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सीएम धामी ने किया बाल विवाह मुक्ति रथ का फ्लैग ऑफ

CM Dhami flagged off the child marriage eradication chariot.
CM Dhami flagged off the child marriage eradication chariot.

देहरादून।  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में समर्पण सोसाइटी फॉर हेल्थ रिसर्च एंड डेवलपमेंट द्वारा देहरादून में बाल विवाह की रोकथाम के लिए संचालित बाल विवाह मुक्ति रथ का फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रथ एक  जन-जागरूकता अभियान के रूप में कार्य करेगा, जिसका उद्देश्य दूरस्थ, ग्रामीण एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुँच बनाकर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध समयबद्ध, सघन एवं प्रभावी संदेश जन-जन तक पहुँचाना है। यह अभियान 24 जनवरी 2026 से 08 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विभिन्न गाँवों, शहरी बस्तियों, स्कूलों, पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सामुदायिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, संवाद सत्र, शपथ कार्यक्रम, परामर्श शिविर, आईईसी  सामग्री वितरण तथा जनसंवाद जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर अध्यक्ष उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण डॉ. गीता खन्ना, समर्पण सोसाइटी के अध्यक्ष  विपिन पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने किया कैंचीधाम बाईपास का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

Chief Minister Dhami conducted an on-site inspection of the Kainchi Dham bypass and reviewed the progress of the work.
Chief Minister Dhami conducted an on-site inspection of the Kainchi Dham bypass and reviewed the progress of the work.

देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी प्रशासनिक निर्णयों के परिणामस्वरूप नैनीताल जनपद की बहुप्रतीक्षित कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम–रातीघाट) परियोजना तेजी से अपने निर्णायक चरण की ओर अग्रसर है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने नैनीताल भ्रमण के दौरान इस महत्वपूर्ण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी यात्रा एवं पर्यटन सीजन से पूर्व बाईपास मार्ग को पूर्ण कर यातायात के लिए खोलना सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री  धामी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध  कैंचीधाम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन होता है। श्रद्धालुओं को सुचारु, सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कैंचीधाम बाईपास का निर्माण तेज़ी से कराया जा रहा है, जिससे वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता  मनोहर सिंह धर्मशक्तू ने अवगत कराया कि 18.15 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास मार्ग में से 8 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर हॉटमिक्स किया जा चुका है, जिसके लिए 12 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रभावी उपयोग किया गया है। शेष 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग कार्य हेतु प्राप्त 5 करोड़ 6 लाख रुपये की धनराशि से कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में इस खंड में 9 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से कलमठ निर्माण, सुरक्षा दीवारों का निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्य तेजी और गुणवत्ता के साथ प्रगति पर हैं। परियोजना के अंतर्गत बाईपास को रातीघाट स्थित अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने हेतु 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी निर्मित किया जा रहा है। इसके लिए शासन से 9 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और पुल निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के पूर्ण होने से न केवल कैंचीधाम में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी, बल्कि पहाड़ी जनपदों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी एक वैकल्पिक, सुगम और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा। यह परियोजना पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय आवागमन—तीनों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी। इसके उपरांत मुख्यमंत्री  धामी ने 9 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित सैनिटोरियम से अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बाईपास सड़क एवं इसी मार्ग पर शिप्रा नदी पर निर्मित 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के चालू होने से भवाली बाजार में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान होगा और पर्यटन सीजन में यात्रियों को निर्बाध आवागमन सुविधा मिलेगी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा उनके कल्याण और सुरक्षा के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने बर्फबारी देखने पहुंचे देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों से भी बातचीत की। पर्यटकों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, बेहतर व्यवस्थाओं और सुरक्षित वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें यहां किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई है और वे भविष्य में भी यहां आते रहेंगे।

सीएम धामी ने किया ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में आयोजित 8वें ज्योतिष महाकुम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

Chief Minister Dhami participated in the 8th Jyotish Mahakumbh program held at Graphic Era University.
Chief Minister Dhami participated in the 8th Jyotish Mahakumbh program held at Graphic Era University.

