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छोंजिन आंगमो एवरेस्ट, एल्ब्रुस और किलिमंजारो को फतह करने वाली एकमात्र दृष्टिबाधित महिला

Tenzin Angmo is the only visually impaired woman to have conquered Everest, Elbrus, and Kilimanjaro.
Tenzin Angmo is the only visually impaired woman to have conquered Everest, Elbrus, and Kilimanjaro.

देहरादून – 08 जनवरी, 2026: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की कर्मचारी और दृष्टिबाधित पर्वतारोही छोंजिन आंगमो द्वारा अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर ली गई है. माउंट एवरेस्ट और माउंट एल्ब्रुस को फतह करने वाली एकमात्र दृष्टिबाधित महिला के तौर पर पहले से ही विश्व रिकॉर्ड धारक आंगमो ने अब अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियों की सूची में “रूफ ऑफ अफ्रीका” को भी शामिल कर लिया है. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया उन्हें इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देता है.

यह चढ़ाई बेहद खराब और अप्रत्याशित मौसम की स्थिति में पूरी की गई, जिससे इस चढ़ाई का महत्व और भी बढ़ गया. हालांकि माउंट किलिमंजारो को अक्सर ट्रेकिंग वाला पहाड़ माना जाता है, लेकिन इस अभियान के दौरान चढ़ाई मुश्किल साबित हुई. लेमोशो रूट से चढ़ाई करते समय टीम को भारी बर्फबारी, बहुत ज़्यादा ठंड और खराब विजिबिलिटी का सामना करना पड़ा. इन चुनौतियों के बावजूद, आंगमो ने शिखर तक पहुंचने के लिए ज़बरदस्त जोश दर्शाया.

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा छोंजिन आंगमो को पूरा वित्तीय सहयोग देकर इस अभियान में उनकी सहायता की गई. इस चढ़ाई को बूट्स एंड क्रैम्पन्स, एक प्रमुख पर्वतारोहण और अभियान कंपनी द्वारा तकनीकी सहायता प्रदान की गई. गाइड की विशेषज्ञता के साथ-साथ आंगमो के साहस, दृढ़ संकल्प और व्यापक पर्वतारोहण अनुभव ने खतरनाक परिस्थितियों के बावजूद एक सुरक्षित और सफल शिखर पर पहुँचना सुनिश्चित किया.

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के ऊबड़-खाबड़ इलाके से आने वाली आंगमो, दिव्यांग समुदाय के लिए दुनिया भर में एक प्रेरणा बनकर उभरी हैं. हर अभियान के साथ, वह पुरानी सोच को चुनौती देती हैं और “विज़न” का मतलब पुनः दौहराती हैं, यह साबित करते हुए कि यह सिर्फ़ नज़र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हिम्मत, लगन और खुद पर अटूट विश्वास पर आधारित है.

अपनी सफल किलिमंजारो समिट के साथ, आंगमो दुनिया को एक मज़बूत संदेश देती हैं: सीमाएं तभी होती हैं जब कोई विश्वास करना बंद कर देता है.

सद्भावना सम्मेलन में पहुंचे असम के मुख्यमंत्री हेमन्त बिश्वा शर्मा

Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma arrived at the goodwill conference.
Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma arrived at the goodwill conference.

बोले महाराज ने हमें मानवता का महान संदेश दिया है

देहरादून/असम। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और मानव उत्थान सेवा समिति के संस्थापक सतपाल महाराज ने हमें मानवता का ज्ञान दिया है तथा सनातन धर्म के आदर्शों के साथ-साथ मानव समाज में एकता और सद्भाव का सृजन कर हमें महान संदेश दिया है।

उक्त बात हंस नामबोध आश्रम, सोलंग, कलियाबर, जिला-नगांव, असम में गुरुवार को आयोजित सद्भावना सम्मेलन के दूसरे दिन बड़ी संख्या में सम्मेलन में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए असम के माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त बिश्वा शर्मा ने अपने संबोधन में कही।

