की मजबूत क्षमता दिखाई है—चाहे वह डिजिटल इंश्योरेंस हो, तकनीक-संचालित ग्राहक यात्रा, या बड़े पैमाने पर उत्पाद निष्पादन। पॉलिसीबाजार से पहले, उन्होंने ऐसी विकास पहलों का नेतृत्व किया जो व्यापक ग्राहकों तक उपभोक्ता-केंद्रित वित्तीय समाधान पहुँचाते थे, जो डिजिटल वितरण और बदलती निवेशक आवश्यकताओं की उनकी गहरी समझ को और भी पुष्ट करता है।

फंड्सइंडिया में, ऋषभ का ध्यान रिटेल वृद्धि को तेज़ करने पर होगा, इसके लिए वे डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करेंगे, उत्पाद यात्रा को बेहतर बनाएंगे और उच्च प्रदर्शन करने वाली टीमों का निर्माण करेंगे, जो कंपनी के मिशन-निवेश को सरल बनाने और पूरे भारत में निवेशकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करने के अनुरूप हों। यह नियुक्ति फंड्सइंडिया के साझा उद्देश्य और भारतीय निवेशकों को सशक्त बनाने के प्रति उसके संकल्प को और मजबूत करती है।

डॉ०अनिल वर्मा को “डीएवी परम रक्तवीर नायक अवार्ड”

Dr. Anil Verma received the DAV Param Raktaveer Nayak Award.
Dr. Anil Verma received the DAV Param Raktaveer Nayak Award.

छात्र -छात्राएं व शिक्षक मिलकर राष्ट्र निर्माण करें- जनरल संजय

डॉ० श्रीवास्तव को लाईफ टाईम अचीवमेंट अवॉर्ड

मेजर जनरल संजय शर्मा (वीएसएम) ने कहा कि छात्र- छात्राएं व शिक्षक मिलकर राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। विशेषकर एनसीसी कैडेट्स सेना में अधिकारी बनकर राष्ट्र की सुरक्षा में अपना योगदान दें।
जनरल शर्मा डीएवी इंटर कॉलेज, करनपुर में आयोजित
वार्षिक सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह के दौरान बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों,अभिभावकों तथा अतिथियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है अतः युवाओं को उत्कृष्ट शिक्षण एवं प्रशिक्षण के माध्यम से ही सशक्त राष्ट्र बनाया जा सकता है।
अति विशिष्ट अतिथि विधायक राजपुर क्षेत्र खजान दास ने कहा कि विद्यार्थी जीवन भावी जीवन की नींव है। अतः लक्ष्य प्राप्ति के लिए अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यालय के विकास हेतु विधायक निधि से 10 लाख रुपये की धनराशि मार्च तक देने की घोषणा की जिसका करतल ध्वनि से स्वागत किया गया।
विशिष्ट अतिथि प्रदेश मंत्री भाजपा नेहा जोशी ने कहा कि छात्र छात्राओं को व्यक्त्तित्व के सर्वांगीण विकास हेतु शिक्षा के साथ ही साहित्यिक- सांस्कृतिक गतिविधियों में भी प्रतिभाग करना चाहिए।
इससे पूर्व मेजर जनरल संजय शर्मा , विधायक खजान दास, भाजपा नेत्री नेहा जोशी, एल्यूमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ० एस फारूक, महासचिव डॉ० अनिल वर्मा तथा प्रधानाचार्य डॉ० ए के श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का उद्घाटन किया।