देहरादून।  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, देहरादून में  आयोजित 8वें ज्योतिष महाकुम्भ के कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान पंडित पुरुषोत्तम गौड़ को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके साथ अन्य ज्योतिष आचार्यों को भी सम्मानित किया गया।  मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह प्राचीन और दिव्य ज्ञान में छिपे वैज्ञानिक रहस्यों को आम लोगों तक पहुंचाने का अद्भुत प्रयास है। इस पहल से निकलने वाला निष्कर्ष मानव जीवन और सामाजिक समस्याओं के निराकरण के साथ  राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए सार्थक मार्गदर्शन प्रदान होगा। उन्होंने कहा भारतीय सनातन संस्कृति में ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है।  सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास पर आधारित नहीं है बल्कि ये गहरे वैज्ञानिक दृष्टिकोण, चिंतन और शोध का परिणाम है।  मुख्यमंत्री ने कहा ज्योतिष भारत का अत्यंत समृद्ध, गूढ़ और वैज्ञानिक शास्त्र है। ऋषि-मुनि केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं थे, वे उच्च कोटि के वैज्ञानिक भी थे। आर्यभट्ट ने खगोल विज्ञान और गणित में क्रांतिकारी सिद्धांत स्थापित किए, महर्षि पराशर ने ज्योतिष शास्त्र को व्यवस्थित और वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया, वराहमिहिर ने खगोल, भृगु मुनि ने भविष्य कथन और कालगणना की परंपरा को समृद्ध किया। आधुनिक विज्ञान जिन खगोलीय घटनाओं को समझने के लिए विशाल यंत्रों का सहारा लेता है, उन्हीं घटनाओं के मूल सिद्धांत हमारे ऋषि-मुनियों ने सहस्रों वर्ष पूर्व ग्रह-नक्षत्रों की गति, समय-चक्र, मानव जीवन और प्रकृति के गहन अध्ययन कर प्राप्त किया।  मुख्यमंत्री ने कहा अब नासा भी मानने लगा है कि भारतीय ज्योतिष विज्ञान के द्वारा बहुत सी भौगोलिक घटनाओं को भली प्रकार समझा जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र भौतिक जीवन, आध्यात्मिक चेतना और दैविक व्यवस्था, इन तीनों के बीच संतुलन स्थापित करता है। ज्योतिष शास्त्र हमें ये सिखाता है कि मानव जीवन और ब्रह्मांड एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।  सूर्य, चंद्रमा और ग्रह केवल आकाशीय पिंड मात्र नहीं हैं बल्कि वे समय-चक्र, प्रकृति के संतुलन और मानव जीवन की प्रवृत्तियों को दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कारक भी हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा दुनिया भर में ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का व्यापक अध्ययन किया जा रहा है। ज्योतिष जैसे पवित्र ज्ञान को पूरी जिम्मेदारी के साथ समाज के सम्मुख रखा जाए, ताकि ये जनकल्याण का माध्यम बने। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में लहरा रही है और दुनिया भर के देश हमारी प्राचीन संस्कृति, दर्शन, ज्ञान और विज्ञान से परिचित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार उत्तराखंड को देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।  मुख्यमंत्री ने कहा एक ओर भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना की है। आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना भी करने जा रहे हैं। हमने राज्य में ज्योतिष विद्या को बढ़ावा देने के लिये उत्तराखंड ज्योतिष परिषद का भी गठन किया है। जिससे हमारी युवा पीढ़ी प्राचीन भारतीय ज्ञान और विज्ञान को समझे और इसका लाभ उठाकर अपनी जीवन यात्रा को निर्देशित कर सके। इस दौरान स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष  कमल घनसाला, संपादक अमर उजाला  अनूप बाजपेई एवं ज्योतिषाचार्य मौजूद थे ।

चार धाम यात्रा को चिकित्सकों का बनेगा पृथक कैडरः डाॅ. धन सिंह रावत

A separate cadre of doctors will be created for the Char Dham pilgrimage Dr. Dhan Singh Rawat
A separate cadre of doctors will be created for the Char Dham pilgrimage Dr. Dhan Singh Rawat