सद्भावना सम्मेलन को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री हेमन्त बिश्वा शर्मा ने उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और मानव उत्थान सेवा समिति के संस्थापक, सतपाल महाराज से अनुरोध किया कि वह सभी को आशीर्वाद दें ताकि इस आशीर्वाद की शक्ति से सभी एक साथ रहें, मिलकर आगे बढ़ें और असम के सभी लोग सुख, शांति, समृद्धि और अहिंसा के साथ अपना जीवन व्यतीत करें। उन्होंने सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भविष्य में जब भी यहां सद्भावना सम्मेलन आयोजित होगा मैं आपके बीच उपस्थित रहूंगा।

त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशाल त्यागी को मिली अहम जिम्मेदारी

Vishal Tyagi has been given an important responsibility in the national executive committee of the Tyagi Bhumihar Brahmin community.
Vishal Tyagi has been given an important responsibility in the national executive committee of the Tyagi Bhumihar Brahmin community.

देहरादून – 08 जनवरी 2026- त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज ने संगठन को और अधिक सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष श्री विशाल त्यागी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य मनोनीत किया है। इसकी आधिकारिक घोषणा आज संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मांगेराम त्यागी द्वारा की गई।

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मांगेराम त्यागी ने कहा कि विशाल त्यागी का संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक सक्रियता और समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके जुड़ने से संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा और मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने विशाल त्यागी को बधाई दी और उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। वहीं, विशाल त्यागी ने संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे तथा समाज को संगठित कर आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे।

डॉ० अनिल वर्मा “एम०के०पी० एनएसएस रक्तवीर सम्मान” से विभूषित

Dr. Anil Verma was honored with the MKP NSS Blood Donor Award.
Dr. Anil Verma was honored with the MKP NSS Blood Donor Award.

आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण बेहद जरूरी: किरन सिंह

यूथ रेडक्रास कमेटी, आपदा प्रबंधन के चीफ मास्टर ट्रेनर डॉ० अनिल वर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी दायित्व नहीं है । नागरिकों विशेषकर शिक्षित युवा छात्र-छात्राओं को भी सघ‌न आपदा प्रशिक्षण लेकर आपदा के दौरान लोगों के जीवन और सम्पत्ति की हानि सीमित करने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए।
उक्त विचार डॉ० वर्मा ने राजकीय इण्टर कॉलेज, पटेल नगर में जारी एम० के० पी० इंटर कॉलेज के एनएसएस शिविर में यूथ रेडक्रास द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आपदा प्रशिक्षण शिविर में व्यक्त किये।उन्होंने आम लोगों का आह्वान किया कि वे एक श्रेष्ठ नागरिक के रूप में स्वयं आगे आकर आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण लें व आवश्यकता पड़ने पर अपना तथा दूसरों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण योगदान करें। मैं कहीं भी नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के लिए सदैव‌ तत्पर हूं।
एन एस एस की कार्यक्रम अधिकारी किरन सिंह ने कहा कि आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रत्येक नागरिक के लिए बेहद जरूरी है। हमारा उत्तराखंड आपदाओं के प्रति बहुत ही संवेदनशील राज्य है। आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपदाओं से नागरिकों व पशुओं का जीवन बचाना है।‌ प्रतिवर्ष यहां आपदा में अनेक जानें जाती हैं और सम्पत्ति की‌ अत्यधिक हानि होने के साथ ही पर्यावरण की क्षति होती है। इसका प्रशिक्षण जान – माल की सुरक्षा के लिए बहुत ही उपयोगी है।
इस अवसर पर‌ शिविर संयोजिका व एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती किरन सिंह तथा सहयोगी सुश्री राज पंवार ने एन एस एस के पूर्व स्वयंसेवी रहे रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा को 155 बार रक्तदान करने के लिए शॉल ओढ़ाकर, विशेष उपहार देकर तथा पुष्प गुच्छ भेंटकर “एम०के०पी० एनएसएस रक्तवीर सम्मान” से विभूषित किया। डॉ० वर्मा ने सम्मान के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।*
डॉ० वर्मा ने छात्राओं को फायर फाईटिंग के तहत् घरेलू आग विशेषकर गैस सिलिंडर की आग बुझाने के उपायों के साथ ही विभिन्न प्रकार के रासायनिक अग्निशमन उपकरणों का उपयोग करना सिखाया l
रेस्क्यू ऑपरेशन में प्राकृतिक आपदाओं भूकंप, बाढ़, भूस्खलन , जंगल की आग आदि अथवा शत्रु देश से युद्ध या आतंकवादी घटनाओं के दौरान ज़ख़्मी व रोगियों को सुरक्षित निकालकर ले जाने के इमरजेंसी मेथड्स ऑफ रेस्क्यू में फायरमेंस लिफ्ट, ह्यूमन क्रेडल, ह्यूमन क्रच , मंकी क्राल, टो ड्रैग, चेयर नॉट रोप रेस्क्यू , बोलाईन नॉट ड्रैग तथा इंप्रोवाइज improvi इम्प्रोवाईज्ड स्ट्रेचरआदि का प्रशिक्षण दिया।
फर्स्ट एड ट्रेनिंग में आग से जलने, रक्तस्राव रोकने, कृत्रिम श्वसन क्रिया, टी०बी०, घाव , फ्रैक्चर, हार्ट अटैक के दौरान मृतप्राय व्यक्ति को पुनर्जीवित करने की सी०पी०आर० टेक्निक के साथ ही एनीमिया,थैलेसीमिया, हीमोफीलिया,सिकल सेल, डेंगू , टी०बी०,एड्स आदि से बचाव व उपचार की जानकारी दी।
विशेष सत्र “जान है तो जहान है” अभियान में हार्ट अटैक के दौरान मृतप्राय व्यक्ति को पुनर्जीवित करने की सी०पी०आर० टेक्निक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही रक्तदान – जीवनदान, नेत्रदान व देहदान महादान , नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा नियमों तथा पर्यावरण संरक्षण आदि पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया
डॉ० अनिल वर्मा के निर्देशन व एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती किरन सिंह के नेतृत्व में टीम लीडरों सिमरन शर्मा, दुर्गेश्वरी चौहान, बबली आर्य, प्राची, तनु चौधरी, अंशी रावत, आंचल, आयुषी,कविता, वंशिका तोमर, ऐलीना, सृष्टि, मुस्कान,शालिनी, भावना,प्राची,साक्षी आदि ने कुशल प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती किरन सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन सहयोगी सुश्री राज पंवार ने किया।

स्वास्थ्य विभाग को मिले सात और विशेषज्ञ चिकित्सक

The health department has received seven more specialist doctors.
The health department has received seven more specialist doctors.

एनएचएम की ‘यू कोट,वी पे’ योजना के तहत हुआ चयन

चौखुटिया, गैरसैण, बीरोंखाल व डीडीहाट में होंगे तैनात

देहरादून, 07 जनवरी 2026
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सात और विशेषज्ञ चिकित्सक मिल गये हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत ‘यू कोट, वी पे’ मॉडल के तहत चयनित इन विशेषज्ञ चिकित्सकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया, डीडीहाट, बीरोंखाल तथा उप जिला चिकित्सालय गैरसैण में तैनाती दी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से इन अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया होगी साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी दूर होगी।