विशेष सम्मान के तहत् डीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ० ए के श्रीवास्तव को शिक्षण के क्षेत्र एवं बतौर प्रधानाचार्य अति विशिष्ट योगदान हेतु विद्यालय एल्यूमनाई एसोसिएशन की ओर से महासचिव डॉ० अनिल वर्मा द्वारा “लाईफ टाईम अचीवमेंट अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही मुख्य अतिथि मेजर जनरल संजय शर्मा (वीएसएम), विधायक खजान दास ,‌ नेहा जोशी प्रदेश मंत्री भाजपा तथा प्रधानाचार्य डॉ० ए के श्रीवास्तव ने डीएवी इंटर कॉलेज के पूर्व छात्र रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा को सन् 1971 में 09 दिसंबर को भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान विद्यालय के एनसीसी नेवल विंग के सीसीपीओ के रूप में अपने 110 कैडेटों के साथ मिलिट्री हॉस्पिटल में घायल सैनिकों के लिए प्रथम बार रक्तदान करने से लेकर अब तक स्वयं 155 बार रक्तदान करने हेतु “डीएवी परम रक्तवीर नायक अवार्ड‌से विभूषित किया।
पुरस्कार वितरण के तहत् शिक्षा में कालेज टॉपर रिहांस, संदीप भारती, नितिन पांडेय भवानी प्रसाद यादव, राहुल, मानसी व जिया परवीन गोल्ड मेडल से पुरस्कृत किया गया।
बेस्ट टीचर हेतु राकेश कुमार, बेस्ट टीचर व मल्टी टैलेंटेड टीचर हेतु डॉ० बबीता सहोत्रा,‌बेस्ट क्लर्क इंद्रपाल, अवकाश प्राप्त अध्यापकों में डॉ० सचान, भूषण नौटियाल, आर के चावला को पुरस्कृत किया गया।
खेल कूद में राष्ट्रीय स्तर पर हैंडबॉल में आयुष कुमार, फुटबॉल में नितिन वल्दिया, उत्कर्ष,सागर बहादुर,वंश कुमार,सौरभ कुमार तथा राज्य स्तर पर मोहन बिष्ट, अनूप नेगी, अभिनव कुमार को पुरस्कृत किया गया।
एनएसएस इंचार्ज बबीता सहोत्रा सिद्धार्थ,राजू भास्कर,गिरीश अंशुल अभिजीत तथा एनसीसी नेवल अधिकारी सुधीर पोखरियाल अभिषेक वर्मा, कार्तिक बिष्ट, दीपांशु प्रकाश, नितिन कोई पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इसका शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। तत्पश्चात नंदा देवी राजजात यात्रा के साथ ही गढ़वाली,कुमाऊंनी, जौनसारी लोकनृत्यों, ब्रेक डांस, बैंड की प्रस्तुति,पर्यावरण संरक्षण आदि जन-जागरूकता से संबंधित नाटकों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व वाईस चांसलर डॉ० आई पी सक्सेना, डीएवी (पीजी) काॅलेज के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) कुंवर कौशल कुमार, पूर्व प्राचार्य, डॉ० दिनेश सक्सेना, डीबीएस कालेज के प्राचार्य डॉ० अनिल पाल पूर्व प्राचार्य डॉ० ओ‌पी कुलश्रेष्ठ , डीडब्ल्यू की कालेज की पूर्व प्राचार्य डॉ० दलजीत कौर , पूर्व आई० जी० श्री एस एस कोठियाल, कालेज के उप-प्रधानाचार्य डॉ० सचिन श्रीवास्तव, एस के सिंह, राजेंद्र उनियाल,शिक्षक संघ के अनिल नौटियाल,एल एम सकलानी ,दिनेश डोबरियाल, एस के त्रिपाठी, तृप्ता कुमार, गिरीश सेमवाल, श्रद्धा श्रीवास्तव, शकुंतला सिंह,
सहित बड़ी संख्या में अध्यापक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

श्रीनगर-पौड़ी क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं: डॉ. धन सिंह रावत

The Srinagar-Pauri region has immense potential for tourism Dr. Dhan Singh Rawat
The Srinagar-Pauri region has immense potential for tourism Dr. Dhan Singh Rawat