कहा, बाॅण्डधारी चिकित्सकों के पीजी कोर्स को बनेगी अध्ययन नीति

चिकित्साधिकारियों की डीपीसी 10 फरवरी तक कराने के निर्देश

चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों का पृथक कैडर बनाया जायेगा। जिसका प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। इसके अलावा राजकीय मेडिकल काॅलेजों से बाॅण्डधारी एमबीबीएस चिकित्सकों के स्नातकोत्तर कोर्स करने के लिये पृथक से अध्ययन नीति तैयार की जायेगी। विभिन्न श्रेणियों के चिकित्साधिकारियों की डीपीसी आगामी 10 फरवरी तक सम्पन्न करा कर समय पर पदोन्नति का लाभ दिया जायेगा।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को चार धाम यात्रा के मध्यनजर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये चिकित्साधिकारियों का पृथक कैडर बनाने के निर्देश दिये। जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों के आवश्यक पदों को शामिल किया जायेगा। जिसका प्रस्ताव शीघ्र कैनिबेट में लाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। इसके अलावा राज्य के बाॅण्डधारी चिकित्सकों को पीजी कोर्स करने के लिये पृथक से अध्ययन नीति तैयार की जायेगी ताकि इन चिकित्सकों के पीजी कोर्स के अध्ययन के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हो। साथ ही पीजी कोर्स के लिये जाने वाले चिकित्सकों के गैप को भरने के लिये 250 चिकित्सकों का एक रिर्जव पूल बनाने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जायेगा। इसके अतिरिक्त लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट के पदों के पुनर्गठन, स्वास्थ्य विभाग का प्रशासनिक कैडर, प्रिक्योरमेंट कार्पोरेशन का गठन एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के पृथक कैडर का प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं।

डाॅ. रावत ने बताया कि प्रदेश में उच्चीकृत एवं नवसृजित उप जिला चिकित्सालयों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नये पदों के सृजन का प्रस्ताव भी शीघ्र कैबिनेट में लाया जायेगा ताकि संबंधित क्षेत्र की जनता को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो सके। बैठक में स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को वर्तमान वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट के आय-व्यय की भी समीक्षा की गई। जिसमें अधिकारियों को नियत समय पर बजट व्यय करने के निर्देश दिये गये। विभागीय मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न श्रेणी के चिकित्साधिकारियों की वरिष्ठता सूची के आधार पर आगामी 10 फरवरी तक डीपीसी सम्पन्न कराने के निर्देश दिये ताकि समय पर उन्हें पदोन्नति का लाभ मिल सके। इसके अलावा बैठक में सभी चिकित्सा इकाईयों एवं मेडिकल काॅलेजों में बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चत करने, गैरहाजिर चिकित्सकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने, मेडिकल काॅलेजों व स्वास्थ्य इकाईयों में साफ-सफाई रखने, आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये। बैठक में आयुष्मान योजना के अंतर्गत बिलों के भुगतान एवं गोल्डन कार्ड धारकों की समस्या का समाधान नियत समय पर करने के निर्देश दिये गये। साथ ही एनएचएम के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे, स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. अजय कुमार आर्य, निदेशक एनएचएम डाॅ. रश्मि पंत, प्राचार्य हरिद्वार मेडिकल काॅलेज प्रो. सीएमएस रावत, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. आर.एस. बिष्ट, संयुक्त निदेशक डॉ. अजीत मोहन जौहरी, डाॅ. एन.एस. नपच्याल, डाॅ. तुहिन कुमार, डाॅ. अमलेश, वित्त नियंत्रक दीपाली भरणे, अभिषेक आनंद, रजिस्ट्रार नर्सिंग काउंसिल मनीषा ध्यानी, रजिस्ट्रार मेडिकल काउंसिल सुधीर कुमार पाण्डे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पेसलवीड कॉलेज के दो मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया

Two meritorious students from Pesalweed College were awarded gold medals.
Two meritorious students from Pesalweed College were awarded gold medals.

देहरादून- 23 जनवरी 2026- पेसलवीड कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन टैक्नोलॉजी के दो मेधावी छात्रों को श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के षष्टम दीक्षान्त समारोह में उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टीनेंट जनरल गुरमीत सिंह द्वारा दिनांक 23 जनवरी 2026 को पं० ललित मोहन शर्मा, विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश में दीक्षान्त समारोह में स्वर्ण पदक एवं उपाधि से सम्मानित किया गया।

महाविद्यालय के ये दो होनहार छात्र अजय नेगी (बी.एससी. बी.एड.) 77.88% एवं अंजली नैथानी (बी.ए. बी.एड.) 75.35% अंक प्राप्त कर सत्र 2020-2024 के सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र रहे। महाविद्यालय को इन छात्रों पर गर्व है। महाविद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रेम कश्यप, प्राचार्या डॉ. अनिता वर्मा तथा सभी प्राध्यापक एवं प्राध्यापिकाओं द्वारा इन छात्रों को बधाई प्रेषित कर इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

डॉ० अनिल वर्मा सुभाष चंद्र बोस रक्तदान क्रांतिवीर अवॉर्ड से सम्मानित

Dr. Anil Verma was honored with the Subhash Chandra Bose Blood Donation Revolutionary Award.
Dr. Anil Verma was honored with the Subhash Chandra Bose Blood Donation Revolutionary Award.