प्रदेश सरकार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार दुरूस्त करने में जुटी है। राजकीय चिकित्सा इकाईयों में आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले इसके लिये सरकार द्वारा आधुनिक चिकित्सका उपकरणों से लेकर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ व अन्य सपोर्टिंग स्टॉफ की लगातार तैनाती कर रही है। इसके साथ ही सरकार द्वारा प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को भी चरणबद्ध तरीके से दूर कर रही है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ‘यू कोट, वी पे’ मॉडल के तहत 7 विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन किया गया है, जिनमें एनेस्थेटिस्ट व पीडियाट्रिशियन के 2-2 जबकि ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी के 3 विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल है। विभागीय अनुबंध के तहत चयनित इन विशेषज्ञ चिकित्सकों को विभिन्न जनपदों की चिकित्सा इकाईयों में तैनाती दे दी गई है। जिसमें डॉ. आर. हेमचन्द्रन (एनेस्थेटिस्ट), डॉ. देविका खत्री (ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी) तथा डॉ. अनंत गुप्ता (पीडियाट्रिशियन) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया, अल्मोड़ा में तैनाती दी गई है। इसी प्रकार डॉ. विशाल प्रताप सिंह (एनेस्थेटिस्ट) व डॉ. शिल्पा भानुदास (ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी) को उप जिला अस्पताल गैरसैण, चमोली, डॉ. ममता थपलियाल (ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल, पौड़ी गढ़वाल तथा डॉ. किशन सिंह महर (पीडियाट्रिशियन) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट, पिथौरागढ़ में तैनाती दी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के आने से इन अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर होगी साथ ही मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

बयान-
राज्य सरकार प्रदेशभर की चिकित्सा इकाईयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिये संकल्पबद्ध है। एनएचएम के अंतर्गत यू कोड, वी पे योजना के तहत सात विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती चौखुटिया, बीरोंखाल, गैरसैण व डीडीहाट में कर दी गई है। इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से मरीजों को स्थानीय स्तर पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी

पीएनबी ने खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए नवीकृत हॉकी अकादमी का उद्घाटन किया

PNB expressed its commitment to the development of sports and inaugurated the renovated hockey academy.
PNB expressed its commitment to the development of sports and inaugurated the renovated hockey academy.

देहरादून- 07 जनवरी 2026 – सार्वजनिक क्षेत्र में भारत के अग्रणी बैंकों में से एक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने आज दिल्ली में अपने हॉकी अकादमी के नवीकृत स्वरूप का उद्घाटन किया। यह कदम देश में हॉकी को बढ़ावा देने और खेल प्रतिभाओं को निखारने के प्रति बैंक की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट करता है।
पीएनबी के एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र ने मुखर्जी नगर स्थित इस नई अकादमी का उद्घाटन बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों, वरिष्ठ हॉकी टीम के कोच और खिलाड़ियों की उपस्थिति में किया।

पीएनबी की हॉकी अकादमी प्रीमियम सुविधाओं से लैस एक आधुनिक मंच है जो (14 से 17 वर्ष की आयु के) 25 खिलाड़ियों को चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षित कर हॉकी के क्षेत्र में सफल करियर बनाने में सहयोग करने के लिए समर्पित है। बैंक इन युवा एथलीटों को आवास, शिक्षा, पेशेवर कोचिंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर समग्र सहयोग उपलब्ध कराता है ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके और वे हॉकी में एक सफल करियर बना सकें।

बैंक की इस प्रतिबद्धता की सफलता को रेखांकित करते हुए, पीएनबी के दो सम्मानित कार्मिकों और भारतीय हॉकी टीम के प्रमुख फॉरवर्ड खिलाड़ी श्री अभिषेक और श्री सुखजीत सिंह जो ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं, ने हाल ही में एशिया कप 2025 में भारत का मान बढ़ाया है। वर्तमान में, लवप्रीत सिंह, संजय और इंदरपाल सिंह जैसे खिलाड़ी, जो पीएनबी हॉकी अकादमी से निकले हैं, वे पीएनबी की हॉकी टीम के सम्मानित सदस्य हैं।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 22वीं बैठक

The 22nd meeting of the Uttarakhand State Wildlife Board was held on Tuesday at the Secretariat, chaired by the Chief Minister.
The 22nd meeting of the Uttarakhand State Wildlife Board was held on Tuesday at the Secretariat, chaired by the Chief Minister.

– मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास करने के दिए निर्देश
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 22वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके नियंत्रण के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भालू, गुलदार, बाघ तथा हाथी से संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाए और वन विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग, डिजिटल निगरानी  और अर्ली वार्निंग सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित ग्रामों में सोलर फेंसिंग, बायो-फेंसिंग, हनी बी फेंसिंग, वॉच टावर एवं अन्य सुरक्षात्मक उपाय अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएँ। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्कता और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता शिविरों के आयोजन और रैपिड रिस्पॉन्स टीम को निरंतर सक्रिय रखने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हाथी एवं बाघ कॉरिडोर सहित सभी वन्यजीव कॉरिडोरों के संरक्षण को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। वन्यजीवों के आवागमन वाले मार्गों पर एनिमल पास, अंडरपास और ओवरपास निर्माण की व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि वर्तमान वन्यजीव संरक्षण नियमों या प्राविधानों में संशोधन की आवश्यकता हो, तो संबंधित विभाग आवश्यक परीक्षण कर संशोधन प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजें। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वन्यजीव समन्वय समिति को सक्रिय बनाए रखने के साथ ही संवेदनशील जिलों, ब्लॉकों एवं ग्रामों की हॉट स्पॉट मैपिंग तत्काल पूरी की जाए। उन्होंने स्कूलों, आंगनबाड़ियों, जलस्रोतों और पैदल मार्गों के आसपास सुरक्षा प्रबंध मजबूत करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि भालू और अन्य वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आकर्षित न हों।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ईको-टूरिज्म व्यवस्था को और अधिक सृदृढ़ बनाने के लिए रिजर्व फारॅरेस्ट के अलावा प्रदेश की वाइल्डलाइफ सेंचुरी एवं कंजरर्वेशन रिजर्व क्षेत्रों में भी कार्य किये जाएं।  मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने तथा जन सुरक्षा की दृष्टि से टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिविजन में पशु चिकित्सकों की व्यवस्था भी की जाए।  बैठक में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित कुल 9 प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की गई। इनमें जनपद रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य की 4 विविध पेयजल योजनाएं और 2 पेयजल योजनाएं, राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र से जुड़ी 2 मोटरमार्ग योजनाएं तथा रामनगर वन प्रभाग से संबंधित एक ऑप्टिकल फाइबर प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा संरक्षित क्षेत्रों की 10 किलोमीटर परिधि में उपखनिज चुगान से जुड़े 22 प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के विचारार्थ संदर्भित किए जाने का निर्णय लिया गया। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक समग्र और दूरदर्शी कदम हैं, जिनसे उत्तराखंड में वन्यजीव प्रबंधन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। बैठक में उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 21वीं बैठक में लिए गए निर्णय पर की गई कार्यवाही की जानकारी देते हुए प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र ने बताया कि चौरासी कुटिया के पुनर्विकास, मंसादेवी मन्दिर एवं पहुंच मार्ग में आपदा से हुई क्षति के कार्यों के पुनःनिर्माण के प्रथम चरण, ऋषिकेश नीलकंठ महादेव रोपवे परियोजना के निर्माण एवं लालढ़ांग -चिल्लरखाल वन मोटरमार्ग के विशेष पुनरूद्वार के लिए स्टैंडिंग कमेटी राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। जुलाई 2025 से दिसबंर 2025 तक वन भूमि हस्तान्तरण के 56 प्रस्तावों के वाइल्डलाईफ मैनेजमेंट प्लान स्वीकृत किये गये हैं, जबकि 29 प्रस्तावों पर अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किये गये हैं। वन्यजीवों द्वारा मानव मृत्यु के प्रकरणों पर अनुग्रह राशि 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख की गई है। 32 वन प्रभागों के अन्तर्गत मानव -वन्यजीव संघर्ष पर त्वरित कार्यवाही के लिए 93 क्यू.आर.टी का गठन किया गया है। पिथौरागढ़, चम्पावत और रुद्रप्रयाग में वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर की स्थापना हेतु केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजने की भी स्वीकृति दी गई है।
बैठक में राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य विधायक दीवान सिंह बिष्ट, सुरेश सिंह चौहान, बंशीधर भगत, प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ अन्य सदस्यगण एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता , माता-पिता की भावनाओं के अनुरूप होगा निर्णय :  सीएम