कहा, पर्यटन स्थलों के विकास को बनाये ठोस कार्ययोजना

जीएमवीएन व पर्यटन विभाग के अधिकारियों को दिये निर्देश

देहरादून, 23 दिसम्बर 2025

श्रीनगर-पौड़ी क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। क्षेत्र के अनछुए एवं प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिये पर्यटन विभाग, संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग तथा गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा क्षेत्र में हेली सुविधाएं मुहैया कराने, कमलेश्वर–धारी देवी–देवलगढ़– खिर्सू–कंडोलिया (पौड़ी) पर्यटन सर्किट एवं क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण के कार्यों में तेजी लाने को भी अधिकारियों को कहा।

सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज शासकीय आवास पर अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर व पौड़ी में पर्यटन की संभावनाओं एवं विकास को लेकर पर्यटन विभाग, संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग तथा गढ़वाल मंडल विकास निगम की संयुक्त बैठक ली। जिसमें उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने, प्रमुख पर्यटक एवं धार्मिक स्थलों के विकास तथा आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
डॉ. रावत ने कहा कि श्रीनगर-पौड़ी क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। इन संभावनाओं का समुचित उपयोग कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित करने को अधिकारियों को कहा। उन्होंने थलीसैण, खिर्सू एवं पाबों विकासखंड में हेलीपैड निर्माण कर पर्यटकों के लिये हेली सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
बैठक में उन्होंने कमलेश्वर–धारी देवी–देवलगढ़–खिर्सू–कंडोलिया (पौड़ी) पर्यटन सर्किट के विकास कार्यों में तेजी लाने, मार्गों एवं सुविधाओं को सुदृढ़ करने, धारी देवी मंदिर के मुख्य मार्ग पर सुरक्षा दीवार लगने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। इसके अलावा पैठाणी स्थित राहु मंदिर एवं थलीसैण स्थित विनसर मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर उन्हें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिये।

कैबिनेट मंत्री ने विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, धार्मिक आस्था एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिये, ताकि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।

बैठक में अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रोहिल्ला, महाप्रबंधक गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) पीयूष सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे जबकि जनपद स्तरीय अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) और भारतीय सेना के बीच एमओयू, जवानों व उनके परिवारों को मिलेगा शिक्षा में विशेष लाभ

An MoU has been signed between Akash Educational Services Limited (AESL) and the Indian Army, which will provide special educational benefits to soldiers and their families.
An MoU has been signed between Akash Educational Services Limited (AESL) and the Indian Army, which will provide special educational benefits to soldiers and their families.

* एईएसएल ने भारतीय सेना के साथ साझेदारी की है, ताकि वर्तमान में सेवा दे रहे सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शैक्षणिक सहायता और कल्याणकारी लाभ उपलब्ध कराए जा सकें।

* इस ऍम ओ यू के तहत देशभर में स्कॉलरशिप और विशेष सुविधाएँ शामिल हैं, जो एईएसएल के किसी भी केंद्र में नामांकन करने वाले सेना से जुड़े विद्यार्थियों को प्रदान की जाएँगी।