रक्तदान इंसानियत की पहचान है – हाजी शेख इकबाल एवं मेघनाथ मंडल (संरक्षक स्वर्ण शिल्प समिति देहरादून)

स्वर्णशिल्पी समिति, सर्राफा मण्डल, देहरादून तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस समिति के संयुक्त तत्वावधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती एवं बसंत पंचमी के अवसर कालूमल धर्मशाला में श्री महंत इंदिरेश हास्पिटल ब्लड बैंक के सहयोग से आयोजित रक्तदान शिविर विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह में कुल 83 यूनिट रक्तदान किया गया। इस अवसर पर‌ 155 बार रक्तदान करने हेतु यूथ रेडक्रास कमेटी के डॉ० अनिल वर्मा को “सुभाष चंद्र बोस रक्तदान क्रांतिवीर अवॉर्ड” प्रदान करके सम्मानित किया गया। साथ ही श्री अरशद को 55 बार तथा पार्षद प्रमोद गुप्ता को 65 बार रक्तदान करने हेतु सम्मानित किया गया।
शिविर का उद्धघाटन स्वर्ण शिल्प समिति, देहरादून सर्राफा मण्डल के अध्यक्ष सुनील मैसौन, नेता प्रतिपक्ष व पूर्व नगर निगम उपाध्यक्ष नीनू सहगल, यूथ रेडक्रास कमेटी के डॉ० अनिल वर्मा, मेजर प्रेमलता वर्मा, स्वर्ण शिल्प समिति के संरक्षक हाजी इकबाल व मेघनाथ मंडल, अध्यक्ष गणेश बेरा, सचिव कापी खान नेताजी संघर्ष समिति के महासचिव आरिफ वारसी, उपाध्यक्ष प्रभात डंडरियाल तथा पार्षद प्रमोद गुप्ता ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित करके किया।
विचार गोष्ठी का शुभारंभ नेताजी संघर्ष समिति के महासचिव आरिफ वारसी द्वारा महान् स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विशाल व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालने से हुआ। तत्पश्चात सर्राफा मण्डल अध्यक्ष सुनील मैसौन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती तथा बसंत पंचमी की बधाई देते हुए कहा कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा जैसे नारे से स्वतंत्रता आंदोलन में युवाओं में क्रांति का जोश भर देने वाले महान् स्वतंत्रता सेनानी नेताजी के जन्मदिन पर उनकी स्मृति में रक्तदान शिविर का आयोजन करने से बढ़कर भावभीनी श्रद्धांजलि देने का कोई अन्य विकल्प नहीं हो सकता।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष व नगर निगम उपाध्यक्ष नीनू सहगल ने कहा रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे सरल व सर्वोत्तम माध्यम है। यदि हमारा थोड़ा सा वक्त और थोड़ा सा रक्त किसी की जान बचाकर उसके परिवार की खुशियां लौटा सकता है तो ऐसा पुण्य कार्य हमें अवश्य करना चाहिए।
यूथ रेडक्रास कमेटी के रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा ने रक्तदान करने के प्रति अंधविश्वासों को दरकिनार करते हुए स्वयं रक्तदाता को होने वाले फायदों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नियमित रक्तदान करने से 90 प्रतिशत कैंसर व 85 प्रतिशत हार्ट अटैक होने की संभावना नहीं होती।साथ ही अच्छा कोलेस्ट्रॉल एचडीएल बढ़ता है व खराब कोलेस्ट्रॉल एलडीएल घट जाता है। एक बार रक्तदान करने से 600 कैलोरी फैट बर्न होने से मोटापा नहीं आता। मोब्लड प्रेशर व ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। नये ब्लड सेल्स बनने से शरीर में नई ऊर्जा , उत्साह व स्फूर्ति का संचार होता है। रक्तदान विशेष रूप से एंटी एजिंग का काम करता है। अतः यदि आप दूसरों का जीवन बचाने के साथ ही चिर युवा बने रहना चाहते हैं तो पुरुष हर तीन महीने बाद तथा महिलाएं हर चार महीने बाद रक्तदान अवश्य करें। डॉ० वर्मा ने उन्हें सम्मानित करने के लिए समिति का हृदय से आभार व्यक्त किया।
स्वर्णशिल्पी समिति के संरक्षक हाजी इकबाल ने कहा कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। और रक्तदान इंसानियत की पहचान है। जिंदगी जब दवाईयों और पैसों पर नहीं बल्कि केवल रक्त मिल जाने की आशाओं पर टिकी हुई हो तब आपका किया हुआ रक्तदान ही जीवनदान बनकर महादान बन जाता है। हमारी समिति समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित करके रक्तदान – जीवनदान के अपने समाज सेवा के दायित्व का निर्वहन करती रहेगी। उन्होंने बताया कि वे अस्पताल में रक्त की इंतजार में जीवन‌ और मृत्यु से जूझ रहे जरुरतमंदों को रक्त दिलवाने का हर संभव प्रयास करते हैं।
मेजर प्रेमलता वर्मा ने कहा कि महिलाओं को भी स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए। अधिकांश महिलाएं व युवतियां एनीमिया से पीड़ित होती हैं।महिलाओं को संतुलित आहार लेने के साथ ही आयरन व फॉलिक एसिड की टेबलेट लेकर अपना हीमोग्लोबिन 12 ग्राम से अधिक रखने का प्रयास करना चाहिए।
शिविर संयोजन में श्री महंत इंदिरेश अस्पताल ब्लड बैंक की चिकित्सा अधिकारी डॉ० अपूर्व गुप्ता , कोर्डिनेटर मोहित चावला , सीनियर टेक्नीशियन बिपिन कुमार व टीम तथा स्वर्णशिल्पी समिति के विपिन गुप्ता,रफीक,सलीम मुल्ला, तपन कुमार , निर्मल मंडल सहित बड़ी संख्या में रक्तदाता उपस्थित थे।