Ensuring justice for Ankita is the state government's top priority, and the decision will be made in accordance with the parents' wishes CM
Ensuring justice for Ankita is the state government's top priority, and the decision will be made in accordance with the parents' wishes CM

देहरादून।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अंकिता भंडारी प्रकरण पर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और इस दिशा में सरकार ने पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष एवं गहन जांच के लिए महिला अधिकारी  रेणुका देवी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसने मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की। सरकार की सशक्त और प्रभावी न्यायालयीय पैरवी के परिणामस्वरूप तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।   उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच पर न केवल निचली अदालत, बल्कि माननीय उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष व्यक्त किया है, जो जांच की निष्पक्षता और मजबूती को दर्शाता है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्तमान में किसी कथित ऑडियो क्लिप के आधार पर प्रदेश में अनावश्यक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी गंभीरता से अपने निष्कर्ष तक पहुंच चुकी है और दोषियों को कड़ी सजा मिल चुकी है।
सीबीआई जांच के विषय पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यद्यपि पूरे प्रदेश की जनता की भावनाएं बेटी अंकिता के साथ जुड़ी हुई हैं, लेकिन इस दुखद घटना से सबसे अधिक प्रभावित उसके माता-पिता हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं अंकिता के माता-पिता से बात करेंगे और उनकी भावनाओं, पीड़ा एवं अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

गुणवत्ता आधारित संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी : सीएम धामी

Promoting a quality-based culture is essential CM Dhami
Promoting a quality-based culture is essential CM Dhami