हरिद्वार- 23 दिसंबर 2025: टेस्ट प्रिपरेटरी सेवाओं में राष्ट्रीय अग्रणी एईएसएल ने भारतीय सेना के साथ ऍम ओ यू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य सेना के कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को समर्थन देना है। इसमें वर्तमान में सेवा दे रहे सदस्य, सेवानिवृत्त सैनिक, गैलेंट्री पुरस्कार विजेता, दिव्यांग कर्मी तथा ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवार शामिल हैं।
इस ऍम ओ यू के तहत, एईएसएल देशभर में स्थित अपने सभी केंद्रों और शाखाओं में प्रवेश लेने वाले भारतीय सेना के विद्यार्थियों को विशेष लाभ प्रदान करेगा। यह समझौता भारतीय सेना के कर्नल, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 3 एवं 4 और एईएसएल के डॉ. यश पाल, चीफ़ अकैडमिक एंड बिज़नेस हेड, दिल्ली-एनसीआर ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू के तहत एईएसएल देशभर में अपने सभी केंद्रों पर सेना से जुड़े विद्यार्थियों को विशेष रियायतें और छात्रवृत्तियाँ उपलब्ध कराएगा। इसके अंतर्गत
* सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन फ़ीस देनी होगी, ड्यूटी के दौरान शहीद हुए कर्मियों के बच्चों के लिए बाकी सभी फ़ीस में 100% छूट है।
* 20% से ज़्यादा विकलांगता वाले कर्मियों और वीरता पुरस्कार पाने वालों के बच्चों के लिए 100% ट्यूशन फ़ीस माफ़ है।
* सेवारत और रिटायर्ड कर्मियों के बच्चों के लिए 20% ट्यूशन फ़ीस में छूट है, जो दूसरी स्कॉलरशिप घटाने के बाद लागू होगी।
इन छात्रवृत्तियों के अलावा एईएसएल की पहले से चल रही स्कॉलरशिप योजनाएँ भी जारी रहेंगी, जिनका लाभ प्रवेश लेने की इच्छा रखने वाले सभी विद्यार्थियों को मिलता है।
एईएसएल के एमडी और सीईओ श्री चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा:“एईएसएल में हमारा विश्वास है कि शिक्षा उज्जवल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। भारतीय सेना के साथ साझेदारी के माध्यम से हम अपने बहादुर सैनिकों के त्याग का सम्मान करते हुए उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। स्कॉलरशिप, मेंटरिंग और काउंसलिंग के माध्यम से हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हमारे वीरों के बच्चे अपनी पूरी क्षमता हासिल कर सकें और अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व स्थापित करें।”
इस ऍम ओ यू की अवधि के दौरान, एईएसएल भारतीय सेना के कर्मियों के बच्चों को व्यापक मेंटरिंग और काउंसलिंग सहायता भी प्रदान करेगा। यह सहायता शैक्षणिक और करियर से जुड़ी सभी शंकाओं के समाधान के लिए वर्चुअल और फिज़िकल दोनों माध्यमों से उपलब्ध होगी।
हाल ही में, एईएसएल ने केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल फैमिली वेलफ़ेयर एसोसिएशन (CWA) के साथ भी एक ऍम ओ यू किया है, जिसके तहत देशभर में सीआरपीएफ कर्मियों के बच्चों और परिवारों को शैक्षणिक सहायता, छात्रवृत्तियाँ और करियर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के बारे में
एईएसएल भारत की प्रमुख टेस्ट प्रिपरेशन कंपनी है, जो विशेष रूप से मेडिकल (NEET) और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं (JEE) के साथ-साथ NTSE और ओलंपियाड जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए व्यापक और प्रभावी सेवाएँ प्रदान करती है।
एईएसएल का पूरे भारत में 415 से अधिक केंद्रों का नेटवर्क है, जिसमें 4,00,000 से अधिक वर्तमान में नामांकित विद्यार्थी शामिल हैं। पिछले 37 वर्षों में इसने मजबूत बाज़ार स्थिति और ब्रांड वैल्यू स्थापित की है। कंपनी का उद्देश्य छात्रों की वास्तविक क्षमता को Unlock करना और उनके शैक्षणिक प्रयासों में सफलता सुनिश्चित करना है।
एईएसएल छात्रों-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाता है, यह समझते हुए कि हर छात्र अनोखा है और उसकी अलग जरूरतें हैं। इसमें उच्च योग्य और अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम है, जो छात्रों को उनके सपने पूरे करने में मदद करने के लिए उत्साहित है। कंपनी के प्रोग्राम लचीले हैं और इसकी शिक्षण पद्धतियाँ नवीनतम तकनीकों पर आधारित हैं, ताकि छात्र अपनी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
www.aakash.ac.in

Sensation after woman's body found in ditch in Sudhowala

सुद्धोवाला में खाई से महिला का शव मिलने से सनसनी

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देहरादून।  बाला सुंदरी प्राचीन मंदिर के पास खाई में एक महिला का तीन-चार दिन पुराना शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव...
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