डीआरएम, मुरादाबाद विनीता श्रीवास्तव ने सीएम धामी से शिष्टाचार भेंट की

DRM, Moradabad, Vineeta Srivastava paid a courtesy call on CM Dhami.
DRM, Moradabad, Vineeta Srivastava paid a courtesy call on CM Dhami.

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में डीआरएम, मुरादाबाद विनीता श्रीवास्तव ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्य में रेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पूर्ण एवं प्रगतिरत रेल परियोजनाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। भेंट के दौरान डीआरएम, मुरादाबाद विनीता श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड राज्य में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि रुड़की से देवबंद को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन परियोजना (27.45 किलोमीटर) का कमीशनिंग कर दिया गया है, जिसके अंतर्गत बनहेड़ा खास एवं झबरेड़ा में नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य के प्रमुख रेल मार्गों पर गति वृद्धि से संबंधित कार्य भी पूर्ण किए गए हैं, जिनमें लक्सर–हरिद्वार रेल खंड को 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक उन्नत किया गया है, जबकि सहारनपुर–हरिद्वार खंड को 110 किलोमीटर प्रति घंटा करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 130 किलोमीटर प्रति घंटा गति लक्ष्य हेतु डीपीआर स्वीकृत की जा चुकी है तथा दीर्घकालिक रूप से 160 किलोमीटर प्रति घंटा गति के लिए मार्गों की पहचान की गई है। उन्होंने आगे बताया कि उत्तराखंड खंड में लक्सर, लंढौरा–धनौरा, रुड़की, चोड़ीआला एवं ऐथल सहित कई स्थानों पर आरओबी, आरयूबी एवं एलएचएस से संबंधित कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और व्यस्त स्थानों पर यातायात जाम की समस्या में कमी आई है।
डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएँ वर्तमान में प्रगति पर हैं। उन्होंने अवगत कराया कि हर्रावाला, रुड़की एवं कोटद्वार रेलवे स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है, जिसमें नए स्टेशन भवनों का निर्माण, एसी प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट, दिव्यांगजन एवं पैदल यात्रियों के अनुकूल डिज़ाइन, प्लेटफार्म ऊंचाई का मानकीकरण, प्लेटफार्म शेड, नए एवं चौड़े फुट ओवर ब्रिज (FOB) तथा आधुनिक सर्कुलेटिंग एवं पार्किंग क्षेत्र का विकास शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार एवं देहरादून रेलवे स्टेशनों के लिए क्षमता वृद्धि के साथ व्यापक पुनर्विकास प्रस्तावित है, जिसमें विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएँ, आइकॉनिक टर्मिनल डिज़ाइन, आगमन एवं प्रस्थान का पृथक्करण तथा बेहतर बाह्य यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके साथ ही योग नगरी ऋषिकेश से कर्णप्रयाग को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन परियोजना निर्माणाधीन है, जिसकी कुल लंबाई 125.20 किलोमीटर है। इस परियोजना में मार्ग में 12 स्टेशन, 35 पुल एवं 17 सुरंगें शामिल हैं तथा प्रमुख सुरंगों का कार्य लगभग 94 प्रतिशत तक पूर्ण किया जा चुका है।
डीआरएम ने यह भी जानकारी दी कि राज्य में नए माल टर्मिनलों के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसमें पत्री (PRI) में एकीकृत माल टर्मिनल सुविधा का विकास तथा पत्री एवं ज्वालापुर (JWP) स्टेशनों को एलएमवी लोडिंग हेतु उन्नत किया जा रहा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इकबालपुर आरओबी, जिसमें पीडब्ल्यूडी के पास अप्रोच भूमि लंबित है, धनौरा आरओबी, जिसमें रक्षा भूमि से संबंधित प्रकरण लंबित है, तथा लक्सर एलएचएस, जिसे उच्च जलस्तर के कारण संशोधित किया गया है और जहाँ दोपहिया वाहनों के अनुकूल एफओबी प्रस्तावित है, जैसे कार्यों पर राज्य एवं रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार–देहरादून रेल खंड की क्षमता वृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि हर्रावाला में 24-कोच हैंडलिंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिसमें लूप लाइन विस्तार एवं गति वृद्धि के लक्ष्य शामिल हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस परियोजना के अंतर्गत वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से वन्यजीव न्यूनीकरण योजना तैयार की जा रही है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि टनकपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए तथा आगामी अर्द्धकुंभ के दृष्टिगत रेल एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित सभी तैयारियाँ समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएँ, ताकि श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सके |