– मुख्यमंत्री ने भारतीय मानक ब्यूरो के 79वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भारतीय मानक ब्यूरो के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो ने बीते आठ दशकों में गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर गुणवत्ता ही पहचान के मंत्र को साकार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में भारतीय मानक संस्था के रूप में शुरू हुई यह यात्रा आज देश की औद्योगिक, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला के रूप में स्थापित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बीआईएस द्वारा मानकीकरण, प्रमाणीकरण और गुणवत्ता परीक्षण के माध्यम से न केवल उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया गया है, बल्कि उपभोक्ताओं के जीवन में भरोसे और सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मानकीकरण का क्षेत्र केवल उद्योग जगत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, ऊर्जा, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन एवं डिजिटल सेवाओं तक विस्तृत हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा डिजिटल सुरक्षा, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, रिसाइकिल सामग्री एवं हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में समयानुकूल मानक तय कर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो सतत विकास के लक्ष्य के अनुरूप इकोलॉजी और इकॉनमी के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में सराहनीय योगदान दे रहा है। राज्य में बीआईएस द्वारा लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन, एमडीडीए, यूपीसीएल सहित विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करते हुए मानकीकरण संबंधी जागरूकता और सहयोगात्मक कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियान देश की आर्थिक और तकनीकी प्रगति के आधार स्तंभ बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पाद विश्व में गुणवत्ता का मानदंड बनें यह प्रधानमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में बीआईएस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी अपने स्थानीय उत्पादों हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियाँ एवं स्थानीय खाद्य उत्पाद के लिए उच्च गुणवत्ता मानक स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा  कि ‘‘हाउस ऑफ हिमालयाज’’ ब्रांड राज्य के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता को केवल मानक नहीं बल्कि आदत बनाना आवश्यक है, ताकि गुणवत्ता आधारित संस्कृति एक जन  आंदोलन के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय मानक ब्यूरो वन नेशन, वन स्टैंडर्ड की नीति के तहत देश को वैश्विक मानकों की प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएगा और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्प में अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी नवाचार को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति 2025 लागू की गई है। राज्य के सभी 13 जनपदों के 95 ब्लॉकों में लगभग 180 विज्ञान, तकनीक इंज्ीनियरिंग एवं गणित आधारित प्रयोगशालाएँ स्थापित की गई हैं। सभी जिलों में साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग प्रारंभ की गई है, जिससे सैकड़ों छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। प्रत्येक जनपद में एक-एक ‘लैब-ऑन-व्हील्स’ संचालित की जा रही है। विभिन्न विश्वविद्यालयों व केन्द्रों में 60 पेटेंट सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। सीमांत क्षेत्रों में विज्ञान आधारित विकास के लिए ‘सीमांत क्षेत्र विकास परिषद’ का गठन किया गया है। साइंस महोत्सवों का आयोजन अब पर्वतीय जनपदों तक विस्तारित किया गया है, इस वर्ष यह महोत्सव रुद्रप्रयाग में हुआ। वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार केन्द्रों की स्थापना हेतु बजट आवंटित किया गया है। राज्य में शीघ्र विज्ञान व नवाचार आधारित प्रसारण प्रारंभ किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में बनने वाली देश की पाँचवीं साइंस सिटी के निर्माण कार्य को उल्लेखनीय गति मिली है। भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से 175 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना आकार ले रही है। महिला प्रौद्योगिकी केन्द्रों की स्थापना भी प्रारंभ की जा चुकी है। राज्य में केन्द्रीय संस्थानों से विज्ञान व नवाचार संवाद को नई गति दी गई है। सिलक्यारा के अभियान में अपनाए गए विज्ञान-प्रौद्योगिकी आधारित रेस्क्यू मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है और इसी पर आधारित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। आज राज्य के हर कोने विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जोड़ा गया है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ,  सविता कपूर, निदेशक भारतीय मानक ब्यूरो सौरभ तिवारी, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, ब्रिगेडियर के.जी बहल (सेनि), उद्योग एवं व्यापार संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

पशुपालन व सेवायोजन विभाग के चयनित कार्मिकों को नियुक्ति पत्र वितरित किये

Appointment letters were distributed to the selected personnel of the Animal Husbandry and Employment Department.
Appointment letters were distributed to the selected personnel of the Animal Husbandry and Employment Department.

देहरादून।  प्रदेश के पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में पशुपालन विभाग तथा कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग / राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित कार्मिकों को नियुक्ति पत्र वितरित किये।  मंत्री ने पशुपालन विभाग तथा सेवायोजन विभाग में नियुक्ति पाने वाले कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी का असल परिश्रम अब शुरू होता है जिसमें आपको अपने विभाग से संबंधित योजनाओं/कार्यों को गति देने का कार्य करना है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि आपके सहयोग तथा टीम वर्क के साथ ही आपका विभाग प्रगति करेगा।  मंत्री ने पशुपालन विभाग के 16 फार्मासिस्ट तथा सेवायोजन विभाग के 37 फोरमैन अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के बाद पहली बार सेवायोजन विभाग द्वारा कार्मिकों की भर्ती की गई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की सोच हर व्यक्ति को रोजगार से जोड़ने की है इस दिशा में आज यह एक महत्वपूर्ण कदम है।  बैठक में अपर सचिव पशुपालन संतोष बडोनी, निदेशक प्रशिक्षण संजय खेतवाल तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Sensation after woman's body found in ditch in Sudhowala

सुद्धोवाला में खाई से महिला का शव मिलने से सनसनी

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देहरादून।  बाला सुंदरी प्राचीन मंदिर के पास खाई में एक महिला का तीन-चार दिन पुराना शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव...
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