मुख्य सचिव ने धीमी गति के प्रोजेक्ट्स पर जताई नाराजगी, तेजी लाने के दिए निर्देश

The Chief Secretary expressed displeasure over the slow pace of projects and issued instructions to expedite them.
The Chief Secretary expressed displeasure over the slow pace of projects and issued instructions to expedite them.

देहरादून।  मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरूवार को सचिवालय में पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श एवं विभागों की व्यय योजनाओं के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने वाह्य सहायतित योजनाओं (ईएपी) के सम्बन्ध में अधिकारियों को धीमी प्रगति वाले प्रोजेक्ट्स में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स की धीमी प्रगति के लिए विभागाध्यक्ष एवं सचिव जिम्मेदार होंगे।
उद्यान एवं कृषि विभाग बड़े और इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स करें तैयार:   मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यान एवं कृषि विभाग को मिलकर बड़े एवं एकीकृत प्रोजेक्ट्स पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सेब, कीवी और ऐरोमा के क्षेत्र में इंटीग्रेटेड फार्मिंग की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने कहा कि फिशरीज के अंतर्गत ट्राउट उत्पादन में बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कोल्ड स्टोरेज की भी आवश्यकता होगी। उन्होंने पशुपालन विभाग एवं सहकारिता विभाग को मिलकर लाइवस्टॉक एवं फिशरीज को लेकर इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट तैयार किया जाने के निर्देश दिए।
आवश्यकता के अनुसार प्रदेशभर में कोल्ड स्टोरेज चेन की जाए तैयार:    मुख्य सचिव ने ऐपल मिशन के तहत सेब के उत्पादन के लिए नर्सरी एवं कोल्ड स्टोरेज चैन तैयार किए जाने हेतु अच्छे प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में जहां जहाँ आवश्यकता है, कोल्ड स्टोरेज चैन तैयार की जाए ताकि प्रदेश का कोई भी किसान स्वयं अपने किसी भी उत्पाद कोल्ड स्टोर में रखकर अनुकूल समय पर अपने उत्पाद बाज़ार में उतार सकता है।
पीएमजीएसवाई के भूमि मुआवजा वितरण इस वित्तीय वर्ष में कर लिया जाए पूर्ण:   मुख्य सचिव ने पीएमजीएसवाई के तहत प्रदेशभर में भूमि मुआवजा वितरण कार्य अभियान चलाकर शून्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों को जिलावार डेटा उपलब्ध कराते हुए इस वित्तीय वर्ष में भूमि मुआवजा पूर्ण रूप से वितरित किए जाने हेतु लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग चैन लिंक फेंसिंग के लिए प्राप्त प्रोजेक्ट्स की प्राथमिकता तय करते हुए प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजे जायें।
सारा के तहत् जल संरक्षण के लिए छोटे-छोटे बैराज और चेक डैम के बड़े प्रोजेक्ट्स किए जाएं तैयार:   मुख्य सचिव ने स्प्रिंग एवं रिवर रेजूविनेशन प्राधिकरण के तहत जल संरक्षण हेतु बैराज एवं चेक डैम के प्रोजेक्ट्स संबंधित विभागों द्वारा तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने सारा के तहत फंड्स को पूर्णतः यूटिलाइज़ किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को नए बस स्टेशन, चार्जिंग स्टेशन के कार्यों में तेजी लाते हुए अपना इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किए जाने के निर्देश दिए।
सभी विभाग अपने प्रस्ताव 30 जनवरी तक शासन को भेजा जाना सुनिश्चित करें:   मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने मार्च 2026 तक के टारगेट तत्काल वित्त विभाग को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों को 30 जनवरी तक अपने सभी प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराये जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके उपरांत प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा। साथ ही विभाग को आबंटित फंड्स को उन अन्य विभागों को दिया जाएगा जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल फ़ैनाई, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ। वी षणमुगम, बृजेश कुमार संत, डॉ अहमद इक़बाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

धामी सरकार का बड़ा ट्रांसपोर्ट प्लान, देहरादून समेत प्रमुख शहरों में ई-बीआरटी और रोपवे नेटवर्क की तैयारी

The Dhami government's major transport plan preparation underway for e-BRT and ropeway networks in Dehradun and other major cities.
The Dhami government's major transport plan preparation underway for e-BRT and ropeway networks in Dehradun and other major cities.

– आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में  हुई यूकेएमआरसी की समीक्षा बैठक
देहरादून।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार राज्य में आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण–अनुकूल शहरी परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में देहरादून सहित प्रमुख शहरों में मेट्रो रेल, ई-बीआरटी एवं रोपवे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आज सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूकेएमआरसी) द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान यूकेएमआरसी के प्रबंध निदेशक द्वारा राज्य में शहरी परिवहन को सुदृढ़ करने से जुड़ी योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
देहरादून में ई-बीआरटी परियोजना को मिली सैद्धांतिक सहमति:  बैठक में प्रबंध निदेशक, यूकेएमआरसी ने अवगत कराया कि यूकेएमआरसी बोर्ड द्वारा देहरादून शहर में दो प्रमुख कॉरिडोरों पर ई-बीआरटी (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) परियोजना लागू करने के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी गई है। इसके लिए आवश्यक अध्ययन कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अध्ययन पूर्ण होने के पश्चात परियोजना प्रस्ताव को कैबिनेट अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि देहरादून शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए ई-बीआरटी जैसी पर्यावरण–अनुकूल मास रैपिड ट्रांजिट प्रणाली की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल प्रदूषण को कम करेगी, बल्कि आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित और किफायती परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।
हरकी पौड़ी के लिए इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना को हरी झंडी:  बैठक में हरिद्वार स्थित हरकी पौड़ी के लिए प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना पर भी चर्चा की गई। प्रबंध निदेशक ने बताया कि यूकेएमआरसी बोर्ड द्वारा इस परियोजना को अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है तथा प्रस्ताव शीघ्र ही सक्षम प्राधिकरण को प्रस्तुत किया जाएगा। आवास सचिव ने निर्देश दिए कि प्रस्ताव को शीघ्र प्रस्तुत करते हुए आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम आवागमन सुविधा मिल सके।
त्रिवेणी घाट–नीलकंठ रोपवे परियोजना में बड़ी प्रगति :   त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना के संबंध में प्रबंध निदेशक ने जानकारी दी कि इस परियोजना को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। फॉरेस्ट क्लियरेंस स्टेज–1 की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। सचिव ने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक अनुमोदन समयबद्ध रूप से पूर्ण कर टेंडर प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा विकल्प उपलब्ध हो सके।
नैनीताल, कांची धाम और मसूरी में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाएं:  बैठक में नैनीताल, कांची धाम और मसूरी में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई। यूकेएमआरसी द्वारा इन स्थलों के लिए संभाव्यता अध्ययन कराया जा रहा है। आवास सचिव ने इन प्रस्तावों की सराहना करते हुए कहा कि विशेष रूप से नैनीताल और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर रोपवे परियोजनाएं यातायात जाम को काफी हद तक कम करने में सहायक सिद्ध होंगी और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी उपयोगी रहेंगी।
देहरादून में सेकंड ऑर्डर मास ट्रांजिट पर भी मंथन:  इसके अतिरिक्त बैठक में देहरादून शहर में सेकंड ऑर्डर मास ट्रांजिट सिस्टम की संभावनाओं पर भी सचिव को अवगत कराया गया। इस पर सचिव ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक परिवहन योजना तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में यूकेएमआरसी द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक उपरोक्त निर्देशों के साथ संपन्न हुई।
बैठक में उपस्थित अधिकारी:  बैठक में श्री ब्रजेश कुमार मिश्रा, प्रबंध निदेशक, उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन; श्री संजीव मेहता, निदेशक (वित्त); श्री धीरेन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव, आवास विभाग; श्री कृष्णानन्द शर्मा, कंपनी सचिव; श्री अजय बाबू, संयुक्त महाप्रबंधक (संकेतन एवं दूरसंचार); श्री सौरभ शेखर, संयुक्त महाप्रबंधक (विद्युत); श्री सर्वेश कुमार, खंड अभियंता तथा श्री अशोक डोभाल, सहायक खंड अभियंता उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय छात्रों को डीजी लाॅकर पर उपलब्ध करायें प्रामण पत्रः डाॅ. धन सिंह रावत

University should provide certificates to students on DigiLocker Dr. Dhan Singh Rawat
University should provide certificates to students on DigiLocker Dr. Dhan Singh Rawat

10 फरवरी तक अनिवार्य रूप से भर्ती विज्ञापन जारी करने के दिये निर्देश

कहा, समय पर घोषित करें परीक्षा परिणाम, 180 दिन हो कक्षाओं का संचालन

सूबे के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के अधिकारियों को समस्त छात्र-छात्राओं का शत-प्रतिशत शैक्षणिक डाटा डीजी लाॅकर पर अपलोड़ करने के निर्देश दे दिये गये हैं। ताकि छात्र-छात्राओं को अपने अंकप्रमाण पत्र एवं उपाधियां आॅनलाइन प्लेटफार्म पर आसानी से उपलब्ध हो सके। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों पर आगामी 10 फरवरी तक अनिवार्य रूप से भर्ती विज्ञापन जारी करने को कहा गया है। प्रत्येक सेमेस्टर में 90 दिन कक्षाएं संचालित करने एवं नियत समय पर परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिये आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें सभी उच्च शिक्षा विभाग एवं राजकीय विश्वविद्यालयों के उच्चाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में डाॅ. रावत ने विश्वविद्यालयों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि 31 मार्च 2026 तक सभी छात्र-छात्राओं के समस्त शैक्षणिक प्रमाण पत्र आॅनलाइन प्लेटफार्म डीजी लाॅकर पर अनिवार्य रूप से अपलोड़ कर लिये जाय। ताकि छात्र-छात्राओं को अंक प्रमाणपत्र व उपाधियां आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने विगत शैक्षणिक सत्रों का लैगेसी डाटा भी समर्थ पोर्टल के सहयोग से डीजी लाॅकर पर अपलोड़ करने के निर्देश दिये। जिसकी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट शासन एवं मंत्रालय को भी उपलब्ध कराने को कहा। राजकीय विश्वविद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों को भरने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुये विभागीय अधिकारियों को सभी रिक्त पदों के सापेक्ष 10 फरवरी 2026 तक भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिये। बैठक में सभी राजकीय विश्वविद्यालयों को विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों से एमओयू कर संबंधित विषयों के छात्र-छात्राओं को अनिवार्य रूप से औद्योगिक प्रशिक्षण करने के निर्देश दिये, जिसकी मासिक प्रगति आख्या भी शासन को उपलब्ध कराने को कहा। छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ सर्वांगीण विकास के लिये खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के आयोजन को भी अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिये। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इस वर्ष अंतरविश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसके आयोजन की जिम्मेदारी पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय को दी है।

बैठक में विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को एनईपी के अनुरूप प्रत्येक सेमेस्टर में 90 दिन कक्षाओं का संचालन करने तथा समय पर परीक्षा का आयोजन कर परीक्षा परिणाम घोषित करने की कार्ययोजना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। चाहे उसके लिये परीक्षा पैटर्न में परिवर्तन ही क्यों न करना पड़े। उन्होंने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के लिये बायोमेट्रिक उपस्थिति को भी अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिये। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने सभी शिक्षण संस्थानों को स्वामी विवेकानंद ई-पुस्तकालय योजना से जोड़ने को लेकर पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण भी दिया। जिस पर सभी संस्थानों के अधिकारियों से भी सुझाव मांगे गये।

बैठक में सचिव उच्च शिक्षा डाॅ. रंजीत सिन्हा, निदेशक उच्च शिक्षा वी.एन. खाली, संयुक्त निदेशक डाॅ. ए.एस. उनियाल, उप सचिव उच्च शिक्षा अजीत सिंह, हरीश सागर, राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिव खेमराज भट्ट, दिनेश चन्द्रा, डाॅ. जे.एस. बिष्ट, दुर्गेश डिमरी, वित्त अधिकारी एवं परीक्षा नियंत्रक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Sensation after woman's body found in ditch in Sudhowala

सुद्धोवाला में खाई से महिला का शव मिलने से सनसनी

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देहरादून।  बाला सुंदरी प्राचीन मंदिर के पास खाई में एक महिला का तीन-चार दिन पुराना शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव...
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